Wednesday, 05 Aug 2026 | 06:00 PM

Trending :

EXCLUSIVE

राम मंदिर चोरी का बचाव कर ट्रोल हुए अनुपम खेर:कहा- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने ये मामूली चीज

राम मंदिर चोरी का बचाव कर ट्रोल हुए अनुपम खेर:कहा- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने ये मामूली चीज

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुई चोरी के बचाव में दिए अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में 2 से 7 करोड़ रुपए की अनियमितता को मामूली बात बताया। उन्होंने इसका कनेक्शन सीधे मुगलों से जोड़ते हुए कहा कि मुगलों ने जो देश को लूटा और अत्याचार किए, उसके सामने यह चोरी बहुत छोटी चीज है। इस बयान का वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल होने के बाद लोग उनकी जमकर आलोचना कर हैं। मुगलों की लूट से की राम मंदिर चोरी की तुलना इंटरव्यू के दौरान अनुपम खेर ने मंदिर में हुई चोरी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोग इसे बहुत बड़ी बात बना रहे हैं और कह रहे हैं कि मंदिर में लूट मची है। एक्टर ने तर्क दिया कि लूट तब मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिरों को तोड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि लूट तब मची थी जब मुगल राजाओं ने ब्राह्मणों को मारकर उनके जनेऊ को इकट्ठा करके तोला था। अनुपम खेर के मुताबिक, इतिहास में महिलाओं के साथ मंदिर रेप हुए, वे बहुत बड़ी समस्याएं थीं। अगर देश उन बड़ी दिक्कतों से उबर सकता है, तो यह चोरी बहुत छोटी चीज है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने की आलोचना अनुपम खेर का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल होते ही लोगों ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। एक यूजर ने लिखा अनुपम जी 1000 साल पुराने इतिहास की बातें करके क्या वे इस तरह की गलत चीजों का समर्थन कर रहे हैं? अगर कोई आपका घर लूट ले और आपको (राम मंदिर मामले की तरह) भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाए, तो क्या यह कहना सही होगा कि इसे किसी का लालच मानकर छोड़ दिया जाए। वहीं, एक अन्य यूजर ने सत्ताधारी पार्टी के गलत कामों और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बहस में मुगलों का नाम घसीटना बंद करने की सलाह दी। उसनें लिखा कि सरकार का बचाव करने की इतनी क्या मजबूरी है, जबकि मंत्रियों और उनके सहयोगियों का लालच सड़कों और ईंधन से लेकर मंदिर के दान तक हर जगह साफ दिखाई दे रहा है। ट्रोलिंग के बीच एक्टर का क्रिप्टिक पोस्ट इंटरनेट पर हो रही भारी आलोचना के बीच अनुपम खेर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश शेयर करके आलोचकों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि एक ईमानदार इंसान की सबसे बड़ी दौलत उसकी निडरता होती है। जिसके मन में चोर नहीं होता, उसकी नजर कभी नहीं झुकती। इस पोस्ट को सीधे तौर पर ट्रोलर्स को दिया गया जवाब माना जा रहा है। इसके बाद उन्होंने एक और लंबा पोस्ट लिखकर कहा कि हर किसी का पसंदीदा बनने की कोशिश अक्सर हमें खुद से दूर कर देती है। सबसे जरूरी अपनी नजरों में अच्छा इंसान बने रहना है। राम मंदिर पर बन रही फिल्म में कर रहे काम अनुपम खेर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी व्यस्त हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ में दिखाई देंगे। इसके अलावा वे अयोध्या मंदिर के इतिहास और निर्माण पर बनने वाली एक फिल्म में भी काम कर रहे हैं। हालांकि, अपनी आगामी फिल्मों की चर्चा के बीच फिलहाल वे अपने इस विवादित बयान और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। चोरी मामले में 8 लोग हो चुके गिरफ्तार राम मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले 7 जून 2026 को सामने आया था। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम बनाई थी। इसके बाद 25 जून को मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और इस केस में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

राम मंदिर चोरी का बचाव कर ट्रोल हुए अनुपम खेर:कहा- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने ये मामूली चीज

राम मंदिर चोरी का बचाव कर ट्रोल हुए अनुपम खेर:कहा- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने ये मामूली चीज

