सिर्फ 2 मिनट बर्फ रगड़ते ही चेहरा हो जाएगा ग्लोइंग! जानिए ये सस्ता ब्यूटी हैक कितना असरदार?

Last Updated:May 04, 2026, 23:36 IST महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स के बीच एक बेहद आसान और असरदार तरीका है, जो आपकी स्किन को मिनटों में फ्रेश और ग्लोइंग बना सकता है- बर्फ. सही तरीके से इस्तेमाल की जाए तो यह आपकी त्वचा के लिए किसी ब्यूटी हैक से कम नहीं है. ख़बरें फटाफट चेहरे पर बर्फ रगड़ने से त्वचा को तुरंत ठंडक मिलती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. जब चेहरे पर खून का प्रवाह बढ़ता है, तो स्किन नैचुरली ग्लो करने लगती है. यही वजह है कि कई ब्यूटी एक्सपर्ट्स मेकअप से पहले आइस फेशियल करने की सलाह देते हैं. इससे चेहरा न सिर्फ फ्रेश दिखता है, बल्कि मेकअप भी ज्यादा स्मूद तरीके से सेट होता है. ओपन पोर्स की वजह से चेहरा ऑयली और डल नजर आ सकता है. बर्फ लगाने से ये पोर्स सिकुड़ जाते हैं, जिससे स्किन ज्यादा स्मूद और टाइट दिखती है. साथ ही यह त्वचा में अतिरिक्त तेल के उत्पादन को भी कंट्रोल करता है. जिन लोगों की स्किन ऑयली है, उनके लिए यह एक बेहतरीन नेचुरल उपाय साबित हो सकता है. पिंपल्स और एक्ने में राहतअगर आप बार-बार होने वाले पिंपल्स से परेशान हैं, तो बर्फ इसमें भी मददगार हो सकती है. इसकी ठंडक सूजन और रेडनेस को कम करती है, जिससे पिंपल्स की जलन और दर्द में राहत मिलती है. हालांकि, बर्फ सीधे पिंपल पर लगाने के बजाय हल्के हाथों से पूरे चेहरे पर इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित होता है. आंखों की सूजन और डार्क सर्कल्स में फायदानींद की कमी या थकान के कारण आंखों के नीचे सूजन और काले घेरे आम समस्या बन जाते हैं. बर्फ लगाने से आंखों के आसपास की सूजन कम होती है और स्किन को रिलैक्स मिलता है. सुबह के समय इसका इस्तेमाल करने से चेहरा ज्यादा फ्रेश और एक्टिव नजर आता है. सनबर्न और जलन में ठंडकगर्मियों में धूप के कारण स्किन पर जलन या रेडनेस हो जाती है. ऐसे में बर्फ एक नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है. यह त्वचा को शांत करता है और सनबर्न की वजह से हुई जलन को कम करने में मदद करता है. यह तरीका तुरंत राहत देने के लिए काफी कारगर माना जाता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
क्या वाकई कच्चा प्याज लू से बचाने में असरदार? एक्सपर्ट ने बताई हकीकत, आप भी जान लीजिए

Last Updated:May 03, 2026, 21:26 IST Onion Benefits in Summer: गर्मियों में कच्चा प्याज खाने से शरीर को कुछ हद तक ठंडक मिल सकती है. इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं, जो लू से बचाव करने में असरदार होते हैं. हालांकि लू से बचने के लिए प्याज के अलावा सही हाइड्रेशन और सावधानी बेहद जरूरी है. अगर आप जरा सी लापरवाही करेंगे, तो लू का शिकार हो जाएंगे. कच्चा प्याज खाने से लू से कुछ हद तक बचाव हो सकता है. Garmi Me Kacha Pyaj Khane Ke Fayde: गर्मियों में जब आसमान से आग बरसती है, तब इसकी चपेट में आना जानलेवा साबित हो सकता है. गर्मियों में लू यानी हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. जो लोग धूप में कई घंटों तक काम करते हैं, उन्हें लू का खतरा सबसे ज्यादा होता है. चिलचिलाती धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी मिलकर लू का कारण बनते हैं. ऐसे में लोग बचाव के लिए कई घरेलू उपाय अपनाते हैं, जिनमें से एक है कच्चा प्याज खाना. सालों से यह मान्यता चली आ रही है कि प्याज शरीर को ठंडा रखता है और लू से बचाने में मदद करता है. अव सवाल है कि क्या यह सच है या सिर्फ मिथक है? यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया गर्मियों में कच्चा प्याज खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. प्याज में ऐसे कई तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. इसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करते हैं. कच्चा प्याज खाने से पसीना आने की प्रक्रिया बेहतर होती है, जिससे शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है. यही कारण है कि गर्मियों में सलाद के रूप में प्याज खाने की सलाह दी जाती है. डाइटिशियन ने बताया कि यह समझना जरूरी है कि प्याज अकेले लू से पूरी तरह बचाव नहीं कर सकता. लू से बचने के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना. पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना बेहद जरूरी है. प्याज को आप एक सपोर्टिंग फूड के रूप में जरूर शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसे ही पूरी सुरक्षा मान लेना सही नहीं होगा. अगर आप लू से बचना चाहते हैं, तो अपने खानपान में संतुलन रखना बेहद जरूरी है. हल्का और पौष्टिक भोजन करें, ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाने से बचें. साथ ही ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें. दोपहर के समय बाहर जाने से बचना भी एक महत्वपूर्ण सावधानी है. एक्सपर्ट के मुताबिक प्याज गर्मियों में एक उपयोगी और हेल्दी फूड जरूर है, जो शरीर को कुछ हद तक ठंडक देने में मदद करता है, लेकिन लू से बचाव के लिए सिर्फ इसी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. सही खानपान, पर्याप्त पानी और सावधानी ही आपको इस भीषण गर्मी में सुरक्षित रख सकते हैं. अगर आपको लू के लक्षण नजर आएं, तो इसमें बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें और जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
मूवी रिव्यू: राजा शिवाजी:स्वराज्य की भावना को भव्यता से दिखाती फिल्म, रितेश देशमुख का सधा निर्देशन और स्टारकास्ट का असरदार अभिनय इसकी ताकत

महाराष्ट्र दिवस के मौके पर रिलीज हुई ‘राजा शिवाजी’ सिर्फ एक ऐतिहासिक फिल्म नहीं, बल्कि स्वराज्य और मराठा अस्मिता को महसूस कराने वाली कहानी है। रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी यह फिल्म नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश करती है और कई जगह इसमें ईमानदारी साफ नजर आती है। फिल्म को ज्योति देशपांडे और जेनेलिया देशमुख ने मुंबई फिल्म कंपनी के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, और इसे जियो स्टूडियोज ने प्रस्तुत किया है। इस फिल्म की लेंथ 3 घंटा 15 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 4 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी अलग-अलग अध्यायों में आगे बढ़ती है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और स्वराज्य के सपने को दिखाया गया है। इसमें सिर्फ बड़े युद्ध नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पल, संस्कार, परंपरा और रिश्तों की अहमियत भी दिखाई गई है, जो इसे ज्यादा वास्तविक और भावनात्मक बनाते हैं। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज के किरदार को संतुलित और प्रभावशाली तरीके से निभाया है। संजय दत्त का अफजल खान शांत लेकिन खतरनाक लगता है। अभिषेक बच्चन ने संभाजी महाराज के रोल में भावनात्मक गहराई दिखाई है। फरदीन खान का शाहजहां शाही अंदाज में प्रभाव छोड़ता है। भाग्यश्री की जिजाऊ, सचिन खेड़ेकर,महेश मांजरेकर, जितेंद्र जोशी और अमोल गुप्ते सभी अपने-अपने किरदारों में मजबूती देते हैं। वहीं जेनेलिया देशमुख का भावनात्मक टच खासकर पारिवारिक दृश्यों में असर छोड़ता है। फिल्म में सलमान खान का कैमियो सरप्राइज फैक्टर जोड़ता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? निर्देशन में रितेश देशमुख ने इस बड़े ऐतिहासिक विषय को भव्यता और संवेदनशीलता के साथ पेश किया है। फिल्म बड़े पैमाने का सिनेमाई अनुभव देती है, जिसमें मराठी और हिंदी दर्शकों को