Wednesday, 23 Sep 2026 | 12:36 AM

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मलाई घेवर रेसिपी: बाजार से नहीं, अब घर में तैयार करें मलाई घेवर, मुंह में जाएगी ही जाएगी मोटाई; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

घेवर के लिए: 2 कप मैदा, ½ कप ठंडी घी, 1 कप ठंडा दूध, 2 से 2½ कप बर्फ वाला ठंडा पानी, 1 चुटकी सोडा, घी या तेल छवि: एआई चाशनी के लिए: 1 कप चीनी, ½ कप पानी, 3-4 इलायची, कुछ केसर के टुकड़े। मलाई टॉपिंग के लिए: 1 कप गाढ़ी रबड़ी या मलाई, कटे हुए बादाम और पिस्ता, थोड़ा-सा केसर, चांदी का कारखाना छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले एक बाउल में ठंडा घी चॉकलेट गुड तरह फेंट लें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके मैदा, दूध और बर्फ वाला ठंडा पानी मिलाते हैं। छवि: एआई बिना गुठली वाला बैटर तैयार करें। एक मोटा और भारी नारियल वाले पोथ में घी या तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब ऊपर से एक कलछी बैटर धीरे-धीरे बीच में घुस गया। छवि: एआई कुछ सेकंड बाद फिर थोड़ा बैटर डाला। इसी तरह 4-5 बार बैटर डालें ताकि घेवर में जालीदार डिजाइन बन जाए। बीच में जगह बनाने पर उसे प्रभाव-सा खोल दें। सुनहरा होने तक तलें और बारहमासी अतिरिक्त तेल गंतव्य। छवि: एआई एक पैन में चीनी और पानी के स्मारक। इलायची और केसर डालें और एक तार की रोशनी चाशनी तैयार कर लें। 20-30 सेकंड के लिए सूखे हुए घेवर को चाशनी में डुबोएं और फिर ठंडा ठंडा होने दें। छवि: एआई अब घेवर के ऊपर गाधी रबड़ी या मलाई फैलाएं। इसके बाद बादाम, पिस्ता और केसर से सजाएं। क्रूड तो सिल्वर का वर्कशॉप भी लगा सकते हैं। मलाई घेवर को फ़िरोज़ में 30 मिनट ठंडा करके सर्व करें। छवि: एआई इसका स्वाद ठंडा है और देखने में भी लाजवाब है। यह त्यौहार, त्योहार या किसी खास व्यंजन पर मिठाई के रूप में बनाया जा सकता है। छवि: एआई घेवर का बैटर हमेशा के लिए पतला और ठंडा हो जाता है, फिर भी तैयार हो जाता है। तेल या घी अच्छी तरह गर्म होना चाहिए। चाशनी ज्यादातर गाधी न छोड़ें, बाकी घेवर सख्त हो सकते हैं। छवि: एआई ताजी और गाढ़ी रबड़ी के इस्तेमाल से स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इसे बनाने में मलाई घेवर का स्वाद इतना शानदार होता है कि एक बार खाने के बाद बाजार वाला घेवर भी मांग में रह जाता है। छवि: एआई इस आसान रेसिपी को जरूर बनाएं और परिवार के साथ त्योहार का मजा लें। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मलाई घेवर रेसिपी(टी)मलाई घेवर रेसिपी(टी)घर पर घेवर कैसे बनाएं(टी)घेवर रेसिपी(टी)भारतीय मिठाई

इजराइली पीएम नेतन्याहू आज अमेरिका के लिए रवाना होंगे:जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात करेंगे; ईरान-US ने हमले रोके

इजराइली पीएम नेतन्याहू आज अमेरिका के लिए रवाना होंगे:जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात करेंगे; ईरान-US ने हमले रोके

