जहर या दवा? रीवा के एक्सपर्ट ने बताया धतूरा का सही उपयोग और नुकसान

Rewa News : कोई भी महीना हो और धतूरे का फूल न चढाया भोलेनाथ को, ऐसा हो ही नहीं सकता, क्योंकि धतूरा बाबा भोलेनाथ का पसंदीदा फल है. वैसे तो धतूरे का फल काफी जहरीला माना जाता है. इसका इस्तेमाल आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि धतूरे का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है, आइए जानते हैं फायदे और नुकसान रीवा के आयुर्वेदाचार्य (MD) डाॅ. दीपक कुलश्रेष्ठ से. धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियांडॉ. कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि धतूरा एक खरपतवार है, जिसके सुंदर फूल देखकर आप आकर्षित हो सकते हैं. लेकिन सावधान रहें, क्योंकि धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियां होती हैं, जिनमें से कुछ जहरीली भी होती हैं. पारंपरिक रूप से धतूरे का इस्तेमाल नशीली दवाएं बनाने में किया जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल कैनाबिस (स्मोक्ड) के साथ किया जाता है या शराब में भी इसका इस्तेमाल करते हैं. धतूरा एक खरपतवार है जो सामान्य रूप से उस जगह आसानी से मिल जाता है जहां कचरा या कूड़ा एकत्र किया जाता है. धतूरा को अलग-अलग स्थानों पर कई नामों से जाना जाता है. जैसे कि मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिव शेखर, सविष, धतूरा, सादा धतूरा, धोत्रा ततूर, दतुरम. इसकी कई प्रजातियां हैं लेकिन कुछ प्रजातियों का ही औषधीय उपयोग किया जाता है. क्योंकि कुछ प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं. धतूरा का पौधा मध्यम आकार का पौधा होता है. इसके पत्ते बड़े डंठल वाले नोकदार और अंडाकार जैसे होते हैं. धतूरे के फूल किसी घंटी की तरह दिखाई देते हैं. इसके फूल में 5 पंखुड़ियां होती हैं. हालांकि प्रजाति के अनुसार धतूरे के फूलों के रंग अलग-अलग होते हैं. धतूरा का फल गोल और कांटेदार होता है. धतूरे के पत्ते और फलों के सूखे बीजों का औषधीय उपयोग किया जाता है, धतूरे के बीज काले भूरे रंग के होते हैं. बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमालआयुर्वेद में बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि धतूरा के औषधीय गुण बुखार के लक्षणों को कम कर सकते हैं.यह मलेरिया के असर को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है. मलेरिया का इलाज करने के लिए आप धतूरे के फल को आग में जलाए और बहुत ही कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करें. धतूरा एक विषैला फल है इसलिए पहले किसी आयुर्वेद जानकार से सलाह जरूर लें. धतूरे के बीज दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, यह हृदय प्रणाली को भी आराम दिलाने में सहायक होते हैं. दिल के मरीजों के लिए धतूरा फायदेमंद होता है. जिन लोगों की हार्ट बीट अचानक तेज या धीमी हो जाती है उनके लिए यह एक असरदार औषधि है.इसके इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है. जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना कम होती है. दिल के मरीजों के लिए धतूरा भले ही फायदेमंद होता है, मगर इसका ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए धतूरे के बीजों का इस्तेमाल प्राचीन समय से किया जा रहा है. इसके इस्तेमाल से यौन ऊर्जा, कामेच्छा और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा मिलता है। हालांकि इसके वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं. धतूरा के बीजों को दूध या पानी के साथ लेने से प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे यौन शक्ति मजबूत होती है. झड़ते हुए बाल से परेशान हैं तो धतूरा के बीज का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे का तेल नहीं है तो सबसे अच्छा है कि आप धतूरे के बीजों को पीस कर पाउडर बना लें. फिर