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वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 13 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय नागरिक गिरफ्तार; डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 13 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय नागरिक गिरफ्तार; डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय नागरिक को इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उस पर 13 साल से कम उम्र की बच्ची से यौन उत्पीड़न और दुकान से चोरी से जुड़े आरोप लगे हैं। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर आरोपी की पहचान वोडेला यशस्वी कोट्टापल्ली के रूप में की है। एजेंसी के मुताबिक वह अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा था और उसके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। ICE ने कहा है कि आरोपी को अमेरिका के इमिग्रेशन कानून के तहत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत में रखा जाएगा। हालांकि एजेंसी ने अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका से भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि 2025 में 3,800 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया। सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें कितने मामलों में आपराधिक आरोप शामिल थे और कितने लोग सिर्फ इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन की वजह से डिपोर्ट किए गए। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जिन गैर-नागरिकों पर गंभीर अपराधों, खासकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में आरोप या सजा होती है, उन्हें हिरासत और निर्वासन के लिए प्राथमिकता दी जाती है। अमेरिकी कानून के तहत, कुछ आपराधिक मामलों का सामना कर रहे गैर-नागरिकों को अदालत में केस चलने के दौरान इमिग्रेशन हिरासत में रखा जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिका के चर्चित अश्वेत नागरिक अधिकार नेता जेसी जैक्सन का निधन अमेरिका के प्रमुख अश्वेत नेता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता जेसी जैक्सन का मंगलवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके परिवार ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। हालांकि मौत की वजह नहीं बताई गई है। 1968 में डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या के बाद जैक्सन ने नागरिक अधिकार आंदोलन की मशाल संभाली। उन्होंने 1984 और 1988 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन वे चुनाव जीत नहीं सके। जैक्सन का जन्म 8 अक्टूबर 1941 को साउथ कैरोलाइना के ग्रीनविल में जेसी लुइस बर्न्स के नाम से हुआ था। उनकी मां हेलेन बर्न्स उस समय 16 वर्ष की थीं। उनके जैविक पिता नोआ लुइस रॉबिन्सन थे, जो उनके पालन-पोषण में शामिल नहीं रहे। बाद में उनकी मां ने चार्ल्स जैक्सन से शादी की और कई साल बाद जेसी ने उनका उपनाम अपना लिया। फ्रांस के प्रेसिडेंट मैक्रों तीन दिन के दौरे पर भारत पहुंचे फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों और फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों तीन दिन के दौरे पर भारत पहुंचे। उनका विमान सोमवार देर रात महाराष्ट्र के मुंबई में लैंड हुआ। मुंबई एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया। PM नरेंद्र मोदी के इनविटेशन पर मैक्रों का देश का चौथा दौरा है। दोनों नेताओं ने 2026 को भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन घोषित किया, यह एक आगे की सोच वाली पहल है जिसका वे इस दौरे के दौरान मुंबई में मिलकर उद्घाटन करेंगे। मौजूदा यात्रा कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर, PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों 17 फरवरी को मुंबई में होराइजन 2047 रोडमैप के तहत आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए चर्चा करेंगे। डेलीगेशन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए दिल्ली भी जाएगा। 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में होने वाला यह इवेंट ग्लोबल साउथ में होस्ट किया गया पहला ग्लोबल AI समिट है। सिंगापुर में खुद को अधिकारी बताने वाले भारतवंशी युवक को 9 महीने की जेल सिंगापुर में भारतीय मूल के 25 वर्षीय प्रकाश परमासिवम को अदालत ने खुद को जेल अधिकारी बताकर ईमेल भेजने के मामले में नौ महीने की सजा सुनाई। उसने राष्ट्रपति थरमन शानमुगरत्नम और संसद सचिवालय को मेल कर सजा में राहत मांगने की कोशिश की थी। वह पहले जेल जा चुका था।

दिल्ली: बुद्ध विहार में साली पर हमला, आरोपी जय प्रकाश यादव गिरफ्तार | delhi police arrested coaching teacher for attacked sister in law from rohini budh vihar west mega mall