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुई चोरी के बचाव में दिए अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में 2 से 7 करोड़ रुपए की अनियमितता को मामूली बात बताया। उन्होंने इसका कनेक्शन सीधे मुगलों से जोड़ते हुए कहा कि मुगलों ने जो देश को लूटा और अत्याचार किए, उसके सामने यह चोरी बहुत छोटी चीज है। इस बयान का वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल होने के बाद लोग उनकी जमकर आलोचना कर हैं। मुगलों की लूट से की राम मंदिर चोरी की तुलना इंटरव्यू के दौरान अनुपम खेर ने मंदिर में हुई चोरी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोग इसे बहुत बड़ी बात बना रहे हैं और कह रहे हैं कि मंदिर में लूट मची है। एक्टर ने तर्क दिया कि लूट तब मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिरों को तोड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि लूट तब मची थी जब मुगल राजाओं ने ब्राह्मणों को मारकर उनके जनेऊ को इकट्ठा करके तोला था। अनुपम खेर के मुताबिक, इतिहास में महिलाओं के साथ मंदिर रेप हुए, वे बहुत बड़ी समस्याएं थीं। अगर देश उन बड़ी दिक्कतों से उबर सकता है, तो यह चोरी बहुत छोटी चीज है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने की आलोचना अनुपम खेर का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल होते ही लोगों ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। एक यूजर ने लिखा अनुपम जी 1000 साल पुराने इतिहास की बातें करके क्या वे इस तरह की गलत चीजों का समर्थन कर रहे हैं? अगर कोई आपका घर लूट ले और आपको (राम मंदिर मामले की तरह) भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाए, तो क्या यह कहना सही होगा कि इसे किसी का लालच मानकर छोड़ दिया जाए। वहीं, एक अन्य यूजर ने सत्ताधारी पार्टी के गलत कामों और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बहस में मुगलों का नाम घसीटना बंद करने की सलाह दी। उसनें लिखा कि सरकार का बचाव करने की इतनी क्या मजबूरी है, जबकि मंत्रियों और उनके सहयोगियों का लालच सड़कों और ईंधन से लेकर मंदिर के दान तक हर जगह साफ दिखाई दे रहा है। ट्रोलिंग के बीच एक्टर का क्रिप्टिक पोस्ट इंटरनेट पर हो रही भारी आलोचना के बीच अनुपम खेर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश शेयर करके आलोचकों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि एक ईमानदार इंसान की सबसे बड़ी दौलत उसकी निडरता होती है। जिसके मन में चोर नहीं होता, उसकी नजर कभी नहीं झुकती। इस पोस्ट को सीधे तौर पर ट्रोलर्स को दिया गया जवाब माना जा रहा है। इसके बाद उन्होंने एक और लंबा पोस्ट लिखकर कहा कि हर किसी का पसंदीदा बनने की कोशिश अक्सर हमें खुद से दूर कर देती है। सबसे जरूरी अपनी नजरों में अच्छा इंसान बने रहना है। राम मंदिर पर बन रही फिल्म में कर रहे काम अनुपम खेर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी व्यस्त हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ में दिखाई देंगे। इसके अलावा वे अयोध्या मंदिर के इतिहास और निर्माण पर बनने वाली एक फिल्म में भी काम कर रहे हैं। हालांकि, अपनी आगामी फिल्मों की चर्चा के बीच फिलहाल वे अपने इस विवादित बयान और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। चोरी मामले में 8 लोग हो चुके गिरफ्तार राम मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले 7 जून 2026 को सामने आया था। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम बनाई थी। इसके बाद 25 जून को मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और इस केस में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया:दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे

रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया:दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे

रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…

रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया:दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे

रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया:दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे

रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…

लौकी पोहा कटलेट रेसिपी: कम तेल में झटपट लौकी और हे के कटलेट, जानने के लिए है असर; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 लोकी, 1 कप पोहा, 2 टुकड़े किये हुए आलू, 2-3 हरी मिर्च, मसाला अदरक, हरा धनियां, ½ बड़ी लाल मिर्च और हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच गरम मसाला, ½ छोटा मसाला जीरा, नमक, 1-2 बड़ा मसाला ब्रेड क्रम्ब्स, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले पोहे को धोकर 5 मिनट के लिए रखें ताकि वह नर हो जाए। कद्दू की हुई लौकी को बिजली साकस ने उसका अतिरिक्त पानी निकाल दिया। छवि: एआई अब एक बड़ा पोहा में लोकी, भीगा हुआ पोहा और मसले हुए आलू डाले। इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और जीरा मसाला अच्छा मिला लें। छवि: एआई यदि मिश्रण में अधिक मात्रा में नमक मिलाया जाता है तो इसमें चावल का आटा या ब्रेड क्रम्ब्स मिलाया जाता है। अब इस मिश्रण से अपनी पसंद के अनुसार गोल या ओवल साइज का कटलेट तैयार करें। छवि: एआई – स्टिक तवे पर थोड़ा सा नॉन आयल लगाए कट चित्र को दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेंक लें। तैयार कटैग को हरी चटनी, टमाटर सॉस या दही की चटनी के साथ गरम रामें। छवि: एआई कट स्टिल को और नॉटिकल बनाने के लिए इसमें कद्दूकस की हुई गाजर या स्टॉल कटी साबुत मिर्च भी मिला सकते हैं। अगर रंगीन प्लाज्मा स्वाद पसंद है, तो चाट मसाला या काली मिर्च भी डालें। छवि: एआई क्रिस्पी टेक्स्टर्स के लिए ऊपर से प्रभाव सा सूजी या बेड क्रैम्ब्स कोट लेकर सेंकें। कट कैटलॉग को डीप फ्री करने की बजाय शैलो फ्री या एयर फ्री करें। छवि: एआई लोकी सलाद, विटामिन और पानी से भरपूर होता है, जबकि पोहा प्रभाव और आसानी से पचने वाला होता है। कम तेल में बनने की वजह से यह रेसिपी मास्टर भी है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है। छवि: इंस्टाग्राम यही कारण है कि यह बच्चों के साथ-साथ टिफिन और शाम के नाश्ते के लिए भी एक शानदार विकल्प है। छवि: एआई अगर आप स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल चाहते हैं, तो इस आसान लोकी-पोहा कटलेट रेसिपी को जरूर देखें। घर के बड़े हों या बच्चे, सभी इसे बड़े चाव से खाना पसंद करेंगे। छवि: फ्रीपिक

ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

फिल्म निर्माता और निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद यह फिल्म 18 जुलाई 2026 से ‘वेव्स’ (WAVES) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम की जाएगी। यह फिल्म एक वास्तविक घटना से प्रेरित है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा नजर आएंगी। बोकाडिया ने उम्मीद जताई है कि सिनेमाघरों की तरह ओटीटी पर भी इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पांस मिलेगा। एक कार्यक्रम की घटना से मिली कहानी की प्रेरणा निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने फिल्म की कहानी को लेकर खुलासा किया कि यह फिल्म पूरी तरह से एक सच्ची घटना पर आधारित है। एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने बड़े गर्व के साथ अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पत्नी से उनका परिचय कराया। ये तीनों पत्नियां अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखती थीं। बोकाडिया के मुताबिक, उस समय तीसरी पत्नी के चेहरे पर जो झिझक और दर्द दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसी घटना के बाद उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने का फैसला किया। महिलाओं के अधिकारों पर सोचने को मजबूर करेगी कहानी के. सी. बोकाडिया का कहना है कि ‘तीसरी बेगम’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक आईना है। यह कहानी दर्शकों को समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में सराहनीय प्रदर्शन करने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोग इस फिल्म को पसंद करेंगे। यह फिल्म मुख्य रूप से महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई को दिखाती है। इंडस्ट्री के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ कर चुके हैं काम के. सी. बोकाडिया भारतीय सिनेमा के एक बड़े और प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में बॉलीवुड के लगभग सभी बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, शाह रुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार, सनी देओल, अजय देवगन और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘नसीब अपना अपना’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। आने वाले समय में रिलीज होंगे कई बड़े प्रोजेक्ट्स ‘तीसरी बेगम’ के ओटीटी रिलीज के अलावा के. सी. बोकाडिया के कई और बड़े प्रोजेक्ट्स भी लाइन में हैं। उनकी अगली फिल्म ‘तेरी मेहरबानियां 2’ अगस्त 2026 में रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फिल्म उनकी पुरानी सुपरहिट फिल्म का सीक्वल है। इसके साथ ही वे जल्द ही छोटे पर्दे पर भी दस्तक देने जा रहे हैं। उनका एक नया टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ भी जल्द ही प्रसारित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां आखिरी चरण में हैं।

ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

फिल्म निर्माता और निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद यह फिल्म 18 जुलाई 2026 से ‘वेव्स’ (WAVES) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम की जाएगी। यह फिल्म एक वास्तविक घटना से प्रेरित है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा नजर आएंगी। बोकाडिया ने उम्मीद जताई है कि सिनेमाघरों की तरह ओटीटी पर भी इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पांस मिलेगा। एक कार्यक्रम की घटना से मिली कहानी की प्रेरणा निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने फिल्म की कहानी को लेकर खुलासा किया कि यह फिल्म पूरी तरह से एक सच्ची घटना पर आधारित है। एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने बड़े गर्व के साथ अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पत्नी से उनका परिचय कराया। ये तीनों पत्नियां अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखती थीं। बोकाडिया के मुताबिक, उस समय तीसरी पत्नी के चेहरे पर जो झिझक और दर्द दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसी घटना के बाद उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने का फैसला किया। महिलाओं के अधिकारों पर सोचने को मजबूर करेगी कहानी के. सी. बोकाडिया का कहना है कि ‘तीसरी बेगम’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक आईना है। यह कहानी दर्शकों को समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में सराहनीय प्रदर्शन करने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोग इस फिल्म को पसंद करेंगे। यह फिल्म मुख्य रूप से महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई को दिखाती है। इंडस्ट्री के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ कर चुके हैं काम के. सी. बोकाडिया भारतीय सिनेमा के एक बड़े और प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में बॉलीवुड के लगभग सभी बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, शाह रुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार, सनी देओल, अजय देवगन और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘नसीब अपना अपना’, ‘आज का अर्जुन’ और ‘फूल बने अंगारे’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। आने वाले समय में रिलीज होंगे कई बड़े प्रोजेक्ट्स ‘तीसरी बेगम’ के ओटीटी रिलीज के अलावा के. सी. बोकाडिया के कई और बड़े प्रोजेक्ट्स भी लाइन में हैं। उनकी अगली फिल्म ‘तेरी मेहरबानियां 2’ अगस्त 2026 में रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फिल्म उनकी पुरानी सुपरहिट फिल्म का सीक्वल है। इसके साथ ही वे जल्द ही छोटे पर्दे पर भी दस्तक देने जा रहे हैं। उनका एक नया टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ भी जल्द ही प्रसारित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां आखिरी चरण में हैं।

चांदीपुरा वायरस के लक्षण: गुजरात में 3 मासूमों की जान लेने वाला ‘रेसापुरा वायरस’ क्या है? जानिए इसके खतरे और बचाव

