बफेट-गेट्स की 20 साल पुरानी दोस्ती में दरार:3.5 लाख करोड़ देने वाले बफेट ने एपस्टीन जांच पूरी होने तक रोका दान

दुनिया के सबसे बड़े और सफल निवेशकों में शुमार वॉरेन बफे और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की दोस्ती दशकों पुरानी है। दोनों ने मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ शुरू किया था। यह अरबपतियों को संपत्ति दान करने के लिए प्रेरित करने वाला अभियान है। बफे खुद गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी रह चुके हैं और 2022 तक उसे 3.46 लाख करोड़ दान में दे चुके थे। लेकिन इस साल कहानी बदल गई। बफे ने गेट्स फाउंडेशन को कुछ नहीं दिया। इसकी बजाय, 95 साल के बफे ने बर्कशायर हैथवे के करीब 6 अरब डॉलर (57,600 करोड़) के शेयर अपने परिवार से जुड़े चार फाउंडेशन को सौंप दिए। इसकी एक खास वजह है। गेट्स फाउंडेशन ने बाहरी वकीलों को बुलाकर एक जांच शुरू करवाई है। पता लगाया जा रहा है कि दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ फाउंडेशन के क्या संबंध थे। बफे इसी जांच का नतीजा आने का इंतजार कर रहे हैं। इसीलिए उन्होंने फाउंडेशन को दान रोक दिया। असल कहानी यहीं से दिलचस्प मोड़ लेती है। बफे ने इस साल मार्च में सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में साफ कह दिया था कि वे अब गेट्स से बात नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘हमने साथ बहुत अच्छा वक्त बिताया, लेकिन जब तक यह मामला साफ नहीं होता, मुझे नहीं लगता कि ज्यादा बातचीत करना ठीक है।’ गेट्स ने पिछले महीने अमेरिकी संसद की एक समिति के सामने गवाही दी कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी। बफे ने भी साफ किया कि उनकी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने गेट्स से इस विवाद पर कभी बात नहीं की क्योंकि वे नहीं चाहते कि उन्हें गेट्स-एपस्टीन संबंधों पर गवाही देने के लिए बुलाया जाए। हालांकि उम्र और इस विवाद के बावजूद बफे की दानशीलता कम नहीं हुई है। बफे ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके तीनों बच्चे 31 2034 तक बर्कशायर हैथवे में उनकी पूरी हिस्सेदारी बांट देंगे। फाउंडेशन के बोर्ड से हट चुके हैं 31 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक बफे बर्कशायर हैथवे की कुल वैल्यू करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर (105.7 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। इसमें बफे की हिस्सेदारी लगभग 30% है। यानी अकेले उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 31.7 लाख करोड़ बैठती है। बफे 2021 में गेट्स फाउंडेशन के बोर्ड से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन तब से हर साल हजारों करोड़ रुपए का दान जारी रखे हुए थे। लेकिन इस साल उन्होंने यह सिलसिला तोड़ दिया।
भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई की तैयारी, संसद में बिल पेश, 5 देश निशाने पर

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी सीनेट में एक बिल पेश किया गया है, जिसमें भारत, चीन समेत पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इनके अलावा हंगरी, स्लोवाकिया और अजरबैजान शामिल हैं। बिल के मुताबिक, इन देशों से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकेगा। साथ ही रूस की ऊर्जा, वित्तीय और रक्षा व्यवस्था पर भी नए प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इससे पहले बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो अमेरिका पहली बार किसी देश पर सिर्फ इसलिए टैरिफ लगाएगा, क्योंकि वह रूस से तेल खरीदकर उसकी कमाई बढ़ा रहा है। इस कदम का मकसद रूस के तेल कारोबार पर आर्थिक दबाव बनाना और उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर करना है। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, ओलिगार्क्स, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा रूस के शैडो टैंकर बेड़े, सेंट्रल बैंक ऑफ द रशियन फेडरेशन और यामाल LNG तथा आर्कटिक LNG-1, 2 और 3 जैसे सरकारी ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को भी प्रतिबंधों के दायरे में लाया गया है। रूस पर सख्ती वाले बिल को दोनों दलों का समर्थन सीनेट में पेश रूस-विरोधी टैरिफ बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों का समर्थन मिला है। इसे अमेरिकी राजनीति में ‘बाइपार्टिसन बिल’ कहा जाता है, यानी ऐसा प्रस्ताव जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सहमत हों। आमतौर पर अमेरिका में कई बड़े विधेयक राजनीतिक मतभेदों की वजह से अटक जाते हैं। लेकिन जब दोनों दल किसी बिल के साथ खड़े होते हैं, तो उसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, बिल को कानून बनने के लिए अभी सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) दोनों से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने पर ही यह कानून बनेगा। बिल को दिवंगत सांसद लिंडसे ग्राहम ने पेश किया था इस बिल को सबसे पहले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने अप्रैल 2025 में पेश किया था। अब तक 26 सीनेटर इस बिल को अपना समर्थन दे चुके हैं और आगे समर्थन बढ़ने की उम्मीद है। 11 जुलाई को लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया था। निधन से एक दिन पहले उन्होंने यूक्रेन दौरे के दौरान कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बिल को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। ट्रम्प ने भी व्हाइट हाउस में कहा, “यह लिंडसे के सम्मान में है। यह उनका सबसे बड़ा मुद्दा था और इसके कानून बनने की अच्छी संभावना है।” कैपिटल हिल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के सीनेटर एक साथ नजर आए। उन्होंने इस बिल को ग्राहम के लिए श्रद्धांजलि बताया।
