मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं

मेहली मिस्त्री ने उनके फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस ‘आरएनटी एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। इस कदम से टाटा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ मेहली मिस्त्री की दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। 3 साल पहले बोर्ड में शामिल हुए थे मिस्त्री, व्यस्तता का दिया हवाला मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। बोर्ड को भेजे अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने लिखा, “मेरी अन्य प्रतिबद्धताओं और व्यस्तताओं के कारण, मैं आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।” मिस्त्री ने यह पत्र 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। आरएनटी एसोसिएट्स का पेटीएम जैसे स्टार्टअप्स में निवेश टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद विवाद कोर्ट तक पहुंचा यह इस्तीफा नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से मिस्त्री को हटाए जाने के बाद आया है। टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। मिस्त्री का कहना है कि वे ट्रस्ट में अपनी वापसी नहीं चाहते, बल्कि वे केवल उन कथित गड़बड़ियों को उजागर करना चाहते हैं जिसके कारण उन्हें बाहर किया गया। फिलहाल सिर्फ एक एफिलिएट ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल आरएनटी एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। यह ट्रस्ट टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर एफिलिएट संस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, ग्रुप के मुख्य बिजनेस और इन्वेस्टमेंट फैसलों से वे अब पूरी तरह दूर हो चुके हैं। क्या है आरएनटी एसोसिएट्स और कौन हैं इसके वर्तमान सदस्य? आरएनटी एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। इसके जरिए रतन टाटा नए स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की दो बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं। पेटीएम और ओला जैसे दो दर्जन स्टार्टअप्स में है निवेश आरएनटी एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा निवेश कर रखा है। रतन टाटा ने बनाया था नया शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर शुरुआत में रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार इस कंपनी के दो मुख्य शेयरहोल्डर्स थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन से पहले, उन्होंने साल 2022 में ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ (RTEF) और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ (RTET) की स्थापना की थी। अब यही दोनों संस्थाएं आरएनटी एसोसिएट्स की शेयरहोल्डर हैं। RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET में टाटा ट्रस्ट्स के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के साथ प्रमित झावेरी जैसे दिग्गज शामिल हैं।
फिल्ममेकर की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे पवन कल्याण:फोटोग्राफर्स को टोका, मंच पर भीड़ लगने से परेशान दिखे गेस्ट, सिक्योरिटी को करना पड़ा जद्दोजहद

एक्टर और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण बुधवार को साउथ फिल्ममेकर मेहर रमेश की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे थे। पवन को देखते ही फैंस की भीड़ लग गई, जिस समय उनकी सिक्योरिटी टीम को भी एक्टर की सुरक्षा के लिए जद्दोजहद करते देखा गया। जैसे ही पवन मंच पर आए, भारी भीड़ जमा होने से रिसेप्शन में पहुंचे गेस्ट के साथ ही धक्का-मुक्की हो गई, जिससे कुछ मेहमान परेशान दिखे। पवन के अलावा साउथ इंडस्ट्री के कई और लोग भी इस शादी में पहुंचे हैं। पवन कल्याण पत्नी पूर्व रशियन मॉडल पत्नी अन्ना लेझनेवा के साथ रिसेप्शन में पहुंचे। उनकी एंट्री के साथ ही वहां मौजूद सभी कैमरामैन उनकी तस्वीरें क्लिक करने आगे बढ़े। इस दौरान पवन कल्याण ने इशारा करते हुए तस्वीरें न लेने के लिए टोका। इसके बाद वो मंच पर पहुंचे, जहां भारी भीड़ जमा हो गई। मंच पर पवन और उनकी पत्नी ने फिल्ममेकर की बेटी को तोहफे दिए। पवन कल्याण को मंच से उतरता देख कई लोग तस्वीर क्लिक करवाने और करने के लिए उतावले हो गए, जिस समय मंच पर मौजूद मेहमान ही धक्का-मुक्की का शिकार हो गए। ये सेलेब्स भी हुए रिसेप्शन में शामिल-
