ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी:तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी दूसरे प्लेन में पहुंचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से ट्रम्प की हत्या की धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। तुर्किये की राजधानी अंकारा से निकलते समय ट्रम्प कैमरों के सामने पुराने एयरफोर्स वन में सवार हुए। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाली कैटरिंग गाड़ी से चुपचाप छोटे मिलिट्री विमान C-32A तक पहुंचाया गया। पहले बड़े विमान में बैठे, फिर चुपचाप बाहर निकले ट्रम्प 8 जुलाई को नाटो समिट में शामिल होने के लिए अंकारा में थे। वे तुर्किये नए बोइंग 747-8 विमान से पहुंचे थे, जो कतर के शाही परिवार ने अमेरिका को दिया है। वापसी के समय ट्रम्प पुराने, हल्के नीले रंग के एयरफोर्स वन की सीढ़ियां चढ़ते हुए कैमरों में दिखाई दिए। उस समय यही माना गया कि वे इसी विमान से ब्रिटेन जाएंगे। ट्रम्प ने खुद कहा था कि वे नए विमान की जगह पुराने एयरफोर्स वन से ब्रिटेन जाएंगे। नया विमान भी ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल एयरबेस जाना था, जहां अमेरिकी सैनिक उसे देख सकते थे। लेकिन पुराने विमान में बैठने के बाद ट्रम्प उसी से ब्रिटेन नहीं गए। सामान वाली गाड़ी से दूसरे विमान तक पहुंचाया वॉशिंगटन पोस्ट ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रम्प के पुराने एयरफोर्स वन में सवार होने के कुछ देर बाद एक कैटरिंग गाड़ी वहां से निकली। इस गाड़ी के जरिए ट्रम्प को एयरपोर्ट पर खड़े छोटे C-32A विमान तक पहुंचाया गया। यह बोइंग 757 का मिलिट्री वर्जन है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में सामने आए वीडियो में भी कैटरिंग गाड़ी को पुराने एयरफोर्स वन से निकलकर छोटे विमान की तरफ जाते देखा जा सकता है। इसके बाद C-32A ट्रम्प को लेकर ब्रिटेन के लिए रवाना हो गया। मीडिया को भी नहीं पता था कि ट्रम्प विमान में नहीं हैं पुराने एयरफोर्स वन में यात्रा कर रहे पत्रकारों को लगा कि राष्ट्रपति उनके साथ ही विमान में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इस विमान में मौजूद पत्रकारों को उड़ान के दौरान प्रेस केबिन की खिड़कियों के शेड बंद रखने को कहा गया। ऐसी सावधानी आमतौर पर युद्ध वाले इलाकों में उड़ान के दौरान बरती जाती है। बाद में पत्रकारों ने ट्रम्प से पूछा कि खिड़कियों के शेड बंद रखने को क्यों कहा गया था। ट्रम्प ने जवाब दिया, “शायद हम एक खतरनाक फ्लाइट पर थे।” ट्रम्प वाला विमान पहले ब्रिटेन पहुंचा ट्रम्प को लेकर C-32A रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल पहुंचा। इसके कुछ मिनट बाद पुराना एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया, जिसमें पत्रकार सवार थे। यह साफ नहीं है कि ट्रम्प C-32A से उतरने के बाद पुराने एयरफोर्स वन तक कैसे पहुंचे। हालांकि, ट्रम्प के साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल के मुताबिक, वे रात 10:56 बजे पुराने एयरफोर्स वन की सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दिए। उन्होंने पत्रकारों की तरफ हाथ हिलाया, लेकिन उनसे बात नहीं की। इसके बाद अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और कतर से मिले नए विमान की तरफ चले गए। ईरान से खतरे के कारण बदला गया था पूरा प्लान वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ट्रम्प को निशाना बनाए जाने की विश्वसनीय धमकी के बाद उनकी तुर्किये से वापसी को सीक्रेट रखा गया। अमेरिकी मीडिया में पहले भी रिपोर्ट आई थी कि ईरान से जुड़े खतरे के कारण ट्रम्प ने तुर्किये से कतर के नए विमान में वापस जाने के बजाय पुराने एयरफोर्स वन का इस्तेमाल किया। यानी जिस विमान में ट्रम्प को जाते हुए दिखाया गया, वह असल में लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल हुआ था। ट्रम्प को दूसरे विमान से