जंग ने 33 साल के स्ट्रैड को बनाया सबसे अमीर:चेकोस्लोवाक ग्रुप दो साल में आय 12 गुनी, अब यूरोप की नई डिफेंस दिग्गज बनने की तैयारी

कुछ समय पहले तक मिचल स्ट्रैड को उनके देश में भी बहुत कम लोग जानते थे। लेकिन आज 33 वर्षीय यह युवा उद्यमी न केवल चेक गणराज्य का सबसे अमीर व्यक्ति बन चुका है, बल्कि वैश्विक रक्षा उद्योग के नक्शे पर एक नए ‘टाइकून’ के रूप में उभरा है। हथियार बनाने वाली कंपनी ‘चेकोस्लोवाक ग्रुप’ के सीईओ और मुख्य मालिक स्ट्रैड की किस्मत यूक्रेन युद्ध और वैश्विक सैन्य जरूरतों ने बदल दी है। मिचल ने हाई स्कूल के बाद से ही अपने पिता की इस कंपनी में काम करना शुरू कर दिया था। जनवरी में जब सीएसजी को लगभग 29 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर सार्वजनिक किया गया, तब दुनिया का ध्यान इस युवा अरबपति की ओर गया। साल 2021 की तुलना में 2023 में कंपनी की आय में 12 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 6.7 अरब यूरो तक पहुंच चुकी है। यूरोप का ‘एम्युनिशन’ हब सीएसजी की सफलता के पीछे यूक्रेन युद्ध की बड़ी भूमिका है। राष्ट्रपति पेट्र पावेल की ‘चेक एम्युनिशन इनिशिएटिव’ के तहत यूक्रेन को गोलों और कारतूसों की आपूर्ति करने में इस कंपनी ने केंद्रीय भूमिका निभाई है। पिछले साल कंपनी की कुल बिक्री का 27% हिस्सा सीधे यूक्रेन से आया। यह ग्रुप अब यूरोप की शीर्ष 10 हथियार निर्माता कंपनियों में है और गोला-बारूद के मामले में जर्मनी की ‘राइनमेटाल’ के बाद महाद्वीप की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। वैश्विक विस्तार और अधिग्रहण स्ट्रैड केवल मौजूदा संसाधनों पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने आक्रामक तरीके से विस्तार की रणनीति अपनाई है। 2022 में इटली की फियोची और 2024 में अमेरिका की काइनेटिक ग्रुप का अधिग्रहण किया। हाल ही में ऑस्ट्रियाई कंपनी हिर्टनबर्गर डिफेंस सिस्टम्स में 49% हिस्सेदारी खरीदी। यूरोपीय संघ के पुनर्शस्त्रीकरण पहल के तहत स्लोवाकिया के साथ 58 अरब यूरो का सात वर्षीय करार किया। मिचल स्ट्रैड का लक्ष्य स्पष्ट है, वे सीएसजी को यूरोप की सबसे बड़ी रक्षा कंपनी बनाना चाहते हैं। ‘डिफेंस सेक्टर के एकीकरण का यही सही समय है’, उनका यह बयान उनके ऊंचे इरादों को स्पष्ट करता है। सस्ते लेबर, सप्लाई चेन का लाभ लेने के लिए कच्चे माल से उत्पादन तक पर कंट्रोल चेक गणराज्य और स्लोवाकिया में उत्पादन केंद्र होने के कारण कंपनी को पश्चिमी देशों की तुलना में सस्ते लेबर का लाभ मिलता है। साथ ही, कंपनी ने वर्टिकल इंटीग्रेशन (कच्चे माल से उत्पादन तक नियंत्रण) पर जोर दिया है। हाल ही में ग्रीस की सरकारी कंपनी के साथ टीएनटी उत्पादन के लिए किया गया संयुक्त उद्यम इसी रणनीति का हिस्सा है। भविष्य की राह में ‘हेल्सिंग’ जैसी नई ड्रोन निर्माता कंपनियां और युद्ध समाप्त होने पर मांग में संभावित गिरावट जैसी चुनौतियां भी हैं। हालांकि, स्ट्रैड अब अपनी सार्वजनिक छवि भी बदल रहे हैं। वे चेक ओलंपिक टीम के मुख्य प्रायोजक बन गए हैं और उन्होंने विक्टोरिया प्लजेन फुटबॉल क्लब भी खरीद लिया है।
अशोकनगर में ट्रॉला ने एक व्यक्ति को कुचला, मौत:नल-जल योजना के सृपाइप से भरे थे, पानी कैंपर बांटते थे

अशोकनगर के कोलूआ रोड पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में 41 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। नल-जल योजना के पाइप लेकर आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रॉला ने नपा दुकानों के सामने पैदल चल रहे व्यक्ति को कुचल दिया। मृतक की पहचान यादव कॉलोनी निवासी 41 वर्षीय रामबाबू यादव पिता सुजान सिंह यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने ट्रॉला को रोक लिया। सूचना मिलने पर देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को वाहन के नीचे से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। रामबाबू यादव पानी के कैंपर वितरण का काम करते थे। वे अपनी गाड़ी से बस स्टैंड क्षेत्र में पानी के कैंपर देने आए थे। उनकी गाड़ी एक किनारे खड़ी थी और सड़क के किनारे से निकलते समय यह हादसा हुआ।