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होमताजा खबरDelhi दिल्ली के रोहिणी में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने सगी साली का रेत दिया गला Last Updated:February 16, 2026, 19:05 IST Delhi Crime News: दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में एक सिरफिरे जीजा ने अपनी साली पर जानलेवा हमला कर दिया. वेस्ट मेगा मॉल के पास आरोपी ने कटर से महिला का गला रेत दिया. दिल्ली पुलिस ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी टीचर को बगल की इमारत की छत से दबोच लिया. पारिवारिक विवाद के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया. दिल्ली में जीजा ने साली का गला रेता नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बुद्ध विहार इलाके में आज दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने अपनी ही साली का गला कटर से रेत दिया. यह घटना वेस्ट मेगा मॉल के पास पॉकेट-17 में हुई. घायल महिला को खून से लथपथ हालत में तुरंत बाबा साहेब अंबेडकर (BSA) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. दिल्ली पुलिस ने आरोपी जीजा को गिरफ्तार कर लिया है, जो वारदात के बाद पास की ही एक बिल्डिंग की छत पर छिपा हुआ था. दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 12:21 बजे बुद्ध विहार थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि एक महिला का गला काट दिया गया है और वह गंभीर रूप से घायल है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. जांच में पता चला कि घायल महिला एक थेरेपी सेंटर में काम करती है और वह अपनी ड्यूटी पर थी जब उस पर यह जानलेवा हमला हुआ. छत से दबोचा गया आरोपी टीचर वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपी को पकड़ने के लिए बुद्ध विहार थाने के एसआई साहिल, हेड कॉन्स्टेबल विकास सांगवान, कुलदीप, गणेश, मनदीप और कॉन्स्टेबल अजय व परमिंदर की टीम ने मोर्चा संभाला. पुलिस टीम ने आसपास की इमारतों की सघन तलाशी ली और बहादुरी का परिचय देते हुए आरोपी जय प्रकाश यादव को पास की एक इमारत की छत से धर दबोचा. आरोपी जय प्रकाश यादव नजफगढ़ के जनता विहार का रहने वाला है और वह एक कोचिंग सेंटर में शिक्षक है. पारिवारिक कलह दिल्ली पुलिस के पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी जय प्रकाश का अपनी पत्नी जो खुद भी एक टीचर है और उसके परिवार के साथ अप्रैल 2025 से विवाद चल रहा था. इसी रंजिश के चलते उसने अपनी साली को निशाना बनाया. हमले के लिए उसने कटर ब्लेड का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है. दिल्ली पुलिस घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं. घायल महिला फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी जय प्रकाश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले में कोई और भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही इस साजिश को अंजाम दिया. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें First Published : February 16, 2026, 19:05 IST

