Wednesday, 05 Aug 2026 | 03:50 PM

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पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

आम के बीज से बाल बनाने का उपाय: सफेद बालों को काले करने का रहस्य, आम की गुठली से जादुई हेयर मास्क

आम के बीज से बालों का उपचार

14 जुलाई 2026 को 22:04 IST पर अपडेट किया गया आम के बीज से बाल हटाने का उपाय: आज के दौर में ज्यादातर लोग सफेद बालों की समस्या से बहुत परेशान हैं। लोग इससे प्राप्त करने के लिए बाजार में मिलने वाली डाई, मास्क और टैग का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। लेकिन इन अजीबो-गरीब बाजारों में केमिकल बालों की सेहत को और भी ज्यादा खराब कर दिया जाता है। अक्सर लोग आम खाने के बाद अपनी गुठली को फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट में फाके जाने वाली ये गुठली आपके बालों के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। अनुसरण करना : हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले आम की गुठली को फोड़ें और उसके अंदर से छोटी गुठली निकालें लें। अब इस छोटी गुठली को आप पीस लें या फिर पीसकर पाउडर बना लें। छवि: एआई अब 10-15 लौंग और 2 कीमती कलौंजी लें और ड्रूजी रोस्ट कर लें। भुनने के बाद इन दोनों नीवे को पीसकर एक अल्कोहल पाउडर तैयार कर लें। छवि: एआई कच्चे ही में तैयार हुआ कलौंजी-लौंग पाउडर दाल। फिर से तैयार करें 2 छोटे आम ​​की गुठली का पाउडर। अब इस मिक्चर में 2 माइक्रो दही और हिना पाउडर डालें और सभी अवशेषों को अच्छे से मिलाएं। छवि: एआई इस पूरे मिक्चर को एक रात के लिए आयरन की क्रेडही में छोड़ दिया गया। आयरन की कड़ाही में इसकी गुणवत्ता और मात्रा अधिक होती है और आपका रेशमी हेयर मास्क पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। छवि: एआई तैयार किये गये इस मास्क को अपने सफेद बालों पर माला और 2 घंटे के लिए छोड़ दें। फिर साफ पानी से हेयरवॉश कर लें। इसके बाद अगले दिन आप शैम्पू कर सकते हैं। आप इस मास्क को हर 15 दिन में इस्तेमाल कर सकते हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 जुलाई 2026 22:04 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सफेद बालों का समाधान(टी)प्राकृतिक हेयर मास्क(टी)आम के बीज के बालों का उपचार(टी)काले बालों के टिप्स(टी)घर का बना हेयर डाई(टी)ग्रे बालों का उपचार(टी)आयुर्वेदिक बालों की देखभाल(टी)काला बाल कैसे करें

जामुन के बीज का उपयोग: सस्ता समझकर पाए नहीं जामुन के बीज, घर में कई तरह से कर सकते हैं इस्तेमाल; साबुत से लेकर बागवानी तक में

तस्वीर का विवरण

बेदाग और निखरी स्कार्फ में: जैन के रसायन का परमाणु पाउडर बनाएं लें। इसे कच्चे दूध या गुलाब जल में मिलाकर पूरे चेहरे पर लगाने से मुंहासे दूर हो जाते हैं और त्वचा पर त्वचा का प्राकृतिक निखार आ जाता है। छवि: फ्रीपिक बागवानी में सहायक: यदि आप उपयोग के शौकीन हैं, तो इन मसालों का उपयोग कर बेहतरीन प्राकृतिक खाद बना सकते हैं। इससे जुड़ी मिट्टी की कलाकृतियाँ और प्रमाणित को पोषण पोषण की दृष्टि से है। छवि: एआई वर्क्स में रामबाण: जामिन के बीज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावशाली हैं। इसके उत्पादों का मिश्रण रोजाना सुबह गुनगुने पानी के साथ लेने से शुगर लेवल मेंटेन रहता है। छवि: फ्रीपिक पेट की सुविधा से: अगर आपको कब्ज या पेट से जुड़ी कोई समस्या है तो आप बहुत काम आ सकते हैं। यह पेट को साफ पाचन तंत्र को मजबूत और स्वस्थ बनाता है। छवि: फ्रीपिक मजबूत दांत और मसूड़े: जामिन के मसाले की राख या इसके मिश्रण से बने पाउडर से मंजन करने से दांत मजबूत होते हैं। यह मसूड़ों से खून की समस्या और मुंह की दुर्गंध को भी आसानी से दूर करता है। छवि: एआई पाउडर बनाने के लिए जैमिन के बीजों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें। जब ये बिल्कुल कड़क हो जाए, तो पीसकर पीसकर पाउडर बना लें और इसे एक एयरटाइट में सुरक्षित स्टोर कर लें। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