डायबिटीज के मरीज जिम में बहाएंगे पसीना तो बढ़ जाएगी शुगर? क्या है हकीकत, इस बारे में क्या है डॉक्टर राय

Last Updated:April 14, 2026, 12:12 IST Should Diabetic Patients Avoid Gym: डायबिटीज के मरीजों के लिए जिम जाना या एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है. गंगाराम की डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार सही तरीके से की गई एक्सरसाइज शरीर में ग्लूकोज का उपयोग बढ़ाती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारती है. इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है. हालांकि डायबिटीज के मरीजों को जिम जॉइन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए और फिटनेस ट्रेनर की देखरेख में वर्कआउट करना चाहिए. डायबिटीज के मरीज सावधानी के साथ वर्कआउट कर सकते हैं. Impact of Workouts on Blood Sugar: डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखना बहुत बड़ी चुनौती होती है. लाइफस्टाइल, खानपान या फिजिकल एक्टिविटी में जरा सी लापरवाही से शुगर लेवल में उछाल आ सकता है. डायबिटीज पेशेंट्स के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या जिम में वर्कआउट करने से उनका ब्लड शुगर बढ़ सकती है या फिर घटता है? कुछ लोग मानते हैं कि एक्सरसाइज करने से शरीर पर दबाव पड़ता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है. जबकि डॉक्टर्स की राय इसके बिल्कुल उलट है. उनका मानना है कि सही तरीके से की गई एक्सरसाइज डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि जब कोई व्यक्ति एक्सरसाइज करता है, तो उसका शरीर एनर्जी के लिए ब्लड में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग करता है. इससे ब्लड शुगर लेवल कम होने लगता है. रेगुलर वर्कआउट करने से इंसुलिन सेंसिटिविटी भी बढ़ती है, जिससे शरीर इंसुलिन का बेहतर उपयोग करता है. यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को रोज हल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है. अगर डायबिटीज के किसी मरीज का शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, तो वह सावधानी के साथ जिम में जाकर वर्कआउट कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ विशेष कंडीशन में एक्सरसाइज के दौरान ब्लड शुगर टेंपररी तौर पर बढ़ भी सकता है. अगर कोई मरीज ज्यादा हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट कर रहा हो या शरीर पहले से तनाव में हो, तो एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे शुगर लेवल कुछ समय के लिए बढ़ सकता है. हालांकि थोड़ी देर बाद शुगर लेवल फिर से सामान्य हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को जिम जाने से डरना नहीं चाहिए, बल्कि क्वालिफाइड फिटनेस ट्रेनर की गाइडेंस में एक्सरसाइज करनी चाहिए. वेट ट्रेनिंग, वॉकिंग, योग और साइक्लिंग जैसी एक्टिविटी उनके लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. अगर शुगर लेवल अनकंट्रोल रहता है, तब उस कंडीशन में डायबिटीज के मरीजों को जिम जॉइन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. एक्सपर्ट ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को जिम जॉइन करते वक्त कुछ सावधानी जरूर बरतनी चाहिए. वे वर्कआउट से पहले और बाद में अपना ब्लड शुगर लेवल जरूर मॉनिटर करें. खाली पेट जिम जाना या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करना जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि एक्सरसाइज से पहले हल्का स्नैक लें और शरीर को हाइड्रेट रखें. जिन मरीजों को इंसुलिन या दवाइयों की जरूरत होती है, उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह पर वर्कआउट प्लान बनाना चाहिए. इसके अलावा जिम जॉइन करते वक्त फिटनेस ट्रेनर को अपनी मेडिकल कंडीशन जरूर बता दें, ताकि वह भी आपके वर्कआउट रूटीन को जरूरत के हिसाब से मोडिफाई कर सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 12:12 IST
तमिलनाडु चुनाव 2026: विजय आज तमिलनाडु के तिरुपुर में होगा प्रचार, कड़ी सुरक्षा के बीच रोड शो

तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर अभिनेता से नेता बने विजय मंगलवार को तिरुप्पुर में अपने चुनावी प्रचार को तेज करने जा रहे हैं। वे अपनी पार्टी टीवीके के उग्रवादियों के समर्थन में आठ अहम विधानसभा सीटों पर राच्यसभा में शामिल हुए। कहां-कहां प्रचार करेंगे विजय पार्टी स्क्वाड्रन के अनुसार, विजय तिरुप्पुर नॉर्थ, तिरुप्पुर साउथ, जन्हानी, पल्लदम, कांगयम, धारापुरम, उडुमलपेट और मदाथुकुलम प्रचार करेंगे। यह हाई-एनर्जी स्टार्टअप प्रोग्राम चुनाव से पहले समर्थन मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। विजय मंगलवार सुबह चेन्नई से कोयम्बटूर मेकअप के माध्यम से उड़ान। वहाँ से वे सड़क मार्ग से अज्ञानी जायेंगे, जहाँ से उनके प्रचार अभियान की मुख्य शुरुआत होगी। दोपहर 3 बजे वे अट्टायमपालयम डिवीजन से एक विशेष रूप से तैयार किए गए इंजन वाहन पर सवार रोड शो की शुरुआत करेंगे। यह रोड शो मासूमी के पुराने और नए बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्र गुजरात से है। इस दौरान जनता को संबोधित करेंगे और टीवी के लिए वोट की अपील करेंगे। इसके बाद उनका काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग पेरूमनलालुर अमेरिकागा में चला गया, जहां उन्होंने अपने प्रचार को आगे बढ़ाया। रोडशो के दौरान सख्त दिशा-निर्देश के साथ भारी पुलिस बल स्थापित करना रोड शो का अंतिम चरण पुलुवापट्टी तक जाएगा, जिसमें घुटनों की आबादी वाले और व्यावसायिक क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। पूरे रास्ते विजय दीक्षा, पार्टी विचारधारा और आम जनता से संवाद करेंगे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है और सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बड़ी भीड़ की संभावना को देखते हुए अज्ञानी, पेरुमनल्लूर, पुलुवापट्टी और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल की स्थापना की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रखे हुए हैं.. इस बीच, एक फैसले में टीवीके ने विजय का धर्मपुरी में होने वाला प्रचार कार्यक्रम रद्द कर दिया, जबकि इसके लिए चुनाव आयोग से पहले ही मिलल था। इस जज से पार्टी कार्यकर्ता हैरान हैं और अभी तक इसका कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. यह भी पढ़ें- आईपीएल 2026 एसआरएच बनाम आरआर: ‘नए खिलाड़ियों को मौका देना…’, जीत के बाद ये क्या बोले ईशान किशन
ग्वालियर में हिट एंड रन, CCTV फुटेज आया सामने:सड़क क्रॉस कर रहे वृद्ध को रौंदकर घसीटता ले गया, अस्पताल में मौत

ग्वालियर के कोतवाली क्षेत्र में गुब्बारा फाटक के पास सोमवार रात एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने एक वृद्ध को कुचल दिया और घसीटते हुए ले गया। वृद्ध गार्ड की नौकरी करता था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने देर रात मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि वृद्ध अपने घर के पास गुब्बारा फाटक से जिंसी नाला की सड़क क्रॉस कर रहा था, तभी अज्ञात वाहन ने उसे तेज टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। मृतक के भतीजे विक्रांत ने बताया कि टक्कर एक ऑटो ने मारी थी। ऑटो की रफ्तार काफी तेज थी और टक्कर मारने के बाद सुरेंद्र सिंह ऑटो के बंपर में फंस गए, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। वृद्ध कुछ दूर तक ऑटो में फंसकर घिसटते रहे। हादसे के बाद चालक अपना ऑटो लेकर फरार हो गया। थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि रात करीब 11 बजे कोतवाली क्षेत्र में गुब्बारा फाटक रोड पर माधव प्लाजा के पास एक अनियंत्रित वाहन ने वृद्ध सुरेंद्र सिंह राठौर (62) को तेज टक्कर मार दी। सुरेंद्र के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें उनके परिजन तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना घटनास्थल के सामने शराब की दुकान है। इसी दुकान के सीसीटीवी कैमरे में हादसे के फुटेज कैद हुए हैं, जिसमें ऑटो टक्कर मारने के बाद वृद्ध को घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। आसपास की अन्य दुकानें बंद थीं। थाना प्रभारी मोहिनी ने बताया कि कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, लेकिन वे काफी दूर के हैं। घटना स्थल के आसपास के अन्य कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।