इस पाउडर को पानी के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और अपने सिर पर लगाएं. प्रेग्नेंसी में भी धतूरे के फायदे होते हैं, लेकिन इसे खाना नहीं है. दर्दनाक प्रेग्नेंसी या डिलीवरी पेन से परेशान हैं, तो धतूरे के धुएं का इस्तेमाल बहुत उपयोगी हो सकता है. धतूरा डिलीवरी पेन को कम करने में मदद करता है. इस दौरान दर्द और तनाव से राहत पाने के लिए धतूरा के फल का धुंआ भी लिया जा सकता है. इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए धतूरे का इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे में एस्कॉर्बिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है. जिसकी वजह से यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता हैं. इसमें मौजूद औषधीय गुण ब्लड की व्हाइट ब्लड सेल्स को बनाते हैं.जो इंफेक्शन को दूर रखती है, इस तरह धतूरे के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं. धतूरा अनिद्रा की समस्या से निजात दिला सकते हैं, इसमें मौजूद शामक गुण अच्छी नींद लेने में सहायक होते हैं. धतूरे से होने वाले नुकसान- धतूरा एक जहरीला पौधा है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. स्कॉच वाइन और एट्रोपीन जैसे धतूरे में पाए जाने वाले केमिकल को जहर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. त्वचा पर धतूरा लगाने से खुजली जैसी समस्या हो सकती हैं क्योंकि इनमें एंटीकोलिनर्जिक नाम का रसायन होता है। धतूरे का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से धुंधला दिखाई देता है. जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है. धतूरे के पत्तों का रस आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक है. दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना और सुझाव के रूप में लें. धतूरा एक जहरीला पौधा है, इनका इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर करें.
पीयूष मिश्रा बोले- धुरंधर 2 प्रोपेगैंडा फिल्म नहीं है:आशीष विद्यार्थी ने आदित्य धर की तारीफ की, बोमन ईरानी ने कहा- सक्सेस सेलिब्रेट होनी चाहिए

एक्टर पीयूष मिश्रा ने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ को प्रोपेगैंडा कहे जाने के दावों को खारिज किया और इसे वास्तविक सिनेमा बताया। दिल्ली में आयोजित फिल्म महोत्सव के दौरान पीयूष मिश्रा ने ‘धुरंधर द रिवेंज’ पर अपने विचार शेयर किए। उन्होंने कहा कि सिनेमा और प्रोपेगैंडा के बीच एक पतली रेखा होती है। धुरंधर उन्हें बहुत पसंद आई। उन्होंने कहा कि फिल्म का स्क्रीनप्ले बहुत मजबूत है और इसे केवल प्रोपेगैंडा कहना सही नहीं है। वहीं बोमन ईरानी ने फिल्म को लेकर कहा कि उन्होंने अभी तक इसे नहीं देखा है, लेकिन इसकी चर्चा हर जगह हो रही है। उनके अनुसार, “सक्सेस को सेलिब्रेट किया जाना चाहिए।” आशीष विद्यार्थी ने आदित्य धर की तारीफ की शुक्रवार को दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFD) में शामिल हुए आशीष विद्यार्थी ने आदित्य धर और फिल्म धुरंधर 2 की तारीफ की। उन्होंने कहा, “फिल्म शानदार कमाई कर रही है और सबसे खास बात यह है कि धुरंधर ने फिल्ममेकिंग को एक नए लेवल पर पहुंचाया है। यह सेलिब्रेट करने वाली बात है। मेरे लिए सबसे मोटिवेशनल यह है कि इतने सालों की मेहनत के बाद आदित्य धर इस मुकाम तक पहुंचे हैं, उन्हें सलाम। बहुत शानदार।” एक्टर ने यह भी कहा कि उन्होंने अभी तक फिल्म नहीं देखी है। बता दें कि कई सेलेब्स ने धुरंधर 2 की तारीफ की है, जिसमें रजनीकांत, अल्लू अर्जुन, राम चरण, आलिया भट्ट और महेश बाबू शामिल हैं। वहीं, एक्ट्रेस रम्या समेत कुछ लोगों ने इसे प्रोपेगैंडा फिल्म बताया।
पाकिस्तानियों ने धुरंधर 2 की कमाई में हिस्सा मांगा:बोले- ₹500 करोड़ ल्यारी वालों को दे दो, पैसों से इलाके की सड़कें बनेंगी

आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 कमाई के रोज नए रिकॉर्ड बना रही है। रिलीज के दस दिनों में फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1,226.44 करोड़ रुपए पहुंच गया है। अब पाकिस्तान के ल्यारी इलाके के कुछ लोगों ने फिल्म की कमाई में हिस्सा मांगा है। यह मांग एक वायरल वीडियो में सामने आई, जहां स्थानीय लोगों ने फिल्म की कमाई से अपने इलाके के विकास और सड़कों के निर्माण की बात कही है। ‘कंपैरिजन टीवी’ नाम के एक यूट्यूब चैनल द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कुछ स्थानीय लोग फिल्म की सक्सेस पर रिएक्शन देते नजर आए। लोगों ने कहा कि अगर फिल्म ने हजारों करोड़ कमाए हैं, तो उसका बड़ा हिस्सा ल्यारी के विकास में लगाया जाना चाहिए। वीडियो में कुछ लोगों ने 500 करोड़ रुपए या कुछ लोगों ने कुल कमाई का 70-80% हिस्सा देने की मांग रखी। उनका कहना था कि इलाके की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है। फिल्म से हुई कमाई का उपयोग सुधार के लिए होना चाहिए। धुरंधर 2 बनी 6वीं सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म, KGF चैप्टर 2 और जवान को पीछे छोड़ा रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 (धुरंधर: द रिवेंज) दुनियाभर में 6वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। फिल्म का दुनियाभर में कलेक्शन 1,226.44 करोड़ रुपए पहुंच गया है और इसने KGF चैप्टर 2 (1,215 करोड़ रुपए) व जवान (1,160 करोड़ रुपए) को पीछे छोड़ दिया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, रिलीज के दसवें दिन (शनिवार) फिल्म ने भारत में 62.85 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। फिल्म ने दुनियाभर में 1,226.44 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। धुरंधर 2 का भारत में कुल नेट कलेक्शन 778.77 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 930.44 करोड़ रुपए हो गया। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। ओवरसीज में फिल्म ने 296.00 करोड़ रुपए कमाए, जिससे वर्ल्डवाइड ग्रॉस 1,226.44 करोड़ रुपए पहुंच गया। दसवें दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 58 करोड़ रुपए की सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 3 करोड़ रुपए, तमिल में 1.40 करोड़ रुपए, कन्नड़ में 0.30 करोड़ रुपए और मलयालम में 0.15 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म को खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शानदार सफलता मिली। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म बनी। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भूत बंगला में कॉमेडी-हॉरर का नया अनुभव देंगे अक्षय:प्रियदर्शन बोले- कहानी कई बार लिखी गई; वामिका ने कहा- फिल्म ने शांत रहना और काम एंजॉय करना सिखाया

फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर स्टारकास्ट और डायरेक्टर ने खुलकर बातचीत की, जिसमें इसके आइडिया, शूटिंग अनुभव और कॉमेडी-हॉरर के संतुलन पर चर्चा हुई। डायरेक्टर प्रियदर्शन ने बताया कि कहानी को कई बार री-राइट कर इसे एक परफेक्ट एंटरटेनर बनाया गया, जबकि अक्षय कुमार ने फिल्म में लॉजिक और रियल अप्रोच पर जोर दिया। वामिका गब्बी ने कहा कि इस फिल्म ने उन्हें शांत रहकर काम को एंजॉय करना सिखाया। शूटिंग के दौरान के दिलचस्प किस्से और प्रैंक्स भी सामने आए। साथ ही, आज के दौर में कॉमेडी, ओटीटी, जेन जी ऑडियंस और एआई के बढ़ते प्रभाव पर भी अपनी राय रखी। फिल्म को अलग ट्रीटमेंट और फ्रेश एक्सपीरियंस देने का दावा किया गया है। पेश है फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. ‘भूत बंगला’ का आइडिया कैसे आया और ऐसा क्या है इसमें जो यह दर्शकों को एक नयापन देगी? प्रियदर्शन– भूत बंगला का आइडिया मुझे प्रोड्यूसर की तरफ से मिला था। उन्होंने एक स्टोरीलाइन भेजी थी, जो मुझे