पतंजलि ग्रुप खरीदेगा मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी:IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस

पतंजलि आयुर्वेद को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बीमा नियामक IRDAI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। नियामक ने 28 जुलाई 2026 के पत्र के जरिए इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।यह मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख से अगले 3 महीने तक मान्य रहेगी। पतंजलि के साथ कौन-कौन से फाउंडेशन शामिल हैं? इस अधिग्रहण प्रक्रिया में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के साथ कई धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट/फाउंडेशन भी शामिल हैं। इनमें एस.आर. फाउंडेशन, रीति फाउंडेशन, आरआर फाउंडेशन, सुरुचि फाउंडेशन और स्वाति फाउंडेशन के नाम शामिल हैं। ये सभी मिलकर मैग्मा जनरल इंश्योरेंस के मौजूदा शेयरधारकों से हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेंगे। मार्च 2025 में हुआ था शेयर परचेज एग्रीमेंट इस डील की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब पतंजलि-एलेड बायर ग्रुप और मौजूदा शेयरधारकों के बीच शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) पर दस्तखत किए गए थे। 12 मार्च 2025 को कंपनी ने एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद regulatory समीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण 12 मार्च 2026 को एग्रीमेंट की लॉन्ग-स्टॉप डेट (समय सीमा) को आगे बढ़ाया गया था। 1 साल से ज्यादा समय से अटका था रेगुलेटरी अप्रूवल एग्रीमेंट साइन होने के बाद से यह सौदा लगभग 16 महीने से नियामक समीक्षा के तहत अटका हुआ था। IRDAI की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब मालिकाना हक बदलने का रास्ता साफ हो गया है। खरीदार समूह को अब अगले तीन महीनों की तय सीमा में शेयर ट्रांसफर और IRDAI द्वारा रखी गई शर्तों को पूरा करना होगा। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में बदलेगा मालिकाना हक सभी जरूरी औपचारिकताएं, लीगल प्रोसेस और कांट्रैक्ट से जुड़ी शर्तें पूरी होने के बाद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का ओनरशिप ट्रांसफर पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के पतंजलि ग्रुप की मौजूदगी और मजबूत होगी।
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पतंजलि ग्रुप खरीदेगा:IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस

पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बीमा नियामक IRDAI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार लगभग 4,500 करोड़ रुपए में ये डील हुई है। नियामक ने 28 जुलाई 2026 के पत्र के जरिए इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।यह मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख से अगले 3 महीने तक मान्य रहेगी। 73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी पतंजलि इस डील के तहत पतंजलि आयुर्वेद 73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी, जबकि धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप 24.5% हिस्सेदारी का मालिक बनेगा। इससे पहले इस कंपनी की सबसे बड़ी हिस्सेदार सनोटी प्रॉपर्टीज (आदार पूनावाला समूह) थी। IRDAI की मंजूरी मिलने के बाद अब पतंजलि मैग्मा जनरल इंश्योरेंस की प्रमोटर कंपनी बन जाएगी। मार्च 2025 में हुआ था शेयर परचेज एग्रीमेंट इस डील की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब पतंजलि-एलेड बायर ग्रुप और मौजूदा शेयरधारकों के बीच शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) पर दस्तखत किए गए थे। 12 मार्च 2025 को कंपनी ने एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद regulatory समीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण 12 मार्च 2026 को एग्रीमेंट की लॉन्ग-स्टॉप डेट (समय सीमा) को आगे बढ़ाया गया था। 1 साल से ज्यादा समय से अटका था रेगुलेटरी अप्रूवल एग्रीमेंट साइन होने के बाद से यह सौदा लगभग 16 महीने से नियामक समीक्षा के तहत अटका हुआ था। IRDAI की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब मालिकाना हक बदलने का रास्ता साफ हो गया है। खरीदार समूह को अब अगले तीन महीनों की तय सीमा में शेयर ट्रांसफर और IRDAI द्वारा रखी गई शर्तों को पूरा करना होगा। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में बदलेगा मालिकाना हक सभी जरूरी औपचारिकताएं, लीगल प्रोसेस और कांट्रैक्ट से जुड़ी शर्तें पूरी होने के बाद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का ओनरशिप ट्रांसफर पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के पतंजलि ग्रुप की मौजूदगी और मजबूत होगी।
जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