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, वह मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। इसी दिन वह दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी शामिल होंगे। नेतन्याहू और ट्रम्प की यह मुलाकात फरवरी के बाद पहली आमने-सामने की बैठक होगी। दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात ईरान युद्ध शुरू होने से पहले हुई थी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इजराइल को आशंका है कि तेहरान अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर इजराइल को भी सीधे निशाना बना सकता है। इसी संभावना को देखते हुए इजराइल हाई अलर्ट पर है। इस बीच, ईरान और अमेरिका ने हमले रोक दिए है। दोनों देशों के बीच 3 दिनों से हमले बंद है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज के मुताबिक, ट्रम्प ने कूटनीतिक बातचीक का मौका देने के लिए फिलहाल हमले रोक दिए हैं। वहीं ईरान ने कहा कि अमेरिका की ओर से हमला नहीं होने के बाद उसने भी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई रोक दी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

हरियाणा के सिंगर बोले-E20 पेट्रोल से नई डिफेंडर खराब हुई:दावा- गाड़ी का फ्यूल पंप बदलवाना पड़ा; 8 महीने पहले ₹1.55 करोड़ में खरीदी

हरियाणा के सिंगर बोले-E20 पेट्रोल से नई डिफेंडर खराब हुई:दावा- गाड़ी का फ्यूल पंप बदलवाना पड़ा; 8 महीने पहले ₹1.55 करोड़ में खरीदी

देशभर में पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) को लेकर माइलेज कम होने, इंजन में खराबी और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने जैसे दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, हरियाणा के रहने वाले पंजाबी सिंगर रेशम सिंह अनमोल का एक वीडियो चर्चा में है। वीडियो में वह 8 महीने पहले खरीदी अपनी करीब 1.55 करोड़ रुपए की नई डिफेंडर-110 के अचानक रास्ते में बंद होने का किस्सा शेयर कर रहे हैं। उनका कहना है कि गाड़ी को कंपनी के सर्विस सेंटर भेजा गया, जहां उन्हें बताया गया कि खराब पेट्रोल की वजह से उसका फ्यूल पंप खराब हो गया। रेशम सिंह अनमोल कहते हैं, “मैंने सामान्य पेट्रोल (E20) डलवाना बंद कर दिया है। अब तक छह-सात पेट्रोल पंपों पर जा चुका हूं, लेकिन कहीं भी हाई-स्पीड पेट्रोल XP95 या XP100 नहीं मिला। सरकार ऐसी लिस्ट जारी करे, जिससे लोगों को पता चल सके कि किन-किन पेट्रोल पंपों पर यह पेट्रोल उपलब्ध है, क्योंकि यह परेशानी सिर्फ मुझे नहीं, कई लोगों को हो रही है।” दैनिक भास्कर से बातचीत में रेशम सिंह अनमोल के भाई डॉ. निर्मल सिंह नकटपुर ने पुष्टि की कि यह वीडियो चार दिन पहले दिल्ली जाते समय बनाया गया था। उस दिन डिफेंडर में हाई-स्पीड पेट्रोल डलवाने में दिक्कत आई थी। अनमोल कई पेट्रोल पंपों पर गए, लेकिन उन्हें कहीं भी XP95 या XP100 पेट्रोल नहीं मिला। सबसे पहले जानिए VIDEO में रेशम सिंह अनमोन ने क्या कहा…. अब जानिए सिंगर