ब्रिटेन में भीषण गर्मी:AC वाले दफ्तरों में स्टाफ की मौजूदगी 75% तक बढ़ी, AC ऑफिस की भी डिमांड बढ़ी

ब्रिटेन में साल की तीसरी भीषण गर्मी के बीच कर्मचारी घर की उमस में काम करने के बजाय एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40° डिग्री के पार चला गया है। पारंपरिक ब्रिटिश घर गर्मी को रोकने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिसके कारण लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बजाय एसी लगे दफ्तरों में जाकर काम करना पसंद कर रहे हैं। दफ्तरों में उपस्थिति कोविड के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली ‘एडॉप्ट वर्कस्पेस’ ने भी कहा कि गर्म मौसम में उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ी है। गौरतलब है कि लंदन में प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने घरों में एसी न लगाने और लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसी के बजाय पंखे चलाएं और खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें। तीन साल में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के चलन और बढ़ती भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79% का उछाल आया है। इन 40 लाख घरों में से 19 लाख में स्थायी एसी इकाइयां लगी हैं। लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ‘ऑफिस स्पेस इन टाउन’ के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’ वाले गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में मौजूदगी 75% बढ़ गई। कंपनी के अनुसार लोग घरों में गर्मी से परेशान हैं इसलिए ठंडी जगह चुन रहे हैं, ताकि आराम से काम कर सकें और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।
लव विल स्पार्क अगेन:दुलकर-पूजा हेगड़े की ‘श्री श्री’ का फर्स्ट लुक आउट, पहली बार दिखेंगे साथ

दुलकर सलमान ने अपनी 41वीं फिल्म का टाइटल अनाउंस कर दिया है। अब तक ‘DQ41’ के नाम से पहचानी जा रही इस फिल्म का नाम ‘श्री श्री’ रखा गया है। दुलकर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर करते हुए इसकी अनाउंसमेंट की है। फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में दुलकर और पूजा हेगड़े खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के बीच नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर ‘लव विल स्पार्क अगेन’ टैगलाइन भी लिखी गई है, जो फिल्म की रोमांटिक थीम की झलक देती है। खास बात यह है कि इस फिल्म के जरिए दुलकर और पूजा पहली बार बड़े परदे पर साथ नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग काफी समय पहले शुरू हो चुकी थी, लेकिन अब जाकर मेकर्स ने इसका नाम सामने रखा है। इससे पहले मेकर्स ने फिल्म की शूटिंग की कुछ झलकियां साझा की थीं। फिल्म में धीक्षित शेट्टी भी अहम भूमिका निभा रहे फिल्म का लेखन और निर्देशन रवि नेलाकुडिटी ने किया है। वहीं इसका निर्माण सुधाकर चेरुकुरी ने एसएलवी सिनेमाज के बैनर तले किया है। इसमें धीक्षित शेट्टी भी अहम भूमिका निभा रहे हैं और म्यूजिक जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है। फिल्म को मल्टी लैंग्वेज पैन इंडिया फिल्म के रूप में 2026 में रिलीज किया जाएगा। हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी रिलीज डेट अनाउंस नहीं की है।
रोहित चंदेल की गिरफ्तारी पर को-स्टार ने किया रिएक्ट:एक्ट्रेस मदिराक्षी मुंडले बोलीं- दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी; अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया

टीवी एक्टर रोहित चंदेल के मामले पर टीवी शो ‘सैराब’ की उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने रिएक्शन दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मामले पर रिएक्शन देते हुए उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने कहा, ‘मुझे इस बारे में अभी-अभी पता चला है। फिलहाल शो में मेरी फैमिली ट्रैक की शूटिंग चल रही है, इसलिए अभी शूटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। बस उम्मीद है कि सब जल्द ठीक हो जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया है, इसलिए पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए। किशोरी शहाणे ने भी रिएक्शन दिया था वहीं, इससे पहले ‘सैराब’ की एक और को-स्टार किशोरी शहाणे ने रोहित के अरेस्ट पर रिएक्शन दिया था। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल पॉक्सो केस में गिरफ्तार दरअसल, रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया था। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित एक्टिंग में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले को रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने शो ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो ‘सैराब’ में नजर आ रहे हैं।