सोना ₹112 घटकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹416 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 15 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 112 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 416 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 15 जुलाई 2026 सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया।
वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देना मस्क को पड़ सकता है भारी; आपराधिक जांच की सिफारिश अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर ने ट्रम्प के समर्थन में बिल पेश किया अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।
कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन मंगलवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे मैच देखने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन कबीर बहिया भी मौजूद थे। दोनों को स्टेडियम के स्टैंड्स में एक साथ मैच इंजॉय करते देखा गया। कृति और कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टेडियम की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें दोनों एक दोस्त के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों के रिलेशनशिप की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। कबीर बहिया ने शेयर की स्टेडियम की तस्वीरें कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए फैंस को इस आउटिंग की झलक दिखाई। उन्होंने स्टेडियम से कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें कृति सेनन, कबीर और उनका एक दोस्त एक साथ नजर आ रहे हैं। कबीर के फोटो शेयर करने के कुछ ही समय बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एजबेस्टन स्टेडियम के स्टैंड्स से कृति की कई तस्वीरें सामने आईं। मैच के दौरान कृति सेनन काफी खुश नजर आ रही थीं और वे टीम इंडिया को चीयर कर रही थीं। पिछले कुछ महीनों से है डेटिंग की चर्चा कृति सेनन और कबीर बहिया के रिलेशनशिप की खबरें कुछ महीने पहले तब शुरू हुई थीं, जब एक्ट्रेस ने अपना 34वां जन्मदिन मनाया था। तब से उनके रोमांस की खबरें लगातार मीडिया में बनी हुई हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है, हालांकि दोनों की तरफ से रिश्ते को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। इससे पहले कबीर बहिया को कृति की बहन नुपुर सेनन और सिंगर स्टीबिन बेन की शादी में भी देखा गया था, जहां वे पारिवारिक फंक्शंस का हिस्सा बने थे। कौन हैं कृति के रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया कबीर बहिया ब्रिटेन के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से पूरी की है। कबीर ‘वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड’ कंपनी के फाउंडर हैं। वे एक जाने-माने बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कुलजिंदर बहिया हैं, जो ब्रिटेन की प्रमुख ट्रैवल एजेंसी ‘साउथऑल ट्रैवल’ के मालिक हैं। कबीर की खेल और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को हाल ही में होमी अडजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘कॉकटेल 2’ की रिलीज के बाद कृति ने काम से थोड़ा ब्रेक लिया है और वे छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।
कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन मंगलवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे मैच देखने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन कबीर बहिया भी मौजूद थे। दोनों को स्टेडियम के स्टैंड्स में एक साथ मैच इंजॉय करते देखा गया। कृति और कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टेडियम की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें दोनों एक दोस्त के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों के रिलेशनशिप की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। कबीर बहिया ने शेयर की स्टेडियम की तस्वीरें कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए फैंस को इस आउटिंग की झलक दिखाई। उन्होंने स्टेडियम से कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें कृति सेनन, कबीर और उनका एक दोस्त एक साथ नजर आ रहे हैं। कबीर के फोटो शेयर करने के कुछ ही समय बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एजबेस्टन स्टेडियम के स्टैंड्स से कृति की कई तस्वीरें सामने आईं। मैच के दौरान कृति सेनन काफी खुश नजर आ रही थीं और वे टीम इंडिया को चीयर कर रही थीं। पिछले कुछ महीनों से है डेटिंग की