खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में जंगल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। सोमवार को भिलाईखेड़ा बीट के आमाखुजरी टांडा में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर हल चलाकर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की तो आरोपियों ने एकजुट होकर वन अमले के साथ झूमाझपटी की और चौकीदार से मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हैं। वनपाल अंतरसिंह बघेल (44), निवासी गुड़ी वन परिक्षेत्र की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस ने रमेश, इंदर सिंह, सुरसिंह, भुवानसिंह, बुचा, गंगाराम, गणपत, सूरज, रामसिंह की पत्नी, गोरेलाल की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 189(2), 132, 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चौकीदार पर हमला, कपड़े फाड़े कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने चौकीदार रामदास को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, गला दबाया और नाखूनों से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही दोबारा कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने किया हंगामा, बनाया दबाव वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए, ताकि वन अमले पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का वीडियो वन कर्मचारियों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बाहरी जिलों से पहुंचे अतिक्रमणकारी वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमणकारी बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जिलों से आकर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। अतिक्रमण में मुआसिंह और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है। विभाग के मुताबिक, इनके पट्टे करीब दो महीने पहले निरस्त कर दिए गए थे और बेदखली के आदेश भी जारी हो चुके हैं। मुआसिंह पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिलाबदर की कार्रवाई भी लंबित है। पेड़ काटे, दोबारा कब्जा करने की कोशिश अतिक्रमणकारियों ने करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बबूल के पेड़ काट दिए, जहां पहले बीजारोपण किया गया था। वहीं आमाखुजरी क्षेत्र की करीब 250 हेक्टेयर वनभूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर पर दोबारा अवैध कब्जा कर बोवनी की तैयारी की जा रही है।














































