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पैदल जा रहे दंपती को वाहन ने टक्कर मारी:मंडला में पति का पैर कटकर अलग, मौत, पत्नी गंभीर घायल; खेत से घर जा रहे थे

पैदल जा रहे दंपती को वाहन ने टक्कर मारी:मंडला में पति का पैर कटकर अलग, मौत, पत्नी गंभीर घायल; खेत से घर जा रहे थे

मंडला जिले के टिकरिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर बबैहा पुल के पास तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रहे पति-पत्नी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें पति की जान चली गई और पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। जुझारी गांव के रहने वाले 50 साल के रामचरण मरकाम अपनी पत्नी धनवती के साथ खेत का काम निपटाकर घर लौट रहे थे। जब वे बबैहा पुल पर पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मारी और ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। नाले में जा गिरे रामचरण टक्कर इतनी भीषण थी कि रामचरण का पैर कट गया और वे उछलकर पुल के नीचे नाले में जा गिरे। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। काफी तलाश के बाद पुलिस को नाले से रामचरण का शव मिला और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पत्नी की हालत नाजुक घायल पत्नी धनवती मरकाम को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके में काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

महू में दो मकानों में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से लाखों का घरेलू सामान जलकर खाक, दमकल ने पाया काबू

महू में दो मकानों में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से लाखों का घरेलू सामान जलकर खाक, दमकल ने पाया काबू

महू के सिमरोल थाना क्षेत्र के शिव नगर में सोमवार रात आग लगने से दो परिवारों का भारी नुकसान हो गया। शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी इस आग ने देखते ही देखते दो मकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी अचानक और तेजी से फैली कि घर के लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। लपटों ने दोनों घरों को घेर लिया और अंदर रखा सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने पाया काबू दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक दोनों मकानों का कीमती सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। कोई जनहानि नहीं राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ और समय रहते लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, पीड़ित परिवारों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। मौके पर पहुंची सिमरोल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

जल-मिट्टी-चिता सत्याग्रह के बाद कल सांकेतिक फांसी:छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध तेज; प्रदर्शनकारी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े

जल-मिट्टी-चिता सत्याग्रह के बाद कल सांकेतिक फांसी:छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध तेज; प्रदर्शनकारी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी और किसानों का आंदोलन पहले से और तेज हो गया। मंगलवार को जिले में कई मोर्चों पर एक साथ प्रदर्शन हुए, जिनमें ‘जल सत्याग्रह’, ‘मिट्टी सत्याग्रह’ और ‘चिता आंदोलन’ शामिल थे। आंदोलनकारियों ने कल (बुधवार) को सांकेतिक फांसी की घोषणा की है। आज (मंगलवार) बड़ी संख्या में ग्रामीण केन नदी में उतरकर घंटों पानी में खड़े रहे। उन्होंने अपने विस्थापन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस केन नदी के पानी के नाम पर यह परियोजना बनाई जा रही है, वही अब उनके उजड़ने का कारण बन रही है। आंदोलनकारियों ने इसे “जीवन और अस्तित्व की अंतिम लड़ाई” बताया। बोले- पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे ‘मिट्टी सत्याग्रह’ का मंगलवार को दूसरा दिन था। ग्रामीणों ने अपने खेतों की मिट्टी हाथ में लेकर संकल्प लिया कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। वहीं, ‘चिता आंदोलन’ दसवें दिन भी जारी रहा, जहां लोग प्रतीकात्मक चिताओं के पास बैठकर विस्थापन के दर्द को व्यक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही कई प्रभावित गांवों में ‘चूल्हा बंद’ रखा गया। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भूखे रहकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, जिससे गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आरोप- फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं प्रभावितों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं, अधूरा मुआवजा दिया गया और दबाव बनाकर बेदखली की कोशिश की जा रही है। आंदोलनकारियों का दावा है कि रुंज, मझगांय और नेगुवा बांध से जुड़ी ग्राम सभाएं केवल कागजों में पूरी कर ली गईं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में बिचौलिये सक्रिय हैं, जो मुआवजे की राशि में अवैध कटौती कर रहे हैं। पहचान पत्रों के नाम पर गरीबों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के अनुसार, प्रशासन के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जमीनी सच्चाई से दूर रहकर केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। भटनागर ने कहा, “हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासियों का विनाश स्वीकार नहीं करेंगे।” कल सांकेतिक फांसी का ऐलान आंदोलनकारियों ने बुधवार को ‘सांकेतिक फांसी आंदोलन’ की घोषणा की है। उनका कहना है कि जमीन और आजीविका छिनने के बाद जीवन का कोई अर्थ नहीं बचता। यह प्रदर्शन प्रशासन को चेतावनी देने के लिए किया जाएगा। फिलहाल हजारों ग्रामीण प्रदर्शन स्थलों पर डटे हुए हैं। ‘भूख-पड़ताल’ जारी है और आंदोलन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है, “हम पानी में खड़े हैं, भूखे हैं और चिता पर लेटने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।”