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
स्पोर्ट्स अपडेट- न्यूजीलैंड के बेन सीयर्स विंडीज दौरे से बाहर:टखने में चोट है, स्वदेश लौटेंगे; स्पेन के लामिन यमाल पूरी तरह फिट

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज बेन सीयर्स टखने की चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट ने एहतियात के तौर पर उन्हें इलाज के लिए न्यूजीलैंड वापस भेजने का फैसला किया है। उनकी जगह ऑकलैंड एसेस के तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार बेन सीयर्स को मई में आयरलैंड के खिलाफ 4 दिवसीय टेस्ट के बाद से टखने में लगातार दर्द था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन यह परेशानी फिर बढ़ गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम और आगे के इलाज के लिए स्वदेश भेजने का फैसला किया। बेन लिस्टर अगले कुछ दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने 2023 में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड के लिए वनडे डेब्यू किया था। 5 मैचों की वनडे सीरीज 12 जुलाई (न्यूजीलैंड समयानुसार) से गुयाना में शुरू होगी। स्पोर्ट्स की यह खबरें भी पढ़िए… स्पेन के कोच बोले- लामिन यामाल पूरे मैच के लिए फिट स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि 18 साल के स्टार विंगर लामिन यामाल अब पूरी तरह फिट हैं। वे जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में पूरे 90 मिनट खेल सकते हैं। उनकी रिकवरी लगभग पूरी हो चुकी है। AP के अनुसार फुएंते ने इंगलवुड के सोफी स्टेडियम में कहा- ‘लामिन जितना समय हम उनसे खेलने को कहेंगे, उतना खेल सकते हैं। हमने उनकी रिकवरी को लेकर सावधानी बरती है। अब वह बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह खुद भी खेलने के लिए बेहद उत्साहित हैं।’ बार्सिलोना के विंगर यामाल ने ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में सिर्फ 141 मिनट खेलते हुए एक गोल किया था। अप्रैल में हैमस्ट्रिंग चोट के बाद स्पेन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उनके खेलने का समय सीमित रखा था।
स्पोर्ट्स अपडेट- न्यूजीलैंड के बेन सीयर्स विंडीज दौरे से बाहर:टखने में चोट है, स्वदेश लौटेंगे; स्पेन के लामिन यमाल पूरी तरह फिट

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज बेन सीयर्स टखने की चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट ने एहतियात के तौर पर उन्हें इलाज के लिए न्यूजीलैंड वापस भेजने का फैसला किया है। उनकी जगह ऑकलैंड एसेस के तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार बेन सीयर्स को मई में आयरलैंड के खिलाफ 4 दिवसीय टेस्ट के बाद से टखने में लगातार दर्द था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन यह परेशानी फिर बढ़ गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम और आगे के इलाज के लिए स्वदेश भेजने का फैसला किया। बेन लिस्टर अगले कुछ दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने 2023 में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड के लिए वनडे डेब्यू किया था। 