शरीर के लिए पावर बूस्टर से कम नहीं इस जानवर का दूध, गाय-भैंस से भी ज्यादा असरदार! कई बीमारियों में फायदेमंद

Last Updated:April 10, 2026, 18:50 IST Health News: फरीदाबाद के गांवों में बकरी का दूध बना सेहत और रोजगार का मजबूत सहारा. आयुर्वेद में सबसे गुणकारी माना जाने वाला यह दूध इम्युनिटी बढ़ाने पाचन सुधारने और बीमारियों में फायदेमंद है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इसके क्या-क्या फायदे हैं. फरीदाबाद: फरीदाबाद के गांवों में सुबह की शुरुआत अब सिर्फ खेतों से नहीं, बल्कि बकरियों की मिमियाहट और उनके दूध की बढ़ती मांग से भी होने लगी है. अरावली से सटे कोट गांव से लेकर आसपास के कई गांवों तक बकरी का दूध आज लोगों की सेहत और किसानों की आमदनी दोनों का सहारा बन चुका है. खास बात यह है कि बीमारियों के समय इस दूध की डिमांड अचानक बढ़ जाती है और लोग इसे किसी अमृत से कम नहीं मानते हैं. Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में दूध के आठ प्रकार बताए गए हैं, जिनमें बकरी का दूध सबसे गुणकारी माना जाता है. यह स्वाद में मधुर और पचने में बेहद हल्का होता है. यही वजह है कि राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे दूरदराज इलाकों में भी इसका खूब सेवन किया जाता है. त्वचा के लिए बेहद फायदेमंदडॉ. चेतन शर्मा ने बताया कि बकरी के दूध में विटामिन A प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. साथ ही यह शरीर को ताकत देता है और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. पुराने समय से ही इसे गंभीर बीमारियों, खासकर ट्यूमर जैसी स्थितियों में भी दिया जाता रहा है. जिन बच्चों को किसी कारणवश मां का दूध नहीं मिल पाता है, उनके लिए भी बकरी का दूध एक अच्छा विकल्प माना जाता है. क्या है बकरी के दूध के फायदे?डॉ. चेतन शर्मा ने यह दूध इतना हल्का होता है कि कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों को भी आसानी से पच जाता है और तुरंत फायदा देता है. न्यूट्रिशन के मामले में भी यह गाय और भैंस के दूध से कहीं ज्यादा असरदार माना जाता है. डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं. ऐसे में बकरी का दूध काफी फायदेमंद साबित होता है. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि नियमित सेवन से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है, चाहे इसे सीधे पिया जाए या चाय के रूप में लिया जाए, यह हर तरह से शरीर के लिए लाभकारी है. फरीदाबाद के गांवों में बकरी पालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत रोजगार बन चुका है. कई परिवार सिर्फ बकरियों के सहारे अपना घर चला रहे हैं और उनके लिए यह दूध न सिर्फ कमाई का जरिया है, बल्कि लोगों की सेहत से जुड़ा एक भरोसा भी बन गया है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 10, 2026, 18:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है। 18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे। इन जेट्स को स्वदेशी मिसाइलों और हथियार सिस्टम से लैस किया जाएगा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट और स्वदेशी हथियार आपस में कैसे जुड़ेंगे यह तय किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय अगले महीने राफेल फाइटर जेट बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत शुरू होगी। इस सौदे को फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 में से 18 राफेल जेट्स फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे। बाकी 96 जेट्स भारत में बनाए जाएंगे, जिसमें 25% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। फ्रांस सोर्स कोड शेयर नहीं करेगा रिपोर्ट्स में कहा गया कि फ्रांस सोर्स कोड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी देश अपने फाइटर जेट का सोर्स कोड साझा नहीं करता। यही कोड रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को कंट्रोल करता है, इसलिए इसे साझा नहीं किया जाता। हालांकि, डील पर इसका असर नहीं है। दावा- रूस और अमेरिका भी नहीं देते सोर्स कोड एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को रूस ने 5th जनरेशन Su-57 फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है। वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर Su-30 MKI जेट्स को अपग्रेड भी कर रहा है। हालांकि रूस ने इन दोनों फाइटर जेट्स के सोर्स कोड कभी शेयर नहीं किए। अमेरिका का भी यही रुख है। भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलिकॉप्टर से जुड़े सॉफ्टवेयर कोड भी शेयर नहीं किए जाते। एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में मांग की थी एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। एयरफोर्स के पास पहले से 36 राफेल विमान है, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। अधिक संख्या में एक ही प्लेटफॉर्म होने से रखरखाव लागत कम होगी। अंबाला एयरबेस पर राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। एयरफोर्स के पास तुरंत दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। भारत में 176 राफेल विमान हो जाएंगे 114 राफेल की डील पूरी होने के बाद भारत के बेड़े में राफेल विमानों की संख्या 176 हो जाएगी। हालांकि अभी इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। एयरफोर्स पहले ही 36 राफेल विमानों को शामिल कर चुकी है। भारतीय नौसेना ने 26 राफेल मरीन का ऑर्डर दिया है। राफेल मरीन से पहले भारत फ्रांस से एयरफोर्स के लिए 36 राफेल जेट भी खरीद चुका है। 