रोहित चंदेल की गिरफ्तारी पर को-स्टार ने किया रिएक्ट:एक्ट्रेस मदिराक्षी मुंडले बोलीं- दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी; अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया

टीवी एक्टर रोहित चंदेल के मामले पर टीवी शो ‘सैराब’ की उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने रिएक्शन दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मामले पर रिएक्शन देते हुए उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने कहा, ‘मुझे इस बारे में अभी-अभी पता चला है। फिलहाल शो में मेरी फैमिली ट्रैक की शूटिंग चल रही है, इसलिए अभी शूटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। बस उम्मीद है कि सब जल्द ठीक हो जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया है, इसलिए पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए। किशोरी शहाणे ने भी रिएक्शन दिया था वहीं, इससे पहले ‘सैराब’ की एक और को-स्टार किशोरी शहाणे ने रोहित के अरेस्ट पर रिएक्शन दिया था। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल पॉक्सो केस में गिरफ्तार दरअसल, रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया था। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित एक्टिंग में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले को रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने शो ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो ‘सैराब’ में नजर आ रहे हैं।
आमिर की ‘ललकार’:ये फिल्म सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बंटवारे में बिछड़े क्रिकेटर्स का दर्द भी दिखाएगी

बॉलीवुड में इन दिनों आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘ललकार’ की चर्चा तेज हैं। कहा जा रहा है कि ‘लगान’ के करीब 25 साल बाद दोनों एक बार फिर बड़े परदे पर साथ आने वाले हैं। हालांकि फिल्म की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्र इसे एक बड़े स्पोर्ट्स-पीरियड ड्रामा के रूप में देख रहे हैं। इस फिल्म की कहानी भारतीय क्रिकेट इतिहास के बेहद महत्वपूर्ण दौर से जुड़ी है। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ फिल्मी गलियारों में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जल्द ही इस पर आधिकारिक ऐलान हो सकता है। कहानी का फोकस होगा लाला अमरनाथ और क्रिकेट को मिलती नई पहचान रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का सबसे अहम किरदार लाला अमरनाथ का है। वे भारत के पहले टेस्ट शतकवीर थे और स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे। क्रिकेट इतिहास में उनका नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाता है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की शुरुआती पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाला ऑलराउंडर थे। वे राइट हैंड बल्लेबाज और राइट-आर्म मीडियम पेस गेंदबाज थे। फिल्म केवल उनके क्रिकेट रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए उस दौर के भारत को भी दिखाने की कोशिश होगी, जब देश स्वतंत्रता के बाद नई राष्ट्रीय पहचान गढ़ रहा था और खेल धीरे-धीरे उस पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा था। 