5 मैचों की वनडे सीरीज 12 जुलाई (न्यूजीलैंड समयानुसार) से गुयाना में शुरू होगी। स्पोर्ट्स की यह खबरें भी पढ़िए… स्पेन के कोच बोले- लामिन यामाल पूरे मैच के लिए फिट स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि 18 साल के स्टार विंगर लामिन यामाल अब पूरी तरह फिट हैं। वे जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में पूरे 90 मिनट खेल सकते हैं। उनकी रिकवरी लगभग पूरी हो चुकी है। AP के अनुसार फुएंते ने इंगलवुड के सोफी स्टेडियम में कहा- ‘लामिन जितना समय हम उनसे खेलने को कहेंगे, उतना खेल सकते हैं। हमने उनकी रिकवरी को लेकर सावधानी बरती है। अब वह बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह खुद भी खेलने के लिए बेहद उत्साहित हैं।’ बार्सिलोना के विंगर यामाल ने ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में सिर्फ 141 मिनट खेलते हुए एक गोल किया था। अप्रैल में हैमस्ट्रिंग चोट के बाद स्पेन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उनके खेलने का समय सीमित रखा था।
बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराया:86वें मिनट तक 0-2 से पीछे था, आखिरी 4 मिनट में स्कोर बराबर, एक्स्ट्रा टाइम में विनिंग गोल

बेल्जियम ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में गुरुवार को 86वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ने के बावजूद एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल को 3-2 से हराया। अब उसका मुकाबला मेजबान अमेरिका से होगा। अमेरिकी टीम ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराया। सिएटल स्टेडियम में बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में पहला गोल किया। फिर यूरी टिलेमंस ने 89वें मिनट में बराबरी दिलाई। उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में 125वें मिनट में पेनल्टी पर विनिंग गोल किया। इससे पहले बेल्जियम ने 2018 वर्ल्ड कप नॉकआउट में जापान के खिलाफ 0-2 से पिछड़कर 3-2 से जीत हासिल की थी। इधर, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने 45वें मिनट में गोल किया और हाफ टाइम से पहले टीम को 1-0 से आगे कर दिया। उन्हें 64वें मिनट में रेड कार्ड दिखया गया। ऐसे में मालिक टिलमैन ने 82वें मिनट में गोल किया। मैच रिपोर्ट पढ़िए बेल्जियम Vs सेनेगल सेनेगल ने 2-0 की बढ़त ली, लुकाकू-टिलेमंस ने पलटा मैच सेनेगल ने 25वें मिनट में हबीब डियारा के गोल से बढ़त बनाई। 51वें मिनट में इस्माइला सार ने मौसा नियाखाते की लंबी पास को नियंत्रित करते हुए गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। यह सार का मौजूदा वर्ल्ड कप में चौथा गोल रहा। दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट उतरे रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में गोल कर बेल्जियम की वापसी की शुरुआत की। इसके तीन मिनट बाद कप्तान यूरी टिलेमंस ने बराबरी का गोल दागकर मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा दिया। मैच पेनल्टी शूटआउट में जाता दिख रहा था, तभी अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में लैमिन कमारा ने टिलेमंस को बॉक्स के भीतर धक्का दिया। वीडियो रिव्यू के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। टिलेमंस ने दबाव में शानदार गोल करते हुए बेल्जियम को 3-2 की ऐतिहासिक जीत दिला दी। एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे देर से हुआ निर्णायक गोल है। पेनल्टी फैसले पर सेनेगल की नाराजगी पेनल्टी दिए जाने के बाद सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के फैसले का विरोध किया। डिफेंडर पाथे सिस पेनल्टी स्पॉट पर लेट गए, जबकि अन्य खिलाड़ी भी रेफरी से बहस करते रहे। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने कहा, ‘हमें नहीं लगा कि यह पेनल्टी थी। खिलाड़ियों ने फैसले का विरोध किया, लेकिन निर्णय हो चुका था और अंततः उसी की वजह से हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए।’ अमेरिका Vs बोस्निया-हर्जेगोविना 10 खिलाड़ियों के साथ अमेरिका की दमदार जीत फोलारिन बालोगुन ने मैच की शुरुआत से ही अटैक किया। उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण अमान्य कर दिया गया, लेकिन पहले हाफ के इंजुरी टाइम में उन्होंने मलिक टिलमैन के थ्रू बॉल पर मिले मौके को शानदार तरीके से गोल में बदलकर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भी बालोगुन दूसरे गोल के करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। बालोगुन को रेड कार्ड, 10 प्लेयर्स के साथ खेली टीम अमेरिका को 64वें मिनट में बड़ा झटका लगा, जब स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को VAR समीक्षा के बाद तारिक मुहरेमोविच पर खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद टीम ने संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम किया। 82वें मिनट में अमेरिका को फ्री-किक मिली। मलिक टिलमैन ने बेहतरीन शॉट लगाते हुए गेंद को सीधे नेट में पहुंचा दिया और स्कोर 2-0 कर दिया। इससे थोड़ी देर पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था।
फुटबॉल वर्ल्डकप- 86वें मिनट तक 0-2 से पीछे था बेल्जियम:आखिरी 4 मिनट में बराबरी, सेनेगल से विवादित पेनल्टी में जीता; अमेरिका भी टॉप-16 में

बेल्जियम ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में गुरुवार को 86वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ने के बावजूद एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल को 3-2 से हराया। अब उसका मुकाबला मेजबान अमेरिका से होगा। अमेरिकी टीम ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराया। सिएटल स्टेडियम में बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में पहला गोल किया। फिर यूरी टिलेमंस ने 89वें मिनट में बराबरी दिलाई। उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में 125वें मिनट में विवादित पेनल्टी पर विनिंग गोल किया। इससे पहले बेल्जियम ने 2018 वर्ल्ड कप नॉकआउट में जापान के खिलाफ 0-2 से पिछड़कर 3-2 से जीत हासिल की थी। इधर, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने 45वें मिनट में गोल किया और हाफ टाइम से पहले टीम को 1-0 से आगे कर दिया। उन्हें 64वें मिनट में रेड कार्ड दिखया गया। ऐसे में मालिक टिलमैन ने 82वें मिनट में गोल किया। मैच रिपोर्ट पढ़िए बेल्जियम Vs सेनेगल सेनेगल ने 2-0 की बढ़त ली, लुकाकू-टिलेमंस ने पलटा मैच सेनेगल ने 25वें मिनट में हबीब डियारा के गोल से बढ़त बनाई। 51वें मिनट में इस्माइला सार ने मौसा नियाखाते की लंबी पास को नियंत्रित करते हुए गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। यह सार का मौजूदा वर्ल्ड कप में चौथा गोल रहा। दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट उतरे रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में गोल कर बेल्जियम की वापसी की शुरुआत की। इसके तीन मिनट बाद कप्तान यूरी टिलेमंस ने बराबरी का गोल दागकर मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा दिया। मैच पेनल्टी शूटआउट में जाता दिख रहा था, तभी अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में लैमिन कमारा ने टिलेमंस को बॉक्स के भीतर धक्का दिया। वीडियो रिव्यू के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। टिलेमंस ने दबाव में शानदार गोल करते हुए बेल्जियम को 3-2 की ऐतिहासिक जीत दिला दी। एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे देर से हुआ निर्णायक गोल है। पेनल्टी फैसले पर सेनेगल की नाराजगी पेनल्टी दिए जाने के बाद सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के फैसले का विरोध किया। डिफेंडर पाथे सिस पेनल्टी स्पॉट पर लेट गए, जबकि अन्य खिलाड़ी भी रेफरी से बहस करते रहे। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने कहा, ‘हमें नहीं लगा कि यह पेनल्टी थी। खिलाड़ियों ने फैसले का विरोध किया, लेकिन निर्णय हो चुका था और अंततः उसी की वजह से हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए।’ अमेरिका Vs बोस्निया-हर्जेगोविना 10 खिलाड़ियों के साथ अमेरिका की दमदार जीत फोलारिन बालोगुन ने मैच की शुरुआत से ही अटैक किया। उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण अमान्य कर दिया गया, लेकिन पहले हाफ के इंजुरी टाइम में उन्होंने मलिक टिलमैन के थ्रू बॉल पर मिले मौके को शानदार तरीके से गोल में बदलकर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भी बालोगुन दूसरे गोल के करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। बालोगुन को रेड कार्ड, 10 प्लेयर्स के साथ खेली टीम अमेरिका को 64वें मिनट में बड़ा झटका लगा, जब स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को VAR समीक्षा के बाद तारिक मुहरेमोविच पर खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद टीम ने संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम किया। 82वें मिनट में अमेरिका को फ्री-किक मिली। मलिक टिलमैन ने बेहतरीन शॉट लगाते हुए गेंद को सीधे नेट में पहुंचा दिया और स्कोर 2-0 कर दिया। इससे थोड़ी देर पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था।
ईरान 6 अरब डॉलर के फ्रीज-फंड से जरूरी सामान खरीदेगा:अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप; उल्लंघन की निगरानी के लिए अलग चैनल बनेगा

ईरान ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते (MoU) के तहत जारी होने वाली 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों का एक हिस्सा जरूरी सामान खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर कतर की राजधानी दोहा में हुई बैठक में सहमति बनी। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ बैठक में तय हुआ कि ईरान अपनी जरूरत के मुताबिक सामान खरीदेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने लेबनान में युद्ध रोकने समेत समझौते की कुछ शर्तों का पालन नहीं किया है। बैठक में यह भी फैसला हुआ कि समझौते के उल्लंघन की निगरानी के लिए गुरुवार तक एक अलग संचार चैनल बनाया जाएगा, जहां किसी भी उल्लंघन की आधिकारिक शिकायत दर्ज की जा सकेगी। गरीबाबादी ने साफ किया कि दोहा में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच कोई सीधी बैठक नहीं हुई। बातचीत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अलग-अलग हुई। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले- ईरान पर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। 2. इजराइल का ऐलान- लेबनान, सीरिया और गाजा से सेना नहीं हटेगी: इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि लेबनान, सीरिया और गाजा में सेना की तैनाती जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता और हिजबुल्लाह हथियार नहीं छोड़ता, सैनिक वापस नहीं बुलाए जाएंगे। 3. ईरान का दावा- खामेनेई के अंतिम संस्कार में 2 करोड़ लोग पहुंचेंगे: ईरान ने कहा कि अंतिम संस्कार में 2 करोड़ तक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। 30 देशों के प्रतिनिधि भी पहुंचेंगे और तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 4. होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य हुई: समुद्री निगरानी कंपनी केप्लर के मुताबिक मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट से 34 जहाज गुजरे। इससे संकेत मिला कि युद्ध के बाद भी इस अहम समुद्री मार्ग पर तेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। 5. अमेरिका-ईरान समझौते की 5 शर्तों पर अब भी अटकी बात MoU पर हस्ताक्षर के दो हफ्ते बाद भी फ्रीज फंड जारी होने, तेल निर्यात में राहत, होर्मुज में सामान्य आवाजाही, लेबनान में युद्धविराम और परमाणु मुद्दे जैसे अहम मामलों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