छवि अपलोड की गई

चांदीपुरा वायरस के लक्षण और रोकथाम: हाल ही में गुजरात में ‘अरेपुरा वायरस’ के कारण कई मासूम बच्चों की जान चली गई, जिन्होंने माता-पिता और स्वास्थ्य और प्रशासन की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है। शुरुआत में 3 बच्चों की मौत की खबर ने मासूम को झकझोर दिया। तो जानें कि यह अंतिम वायरस क्या है, इसका क्या खतरा है और आप अपने बच्चों को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। वायरस से साबरकांठा जिले में 6 साल की बच्ची की मौत के बाद शनिवार को सांकेतिक जिले में दो और बच्चों में भी वायरस के लक्षण यहां दिखाई दे रहे हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें गांधीनगर सिविल अस्पताल भेजा गया है। दोनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वायरस को यूरोप में प्रतिबंधित करने के लिए कई संगठनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। कॉन्स्टेंट सुपरवाइज़र, कैथेड्रल के आस-पास के रेस्टॉरेंट्स, साफ़-सफ़ाई, मिट्टी की दीवारें और दराजों को मंजूरी देने के उपाय जैसे कि कीट वहाँ रेस्टॉरेंट नहीं हैं। सिल्वरपुरा वायरस क्या है? यह एक बेहद खतरनाक वायरस है जो मुख्य रूप से 9 महीने से लेकर 15 साल तक के बच्चों को अपना शिकार बनाता है। यह वायरस सीधे तौर पर इंसान के दिमाग पर हमला करता है, जिससे मस्तिष्क में सूजन यानी एन्सेफलाइटिस हो जाता है। इसका नाम महाराष्ट्र के ‘बेशरियापुरा’ गांव से पड़ा है, जहां साल 1965 में पहली बार इस वायरस की पहचान की गई थी। यह कैसे है? ये कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में भर्ती हो जाए। यह मुख्य रूप से सैंडफ्लाई यानी रेत में पाई जाने वाले मक्खी, मच्छरों और टिक्स के टुकड़े से बनी है। जब ये कीड़े मकोड़े या मक्खी किसी बच्चे को मारते हैं तो ये जन्तु विषाणु सीधे उसके खून में प्रवेश कर जाता है। सिल्वरपुरा वायरस के मुख्य लक्षण इस वायरस की सबसे डरावनी बात यह है कि इसका असर बहुत तेजी से होता है। माता-पिता को इन विशेषाधिकारी को लेकर बहुत ही संयमित जीवन की आवश्यकता है। अचानक चमकना:शारीरिक रूप से बहुत अधिक तपने लगता है। गंभीर सिरदर्द: बच्चे को सिर में असहनीय दर्द होता है। उल्टी और पेट दर्द: तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी या मतली महसूस होना। पड़ना: कुछ ही घंटों में बच्चे का शव अकड़ने लगता है और देखने आते हैं। असंबद्धता और लाचारी: बच्चा बहुत ही खतरनाक हो जाता है, उसकी निजी पहचान हो जाती है और वह बीमार हो सकता है। यह वायरस इतना खतरनाक क्यों है? इस वायरस के खतरे का मुख्य कारण इसकी गति है। लक्षण दिखने में 24 से 48 घंटे के अंदर ही यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और वायरस ब्रेन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो बच्चा कोमा में जा सकता है और उसकी जान भी जा सकती है। वर्तमान में इस वायरस को ख़त्म करने के लिए कोई वैक्सीन, टीका या दवा मौजूद नहीं है। डॉक्टर आयुर्वेदिक दवाओं के आधार पर ही इलाज करते हैं जैसे बुखार कम करना और दौरों को फायदा होता है, इसलिए अस्पताल में सही समय पर रहना ही जान आराम का एकमात्र उपाय होता है। कैसे बनायें? इस वायरस की कोई पक्की दवा नहीं है, इसलिए मक्खियों और मच्छरों से बचना ही है इस बीमारी का सबसे असरदार इलाज। पूरी तरह से कपड़े के कपड़े: बच्चों को हमेशा ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे उनके हाथ और पैर पूरी तरह आकर्षक बने रहें, खासकर शाम और रात के समय। मच्छरदानी का अर्थ: घर में मच्छरदानी का प्रयोग विशेष रूप से बच्चों के लिए हमेशा किया जाता है। कीट निषेध का प्रयोग: त्वचा के खुले उपकरणों या फूलों पर कीडों और मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम या स्पेक्ट्रम। घर के आसपास सफाई व्यवस्था: सैंडफ्लाई फ़्लोरिडा प्लास्टर मिट्टी, चट्टानों, चट्टानों और चट्टानों से बनी हुई पानी के आस-पास की चट्टानें। अपने घर और आस-पास के इलाके में साफ-सफाई के बर्तन और पानी जमा न करें। लक्षणसंकेत ही डॉक्टर के पास: अगर बच्चे को अचानक तेज बुखार आ जाए और साथ में उल्टी या दौरे की शिकायत हो, तो घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तत्काल असंतुलित बड़े अस्पताल। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी अपनाकर हम इस जन्मजात वायरस से अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं। इसे जरूर पढ़ें: iPhone के लिए WhatsApp: अब ‘ग्रीन डॉट’ का खुलासा, कौन है एक्टिव, जल्द आ रहा है नया अपडेट; जानिए पूरा विवरण अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट) चांदीपुरा वायरस(टी) चांदीपुरा वायरस लक्षण(टी)चांदीपुरा वायरस(टी)चांदीपुरा वायरस के लक्षण(टी)चांदीपुरा वायरस क्या है(टी)चांदीपुरा वायरस से बचाव(टी)चांदीपुरा वायरस क्या है

सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा:कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया

सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा:कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया

बॉलीवुड एक्टर और फिल्ममेकर सोहेल खान इन दिनों रियलिटी शो ‘अलायंस’ में नजर आ रहे हैं। शो के हालिया एपिसोड में दो वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हुई, जिनमें से एक सोहेल खान की एक्स-वाइफ सीमा सजदेह हैं। शो के सेट पर दोनों का रीयूनियन काफी सकारात्मक रहा और दोनों एक-दूसरे से मिलकर खुश नजर आए। इस दौरान सोहेल खान ने सीमा से अपने तलाक की वजहों पर खुलकर बात की। उन्होंने शादी टूटने की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और अपने खराब बर्ताव की वजह से उन्होंने सीमा को खो दिया। होस्ट निखिल चिनापा के सवाल पर दिया जवाब शो के दौरान जब सीमा सजदेह की एंट्री हुई, तो सोहेल ने उनके लिए ग्रीन टी बनाई। इस पर शो के होस्ट निखिल चिनापा ने सोहेल से पूछा कि औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है, आपके घर में किसका हाथ था? इसका जवाब देते हुए सोहेल खान ने कहा कि उस समय मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मेरी मानसिक स्थिति सही नहीं थी। अपने इसी बर्ताव की वजह से मैंने उसे खो दिया जिससे मैं सच में बहुत प्यार करता था। सोहेल ने कहा कि सीमा उनके दो बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से ज्यादा उनके दिल में सीमा के लिए बेहद सम्मान है। अलग होने के बाद भी घर की चाबी सीमा के पास सोहेल खान ने शो में कंटेस्टेंट जैद दरबार से बातचीत के दौरान अपने बच्चों और सीमा के रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा बच्चों से मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार उनके घर आती हैं। सोहेल ने खुलासा किया कि सीमा के पास आज भी उनके घर की चाबी है। सीमा ने शो में बताया कि उनका छोटा बेटा योहान शो में उन्हें सपोर्ट कर रहा है, जबकि बड़ा बेटा निर्वाण चाहता है कि सोहेल खान यह शो जीतें। 24 साल की शादी के बाद 2022 में अलग हुए थे सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन:फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन

संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन:फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन

फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन अदालत के फैसले के बाद फिर राजनीतिक वापसी की उम्मीदों को लेकर चर्चा में हैं। देश में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव से उनके समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है। फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन का राजनीतिक सफर संघर्ष, विवाद और वापसी की कोशिशों से भरा रहा है। तीन बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने 2027 के चुनाव में उतरने का इरादा जताया है। हाल ही में अदालत के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को फिर चर्चा में ला दिया है। पेरिस की एक अदालत ने 2024 में यूरोपीय संघ के फंड के दुरुपयोग मामले में ली पेन को दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाई थी। इसके बाद उनकी पार्टी ने 30 वर्षीय जोर्डन बारडेला को संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन 7 जुलाई को अपील कोर्ट ने प्रतिबंध की अवधि कम कर दी, जिसके बाद ली पेन ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया। 57 वर्षीय ली पेन इससे पहले 2012, 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकी हैं। 2017 और 2022 में उन्हें इमैनुअल मैक्रों से हार मिली थी। हालांकि हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। ली पेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता जीन मैरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी बनाई थी, जिसकी पहचान प्रवासियों के विरोध और कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से जुड़ी रही। मरीन ने पार्टी की छवि बदलने के लिए इसका नाम नेशनल रैली रखा था। वे अब भी इमिग्रेशन नियंत्रण, फ्रांसीसी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता और यूरोपीय संघ की नीतियों की आलोचक हैं। उन्होंने युवाओं के लिए टैक्स राहत, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और ऊर्जा पर करों में कटौती जैसे वादे किए हैं। वे यूरोपीय संघ से दूरी, रूस के साथ बेहतर संबंध और फ्रांस की संप्रभुता बढ़ाने की समर्थक रही हैं। उनकी राजनीति को अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति से जोड़ा जाता है। कानून की पढ़ाई करने वाली ली पेन ने 1998 में राजनीति में प्रवेश किया था। आज वे फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथी रुझान की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हालांकि अदालत की निगरानी के बीच 2027 की राह उनके लिए आसान नहीं होगी।