1952 की भारत-पाक ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द होगी कहानी आमिर स्टारर इस फिल्म की कहानी का एक बड़ा हिस्सा 1952 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेली गई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द विकसित होने की चर्चा है। यह वह दौर था जब विभाजन की यादें ताजा ही थीं और दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की शुरुआत हो रही थी। फिल्म में दिखाया जा सकता है कि बंटवारे के बाद कई खिलाड़ी और खेल प्रशासक अलग-अलग देशों में बंट गए। ऐसे में 1952 की टेस्ट सीरीज सिर्फ क्रिकेट मुकाबला नहीं, बल्कि इतिहास, यादों और बिछड़े रिश्तों की पीड़ा का भी सामना थी। फिल्म में वैसा ही भावनात्मक स्पर्श हो सकता है, जैसा ‘सैम बहादुर’ में दो जिगरी अफसरों के अलग देशों का प्रतिनिधित्व करने के दौरान दिखा था। इसे ट्रेडिशनल स्पोर्ट्स बायोपिक से अलग माना जा रहा है। ‘लगान’ के बाद यह दोबारा आमिर और आशुतोष की फिल्मी साझेदारी होगी ‘लगान’ के बाद यह पहला मौका होगा जब आमिर और आशुतोष गोवारिकर किसी फीचर फिल्म में साथ काम करेंगे। बता दें कि दोनों की पीडियड ड्रामा ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही थी और ऑस्कर तक पहुंची थी, इसलिए एक बार फिर से दोनों की नई साझेदारी को लेकर इंडस्ट्री में काफी एक्साइटमेंट बनी हुई है। मुमकिन है कि फिल्म में ‘लगान’ वाली स्टारकास्ट से भी कुछ कलाकार शामिल हो सकते हैं। आमिर का मानना है कि वह टीम उनके लिए लकी मैस्कॉट है। ‘ललकार’ सिर्फ एक क्रिकेट फिल्म नहीं होगी। इसमें खेल, इतिहास, राजनीति और मानवीय रिश्तों का ऐसा तालमेल देखने को मिल सकता है जो इसे ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचाएगा। पाकिस्तानी क्रिकेटर के रोल में दिख सकते हैं फरहान सूत्रों कहते हैं…‘ललकार’ का उद्देश्य केवल मैचों को री-क्रिएट करना नहीं होगा। इसमें स्वतंत्रता के बाद का भारत, विभाजन का असर, बदलते राजनीतिक हालात और खेल के माध्यम से उभरती नई राष्ट्रीय चेतना जैसे पहलू भी शामिल किए जाने की योजना है। इसी वजह से फरहान अख्तर के भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की बात कही जा रही है। वे किसी पाकिस्तानी क्रिकेटर की भूमिका निभा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, फजल महमूद का नाम लाला के करीबी दोस्तों में आता है। दोनों सभी टेस्ट मैच में आमने-सामने थे।
आलिया भट्ट की दोस्त आकांक्षा रंजन ने शादी की:उसी तारीख पर रचाई शादी जब डेटिंग शुरू की थी; संगीत में आलिया ने किया डांस

अभिनेत्री आकांक्षा रंजन और फिल्म डायरेक्टर शरण शर्मा शनिवार को शादी के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में उनके घर के गार्डन में यह शादी हुई, जिसमें परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए। दोनों ने ठीक चार साल पहले इसी तारीख को एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। सोशल मीडिया पर आकांक्षा ने शादी की तस्वीरें शेयर की हैं। इस शादी से जुड़ी संगीत सेरेमनी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आकांक्षा की करीबी दोस्त और अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती दिख रही हैं। देखें शादी की तस्वीरें… उसी तारीख को शादी जब डेटिंग शुरू की थी आकांक्षा और शरण की शादी का यह फंक्शन मुंबई में उनके घर पर शाम को सनसेट के समय हुआ। दोनों ने अपनी शादी के लिए वही तारीख चुनी, जिस दिन चार साल पहले उनका रिलेशनशिप शुरू हुआ था। शादी के लिए आकांक्षा ने गोल्डन बॉर्डर वाली ऑरेंज कलर की साड़ी और गोल्डन ब्लाउज पहना था। वहीं, शरण शर्मा ऑफ-व्हाइट कलर के बंदगला सूट में नजर आए। इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए आकांक्षा ने लिखा कि तू ना हो तो घर घर नहीं लगता, तू है तो डर नहीं लगता। संगीत सेरेमनी में आलिया भट्ट का डांस शादी से पहले शुक्रवार को कपल की संगीत सेरेमनी का आयोजन किया गया था। इस सेरेमनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक्ट्रेस आलिया भट्ट स्टेज पर शाह रुख खान की फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती नजर आ रही हैं। आलिया ने इस फंक्शन के लिए पर्पल कलर की सिल्क साड़ी और मैचिंग कोरसेट-स्टाइल ब्लाउज पहना था। उनके साथ परफॉर्मेंस में आकांक्षा की बड़ी बहन अनुष्का रंजन और उनके पति आदित्य सील भी शामिल हुए। ये सेलेब्स हुए आकांक्षा की संगीत सेरेमनी में शामिल- फिल्मी सितारों ने दी कपल को बधाई शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने कपल को शुभकामनाएं दी हैं। आलिया भट्ट ने कमेंट सेक्शन में सन इमोजी पोस्ट किए। वहीं एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘क्यूटीज, लव यू ऑल’। अभिनेता अंगद बेदी ने शरण शर्मा