अमेरिका अंतरिक्ष में ‘दर्पण’ लगाएगा, रात को भी सूरज चमकेगा:जब चाहें, जहां चाहें, मिलेगी रोशनी; इस साल लॉन्च हो सकते हैं दो सैटेलाइट

अमेरिका अंतरिक्ष में ‘दर्पण’ लगाएगा, रात को भी सूरज चमकेगा:जब चाहें, जहां चाहें, मिलेगी रोशनी; इस साल लॉन्च हो सकते हैं दो सैटेलाइट

अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने कैलिफोर्निया की कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को अंतरिक्ष में विशाल दर्पण वाला उपग्रह भेजने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का पहला प्रायोगिक उपग्रह एरेन्डिल-1 करीब 60 फीट चौड़े रिफ्लेक्टर मिरर से लैस होगा। यह पृथ्वी से लगभग 640 किमी ऊपर कक्षा में रहेगा और जरूरत पड़ने पर सूर्य की किरणों को किसी खास स्थान की ओर मोड़ देगा। कंपनी का दावा है कि इससे करीब 5 किमी के दायरे में पूर्णिमा के चांद से चार गुना अधिक रोशनी पहुंचाई जा सकेगी। कंपनी की योजना है कि 2026 के अंत तक दो उपग्रह तैनात किए जाएं। 2027 तक 36 उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। सबसे महत्वाकांक्षी योजना 2035 तक 50,000 से अधिक उपग्रह तैनात करने की है। आपदा राहत, बचाव में मदद मिलेगी कंपनी का कहना है कि सूरज की इस कृत्रिम रोशनी का इस्तेमाल आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियान, रात में निर्माण कार्य, खेती, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और दूरदराज के इलाकों में हो सकेगा। 4.7 लाख रु. प्रति घंटे पर मिलेगी कृत्रिम रोशनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के सीईओ बेन नोवाक का कहना है कि यदि कोई ग्राहक कम से कम 1,000 घंटे के लिए सालाना अनुबंध करता है, तो कंपनी एक दर्पण से एक घंटे की धूप के लिए लगभग 5,000 डॉलर (4.7 लाख रुपए) का शुल्क लेगी। बड़ी चिंता – दुनिया की जैविक घड़ी बदल जाएगी कई वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा है कि अगर रात का अंधेरा खत्म होने लगा तो इंसानों की नींद, हार्मोन, पक्षियों का प्रवास, निशाचर जीवों का व्यवहार, पौधों के मौसमी चक्र और समुद्री खाद्य श्रृंखला तक प्रभावित हो सकती है।

चूहा नियंत्रण युक्तियाँ: घर में चिंता से हो गए परेशान? 10 रुपये में बिना घर के ये घरेलू नुस्खे

