हिमाचल में किसान ने 500 लीटर दूध बहाया:2 दिन से नहीं खरीद रहा मिल्कफेड; 50 हजार का नुकसान, बोला- कर्ज नहीं चुका पाऊंगा

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक पशुपालक ने करीब 500 लीटर दूध सरकारी उपक्रम मिल्कफेड के चक्कर प्लांट के बाहर बहा दिया। बल्ह क्षेत्र के किसान रवि सैनी का आरोप है कि दो दिन से मिल्कफेड द्वारा दूध नहीं लिया जा रहा है। इससे उसे 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। मजबूरी में उसने दूध सड़कों पर बहाया है। रवि सैनी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर खुद सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह वीडियो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की आर्थिकी में सुधार करने के दावों की पोल खोल रहा है। रोजाना लगभग 500 लीटर दूध की होती है आपूर्ति वीडियो में रवि सैनी बता रहे हैं कि वह रोजाना लगभग 500 लीटर दूध की आपूर्ति करता है और उसकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है। दो दिनों से दूध की खरीद न होने से न केवल उसे आर्थिक झटका लगा है, बल्कि उसकी रोजमर्रा की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। डेयरी फार्मिंग को ले रखा एक करोड़ का लोन: रवि रवि सैनी ने बताया- 4 साल से डेयरी फार्मिंग कर रहे हैं और उनके पास 30 गाय हैं। उन्होंने एक करोड़ का कर्ज लेकर स्वरोजगार शुरू किया है और हर माह लाखों रुपए बैंक में किस्त के रूप में जमा करने पड़ते हैं। अगर इसी तरह मनमाने कट लगते रहे तो बैंक का कर्ज तक नहीं चुका पाऊंगा। मिल्कफेड के माध्यम से दूध खरीदती है सरकार बता दें कि, हिमाचल सरकारी उपक्रम मिल्कफेड के माध्यम से किसानों से दूध की खरीद करती है। गाय का दूध 51 रुपए और भैंस का 61 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इस बार के बजट में 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी की घोषणा सीएम सुक्खू ने इस बार के बजट में गाय व भैंस के दूध में 10-10 रुपए बढ़ोतरी की घोषणा कर रखी है। लिहाजा किसान ने सीएम की हालिया घोषणा पर भी सवाल उठाए। किसान का कहना है कि यदि प्लांट स्तर पर ही दूध की खरीद नहीं हो रही है, तो बढ़े हुए दाम का लाभ किसानों तक कैसे पहुंचेगा। प्लांट प्रभारी ने किसान पर ठीकरा फोड़ा जब इस बारे में चक्कर मिल्कफेड प्लांट प्रभारी विश्वकांत शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्लांट की क्षमता 1 लाख लीटर की ही है। इससे अधिक दूध को प्लांट में स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है। इस स्थिति को देखते हुए पशुपालकों से एरिया वाइज दूध लिया जा रहा है। एक सप्ताह पहले पशुपालकों के साथ हुई थी बैठक इस बारे में पशुपालकों को कुछ दिन पूर्व दिशा-निर्देश भी दिए गए थे। संबंधित पशुपालक की इस हरकत की निंदा करते हुए उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में भी कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लोगों को भड़का रहे हैं। जब एक सप्ताह पहले सभी पशुपालकों के साथ बैठक भी हुई थी, उसमें सभी को बता दिया गया था। किसान के दूध बहाने की PHOTOS..
सिवनी में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:एक महिला गंभीर घायल, हाथ-पैर और सिर में आई चोट

सिवनी जिले के आदेगांव थाना क्षेत्र में रविवार रात हिनोतिया रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना रात में हुई। एक बाइक सवार जोबा से हिनोतिया की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा बाइक सवार हिनोतिया से लखनादौन की तरफ आ रहा था। दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के कारण बाइक पर सवार मीना यादव (लगभग 50 वर्ष) सड़क पर गिर गईं। उन्हें हाथ, पैर, सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। घायल जबलपुर रेफर मीना यादव को सिविल अस्पताल लखनादौन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उनका उपचार जारी है। दुर्घटना की सूचना मिलने पर आदेगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के.पी. धुर्वे ने बताया कि उन्हें सड़क हादसे की जानकारी मिली थी, जिसमें एक महिला के घायल होने की पुष्टि हुई है।
सीधी में विद्युत पोल में आग, ग्रामीणों ने बुझाई:फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, गुलाब टावर के पास बड़ा हादसा टला