को टैग करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि नए शादीशुदा जोड़े को भगवान आशीर्वाद दे, शारी अब कोई टार्टन नहीं। उन्होंने आकांक्षा को बधाई देते हुए एक लंबी और अच्छी क्रिकेट जैसी पारी की शुभकामनाएं दीं। कौन हैं आकांक्षा रंजन और शरण शर्मा उन्होंने फिल्म ‘गिल्टी’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘मोनिका ओ माई डार्लिंग’ में भी नजर आई थीं, जिसमें उनके साथ राजकुमार राव, राधिका आप्टे और हुमा कुरैशी मुख्य भूमिकाओं में थे। वहीं शरण शर्मा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर हैं। उन्होंने जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ से बतौर डायरेक्टर अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।
यूरोप की सिलिकॉन वैली बना विलनियस:शहर की आबादी 29 लाख, 6 यूनिकॉर्न काम कर रहीं; स्टार्टअप के मामले में दुनिया में 13वें नंबर पर

सुबह के करीब दस बजे हैं। लिथुआनिया की राजधानी विलनियस की साइबर सिटी में कांच की ऊंची इमारतों के बीच तेज कदमों से युवा प्रोफेशनल्स गुजर रहे हैं। एक तरफ नॉर्ड सिक्योरिटी जैसे दुनियाभर में मशहूर यूनिकॉर्न का दफ्तर है, तो कुछ ही कदम पर हॉस्टिंगर का। हॉस्टिंगर यानी एक ऐसा स्टार्टअप जिसके यूजर 150 से ज्यादा देशों में हैं। यहां फ्यूचर, एआई और स्टार्टअप जैसे शब्द हर बातचीत में सुनाई देते हैं। विलनियस को अब यूरोप की ‘सिलिकॉन वैली’ भी कहा जाने लगा है। यूरोप के इस छोटे से देश लिथुआनिया की आबादी मात्र 29 लाख के करीब है, लेकिन यहां हजारों स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आकार और आबादी में भले ही यह देश छोटा है, लेकिन सोच बड़ी और ग्लोबल है। यूनिकॉर्न लिथुआनिया की सीईओ गिन्तारे वेरबिकाइते बताती हैं कि आज विलनियस यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ती स्टार्टअप सिटी है। इस मामले में दुनिया में भी ये 13वें नंबर पर है। यहां कारोबार स्थानीय नहीं, वैश्विक सोच के साथ शुरू होता है। यहां के लोग कहते हैं कि जब हम कोई स्टार्टअप शुरू करते हैं तो उसे दुनिया की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाते हैं, क्योंकि हम सिर्फ लिथुआनिया तक सीमित रहना नहीं चाहते हैं। आबादी यानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिथुआनिया दुनिया के सबसे अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप वाले देशों में है। यहां विंटेड, नॉर्ड सिक्योरिटी, बीसीजी, फ्लो, कास्ट एआई और ऑक्सीलैब्स, छह यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। विंटेड ने यूनिकॉर्न बिल्ड करने का एक अलग मॉडल पेश किया है। उसने पुराने कपड़े खरीदने और बेचने का ऑनलाइन मॉडल शुरू किया और वो यहां की पहली यूनिकॉर्न बनी। इन्वेस्ट लिथुआनिया की स्ट्रैटजिस्ट डायना गिरडेनाइट कहती हैं कि बढ़ती स्किल्ड वर्कफोर्स, फाइनेंशियल इन्सेंटिव और सरकार की नीतियां जैसे प्रमुख कारण हैं, जिनके कारण लिथुआनिया स्टार्टअप पावरहाउस बन रहा है। सीखने-सिखाने का कल्चर, भारत इनका बड़ा बाजार चार कारण… लिथुआनिया कैसे बन रहा स्टार्टअप पावरहाउस 1. तेजी से बढ़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम देश में 300 से ज्यादा फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। 2020 से 2025 के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम का मूल्य 5.9 गुना बढ़कर करीब 1.56 लाख करोड़ रु. हो गया। 2025 में स्टार्टअप्स ने करीब 2400 करोड़ रु. की वेंचर कैपिटल जुटाई। 2. वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा एक्सेल, जनरल कैटलिस्ट, इनसाइट पार्टनर जैसी विश्व की प्रमुख निवेशक कंपनियां, जिन्होंने फेसबुक, स्पाॅटिफाई, एयर बीएनबी जैसी कंपनियों में निवेश किया है, वे भी लिथुआनिया के स्टार्टअप्स में निवेश कर रही हैं। सार्वजनिक वाई-फाई स्पीड में लिथुआनिया पहले स्थान पर व साइबर सुरक्षा सूचकांक में छठे स्थान पर है। 3. एआई प्रतिभा से बनी मजबूत नींव देश में 77,600 से अधिक आईसीटी (सूचना और संचार तकनीक) विशेषज्ञ कार्यरत हैं। सरकार ने एआई विकास के लिए करीब 457 करोड़ रु. से अधिक का निवेश किया और 2018 में ही राष्ट्रीय एआई रणनीति लागू कर दी। 