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टीकमगढ़ में संत सेन महाराज की 726वीं जयंती:प्रतिमा स्थल पर पूजा, समाज को व्यसन मुक्त रखने पर जोर

टीकमगढ़ में संत सेन महाराज की 726वीं जयंती:प्रतिमा स्थल पर पूजा, समाज को व्यसन मुक्त रखने पर जोर

टीकमगढ़ में मंगलवार को राष्ट्रीय सर्व सेन समाज संगठन ने संत शिरोमणि श्री सेन महाराज की 726वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर सिविल लाइन रोड स्थित सेन महाराज की प्रतिमा स्थल पर पूजा-अर्चना की गई। यह कार्यक्रम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। जयंती समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी गिरी और युवा प्रदेश महामंत्री राहुल तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक कन्हैयालाल मुखिया ने की। रमेश कुमार ने सेन महाराज का अभिषेक, पूजा-अर्चना और कन्या पूजन करवाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित सभी अतिथियों ने संत सेन महाराज के जीवन चरित्र पर अपने विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन ने समाज को एकजुट रहने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर देवेंद्र सेन, धनीराम सेन, राहुल बंटी वर्मा, छोटे लाल अंतौरा, रामनारायण सेन, गणेश सेन, मुन्ना लाल सेन, रामरतन सेन, चंद्रभान सेन, सूदन लाल, रामबगस सेन, वीरन मुखिया, कमलेश सेन सहित सेन समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। साकिब को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपए में खरीदा था। मुकाबले के एक दिन पहले मैच खेलने की जानकारी दी गई थी। छोटे से गांव से निकले साकिब आर्मी में जाना चाहते थे। खेलने के लिए उनकी मां ने अपने गहनें गिरवी रखे थे और जूते दिलाए थे। जसप्रीत बुमराह को अपना आइडल मानते हैं साकिब 21 साल के साकिब दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह चेन्नई सुपर किंग में नेट बॉलर के रूप में चयनित हुए थे। 2024-2025 सीजन के लिए हुई नीलामी का भी हिस्सा रह चुके हैं। 2024 में साकिब हुसैन को IPL टीम KKR ने 20 लाख रुपए में खरीदा था। जसप्रीत बुमराह को साकिब अपना आइडल मानते हैं। साकिब को कई बार घर चलाने के लिए टेनिस बॉल से मैच खेलना पड़ता था। टेनिस बॉल के एक मैच के बदले में 500-700 रुपए मिलते थे। गेंदबाजी के लिए अच्छे जूते तक नहीं थे साकिब सदर प्रखंड के दरगाह मोहल्ले में रहते हैं। उनके पिता अली अहमद हुसैन पेशे से मजदूर हैं। साकिब के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पास गेंदबाजी करने के लिए खास जूते तक नहीं थे। वह फटे जूतों से मैच खेलते थे। तब खेलने के लिए मां ने अपने गहने गिरवी रखे थे। शुरुआती दिनों में उनका सपना क्रिकेट नहीं, बल्कि आर्मी में जाने का था। शहर के मिंज स्टेडियम में वे दौड़ने जाते थे, जहां खिलाड़ियों को देखकर उनके भी मन में क्रिकेट खेलने की तमन्ना जागी। अंडर-19 में हाईएस्ट विकेट टेकर रहे इंटर तक पढ़ाई करने के बाद साकिब ने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में देवधारी गिरी टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका भी मिला। इसमें उनका बॉलिंग के लिए चयन हुआ। इसके बाद 2021 में पटना में होने वाले बिहार क्रिकेट लीग में शामिल हुए। फिर अंडर-19 खेलने चंडीगढ़ चले गए, जिसमें वह हाईएस्ट विकेट टेकर रहे। उनका मानना है कि चंडीगढ़ से ही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट शुरू हुआ, जिसने उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी बेंगलुरू तक पहुंचाया। इसके बाद मुस्ताक अली ट्रॉफी खेलने का मौका मिला। फिर उन्हें नेट बॉलिंग के लिए बुलाया गया था। धोनी ने की थी साकिब की तारीफ साकिब चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का मौका मिला। साकिब ने अपनी बॉलिंग को लेकर धोनी से राय ली। इस पर धोनी ने कहा, ‘अच्छा हो रहा है, तुम में अच्छा टैलेंट है। तुम ऐसे ही करते रहो। बस मेहनत करते रहो, सिलेक्शन तुम्हारे हाथ में नहीं है।’ साकिब धोनी को अपना आइडल भी मानते हैं। IPL डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया साकिब ने डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया। उन्होंने दूसरे ओवर की चौथी बॉल पर यशस्वी जयसवाल को आउट किया। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वां विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। साकिब ने मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी का श्रेय टीम के गेंदबाजी कोच वरुण एरोन को दिया है। मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में बात करते हुए साकिब ने कहा, “हर खिलाड़ी उम्मीद करता है कि उसका डेब्यू ऐसा रहे। मुझे सच में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। हमारे गेंदबाजी कोच ने एक दिन पहले बताया था कि मैं मैच खेल रहा हूं। उसके बाद से मेरा पूरा ध्यान मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर था। मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा।”