ब्रिटेन भेजा गया। ऐसा तरीका पहले भी इस्तेमाल हो चुका है राष्ट्रपति को खतरे से बचाने के लिए दूसरे विमान का इस्तेमाल करने का ऐसा तरीका पहले भी अपनाया जा चुका है। साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पाकिस्तान गए थे। तब क्लिंटन एक बिना पहचान वाले सरकारी विमान से पाकिस्तान पहुंचे थे, जबकि उनका आधिकारिक एयरफोर्स वन डिकॉय के तौर पर भेजा गया था। कतर का नया विमान भी सवालों में रहा ट्रम्प जिस नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्किये पहुंचे थे, उसे कतर के शाही परिवार ने पिछले साल अमेरिका को दिया था। अमेरिकी डिफेंस कंपनी L3Harris Technologies ने इसे राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया है। ट्रम्प ने पहली बार इस विमान का इस्तेमाल 1 जुलाई को नॉर्थ डकोटा जाने के लिए किया था। इसके कुछ दिन बाद यह उन्हें लेकर पहली विदेश यात्रा पर तुर्किये पहुंचा। नए विमान की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने एयरफोर्स वन में मौजूद कुछ सुरक्षा सुविधाएं नए विमान में नहीं हैं या अलग तरह से काम करती हैं। इनमें मिसाइल हमले से बचाने वाली सुरक्षा भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति की सुरक्षा सबसे जरूरी सीक्रेट उड़ान की खबर सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीव चेउंग ने नए विमान की सुरक्षा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नए एयरफोर्स वन में राष्ट्रपति और उनके स्टाफ की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चेउंग ने कहा, “अमेरिका के कई दुश्मन हैं जो राष्ट्रपति को निशाना बनाना चाहते हैं। इन खतरों से निपटने के लिए हम अपने पास मौजूद हर तरीके का इस्तेमाल करते हैं।” पेंटागन ने इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की मौत, 570 घायल:86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान; सात एयरपोर्ट पर काम बंद

कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता के भूकंप सेअब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 570 लोगों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इनमें 37 पूरी तरह तबाह हो गईं। 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है। पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है। परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। चोको की राजधानी क्विब्दो में भी कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने आफ्टरशॉक्स की आशंका जताई है। बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मी भेजे जाएंगे बोगोटा के मेयर ने प्रभावित इलाकों के लिए 6 कलेक्शन सेंटर बनाए हैं। यहां पानी, कंबल, पैक्ड खाना, हाइजीन सामान और फर्स्ट-एड किट जमा की जा रही हैं। प्रभावित शहरों में राहत और बचाव अभियान के लिए बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मियों को भेजने की तैयारी है। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।
कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की मौत, 570 घायल:86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान; सात एयरपोर्ट पर काम बंद

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 570 लोगों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है। पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है। भूकंप से जुड़ी 10 फोटोज परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मी भेजे जाएंगे बोगोटा के मेयर ने प्रभावित इलाकों के लिए 6 कलेक्शन सेंटर बनाए हैं। यहां पानी, कंबल, पैक्ड खाना, हाइजीन सामान और फर्स्ट-एड किट जमा की जा रही हैं। प्रभावित शहरों में राहत और बचाव अभियान के लिए बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मियों को भेजने की तैयारी है। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।
इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड:चंडीगढ़ एसडीए की बड़ी कार्रवाई, आज से आर्डर लागू, पहले ओला पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ में राइड-शेयरिंग ऐप इनड्राइव का इस्तेमाल करने वाले लोग अलर्ट हो जाए। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने एम/एस इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड (इनड्राइव) पर बड़ा एक्शन किया है। कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब 4 प्वाइंट में जानिए क्या कहां आदेश में सेवाओं पर पूरी तरह रोक – राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने इनड्राइव कंपनी को चंडीगढ़ की सीमा में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। ड्राइवरों और वाहन मालिकों के लिए चेतावनी – इनड्राइव से जुड़े सभी कैब और बाइक टैक्सी चालकों को ऐप के जरिए राइड बुकिंग स्वीकार न करने और सेवाएं तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई – यदि कोई ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो वाहन का चालान किया जाएगा और उसे जब्त कर लिया जाएगा। यात्रियों के लिए सलाह – राज्य परिवहन प्राधिकरण ने आम लोगों को असुविधा से बचने के लिए इनड्राइव ऐप से राइड बुक न करने की सलाह दी है। यात्रियों से एसटीए में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक ऐप आधारित कैब सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,608 करोड़ का घाटा हुआ था। हायर एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और 4G-5G सेवाओं से जुड़ने वाले यूजर्स की वजह से कंपनी के घाटे में यह कमी दर्ज की गई है। रेवेन्यू ₹11,660 करोड़ और EBITDA 9.1% बढ़ा कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है… CEO बोले- विलय के बाद पहली बार ग्राहक बढ़े वोडाफोन आईडिया लिमिटेड के CEO अभिजीत किशोर ने वित्तीय नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2027 हमारे लिए एग्जीक्यूशन का साल है। पहली तिमाही का यह मजबूत प्रदर्शन हमारी रणनीति और अनुशासन का सबूत है। अभिजीत किशोर ने आगे कहा कि विलय के बाद यह पहला मौका है जब हमने ग्राहक जोड़े हैं, जो कि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम इस बढ़त को आगे भी बनाए रखेंगे। हमारा 5G नेटवर्क अब देश के 200 से अधिक शहरों में लाइव हो चुका है। ₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर जारी कंपनी अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है… कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होता है EBITDA और ARPU?
वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,608 करोड़ का घाटा हुआ था। हायर एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और 4G-5G सेवाओं से जुड़ने वाले यूजर्स की वजह से कंपनी के घाटे में यह कमी दर्ज की गई है। रेवेन्यू ₹11,660 करोड़ और EBITDA 9.1% बढ़ा कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है… CEO बोले- विलय के बाद पहली बार ग्राहक बढ़े वोडाफोन आईडिया लिमिटेड के CEO अभिजीत किशोर ने वित्तीय नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2027 हमारे लिए एग्जीक्यूशन का साल है। पहली तिमाही का यह मजबूत प्रदर्शन हमारी रणनीति और अनुशासन का सबूत है। अभिजीत किशोर ने आगे कहा कि विलय के बाद यह पहला मौका है जब हमने ग्राहक जोड़े हैं, जो कि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम इस बढ़त को आगे भी बनाए रखेंगे। हमारा 5G नेटवर्क अब देश के 200 से अधिक शहरों में लाइव हो चुका है। ₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर जारी कंपनी अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है… कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होता है EBITDA और ARPU?
शहनाज गिल के साथ शूटिंग के दौरान हादसा:गलती से निगल गईं नाक की नथनी; सह-कलाकार सौरभ सचदेवा ने आकर संभाला