13 हजार छात्र आईसीटी की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर रीस्किलिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 4. कंपनी शुरू करना आसान यहां नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकारी प्रक्रियाएं सरल और ऑनलाइन होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों बचते हैं। कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स 0-16% के बीच, फ्री इकोनॉमिक जोन में पहले 10 वर्षों तक 0% टैक्स, RD प्रोत्साहन, पेटेंट बॉक्स, तेज लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विश्वस्तरीय डिजिटल नेटवर्क और 2030 तक 100% रिन्यूएबल बिजली का लक्ष्य- ये तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
जेरोधा के फाउंडर ने साझा किया उम्मीद का फॉर्मूला:उम्मीद यानी परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी अगला कदम उठाना बंद न करें

मेरे लिए उम्मीद का मतलब सिर्फ यह सोच लेना नहीं है कि सब ठीक हो जाएगा। उम्मीद तब ताकत बनती है, जब उसके साथ किसी समस्या को हल करने का स्पष्ट उद्देश्य जुड़ा हो। अगर आप उस उद्देश्य पर टिके रहते हैं और जल्दी हार नहीं मानते, तो सही समय आने पर किस्मत भी आपका साथ देती है। अगर कोई उद्यमी कहता है कि उसे कभी डर नहीं लगा, तो या तो उसने बहुत कठिन काम नहीं किया या फिर वह सच नहीं बोल रहा। जेरोधा के शुरुआती वर्षों में हमारे पास न ज्यादा पैसा था, न कोई बड़ा नाम। हर दिन अनिश्चितता थी। मैंने एक बात सीखी कि जिंदगी और बिजनेस में कई बार सबसे बड़ा फायदा उसी को मिलता है, जो सबसे लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखता है। सही समय और सही जगह पर होना जरूरी है, लेकिन उसके लिए पहले आपको खेल में बने रहना पड़ता है। इसलिए मैंने हमेशा कोशिश की कि खर्च कम रहे, अपनी पहचान न खोऊं और दूसरों की दौड़ देखकर अपनी दिशा न बदलूं। मेरे लिए उम्मीद का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा। उम्मीद का मतलब है कि परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी भी अगला कदम उठाना बंद न करें। यही आपको सफल बनाएगा। भारत के भविष्य से मुझे उम्मीद है मुझे सबसे ज्यादा उम्मीद उन संस्थापकों से मिलती है, जिनसे मैं रैनमैटर के जरिए मिलता हूं। वे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, बचत, निवेश और डीप-टेक जैसी वास्तविक समस्याओं पर काम कर रहे हैं। लेकिन मेरी बड़ी चिंता भारत का रोजगार है। हमारे पास सबसे बड़ी युवा आबादी है। अगर उनके लिए पर्याप्त और सार्थक रोजगार नहीं बना पाए, तो अवसर चुनौती बन सकता है। उद्यमिता सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचनी चाहिए। मैं युवाओं से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अपनी तुलना किसी और की टाइमलाइन से मत कीजिए। एआई को लेकर चिंता वास्तविक है, लेकिन सोशल मीडिया इस डर को कई गुना बढ़ा देता है। एआई नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन भारत की सबसे बड़ी चुनौती आज भी पर्याप्त रोजगार पैदा करना है। इसलिए मैं अपनी ऊर्जा चिंता करने में नहीं, बल्कि रोज कुछ नया सीखने में लगाऊंगा। लगातार अपस्किलिंग, जिज्ञासा और सीखते रहने की आदत ही भविष्य में सबसे ज्यादा काम आएगी। उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये 5 चीजें जरूरी हैं… मैं सलाह देने से हमेशा बचता हूं, क्योंकि बिजनेस में मेरी सफलता में किस्मत की भी भूमिका रही है, लेकिन उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये पांच चीजें जरूर होनी चाहिए। 1. भरोसा। भारत पर भरोसा, क्योंकि मुझे लगता है कि अगले कुछ दशकों में दुनिया के सबसे बड़े अवसर यहीं बनने वाले हैं। 2. स्किल। जिससे आप हर दिन एक फीसदी बेहतर बन सकें। 3. स्वास्थ्य। अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो उपलब्धियों का महत्व बहुत कम रह जाता है। 4. रिश्ते। जो लोग दिल से आपकी सफलता चाहते हैं, वे आपकी सबसे मूल्यवान लेकिन अक्सर अनदेखी संपत्ति हैं। रिश्तों को संभालकर रखना जरूरी है। 