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। साकिब को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपए में खरीदा था। मुकाबले के एक दिन पहले मैच खेलने की जानकारी दी गई थी। छोटे से गांव से निकले साकिब आर्मी में जाना चाहते थे। खेलने के लिए उनकी मां ने अपने गहनें गिरवी रखे थे और जूते दिलाए थे। जसप्रीत बुमराह को अपना आइडल मानते हैं साकिब 21 साल के साकिब दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह चेन्नई सुपर किंग में नेट बॉलर के रूप में चयनित हुए थे। 2024-2025 सीजन के लिए हुई नीलामी का भी हिस्सा रह चुके हैं। 2024 में साकिब हुसैन को IPL टीम KKR ने 20 लाख रुपए में खरीदा था। जसप्रीत बुमराह को साकिब अपना आइडल मानते हैं। साकिब को कई बार घर चलाने के लिए टेनिस बॉल से मैच खेलना पड़ता था। टेनिस बॉल के एक मैच के बदले में 500-700 रुपए मिलते थे। गेंदबाजी के लिए अच्छे जूते तक नहीं थे साकिब सदर प्रखंड के दरगाह मोहल्ले में रहते हैं। उनके पिता अली अहमद हुसैन पेशे से मजदूर हैं। साकिब के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पास गेंदबाजी करने के लिए खास जूते तक नहीं थे। वह फटे जूतों से मैच खेलते थे। तब खेलने के लिए मां ने अपने गहने गिरवी रखे थे। शुरुआती दिनों में उनका सपना क्रिकेट नहीं, बल्कि आर्मी में जाने का था। शहर के मिंज स्टेडियम में वे दौड़ने जाते थे, जहां खिलाड़ियों को देखकर उनके भी मन में क्रिकेट खेलने की तमन्ना जागी। अंडर-19 में हाईएस्ट विकेट टेकर रहे इंटर तक पढ़ाई करने के बाद साकिब ने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में देवधारी गिरी टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका भी मिला। इसमें उनका बॉलिंग के लिए चयन हुआ। इसके बाद 2021 में पटना में होने वाले बिहार क्रिकेट लीग में शामिल हुए। फिर अंडर-19 खेलने चंडीगढ़ चले गए, जिसमें वह हाईएस्ट विकेट टेकर रहे। उनका मानना है कि चंडीगढ़ से ही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट शुरू हुआ, जिसने उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी बेंगलुरू तक पहुंचाया। इसके बाद मुस्ताक अली ट्रॉफी खेलने का मौका मिला। फिर उन्हें नेट बॉलिंग के लिए बुलाया गया था। धोनी ने की थी साकिब की तारीफ साकिब चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का मौका मिला। साकिब ने अपनी बॉलिंग को लेकर धोनी से राय ली। इस पर धोनी ने कहा, ‘अच्छा हो रहा है, तुम में अच्छा टैलेंट है। तुम ऐसे ही करते रहो। बस मेहनत करते रहो, सिलेक्शन तुम्हारे हाथ में नहीं है।’ साकिब धोनी को अपना आइडल भी मानते हैं। IPL डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया साकिब ने डेब्यू मैच में पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया। उन्होंने दूसरे ओवर की चौथी बॉल पर यशस्वी जयसवाल को आउट किया। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वां विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। साकिब ने मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी का श्रेय टीम के गेंदबाजी कोच वरुण एरोन को दिया है। मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में बात करते हुए साकिब ने कहा, “हर खिलाड़ी उम्मीद करता है कि उसका डेब्यू ऐसा रहे। मुझे सच में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। हमारे गेंदबाजी कोच ने एक दिन पहले बताया था कि मैं मैच खेल रहा हूं। उसके बाद से मेरा पूरा ध्यान मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर था। मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मैंने खुद को मानसिक तौर पर तैयार रखा।”

