जनवरी-मार्च में गोल्ड ETF में 31,561 करोड़ का निवेश:इसमें बीते 1 साल में 64% तक का रिटर्न मिला, जानें इससे जुड़ी खास बातें

2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ETFs) में निवेशकों ने 31,561 करोड़ रुपए का निवेश किया है। ये दिसंबर 2025 तिमाही के मुकाबले 36% ज्यादा है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में गोल्ड ETF में 23,132 करोड़ रुपए का निवेश आया था। यह पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा निवेश आया है। साल 2025 की पहली तिमाही में यह निवेश मात्र 5,654 करोड़ रुपए था। जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। गोल्ड ETFs में निवेश के 2 बड़े कारण एक्सपर्ट की राय: क्यों पसंद आ रहा है डिजिटल गोल्ड? मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम का कहना है कि गोल्ड ETFs निवेशकों को फिजीकल रखने की झंझट के बिना निवेश का पारदर्शी और आसान तरीका देते हैं। यह बाजार की अनिश्चितता के समय पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करता है। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता
एक्टर राम चरण बोले- मैं सख्त पिता हूं:बच्चों को रिस्क लेना और मिट्टी में खेलना सिखाता हूं, पत्नी उपासना घर में केयरिंग रोल निभाती हैं

साउथ एक्टर राम चरण इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पेरेंटिंग स्टाइल यानी बच्चों को पालने के तरीके पर खुलकर बात की। तीन बच्चों के पिता राम चरण ने खुद को एक ‘रफ’ (एक तरह से सख्त) पिता बताया है। उनका मानना है कि बच्चों को बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना और जोखिम लेना सीखना चाहिए। बच्चों को जोखिम लेना सिखाते हैं एक्टर एस्क्वायर इंडिया के साथ बातचीत में राम चरण ने बताया कि वे अपने बच्चों के लिए किस तरह के पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं वह पिता हूं जो बच्चों को कूदने, गंदा होने और रिस्क लेने के लिए मोटिवेट करता है। मैं चाहता हूं कि वे बेझिझक बाहर खेलें और मिट्टी में गंदे होने से न डरें।” एक्टर के मुताबिक, जब उनके बच्चों को हिम्मत की जरूरत होती है, तो वे उनके पास आते हैं। उपासना और राम चरण के बीच पेरेंटिंग बैलेंस राम चरण ने अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी के रोल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनके घर में पेरेंटिंग का एक सही बैलेंस है। उपासना बच्चों के लिए ममता और केयर का सेंटर हैं। जब बच्चों को आराम और सुकून चाहिए होता है, तो वे अपनी मां के पास जाते हैं, लेकिन किसी भी मुश्किल चुनौती का सामना करने के लिए वे अपने पिता की ओर देखते हैं। कहा- बच्चों के लिए ‘प्रेजेंट’ रहना जरूरी एक्टर ने पेरेंटिंग को लेकर एक जरूरी सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बच्चे सलाह सुनने से ज्यादा अपने माता-पिता के व्यवहार को देखकर सीखते हैं। राम चरण ने कहा, “मैं सबसे पहले एक ऐसा पिता बनना चाहता हूं जो हर पल अपने बच्चों के साथ मौजूद रहे।” 2012 में हुई थी शादी, तीन बच्चों के पिता राम चरण और उपासना की निजी जिंदगी की बात करें तो दोनों ने 2012 में शादी की थी। कपल ने 2023 में अपनी पहली बेटी ‘क्लिन कारा’ का स्वागत किया। इसके बाद जनवरी 2026 में उनके घर जुड़वां बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) का जन्म हुआ। अब राम चरण दो बेटियों और एक बेटे के पिता हैं। अपकमिंग फिल्म ‘पेद्दी’ में आएंगे नजर राम चरण इन दिनों अपनी फिल्म ‘पेद्दी’ की तैयारी में बिजी हैं। यह एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन बुच्ची बाबू सना कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ जान्हवी कपूर, शिवराजकुमार और जगपति बाबू जैसे कलाकार अहम रोल में नजर आएंगे।
नर्मदापुरम में अंबेडकर जयंती पर निकाली वाहन रैली:यूपीएससी में चयनितग हुए श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर ने किया सम्मान