काफी दिलचस्प लगी। जब मैंने उसे सुना, तो लगा कि इसमें एक बहुत अच्छा प्लॉट है और इसे आगे डेवलप किया जा सकता है। इसके बाद हमने कहानी पर बार-बार काम किया, उसे री-राइट किया, क्योंकि हमारा मकसद था कि यह फिल्म एक पूरी तरह से एंटरटेनर बने। जिसमें भरपूर कॉमेडी भी हो और हॉरर भी। ये बैलेंस बनाना आसान नहीं होता, लेकिन हमने इसे हासिल करने की कोशिश की। अक्षय–एकता ने यह आइडिया मुझे सुनाया, फिर हमने इसे प्रियंक सर को सुनाया और आगे मिलकर इसे डेवलप किया। इसके बाद कहानी को एक अलग तरीके से ट्रीट किया गया। इसमें कॉमेडी, हॉरर और सबसे जरूरी, लॉजिक जोड़ा गया। हमने खास तौर पर ध्यान रखा कि फिल्म में लॉजिक मजबूत रहे। इसी प्रक्रिया के बाद यह फिल्म तैयार हुई। शूटिंग के दौरान क्या कभी डर लगा, कोई वाकया सेट का? अक्षय–सेट पर हमें कभी डर नहीं लगा, क्योंकि वहां असल में कोई भूत-वूत नहीं था। लेकिन एक दिलचस्प इंसिडेंट जरूर याद आता है, जो मैं आपसे शेयर करना चाहूंगा। मड आइलैंड में एक बहुत बड़ा बंगला है, जहां मैंने कई बार शूटिंग की है। हालांकि, लोग वहां रात में शूटिंग करने से बचते हैं। मैं बंगले का नाम नहीं लेना चाहूंगा, लेकिन उसके बारे में यह मशहूर था कि वहां रात को ‘भूत’ दिखाई देता है। कई लोगों ने उसे देखने का दावा भी किया था—यहां तक कि वहां के केयरटेकर ने भी कहा था कि उसने कई बार उसे देखा है। इसी वजह से वहां शूटिंग जल्दी खत्म कर दी जाती थी। आमतौर पर रात 1 बजे तक पैकअप हो जाता था और उसके बाद कोई भी बाहर नहीं निकलता था। उस बंगले के बारे में इतना डर फैल गया था कि उसका मालिक भी उसे बेच नहीं पा रहा था। सालों तक वह बंगला बिक ही नहीं पाया लेकिन कुछ साल पहले सच्चाई सामने आई, जो काफी हैरान करने वाली थी। दरअसल, वही केयरटेकर खुद ‘भूत’ बनकर लोगों को डराता था। वह नहीं चाहता था कि बंगला बिके, क्योंकि वह खुद वहीं रहना चाहता था। इसलिए वह रात में साड़ी पहनकर इधर-उधर घूमता था और लोगों को डराता था, जिससे इलाके में यह बात फैल गई कि वहां सच में भूत है। इस तरह उसने करीब 26–27 साल तक लोगों को भ्रम में रखा और बंगले को बिकने नहीं दिया। सच में, यह उसकी एक बहुत ही चालाकी भरी योजना थी।” वामिका–मेरे लिए यही हैं (अक्षय) सबसे बड़े प्रैंकस्टर। सेट पर एक दिन मेरे डैड आए थे। मुझे हार्नेस में शॉट देना था और जैसे ही एक्शन हुआ अक्षय ने मुझे अचानक छोड़ दिया। मैं हवा में लटक गई। मुझे नहीं पता था यह होने वाला है तो मैं तो बहुत डर गई थी। बाद में पता चला कि इस प्रैंक में खुद डैड शामिल थे और वीडियो बना रहे थे। ऐसी फिल्मों में हॉरर और कॉमेडी दोनों की टाइमिंग मेंटेन करना बड़ा चैलेंज होता है? प्रियदर्शन– नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हम पहले से तय करते हैं कि फिल्म में कितनी कॉमेडी होगी और कितना हॉरर। अगर आपने भूल-भुलैया देखी है, तो वह भी हॉरर और कॉमेडी का ही एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। असल में इसमें कोई फिक्स टाइमिंग नहीं होती कि इतने मिनट हॉरर होगा और इतने मिनट कॉमेडी। यह सब कहानी के साथ नैचुरली चलता है। जब आप थिएटर में बैठकर फिल्म देखते हैं, तो कभी आपको हंसी आती है, तो कभी अचानक आप टेंशन या डर महसूस करने लगते हैं। यही इस तरह की फिल्मों की खासियत होती है कि दोनों चीजें साथ-साथ चलती हैं और ऑडियंस को एक अलग ही एक्सपीरियंस देती हैं।’ दो दशक पहले की और अब की कॉमेडी में क्या अंतर आया है? अक्षय–कॉमेडी की बात करें तो यह कई तरह की होती है। जैसे फिजिकल कॉमेडी, सिचुएशनल कॉमेडी और कई बार सिर्फ एक्सप्रेशन्स के जरिए होने वाली फेशियल कॉमेडी–जहां बिना कुछ बोले ही दर्शक हंस पड़ते हैं। यानी कॉमेडी के कई अलग-अलग रूप होते हैं। मुझे नहीं लगता कि कॉमेडी के बेसिक फॉर्म में अब तक कोई बहुत बड़ा बदलाव आया है, लेकिन हां, समय के साथ ह्यूमर का स्टाइल जरूर थोड़ा बदला है। अगर आप हेरा फेरी की बात करें, तो वह एक बहुत खास फिल्म थी। उस समय तक कॉमेडी फिल्में ओवरसीज में ज्यादा नहीं चलती थीं। आमतौर पर वहां सिर्फ रोमांटिक फिल्में ही अच्छा बिजनेस करती थीं। लेकिन हेरा फेरी पहली ऐसी कॉमेडी फिल्म बनी, जिसने ओवरसीज में भी शानदार प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि अच्छी कॉमेडी हर जगह दर्शकों को पसंद आ सकती है। प्रियदर्शन की फिल्में सिचुएशनल कॉमेडी होती हैं। प्रियदर्शन–हेराफेरी के बाद हम कॉमेडी फिल्मों में जोक्स नहीं लाते हैं बल्कि हमारी कॉमेडी सिचुएशनल होती है। ‘हेरा फेरी’ के बाद आपके करियर में काम करने के तरीकों में क्या बदलाव आया? अक्षय–जब मैंने पहली बार उनके साथ काम किया, तो मेरे लिए वह एक बहुत सीखने वाला अनुभव था। अपने करियर में मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है, खासकर कॉमेडी के अलग-अलग पहलुओं को समझने में। कॉमेडी के भी कई प्रकार होते हैं और उन्हें किस तरह पेश करना है, उसकी बारीकियां मैंने
पंजाब के मलेरकोटला में 2 आतंकी गिरफ्तार:पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दबोचा, 5 साल से गांव शेरवानी कोटे में करते थे मजदूरी

पंजाब के मलेरकोटला से पंजाब पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों की पहचान अब्बू गाबा और उस्मान के रूप में हुई है। इन्हें शेरवानी कोटे गांव से शनिवार को गिरफ्तार किया गया जहां वे पिछले कई वर्षों से किरायेदार के रूप में रह रहे थे। इसके साथ ही 5 साल से मजदूरी भी कर रहे थे। नशा तस्कर से पूछताछ में मिला सुराग इस मामले में बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत पकड़े गए एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ की गई। जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान जम्मू-कश्मीर में वांछित आतंकियों से मेल खाती पाई गई। मलेरकोटला पुलिस की CIA विंग की टीम ने शनिवार को गांव में छापा मारकर दोनों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें आगे की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फिलहाल इस मामले में पंजाब पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। 15 साल से रह रहे थे दोनों पाकिस्तानी बताया जा रहा है कि दोनों मलेरकोटला में पिछले 15 वर्ष से रह रहे थे। दोनों पाकिस्तानी है। गांव शरेवानी कोट के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने दोनों को शनिवार को पुलिस के सीआइए स्टाफ की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ घर में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। सिमरनजीत ने बताया कि दोनों करीब पांच साल से उनके गांव में ही रहकर मजदूरी करते थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों करीब 15 वर्ष से जिले के अलग-अलग गांवों में रह रहे थे। दोनों खुद को जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बताते थे और वे स्थानीय लोगों से घुलमिल चुके थे। दोनों पाकिस्तानी हैं, किसी को कभी उन पर संदेह नहीं हुआ। 11 मई 2025 को मां-बेटी को भी पकड़ा था जासूसी करते मलेरकोटला से पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने की यह पहली घटना है। हालांकि इससे पहले 11 मई 2025 में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया था। 31 वर्षीय गुजाला अपने पिता यामीन मोहम्मद के साथ सेना व अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी अब्दुल्ला तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने दोनों को डिजिटल सुबूत के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात अधिकारी को देश से निष्कासित कर दिया गया था।
सिवनी में पेट्रोल पंप पर आग:कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी से काबू पाया; ईंधन निकालते समय चूक से फैलने की आशंका

सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र में शनिवार देर रात एक पेट्रोल पंप पर अचानक आग लग गई। कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। यह घटना देर रात उस समय हुई जब पेट्रोल पंप पर सामान्य कार्य चल रहा था। अचानक एक हिस्से से आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। आग देखते ही कर्मचारियों ने बिना देरी किए फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग करना शुरू कर दिया। उनकी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह एक गंभीर दुर्घटना में बदल सकती थी, क्योंकि पेट्रोल पंप पर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद रहता है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है। आग लगने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या ईंधन निकालते समय हुई गलती को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेरठ में 'इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट' में पहुंचे पंजाब CM:महाराज सूरजमल की प्रतिमा अनावरण, भगवंत मान बोले- नेताओं ने अपनी मूर्तियां लगाईं शूरवीरों को भूले

उत्तर प्रदेश के मेरठ में होने वाले इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहुंचे। रविवार को सकौती के हितकारी इंटर कॉलेज में महाराज सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा- नेताओं ने जीते जी अपनी मूर्तियां लगा लीं, लेकिन देश की आजादी में अपनी जान गवाने वाले क्रांतिवीरों, शूरवीरों को भुला दिया। जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी को दूर करने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी और उनकी मूर्तियां भूल गए। आजादी के झूठे नेता कुर्सियां लेकर बैठ गए, राजगुरु, सुखदेव भगतसिंह फुल्ला होकर रह गए। फूल ही बनकर रह गए। जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कहा- आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं जाट संसद में करीब 2000 से अधिक ट्रैक्टरों से आसपास के जाट समाज के लोग पहुंचे। पंडाल में लगाई गईं 10 हजार कुर्सियां फुल हो गई थीं। जबकि काफी संख्या में लोग बाहर खड़े रहे। 4 तस्वीरें देखिए… मेरठ में इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए
रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन:बेटे गौतम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी; आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में होगा। गौतम सिंघानिया ने अपने मैसेज में लिखा है कि उनके पिता एक दूरदर्शी नेता और समाजसेवी इंसान थे, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। विजयपत सिंघानिया देश की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी रेमंड ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। विजयपत 2017 से ही बेटे गौतम सिंघानिया के साथ परिवार और संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में थे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की रैली तो भड़की टीएमसी, बीजेपी सरकार के खिलाफ झूठ बोला डॉक्युमेंट

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (28 मार्च, 2026) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ताइवानी कांग्रेस की सरकार पर गहन बहुमत से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ममता सरकार के खिलाफ 15 साल पुराने आरोपपत्र भी जारी किया. इसके कुछ ही घंटों के बाद अब ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस (टीएमसी) ने बीजेपी राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इसी तरह के दस्तावेज़ जारी किए हैं। युवा कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने आरोपपत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपने कदमों के साथ कई कदम उठाने का आरोप लगाया है। कट्टरपंथियों ने पूंजीवाद में लंबे