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नशेड़ी का तांडव:वार्डों में लोटता रहा युवक, प्रबंधन संभालने में हुआ परेशान

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नशेड़ी का तांडव:वार्डों में लोटता रहा युवक, प्रबंधन संभालने में हुआ परेशान

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नशे की हालत में युवक ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। युवक बेसुध हालत में अलग-अलग वार्डों में लोटता रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक लंबे समय तक अस्पताल परिसर में पड़ा रहा, लेकिन सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने देखते रहे। इस दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। हालांकि, बाद में अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने के बाद युवक को वहां से हटाया गया। घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और जिम्मेदारों की निष्क्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्टाफ को भेजकर युवक को हटाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए गार्डों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की सुरक्षा अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता है।

6 साल अलग-अलग शहरों में बंधक बनाकर दुष्कर्म:दतिया में शादी का झांसा देकर भगा ले गया था; हॉस्टल में भाई बनकर दाखिला दिलाया

6 साल अलग-अलग शहरों में बंधक बनाकर दुष्कर्म:दतिया में शादी का झांसा देकर भगा ले गया था; हॉस्टल में भाई बनकर दाखिला दिलाया

दतिया के बस स्टैंड से 3 फरवरी 2020 को 28 वर्षीय युवती का बोलेरो से जबरन अपहरण कर शादी का झांसा देते हुए अलग-अलग शहरों (झांसी, इलाहाबाद, ग्वालियर) में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। 6 साल बाद पीड़िता 11 अप्रैल को अपने घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने सोमवार रात पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पड़ोसी जितेन्द्र अहिरवार के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, बंधक बनाकर रखने, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पढ़ाई के लिए बस स्टैंड पहुंची थी, बोलेरो में जबरन बैठाया जानकारी के अनुसार, परासरी गांव निवासी 28 वर्षीय युवती ने बताया कि पड़ोस में रहने वाला युवक जितेन्द्र अहिरवार वर्ष 2017 से उससे बातचीत करता था। 3 फरवरी 2020 को जब वह पढ़ाई के सिलसिले में दतिया बस स्टैंड पहुंची, तभी आरोपी उसे जबरन एक बोलेरो में बैठाकर झांसी ले गया। वहां एक होटल में रखकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इलाहाबाद और झांसी में कमरे में रखा बंधक पीड़िता ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे इलाहाबाद ले गया, जहां करीब 5 महीने तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान वह बाहर नहीं जाने देता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। बाद में उसने झांसी में भी कई महीनों तक किराए के कमरे में बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने उसे मोबाइल भी नहीं दिया और बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देता था। ग्वालियर के हॉस्टल में भाई बनकर कराया दाखिल कुछ समय बाद आरोपी उसे ग्वालियर के एक हॉस्टल में छोड़ गया, जहां उसने खुद को युवती का भाई बताकर दाखिल कराया। यहां भी वह समय-समय पर आकर धमकाता और दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता के मुताबिक, बार-बार कहने के बावजूद आरोपी ने उससे शादी नहीं की। हाल ही में जब युवती को पता चला कि परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है, तो वह 11 अप्रैल को घर लौटी और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार के साथ थाने पहुंचकर सोमवार रात को शिकायत दर्ज कराई गई।

TET परीक्षा के लिए नए सिरे से आदेश जारी होंगे:किन शिक्षकों को परीक्षा देना जरूरी यह तय करेगा विभाग; सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर भी मंथन

TET परीक्षा के लिए नए सिरे से आदेश जारी होंगे:किन शिक्षकों को परीक्षा देना जरूरी यह तय करेगा विभाग; सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर भी मंथन

मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नया आदेश जारी करेगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए। आयुक्त ने कहा कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा। शासकीय अधिवक्ता से अभिमत की प्रक्रिया जारी विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। सोमवार को लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए। वेतनवृद्धि और समयमान के मामलों में शीघ्र आदेश बैठक में तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है, उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर आदेश जारी किए जाएंगे। यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण व सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीपीआई स्तर पर परामर्श बैठक आयोजित होगी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्शदात्री बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को निर्देश दिया था कि अब टीच‍िंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी TET पास करना जरूरी होगा। जस्टिस दीपांकर दत्‍ता और जस्टिस ऑगस्‍टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) क्वालिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। क्‍या है TET एग्‍जाम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। यह परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य की गई थी। जानिए पूरा मामला RTE एक्‍ट, 2009 की धारा 23(1) के अनुसार, शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता NCTE द्वारा निर्धारित की जाएगी। NCTE ने 23 अगस्त 2010 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए TET पास करना अनिवार्य किया गया था। NCTE ने शिक्षक पदों पर नियुक्‍त उम्‍मीदवारों को TET क्‍वालिफाई करने के लिए 5 साल का समय दिया, जिसे आगे चलकर 4 साल और बढ़ाया भी गया। NCTE के नोटिस के खिलाफ उम्‍मीदवारों ने कोर्ट का रुख किया। मद्रास HC बेंच ने जून 2025 में कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति 29 जुलाई 2011 से पहले हुई थी, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए TET पास करने की बाध्यता नहीं है, लेकिन पदोन्नति के लिए TET पास करना अनिवार्य रहेगा। इसी फैसले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सर्विस में बने रहने और प्रमोशन दोनों के लिए TET क्‍वालिफाई करना अनिवार्य कर दिया है।

रोटी और चावल को पचने में कितना वक्त लगता है? किस चीज को पचाना आसान, डाइटिशियन से जानिए

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Last Updated:April 14, 2026, 10:06 IST Roti vs Rice Digestion Time: रोटी और चावल दोनों भारतीय थाली के जरूरी फूड्स हैं. रोटी को थोड़ा भारी खाना माना जाता है, जबकि चावल हल्का फूड माने जाते हैं. डाइटिशियन रंजना सिंह के मुताबिक चावल रोटी की तुलना में जल्दी पच जाते हैं. रोटी में फाइबर ज्यादा होता है, जिसकी वजह से यह धीरे-धीरे पचती है और लंबे समय तक एनर्जी देती है. रोटी को पचने में ज्यादा वक्त लगता है, जबकि चावल जल्दी पच जाते हैं. Roti and Rice Digestion Facts: रोटी और चावल दोनों हमारी डाइट का अहम हिस्सा होते हैं. कई लोग रोटी खाना ज्यादा पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोगों को चावल खाना अच्छा लगता है. कुछ लोग रोटी को हेल्दी मानते हैं, तो कुछ चावल को हल्का और जल्दी पचने वाला समझते हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों में से कौन सा खाना जल्दी पचता है और किसे पचाने में ज्यादा समय लगता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह बात सही है कि चावल को पचने में कम वक्त लगता है, लेकिन रोटी का सेवन करना भी जरूरी होता है. अगर आप दोनों को संतुलित मात्रा में खाएंगे, तो शरीर को ज्यादा फायदा मिलेगा. यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि चावल को पचने में आमतौर पर 1 से 2 घंटे का समय लगता है. खासकर सफेद चावल जल्दी पच जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर कम होता है. चावल शरीर में जाकर जल्दी ग्लूकोज में बदल जाता है. यही वजह है कि बीमार या कमजोर लोगों को अक्सर चावल खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह पेट को हल्का रखता है और जल्दी एनर्जी देता है. ब्राउन राइस में सफेद चावल की तुलना में ज्यादा फाइबर होता है और इसे पचने में ज्यादा समय लगता है. फिर भी रोटी के मुकाबले चावल जल्दी पच जाते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि गेहूं की रोटी को पचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. इसमें फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिससे इसे पूरी तरह पचने में लगभग 3 से 4 घंटे लग सकते हैं. यह धीरे-धीरे एनर्जी देता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. जो लोग वजन कंट्रोल करना चाहते हैं या लंबे समय तक एनर्जी चाहते हैं, उनके लिए रोटी एक बेहतर विकल्प हो सकती है. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मल्टीग्रेन या बाजरे की रोटी गेहूं की रोटी से अलग तरह से पचती है और गेहूं से ज्यादा पौष्टिक होती है. ऐसे में रोटी किस अनाज से बनी है, उसका भी पाचन के समय पर असर पड़ता है. एक्सपर्ट का कहना है कि पाचन सिर्फ भोजन पर नहीं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है. अगर आप धीरे-धीरे खाना खाते हैं, अच्छी तरह चबाते हैं और संतुलित मात्रा में खाना खाते हैं, तो पाचन बेहतर होता है. वहीं ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से पाचन धीमा हो सकता है, चाहे वह रोटी हो या चावल. जो लोग फिजिकली एक्टिव रहते हैं, उनका खाना जल्दी पच जाता है, जबकि एक जगह बैठकर घंटों काम करने वालों का पाचन स्लो हो सकता है. ऐसे में रोटी और चावल दोनों का संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर है. अपनी जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 10:06 IST

वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में जंगल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। सोमवार को भिलाईखेड़ा बीट के आमाखुजरी टांडा में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर हल चलाकर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की तो आरोपियों ने एकजुट होकर वन अमले के साथ झूमाझपटी की और चौकीदार से मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हैं। वनपाल अंतरसिंह बघेल (44), निवासी गुड़ी वन परिक्षेत्र की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस ने रमेश, इंदर सिंह, सुरसिंह, भुवानसिंह, बुचा, गंगाराम, गणपत, सूरज, रामसिंह की पत्नी, गोरेलाल की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 189(2), 132, 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चौकीदार पर हमला, कपड़े फाड़े कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने चौकीदार रामदास को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, गला दबाया और नाखूनों से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही दोबारा कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने किया हंगामा, बनाया दबाव वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए, ताकि वन अमले पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का वीडियो वन कर्मचारियों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बाहरी जिलों से पहुंचे अतिक्रमणकारी वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमणकारी बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जिलों से आकर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। अतिक्रमण में मुआसिंह और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है। विभाग के मुताबिक, इनके पट्टे करीब दो महीने पहले निरस्त कर दिए गए थे और बेदखली के आदेश भी जारी हो चुके हैं। मुआसिंह पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिलाबदर की कार्रवाई भी लंबित है। पेड़ काटे, दोबारा कब्जा करने की कोशिश अतिक्रमणकारियों ने करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बबूल के पेड़ काट दिए, जहां पहले बीजारोपण किया गया था। वहीं आमाखुजरी क्षेत्र की करीब 250 हेक्टेयर वनभूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर पर दोबारा अवैध कब्जा कर बोवनी की तैयारी की जा रही है।

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। दोनों सिंगर्स के भाई और म्यूजिक डायरेक्टर हृदयनाथ मंगेशकर ने सोमवार को यह जानकारी दी। हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका जन्म पुणे में हुआ और उनकी मां और लता मंगेशकर ने इसी शहर में गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले परिवार और डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस समय यह पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने निर्णय लिया कि अस्पताल लता मंगेशकर के नाम पर बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। 16 तारीख के दिन इसके मुहूर्त की योजना थी, लेकिन इसी बीच अचानक आशा भोसले का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार ने तय किया है कि अस्पताल लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के नाम पर बनाया जाएगा। हम इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को सिंगर आशा भोसले का राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की 6 तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

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सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। दोनों सिंगर्स के भाई और म्यूजिक डायरेक्टर हृदयनाथ मंगेशकर ने सोमवार को यह जानकारी दी। हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुणे में उनकी मां और लता मंगेशकर ने गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले परिवार और डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस समय यह पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने फैसला लिया था कि अस्पताल लता मंगेशकर के नाम पर बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। 16 तारीख के दिन इसके मुहूर्त की योजना थी, लेकिन इसी बीच अचानक आशा भोसले का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार ने तय किया है कि अस्पताल लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के नाम पर बनाया जाएगा। वो इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-