जोड़ने की साफ कोशिश दिखाई देती है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है। कुछ हिस्सों में फिल्म की लंबाई महसूस होती है, लेकिन भावनात्मक और युद्ध वाले दृश्य इसकी भरपाई कर देते हैं। फिल्म का म्यूजिक कैसा है? अजय-अतुल का संगीत फिल्म की जान है। बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों को और ज्यादा असरदार और भावनात्मक बना देता है, जिससे फिल्म का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य, भावनात्मक और विजुअली शानदार फिल्म है, जो इतिहास को सम्मान देने के साथ दर्शकों को स्वराज्य की भावना से जोड़ती है। दमदार अभिनय, मजबूत निर्देशन और शानदार म्यूजिक इसे बड़े पर्दे पर देखने लायक अनुभव बनाते हैं।
मूवी रिव्यू: राजा शिवाजी:स्वराज्य की भावना को भव्यता से दिखाती फिल्म, रितेश देशमुख का सधा निर्देशन और स्टारकास्ट का असरदार अभिनय इसकी ताकत

महाराष्ट्र दिवस के मौके पर रिलीज हुई ‘राजा शिवाजी’ सिर्फ एक ऐतिहासिक फिल्म नहीं, बल्कि स्वराज्य और मराठा अस्मिता को महसूस कराने वाली कहानी है। रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी यह फिल्म नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश करती है और कई जगह इसमें ईमानदारी साफ नजर आती है। फिल्म को ज्योति देशपांडे और जेनेलिया देशमुख ने मुंबई फिल्म कंपनी के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, और इसे जियो स्टूडियोज ने प्रस्तुत किया है। इस फिल्म की लेंथ 3 घंटा 15 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 4 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी अलग-अलग अध्यायों में आगे बढ़ती है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और स्वराज्य के सपने को दिखाया गया है। इसमें सिर्फ बड़े युद्ध नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पल, संस्कार, परंपरा और रिश्तों की अहमियत भी दिखाई गई है, जो इसे ज्यादा वास्तविक और भावनात्मक बनाते हैं। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज के किरदार को संतुलित और प्रभावशाली तरीके से निभाया है। संजय दत्त का अफजल खान शांत लेकिन खतरनाक लगता है। अभिषेक बच्चन ने संभाजी महाराज के रोल में भावनात्मक गहराई दिखाई है। फरदीन खान का शाहजहां शाही अंदाज में प्रभाव छोड़ता है। भाग्यश्री की जिजाऊ, सचिन खेड़ेकर,महेश मांजरेकर, जितेंद्र जोशी और अमोल गुप्ते सभी अपने-अपने किरदारों में मजबूती देते हैं। वहीं जेनेलिया देशमुख का भावनात्मक टच खासकर पारिवारिक दृश्यों में असर छोड़ता है। फिल्म में सलमान खान का कैमियो सरप्राइज फैक्टर जोड़ता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? निर्देशन में रितेश देशमुख ने इस बड़े ऐतिहासिक विषय को भव्यता और संवेदनशीलता के साथ पेश किया है। फिल्म बड़े पैमाने का सिनेमाई अनुभव देती है, जिसमें मराठी और हिंदी दर्शकों को जोड़ने की साफ कोशिश दिखाई देती है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है। कुछ हिस्सों में फिल्म की लंबाई महसूस होती है, लेकिन भावनात्मक और युद्ध वाले दृश्य इसकी भरपाई कर देते हैं। फिल्म का म्यूजिक कैसा है? अजय-अतुल का संगीत फिल्म की जान है। बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों को और ज्यादा असरदार और भावनात्मक बना देता है, जिससे फिल्म का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य, भावनात्मक और विजुअली शानदार फिल्म है, जो इतिहास को सम्मान देने के साथ दर्शकों को स्वराज्य की भावना से जोड़ती है। दमदार अभिनय, मजबूत निर्देशन और शानदार म्यूजिक इसे बड़े पर्दे पर देखने लायक अनुभव बनाते हैं।
शरीर के लिए पावर बूस्टर से कम नहीं इस जानवर का दूध, गाय-भैंस से भी ज्यादा असरदार! कई बीमारियों में फायदेमंद