एक्ट्रेस शहनाज गिल एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गईं। सेट पर दौड़ते समय उनकी नाक की नथ अचानक मुंह में चली गई, जिसे वे गलती से निगल गईं। शहनाज ने इस पूरी घटना का एक बिहाइंड द सीन्स वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। हालांकि इस घटना के बाद भी शहनाज ने अपनी शूटिंग रोकी नहीं और काम पूरा किया। सीन के दौरान दौड़ रही थीं शहनाज शहनाज गिल की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वे सेट पर एक सीन के लिए दौड़ती नजर आ रही हैं। दौड़ते समय अचानक उनकी नाक की नथ निकलकर मुंह के अंदर चली जाती है। इसके बाद शहनाज खुद को संभालने की कोशिश करती हैं और उल्टी करने का प्रयास करती हैं। स्थिति बिगड़ते देख सेट पर मौजूद एक्टर सौरभ सचदेवा तुरंत दौड़कर उनके पास आते हैं और उनकी पीठ थपथपाकर उनकी मदद करते हैं। हादसा होने के बाद भी पूरी की शूटिंग नाक की नथ निगलने की घटना के बाद भी शहनाज ने सेट पर पैनिक नहीं किया। उन्होंने स्थिति को संभाला और कुछ देर बाद ही दोबारा शूटिंग शुरू कर दी। शहनाज का काम के प्रति यह समर्पण देखकर उनके सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। आंचल खुराना लगा चुकीं दिखावा करने का आरोप हाल ही में टीवी एक्ट्रेस और ‘रोडीज 8’ की विनर आंचल खुराना ने पंजाब की मशहूर एक्ट्रेस शहनाज गिल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में आंचल ने दावा किया है कि शहनाज असल में वैसी नहीं हैं जैसी सोशल मीडिया पर दिखाई देती हैं। वे केवल ‘क्यूट’ और भोली-भाली बनने का दिखावा करती हैं, जबकि असल में वे काफी चालाक और बदतमीज हैं। आंचल के मुताबिक, शहनाज और उनके भाई की अच्छी पब्लिक इमेज सिर्फ वीडियोज की चालाकी से की गई एडिटिंग की वजह से बनी हुई है। वीडियो एडिट करके बनाई गई अच्छी इमेज इंटरव्यू में 35 साल की आंचल खुराना ने कहा कि शहनाज खुद में ही खोई रहने वाली और कम IQ वाली इंसान हैं। उनके वीडियोज को इस तरह से एडिट किया जाता है कि वे बेहद प्यारी और मजाकिया लगें। शहनाज गिल को ‘बिग बॉस 13’ से मिली पहचान पंजाब की रहने वाली शहनाज गिल ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल और सिंगर की थी। उन्हें पहचान साल 2019 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ से मिली थी। इसके बाद उन्होंने साल 2021 में दिलजीत दोसांझ के साथ पंजाबी फिल्म ‘हौसला रख’ में काम किया। शहनाज ने साल 2023 में सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके अलावा वे फिल्म ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ में भी नजर आ चुकी हैं।
चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

चीन के पूर्वी हिस्से में करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान टकराया है। इसके असर से पूर्वी और मध्य चीन में तेज बारिश हो रही है। शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। चीन के अधिकारियों के मुताबिक, तूफान के कारण पिछले कुछ दिनों में 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। 1,500 से ज्यादा इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए। कई जगह लैंडफॉल की भी खबरें सामने आई हैं। चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने सोमवार सुबह टाइफून अलर्ट को घटाकर सबसे निचले स्तर के ब्लू अलर्ट पर कर दिया। हालांकि, झेजियांग के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का सबसे गंभीर अलर्ट अभी भी जारी है। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