नौकरी के नाम पर 7 साल तक दरिंदगी, दुर्ग में 7 गिरफ्तार, फॉरेंसिक जांच तेज

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Last Updated:February 16, 2026, 17:01 IST छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात साल तक शोषण के आरोप हैं. जांच में सरकारी गाड़ियों और रेस्ट हाउस के इस्तेमाल की बात सामने आई है. पुलिस ने दो वाहन और मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. दुर्ग में हैवानियत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. दुर्ग. जिले में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और लंबे समय तक शोषण का मामला छत्तीसगढ़ में चर्चा में है. पीड़िता की शिकायत के बाद दर्ज एफआईआर और अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे जाल में फंसाया गया और सात साल तक डर, दबाव और ब्लैकमेल के जरिए उसका शोषण किया गया. इस दौरान कथित तौर पर सरकारी कार्य में लगी गाड़ियों और रेस्ट हाउस का उपयोग भी किया गया. पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों में विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे और संजय पंडित शामिल हैं. आरोपों के मुताबिक, PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए ने शोषण किया. मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वाहन लॉगबुक और रेस्ट हाउस रजिस्टर की पड़ताल कर रही हैं. बीएन पांडे और संजय पंडित ने कोर्ट में सरेंडर किया था. दो दिन की पुलिस रिमांड के बाद दो मुख्य आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. जब्त किए गए वाहनों और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. 2018 से दुर्ग में हो रहा था शोषण महिला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता वर्ष 2018 में अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी. मां को घरेलू काम दिलाया गया और रहने के लिए क्वार्टर उपलब्ध कराया गया. आरोप है कि इसी दौरान विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने उसे धमकाकर दुष्कर्म किया. बाद में नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग अलग स्थानों, खासकर रेस्ट हाउस में बुलाया जाता रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म हुआ और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी गई. दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर हुआ अपराध, डिजिटल साक्ष्यों की जांचएफआईआर के अनुसार 2018 से 2025 के बीच दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर अपराध होने के आरोप हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने प्रभाव और पद का डर दिखाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया. व्हाट्सऐप पर फोटो और वीडियो की मांग कर वायरल करने की धमकी दी गई. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और कॉल डिटेल विश्लेषण कराया जा रहा है. 2 मोबाइल बरामद, फॉरेंसिक जांच से होगा बड़ा खुलासा 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर के बाद दो आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया. पूछताछ में उनकी निशानदेही पर कार CG 07 AU 352 और इंडिगो CG 07 AT 7047 जब्त की गई. दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. 15 फरवरी को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा. अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस के अनुसार अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कथित तौर पर सरकारी परिसंपत्तियों का दुरुपयोग कैसे हुआ. About the Author Sumit verma सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें Location : Durg,Durg,Chhattisgarh First Published : February 16, 2026, 17:01 IST

तिहाड़ जेल से रची गई ₹50 लाख की खौफनाक साजिश! 2 साल से फरार ‘गोगी गैंग’ का वांटेड गुर्गा गिरफ्तार, खुला ये बड़ा राज

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Last Updated:February 13, 2026, 22:29 IST Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (इंटर-स्टेट सेल) ने कुख्यात गोगी गैंग के वॉन्टेड क्रिमिनल अंकुश चोपड़ा उर्फ ​​सचिन को गिरफ्तार किया है. वह दो साल से फरार था. उसके खिलाफ वजीराबाद में एक बिजनेसमैन को टारगेट करके ₹50 लाख की एक्सटॉर्शन और फायरिंग करने का आरोप है. पुलिस ने बताया कि यह साजिश तिहाड़ जेल के अंदर से गैंगस्टर सनी काकरान और गौरव ने रची थी, जिन्होंने शूटआउट के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल किया था. 50 लाख रुपये की रंगदारी मामले में ‘गोगी गैंग’ का गुर्गा गिरफ्तार. (फाइल फोटो) Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध और गैंगस्टर्स पर नकेल कसते हुए दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल (ISC) ने कुख्यात ‘गोगी गैंग’ (Gogi Gang) से जुड़े एक वांटेड और खूंखार बदमाश को धर दबोचा है. पकड़ा गया आरोपी पिछले दो साल से फायरिंग और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था. कुछ समय पहले दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक कारोबारी के घर के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी. पुलिस के मुताबिक, एक काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर एक बदमाश आया और कारोबारी के घर पर गोलियां बरसाकर फरार हो गया. दहशत फैलाने के लिए मौके पर एक पर्ची भी छोड़ी गई थी, जिसमें ‘गोगी गैंग’ के नाम पर सीधे ₹50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी. तिहाड़ जेल के अंदर से रची गई थी पूरी साजिश पुलिस की सघन जांच में इस पूरे खौफनाक खेल का मास्टरमाइंड जेल के अंदर बैठा मिला. इस पूरी साजिश को तिहाड़ जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद दो बदमाशों मनीष उर्फ सनी ककरान और मनमोहन उर्फ गौरव ने रचा था. इन शातिर अपराधियों ने पुलिस से बचने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल किया और उनसे कारोबारी के घर पर फायरिंग करवाई. सिम कार्ड ने खोला वांटेड आरोपी का राज पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 2 नाबालिगों सहित 6 आरोपियों को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन लगातार फरार था. अदालत ने उसे 30 जून 2025 को भगोड़ा (Proclaimed Offender) भी घोषित कर दिया था. जेल से चल रहा गैंग जब क्राइम ब्रांच ने अंकुश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जेल में बैठे आकाओं के संपर्क में रहने के लिए जिस मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह इसी अंकुश चोपड़ा के नाम पर रजिस्टर्ड था. अंकुश ने यह सिम अपने साथियों को दिया था, जिन्होंने इसे तिहाड़ जेल में बंद आकाओं तक पहुंचाया, ताकि वहां से रंगदारी का पूरा नेटवर्क चलाया जा सके. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 13, 2026, 22:29 IST