Last Updated:April 10, 2026, 18:50 IST Health News: फरीदाबाद के गांवों में बकरी का दूध बना सेहत और रोजगार का मजबूत सहारा. आयुर्वेद में सबसे गुणकारी माना जाने वाला यह दूध इम्युनिटी बढ़ाने पाचन सुधारने और बीमारियों में फायदेमंद है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इसके क्या-क्या फायदे हैं. फरीदाबाद: फरीदाबाद के गांवों में सुबह की शुरुआत अब सिर्फ खेतों से नहीं, बल्कि बकरियों की मिमियाहट और उनके दूध की बढ़ती मांग से भी होने लगी है. अरावली से सटे कोट गांव से लेकर आसपास के कई गांवों तक बकरी का दूध आज लोगों की सेहत और किसानों की आमदनी दोनों का सहारा बन चुका है. खास बात यह है कि बीमारियों के समय इस दूध की डिमांड अचानक बढ़ जाती है और लोग इसे किसी अमृत से कम नहीं मानते हैं. Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में दूध के आठ प्रकार बताए गए हैं, जिनमें बकरी का दूध सबसे गुणकारी माना जाता है. यह स्वाद में मधुर और पचने में बेहद हल्का होता है. यही वजह है कि राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे दूरदराज इलाकों में भी इसका खूब सेवन किया जाता है. त्वचा के लिए बेहद फायदेमंदडॉ. चेतन शर्मा ने बताया कि बकरी के दूध में विटामिन A प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. साथ ही यह शरीर को ताकत देता है और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. पुराने समय से ही इसे गंभीर बीमारियों, खासकर ट्यूमर जैसी स्थितियों में भी दिया जाता रहा है. जिन बच्चों को किसी कारणवश मां का दूध नहीं मिल पाता है, उनके लिए भी बकरी का दूध एक अच्छा विकल्प माना जाता है. क्या है बकरी के दूध के फायदे?डॉ. चेतन शर्मा ने यह दूध इतना हल्का होता है कि कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों को भी आसानी से पच जाता है और तुरंत फायदा देता है. न्यूट्रिशन के मामले में भी यह गाय और भैंस के दूध से कहीं ज्यादा असरदार माना जाता है. डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं. ऐसे में बकरी का दूध काफी फायदेमंद साबित होता है. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि नियमित सेवन से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है, चाहे इसे सीधे पिया जाए या चाय के रूप में लिया जाए, यह हर तरह से शरीर के लिए लाभकारी है. फरीदाबाद के गांवों में बकरी पालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत रोजगार बन चुका है. कई परिवार सिर्फ बकरियों के सहारे अपना घर चला रहे हैं और उनके लिए यह दूध न सिर्फ कमाई का जरिया है, बल्कि लोगों की सेहत से जुड़ा एक भरोसा भी बन गया है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 10, 2026, 18:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
तोरई की सब्जी का जबरदस्त फायदा! कब्ज, शुगर और वजन पर असरदार, जानिए फायदे और आसान रेसिपी

X तोरई की सब्जी का कमाल! कब्ज, शुगर और वजन कम पर जबरदस्त असरदार Benefits Of Ridge Gourd Vegetable : नागौर में इन दिनों तोरई सब्जी को लेकर खास चर्चा हो रही है. भले ही यह सब्जी देखने में साधारण लगती हो, लेकिन इसके अंदर सेहत का खजाना छिपा होता है. आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार तोरई में विटामिन-A, विटामिन-C, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, कब्ज दूर करने और शरीर को ठंडक देने में बेहद फायदेमंद मानी जाती है. गर्मी के मौसम में इसका सेवन खास लाभ पहुंचाता है. इतना ही नहीं, यह वजन कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी सहायक बताई जाती है. यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे रोजाना आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं. आसान रेसिपी के साथ यह स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल बन जाती है.
Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: बार-बार बीमार पड़ते हैं? जानिए इम्यूनिटी मजबूत करने के आसान और असरदार घरेलू उपाय

Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: आज के समय में हर कोई फिट और बीमारियों से दूर रहना चाहता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें हमारी इम्यूनिटी को कमजोर कर देती हैं. कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे सही खाना, समय पर नींद और संतुलित डाइट. नतीजा यह होता है कि सर्दी-खांसी, वायरल या थकान जल्दी पकड़ लेती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाया जाए? अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं, बल्कि घर की रसोई में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बना सकती हैं, अगर सही चीजों को रोज की डाइट में शामिल कर लिया जाए तो फर्क कुछ ही दिनों में महसूस होने लगता है. इम्यूनिटी के लिए सही खानपान क्यों जरूरी हैहम जो भी खाते हैं, वही हमारे शरीर की ताकत तय करता है, अगर खाना पोषक तत्वों से भरपूर है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में ज्यादा सक्षम बनता है, लेकिन अगर डाइट में जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें ज्यादा हैं, तो इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है. यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा संतुलित आहार पर जोर देते हैं. रोज खाएं ये 7 चीजेंइम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कुछ चीजें बेहद असरदार मानी जाती हैं. इन्हें अपनी रोज की डाइट में शामिल करना आसान भी है और फायदेमंद भी. 1. आंवलाआंवला विटामिन C का अच्छा सोर्स है. इसे कच्चा, जूस या मुरब्बे के रूप में लिया जा सकता है. कई लोग सुबह खाली पेट आंवला जूस पीते हैं, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. हल्दी वाला दूधहल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने से शरीर अंदर से मजबूत होता है. 3. अदरक और लहसुनअदरक और लहसुन दोनों ही इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. इन्हें सब्जी, चाय या काढ़े में शामिल करना आसान है. ठंड के मौसम में तो ये खास तौर पर फायदेमंद होते हैं. 4. हरी सब्जियांपालक, मेथी, ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देती हैं. इन्हें हफ्ते में कम से कम 3-4 बार जरूर खाएं. 5. फलसंतरा, सेब, पपीता जैसे फल इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. कोशिश करें कि रोज कम से कम एक फल जरूर खाएं. 6. दहीदही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट को स्वस्थ रखते हैं. जब पाचन सही रहता है, तो इम्यून सिस्टम भी बेहतर काम करता है. 7. ड्राई फ्रूट्सबादाम, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और कमजोरी दूर करते हैं. असली जिंदगी से एक उदाहरणअक्सर देखा गया है कि जो लोग घर का सादा खाना खाते हैं, वे कम बीमार पड़ते हैं. वहीं, जो लोग बाहर का तला-भुना खाना ज्यादा खाते हैं, उन्हें जल्दी सर्दी-खांसी हो जाती है. उदाहरण के तौर पर, कई लोग सुबह की शुरुआत चाय और बिस्किट से करते हैं, जबकि अगर उसी समय फल या आंवला लिया जाए तो शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है. क्या नहीं खाना चाहिएइम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सिर्फ अच्छा खाना ही नहीं, बल्कि गलत चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है. ज्यादा तला-भुना, मीठा और पैकेज्ड फूड शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड से जितना दूर रहें, उतना बेहतर है. छोटी आदतें जो बड़ा फर्क लाती हैंसिर्फ खानपान ही नहीं, कुछ छोटी आदतें भी इम्यूनिटी को बेहतर बनाती हैं. जैसे सुबह हल्का व्यायाम, पर्याप्त नींद और दिनभर में पर्याप्त पानी पीना. ये सब मिलकर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. अंत में, इम्यूनिटी बढ़ाना कोई एक दिन का काम नहीं है. यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें सही खानपान और अच्छी आदतें दोनों शामिल होती हैं, अगर आप रोज थोड़ा ध्यान देंगे, तो शरीर खुद ही आपको धन्यवाद देगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