रहस्य, रोमांच, पौराणिक इतिहास और बड़े विजुअल्स से सजी पैन इंडिया फिल्म ‘नागबंधम’ तीन जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म में विराट कर्ण, नभा नटेश और ऋषभ साहनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्माता निशिता नागिरेड्डी हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में टीम ने फिल्म की कहानी, सनातन संस्कृति, दक्षिण भारतीय सिनेमा, बॉलीवुड और किरदारों पर बात की। सवाल: ‘नागबंधम’ की सबसे बड़ी खासियत क्या है? जवाब/निशिता नागिरेड्डी: यह सिर्फ पौराणिक फिल्म नहीं है। इसमें इतिहास, सनातन परंपरा, रहस्य और रोमांच को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। मकसद दर्शकों को मनोरंजन के साथ विरासत से जोड़ना है। सवाल: विराट, आपका किरदार रुद्र का है। इसमें क्या अलग देखने को मिलेगा? जवाब/विराट कर्ण: रुद्र सिर्फ ताकतवर नहीं है, उसके हर फैसले के पीछे वजह है। उसके हर संवाद और एक्शन का मतलब है। ज्यादा बताऊंगा तो मजा खत्म हो जाएगा। असली अनुभव थिएटर में मिलेगा। सवाल: नभा, पौराणिक दुनिया का हिस्सा बनना कैसा रहा? जवाब/नभा नटेश: खास अनुभव रहा। भारतीय सिनेमा में कई ऐतिहासिक और पौराणिक पहलुओं को अब तक सही तरीके से नहीं दिखाया गया। हमारी फिल्म उसी कमी को पूरा करने की कोशिश है। दर्शक मनोरंजन के साथ नया भी जानेंगे। सवाल: ऋषभ, आप लगातार नकारात्मक किरदार निभा रहे हैं। क्या ऐसे किरदार ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं? जवाब/ऋषभ साहनी: मुझे ऐसे किरदार निभाने में मजा आता है। हर किरदार का नजरिया होता है। मैं पहले समझने की कोशिश करता हूं कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। उसकी सोच समझ में आ जाए तो किरदार जीवंत हो जाता है। सवाल: इतने क्रूर किरदार निभाने के बाद उससे बाहर कैसे निकलते हैं? जवाब/ऋषभ: शूट खत्म होते ही परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताता हूं। वही मुझे सामान्य जिंदगी में वापस ले आता है। मैं किरदार सेट पर छोड़ देता हू। सवाल: सनातन और भारतीय इतिहास पर लगातार फिल्में बन रही हैं। इसे आप ट्रेंड मानते हैं? जवाब/निशिता: यह ट्रेंड नहीं है। हमारी कहानियां हमेशा से थीं। अब तकनीक, बजट और दर्शकों का भरोसा बढ़ा है, इसलिए उन्हें बड़े पैमाने पर पेश किया जा रहा है। नभा: कोविड के बाद लोग अपनी जड़ों से फिर जुड़ना चाहते हैं। इसी वजह से ऐसी फिल्मों को ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है। सवाल: बॉलीवुड दक्षिण भारतीय सिनेमा से क्या सीख सकता है? जवाब/ऋषभ: सबसे बड़ी सीख यही है कि कहानियों और नए कलाकारों पर भरोसा किया जाए। वहां कंटेंट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। सवाल: विराट, हिंदी फिल्मों में किस कलाकार के साथ काम करना चाहेंगे? जवाब/विराट: मुझे आलिया भट्ट का काम पसंद है। मौका मिला तो उनके साथ काम करना चाहूंगा। मुझे एक्शन और भावनात्मक फिल्में करना पसंद है। सवाल: आपकी प्रेरणा कौन रहे हैं? जवाब/विराट: विक्की कौशल का अभिनय मुझे प्रभावित करता है। खासकर ‘छावा’ देखने के बाद मैंने किरदार पर और मेहनत की। मैं चाहूंगा कि वह यह फिल्म देखें। सवाल: निर्माता के तौर पर बड़े सितारों की बजाय नए चेहरों पर भरोसा क्यों किया? जवाब/निशिता: हमारा विश्वास कहानी पर था। लगा कि जो कलाकार किरदार में फिट बैठता है, वही सही चुनाव है। स्टारडम से ज्यादा जरूरी कहानी है। सवाल: फिल्म को लेकर सबसे यादगार तारीफ कौन सी मिली? जवाब/ऋषभ: यूनिट हर अच्छे शॉट के बाद हौसला बढ़ाती थी। इससे अगले दृश्य में बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नभा: मेरे लुक और किरदार को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली क्योंकि दर्शकों ने मुझे पहले ऐसे अवतार में नहीं देखा। विराट: मेरे लिए बड़ी तारीफ यह रही कि लोगों ने कहा मैं भगवान शिव जैसा दिख रहा हूं। मैं इसे उनका आशीर्वाद मानता हूं। सवाल: फिल्म के टीजर को इंडस्ट्री से कैसा रिस्पॉन्स मिला? जवाब/निशिता: कई बड़े कलाकारों ने टीजर की तारीफ की। महेश बाबू का समर्थन हमारे लिए बड़ा उत्साह था। उनके शब्दों ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया।