पेड़ पर उगने वाली जलेबी! बाजार में सिर्फ 2 महीने आती है नजर, शरीर के लिए संजीवनी

Last Updated:April 14, 2026, 11:55 IST Sidhi News: बाजार में जंगल जलेबी की कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो है. इससे उन्हें रोजाना 400 से 500 रुपये तक की कमाई हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई में अच्छी मदद हो जाती है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के जंगलों में पाया जाने वाला कीकर, जिसे स्थानीय भाषा में जंगल जलेबी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों शहरों के बाजारों में खासा लोकप्रिय हो रहा है. खट्टी-मीठी स्वाद वाला यह जंगली फल न केवल लोगों की जुबान पर चढ़ रहा है बल्कि आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं के लिए आय का साधन भी बनते जा रहा है. सीधी जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इसकी भरपूर पैदावार होती है. यह केवल दो महीने ही मिलती है. पुराने बस स्टैंड के पास जंगल जलेबी बेचने वाली फूलमती गोंड लोकल 18 को बताती हैं कि पहले वह जंगल से लकड़ियां इकट्ठा कर बेचती थीं, जिससे कम आमदनी होती थी और मेहनत भी ज्यादा लगती थी लेकिन अब जंगल जलेबी के कारण उन्हें बेहतर और सुरक्षित आय का विकल्प मिल गया है. उनका कहना है कि इस काम में जोखिम कम है और कम समय में ज्यादा कमाई हो जाती है. फूलमती ने बताया कि वह रोज सुबह तड़के जंगलों में जाकर जंगल जलेबी तोड़ती हैं और दोपहर तक शहर के मुख्य बाजार में बेचने पहुंच जाती हैं. बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो है. इससे उन्हें प्रतिदिन 400 से 500 रुपये तक की कमाई हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई में अच्छी मदद मिल रही है. सेहत के लिए फायदेमंद जंगल जलेबीआयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में मिलने वाली जंगल जलेबी का सेवन शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसके नियमित सेवन से इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है, त्वचा रोगों में राहत मिलती है, आंखों की रोशनी बेहतर होती है और शुगर नियंत्रण में मदद मिलती है. साथ ही यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहायक है. उन्होंने बताया कि यह फल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. औषधीय गुणों को लेकर जागरूक हैं शहरी लोगवहीं ग्रामीण इलाकों में अभी भी इस फल को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता लेकिन शहरों में इसके स्वाद और औषधीय गुणों को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते जंगल जलेबी अब आदिवासी महिलाओं के लिए आय का बेहतर साधन बनती जा रही है. यह फल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 14, 2026, 11:55 IST
टीकमगढ़ में संत सेन महाराज की 726वीं जयंती:प्रतिमा स्थल पर पूजा, समाज को व्यसन मुक्त रखने पर जोर

टीकमगढ़ में मंगलवार को राष्ट्रीय सर्व सेन समाज संगठन ने संत शिरोमणि श्री सेन महाराज की 726वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर सिविल लाइन रोड स्थित सेन महाराज की प्रतिमा स्थल पर पूजा-अर्चना की गई। यह कार्यक्रम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। जयंती समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी गिरी और युवा प्रदेश महामंत्री राहुल तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक कन्हैयालाल मुखिया ने की। रमेश कुमार ने सेन महाराज का अभिषेक, पूजा-अर्चना और कन्या पूजन करवाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित सभी अतिथियों ने संत सेन महाराज के जीवन चरित्र पर अपने विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन ने समाज को एकजुट रहने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर देवेंद्र सेन, धनीराम सेन, राहुल बंटी वर्मा, छोटे लाल अंतौरा, रामनारायण सेन, गणेश सेन, मुन्ना लाल सेन, रामरतन सेन, चंद्रभान सेन, सूदन लाल, रामबगस सेन, वीरन मुखिया, कमलेश सेन सहित सेन समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।
