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अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने काम के नजरिए और करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि कहानी में क्या खास लगा, राजकुमार हिरानी के साथ काम करना क्यों आसान और मजेदार है और क्यों उनके लिए अच्छी स्क्रिप्ट के साथ अच्छा माहौल भी जरूरी है। उन्होंने गोवा शूट के किस्से, एक्टिंग प्रोसेस और सफलता की सोच भी साझा की। सवाल: जब आपने ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत तैयार कर दिया? जवाब: सबसे पहले इसका विषय मुझे महत्वपूर्ण लगा। साइबर क्राइम आज का बड़ा मुद्दा है और इसके बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं थी। मुझे राजू ( राजकुमार हिरानी) की कहानी कहने की शैली पसंद है। उनके किरदार मानवीय होते हैं। ‘पेड्रो’ का किरदार बहुत प्यारा लगा, जिसमें ह्यूमर, खुशी और भावनाएं हैं। यह कहानी बाहर से आसान लगती है, लेकिन अंदर कई परतें हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: राजकुमार हिरानी के साथ काम करने में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है? जवाब:दो बातें हैं। पहली प्रोफेशनल और दूसरी पर्सनल। प्रोफेशनल तौर पर उन्हें स्क्रिप्ट की शानदार समझ है और वे हर सीन को बेहतर बनाते हैं। उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पर्सनल तौर पर उनके साथ काम करना मजेदार होता है। सेट पर बातचीत और हंसी-मजाक का अच्छा माहौल रहता है। लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा पल जो हमेशा याद रहेगा? जवाब: इस बार मैंने राजू से ऐसा काम करवाया जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होगा। मेरे पास एक खुला पिकअप ट्रक है। हम दोनों पीछे बैठकर गोवा घूमने गए, जैसे कॉलेज के दिनों की मस्ती हो। गोवा में हमने टीनएजर वाली हरकतें कीं। वह अनुभव बहुत मजेदार था और आज भी याद रहेगा। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि करियर आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रहा? जवाब: हर इंसान की जिंदगी में ऐसा समय आता है। कुछ काम दिल से होते हैं और कुछ जिम्मेदारियों की वजह से करने पड़ते हैं। लेकिन समय के साथ मैंने सीखा कि मेरे लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना ज्यादा जरूरी है। अगर माहौल अच्छा हो तो काम का अनुभव बेहतर होता है। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जहां बेवजह का तनाव न हो। सवाल: एक एक्टर के तौर पर आप किसी प्रोजेक्ट में कितना इन्वॉल्व रहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं है। अगर आपके पास कोई आइडिया है या सीन को बेहतर बनाने की सोच है, तो उसे टीम के साथ साझा करना चाहिए। मुझे लगता है जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, उतना बेहतर काम निकलेगा। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो लोगों की कहानी है जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उनके बीच एक रिश्ता बनता है और वे एक-दूसरे की जिंदगी बदल देते हैं। इस कहानी में दोस्ती, इमोशन और हंसी है। इसमें ऐसे पल हैं जो दर्शकों को छू जाएंगे। लोगों को यह सफर पसंद आएगा। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

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