गर्मी में पिएं हेल्दी बेल मिल्क शेक, मिनटों में तैयार होगी स्वादिष्ट ड्रिंक, टेस्ट भी जबरदस्त, सेहत भी शानदार

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Last Updated:April 14, 2026, 21:04 IST Make Bael Milkshake at Home: गर्मियों के मौसम में अगर आप कोल्ड ड्रिंक और शरबत पीकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया, स्वादिष्ट और हेल्दी ड्रिंक ट्राई करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है बेल मिल्क शेक जिससे बच्चे और बड़े दोनों ही बहुत पसंद करतें हैं.ऐसे में बोकारो सेक्टर-1 की विभा ने खास तौर पर गर्मी और बच्चों के लिए एक आसान और पौष्टिक रेसिपी साझा की है. जिसे आप घर पर कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते है.विभा बताती हैं कि इस रेसिपी को बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती इसके लिए बस ताजा दूध, चीनी और पका हुआ बेल फल कि जरूरत होती है. सबसे पहले पेड़ से ताजा बेल तोड़कर उसका गूदा (पल्प) निकाल लें इसके बाद उस पल्प को अच्छे से मसलकर छलनी की मदद से दबाएं, ताकि उसका रस आसानी से बाहर निकल सके फिर दूसरे चरण में बेल के रस को किसी साफ गिलास या कटोरी में इकट्ठा कर लें. अपने स्वाद के अनुसार इसमें चीनी मिलाएं इसके बाद ताजा दूध और बेल के रस को जूसर या मिक्सर में डालकर अच्छी तरह ब्लेंड कर ले. Add News18 as Preferred Source on Google फिर गिलास में डालकर या फिर ठंडाकर तैयार कर स्वादिष्ट बेल मिल्क शेक का आनंद उठा सकते हैं. वहीं विभा का कहना है कि यह रेसिपी जितनी आसान है, उतनी ही फायदेमंद भी है. बेल के फल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं.जो शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाते है. गर्मियों में लू से बचाव में भी मदद करते हैं First Published : April 14, 2026, 21:04 IST

ज्वेलरी दुकान से दो लाख के सोने के पेंडल चोरी:दमोह में खरीदारी के बहाने आया युवक, डिब्बी लेकर फरार; CCTV तलाश रही पुलिस

ज्वेलरी दुकान से दो लाख के सोने के पेंडल चोरी:दमोह में खरीदारी के बहाने आया युवक, डिब्बी लेकर फरार; CCTV तलाश रही पुलिस