2016 में हुई इस डील के सभी विमान 2022 में भारत पहुंचे थे। इन्हें एयरफोर्स के अंबाला और हाशिनारा एयरबेस से संचालित किया जाता है। ये डील 58,000 करोड़ रुपए में हुई थी। राफेल मरीन विमान के फीचर्स एयरफोर्स के राफेल विमान से एडवांस हैं। ————– ये कबर भी पढ़ें… 114 नए राफेल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी:फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों के भारत आने पर हो सकता है सौदा भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस डील की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। पूरी खबर पढ़ें…
गुना में 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट:पुजारी बोले – मंदिर की जमीन हड़पना चाहता है आरोपी; लाठी डंडों से की मारपीट

जिले के रूठियाई इलाके में एक 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर की जमीन हड़पने के उद्देश्य से पुजारी से विवाद किया गया और उनसे मारपीट की गई। मारपीट में पुजारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुजारी कमल दास महाराज (90) ने बताया कि वे वर्षों से देहरी पांजा स्थित मंदिर की सेवा कर रहे हैं। मंदिर की करीब 4-5 बीघा जमीन है, जिससे होने वाली आय से मंदिर का संचालन और उनका जीवन निर्वाह होता है। लेकिन पास में रहने वाले भैयालाल गुर्जर की नीयत इस बेशकीमती जमीन पर खराब थी। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे जब महाराज जी मंदिर परिसर में थे, तभी आरोपी भैयालाल वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपी ने बहाना बनाया कि मंदिर का जाली वाला गेट खुला रहता है, लेकिन असल मकसद विवाद खड़ा करना था। देखते ही देखते आरोपी ने डंडे से महाराज पर हमला कर दिया। उनके बाएं कंधे और पीठ पर डंडे के प्रहार किए गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने 90 साल के बुजुर्ग पुजारी को जमीन पर पटककर थप्पड़ों से जमकर पिटाई की, जिससे उनकी दाहिनी आंख के ऊपर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। गनीमत रही कि उसी समय एक दर्शनार्थी मंदिर पहुंच गया, जिसे देखकर आरोपी वहां से भाग निकला। जाते-जाते उसने पुजारी को चेतावनी दी कि अगर दोबारा इस मंदिर पर दिखे, तो जान से खत्म कर देंगे। पुजारी को घायल अवस्था में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वृद्ध पुजारी के साथ हुई इस बर्बरता की सूचना मिलते ही भुजरिया तालाब मंदिर के महंत राघवेंद्र दास महाराज ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और इस कृत्य की घोर निंदा की। घटना के बाद घायल पुजारी ने डायल 112 की मदद से पुलिस को बुलाया। रुठियाई चौकी पुलिस ने आरोपी भैयालाल गुर्जर के खिलाफ अपराध क्रमांक 023/26 धारा 115(2), धारा 296(बी), धारा 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। जिले के साधु-संतों ने चेतावनी दी है कि यदि मंदिर की जमीन को सुरक्षित नहीं किया गया और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब 11 दिन ही शेष रह गए हैं। 22 अप्रैल को धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, ऐसे में प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि इस बार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। धाम तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग से लेकर बेस कैंप तक सफाई, मरम्मत और सुविधाओं को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। बर्फ हटाने से लेकर रास्तों को सुरक्षित बनाने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन तैयारियों के बीच मौसम बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्लेशियर खिसकने से पैदल मार्ग को नुकसान भी पहुंचा है। इसके बावजूद टीमें लगातार जुटी हुई हैं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी तैयारियों को समय पर पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। धाम में युद्धस्तर पर काम जारी केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद अब मौसम खुल गया है और तेज धूप निकलने से हालात तेजी से सामान्य किए जा रहे हैं। रास्तों के किनारे जमी मोटी बर्फ को हटाया जा चुका है और पैदल मार्ग को साफ करने का काम जारी है। कर्मचारी और मजदूर मिलकर रास्ते की मरम्मत और सफाई में जुटे हुए हैं, जिससे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। धूप खिलने के बाद तैयारियां तेज पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद धूप खिलने से प्रशासन और संबंधित टीमें तैयारियों को और तेज कर चुकी हैं। धाम में बैरिकेडिंग, सफाई व्यवस्था और मार्ग सुधार के काम किए जा रहे हैं। जल्द ही