Thursday, 14 May 2026 | 04:20 AM

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बैठकर या खड़े होकर पानी? जानिए शरीर पर इसके असर और कौन सा तरीका है सेहत के लिए सही

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Water Drinking Tips: भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर ऐसी छोटी-छोटी आदतें अपना लेते हैं, जिन पर ध्यान ही नहीं जाता. ऑफिस में जल्दी-जल्दी काम करते हुए, सफर के दौरान या घर में ही जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पी लेना अब आम बात बन चुकी है. उस वक्त हमें लगता है कि प्यास बुझ गई, बस काम खत्म. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पानी पीने का तरीका भी आपकी सेहत पर असर डाल सकता है? पुराने समय से ही घर के बड़े-बुजुर्ग इस बात पर जोर देते आए हैं कि पानी हमेशा बैठकर और आराम से पीना चाहिए. आज के समय में भले ही ये बातें पुरानी लगें, लेकिन कई लोग अब भी मानते हैं कि इसका सीधा संबंध हमारी हेल्थ से है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि खड़े होकर पानी पीने की आदत आखिर कितना असर डालती है और क्या हमें इसे बदलने की जरूरत है. डाइजेशन पर पड़ सकता है असरखड़े होकर पानी पीने की आदत का सबसे पहला असर आपके पाचन तंत्र पर पड़ता है. माना जाता है कि जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं, तो वह तेजी से पेट तक पहुंच जाता है. इस वजह से शरीर उसे सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता. क्या हो सकती हैं दिक्कतेंऐसी आदत लंबे समय तक बनी रहे तो गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई लोगों ने यह भी महसूस किया है कि जल्दी-जल्दी पानी पीने से खाना ठीक से पच नहीं पाता. वहीं, जब आप बैठकर धीरे-धीरे पानी पीते हैं, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब करता है. जोड़ों में दर्द की शिकायतपुराने अनुभवों के आधार पर यह भी कहा जाता है कि खड़े होकर पानी पीने से जोड़ों पर असर पड़ सकता है. बढ़ती उम्र में बढ़ सकती है परेशानीअगर यह आदत लंबे समय तक जारी रहती है, तो घुटनों में दर्द, जोड़ों में अकड़न और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. हालांकि, इसके पीछे कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन सावधानी रखना हमेशा बेहतर रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किडनी पर असर की चर्चाहमारी किडनी शरीर से गंदगी बाहर निकालने का अहम काम करती है. क्यों कहा जाता है नुकसानदायकमान्यता है कि खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से शरीर में पहुंचता है, जिससे किडनी को उसे फिल्टर करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता. इसका असर शरीर की सफाई प्रक्रिया पर पड़ सकता है. हालांकि, इस दावे को लेकर मेडिकल रिसर्च अभी साफ नहीं है. शरीर को नहीं मिलती पूरी हाइड्रेशनकई लोगों का कहना है कि खड़े होकर पानी पीने से शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट होने का फायदा नहीं मिलता. बार-बार प्यास लगने की वजहपानी तेजी से नीचे की ओर बह जाता है, जिससे शरीर के सभी हिस्सों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता. यही वजह है कि कुछ लोगों को बार-बार प्यास लगती रहती है, भले ही उन्होंने पर्याप्त पानी पिया हो. हार्ट और लंग्स पर भी असर?कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब पानी तेजी से शरीर में जाता है, तो इससे शरीर के अंदर लिक्विड बैलेंस पर हल्का असर पड़ सकता है. हर किसी में नहीं दिखता असरकुछ लोगों को सीने में भारीपन या हल्की असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन यह समस्या हर व्यक्ति में नहीं होती. क्या है सही तरीका?अगर आप अपनी सेहत को लेकर सजग हैं, तो पानी पीने का तरीका बदलना मुश्किल नहीं है. अपनाएं ये आसान आदतेंहमेशा बैठकर और आराम से पानी पीने की कोशिश करें. छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बहुत ठंडा पानी पीने से बचें, क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने की बजाय थोड़ा समय देना बेहतर रहता है.