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MP की ‘लेडी गैंग’ चांदनी चौक में मारा बड़ा हाथ, हाईकोर्ट के एक बड़े वकील का ही उड़ाया कीमती हार, हो गए अब गिरफ्तार – delhi police arrest three women gang mp rajgarh diamond gold necklace recovery high court lawyer

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होमताजा खबरDelhi MP की ‘लेडी गैंग’ ने एक बड़े वकील का उड़ाया कीमती हार, ट्रेन से आती थी दिल्ली Last Updated:February 04, 2026, 19:20 IST दिल्ली पुलिस ने चांदनी चौक के किनारी बाजार में हुई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को महज 72 घंटों में सुलझा लिया है. मध्य प्रदेश के राजगढ़ से आई शातिर महिला चोरों ने हाई कोर्ट की एक वकील का हीरा-सोना जड़ित हार और झुमके चोरी किए थे. सीसीटीवी और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने मयूर विहार के चिल्ला गांव से तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर शत-प्रतिशत रिकवरी की है. पढ़ें इन तीनों महिला चोर की 12 साल की कहानी. नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त चांदनी चौक में सुरक्षा और सतर्कता को चुनौती देते हुए एक ‘लेडी गैंग’ ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया. तीन औरतों का यह गैंग दिल्ली हाईकोर्ट के वकील का सारा माल गायब कर दिया. हालांकि, दिल्ली पुलिस की ने कुशलता का परिचय देते हुए इस मामले को महज 3 दिनों के भीतर सुलझा लिया है. पकड़ी गई तीनों महिलाएं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली हैं, जो विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों में चोरी करने के लिए दिल्ली का रुख करती थीं. हाथ साफकर फिर दिल्ली से एमपी के तरफ चली जाती थीं. पढ़िए कैसे और किस तरह से दिल्ली पुलिस ने इन तीन महिलाओं को गिरप्तार किया. मामले की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को हुई, जब दिल्ली हाई कोर्ट की एक महिला अधिवक्ता सुश्री एस. गर्गा अपने सोने और हीरे के गहनों की मरम्मत कराने के लिए पुरानी दिल्ली के मशहूर किनारी बाजार आईं थीं. उन्होंने अपना कीमती नेकलेस और झुमके एक बैग में रखे हुए थे. दोपहर के समय जब वह गहने ठीक कराकर बाजार से बाहर निकल रही थीं, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उनके बैग से गहने पार कर दिए. 72 घंटों का सस्पेंस और ‘चिल्ला गांव’ का कनेक्शन पीड़िता ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ई-एफआईआर दर्ज कराई. मामला एक प्रतिष्ठित वकील और लाखों के गहनों से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया. उत्तरी जिला पुलिस के एडिशनल डीसीपी सुमित कुमार झा के अनुसार, कोतवाली थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सुमन कुमार और इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. इस टीम में पीएसआई प्रीति और महिला कांस्टेबलों को भी शामिल किया गया. 12 साल से चल रहा था खेल पुलिस ने किनारी बाजार और आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों कैमरों की फुटेज खंगाली. एक फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं वकील के बैग से हार निकालते हुए साफ नजर आईं. पुलिस ने इन महिलाओं का पीछा जारी रखा. सीसीटीवी मैपिंग से पता चला कि चोरी के बाद इन महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार ऑटो-रिक्शा बदले. तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि ये महिलाएं मयूर विहार के चिल्ला गांव में रुकी हुई हैं. जाल बिछाकर गिरफ्तारी 1 फरवरी 2026 को पुलिस ने चिल्ला गांव में दबिश दी और प्रीति और अनमोल को धर दबोचा. तलाशी के दौरान अनमोल के पास से चोरी के हार के 28 पत्थर बरामद हुए. पूछताछ में उन्होंने अपनी तीसरी साथी ‘सन्नो’ का नाम उगला, जिसके पास बाकी के गहने थे. पुलिस ने उसी दिन सन्नो को भी दबोच लिया. दिल्ली पुलिस की पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने पुलिस को भी हैरान कर दिया. ये महिलाएं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के गुलखेड़ी जाटखेड़ी गांव की रहने वाली हैं. यह गांव पहले भी ऐसी आपराधिक गतिविधियों के लिए चर्चा में रहा है. ये महिलाएं अक्सर ट्रेन से दिल्ली आती हैं और कुछ दिनों या महीनों के लिए किराए पर कमरा लेती हैं. इनका मुख्य निशाना चांदनी चौक, सदर बाजार और पुरानी दिल्ली के अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके होते हैं जहाँ लोगों का ध्यान अपने सामान पर कम और खरीदारी पर ज्यादा होता है. 10-12 साल से यह गिरोह इसी तरह काम कर रहा है. चोरी की कुछ वारदातों को अंजाम देने के बाद ये वापस अपने गांव लौट जाती हैं ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 04, 2026, 19:20 IST