धन वर्षा का झांसा, फिर खिलाया लड्डू और… पीरागढ़ी में कार में मिली 3 लाश की गुत्थी सुलझी, तांत्रिक गिरफ्तार

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दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी तांत्रिक बाबा को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार बाबा का नाम कमरुद्दीन बताया गया है. पुलिस के मुताबिक, यह बाबा लोगों को पैसों को दोगुना करने और धन वर्षा का झांसा देकर ठगता था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार 8 तारीख को पीसीआर को कॉल मिली थी कि एक कार खड़ी है, जिसमें तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े हैं. मौके पर पहुंचने पर पुलिस को कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला के शव मिले. तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने शवों की पहचान कर परिजनों से बातचीत की, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई भी ऐसी परिस्थिति सामने नहीं आई जिससे आत्महत्या का एंगल स्पष्ट हो. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें मृतकों की लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संपर्कों की जांच की गई. कैसे मिला तांत्रिक बाबा का सुराग? जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम लोनी पहुंची और वहां से बाबा कमरुद्दीन को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बाबा लोगों को पैसों के लालच में फंसाता था. वह दावा करता था कि कुछ खास तरीके और रस्मों के जरिए पैसे दोगुने या करोड़ों में बदले जा सकते हैं. पुलिस के अनुसार, मृत महिला पिछले 3-4 महीनों से बाबा के संपर्क में थी और हाल के दिनों में उससे लगातार बातचीत और मुलाकात कर रही थी. महिला अपने पति की बीमारी के इलाज के बहाने पहली बार बाबा के पास गई थी. बाबा ने उसे एक तरह का जादू दिखाया, जिसमें उसने एक साल पुरानी जगह से भारी मात्रा में पैसे निकलते दिखाए, जिससे महिला और उसके साथी लालच में आ गए. बाबा ने इन लोगों को कैसे फंसाया? आरोपी ने उनसे कहा था कि अगर वे 2 लाख रुपये देंगे तो वह रकम को कई गुना बढ़ा देगा. इसी लालच में तीनों लोग घटना वाले दिन भी पैसे लेकर उसके पास गए थे. पुलिस का कहना है कि लौटते समय बाबा ने उन्हें लड्डू में मिलाकर कोई जहरीला पदार्थ दिया, जिसकी जांच अभी की जा रही है. रास्ते में जब पीड़ितों को तबीयत बिगड़ने लगी तो बाबा ने गाड़ी रुकवाई और वहां से उतरकर फरार हो गया. कुछ ही देर बाद तीनों की कार में मौत हो गई. पुलिस ने मोबाइल फोन की जांच में पाया कि बाबा कई लोगों के संपर्क में था और इसी तरह का झांसा देकर ठगी करता रहा है. पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है. फिलहाल पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि अन्य सबूतों और पीड़ितों की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.

हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस और गिरफ्तारी | Hyderabad Fake Number Plate Case 23 Challans Fraud

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होमताजा खबरक्राइम आपकी गाड़ी का नंबर भी हो सकता है चोरी; हैदराबाद में सामने आया फर्जी नंबर प्लेट Last Updated:February 11, 2026, 07:03 IST Hyderabad Fake Number Plate Case: हैदराबाद के चदरघाट में एक व्यक्ति ने दूसरे की बाइक की नंबर प्लेट लगाकर 23 बार ट्रैफिक नियम तोड़े. जब असली मालिक के पास चालान पहुंचे तो उसने पुलिस में शिकायत की. सीसीटीवी फुटेज और आईटी सेल की मदद से पुलिस ने जालसाज को गिरफ्तार कर लिया है ख़बरें फटाफट हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस Hyderabad Fake Number Plate Case: डिजिटल सर्विलांस और हाई-टेक ट्रैफिक कैमरों के इस दौर में तकनीक जहाँ सुरक्षा का वादा करती है वहीं अपराधी इसका काट भी ढूंढ रहे हैं. हैदराबाद के चदरघाट इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की नींद उड़ा दी है. यहाँ एक शातिर जालसाज ने अपनी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर न सिर्फ कानून का मजाक बनाया बल्कि एक बेगुनाह नागरिक के लिए गंभीर मानसिक और आर्थिक मुसीबत खड़ी कर दी. यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि अपराधी कैमरों की आंखों में धूल झोंककर अपनी पहचान छुपा रहा था. दरअसल पीड़ित शख्स को पिछले कुछ समय से लगातार ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान के मैसेज मिल रहे थे. जब उसने ऑनलाइन पोर्टल चेक किया तो उसके होश उड़ गए. उसकी बाइक के नाम पर कुल 23 चालान लंबित थे जबकि उसने वे गलतियां कभी की ही नहीं थीं. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि चालान की तस्वीरों में जो बाइक दिख रही थी उस पर नंबर प्लेट तो पीड़ित की थी लेकिन चालक कोई और था. इस खुलासे के बाद पीड़ित को समझ आया कि वह किसी गहरी साजिश का शिकार हो गया है और उसकी गाड़ी की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. आरोपी की चालाकी और बेखौफ अंदाजआरोपी इतना चालाक था कि वह जानता था कि ट्रैफिक कैमरे केवल नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं. उसने अपनी बाइक पर पीड़ित के वाहन की हूबहू डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगवा ली थी. वह बेखौफ होकर सिग्नल तोड़ता और बिना हेलमेट गाड़ी चलाता था. उसे लगा था कि वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि जुर्माना किसी और के खाते में जा रहा था और पहचान भी किसी और की इस्तेमाल हो रही थी. रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार जैसी खतरनाक गलतियां करने के बावजूद वह शहर में खुलेआम घूम रहा था क्योंकि कैमरों की निगरानी में वह पीड़ित की पहचान ओढ़े हुए था. सीसीटीवी और आईटी सेल ने दबोचापरेशान होकर असली मालिक ने चदरघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल की मदद ली और उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जहाँ-जहाँ चालान कटे थे. पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के पैटर्न को ट्रैक किया और एक सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया. जब उसकी बाइक की गहन जांच हुई तो पता चला कि चेसिस नंबर और इंजन नंबर उस फर्जी प्लेट से मेल नहीं खाते थे. यह घटना पहचान की चोरी का एक खतरनाक रूप है और अब पुलिस आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कर रही है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana First Published : February 11, 2026, 07:03 IST

बिस्तर के नीचे से निकला खजाना, 30 लाख के गहने और नकदी लेकर नौकरानी हुई थी रफूचक्कर, ऐसे हुई गिरफ्तार | treasure found under the bed maid arrest with jewellery and cash worth rs 30 lakh how she was arrested by delhi police