दमोह के नगर पालिका टाउन हॉल स्थित शिवम ज्वेलर्स में मंगलवार शाम एक अज्ञात युवक सोने के पेंडल से भरी डिब्बी लेकर भाग गया। दुकान संचालक द्वारा पीछा किए जाने के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। ग्राहक बनकर की वारदात शिवम ज्वेलर्स के संचालक अशोक सोनी ने बताया कि करीब 32 वर्षीय युवक पहले चांदी की हाय खरीदने के बहाने दुकान पर आया। इसके बाद उसने सोने के पेंडल देखने की इच्छा जताई। संचालक ने उसे 14 पेंडल वाली एक डिब्बी दिखाई और जैसे ही वे दूसरी डिब्बी निकालने के लिए तिजोरी की ओर मुड़े, युवक माल लेकर रफूचक्कर हो गया। दो लाख रुपए के पेंडल चोरी दुकान संचालक ने बताया कि चोरी गए सोने के पेंडल की अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपए है। वारदात के बाद संचालक ने आरोपी का पीछा घंटाघर तक किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर वह गायब हो गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन पहचान न होने पर उसे छोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों के केवल दुकानों की ओर होने के कारण आरोपी की पहचान में पुलिस को चुनौती मिल रही है। कोतवाली पुलिस ने दुकानदार के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मुख्य मार्ग पर लगे अन्य कैमरों के फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश कर रही है।

एमपी में गर्मी बढ़ी, पारा 42 पार, नर्मदापुरम सबसे गर्म:अगले 5 दिन तापमान में 3-4 डिग्री बढ़ोतरी होगी, नर्मदा घाटों पर लग रही भीड़

एमपी में गर्मी बढ़ी, पारा 42 पार, नर्मदापुरम सबसे गर्म:अगले 5 दिन तापमान में 3-4 डिग्री बढ़ोतरी होगी, नर्मदा घाटों पर लग रही भीड़

मध्यप्रदेश में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सीजन में पहली बार तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जहां दिन का तापमान 42.1 डिग्री और रात का तापमान 25.6 डिग्री रहा। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 41.4 डिग्री और खजुराहो व नौगांव में 41 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। धार में भी तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया। मौसमविद एचएस पांडे के अनुसार, जिले में अगले पांच दिनों तक दिन के तापमान में लगातार बढ़त दर्ज होगी। तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। रात के तापमान में भी बदलाव के संकेत हवाओं की दिशा में बदलाव के चलते रात के तापमान में भी वृद्धि होने की संभावना है। पचमढ़ी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन यह कमजोर रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। विभाग के मुताबिक अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे ज्यादा गर्म रहता है। ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री और भोपाल में 44 डिग्री तक पहुंचने का रिकॉर्ड रहा है। प्रदेश के सबसे गर्म 5 शहर न्यूनतम तापमान वाले 5 शहर

पान का पत्ता है सेहत का खजाना! यूरिक एसिड से लेकर पेट की हर समस्या में देता है जबरदस्त राहत

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Last Updated:April 14, 2026, 19:20 IST भारतीय परंपराओं में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहीं पान के पत्तों के फायदे एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. पान के पत्ते का इस्तेमाल. भारतीय घरों में पान के पत्तों का उपयोग बहुत पुराने समय से होता आ रहा है. धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं में इसकी खास अहमियत मानी जाती है, लेकिन यह सिर्फ रस्मों तक सीमित नहीं है. पान के पत्ते सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होते हैं, जिस वजह से आयुर्वेद में भी इसका जिक्र मिलता है. आज के समय में जब लोग प्राकृतिक चीजों की तरफ फिर से लौट रहे हैं, पान के पत्ते एक असरदार घरेलू उपाय के रूप में सामने आ रहे हैं. वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पान के पत्तों में फिनोलिक यौगिक, फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाया जा सकता है. इसके साथ ही इनमें एंटीबैक्टीरियल और सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो शरीर को संक्रमण और अंदरूनी सूजन से बचाने में सहायक हो सकते हैं. यूरिक एसिड और पाचन के लिए फायदेमंदआजकल बढ़ता यूरिक एसिड एक आम समस्या बन चुका है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत बढ़ जाती है. पान के पत्तों में मौजूद तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है. इसके अलावा, पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी पान के पत्ते उपयोगी माने जाते हैं. ये लार के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे खाना आसानी से पचता है और गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 14, 2026, 19:20 IST

घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू

घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू

सिंगरौली के सरई नगर परिषद के नौडिया गांव (वार्ड नंबर 12) में भैया लाल जायसवाल के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे इलाके में खलबली मच गई। गांव वालों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें काबू में नहीं आ रही थीं। उसी वक्त सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया वहां से गुजर रहे थे। आग देख वह तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना वक्त गंवाए ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद मोर्चा संभाला और आग बुझाना शुरू किया। बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकाला सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घर के अंदर एक बुजुर्ग महिला फंसी हुई थी। थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। उनकी इस तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अब हालात काबू में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर आग लगी कैसे। प्रशासन अब नुकसान का जायजा लेने में जुटा है।

बाजार में असली या केमिकल वाला आम? ऐसे करें सेकंड्स में पहचान वरना सेहत हो सकती है खराब

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Mango Safety Tips: गर्मियों का मौसम आते ही एक फल सबसे ज्यादा चर्चा में आ जाता है-आम. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसका बेसब्री से इंतजार करता है. बाजार में ढेरों किस्म के आम दिखते हैं और हर कोई चाहता है कि सबसे मीठा और अच्छा आम ही घर जाए, लेकिन आजकल एक बड़ी दिक्कत ये है कि हर आम असली तरीके से पका हुआ नहीं होता. कई जगह आम को जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वो दिखने में तो आकर्षक लगता है, लेकिन अंदर से उतना अच्छा नहीं होता. ऐसे आम खाने से शरीर पर गलत असर पड़ सकता है. सिर दर्द, उल्टी, पेट में गड़बड़ी जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि आप आम खरीदते समय थोड़ा समझदारी दिखाएं. बिना देखे-समझे आम खरीदना अब सही फैसला नहीं है. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान तरीकों से आप खुद पहचान सकते हैं कि आम सही तरीके से पका है या केमिकल से. इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही आसान और काम के टिप्स बता रहे हैं, जिनसे आप खुद सही आम चुन पाएंगे. कैसे पहचानें केमिकल से पका आम?1. खुशबू से करें पहचानअसली पके आम की खुशबू बहुत हल्की और मीठी होती है, अगर आम में कोई तेज या अजीब गंध आ रही है, तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है. केमिकल से पके आम में अक्सर नेचुरल खुशबू नहीं होती. 2. रंग पर ध्यान देंनेचुरल तरीके से पका आम एक जैसा पीला या हल्का हरा-पीला दिखता है, लेकिन केमिकल से पके आम ज्यादा चमकीले और एकदम साफ रंग के नजर आते हैं. बहुत ज्यादा चमकदार रंग वाले आम से थोड़ा सावधान रहें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 3. दाग और निशान देखेंअगर आम पर बहुत ज्यादा धब्बे, कट के निशान या काले स्पॉट दिख रहे हैं, तो यह केमिकल या इंजेक्शन से पकाया गया हो सकता है. ऐसे आम लेने से बचना बेहतर है. 4. दबाकर चेक करेंजब आप आम को हल्का सा दबाते हैं, तो नेचुरल पका आम थोड़ा सॉफ्ट लगता है, लेकिन ज्यादा गूदेदार नहीं होता. केमिकल से पके आम बहुत ज्यादा नरम या दबते ही अंदर धंसने लगते हैं. 5. बेकिंग सोडा टेस्टघर लाने के बाद आप एक आसान टेस्ट कर सकते हैं. आम को बेकिंग सोडा मिले पानी से धोएं, अगर धोने के बाद उसका रंग अजीब तरीके से बदलता है, तो समझ जाएं कि आम केमिकल से पका है. केमिकल से पके आम खाने के नुकसानकेमिकल से पकाए गए आम सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत के लिए भी ठीक नहीं होते. इससे सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसे फल खाने से शरीर पर और भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए हमेशा कोशिश करें कि भरोसेमंद जगह से ही आम खरीदें. आम खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें-हमेशा ऐसे दुकानदार से आम लें जिस पर भरोसा हो-बहुत सस्ते आम देखकर तुरंत न खरीदें-मौसम की शुरुआत में ज्यादा सावधानी रखें-घर लाकर आम को अच्छे से धोना न भूलें