चूहा नियंत्रण युक्तियाँ

14 जुलाई 2026 को 17:14 IST पर अपडेट किया गया चूहा नियंत्रण युक्तियाँ: घर में चूहे का आना एक बहुत ही आम समस्या है लेकिन इससे भारी नुकसान हो सकता है। ये न केवल खाने-पीने की चीजें बर्बाद होती हैं बल्कि पूरे घर में गंदगी भी खत्म हो जाती हैं। लोग अक्सर भागने के लिए जहर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इससे घर में मौजूद बच्चों और घरों में सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगता है। इसलिए कुछ आसान और सुरक्षित तरीके अपनाकर आप बिना किसी खतरे के खतरे के घर से दूर रह सकते हैं। अनुसरण करना : खुले कूड़ेदान की गंध की तरफ चूहें भागते हैं। इसलिए क्रीडान का अपार्टमेंट हमेशा के लिए बंद कर दिया गया और विक्रय को नियमित रूप से घर से बाहर फेंक दिया गया। छवि: फ्रीपिक चहेरे को पुदीने की तेज गंध बिल्कुल पसंद नहीं आती। रुई के फाहे पर लिटिल सा पेपरमिंट ऑयल लगाए उन जगहों पर जहां से चूहे आते हैं। इसकी गंध से वे दूर भाग जाते हैं। छवि: फ्रीपिक तेज़पत्ते की चटनी की चीज़ दिखती है, लेकिन खाने के बाद वे इसे पचा नहीं पाते। घर के रहने वाले और स्टोर रूम में तेजपट्टी रखने से वहां किसान आना बंद कर देते हैं। छवि: फ्रीपिक फिटकरी का पाउडर के लिए बहुत परेशान करने वाला होता है। इसके समीप के बिल के पास या उनके आने वाले नारियल पर छिड़के हुए स्थान हैं। इसके संपर्क में आने से वे वहां से भाग जाएंगे। छवि: फ्रीपिक चॉइस के छिपने की जगह या फिर उनके बिल में लाल मिर्च का पाउडर छिड़कना एक पुराना और असरदार तरीका है। इसकी विचित्र गंध से निकले अवशेष उस स्थान से दूर रहते हैं। छवि: फ्रीपिक रसोई में खाना न छोड़ें। राशन के सामान को डिब्बों में रखें। सिक्के में पाइलिक प्लास्टर न छोड़ें और प्लास्टर के भोजन को भी रात भर खुला न रखें। खाना न मिलने पर चूहे खुद घर छोड़ देंगे। छवि: फ्रीपिक स्टोर रूम या घर के बाहर जमा पुराना सामान, लकड़ियों के ढेर और बर्गर को साफ करें, क्योंकि ये चहारदीवारी के छिपने की जगह हैं। धीरे-धीरे साफा-सुथरा घर रहेगा, सूरत का बसेरा ही कम होगा। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 जुलाई 2026 17:14 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)घर से चूहों को कैसे हटाएं(टी)चूहों को मारने के सुरक्षित तरीके(टी)चूहों के लिए घरेलू उपचार(टी)चूहा नियंत्रण युक्तियाँ(टी)चूहों के लिए सफाई युक्तियाँ(टी)घर पर कृंतक नियंत्रण

शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

सीनियर एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक फैन को उंगली नीचे करने को कहा। इसके बाद फैन एक्टर के पास से चला गया। दरअसल, यह वीडियो आकांक्षा रंजन कपूर और फिल्ममेकर शरण शर्मा के वेडिंग रिसेप्शन का बताया जा रहा है। इवेंट से बाहर निकलते समय शत्रुघ्न सिन्हा के साथ एक फैन फोटो खिंचवाने पहुंचा। तस्वीर लेते वक्त फैन ने कैमरे की ओर विक्ट्री (V) साइन बनाया। यह देखकर शत्रुघ्न सिन्हा ने तुरंत उसका हाथ नीचे करते हुए कहा, “हाथ नीचे।” इसके बाद हंसते हुए बोले, “मेरे सामने पोज मार रहा है।” एक्टर की इस रिएक्शन से फैन कुछ पल के लिए असहज हो गया और तुरंत पीछे हट गया। इसके बाद पैपराजी तस्वीरें लेते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शत्रुघ्न सिन्हा की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “गलत बात है सर, बच्चा आपसे मिलकर बहुत खुश था।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “सेलेब्रिटी अपने फैंस की वजह से ही सेलेब्रिटी होते हैं।” एक और यूजर ने फैन का पक्ष लेते हुए कहा, “बेचारा फैन एकदम असहज हो गया, यह ठीक नहीं लगा।” एक्टर के पहले भी फैन को टोका था हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐसा किया है। इसी इवेंट के दौरान एक और शख्स को शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा। वहीं, इससे पहले एक यूजर फैसल राइडर को भी शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा था। इसके बाद फैसल का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। इसको लेकर यूजर ने शत्रुघ्न सिन्हा का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा था, “हाथ नीचे करिए, हाथ नीचे। ‘हाथ नीचे, हाथ नीचे’ शत्रुघ्न सिन्हा जी के मुंह से निकला और मेरी किस्मत चमक गई। मैं ट्रेंडिंग में आ गया। शत्रुघ्न सिन्हा जी का मैं जिंदगी भर एहसानमंद रहूंगा। मेरे पापा आपके बहुत बड़े फैन हैं और मैं भी आपका बहुत बड़ा फैन हूं। बचपन से आपकी मूवी देखता आ रहा हूं। जब डीवीडी और सीडी चलती थीं, तब से मैं आपकी मूवी देखता हूं। मैं किस लफ्जों में आपका शुक्रिया अदा करूं, यह नहीं जानता। बस अल्लाह से दुआ करता हूं कि अल्लाह आपको लंबी उम्र दे, सेहत दे और आपके परिवार को खुश रखे।”

शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

सीनियर एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक फैन को उंगली नीचे करने को कहा। इसके बाद फैन एक्टर के पास से चला गया। दरअसल, यह वीडियो आकांक्षा रंजन कपूर और फिल्ममेकर शरण शर्मा के वेडिंग रिसेप्शन का बताया जा रहा है। इवेंट से बाहर निकलते समय शत्रुघ्न सिन्हा के साथ एक फैन फोटो खिंचवाने पहुंचा। तस्वीर लेते वक्त फैन ने कैमरे की ओर विक्ट्री (V) साइन बनाया। यह देखकर शत्रुघ्न सिन्हा ने तुरंत उसका हाथ नीचे करते हुए कहा, “हाथ नीचे।” इसके बाद हंसते हुए बोले, “मेरे सामने पोज मार रहा है।” एक्टर की इस रिएक्शन से फैन कुछ पल के लिए असहज हो गया और तुरंत पीछे हट गया। इसके बाद पैपराजी तस्वीरें लेते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शत्रुघ्न सिन्हा की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “गलत बात है सर, बच्चा आपसे मिलकर बहुत खुश था।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “सेलेब्रिटी अपने फैंस की वजह से ही सेलेब्रिटी होते हैं।” एक और यूजर ने फैन का पक्ष लेते हुए कहा, “बेचारा फैन एकदम असहज हो गया, यह ठीक नहीं लगा।” एक्टर के पहले भी फैन को टोका था हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐसा किया है। इसी इवेंट के दौरान एक और शख्स को शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा। वहीं, इससे पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर फैसल राइडर को भी शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा था। इसके बाद फैसल का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। इसको लेकर फैसल ने शत्रुघ्न सिन्हा का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा था, ‘हाथ नीचे करिए, हाथ नीचे। शत्रुघ्न सिन्हा जी के मुंह से निकला और मेरी किस्मत चमक गई। मैं ट्रेंडिंग में आ गया। शत्रुघ्न सिन्हा जी का मैं जिंदगी भर एहसानमंद रहूंगा। मेरे पापा आपके बहुत बड़े फैन हैं और मैं भी आपका बहुत बड़ा फैन हूं। बचपन से आपकी मूवी देखता आ रहा हूं। जब डीवीडी और सीडी चलती थीं, तब से मैं आपकी मूवी देखता हूं। मैं किस लफ्जों में आपका शुक्रिया अदा करूं, यह नहीं जानता। बस अल्लाह से दुआ करता हूं कि अल्लाह आपको लंबी उम्र दे, सेहत दे और आपके परिवार को खुश रखे।’