5. धैर्य। बाजार हो, बिजनेस हो या जिंदगी, सबसे ज्यादा इनाम आखिरकार धैर्य रखने वालों को मिलता है। स्ट्रोक जिंदगी का सबसे बड़ा सबक था 2024 में स्ट्रोक आने के बाद मैंने बहुत करीब से समझा कि जिंदगी में वास्तव में क्या मायने रखता है। बिजनेस चलता रहता है। टीम अपना काम संभाल लेती है। आखिर में आपके पास आपका स्वास्थ्य, आपका परिवार और आपका अपना जीवन ही बचता है। अच्छी कंपनियां भरोसे, धैर्य और समस्याओं को हल करने से बनती हैं हमने रैनमैटर फाउंडेशन शुरू किया है। इसके जरिए नए स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। जब मैं रैनमैटर के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश करता हूं तो सबसे पहले यह नहीं देखता कि कंपनी कितनी तेजी से बढ़ सकती है या उसकी वैल्यूएशन क्या होगी। मैं यह देखता हूं कि संस्थापक जिस समस्या पर काम कर रहा है, क्या वह सच में उसके प्रति जुनूनी है या नहीं। मेरे अनुभव में वही संस्थापक लंबे समय तक टिकते हैं जो स्टार्टअप बनाने के लिए नहीं, बल्कि किसी असली समस्या का समाधान खोजने के लिए काम करते हैं। आगे वही बढ़ता है जिसे अपने काम से प्यार हो। मैंने यह भी देखा है कि सबसे मजबूत कंपनियां अक्सर सबसे शांत संस्थापकों ने बनाई हैं। वे कम बोलते हैं और ज्यादा काम करते हैं। रैनमैटर में हमने पिछले कुछ वर्षों में जलवायु, स्वास्थ्य, निवेश और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में 160 से ज्यादा स्टार्टअप्स का साथ दिया है। हमारे सीटीओ और सह-संस्थापक कैलाश लंबे समय से जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। उनके साथ काम करते हुए मुझे महसूस हुआ कि खेती, पानी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सही लोगों को धैर्य के साथ पूंजी मिले तो वे बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विदेशी बाजार जादुई समाधान नहीं है जेरोधा के जरिए हमने गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी शेयरों में निवेश का रास्ता खोला है। आने वाले समय में युवा अलग-अलग देशों और अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश के बारे में सोचेंगे। हालांकि विदेशी बाजार कोई जादुई समाधान नहीं है। वहां भी जोखिम हैं। करेंसी का उतार-चढ़ाव, टैक्स और बाजार की वैल्यूएशन जैसी बातें समझना जरूरी है। एआई निवेश को भी बदलने वाला है हमारे साथी कैलाश का भी मानना है कि भविष्य में निवेशक अपनी पसंद के किसी भी एआई इंटरफेस से ऑर्डर दे सकेंगे और ब्रोकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना होगी। एआई आपके लिए डेटा का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता क्या है, आपके जीवन के लक्ष्य क्या हैं और आपको कितना निवेश करना चाहिए। यह फैसला हमेशा इंसान को ही लेना होगा। आखिरकार, मैंने हमेशा यही सीखा है कि अच्छी कंपनियां सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं बनतीं। वे भरोसे, धैर्य और लगातार सही समस्याओं को हल करने की कोशिश से बनती हैं। वही सिद्धांत स्टार्टअप पर भी लागू होता है और निवेश पर भी।
गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस में होगा। एस. जानकी को शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पीएम मोदी ने एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की आवाज ने हर भावना को खूबसूरती से लोगों तक पहुंचाया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, एक्टर रजनीकांत ने भी उनके निधन पर दुख जताया। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया। जनवरी में बेटे का निधन हुआ था एस जानकी की शादी साल 1959 में वी. रामप्रसाद से हुई थी। साल 1997 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। वहीं, उनके इकलौते बेटे मुरली कृष्ण अपना ऑडियो बिजनेस चलाते थे। जनवरी 2026 में 65 साल की उम्र में मुरली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस में होगा। एस. जानकी को शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पीएम मोदी ने एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की आवाज ने हर भावना को खूबसूरती से लोगों तक पहुंचाया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, एक्टर रजनीकांत ने भी उनके निधन पर दुख जताया। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया। जनवरी में बेटे का निधन हुआ था एस जानकी की शादी साल 1959 में वी. रामप्रसाद से हुई थी। साल 1997 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। वहीं, उनके इकलौते बेटे मुरली कृष्ण अपना ऑडियो बिजनेस चलाते थे। जनवरी 2026 में 65 साल की उम्र में मुरली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…