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने द्वारका में घर में काम करने वाली नौकरानी द्वारा की गई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है. द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल आरोपी महिला को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है. पकड़ी गई महिला के पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं, जिसको वह अपने बिस्तर के नीचे छुपा रखी थी. दिल्ली पुलिस ने नौकरानी को कैसे पकड़ा? घटना 1 फरवरी 2026 की है. द्वारका सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से भारी मात्रा में सोने के गहने और नकदी गायब है. उन्हें अपनी महिला नौकरानी पर शक था, जो वारदात के बाद से ही लापता थी. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया. पुलिस टीम और ‘ऑपरेशन इस्सापुर खेड़ा’ डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के निर्देश पर एसएचओ सेक्टर-23 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई. इस टीम में एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल मुकेश, अनिल कुमार, महिला एएसआई भगवती और कांस्टेबल अलका शामिल थीं पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया. जल्द ही पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि संदिग्ध महिला कापसहेड़ा इलाके के गांव इस्सापुर खेड़ा बमनोली में छिपी हुई है. छापेमारी और भारी बरामदगी पुलिस टीम ने बिना समय गवाए बताए गए पते पर दबिश दी. महिला पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी महिला को काबू किया गया. घर की तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गई. नौकरानी ने चोरी किए गए सारे गहने एक जगह छिपा कर रखे थे. बिस्तर के नीचे से सोने की 4 चूड़ियां, जिसका वजन लगभग 80 ग्राम, सोने की 2 कड़े, जिसका वजन लगभग 50 ग्राम, सोने की एक चेन, जिसका वजन लगभग 25 ग्राम, एक सोना और प्लेटिनम ब्रेसलेट, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम, सोने की 3 अंगूठियां ,जिसका वजन लगभग 18 ग्राम, एक जोड़ी कान के झुमके, जिसका वजन लगभग 5 ग्राम, चांदी के 2 सिक्के, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम और 18000 रुपये नकद बरामद हुए. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि बरामद सोने की वजन 190 ग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये है. गिरफ्तार की गई महिला की उम्र 38 वर्ष है और वह मूल रूप से इस्सापुर खेड़ा, दिल्ली की रहने वाली है. पूछताछ में उसने कबूल किया कि लालच में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया और उसे लगा था कि वह गांव में छिपकर पुलिस की नजरों से बच जाएगी. दिल्ली पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.

Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

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होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST

Delhi Police Caught Chines Agent: मोबाइल तोड़ा, चेक बुक जलाये, फिर भी नहीं बच सका गिरफ्तारी से, ऐसे दबोचे गए 3 चीनी एजेंट | delhi police busts international stock market scam cyber fraud racket 3 chines agent held

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Last Updated:February 09, 2026, 12:40 IST Delhi Police Caught Chines Agent: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार चीन से जुड़े हैं और ये ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेजते थे. दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.5 लाख की ठगी का मामला सुलझाया है. दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन नई दिल्ली. दिल्ली में साइबर ठगों ने अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जड़ें जमा ली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘Cy-Hawk’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह न केवल भारतीय नागरिकों को स्टॉक मार्केट के नाम पर ठग रहा था, बल्कि ठगी की रकम को चीनी हैंडलर्स की मदद से क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन साइबर ठगों को गिरप्तार किया है. उत्तम नगर के 56 साल के शख्स रंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी की गई है. क्राइम ब्रांच ने 17 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच और पहली गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की टीम ने जब पैसों के लेन-देन (Money Trail) का पीछा किया, तो पता चला कि ठगी की रकम 36 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. इनमें से एक खाता सब्बीर अहमद निवासी मुनिरका के नाम पर था, जिसमें यूको बैंक के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये आए थे और उसी दिन चेक के जरिए निकाल लिए गए थे. इसके बाद होने लगी ताबड़तोड़ गिरफ्तारी पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को सब्बीर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह महज 2% कमीशन के लिए 9-10 बैंक खाते खुलवाकर उनकी किट दूसरे गैंग को सौंप चुका है. सब्बीर की निशानदेही पर पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को बाटला हाउस से दो और आरोपियों मो. सरफराज और मो. दिलशाद को गिरफ्तार किया. इन दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उनके सीधे संबंध चीनी हैंडलर्स के साथ हैं. क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भेजते थे ये आरोपी ठगी के पैसों का इस्तेमाल चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने के लिए करते थे, जिससे पैसा आसानी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चला जाता था. ये बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर डमी उम्मीदवारों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाते थे. सब्बीर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इन्होंने चेक बुक जला दी और सिम कार्ड तोड़ दिए, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले. हालांकि, पुलिस ने उस मोबाइल हैंडसेट को बरामद कर लिया है जिससे यह पूरा खेल संचालित हो रहा था. पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हें दिल्ली की ‘साइबर वेस्ट’ पुलिस ने ठगी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आते ही इन्होंने फिर से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए काम करना शुरू कर दिया. डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों और चीनी एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर मिले ‘स्टॉक मार्केट टिप्स’ पर भरोसा न करें. निवेश के लिए केवल सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 12:40 IST