लिस्टिंग के बाद मस्क ने की लाखों करोड़ की डील:देर से समझ आई रॉकेट-एआई की कहानी; लिस्ट होने के पहले ही महीने 35% गिरे शेयर

लिस्टिंग के बाद मस्क ने की लाखों करोड़ की डील:देर से समझ आई रॉकेट-एआई की कहानी; लिस्ट होने के पहले ही महीने 35% गिरे शेयर

12 जून की वो शाम याद कीजिए, जब एलन मस्क की स्पेसएक्स पहली बार शेयर बाजार में उतरी थी। कंपनी ने शेयर का दाम 135 डॉलर तय किया था। लेकिन बाजार खुलते ही भाव 150 डॉलर तक पहुंच गया। दिन भर में यह 176 डॉलर तक चढ़ा और आखिर में 160.95 डॉलर पर बंद हुआ। यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका था। अगले हफ्ते तो हद ही हो गई- शेयर 225 डॉलर तक पहुंच गया। इसके साथ ही स्पेसएक्स मार्केट कैप के मामले में अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट को भी पीछे छोड़ चुकी थी। बीबीसी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट में निवेश रिसर्च कंपनी सीएफआरए के विश्लेषक कीथ स्नाइडर ने कहा है, ‘मस्क जिस भी कंपनी को छूते हैं, लोग उत्साहित हो जाते हैं। लेकिन यह पहला मौका था जब लोगों को लगा कि वे किसी ऐसी चीज में निवेश कर रहे हैं जिसे एआई प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा था।’ दरअसल, इसी साल स्पेसएक्स ने मस्क की ही एआई कंपनी एक्सएआई को खरीदा था, जिसे अब स्पेसएक्स एआई नाम दिया गया है और जो चैटबॉट ग्रोक के लिए जानी जाती है। लेकिन असलियत सामने आते ही तस्वीर बदलने लगी। स्पेसएक्स की असली कमाई तो रॉकेट बनाने, उन्हें लॉन्च करने और स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस से होती है। जैसे ही स्टारलिंक ने अमेरिका के मेम्फिस इलाके में डेटा सेंटर को लेकर स्थानीय विरोध के बीच कीमतें घटाने का ऐलान किया, उस दिन शेयर 8% तक गिर गया। 7 जुलाई को जब स्पेसएक्स को नैस्डैक-100 इंडेक्स में शामिल किया गया, तब भी पूरा इंडेक्स 1.7% गिरा, लेकिन स्पेसएक्स का शेयर 4.4% टूटा। पहले महीने के आखिर तक शेयर का भाव करीब 145 डॉलर रह गया। यानी पहले दिन के उच्चतम स्तर से 18% और अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 35% नीचे। मतलब जिन रिटेल निवेशकों ने लिस्टिंग के शुरुआती पांच दिनों में शेयर खरीदे, वे अभी भारी घाटे पर बैठे हैं। स्नाइडर तो यहां तक कहते हैं कि यह गेमस्टॉप और वेंडीज जैसे ‘मीम स्टॉक’ की तरह व्यवहार करने लगा था, जहां सिर्फ ऑनलाइन उत्साह से कीमतें उछलती हैं। यह एक हद तक सही भी है। पिछले साल स्पेसएक्स ने 18 अरब डॉलर (1.7 लाख करोड़) की कमाई की थी और अब भी यह घाटे में चल रही है। बिना कैश चुकाए खरीदी 5.7 लाख करोड़ की कोडिंग कंपनी 16 जून को जब स्पेसएक्स का शेयर उछाल पर था, ठीक उसी दिन कंपनी ने कोड लिखने वाले एआई बॉट स्टार्टअप कर्सर को 60 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़) में स्पेसएक्स के शेयर चुकाकर खरीद लिया। चूंकि उस वक्त स्पेसएक्स के शेयर की कीमत आसमान पर थी, मस्क ने असल में बिना नकद खर्च किए ही यह कंपनी हासिल कर ली। विश्लेषक सैमुअल कर इसे बाजार की ऐसी समझ बताते हैं जो शायद ही किसी अन्य कंपनी के पास हो।