सीधी शहर के गुलाब टावर के पास रविवार देर रात करीब 12 बजे एक विद्युत पोल में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के घरों और दुकानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पोल की तारें और पूरा पोल जलकर खाक हो गया। पास में स्थित तीन मंजिला गुलाब टावर, जिसमें कपड़ों का बड़ा स्टॉक रखा था, भी आग की चपेट में आने के कगार पर था। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लाखों का नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और नगर पालिका प्रशासन को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई भी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, एक युवक ने सीढ़ी के सहारे पोल के पास पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। युवक की बहादुरी और ग्रामीणों के सहयोग से आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और गुलाब टावर सहित आसपास की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले पर नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली थी, संभवतः सूचना किसी अन्य अधिकारी तक पहुंची होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय निवासी रामभद्र सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन बिजली विभाग, नगर पालिका और फायर ब्रिगेड की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
अशोकनगर में शिक्षकों का मशाल जुलूस:टीईटी परीक्षा रद्द करने की मांग; 18 अप्रैल को भोपाल में करेंगे सीएम हाउस का घेराव

अशोकनगर शहर में टीईटी (TET) परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर सोमवार रात शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर महिला-पुरुष शिक्षकों ने गांधी पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वर्तमान में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि वे 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित ‘भरो आंदोलन’ के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गांधी पार्क से शुरू होकर वापस वहीं हुआ समाप्त अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार रात महिला और पुरुष शिक्षकों ने शहर में विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस गांधी पार्क से शुरू होकर स्टेशन रोड और तुलसी पार्क होते हुए वापस गांधी पार्क पर ही समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने हाथों में जलती मशालें लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रमुखता से टीईटी परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष बोले- टीईटी शिक्षकों के खिलाफ ‘काला कानून’ है राज्य अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शिवहरे ने इस प्रदर्शन को शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि, “टीईटी शिक्षकों के हितों के खिलाफ ‘काला कानून’ है और इसे हर हाल में समाप्त कराया जाएगा।” वहीं, कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और निर्णय आने तक टीईटी परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की है। 29 मार्च को बना था मोर्चा, 70 हजार शिक्षक प्रभावित आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भीमसिंह यादव ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेशव्यापी है। टीईटी से प्रदेश के लगभग 70 हजार और देशभर के करीब 25 लाख शिक्षक प्रभावित हैं, जिससे व्यापक असंतोष फैल रहा है। 18 अप्रैल को लाखों शिक्षक भोपाल पहुंचकर ‘भरो आंदोलन’ के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गौरतलब है कि यह आंदोलन 29 मार्च को भोपाल में 12 शिक्षक संगठनों द्वारा संयुक्त मोर्चा बनाकर शुरू किया गया था। सोमवार के कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
नशे में धुत चालक ने बाइक को मारी टक्कर:सतना में भागते हुए नाली में जा फंसी कार; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर नईबस्ती में रविवार देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार कार चालक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी और भागने के प्रयास में नियंत्रण खोकर वाहन को नाली में घुसा दिया। हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। वर्तमान में स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है और कार (CG 10 BS 5776) जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। राहगीरों को टक्कर मारने की कोशिश, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार (क्रमांक CG 10 BS 5776) का चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। उसने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और वहां से भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने कई राहगीरों को भी टक्कर मारने की कोशिश की। इसी भागदौड़ में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार सड़क किनारे बनी नाली में जा घुसी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं और कई राहगीर बाल-बाल बच गए। लोगों ने पकड़कर पुलिस को दी सूचना, वाहन जब्त घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर ही नशे में धुत चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। लोगों ने आरोप लगाया है कि चालक पूरी तरह नशे में था और उसकी लापरवाही से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में भीषण आग:50 लाख से ज्यादा का नुकसान, 28 लाख नगद बचाए

छिंदवाड़ा के सोनपुर रोड स्थित एक डिस्पोजल फैक्ट्री में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई। देर रात लगी आग पर सुबह तक काबू नहीं पाया जा सका था। आग बुझाने के लिए दमकल की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रहीं। इसके अलावा नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए थे, लेकिन फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखे पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई। फैक्ट्री मालिक और परिवार भी झुलसे यह फैक्ट्री दीपक साहू (30) पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। आग लगने के समय फैक्ट्री परिसर में बने घर में उनका परिवार मौजूद था। आग की चपेट में आने से एक बुजुर्ग झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, वहीं डॉक्टर मनन गोगिया ने मौके पर पहुंचकर दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। फैक्ट्री को जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोग उन्हें संभालते नजर आए। फैक्ट्री परिसर में सिलेंडर और जनरेटर के लिए डीजल भी रखा हुआ था। आग लगते ही स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए इन्हें बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 28 लाख रुपए नगद बचाए आग तेजी से फैलने के दौरान घर में रखी 28 लाख रुपए की नगद राशि को परिजनों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि घर का अन्य सामान आग की चपेट में आ गया। खेतों तक पहुंची आग फैक्ट्री के पास स्थित खेतों में भी आग की चिंगारी गिरने से फसल जल गई। आग फैलने के दौरान लोग पहले अपनी जान बचाने में लगे रहे, इसके बाद आग बुझाने में जुट गए। प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया सहित कई समाजसेवी भी मौके पर पहुंचकर मदद में जुटे रहे। आग लगने का कारण अज्ञात फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इस भीषण आगजनी में करीब 50 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
सोमवार को महाकल के भस्म आरती दर्शन:पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में सजे बाबा, डमरू-झांझ गूंजे

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का हरीओम जल से अभिषेक करने के पश्चात दूध,दही,घी,शक़्कर शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र त्रिशूल त्रिपुण्ड ड्रायफ्रूट से राजा स्वरूप शृंगार किया गया। नंदी हाल में नंदी जी का स्नान,ध्यान, पूजन किया गया। शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की भगवान महाकाल ने। फल और मिष्ठान का भोग लगाया। झांझ मंजीरे डमरू के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती की गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।
हापुड़ में ट्रक-बस की टक्कर, 6 बारातियों की मौत:टकराने के बाद बस पर गिरा, लोग अंदर दबे, गाड़ी काटकर निकाले गए