भारत रत्न, संविधान निर्माता श्रद्धेय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मंगलवार को जिलेभर में मनाई गई। अजाक्स (AJAKS – अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ) ने भाजपा कार्यालय के सामने आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम किया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष एनआर हरियाले, जिला अध्यक्ष रविशंकर वाल्मीकि ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित कर उन्हें नमन किया। एनआर हरियाले, रविशंकर वाल्मीकि ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, प्रारंभिक शिक्षा, संविधान निर्माण समिति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में सभी ने खड़े होकर बाबा साहब की प्रार्थना की। यूपीएससी में चयनित होने वाले श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर सोमेश मिश्रा के हाथों स्वागत, सम्मान हुआ। इस अवसर पर अतिथि कलेक्टर सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, नर्मदापुरम के पूर्व जिला कोषालय अधिकारी जीडी बड़ोदिया, उनके बेटे यूपीएसी पासआउट श्रेयांश बड़ोदिया, ललित डेहरिया, सुमित्रा अहिरवार समेत अन्य मौजूद रहे। जय भीम सेना ने निकाली वाहन रैली जयंती के अवसर पर जय भीम आर्मी सेना ने वाहन रैली का आयोजन किया। डीजे के साथ वाहन रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुराने बस स्टैंड स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची।
घर पर रेशमी बाल: किचन में मौजूद हैं मेथी के दानों को खास ये पेस्ट, बालों जैसे बाल भी हो जाएंगे शाइनी, अपनाएं 5 देसी नुस्खे

घर पर रेशमी बाल: टाइट लाइफस्टाइल, प्रदूषण और केमिकल उत्पादों के कारण बालों का रूखा और बेजान होना आम समस्या बन गई है। ऐसे बाल न सिर्फ देखने में बुरे निकले हैं बल्कि जल्दी खराब होने और उलझने भी लगे हैं। हालाँकि, अच्छी बात यह है कि अब आपको पिरामिड शोरूम की ज़रूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपाय जिन्हें अपनाकर आप घर पर ही अपने बालों को शानदार, चमकदार और दमदार बना सकते हैं। आइये आपको बताते हैं पांच देसी नुस्खे। बालों को रखने के लिए नारियल का तेल बेहद प्रभावशाली माना जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार गुनगुने तेल से मसाज करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रिश्तों को गहराई से पोषण मिलता है। इससे ड्राईनेस कम होती है और बालों में नैचुरल शाइन आ जाती है। प्रोटीन से भरपूर अंडा और मॉश्चर लेज़र वाले दही समूह बल को डीप कंडीशन करते हैं। इस मास्क को बाल बनाने से लेकर हेयर स्टाइलिस्ट और शाइनी बने हुए हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले बालों में असली साफा लुक दिखाई देता है। एलोवेरा बाले को कंपनी ने सील कर दिया है, जबकि हायर उन्हें सॉफ्ट बनाती है। इन दोनों का मिश्रण बालों का रूलापन दूर करने में मदद करता है और बालों को क्लासिक लुक देता है। दूध एक असैनिक की तरह काम करता है। बालों पर इसे लगाने से तुरंत मुलायमपन का एहसास होता है और बाल सबसे ज्यादा नजर आते हैं। बालों को ड्राय करने का यह उपाय बहुत बढ़िया है। मेथी दाना बले की फ़ेरीनेस कम करने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके पेस्ट बालों में लगाने से बालों की चमक बहुत ज्यादा होती है और टूटना भी कम होता है। अगर इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से जोड़ा जाए तो कुछ ही समय में बालों में झाग साफ नजर आता है। सही देखभाल से रूखे और बेजान बाल भी स्कीमी और ज़ामिरी बन सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर रेशमी बाल(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल(टी)सूखे बालों के लिए घरेलू उपचार(टी)चिकने चमकदार बालों के टिप्स(टी)नारियल तेल बालों के फायदे(टी)अंडे का हेयर मास्क(टी)बालों के लिए एलोवेरा(टी)मेथी हेयर मास्क(टी)घर का बना हेयर कंडीशनर(टी)घुंघराले बालों का समाधान
ग्वालियर केंद्रीय जेल में नशा और वेश्यावृत्ति के आरोप:तय दरों से ज्यादा वसूली, वायरल वीडियो के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के आदेश