के भाई ने दैनिक भास्कर को क्या बताया… बाढ़ के पानी में फिसल गई थी रेंज रोवर स्पोर्ट्स रेशम सिंह अनमोल के बड़े भाई और नंबरदार डॉ. निर्मल सिंह नकटपुर ने बताया कि पहले अनमोल के पास रेंज रोवर स्पोर्ट्स थी। साल 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान वह इसी गाड़ी से राहत और सेवा कार्य के लिए गए थे। गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में एक दिन पेड़ की टहनी गाड़ी पर गिर गई। इसके कुछ दिन बाद गाड़ी फिसलकर बाढ़ के पानी में चली गई। नवंबर 2025 में 1.55 करोड़ रुपए में खरीदी नई गाड़ी नकटपुर ने बताया कि रेंज रोवर बेचने के बाद 7 नवंबर 2025 को अनमोल ने सफेद रंग की डिफेंडर-110 खरीदी। सभी खर्च मिलाकर इसकी कीमत करीब 1.55 करोड़ रुपए पड़ी। अनमोल को आमतौर पर ट्रैक्टर ज्यादा पसंद हैं, लेकिन यह गाड़ी उन्होंने बड़े शौक से खरीदी थी। शो पर जाते समय रास्ते में बंद हुई गाड़ी 27 मई 2026 को अनमोल अपनी टीम के साथ एक शो के लिए जा रहे थे। रास्ते में डिफेंडर चलते-चलते अचानक बंद हो गई। उन्होंने तुरंत कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने उन्हें एक घंटे तक गाड़ी स्टार्ट नहीं करने की सलाह दी। करीब एक घंटे बाद गाड़ी को दादा मोटर्स, चंडीगढ़ ले जाया गया। जांच में पता चला कि फ्यूल पंप खराब हो गया है, जिसे बाद में बदल दिया गया। जंतर-मंतर जाते समय नहीं मिला हाई-स्पीड पेट्रोल चार दिन पहले अनमोल छात्रों के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में समर्थन और सेवा देने के लिए चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने पांच पेट्रोल पंपों पर हाई-स्पीड पेट्रोल (XP100) तलाशा, लेकिन कहीं भी नहीं मिला। काफी परेशानी के बाद उन्होंने यह वीडियो रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई राज्यों में शो, हर जगह आती है पेट्रोल की दिक्कत डॉ. निर्मल सिंह नकटपुर ने बताया कि अनमोल के पंजाब और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में स्टेज शो होते हैं। यात्रा के दौरान अक्सर हाई-स्पीड या बेहतर गुणवत्ता वाला पेट्रोल नहीं मिल पाता। उनका मानना है कि यह समस्या सिर्फ उनके साथ नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी हो रही होगी, इसलिए इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। 8 देशों में कर चुके हैं शो, 70 गाने रिलीज रेशम सिंह अनमोल भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दुबई और मलेशिया में भी स्टेज शो कर चुके हैं। अब तक उनके 70 गाने रिलीज हो चुके हैं। उन्होंने यो यो हनी सिंह, बोहेमिया, रफ्तार, देसी क्रू, अफसाना खान, गुरलेज अख्तर और बंटी बैंस जैसे कलाकारों के साथ भी काम किया है। अक्टूबर में उनका न्यूजीलैंड और नवंबर में ऑस्ट्रेलिया का टूर प्रस्तावित है। इसके अलावा, वह अनमोल सेवा फाउंडेशन के जरिए सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। इंफोग्राफिक्स से एथेनॉल के बारे में जानिए…

वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; जनता की भलाई के लिए काम करें

वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण रविवार, 26 जुलाई को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं। 13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक IRS अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर ‘आयकर सिंधु’ इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है। मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी। CPWD और BSNL की जमीन को लेकर निर्देश दिए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन ट्रांसफर में मदद के बाद निर्माण से जुड़े काम अधिकारियों को खुद समय पर पूरे करने होंगे। इसमें CPWD (सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) से निपटना, अनुमतियां लेना, बिल्डिंग बनाना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर आवंटित करना जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि 21वीं सदी के उत्तरार्ध में अलग-अलग बिखरे ऑफिस स्पेस और महंगे किराए के मकानों में न रहना पड़े। सीतारमण ने खासतौर पर सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का जिक्र किया और अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की जमीनों को प्राप्त करने की कोशिश करें। इसके लिए वे खुद संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करेंगी। अफसरों को दी ‘इंटीग्रिटी’ बनाए रखने की सलाह वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा: HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹1.18 लाख करोड़ घटी; HUL की वैल्यू बढ़ी शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें….

वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें

वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण रविवार, 26 जुलाई को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं। 13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक IRS अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर ‘आयकर सिंधु’ इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है। मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी। CPWD और BSNL की जमीन को लेकर निर्देश दिए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन ट्रांसफर में मदद के बाद निर्माण से जुड़े काम अधिकारियों को खुद समय पर पूरे करने होंगे। इसमें CPWD (सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) से निपटना, अनुमतियां लेना, बिल्डिंग बनाना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर आवंटित करना जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि 21वीं सदी के उत्तरार्ध में अलग-अलग बिखरे ऑफिस स्पेस और महंगे किराए के मकानों में न रहना पड़े। सीतारमण ने खासतौर पर सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का जिक्र किया और अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की जमीनों को प्राप्त करने की कोशिश करें। इसके लिए वे खुद संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करेंगी। अफसरों को दी ‘इंटीग्रिटी’ बनाए रखने की सलाह वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा: HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹1.18 लाख करोड़ घटी; HUL की वैल्यू बढ़ी शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें….

लौकी-सोयाबीन का चीला रेसिपी: मिनटों में लौकी और सोयाबीन का चीला, हाई इंट्रोडक्शन से करें दिन की शुरुआत, नोट करें विधि

तस्वीर का विवरण

सामग्री के लिए लौकी-सोयाबीन चीला: 1 कपसोयाबीन, 1 लोकी, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, हरा धनिया, ½ छोटा मक्खन जीरा, ¼ छोटा मक्खन हल्दी, ½ छोटा मक्खन लाल मिर्च पाउडर, स्वाद मसाला, तेल या घी छवि: इंस्टाग्राम बनाने की विधि: सबसे पहले भीगी हुई सोयाबीन का पानी उसे भूखा और सीधे से पानी के साथ प्लास्टिक में पीस लें। तैयार पेस्ट को एक बड़े बाउल में डाला गया। छवि: फ्रीपिक इसमें कद्दू की हुई लौकी, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें।अगर बैटर बहुत सारे एसेट में लगे तो थोड़ा-सा पानी चिली जैसा नासा तैयार करें। छवि: इंस्टाग्राम अब तवा गर्म करें और प्रभाव-सा तेल का कपड़ा। एक कलछी बैटर मैनुअल गोल आकार में फैला हुआ। मध्यम किनारे पर दोनों तरफ से सोनार और कुरकुरा होने तक सेंक लें। इसी तरह बाकी सभी चीले तैयार कर लें। छवि: एआई गरमा-गरम लौकी और सोयाबीन चीला हरी धनिया की चटनी, दही, टमाटर की चटनी या पुदीने की चटनी के साथ बनाएं। फ़्लोरिडा तो इसके साथ एक कटोरी दही या कीक भी सर्व करें, जिससे स्टान्ट और भी नैमित्तिक बन जायेंगे। छवि: एआई हाई प्रोटीन होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा रहता है। लॉकी बॉडी को गोदाम में रखने में मदद मिलती है। वनस्पति से भरपूर होना की वजह से पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। छवि: एआई सोयाबीन और लोकी का चीला जल्दी तैयार हो जाता है, इसलिए सुबह-सुबह के लिए परफेक्ट रेसिपी है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए स्वादिष्ट और स्वादिष्ट विकल्प हैं। छवि: एआई अगर आप अपने दिन की शुरूआती स्टेक और टेस्टी प्रोजेक्ट से करना चाहते हैं, तो लोकी सोयाबीन और का यह चीला जरूर ट्राई करें। इसे एक बार बनाने के बाद आपकी यह फेवरेट ब्रेकफ़ास्ट रेसिपी बन सकती है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी-सोयाबीन चीला(टी)लौकी का चिल्ला(टी)सोयाबीन का चिल्ला(टी)लौकी सोयाबीन का चिल्ला(टी)हाई प्रोटीन रेसिपी(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता(टी)लौकी(टी)चीला रेसिपी(टी)सोयाबीन लौकी चीला रेसिपी

'बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा':एक्ट्रेस नीना गुप्ता बोलीं- लड़कियों की जिंदगी नहीं बदली, 98% घरों में आज भी घूंघट

'बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा':एक्ट्रेस नीना गुप्ता बोलीं- लड़कियों की जिंदगी नहीं बदली, 98% घरों में आज भी घूंघट

बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर जितनी बातें की जाती हैं, असलियत उससे कहीं अलग है। आज भी देश के अधिकांश घरों में लड़कियों के लिए सोच नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ वाला काम करना होगा, तभी बेटी सच में बचेगी। नीना गुप्ता ने यह बात जयपुर के होटल ललित में आयोजित ‘डायलॉग ऑन मेंटल वेलनेस’ कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने अपनी आत्मकथा सच कहूं तो, परिवार, महिलाओं की स्थिति, पालन-पोषण, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और अपने जीवन के अनुभवों पर खुलकर बात की। मेरे पास काम नहीं था तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था नीना गुप्ता ने कहा कि अपनी आत्मकथा लिखने का विचार करीब 25 साल पहले आया था। शुरू में जब मेरे पास काम नहीं था, तब मेरी कोई वैल्यू नहीं थी, तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था। तब मुझे लगा कि किसी को पता ही नहीं कि मैं असल में कैसी हूं। इसलिए मैंने सोचा कि मैं खुद लिखूंगी कि मैं वास्तव में कैसी हूं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने किताब लिखने के लिए एडवांस भी ले लिया था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाई। मैं मम्मी, पापा, भाई और उनका परिवार के बारे में लिखना चाहती थी। उन्होंने पूरी जिंदगी अपनी सच्चाई छिपाकर रखी थी। मुझे लगा कि मुझे उनकी जिंदगी सामने लाने का अधिकार नहीं है। जब भी लिखना शुरू करती, सोचती कि मम्मी को बुरा लगेगा, पापा को बुरा लगेगा, भाई को बुरा लगेगा और मैं रुक जाती थी। ‘कोविड में हिम्मत आई, क्योंकि अब किसी का डर नहीं था’ उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब वह छह महीने अपने पहाड़ी घर में रहीं, तब जाकर किताब पूरी हो सकी। तब तक मेरे परिवार के लगभग सभी लोग इस दुनिया से जा चुके थे। तब मुझे किसी का डर नहीं था। क्योंकि हम सबसे ज्यादा अपने लोगों से ही डरते हैं। मैं तो भगवान से ज्यादा अपनी बेटी से डरती हूं। नीना ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी किताब में भी सब कुछ नहीं लिखा। उन्होंने कहा कि मैंने झूठ नहीं लिखा, लेकिन सब कुछ भी नहीं लिखा। कुछ लोगों के बारे में बातें छिपा दीं क्योंकि लगा कि वह मेरी बेटी मसाबा, मेरे पति या कुछ दूसरे लोगों के लिए ठीक नहीं होगा। मैं किसी से बदला नहीं लेना चाहती थी। मेरे पास मौका था कि जिन लोगों ने मेरे साथ गलत किया, उनके बारे में लिखूं, लेकिन मैंने खुद को रोका। उन्होंने हंसते हुए कहा कि प्रकाशक के वकीलों ने तो उन्हें लगभग सभी लोगों के नाम तक बदलने के लिए कह दिया था। ‘भगवान से लड़ती भी हूं और धन्यवाद भी देती हूं’ मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए नीना ने कहा कि वह अपना मन भगवान के सामने खोल देती हैं। मैं दिन में कम से कम दस बार भगवान को धन्यवाद कहती हूं। जब रात को अपनी सफेद चादर पर लेटती हूं तो सबसे पहले ‘थैंक यू’ बोलती हूं। और जब गुस्सा आता है तो भगवान को डांटती