पॉपुलर सिंगर और रैपर बादशाह की शादी में अनबन चल रही है। उनकी शादी 5 महीने पहले ही पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से हुई थी। मंगलवार को ईशा ने एक पोस्ट शेयर कर तलाक का हिंट दिया और कहा कि वो अब तक बादशाह के पावर के डर से चुप थीं। इसी बीच अब ईशा की मां और बादशाह की सास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, तो भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल कर देंगे। ईशा रिखी की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘कर्म लौटकर आते हैं। तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे।’ अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘कर्म कभी माफ नहीं करता। रुलाया है, तो रोना भी निश्चित है। कर्म से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है। कर्म का लेखा कभी झूठा नहीं होता। कर्म समय आने पर न्याय जरूर करता है। बिना पक्षपात के ईश्वर तुम्हें शायद माफ भी कर दे, लेकिन तुम्हारे कर्म तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’ बादशाह की पत्नी ईशा ने कहा- डर से चुप थी पूनम रिखी की ये पोस्ट तब सामने आई हैं, जब बादशाह की पत्नी ईशा ने मंगलवार को सोशल मीडिया से तलाक का हिंट देते हुए लिखा- कुछ लड़ाइयां ऐसी भी होती हैं, जिनके जख्म बाहर दिखाई नहीं देते। मैं बहुत लंबे समय तक चुप रही, क्योंकि मैं डरी हुई थी। मुझे लगता था कि मेरे पति के पास इतना इन्फ्लूएंस, पावर और रीसोर्स हैं कि उनके सामने मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मैंने खुद को यही समझा लिया था कि चुप रहना ही मेरे लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। आगे ईशा ने लिखा है, ‘चुप्पी कभी स्वीकार नहीं की जाती, वह सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश थी। आज मैं डर नहीं, बल्कि हिम्मत को चुन रही हूं। शायद मैं अभी पूरी कहानी बताने के लिए तैयार नहीं हूं, लेकिन अब मैं यह दिखावा करना बंद करने के लिए तैयार हूं कि सब कुछ ठीक था।’ बादशाह के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं, लिखा- तूफान एक सबक है इस क्रिप्टिक पोस्ट से कुछ दिन पहले ही ईशा ने बादशाह के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर लिखा था, कुछ तूफान, सबक लेकर आता है और हर दुआ उम्मीद। ईशा की इस पोस्ट पर करीबी दोस्त जैस्मिन भसीन ने कमेंट कर उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी थी। बता दें कि ईशा रिखी की पोस्ट सामने आने के बाद कई करीबी और दोस्त उनके समर्थन में पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक करीबी ने लिखा है, “तुम जिस दौर से गुजर हो और अब भी गुजर रही हो, उसकी मैं गवाह हूं। मैं और तुम्हारे करीब रहने वाले बाकी लोग जानते हैं कि तुमने हर मुश्किल का सामना ईमानदारी, सच्चाई और पूरे आत्मसम्मान के साथ किया है। मजबूत बनी रहो, ईशा रिखी। हम तुम्हारे साथ हैं, और सच के साथ भी।” वहीं एक ने लिखा, स्ट्रॉन्ग रहो, डर कर नहीं। एक करीबी ने लिखा, तुम बहुत स्ट्रॉन्ग और सुंदर हो। सोशल मीडिया के जरिए कन्फर्म की शादी सिंगर और रैपर बादशाह ने मार्च 2026 में ईशा से गुपचुप शादी की थी। इंटिमेट वेडिंग में कपल के करीबी ही शामिल हुए थे। बादशाह ने शादी को राज रखा, हालांकि ईशा रिखी ने सोशल मीडिया में रोमांटिक तस्वीर पोस्ट कर इस पर कन्फर्मेशन दी। वहीं ईशा ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बादशाह को पति देव कहा था। इससे पहले ईशा की मां ने उनकी और बादशाह की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर दोनों को सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी थीं। कौन हैं ईशा रिखी? तलाक के बाद बादशाह ने की ईशा से शादी बादशाह ने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। 2017 में बादशाह बेटी के पिता बने, लेकिन 3 साल बाद ही उनका तलाक हो गया। तलाक के 6 साल बाद बादशाह ने ईशा से दूसरी शादी की है। बादशाह ने फिलहाल कभी शादी पर बात नहीं की है।
चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोने-चांदी की कीमतों में 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
राखी सावंत ने कंगना को 'गटर माउथ' कहा:बोलीं-जनता में जाओ पता चलेगा; सांसद ने कहा था-आज की लड़कियां कई आदमियों से यौन संबंध बनाना आजादी मानती

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को ‘गटर माउथ’ कहा। सोशल मीडिया में जारी वीडियो में राखी ने कंगना के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें सांसद ने नई जनरेशन की महिलाओं को ‘गटर छाप’ कहा था। इस बयान पर कंगना सोशल मीडिया में भी खूब ट्रोल हो रही हैं। एक्ट्रेस राखी सावंत ने वीडियो में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना पर हुए हमले का भी जिक्र किया। सावंत ने कहा- जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली है, इसलिए कुछ भी कह रहे हो। बिना सुरक्षा के आम लोगों के बीच जाएंगी तो जनता का गुस्सा समझ आएगा। अब जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। देश की लड़कियों और महिलाओं के बारे में इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। वीडियो में राखी ने कंगना के फिल्मी करियर और निजी जीवन पर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। हालांकि, राखी के इस वीडियो पर कंगना रनोट की ओर से फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पढ़िए क्या है पूरा मामला… दरअसल, विवाद की शुरुआत कंगना रनोट की इंस्टाग्राम स्टोरी से हुई। जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर में शामिल युवतियों पर सवाल उठाए और नई पीढ़ी की कुछ भारतीय महिलाओं पर निशाना साधा। कंगना ने लिखा कि कुछ महिलाएं स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन उस स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभातीं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी उठाती हैं, जबकि कुछ लोग केवल आजादी का दिखावा करते हैं। कंगना ने और क्या कहा था? कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा- असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ऐसी महिलाएं- नशा और शराब को आजादी मानती हैं। कई पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने को आधुनिकता समझती हैं। ऐसी सोच रखने वाली कुछ महिलाएं “अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की। सौरव दास ने कहा था- कंगना को BJP भी सिरियस नहीं लेती कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना ने भी रिएक्ट करते हुए जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पहले भी विवादों में रह चुकीं कंगना हिमाचल के मंडी के सांसद कंगना पहले भी कई बार विवादों में घिर चुकी है। इससे पहले कंगना राहुल को टपोरी कहने, भारत को 2014 में आजादी, किसान आदोलन के दौरान भी महिलाओं पर विवादित बयान की वजह से खूब घिर चुकी है।
सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,600 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 250 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 250 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 200 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?
चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?