यूपी के हापुड़ में रविवार देर रात 1.30 बजे बारातियों से भरी बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में 5 बारातियों समेत 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 गंभीर घायल हो गए। बारात गाजियाबाद के डासना से बुलंदशहर के गुलावठी गई थी। पुलिस के मुताबिक, बस में 20 से 25 बाराती सवार थे। वापस लौटते वक्त ग्रामीण इलाके में खड़ी थी। 10-12 लोग नीचे उतरकर कुछ दूरी पर चाय-नाश्ता कर रहे थे। रास्ता काफी सकरा था। इस दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। बस तुरंत ही पलट गई। ट्रक भी बेकाबू होकर बस के ऊपर जा गिरा। बस के परखच्चे उड़ गए। बाराती अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार मच गई। बाहर टहल रहे बारातियों ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू चलाया। बस के शीशे तोड़कर कुछ लोगों को बाहर निकाला। कुछ लोगों को कटर की मदद से बस की बॉडी काटकर निकालना पड़ा। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा। हादसा जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर थाना क्षेत्र धौलाना में धौलाना-गुलावठी रोड पर हुआ। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया- शादी समारोह से लौट रही यात्रियों से भरी एक बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा तेज रफ्तार और अंधेरे की वजह से हुआ। पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव काम शुरू किया। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हादसे की तस्वीरें देखिए… खड़ी बस को मारी टक्कर, मरने वाले सभी रिश्तेदार प्रत्यक्षदर्शी चांद कुरैशी ने बताया- मैं भी बारात के साथ था। दूसरी कार से लौट रहा था। बाकी बारातियों की बस रास्ते में खड़ी थी। करीब 20-25 बाराती अंदर थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रक बस पर ही पलट गया। मरने वालों में सभी मेरे रिश्तेदार थे। सभी हताहत गाजियाबाद में डासना के रहने वाले पुलिस ने बताया- मृतकों की पहचान यूनुस (50) पुत्र कदीर, युसूफ (55) पुत्र बशीर, अख्तर (40) पुत्र हामिद, सोनू (25) पुत्र जहीर, मुन्ना (60) पुत्र मेहरबान और खेड़ा निवासी ट्रक चालक शामिल है। हादसे में नदीम (32) पुत्र इलियास, नईम (23) पुत्र यासीन, जुनेद (24) पुत्र शाहिद, अय्युब (45) पुत्र साहबुद्दीन, सिराजुद्दीन (35) पुत्र ननवा, हसरत (45) पुत्र अशफाक, हबीब (45) पुत्र समसु घायल हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उनका पिलखुवा स्थित रामा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से इलाज चल रहा है। सभी घायलों और मृतकों गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के हैं। गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया थाना प्रभारी धौलाना अवनीश शर्मा ने बताया- घायलों को पहले धौलाना सीएचसी ले जाया गया। वहां से कुछ को रामा मेडिकल कॉलेज और बाकी को जीएस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। खबर अपडेट की जा रही है… ———————- ये खबर भी पढ़िए- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर ऊपर गाड़ियां चलेंगी, नीचे जानवर निकलेंगे:135KM यूपी से गुजरेगा, 6 घंटे का सफर 3 घंटे में पूरा होगा पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्धाटन करेंगे। इसकी सबसे खास बात यह है कि शुरुआत के 18 किलोमीटर तक कोई टोल नहीं देना होगा। 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का करीब 135 किलोमीटर (64%) हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इसी वजह से ये जितना फायदेमंद उत्तराखंड के लिए है, उतना ही यूपी के लिए भी है। पूरी खबर पढ़िए
बेकार समझे जाने वाला पौधा भी है गुणों से भरपूर, जानें पानी में उगने वाले जलकुंभी के फायदे

X बेकार समझे जाने वाला पौधा भी है गुणों से भरपूर, जानें जलकुंभी के फायदे Watercress Health benefits: जलकुंभी को अक्सर बेकार पौधा समझकर हटा दिया जाता है. लेकिन इसमें कई उपयोगी गुण भी पाए जाते है. आयुष चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार यह पौधा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और शरीर से कुछ विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायक हो सकता है. यह पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों को सोखकर उसे साफ करने में भी मदद करता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसके पत्तों का लेप फोड़े-फुंसी, सूजन और जोड़ों के दर्द में लगाया जाता है. कुछ लोग इसे उबालकर सब्जी या सूप के रूप में भी उपयोग करते है. हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते है कि प्रदूषित पानी में उगी जलकुंभी नुकसानदायक हो सकती है. इसलिए इसका सेवन सावधानी और सलाह के साथ ही करना चाहिए.
शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

18 अप्रैल को प्रस्तावित शिक्षकों की “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” से पहले प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और गरमा गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में लगी पुनर्विचार याचिका के फैसले का इंतजार कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा। किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से इस फैसले में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक दिन धरना दें या 100 दिन तक आंदोलन करें, इससे कुछ नहीं होने वाला। अगर उन्हें राहत चाहिए तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अवमानना (कंटेम्प्ट) में नहीं फंसना चाहती। सिंह ने यह भी कहा कि विधि विभाग से परामर्श लिया जा चुका है और सरकार अपनी सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा धरना-प्रदर्शन में खर्च करने के बजाय पुनर्विचार याचिका के माध्यम से न्यायालय में प्रयास करें। वहीं दूसरी ओर, शाजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बयान अपेक्षाकृत अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पात्रता परीक्षा को लेकर स्थिति क्लियर करने की जरूरत है। इसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश के सभी शिक्षक प्रभावित नहीं हैं, बल्कि केवल 2005 के पहले नियुक्त लगभग 70 हजार शिक्षक ही इसके दायरे में आते हैं। इसमें जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक भी शामिल हैं। परमार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा (टेट) को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों ने यह परीक्षा दी है, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के केस के आधार पर बना है। पश्चिम बंगाल के लोग सुप्रीम कोर्ट गए हैं उस पर पुनर्विचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।