दिल्ली में रिक्शा चालक से Oppo मोबाइल लूट, चमन गिरफ्तार : delhi police anand parbat rickshaw puller mobile snatching robbery case arrest 22 year boy bns sections

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होमताजा खबरDelhi नाम- चमन, काम- रिक्शा चालकों से मोबाइल लूटना, ऐसे रगड़ दिया दिल्ली पुलिस Last Updated:February 05, 2026, 17:50 IST Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने आनंद पर्वत की पंजाबी बस्ती निवासी चमन को रामस्वरूप विद्यार्थी मार्ग से गिरफ्तार किया, जिसने 3 फरवरी 2026 को ओप्पो मोबाइल लूट में दो साथियों संग रिक्शा चालक को निशाना बनाया था. फाइल फोटो- दिल्ली पुलिस नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने सनसनीखेज लूट की वारदात को सुलझाया है, जो आपको हैरान कर देगा. पुलिस ने एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर एक गरीब रिक्शा चालक को अपना निशाना बनाया था. घटना 3 फरवरी 2026 की हुई थी. रिक्शा चालक रात के समय पहाड़गंज से काम निपटाकर लौट रहा था. जैसे ही वह रोहतक रोड पर एक जूस की दुकान के पास पहुंचा, तीन लड़कों ने उसका रास्ता रोक लिया. वारदात को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया. रिक्शा चालक ने बताया एक शख्स धक्का देकर नीचे गिरा दिया. दो अन्य ने उसके हाथ और पैर पकड़ लिए ताकि वह हिल न सके. तीसरे आरोपी ने जबरन उसकी पैंट की जेब से ओप्पो (Oppo) मोबाइल फोन निकाला और तीनों मौके से फरार हो गए. पीड़ित की शिकायत पर आनंद पर्वत थाने में बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया. दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन चमन लूट की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पटेल नगर और आनंद पर्वत एसएचओ के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई. जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने गुप्तचरों को सक्रिय किया. बीट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई ताकि संदिग्धों पर नजर रखी जा सके. गुप्त सूचना पर मिली बड़ी कामयाबी तलाश के दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि लूट में शामिल एक आरोपी रामस्वरूप विद्यार्थी मार्ग पर सीएनजी पंप के पास खड़ा है. पुलिस टीम ने बिना देरी किए मौके पर दबिश दी और मुखबिर की निशानदेही पर आरोपी को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपी की पहचान चमन, जिसकी उम्र 22 साल के रूप में हुई, जो आनंद पर्वत की पंजाबी बस्ती का रहने वाला है. तलाशी लेने पर उसके पास से रिक्शा चालक का लूटा हुआ मोबाइल फोन मिल गया. नशे की लत बनी जुर्म की वजह पूछताछ के दौरान आरोपी चमन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह कम समय में ज्यादा पैसे कमाने और अपनी नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी, झपटमारी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चमन का पुराना आपराधिक इतिहास भी है. वह साल 2025 में भी आर्म्स एक्ट के तहत आनंद पर्वत थाने में गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस अब चमन के उन दो अन्य साथियों की तलाश कर रही है जो इस वारदात में शामिल थे और अभी फरार हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : February 05, 2026, 17:48 IST