समय से जारी हिंसा, भाजपा के नेतृत्व वाले राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ से लेकर केंद्र के रास्ते को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए। टीएमसी नेताओं ने अमित शाह को सैद्धांतिक आधार बनाया न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद आतंकवादी नेता और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु, न्यून कम्युनिस्ट मोइत्रा और मिनिमम कीर्ति आजाद ने महिलाओं की सुरक्षा पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। टीएमसी की नॉमिनल मिनियन मोइत्रा ने कहा, ‘अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। भाजपा संयुक्त राज्य अमेरिका में महिला सुरक्षा की क्या स्थिति है? शाह को सबसे पहले वैज्ञानिकों में हो रही हिंसा का जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन साल से लगातार खूनखराबा हो रहा है।’ देश के अधिकांश राज्य अमेरिका में भाजपा का शासन: ब्रत्य बसु पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा, ‘बीजेपी केंद्र में सत्ता है. यह 15 राज्यों और देशों के अधिकांश राज्यों और देशों में शासन करता है, जहां से घुसपैठ हो रही है। अमित शाह तो खुद केंद्रीय गृह मंत्री हैं तो आखिर वह किस बात का इंतजार कर रहे हैं?’ उन्होंने केंद्र सरकार के उद्यमियों के दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय अवैध रूप से उन्हें देश के बाहर करने में असफल क्यों बता रहा है। बीजेपी के नियंत्रण वाले चुनाव आयोग मतदाता सूची में पाए गए विदेशी नागरिकों के नाम जारी करने में क्यों हो रही है गड़बड़ी? यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: ‘कभी पैर टूटते हैं, कभी पट्टी बांधते हैं’, बंगाल में अमित शाह ने ममता बनर्जी पर कसा तंज (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)अमित शाह(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता में अमित शाह(टी)चुनाव आयोग(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)महुआ मोइत्रा(टी)महिला सुरक्षा(टी)घुसपैठ(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)अमित शाह(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता में अमित शाह(टी)चुनाव आयोग(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)महुआ मोइत्रा(टी)महिलाओं की सुरक्षा(टी)घुसपैठ
गोरखपुर में पवन सिंह ने 'टच बडी' गाना किया लॉन्च:कहा- खुद को पूरी तरह झोंक दिया, फैंस में जबरदस्त उत्साह; काजल राघवानी के साथ डांस किया

गोरखपुर में भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह का ने अपना नया गाना “टच बडी” लॉन्च कर दिया गया। यह गाना फिल्म डकैत एक प्रेम कथा’ का हिस्सा है। हजारों की संख्या में फैंस मौजूद है। वहीं भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी और फिल्म अभिनेता अदिवि शेष भी मौजूद है। स्टेज पर पवन सिंह ने काजल राघवानी का हाथ पकड़ कर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान पवन ने काजल रघवानी के साथ डांस भी किया। अपना नया गाना भी गाया। इससे पहले पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा- टचबडी गाना मेरे लिए एक सामान्य गाना नहीं है, बल्कि यह मेरे करियर का एक अलग अनुभव है। इस बार मैंने खुद को पूरी तरह इस गाने में झोंक दिया है। इसमें जो ऊर्जा, जो पावर और जो अंदाज है, वह दर्शकों को सीधे महसूस होगा। साउथ लुक में भोजपुरी बोलते दिखे पवन सिंह फिल्म ‘डकैत’ का ‘टच बडी’ गाना यूं तो अदिवी शेष और जोनिटा पर फिल्माया गया है। अदिवी ने अपने डांस मूव्स से चार चांद लगा दिए हैं। मगर, इस गाने में पवन सिंह की झलक भी है और यह उनके फैंस के लिए स्पेशल ट्रीट है। गाने में पवन सिंह साउथ की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हैं। मगर, गाने में वे भोजपुरी बोलते दिखे हैं।