ग्वालियर केंद्रीय जेल में अवैध गतिविधियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह वीडियो जेल के एक प्रहरी और एक बंदी द्वारा साझा किया गया था। इसमें जेल के भीतर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कैदियों की प्रताड़ना, नशे की सप्लाई, पैसे लेकर बैरक बदलने और वेश्यावृत्ति तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खाने के लिए तय दरों से ज्यादा वसूली वीडियो में खाने की सामग्री के लिए तय दरों से ज्यादा वसूली और पैसों का गलत हिसाब-किताब का भी जिक्र किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित प्रहरी को निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रहरी की बयानबाजी से जेल की छवि धूमिल हुई है। हालांकि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल जेल प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था दोनों की नजर इस जांच पर टिकी है। पैसे देकर मिल रही नशा और वेश्यावृत्ति की सुविधाएं कैदी और जेल प्रहरी ने अपने बयान में पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया। आरोपों के मुताबिक 5 रुपये का बिस्किट 10 रुपये में, राजश्री 250 रुपये में और 50 रुपये की नमकीन 150 रुपये में दी जाती है। यह भी आरोप है कि जेल के अंदर नशा जैसे गांजे की पुड़िया 1000 रुपए में, 100 रुपये में चार बीड़ी, जबकि 600 रुपये में ” बीड़ी के बंडल” मिलता है। ज्यादा पैसे देने पर वेश्यावृत्ति तक की सुविधा मिलने की बात कही गई है। नए कैदियों से वसूली के लिए प्रताड़ना, आत्महत्या के भी आरोप आरोप यह भी है कि जेल में आने वाले नए कैदियों को काफी प्रताड़ित किया जाता है, जब तक उनके घर से पैसे नहीं आ जाते। जेल के अंदर दो-तीन कैदियों द्वारा आत्महत्या करने की बात भी सामने आई है। एक सिपाही ने जेल के अंदर गांजा पकड़ा था, जिसे तुरंत हटा दिया गया। बैरक बदलने के लिए लाखों रुपए की मांग नए कैदियों की हवालात अलग होती है। वहां से बैरक बदलने के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपए तक की मांग की जाती है। अगर पैसा नहीं दिया तो कैदियों से काम कराया जाता है, गोबर डलवाया जाता है और मारपीट भी कराई जाती है। जिसनें पैसे दे दिए, उसे कोई हाथ नहीं लगाता, लेकिन जिसने पैसे नहीं दिए, उसे मारपीट का सामना करना पड़ता है। एक कैदी ने बताया कि वह 18 नंबर बैरक में था और 50 हजार रुपये देकर उसे 49-50 नंबर बैरक में शिफ्ट कराया गया। वीडियो पर संज्ञान लेकर न्यायिक जांच के आदेश इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुशवाह का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। जो भी आरोप लगे हैं, उनकी जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे।
राजस्थान के स्कूलों में बच्चों के अजीब-अटपटे नाम बदले जाएंगे:प्रिंसिपल 2950 नामों की पेरेंट्स को लिस्ट दिखाएंगे, इच्छा से बदल सकेंगे

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने एक संवेदनशील और सकारात्मक पहल शुरू की है। अब ‘अटपटे’ और ‘अर्थहीन’ नामों के कारण शर्मिंदगी झेलने वाले विद्यार्थियों को नया और सार्थक नाम मिल सकेगा। संयुक्त शासन सचिव ने माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने ऐसे 2950 नामों की लिस्ट तैयार की है, जिसे पेरेंट्स को दिखाया जाएगा। इसमें 1541 छात्राओं के और 1409 छात्रों के नाम शामिल हैं। इन नामों के साथ इनके अर्थ भी बताए गए हैं। आत्मविश्वास बढ़ाना मुख्य लक्ष्य विभाग का मानना है कि व्यक्ति का नाम उसकी सामाजिक छवि और संस्कारों का प्रतीक होता है। नकारात्मक या त्रुटिपूर्ण नाम होने से बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ता है। सकारात्मक नामों से बच्चों में आत्मसम्मान जगेगा, जो उनके व्यक्तिगत विकास में सहायक सिद्ध होगा। अभियान की 5 बड़ी बातें… PTM और SMC बैठकों में मिलेगी जानकारी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के माध्यम से पेरेंट्स को इस मुहिम के प्रति जागरूक करें। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशीलता के साथ उन बच्चों की पहचान करें, जिनके नाम अर्थहीन हैं और उनके माता-पिता को सकारात्मक नाम रखने के फायदे बताएं। शिक्षा विभाग के आदेश के प्रमुख अंश…. नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का हिस्सा है। कई बार ग्रामीण इलाकों या जागरूकता की कमी के कारण बच्चों के ऐसे नाम रख दिए जाते हैं, जिससे उन्हें आगे चलकर हीन भावना महसूस होती है। यह अभियान इसी अंतर को पाटने की कोशिश है। रिकॉर्ड में कैसे होगा बदलाव? पहली क्लास में एडमिशन के समय ही पेरेंट्स को लिस्ट दिखाकर नाम चुनने का विकल्प दिया जाएगा। जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के तहत आवेदन करना होगा। विभाग के आला अधिकारी इस अभियान की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी करेंगे और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। यहां देखें लड़कों के नामों की लिस्ट… यहां देखें लड़कियों के नामों की लिस्ट…
पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंबेडकर जयंती पर दुर्लभ मिलन समारोह में हल्के पल साझा किए | देखो | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 13:29 IST पीएम मोदी और खड़गे और बिड़ला सहित नेताओं ने बीआर अंबेडकर को उनकी 135वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। अंबेडकर जयंती: संसद कार्यक्रम के दौरान हंसते नजर आए मोदी, खड़गे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राजनीतिक नेताओं ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पर बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। उपस्थित लोगों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और उपाध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन शामिल थे। सभी नेताओं ने उनके सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित की. एक दुर्लभ हल्का-फुल्का आदान-प्रदान कार्यक्रम के दौरान, मोदी और खड़गे को संक्षिप्त और मैत्रीपूर्ण बातचीत करते देखा गया। दृश्यों में दोनों नेताओं को एक-दूसरे का अभिवादन करते, हाथ मिलाते और कुछ शब्दों का आदान-प्रदान करते दिखाया गया। उन्हें एक साथ मुस्कुराते और हंसते हुए भी देखा गया, एक पल जो खास था। इससे पहले मोदी ने ओम बिड़ला और सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और फिर बातचीत के लिए खड़गे से संपर्क किया. #घड़ी | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक हल्के-फुल्के पल को साझा किया। पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पर भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।… https://t.co/JoquMq3m4d pic.twitter.com/vN3KkG63j1 – एएनआई (@ANI) 14 अप्रैल 2026 महिला आरक्षण बिल पर चर्चा बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष से महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के लिए संसद में पेश किए जाने वाले संशोधन विधेयक पर समर्थन देने का आग्रह किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के कल्याण के उद्देश्य से उठाए गए कदमों को सभी पक्षों में साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। पीएम मोदी ने खड़गे से कहा कि यह बिल महिलाओं के हित में लाया जा रहा है और सामूहिक समर्थन का आह्वान किया. जवाब में, खड़गे ने कहा कि कांग्रेस कोई रुख अपनाने से पहले प्रस्ताव पर आंतरिक रूप से चर्चा करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले पर गहन विचार-विमर्श के बाद अपना रुख बताएगी। पीएम मोदी ने खड़गे से कहा, “यह बिल महिलाओं के हित में पेश किया जा रहा है और इसका समर्थन करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी की हाल ही में राहुल गांधी से बातचीत ऐसा ही एक पल कुछ दिन पहले देखने को मिला था जब मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कुछ देर बात की थी. दोनों नेताओं ने अपने कार्यक्रम को जारी रखने से पहले विनम्रतापूर्वक कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया। इस बीच, पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करने में संसद सदस्यों का नेतृत्व किया और कहा कि अंबेडकर का काम लोगों को प्रेरित करता रहता है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर का जीवन एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के प्रयासों को प्रेरित करता है। खड़गे ने अंबेडकर को एक दूरदर्शी व्यक्ति बताया जिन्होंने भारत को नैतिक और संवैधानिक आधार दिया। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के मूल्यों की रक्षा करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने कहा कि अंबेडकर के आदर्शों और संविधान को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने कहा कि वह उनका बचाव करना जारी रखेंगे। डॉ. बीआर अंबेडकर, जिन्हें बाबासाहेब के नाम से जाना जाता है, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्होंने भारत के सामाजिक सुधार आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 12:30 IST न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंबेडकर जयंती पर दुर्लभ मिलन समारोह में हल्के पल साझा किए | घड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मोदी खड़गे(टी)पीएम मोदी खड़गे(टी)अंबेडकर जयंती श्रद्धांजलि(टी)नरेंद्र मोदी अंबेडकर(टी)बीआर अंबेडकर जयंती(टी)प्रेरणा स्थल संसद(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे मोदी बातचीत(टी)मोदी राहुल गांधी बैठक(टी)आंबेडकर संवैधानिक विरासत(टी)भारतीय सामाजिक सुधार नेता
देवास में 3 वाहनों की टक्कर:कार के पिछले हिस्से में घुसी बाइक, कांच से टकराने पर युवक को आए 10 टांके

देवास शहर में ट्रैफिक थाने के सामने मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे स्कूटर, कार और बाइक की आपस में टक्कर हो गई। क्रॉसिंग पर ब्रेक लगने से हुए इस हादसे में बाइक सवार उछलकर कार के पिछले कांच से टकरा गया, जिससे 40 वर्षीय गोपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया है, जहां प्राथमिक इलाज के दौरान चेहरे पर 10 से ज्यादा टांके लगाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। क्रॉसिंग पर अचानक ब्रेक लगाने से हुई तीनों वाहनों की भिड़ंत जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे ट्रैफिक थाने के सामने क्रॉसिंग करते वक्त एक स्कूटर सवार ने अचानक ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगने के कारण स्कूटर के पीछे आ रही कार उससे टकरा गई। इसी दौरान कार के ठीक पीछे आ रही बाइक भी अनियंत्रित होकर कार के पिछले हिस्से में जा घुसी। कांच से टकराकर उछला बाइक सवार, चेहरे पर लगी गंभीर चोट पीछे से हुई यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चला रहे 40 वर्षीय गोपाल सिंह उछलकर कार के पिछले कांच से टकरा गए। कांच से टकराने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में घायल को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनके चेहरे पर करीब 10 से ज्यादा टांके आए हैं। दोस्त के साथ इंदौर के पास नुक्ते में जा रहे थे गोपाल हादसे के समय बाइक पर पीछे बैठे गोपाल सिंह के दोस्त राजेश मंडलोई (निवासी अमोना) ने बताया कि वे दोनों मंगलवार सुबह बाइक से इंदौर के पास स्थित एक गांव में जा रहे थे। दोनों को वहां परिवार के एक नुक्ते के कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन रास्ते में ही ट्रैफिक थाने के सामने यह सड़क हादसा हो गया।
गर्मियों की सुपरड्रिंक! एक गिलास में अंडे से ज्यादा प्रोटीन, शरीर को रखता कूल-कूल

Last Updated:April 14, 2026, 12:59 IST Sattu Benefits: डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को बताया कि गर्मी के दिनों में चाय या कॉफी की जगह सत्तू का सेवन करना ज्यादा लाभकारी होता है. सत्तू में आधा नींबू मिलाकर पीने से यह शरीर को फौरन ठंडक देता है और एनर्जी लेवल को बनाए रखता है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में पारंपरिक रूप से खाए जाने वाला सत्तू (सेतुआ) अब गांवों से निकलकर शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. खासकर गर्मी के मौसम में लोग इसे देसी प्रोटीन ड्रिंक के रूप में अपना रहे हैं. यह न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि दिनभर ऊर्जा से भरपूर भी बनाए रखता है. बढ़ते तापमान के बीच सत्तू का शरबत लोगों के लिए एक प्राकृतिक और सस्ता हेल्थ ड्रिंक बनकर उभरा है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि सत्तू शरबत बनाना बेहद आसान है. इसके लिए एक बर्तन में सत्तू लिया जाता है और उसमें घड़े का ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से घोला जाता है. इसके बाद स्वादानुसार नमक डाला जाता है. एक गिलास में काला नमक, सेंधा नमक, नींबू का रस और घर में पिसे मसाले जैसे जीरा और गोलकी मिलाए जाते हैं. फिर इस मिश्रण में सत्तू का पानी डालकर तैयार किया जाता है. एक गिलास सत्तू पीने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती, इसलिए यह एक टाइम के भोजन का भी विकल्प बन सकता है. आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने बताया कि गर्मी के दिनों में चाय या कॉफी की जगह सत्तू का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद होता है. सत्तू में आधा नींबू मिलाकर पीने से यह शरीर को तुरंत ठंडक देता है और एनर्जी लेवल को बनाए रखता है. इसे प्रोटीन का पावर हाउस भी माना जाता है, जिससे शरीर को दिनभर ताकत मिलती है और थकान महसूस नहीं होती. पेट के लिए भी काफी लाभकारीडॉक्टर परौहा के अनुसार, सत्तू का शरबत पेट के लिए भी काफी लाभकारी है. यह पेट को ठंडा रखता है और एसिडिटी या जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखने में सहायक होता है. जिन लोगों को तेज धूप में चक्कर आने या बेहोशी की समस्या होती है, उनके लिए सत्तू बेहद उपयोगी साबित होता है. सत्तू से मिलेगा प्रोटीनपोषण की दृष्टि से भी सत्तू काफी समृद्ध है. एक गिलास सत्तू में लगभग 10 से 15 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है यानी इसके एक गिलास में अंडे से ज्यादा प्रोटीन होता है. साथ ही यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और दिमाग को भी तरोताजा बनाए रखता है. इसमें नींबू और पुदीना मिलाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है, जिससे यह एक बेहतरीन रिफ्रेशिंग ड्रिंक बन जाता है. हालांकि डॉक्टर परौहा ने सलाह दी है कि सत्तू का सेवन रात के समय नहीं करना चाहिए. इसे सुबह खाली पेट या दोपहर में भोजन के बाद लेना अधिक फायदेमंद होता है. कुल मिलाकर सत्तू गर्मी में एक ऐसा देसी सुपरड्रिंक है, जो स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखता है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 14, 2026, 12:59 IST
पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 महंगा हो सकता है:पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती है। 46 दिनों में कच्चे तेल की कीमत 27 डॉलर बढ़ी हर दिन ₹1,600 करोड़ का नुकसान झेल रहीं कंपनियां कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए का घाटा हो रहा है। पिछले महीने के पीक पर ये तीनों कंपनियां हर दिन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही थीं। एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती के बाद यह घाटा घटकर 1,600 करोड़ रुपए रह गया है। हर 10 डॉलर के उछाल से नुकसान करीब 6 रुपए प्रति लीटर बढ़ जाता है। भारत 88% कच्चा तेल आयात करता है भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से 45% मिडिल ईस्ट और 35% रूस से आता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें न केवल तेल कंपनियों, बल्कि देश के चालू खाता घाटे (CAD) के लिए भी खतरा हैं। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में यह घाटा बढ़कर 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सरकार की कमाई पर दबाव सरकारी राजस्व में तेल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी का योगदान लगातार कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2017 में यह 22% था, जो अब घटकर सिर्फ 8% रह गया है। अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी हटा भी दे, तो भी मौजूदा कीमतों पर तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।