माराडोना की मौत मामले में फिर जांच शुरू हो रही:मेडिकल टीम पर इलाज में लापरवाही के आरोप; पहला ट्रायल रद्द हुआ था

माराडोना की मौत मामले में फिर जांच शुरू हो रही:मेडिकल टीम पर इलाज में लापरवाही के आरोप; पहला ट्रायल रद्द हुआ था

फुटबॉल दिग्गज डिएगो माराडोना की मौत के मामले की जांच दोबारा मंगलवार से शुरू हो रहा है। उनकी मेडिकल टीम पर सही इलाज न देने और लापरवाही बरतने के आरोप हैं। मई 2025 में शुरू हुआ पहला ट्रायल उस समय रद्द कर दिया गया था, जब एक जज पर कोर्ट में बिना अनुमति डॉक्यूमेंट्री शूट कराने का आरोप लगा। अब नए जजों के सामने सुनवाई शुरू होगी। माराडोना को फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी और ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल के लिए भी जाने जाते हैं। माराडोना की 25 नवंबर 2020 को 60 साल की उम्र में मौत हुई थी। वे ब्रेन ब्लड क्लॉट की सर्जरी के बाद घर पर रिकवर कर रहे थे। पोस्टमॉर्टम में दिल का दौरा और फेफड़ों में पानी भरने को मौत की वजह बताया गया। मेडिकल टीम पर कुलपेबल होमिसाइड का केस दर्ज इस मामले में मेडिकल टीम के 7 सदस्य ट्रायल का सामना कर रहे हैं। इन पर ‘कुलपेबल होमिसाइड’ का केस दर्ज है। दोषी पाए जाने पर उन्हें 8 से 25 साल तक की सजा हो सकती है। एक्सपर्ट्स माराडोना के इलाज को अपर्याप्त बताया जांच में सामने आया कि टीम को माराडोना की गंभीर हालत की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जरूरी कदम नहीं उठाए। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने उनके इलाज को ‘लापरवाह और अपर्याप्त’ बताया। ट्रायल में करीब 100 गवाहों के बयान होंगे, जिनमें उनकी बेटियां भी शामिल हैं। यह सुनवाई जुलाई तक चल सकती है। माराडोना ने करियर में 312 गोल दागे मैराडोना ने फुटबॉल करियर में 312 गोल किए। उन्होंने इंटरनेशनल करियर में 91 मैच खेले, जिसमें 34 गोल किए। मैराडोना बार्सिलोना, नेपोली, सेविला, नेवेल्स ओल्ड ब्यूऑयज और बोका जूनियर्स जैसे क्लब से खेल चुके हैं। बार्सिलोना से खेलते हुए उन्होंने 36 मैच में 22 और नेपोली के लिए 188 मैच में 81 गोल किए। करियर में 11 टूर्नामेंट जीते मैराडोना ने करियर में 11 टूर्नामेंट्स जीते हैं। इसमें 1 वर्ल्ड कप खिताब, एक UEFA कप खिताब, एक नेशंस लीग, एक FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप और 5 नेशनल कप जीते हैं। मैराडोना को फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने एक बार वर्ल्ड कप गोल्डन बॉल, एक बार बेलोन डी’ओर, 2 बार साउथ अमेरिकन फुटबॉलर ऑफ द ईयर, 6 बार नेशनल लीग टॉप स्कोरर अवॉर्ड जीता है।