भी हूं। कोई तो ताकत है जो मुझसे बड़ी है। मैं उसी से बात करती हूं। महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि शहरों में थोड़ा बदलाव जरूर दिखता है, लेकिन गांवों और छोटे कस्बों में हालात अब भी पहले जैसे हैं। हम लोग शायद एक-दो प्रतिशत आबादी की बात कर रहे हैं। बाकी जगह आज भी घूंघट है, पैर छूना है, सेवा करना है। बहुत कुछ नहीं बदला है। पंचायत वेबसीरीज का सुनाया किस्सा नीना ने पंचायत की शूटिंग के दौरान मध्य प्रदेश के एक गांव का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मैंने एक लड़की से पूछा कि क्या पढ़ती हो? उसकी मां बोली- पढ़ तो रही है, लेकिन 18 साल की होते ही शादी कर देंगे। फिर घूंघट करेगी, घर संभालेगी, बच्चे पैदा करेगी। यह आज भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल बेटी को पढ़ाने से बदलाव नहीं आएगा। मैंने अपनी एक दोस्त से कहा कि ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ। जब तक उनकी सोच नहीं बदलेगी, बेटी पढ़ भी जाएगी तो उससे कहा जाएगा कि अब बर्तन मांजो। ‘बच्चों पर गुस्सा नहीं, प्यार से बात कीजिए’ उन्होंने अपनी बेटी मसाबा के साथ रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ उन्होंने खुद भी बहुत कुछ सीखा। पहले मैं कहती थी- नहीं जाना है तो नहीं जाना है। फिर जवाब मिलता था- मैं तो जाऊंगी। बाद में समझ आया कि अगर वही बात प्यार से कहूं कि बेटा, मुझे यह ठीक नहीं लग रहा… बाकी फैसला तुम्हारा है, तो वह खुद सोचती थी। उन्होंने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो माता-पिता करते हैं। एक दिन मैंने बेटी से कहा कि चिल्लाओ मत। उसने जवाब दिया- आप भी तो चिल्लाती हैं। तब समझ आया कि बच्चे वही दोहराते हैं जो हमें करते हुए देखते हैं। ‘मेरा फोकस काम से हटकर रिश्तों पर चला गया’ कार्यक्रम में अपने करियर को लेकर उन्होंने खुलकर आत्ममंथन किया। उन्होंने कहा कि अगर मेरा फोकस सही रहता तो मैं और ऊंचाई तक पहुंच सकती थी। एक समय ऐसा आया जब मेरा ध्यान काम से ज्यादा एक अच्छे जीवनसाथी की तलाश पर चला गया। मुझे लगता है कि यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। महिलाओं का फोकस कई बार करियर से हटकर पति ढूंढने पर चला जाता है। अर्जुन की तरह अगर सिर्फ लक्ष्य पर नजर रहे तो मंजिल जरूर मिलती है। ‘आज की पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है’ युवाओं की मानसिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी सबसे ज्यादा भ्रम में है। मैं बहुत सारी युवा लड़कियों के साथ काम कर रही हूं। वे कहती हैं कि अच्छे लड़के नहीं मिलते। डेटिंग ऐप्स पर जा रही हैं, लेकिन वहां भी परेशान हैं। दूसरी तरफ लड़के भी यही कहते होंगे कि अच्छी लड़कियां नहीं मिलतीं। यह पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है। घर में पुराने विचार हैं और बाहर बहुत आधुनिक सोच। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि सही क्या है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि

वृंदावन में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों पर भड़कीं दीपिका सिंह:इन्फ्लुएंसर से बोलीं- व्यूज के लिए भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ न करें

वृंदावन में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों पर भड़कीं दीपिका सिंह:इन्फ्लुएंसर से बोलीं- व्यूज के लिए भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ न करें

टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने वृंदावन मंदिर में VIP ट्रीटमेंट मिलने के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। हाल ही में पति रोहित राज गोयल और बच्चों के साथ वृंदावन दर्शन के दौरान वायरल हुए वीडियो को लेकर उठे विवाद के बीच दीपिका ने रविवार को इंस्टाग्राम पर नया वीडियो शेयर कर कहा कि पूरा सच सामने है और लोगों को बिना पूरी जानकारी के आरोप नहीं लगाने चाहिए। दरअसल, दीपिका सिंह हाल ही में अपने परिवार के साथ वृंदावन दर्शन के लिए पहुंची थीं। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर में VIP ट्रीटमेंट दिया गया, जबकि उनके सामने खड़ी एक बुजुर्ग महिला की अनदेखी की गई। दीपिका सिंह ने आरोपों पर जवाब दिया विवाद बढ़ने पर दीपिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया। साथ ही एक इन्फ्लुएंसर को टैग करते हुए लिखा, “यह सब @glam_with_nishitwins (निशा बंसल) ने मेरी और पुजारी जी की ट्रोलिंग से शुरू किया था, लेकिन मैं उन्हें पूरी सच्चाई दिखाने की कोशिश कर रही हूं। इससे उन्हें भी ज्यादा व्यूज और फॉलोअर्स मिलेंगे। बाद में मुझे धन्यवाद कह सकती हैं। सबूत सबके सामने है। माता जी का प्रसाद भी मिला।” उन्होंने आगे लिखा, “असली प्रसाद: सही सोच, शुद्ध मन, अहंकार का त्याग, किसी पर बिना जाने उंगली न उठाना, शांति और अपने हक के लिए खड़े होने की शक्ति। दो बच्चों को देखकर दिया गया प्रेम क्या पाप है? बच्चे भी तो भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल जी) का ही रूप हैं।” इन्फ्लुएंसर पर भड़कते हुए उन्होंने लिखा, “@glam_with_nishitwins, आप और आपके जैसे लोग ऐसी रील बनाकर भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जो लोग अभी-अभी भक्ति के रास्ते पर चले हैं, उनका मन इससे टूट सकता है। कृपया भक्तों की भावनाओं का सम्मान करें। सिर्फ व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए लोगों को गुमराह न करें। राधे-राधे।” वीडियो में बुजुर्ग महिला को भी प्रसाद मिला दीपिका ने जो वीडियो शेयर किया उसमें मंदिर के पुजारी उन्हें अंगवस्त्र, फूलों की माला और प्रसाद देते दिखाई देते हैं। साथ ही बच्चों को बांसुरी भी भेंट की जाती है। वीडियो में सामने खड़ी बुजुर्ग महिला को भी प्रसाद मिलता हुआ दिखाई देता है। दरअसल, इंस्टाग्राम पर निशा बंसल ने दीपिका का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “कुछ तो शर्म कर लो, धर्म के ठेकेदारों। वो एक बूढ़ी मां है। उसकी उम्र खड़े होने लायक नहीं थी। इनको माला, बांसुरी, इत्र, सब सेवा, उसके नसीब प्रसाद भी नहीं।” दीपिका को ‘दीया और बाती हम’ से पहचान मिली थी दीपिका सिंह ने साल 2011 में स्टार प्लस के सुपरहिट शो ‘दीया और बाती हम’ से टीवी डेब्यू किया। इस शो में उन्होंने आईपीएस अधिकारी संध्या राठी का किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज ‘द रियल सोलमेट’ और टीवी शो ‘कवच: महाशिवरात्रि’ में काम किया। साल 2022 में फिल्म ‘टीटू अंबानी’ से बॉलीवुड में कदम रखा।

कलौंजी हेयर ऑयल: पसंदीदा में बालों और डैंड्रफ से हैं परेशान? घर पर ही खास कलौंजी का हेयर ऑयल; नोट कर लें आसान तरीका