क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। साकिब को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपए में खरीदा था। मुकाबले के एक दिन पहले मैच खेलने की जानकारी दी गई थी। छोटे से गांव से निकले साकिब आर्मी में जाना चाहते थे। खेलने के लिए उनकी मां ने अपने गहनें गिरवी रखे थे और जूते दिलाए थे। जसप्रीत बुमराह को अपना आइडल मानते हैं साकिब 21 साल के साकिब दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह चेन्नई सुपर किंग में नेट बॉलर के रूप में चयनित हुए थे। 2024-2025 सीजन के लिए हुई नीलामी का भी हिस्सा रह चुके हैं। 2024 में साकिब हुसैन को IPL टीम KKR ने 20 लाख रुपए में खरीदा था। जसप्रीत बुमराह को साकिब अपना आइडल मानते हैं। साकिब को कई बार घर चलाने के लिए टेनिस बॉल से मैच खेलना पड़ता था। टेनिस बॉल के एक मैच के बदले में 500-700 रुपए मिलते थे। गेंदबाजी के लिए अच्छे जूते तक नहीं थे साकिब सदर प्रखंड के दरगाह मोहल्ले में रहते हैं। उनके पिता अली अहमद हुसैन पेशे से मजदूर हैं। साकिब के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पास गेंदबाजी करने के लिए खास जूते तक नहीं थे। वह फटे जूतों से मैच खेलते थे। तब खेलने के लिए मां ने अपने गहने गिरवी रखे थे। शुरुआती दिनों में उनका सपना क्रिकेट नहीं, बल्कि आर्मी में जाने का था। शहर के मिंज स्टेडियम में वे दौड़ने जाते थे, जहां खिलाड़ियों को देखकर उनके भी मन में क्रिकेट खेलने की तमन्ना जागी। अंडर-19 में हाईएस्ट विकेट टेकर रहे इंटर तक पढ़ाई करने के बाद साकिब ने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में देवधारी गिरी टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका भी मिला। इसमें उनका बॉलिंग के लिए चयन हुआ। इसके बाद 2021 में पटना में होने वाले बिहार क्रिकेट लीग में शामिल हुए। फिर अंडर-19 खेलने चंडीगढ़ चले गए, जिसमें वह हाईएस्ट विकेट टेकर रहे। उनका मानना है कि चंडीगढ़ से ही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट शुरू हुआ, जिसने उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी बेंगलुरू तक पहुंचाया। इसके बाद मुस्ताक अली ट्रॉफी खेलने का मौका मिला। फिर उन्हें नेट बॉलिंग के लिए बुलाया गया था। धोनी ने की थी साकिब की तारीफ साकिब चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का मौका मिला। साकिब ने अपनी बॉलिंग को लेकर धोनी से राय ली। इस पर धोनी ने कहा, ‘अच्छा हो रहा है, तुम में अच्छा टैलेंट है। तुम ऐसे ही करते रहो। बस मेहनत करते रहो, सिलेक्शन तुम्हारे हाथ में नहीं है।’ साकिब धोनी को अपना आइडल भी मानते हैं। IPL डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया साकिब ने डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया। उन्होंने दूसरे ओवर की चौथी बॉल पर यशस्वी जयसवाल को आउट किया। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वां विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। साकिब ने मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी का श्रेय टीम के गेंदबाजी कोच वरुण एरोन को दिया है। मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में बात करते हुए साकिब ने कहा, “हर खिलाड़ी उम्मीद करता है कि उसका डेब्यू ऐसा रहे। मुझे सच में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। हमारे गेंदबाजी कोच ने एक दिन पहले बताया था कि मैं मैच खेल रहा हूं। उसके बाद से मेरा पूरा ध्यान मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर था। मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा।”