2.50 लाख को 2.50 करोड़ बनाने का झांसा, बिलासपुर में तांत्रिक गिरफ्तार

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बिलासपुर/कोरिया.  तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला छत्‍तीसगढ़ के बिलासपुर में सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है. यहां एक कथित तांत्रिक ने अनुष्ठान और चमत्कार के नाम पर 2.50 लाख रुपए को 2.50 करोड़ बनाने का दावा किया. इस झांसे को सच साबित करने के लिए बाकायदा पूजा-पाठ का नाटक रचा गया. नोटों की गड्डियों के सामने नारियल, अगरबत्ती और मंत्रोच्चार के साथ ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे किसी फिल्म का सीन हो. इसी दौरान ऊपर से पैसों की बारिश होती दिखाई गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है. यही वीडियो ठगी की सबसे बड़ी कड़ी बन गया. इस वीडियो को देखकर कोरिया जिले के चार युवक झांसे में आ गए और कथित तांत्रिक को ढाई लाख रुपए सौंप दिए. लेकिन जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो कहानी ने नया मोड़ ले लिया. तांत्रिक और उसके साथी पैसे लेकर फरार हो गए. इसके बाद पीड़ित युवकों ने खुद कानून हाथ में ले लिया. हाईवे पर बीच सड़क पर तांत्रिक को पकड़कर उसकी पिटाई की गई और लूटपाट की घटना भी सामने आई. अब इस पूरे मामले में ठगी और लूट, दोनों एंगल पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. कैसे रचा गया पैसों की बारिश का नाटकपुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल पहले से स्क्रिप्टेड था. बिल्हा थाना क्षेत्र के संबलपुरी गांव में कांग्रेस समर्थित सरपंच पति के घर अनुष्ठान का आयोजन किया गया. कथित तांत्रिक विजय कुमार राज ने पूजा स्थल सजाया. सामने नोटों की गड्डियां रखी गईं. मंत्र पढ़े गए और कैमरे के सामने अचानक ऊपर से नोट गिरते दिखाए गए. इस वीडियो को चमत्कार बताकर संभावित शिकारों को दिखाया गया. यही वीडियो देखकर कोरिया के चार युवक भरोसे में आ गए. कौन है कथित तांत्रिक विजय कुमार राजविजय कुमार राज उम्र 48 साल कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है. वह खुद को तांत्रिक बताता था और तंत्र विद्या से पैसा बढ़ाने का दावा करता था. पुलिस के मुताबिक उसके साथ इस ठगी में तीन महिलाएं और एक सरपंच पति शामिल था. महिलाएं लोगों को लालच देने और भरोसा जीतने का काम करती थीं. सरपंच पति स्थानीय स्तर पर व्यवस्था और संपर्क का जिम्मा संभालता था. ठगी से लूट तक पहुंचा मामला30 जनवरी को कोरिया के चार युवक ढाई लाख रुपए लेकर बिल्हा पहुंचे. अनुष्ठान के बाद पैसे विजय को सौंप दिए गए. अगले दिन जब युवकों को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पैसे लौटाने की मांग की, तो तांत्रिक टालमटोल करने लगा. 31 जनवरी की रात करीब साढ़े तीन बजे विजय कार से जा रहा था. रतनपुर क्षेत्र में ढाबे के पास कार रोकी. तभी दो कारों में सवार पीड़ित युवक वहां पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि इसके बाद तांत्रिक की कार, तीन मोबाइल और करीब 8 हजार रुपए कैश लूट लिया गया. SSP के निर्देश पर बनी विशेष टीमघटना की जानकारी मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई. मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम अंबिकापुर और कोरिया तक पहुंची. 2 फरवरी को मारपीट और लूट के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया. उनके पास से लूटी गई कार, मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा और अर्टिगा कार भी जब्त की गई. तांत्रिक भी निकला ठगी का आरोपीजांच में यह भी सामने आया कि कथित तांत्रिक विजय कुमार राज ने शुरू में पुलिस से ठगी की बात छिपाई. लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उसे भी आरोपी बनाया गया. पुलिस ने उसके खिलाफ बिल्हा थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. वहीं लूट और मारपीट के मामले में पीड़ित युवक भी आरोपी बने हैं. दोनों पक्षों पर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई जारी है. पुलिस की चेतावनी और आगे की कार्रवाई पुलिस अफसरों ने की अपीलASP मधुलिका सिंह ने बताया कि तंत्र-मंत्र से पैसा दोगुना करने का दावा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. SSP रजनेश सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे चमत्कारी दावों के झांसे में न आएं. पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लालच ही सबसे बड़ी कमजोरी बनता है.