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हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

रहस्य, रोमांच, पौराणिक इतिहास और बड़े विजुअल्स से सजी पैन इंडिया फिल्म ‘नागबंधम’ तीन जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म में विराट कर्ण, नभा नटेश और ऋषभ साहनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्माता निशिता नागिरेड्डी हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में टीम ने फिल्म की कहानी, सनातन संस्कृति, दक्षिण भारतीय सिनेमा, बॉलीवुड और किरदारों पर बात की। सवाल: ‘नागबंधम’ की सबसे बड़ी खासियत क्या है? जवाब/निशिता नागिरेड्डी: यह सिर्फ पौराणिक फिल्म नहीं है। इसमें इतिहास, सनातन परंपरा, रहस्य और रोमांच को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। मकसद दर्शकों को मनोरंजन के साथ विरासत से जोड़ना है। सवाल: विराट, आपका किरदार रुद्र का है। इसमें क्या अलग देखने को मिलेगा? जवाब/विराट कर्ण: रुद्र सिर्फ ताकतवर नहीं है, उसके हर फैसले के पीछे वजह है। उसके हर संवाद और एक्शन का मतलब है। ज्यादा बताऊंगा तो मजा खत्म हो जाएगा। असली अनुभव थिएटर में मिलेगा। सवाल: नभा, पौराणिक दुनिया का हिस्सा बनना कैसा रहा? जवाब/नभा नटेश: खास अनुभव रहा। भारतीय सिनेमा में कई ऐतिहासिक और पौराणिक पहलुओं को अब तक सही तरीके से नहीं दिखाया गया। हमारी फिल्म उसी कमी को पूरा करने की कोशिश है। दर्शक मनोरंजन के साथ नया भी जानेंगे। सवाल: ऋषभ, आप लगातार नकारात्मक किरदार निभा रहे हैं। क्या ऐसे किरदार ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं? जवाब/ऋषभ साहनी: मुझे ऐसे किरदार निभाने में मजा आता है। हर किरदार का नजरिया होता है। मैं पहले समझने की कोशिश करता हूं कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। उसकी सोच समझ में आ जाए तो किरदार जीवंत हो जाता है। सवाल: इतने क्रूर किरदार निभाने के बाद उससे बाहर कैसे निकलते हैं? जवाब/ऋषभ: शूट खत्म होते ही परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताता हूं। वही मुझे सामान्य जिंदगी में वापस ले आता है। मैं किरदार सेट पर छोड़ देता हू। सवाल: सनातन और भारतीय इतिहास पर लगातार फिल्में बन रही हैं। इसे आप ट्रेंड मानते हैं? जवाब/निशिता: यह ट्रेंड नहीं है। हमारी कहानियां हमेशा से थीं। अब तकनीक, बजट और दर्शकों का भरोसा बढ़ा है, इसलिए उन्हें बड़े पैमाने पर पेश किया जा रहा है। नभा: कोविड के बाद लोग अपनी जड़ों से फिर जुड़ना चाहते हैं। इसी वजह से ऐसी फिल्मों को ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है। सवाल: बॉलीवुड दक्षिण भारतीय सिनेमा से क्या सीख सकता है? जवाब/ऋषभ: सबसे बड़ी सीख यही है कि कहानियों और नए कलाकारों पर भरोसा किया जाए। वहां कंटेंट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। सवाल: विराट, हिंदी फिल्मों में किस कलाकार के साथ काम करना चाहेंगे? जवाब/विराट: मुझे आलिया भट्ट का काम पसंद है। मौका मिला तो उनके साथ काम करना चाहूंगा। मुझे एक्शन और भावनात्मक फिल्में करना पसंद है। सवाल: आपकी प्रेरणा कौन रहे हैं? जवाब/विराट: विक्की कौशल का अभिनय मुझे प्रभावित करता है। खासकर ‘छावा’ देखने के बाद मैंने किरदार पर और मेहनत की। मैं चाहूंगा कि वह यह फिल्म देखें। सवाल: निर्माता के तौर पर बड़े सितारों की बजाय नए चेहरों पर भरोसा क्यों किया? जवाब/निशिता: हमारा विश्वास कहानी पर था। लगा कि जो कलाकार किरदार में फिट बैठता है, वही सही चुनाव है। स्टारडम से ज्यादा जरूरी कहानी है। सवाल: फिल्म को लेकर सबसे यादगार तारीफ कौन सी मिली? जवाब/ऋषभ: यूनिट हर अच्छे शॉट के बाद हौसला बढ़ाती थी। इससे अगले दृश्य में बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नभा: मेरे लुक और किरदार को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली क्योंकि दर्शकों ने मुझे पहले ऐसे अवतार में नहीं देखा। विराट: मेरे लिए बड़ी तारीफ यह रही कि लोगों ने कहा मैं भगवान शिव जैसा दिख रहा हूं। मैं इसे उनका आशीर्वाद मानता हूं। सवाल: फिल्म के टीजर को इंडस्ट्री से कैसा रिस्पॉन्स मिला? जवाब/निशिता: कई बड़े कलाकारों ने टीजर की तारीफ की। महेश बाबू का समर्थन हमारे लिए बड़ा उत्साह था। उनके शब्दों ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया।

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