यात्रा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। ग्लेशियर टूटने से मची अफरा-तफरी यात्रा की तैयारियों के बीच गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर थारू कैंप के पास दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक ग्लेशियर टूट गया। जिससे यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना बड़ी लिनचौली से ऊपर हुई, जहां इन दिनों यात्रा को सुचारू बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। घटना के समय मौके पर मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। जो यात्रा तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक ग्लेशियर टूटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के चलते इस तरह की घटनाएं चुनौती बन रही हैं, लेकिन टीमें मौके पर डटी हुई हैं और यात्रा को निर्धारित समय पर शुरू कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सभी लोग सुरक्षित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है और मार्ग को फिर से खोलने के लिए श्रमिकों को तैनात कर दिया गया है। तीन साल में 53.81 लाख श्रद्धालु पहुंचे पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में 19,61,025 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 16,52,070 रह गई। वहीं 2025 में फिर से बढ़त देखने को मिली और 17,68,795 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। तीनों वर्षों को मिलाकर कुल 53,81,890 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं, जो इस बात का संकेत है कि मौसम और चुनौतियों के बावजूद आस्था में कोई कमी नहीं आई है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ जिले के रानापुर तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम महेश मंडलोई को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद AAP जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगाड़ ने आरोप लगाया कि बुधवार को ग्राम भूतखेड़ी में अपनी निजी जमीन पर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासी परिवारों के साथ तहसीलदार ने अमर्यादित व्यवहार किया। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों को गाली दी गई और एक युवक के साथ लात मारते हुए मारपीट की गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले जाते देखा जा रहा है। तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर, तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते को खुलवाया गया, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। तहसीलदार के अनुसार, जब राजस्व टीम कोर्ट के आदेश का पालन करने पहुंची, तो प्रतिवादी पक्ष ने धारदार हथियारों के साथ टीम पर हमला करने की कोशिश की और अभद्रता की। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। सरपंच ने तहसीलदार का समर्थन किया भूतखेड़ी सरपंच मुकेश मेडा ने तहसीलदार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अधिकारी ने नियमों के तहत वर्षों पुराने बंद रास्ते को खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी है। रानापुर टीआई दिनेश रावत ने जानकारी दी कि मौके पर पुलिस और राजस्व टीम के कार्य में बाधा डालने के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच और कार्रवाई की मांग आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी भाई-बहनों के साथ अभद्रता करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। विवाद का मुख्य कारण वह आम रास्ता है, जिसे लेकर महीनों से एक परिवार और ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ था।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन होगा मुख्यमंत्री? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान

बंगाल चुनाव में भाजपा का बड़े पैमाने पर उद्देश्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यभर में आम जनता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार (10 अप्रैल 2025) को कहा कि बंगाल में अगर बीजेपी की जीत होती है तो सरकार बनने के छह महीने में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी बंगाल के बेटे मुख्यमंत्री बनेंगे. अमित शाह ने टीएमसी पर लगाया तुष्टिकरण का आरोप केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीतीश त्रिवेदी पर कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि पश्चिम बंगाल के लोगों के खान-पान की सलाह में एजीबी ने कहा। गृह मंत्री ने कहा, ‘यूनी फॉर्म सिविल कोड की बकवास नहीं है। यह संविधान सभा का अनुयायी है।’ उन्होंने यूसीसी को आरक्षण को आगे बढ़ाने का दावा करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इसे दशकों तक लागू नहीं किया गया। छह महीने में यूसीसी लागू करने का वादा पूरा हुआ उन्होंने कहा, ‘तुष्टिकरण की राजनीति के कारण समान नागरिक संहिता लंबे समय तक लागू नहीं हो सकी। जिन-जिन राज्यों में हमारी सरकार बनी है, वहां हमने इसे लागू किया है और बंगाल में भी ऐसा होगा।’ भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ‘संकल्प पत्र’ आने के छह महीने बाद सत्ता में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में हर नागरिक के लिए एक ही कानून होगा।’ तुष्टीकरण क्या है? क्या एक व्यक्ति को चार पाट्नियां बनाए रखने की छूट देना तुष्टीकरण है या फिर बॉस देश के कानून का पालन करने के लिए तुष्टीकरण कहता है?’ पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन होगा मुख्यमंत्री? पश्चिम बंगाल में बीजेपी सीएम का चेहरा कौन होगा, इस सवाल का भी अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘हम कोई वंशवादी दल नहीं हैं, जिसमें बट के बाद भतीजा सत्ता शामिल हो।’ मुझे बंगाल के लोगों पर भरोसा है कि हमारी मुख्यमंत्री एक बंगाली होंगी और बंगाल की निवासी होंगी।’ वे कांग्रेस कांग्रेस की ओर से जारी हुमायूँ कबीर के वीडियो का ज़िक्र कर रहे हैं जिसमें पार्टी के निलंबित नेता अल्पसंख्यकों के कथित तौर पर शामिल होने का दावा किया गया है। गृह मंत्री ने इसी तरह की अटकलों को खारिज कर दिया। हुमायूं कबीर को लेकर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह? उन्होंने कहा, ‘हुमायूँ कबीर और बीजेपी दो बिल्कुल अलग-अलग ध्रुव हैं। ऐसी पार्टी के साथ कोई समझौता करने के बजाय हम उम्मीदवारी में पसंद करेंगे।’ उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वीडियो के जरिए राजनीतिक चर्चा गढ़ने में अक्षम हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको ममता जी की क्षमता का पता नहीं है. वह ऐसे कई वीडियो डाउनलोड कर सकते हैं।’ ये भी पढ़ें: बीजेपी बंगाल मेनिफेस्टो 2026: बंगाल के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र- हर महीने 3 हजार रुपये, 6 महीने में UCC, जानिए क्या हुआ बड़ा ऐलान Input By : pl भाषा (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)चुनाव 2026(टी)बीजेपी सीएम चेहरा पश्चिम बंगाल(टी)अमित शाह घोषित बीजेपी सीएम फेस(टी)गृह मंत्री अमित शाह(टी)बंगाल(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव
मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

आगर मालवा जिले के सोयतकला स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में शुक्रवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले में कक्षा चौथी के 9 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। इस घटना में 5 अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं। स्कूल में एग्जाम देने पहुंचे थे स्टूडेंट जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खी के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर उड़ने लगीं, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि स्कूल में कई जगह मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए हैं। चौथी के छात्र की मधुमक्खियों के हमले से मौत कक्षा चौथी के छात्र रमन (पिता सज्जन सिंह कराड़ा) मधुमक्खियों ने पर हमला किया। छात्र ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह मधुमक्खियों के झुंड से घिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में 4 से 5 अन्य छात्र भी घायल हुए। घटना के तुरंत बाद सभी घायल छात्रों को सोयतकला के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद रमन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झालावाड़ (राजस्थान) रेफर किया गया। झालावाड़ में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

आगर मालवा जिले के सोयतकला स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में शुक्रवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले में कक्षा चौथी के 9 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। इस घटना में 5 अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं। स्कूल में एग्जाम देने पहुंचे थे स्टूडेंट जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खी के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर उड़ने लगीं, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि स्कूल में कई जगह मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए हैं। चौथी के छात्र की मधुमक्खियों के हमले से मौत कक्षा चौथी के छात्र रमन (पिता सज्जन सिंह कराड़ा) मधुमक्खियों ने पर हमला किया। छात्र ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह मधुमक्खियों के झुंड से घिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में 4 से 5 अन्य छात्र भी घायल हुए। घटना के तुरंत बाद सभी घायल छात्रों को सोयतकला के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद रमन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झालावाड़ (राजस्थान) रेफर किया गया। झालावाड़ में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गर्मियों में शरीर के लिए अमृत समान है ये रस, इम्यूनिटी करे बूस्ट, बॉडी को तुरंत दे एनर्जी, जानें सेवन का सही तरीका