चिलबिल के चमत्कारी फायदे! बवासीर से लेकर त्वचा रोग तक, जानिए इसके असरदार आयुर्वेदिक उपयोग

Last Updated:March 30, 2026, 15:52 IST कुछ ऐसे पेड़-पौधे हैं, जो बिना शोर किए सेहत के बड़े राज अपने अंदर समेटे होते हैं. इन्हीं में से एक चिलबिल का पेड़ है, जिसे औषधीय गुणों का खजाना कहा जाता है. इसके पत्ते, फल और छाल लंबे समय से पारंपरिक इलाज में उपयोग होते आ रहे हैं. यह कई रोगों में बेहद लाभकारी हैं. आगे जानिए… चिलबिल बवासीर की समस्या में लाभकारी मानी जाती है. इसके फल का चूर्ण या पत्तों का रस छाछ या गुनगुने पानी के साथ लेने से खूनी बवासीर में राहत मिलती है. यह सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे मरीज को आराम मिल सकता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी चिलबिल असरदार मानी जाती है. इसकी छाल का काढ़ा कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. सीमित मात्रा में नियमित सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है. चिलबिल एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है. यह पेड़ जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. इसके पत्तों को पीसकर घुटनों या दर्द वाले स्थान पर लगाने से गठिया और सूजन में राहत मिल सकती है. यह प्राकृतिक रूप से दर्द कम करने में मदद करता है और चिलबिल का हर हिस्सा उपयोगी माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, चिलबिल के पत्तों का रस पेट के कीड़ों की समस्या में उपयोगी माना जाता है. इसे शहद के साथ लेने से कीड़े खत्म होने में मदद मिलती है और पेट दर्द में आराम मिलता है. यह एक आसान और लोकप्रिय घरेलू उपाय है. चिलबिल का उपयोग त्वचा रोगों में भी किया जाता है. इसके पत्तों या छाल का लेप दाद, खुजली और फोड़े-फुंसी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. यह घाव को जल्दी भरने में भी सहायक होता है, जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है. कुछ मामलों में चिलबिल का उपयोग फाइलेरिया और नाक-कान से खून आने जैसी समस्याओं में भी किया जाता है. इसके फल का चूर्ण शहद के साथ लेने से रक्तस्राव में राहत मिल सकती है. वहीं, इसके पत्तों का रस अन्य मिश्रणों के साथ लेने पर सूजन कम करने में मदद मिलती है. चिलबिल के कई फायदे बताए जाते हैं, लेकिन इसका उपयोग सावधानी के साथ करना जरूरी है. किसी भी औषधीय प्रयोग से पहले विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है, क्योंकि उम्र और बीमारी के अनुसार सही मात्रा वही तय कर सकते हैं. अपने मन से सेवन करना हानिकारक भी हो सकता है. First Published : March 30, 2026, 15:52 IST
बाल झड़ना और स्कैल्प इंफेक्शन से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए आसान और असरदार उपाय

बालों का झड़ना, स्कैल्प में इंफेक्शन या गंजेपन के धब्बे आजकल आम समस्याएं बनती जा रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सभी परेशानियों की जड़ अक्सर स्कैल्प की खराब सेहत होती है. अगर स्कैल्प हेल्दी नहीं है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं और तेजी से झड़ते हैं. इसी वजह से त्वचा विशेषज्ञ स्कैल्प केयर को उतनी ही अहमियत देने की सलाह देते हैं जितनी स्किन केयर को दी जाती है. डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा संघवी के अनुसार, स्कैल्प की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है सही तरीके से बालों की सफाई करना. बहुत ज्यादा बार बाल धोना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे स्कैल्प के नैचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं और बाल सूखे व कमजोर हो जाते हैं. वहीं, बहुत कम धोने से गंदगी, पसीना और ऑयल जमा होकर हेयर फॉल को बढ़ा सकते हैं. इसलिए बालों को अपने स्कैल्प टाइप के अनुसार धोना चाहिए और हमेशा माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. स्कैल्प इंफेक्शन भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है. जैसे फॉलिकुलाइटिस में बालों की जड़ों में सूजन और छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जो खुजली और दर्द का कारण बनते