जापान में तबाही मचाने के बाद डॉल्फिन तूफान अब चीन पहुंच गया है। रविवार देर रात इसने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में दस्तक दी। उस समय इसकी रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे थी। इसके बाद कई शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई। सबसे ज्यादा असर शंघाई में दिखा, जहां पिछले 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को देखते हुए 10 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। चीनी मीडिया SCMP के मुताबिक अब तूफान कमजोर पड़ रहा है। इसलिए चीन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी का स्तर घटा दिया है। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने की घटनाएं भी हुई हैं। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
ब्रांड्स का नया ट्रेंड; नस्ली न्याय से बढ़ी सेल्स:जेन जी को टारगेट करने वाले ब्रांड्स को करना पड़ रहा उनके मुद्दों को सपोर्ट

भारतीय ब्रांड्स ने जेन जी यानी 14 से 29 साल तक की युवा पीढ़ी की भाषा और सौंदर्यबोध अपनाने में महारत हासिल कर ली है। नायका और स्विगी इंस्टामार्ट ने हाल ही में ‘गंजी चुड़ैल’ जैसे ट्रेंड भुनाए, टिंडर ने ‘सिचुएशनशिप’ और ‘मेन-कैरेक्टर एनर्जी’ जैसे शब्द अपनाए, तो फास्ट्रैक ने ‘यू डू यू’ कैंपेन के जरिए फ्लुइड पहचान का जश्न मनाया। लेकिन जब परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन के तहत जेन जी सड़कों पर उतरी तो ब्रांड्स की जुड़ाव वाली यह छवि गायब हो गई। दरअसल, आज ब्रांड्स सिर्फ युवा संस्कृति के सौंदर्यबोध को उधार लेकर उनकी वास्तविक चिंताओं से दूर नहीं रह सकते, जैसा कि पेप्सी ने 1960 के दशक में ‘पेप्सी जनरेशन’ कैंपेन के जरिए किया था। इसके उलट, नाइकी ने ‘कॉलिन कैपरनिक’ कैंपेन के जरिए नस्ली न्याय के मुद्दे पर लगातार फोकस करके करीब 1,550 करोड़ रुपए की मीडिया वैल्यू और बिक्री में तगड़ी बढ़त हासिल की। लेकिन बात और काम के बीच तालमेल न हो तो नुकसान भी होता है। कोविड के दौर में मैकडॉनल्ड्स के बयान और कंपनी के भीतर अश्वेत कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े आरोपों के बीच अंतर इसकी मिसाल है। बहरहाल, सीजेपी आंदोलन ने दिखाया कि भारतीय जेन जी 37.7 करोड़ की आबादी और करीब 81 लाख करोड़ रुपए खर्च करने क्षमता के साथ अपनी आर्थिक ताकत अच्छी तरह पहचानती है। प्रदर्शनकारियों ने हास्य, ‘गेट रेडी विद मी’ वीडियो और पुलिस हिंसा के फुटेज को गेमिंग इमेजरी के साथ जोड़कर पूरी स्क्रिप्ट खुद लिखी। इस ब्रीच कई मौकों पर युवाओं को जोड़ने के ब्रांड्स के दांव सही नहीं बैठे। जुलाई में वाडीलाल का ‘वर्ल्ड आइसक्रीम डे’ कैंपेन जिसमें नीट टॉपर्स की तस्वीरों में डिजिटल मुस्कान जोड़ी गई। सीजेपी आंदोलन के बीच आने पर यह आलोचनाओं में घिर गया। इसके उलट स्टेफ्री ने प्रदर्शनकारियों द्वारा गढ़े गए नारे ‘एट लीस्ट द पैड्स डोंट लीक’ को अपने चैनल पर बढ़ावा देने का मौका गंवा दिया। करवी और फॉस्टो जैसे ब्रांड्स ने प्रचार गतिविधियां रोककर सांकेतिक एकजुटता दिखाई। ब्लू टोकाई के जनपथ आउटलेट ने पुलिस हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों को शरण दी, जबकि ट्रैक ने कर्मचारियों को प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से न रोकने की बात कही। ब्रांड्स एक्सपर्ट स्वाति शर्मा का कहना है कि बाजार का गणित अब यह नहीं रह गया कि आलोचना होगी या नहीं, बल्कि यह है कि ब्रांड लंबी अवधि की विश्वसनीयता के लिए फौरी विवाद झेलने के लिए तैयार है या नहीं। स्ट्रीटवियर ब्रांड मैनलिक के संस्थापक प्रीतम कुदेव ने कहा, ‘यदि युवा अपने बुनियादी अधिकारों के लिए सड़कों पर हैं, तो हम कम से कम उनके साथ खड़ा तो हो सकते थे।’ भारतीय कंपनियों के सामने पश्चिमी ब्रांड्स से अलग चुनौती, पक्षपाती दिखने का खतरा शर्मा का कहना है कि ब्रांड्स के सामने राजनीतिक रूप से पक्षपाती दिखने का खतरा मंडराता रहता है। 2020 में आए तनिष्क के विज्ञापन को ही ले लीजिए। उसमें एक विशेष धर्म को मानने वाली सास अन्य धर्म की बहू की गोदभराई कराती दिखी थी। ‘बायकॉट तनिष्क’ ट्रेंड के बाद उसे वापस लेना पड़ा। हालांकि सर्फ एक्सेल ने इसी तरह के बहिष्कार के बावजूद विज्ञापन नहीं हटाया, जिसे एक करोड़ से ज्यादा बार देखा गया।