Ganne ka juice peene ke fayde: गर्मियों में गन्ने का जूस पीना सेहत के लिए अमृत समान है. यह एक नेचुरल ड्रिंक है, जो कई तरह के पोषक तत्वों का भंडार होता है. जब आप तेज धूप में घूमकर घर लौटते हैं तो थकान महसूस होती है. इस थकान को कम करने का काम करता है, गन्ने का रस. ये रस शरीर को तुरंत ही भरपूर एनर्जी देता है. गन्ने के रस पीने के क्या फायदे होते हैं और इसमें क्या-क्या पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जानिए यहां विस्तार से… गन्ने के जूस में मौजूद पोषक तत्व गन्ने का रस एक पावर-पैक्ड जूस है, जिसमें मिनरल्स, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होता है. इसमें एलेक्ट्रोलाइट्स को शरीर में बढ़ाने के भी गुण होते हैं. शरीर को डिटॉक्सिफाई, हाइड्रेटेड भी बनाए रखता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, विटामिन सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन बी1, बी2, बी9, एनर्जी, जिंक आदि होते हैं. गन्ने का जूस पीने फायदे -गर्मियों में गन्ने का रस पीने से शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है. आपकी सारी थकान दूर हो जाती है. आयुर्वेद में गन्ने के रस को कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. यह शरीर को तरोताजा रखता है. यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है. खासकर, पीलिया जैसी बीमारी में गन्ने का रस पीना बहुत फायदेमंद माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गन्ने का रस एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह क्षारीय पेय (alkaline drink) होता है, जिसके कारण इम्यूनिटी बूस्ट होती है. -आयुर्वेद में गन्ने के रस को मूत्रवर्धक, शीतलक, रेचक और टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह पेशाब में जलन, पेशाब न आने की समस्या और रक्तस्राव में भी राहत देता है. -लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार करता है गन्ने का रस. पीलिया जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के प्राकृतिक उपचारों में से एक गन्ने का रस है. इसकी क्षारीय प्रकृति पेट के अतिरिक्त पित्त रस और अम्लों को बेअसर करती है. लिवर की कार्य क्षमता को मजबूत बनाती है. -यूनानी चिकित्सा में इसे पीलिया के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक अध्ययनों में भी गन्ने में सूजन-रोधी, दर्द निवारक और लिवर की रक्षा करने वाले गुण पाए गए हैं. -इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव कम करने में मददगार है. गन्ने का जूस पीने का सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने का ताजा और शुद्ध रस ही पीना चाहिए. अगर आप ठेले से गन्ने का रस पी रहे हैं तो ध्यान दें कि वहां मक्खियां ना भिनभिना रही हों. साफ-सफाई का पूरा ध्यान दिया जा रहा हो. बाजार में मिलने वाले मिलावटी गन्ने का जूस पीने से भी बचें. गन्ने के रस में आप नींबू या अदरक का रस मिलाकर भी पी सकते हैं. इसके फायदे अधिक बढ़ जाते हैं. हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए.
बालाघाट में ओवरब्रिज के उद्घाटन में विधायक को रोका:वारासिवनी में सांसद ने किया पूजन; MLA बोले- यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन, कार्यकर्ताओं के साथ फीता काटा

बालाघाट के वारासिवनी में बुधवार को रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन के दौरान पुलिस और कांग्रेस विधायक विवेक पटेल के बीच तीखी झड़प हुई। प्रशासन ने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल पर जाने से बलपूर्वक रोक दिया, जिसके विरोध में विधायक वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में उन्होंने स्वयं पूजा-अर्चना कर फीता काटते हुए ओवरब्रिज का शुभारंभ कर दिया। पुलिस ने बलपूर्वक रोका, सांसद ने किया पूजन विधायक विवेक पटेल का आरोप है कि ओवरब्रिज को आवागमन के लिए खोलने का कार्यक्रम उन्हीं के द्वारा तय किया गया था। इसके बावजूद, शुक्रवार दोपहर को जब सांसद भारती पारधी इसका पूजन किया जा रहा था, तब पुलिस ने उन्हें कार्यकर्ताओं सहित रोक दिया। उनके आने से पहले ही सांसद भारती पारधी और पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने रेलवे ओवरब्रिज का पूजन कर दिया। विधायक ने प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘सत्ता के दबाव में की गई लोकतंत्र की हत्या’ और ‘दुर्भावनापूर्ण’ करार दिया है। देखें 3 तस्वीरें.. पूर्व मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की विधायक को रोके जाने से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद विरोध स्वरूप विधायक बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद विधायक ने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा की और फीता काटकर पुल का उद्घाटन कर दिया। प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप विधायक विवेक पटेल ने बताया कि जिले में कांग्रेस विधायकों की अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व सरेखा ओवरब्रिज के शुभारंभ में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। विधायकों ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के एजेंट के रूप में काम करने और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।