हैं. ऐसे मामलों में एंटीमाइक्रोबियल शैम्पू या एंटी-इंफ्लेमेटरी लोशन का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही भारी तेल या गंदगी जमा होने से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे स्कैल्प की समस्या और बढ़ सकती है. डॉक्टर यह भी बताते हैं कि बालों की देखभाल हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए. जोर-जोर से कंघी करना, गीले बालों को रगड़ना या बहुत टाइट हेयरस्टाइल बनाना बालों की जड़ों को कमजोर करता है. खासकर गीले बाल ज्यादा नाजुक होते हैं, इसलिए उन्हें धीरे-धीरे सुलझाना चाहिए. इसके अलावा बार-बार हीट स्टाइलिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से भी बालों की गुणवत्ता खराब होती है और बाल टूटने लगते हैं. स्कैल्प हेल्थ सिर्फ बाहर से देखभाल करने से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी जुड़ी होती है. सही पोषण बालों के लिए बेहद जरूरी है. शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स की कमी होने पर बाल तेजी से झड़ सकते हैं. इसलिए डाइट में हरी सब्जियां, फल, नट्स और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करना चाहिए. साथ ही स्ट्रेस भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण है, क्योंकि तनाव बालों के ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है. एक और अहम बात यह है कि स्कैल्प की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर लंबे समय तक डैंड्रफ, खुजली, लालपन या बाल झड़ने की समस्या बनी रहती है, तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, खुद से अनुमान लगाकर इलाज करने से समस्या और बढ़ सकती है, जबकि सही जांच के बाद ही सही उपचार मिल पाता है.
बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और बेजान बालों से आसानी से पाएं बाहर, स्प्लिट एंड्स से छुटकारा पाएं ये असरदार तरीके

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: बालों की खूबसूरती बनाए रखना आज के समय में किसी भी चुनौती से कम नहीं है, खासकर जब स्प्लिट एंड्स जैसी समस्या हो जाती है। बाल के बाल जब रूखे होते हैं तो दो मानकों में विभाजित होते हैं, तो इससे न सिर्फ बाल का लुक खराब होता है, बल्कि उनकी लम्बाई पर भी असर पड़ता है। अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो इससे बालों को और ज्यादा नुकसान हो सकता है। ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है। स्पट एंड्स से बचने के लिए स्टूडियो स्टूडियो के लिए काफी जरूरी मनी मिलती है। हर 6 से 8 में बालों को दिखाने के लिए दोमुंहे से रुकना पड़ता है और बाल बड़े होकर साफ हो जाते हैं। इससे बालों की बिक्री भी बेहतर होती है और उनका लुक भी ताजा नजर आता है। बालों पर अधिकतर हीट का इस्तेमाल करके उन्हें ख़राब बनाया जा सकता है। स्ट्रेटनर, कर्लर और ब्लो क्रिएटिव का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला बैल की दवा खत्म हो जाती है, जिससे स्प्लिट एंड्स की समस्या बढ़ जाती है। अगर इन टूल्स का इस्तेमाल जरूरी हो, तो पहले हीट अपॉइंटमेंट और रेट को कम रखें। बाल धोने और धोने का सही तरीका बालों की देखभाल में सही तरीकों से पालने और सुखाना में भी अहम भूमिका है। बालों को धोते समय ज्यादा राँचे से हिलाया जाता है और सुखाते समय मुलायम तौलिये का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा बालों में कील डालने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे बाल ज्यादा खराब हो जाते हैं और बर्बाद हो जाते हैं। बालों को अंदर से मजबूत बनाने के लिए बालों की ऑयलिंग और कंडीशनिंग जरूरी है। नारियल या बादाम तेल से मालिश करने से बालों को आवश्यक पोषण मिलता है। वहीं शैंपू के बाद नाइके का इस्तेमाल करने से बाल उगाए जाते हैं और प्रयोगात्मक बनाए जाते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)दोमुंहे बालों का इलाज(टी)बालों की देखभाल के टिप्स(टी)स्वस्थ बालों की दिनचर्या(टी)बालों के नुकसान को रोकें(टी)बाल ट्रिमिंग के लाभ(टी)हीट स्टाइलिंग क्षति(टी)बालों में तेल लगाने के टिप्स(टी)कंडीशनर के लाभ(टी)सूखे बालों का समाधान(टी)बालों के विकास की देखभाल