चर्चा कृति सेनन और कबीर बहिया के रिलेशनशिप की खबरें कुछ महीने पहले तब शुरू हुई थीं, जब एक्ट्रेस ने अपना 34वां जन्मदिन मनाया था। तब से उनके रोमांस की खबरें लगातार मीडिया में बनी हुई हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है, हालांकि दोनों की तरफ से रिश्ते को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। इससे पहले कबीर बहिया को कृति की बहन नुपुर सेनन और सिंगर स्टीबिन बेन की शादी में भी देखा गया था, जहां वे पारिवारिक फंक्शंस का हिस्सा बने थे। कौन हैं कृति के रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया कबीर बहिया ब्रिटेन के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से पूरी की है। कबीर ‘वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड’ कंपनी के फाउंडर हैं। वे एक जाने-माने बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कुलजिंदर बहिया हैं, जो ब्रिटेन की प्रमुख ट्रैवल एजेंसी ‘साउथऑल ट्रैवल’ के मालिक हैं। कबीर की खेल और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को हाल ही में होमी अडजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘कॉकटेल 2’ की रिलीज के बाद कृति ने काम से थोड़ा ब्रेक लिया है और वे छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।
पैपराजी पर गुस्सा हुईं मौनी रॉय:कार के शीशे से वीडियो बनाने पर हाथ दिखाकर बोलीं- बंद करो, दोस्तों के साथ डिनर पर गई थीं

बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय मंगलवार रात पैपराजी से नाराज हो गईं। दरअसल मुंबई में दोस्तों के साथ डिनर के बाद जब वे अपनी कार में बैठीं, तो फोटोग्राफर्स लगातार उनका वीडियो बनाने लगे। बिना मेकअप और काले रंग के कपड़ों में बैठी मौनी ने हाथ के इशारे से कैमरे बंद करने को कहा। वीडियो में दिख रहा है कि मौनी रॉय अपनी कार की सीट पर बैठी हैं। उन्होंने स्लीवलेस ब्लैक आउटफिट पहना है और बाल खुले रखे हैं। कार के अंदर बैठे होने के बाद भी जब फोटोग्राफर्स खिड़की से लगातार उनका वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, तो मौनी का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने पहले हाथ से इशारा किया और फिर उंगली दिखाते हुए सख्त लहजे में कहा, “बंद करो।” मौनी ने काफी धैर्य रखने की कोशिश की, लेकिन पैपराजी के न मानने पर वे नाराज हो गईं और फिर उनकी गाड़ी वहां से रवाना हो गई। जरीन खान ने कहा- फालतूगिरी मत करना बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे पैपराजी पर बुरी तरह गुस्सा करती नजर आ रही हैं। एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा की मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। उन्होंने सख्त लहजे में सामने वाले को अपनी हद में रहने की हिदायत दी। दरअसल जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना।” यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। हाल ही में नेहा धूपिया भी दे चुकीं हिदायत इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ ये एक्टर्स भी पैपराजी पर हाल ही में भड़के मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी।
हरियाणा में अश्लील कंटेंट पर विवाद:इन्फ्लुएंसर्स ने कहा- डांसरों पर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों को रोको, सपना चौधरी पर सॉफ्ट पोर्न देने का आरोप

जाट आरक्षण आंदोलन के दंगों से सुर्खियों में आए और फिलहाल अमेरिका में रह रहे भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की ओर से सोशल मीडिया पर ‘अश्लील, अभद्र और डबल मीनिंग’ कंटेंट के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम अब हरियाणा में बड़ी बहस का विषय बन गई है। हुड्डा का दावा है कि उन्होंने ऐसे कंटेंट बनाने वाले 35 बड़े इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार कर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से चेतावनी दी है। इसके बाद कई इन्फ्लुएंसर्स ने अपना रुख बदलने का ऐलान किया, जबकि कई ने इस अभियान का समर्थन करते हुए इसे समाज सुधार की पहल बताया। एक इन्फ्लुएंसर ने हरियाणवी डांसर सपना चौधरी पर विवादित टिप्पणियां करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा को ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। वहीं, कुछ ने डांस कार्यक्रमों में मंच के सामने जाकर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। हालांकि, कुछ लोगों ने धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया तो कुछ ने उनसे रेप और पेपर लीक जैसे मामलों पर भी कार्रवाई की मांग की। अब जानिए सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स ने क्या कहा….. बाबा पेले बोले- डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे धर्मेंद्र हुड्डा की चेतावनी के बाद इन्फ्लुएंसर आकाश छांगिया उर्फ बाबा पेले ने वीडियो जारी कर कहा कि अब वह डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे। समाज से गंदे गाने और अश्लील कंटेंट खत्म होना चाहिए। भविष्य में वह किसी महिला कलाकार के साथ ऐसा वीडियो नहीं बनाएंगे, जिससे समाज पर गलत असर पड़े। बाबा पेले ने अपने स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 