कलौंजी हेयर ऑयल

26 जुलाई 2026 को 11:40 IST पर अपडेट किया गया कलौंजी हेयर ऑयल: आजकल बहुत से लोग बालों के झड़ने, स्कैल्प रूखी रहने और डैंड्रफ से परेशान रहने वाले हैं। राहत पाने के लिए लोग कई उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। कलौंजी के तेल में मौजूद थायमोकाइनोन स्कैल्प की सूजन और आयोडीन युक्त स्ट्रेस को कम करके बालों की मजबूती में मदद कर सकता है। इसे बालों का चमत्कारी इलाज नहीं माना जा सकता है और इस पर अभी क्लिनिकल शोध की जरूरत है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में कलौंजी के तेल का प्रयोग लंबे समय से होता आ रहा है। अनुसरण करना : कलौंजी बाल और स्कैल्प के लिए कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे थायमोकिनोन, ओमेगा-6 और ओमेगा-9 एसिड एसिड, विटामिन ई, अमीनो एसिड और प्लांट स्टेरॉल। छवि: फ्रीपिक कलौंजी का हेयर कलौंजी ऑयल बनाने के लिए आपको आधा कपौंजी, एक कप कोल्ड-प्रेस्ड नारियल का तेल या ऑलिव ऑयल, एक कांच की बोतल और एक महीन सूती कपड़ा या कलौंजी की जरूरत होगी। छवि: फ्रीपिक सबसे पहले कलौंजी को अधायन पर 1-2 मिनट प्रभाव भून लें और ध्यान दें कि बीज जलें नहीं। फिर भुनी हुई कलौंजी को दरदरा कूट लें। छवि: फ्रीपिक एक पैन में नारियल या जैतून के तेल को नारियल आँच पर गर्म करें और कुटी हुई कलौंजी के ढांचे को 30 मिनट तक बंद करें। छवि: फ्रीपिक बंद होने से तेल को ठंडा करें। इसके बाद इसे गुडकर कांच का साफ और बोतल में भर लें। इसे अदृश्य और अँधेरी जगह पर रखें। सही तरीके से स्टोर करने पर इसे लगभग 3 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 26 जुलाई 2026 11:39 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कलौंजी हेयर ऑयल(टी)बालों के लिए काले बीज का तेल(टी)घर पर कलौंजी का तेल कैसे बनाएं(टी)प्राकृतिक बाल विकास तेल(टी)डैंड्रफ उपाय(टी)बालों के लिए थामोक्विनोन(टी)आयुर्वेदिक बालों की देखभाल

ईरान पर सबसे बड़े हमले से पीछे हटे ट्रम्प:सलाहकारों ने चेतावनी दी, देश में इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी

ईरान पर सबसे बड़े हमले से पीछे हटे ट्रम्प:सलाहकारों ने चेतावनी दी, देश में इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़े हमले को फिलहाल टाल दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यह फैसला अपने शीर्ष सलाहकारों और कैबिनेट सदस्यों के साथ शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया। इस दौरान मुख्य चिंता मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना के पास मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी को लेकर थी। इंटरसेप्टर खत्म होने का डर ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने निजी तौर पर सलाह दी थी कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाना संभव तो है, लेकिन इससे सेंट्रल कमांड के पास मौजूद इंटरसेप्टर मिसाइलें खतरनाक स्तर तक खत्म हो सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल के अंत तक रक्षा विभाग 1,200 से ज्यादा पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें खर्च कर चुका है, जिनकी कीमत 4 मिलियन डॉलर प्रति मिसाइल से अधिक है। तब से स्थिति और खराब हुई है। जॉर्डन हमले के बाद बढ़ी चिंता हाल ही में जॉर्डन में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले के दौरान एक बैलिस्टिक मिसाइल अमेरिकी सुरक्षा घेरे को भेदकर निकल गई थी। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभियान बढ़ाया गया, तो अमेरिकी सैनिक, खाड़ी देशों के सहयोगी और महत्वपूर्ण ठिकाने ईरानी जवाबी हमलों के प्रति असुरक्षित हो जाएंगे। कूटनीति और दबाव की रणनीति व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा से कूटनीतिक समाधान के पक्ष में रहे हैं, लेकिन अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य या सहयोगियों के खिलाफ आतंकी गतिविधियां जारी रखता है, तो सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए यही समझदारी है कि वह बातचीत के जरिए डील करे, वरना उसे अंजाम भुगतना होगा। आर्थिक दबाव और अन्य चुनौतियां ट्रंप के सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि व्यापक युद्ध से वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और शरणार्थी संकट पैदा हो सकता है। इसके अलावा, प्रशासन के भीतर यह संदेह भी है कि तेज सैन्य अभियान ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के बजाय उसे विदेशी खतरे के खिलाफ एकजुट कर सकता है। इसी दबाव को बनाए रखने के लिए शुक्रवार को ट्रेजरी विभाग ने ईरानी व्यवसायी बाबेक जंजानी के वित्तीय नेटवर्क से जुड़े 9 कंपनियों और 4 लोगों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है।