क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। साकिब को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपए में खरीदा था। मुकाबले के एक दिन पहले मैच खेलने की जानकारी दी गई थी। छोटे से गांव से निकले साकिब आर्मी में जाना चाहते थे। खेलने के लिए उनकी मां ने अपने गहनें गिरवी रखे थे और जूते दिलाए थे। जसप्रीत बुमराह को अपना आइडल मानते हैं साकिब 21 साल के साकिब दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह चेन्नई सुपर किंग में नेट बॉलर के रूप में चयनित हुए थे। 2024-2025 सीजन के लिए हुई नीलामी का भी हिस्सा रह चुके हैं। 2024 में साकिब हुसैन को IPL टीम KKR ने 20 लाख रुपए में खरीदा था। जसप्रीत बुमराह को साकिब अपना आइडल मानते हैं। साकिब को कई बार घर चलाने के लिए टेनिस बॉल से मैच खेलना पड़ता था। टेनिस बॉल के एक मैच के बदले में 500-700 रुपए मिलते थे। गेंदबाजी के लिए अच्छे जूते तक नहीं थे साकिब सदर प्रखंड के दरगाह मोहल्ले में रहते हैं। उनके पिता अली अहमद हुसैन पेशे से मजदूर हैं। साकिब के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पास गेंदबाजी करने के लिए खास जूते तक नहीं थे। वह फटे जूतों से मैच खेलते थे। तब खेलने के लिए मां ने अपने गहने गिरवी रखे थे। शुरुआती दिनों में उनका सपना क्रिकेट नहीं, बल्कि आर्मी में जाने का था। शहर के मिंज स्टेडियम में वे दौड़ने जाते थे, जहां खिलाड़ियों को देखकर उनके भी मन में क्रिकेट खेलने की तमन्ना जागी। अंडर-19 में हाईएस्ट विकेट टेकर रहे इंटर तक पढ़ाई करने के बाद साकिब ने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में देवधारी गिरी टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका भी मिला। इसमें उनका बॉलिंग के लिए चयन हुआ। इसके बाद 2021 में पटना में होने वाले बिहार क्रिकेट लीग में शामिल हुए। फिर अंडर-19 खेलने चंडीगढ़ चले गए, जिसमें वह हाईएस्ट विकेट टेकर रहे। उनका मानना है कि चंडीगढ़ से ही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट शुरू हुआ, जिसने उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी बेंगलुरू तक पहुंचाया। इसके बाद मुस्ताक अली ट्रॉफी खेलने का मौका मिला। फिर उन्हें नेट बॉलिंग के लिए बुलाया गया था। धोनी ने की थी साकिब की तारीफ साकिब चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का मौका मिला। साकिब ने अपनी बॉलिंग को लेकर धोनी से राय ली। इस पर धोनी ने कहा, ‘अच्छा हो रहा है, तुम में अच्छा टैलेंट है। तुम ऐसे ही करते रहो। बस मेहनत करते रहो, सिलेक्शन तुम्हारे हाथ में नहीं है।’ साकिब धोनी को अपना आइडल भी मानते हैं। IPL डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया साकिब ने डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया। उन्होंने दूसरे ओवर की चौथी बॉल पर यशस्वी जयसवाल को आउट किया। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वां विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। साकिब ने मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी का श्रेय टीम के गेंदबाजी कोच वरुण एरोन को दिया है। मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में बात करते हुए साकिब ने कहा, “हर खिलाड़ी उम्मीद करता है कि उसका डेब्यू ऐसा रहे। मुझे सच में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। हमारे गेंदबाजी कोच ने एक दिन पहले बताया था कि मैं मैच खेल रहा हूं। उसके बाद से मेरा पूरा ध्यान मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर था। मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा।”
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नशेड़ी का तांडव:वार्डों में लोटता रहा युवक, प्रबंधन संभालने में हुआ परेशान

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नशे की हालत में युवक ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। युवक बेसुध हालत में अलग-अलग वार्डों में लोटता रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक लंबे समय तक अस्पताल परिसर में पड़ा रहा, लेकिन सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने देखते रहे। इस दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। हालांकि, बाद में अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने के बाद युवक को वहां से हटाया गया। घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और जिम्मेदारों की निष्क्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्टाफ को भेजकर युवक को हटाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए गार्डों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की सुरक्षा अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता है।