100 से ज्यादा बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। अगर कोई समाज सेवा करना चाहता है तो स्कूल का सहयोग करे। उन्होंने हरियाणवी फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर को भी आपत्तिजनक बताते हुए इसे हरियाणा में बैन करने की मांग की। नीतू तहलान ने महिला इन्फ्लुएंसर्स पर उठाए सवाल इन्फ्लुएंसर नीतू तहलान ने धर्मेंद्र हुड्डा की मुहिम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठकर गंदगी हटाने की शुरुआत करना सराहनीय है और इसका असर भी दिख रहा है। हालांकि उन्होंने कुछ महिला इन्फ्लुएंसर्स पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे सोशल मीडिया पर शराब पीने के वीडियो बनाकर गलत संदेश दे रही हैं। उनका कहना था कि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कलकल खाप प्रधान की चेतावनी पर विवाद कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल ने धर्मेंद्र हुड्डा के अभियान का समर्थन किया, लेकिन अपने वीडियो और थंबनेल में विवादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मैं सालों से हाथ जोड़कर बहू-बेटियों को समझा रहा था, लेकिन कुछ महिलाएं मुझे ही फोन पर अंजाम भुगतने की धमकी देती थीं। अब जो औरतें ऐसे कपड़े पहनती हैं, वे सुधर जाएं। जुबान पर लगाम दें और अंग प्रदर्शन बंद करें, वरना अब जवान लड़के आ गए हैं, वे जुबान भी बंद कर देंगे और तोड़ देंगे।” इन्फ्लुएंसर आजाद ने सपना चौधरी और बुजुर्गों को घेरा इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर आजाद ने इस पूरे मामले में समाज के बुजुर्गों (काका-ताऊ) और हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी पर तीखा निशाना साधा। आजाद ने कहा, “स्टेज डांसरों से पहले उन बुजुर्गों की बात करो, जो इन कार्यक्रमों में जाते हैं। इन बुजुर्गों के दिमाग में हवस भरी है। आजाद ने आरोप लगाया, “मैं सपना चौधरी को टारगेट कर रहा हूं। उसने हरियाणा को कभी कोई अच्छी चीज नहीं दी। हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या और लिंगानुपात में 5-10% की कमी जैसे मुद्दों पर किसी ने कभी आवाज नहीं उठाई। सपना सिर्फ अपने शरीर के अंग मटकाती है। जो लोग कहते हैं कि सपना की वजह से हरियाणा जाना जाता है, वे गलत हैं। सपना ने हरियाणा को सिर्फ ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। हरियाणा की असली पहचान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, नीरज चोपड़ा और कल्पना चावला जैसे दिग्गजों से है।” ड्राइवर छोरी’ की बोली- गलत करने वालों का भी हो इलाज जींद की रहने वाली नीशू देशवाल उर्फ ड्राइवर छोरी ने धर्मेंद्र हुड्डा की इस मुहिम को क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा, “मैं उस मां को सलाम करती हूं, जिसने धर्मेंद्र जैसे भाई को जन्म दिया। उसने पांच दिन में सट्टा बंद करवा दिया। अब इस गंदगी को भी साफ किया जा रहा है।” उन्होंने धर्मेंद्र से अपील करते हुए कहा कि जो लोग छोटी बच्चियों और बेटियों के साथ गलत काम करते हैं, उनका भी इसी तरह इलाज किया जाए, ताकि अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो। बिट्टू पंडित का दावा- वीडियो हटाने की मिली धमकी इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो में बिट्टू पंडित ने दावा किया कि उन्होंने पहले एक वीडियो शेयर कर कहा था कि धर्मेंद्र हुड्डा ने काम तो शुरू किया, लेकिन सही तरीके से नहीं किया। इसके बाद रात में उनके पास फोन आया और वीडियो हटाने की धमकी दी गई। वीडियो में बिट्टू पंडित ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि धमकियों से उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्होंने धर्मेंद्र हुड्डा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में समाज के लिए काम करना है तो हरियाणा में हो रहे रेप के मामलों को रोकें। उन्होंने भिवानी की मनीषा से जुड़े मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई और अब लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे मुद्दे क्यों उठाए जा रहे हैं। यदि सही काम होगा तो वे पूरा साथ देंगे, लेकिन मनीषा को भी न्याय मिलना चाहिए। सस्पेंड हुई टीचर ने भी किया समर्थन कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद सस्पेंड हुई रोहतक निवासी सुलेखा दलाल ने भी धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा ने बहुत अच्छी मुहिम शुरू की है। साथ ही उन लोगों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनकी बात मानते हुए इस तरह का कंटेंट बनाने से परहेज किया है। उन्होंने एक बार फिर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बहुत से लोग टांग खींचने के लिए आएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटना चाहिए। अब अगली बारी पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की होनी चाहिए। रेप करने वालों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दोषियों को सख्त सजा दे दी जाए तो पूरा देश सुधर जाएगा। गीता ढांडा बोली- डांसरों पर ₹500 लुटाते हैं ये बुड्ढे सोशल मीडिया एक्टिविस्ट गीता ढांडा ने पुरुषों
पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।








