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मूवी रिव्यू: राजा शिवाजी:स्वराज्य की भावना को भव्यता से दिखाती फिल्म, रितेश देशमुख का सधा निर्देशन और स्टारकास्ट का असरदार अभिनय इसकी ताकत

मूवी रिव्यू: राजा शिवाजी:स्वराज्य की भावना को भव्यता से दिखाती फिल्म, रितेश देशमुख का सधा निर्देशन और स्टारकास्ट का असरदार अभिनय इसकी ताकत

महाराष्ट्र दिवस के मौके पर रिलीज हुई ‘राजा शिवाजी’ सिर्फ एक ऐतिहासिक फिल्म नहीं, बल्कि स्वराज्य और मराठा अस्मिता को महसूस कराने वाली कहानी है। रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी यह फिल्म नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश करती है और कई जगह इसमें ईमानदारी साफ नजर आती है। फिल्म को ज्योति देशपांडे और जेनेलिया देशमुख ने मुंबई फिल्म कंपनी के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, और इसे जियो स्टूडियोज ने प्रस्तुत किया है। इस फिल्म की लेंथ 3 घंटा 15 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 4 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी अलग-अलग अध्यायों में आगे बढ़ती है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और स्वराज्य के सपने को दिखाया गया है। इसमें सिर्फ बड़े युद्ध नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पल, संस्कार, परंपरा और रिश्तों की अहमियत भी दिखाई गई है, जो इसे ज्यादा वास्तविक और भावनात्मक बनाते हैं। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज के किरदार को संतुलित और प्रभावशाली तरीके से निभाया है। संजय दत्त का अफजल खान शांत लेकिन खतरनाक लगता है। अभिषेक बच्चन ने संभाजी महाराज के रोल में भावनात्मक गहराई दिखाई है। फरदीन खान का शाहजहां शाही अंदाज में प्रभाव छोड़ता है। भाग्यश्री की जिजाऊ, सचिन खेड़ेकर,महेश मांजरेकर, जितेंद्र जोशी और अमोल गुप्ते सभी अपने-अपने किरदारों में मजबूती देते हैं। वहीं जेनेलिया देशमुख का भावनात्मक टच खासकर पारिवारिक दृश्यों में असर छोड़ता है। फिल्म में सलमान खान का कैमियो सरप्राइज फैक्टर जोड़ता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? निर्देशन में रितेश देशमुख ने इस बड़े ऐतिहासिक विषय को भव्यता और संवेदनशीलता के साथ पेश किया है। फिल्म बड़े पैमाने का सिनेमाई अनुभव देती है, जिसमें मराठी और हिंदी दर्शकों को जोड़ने की साफ कोशिश दिखाई देती है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है। कुछ हिस्सों में फिल्म की लंबाई महसूस होती है, लेकिन भावनात्मक और युद्ध वाले दृश्य इसकी भरपाई कर देते हैं। फिल्म का म्यूजिक कैसा है? अजय-अतुल का संगीत फिल्म की जान है। बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों को और ज्यादा असरदार और भावनात्मक बना देता है, जिससे फिल्म का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य, भावनात्मक और विजुअली शानदार फिल्म है, जो इतिहास को सम्मान देने के साथ दर्शकों को स्वराज्य की भावना से जोड़ती है। दमदार अभिनय, मजबूत निर्देशन और शानदार म्यूजिक इसे बड़े पर्दे पर देखने लायक अनुभव बनाते हैं।

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