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जहर या दवा? रीवा के एक्सपर्ट ने बताया धतूरा का सही उपयोग और नुकसान

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Rewa News : कोई भी महीना हो और धतूरे का फूल न चढाया भोलेनाथ को, ऐसा हो ही नहीं सकता, क्योंकि धतूरा बाबा भोलेनाथ का पसंदीदा फल है. वैसे तो धतूरे का फल काफी जहरीला माना जाता है. इसका इस्तेमाल आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि धतूरे का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है, आइए जानते हैं फायदे और नुकसान रीवा के आयुर्वेदाचार्य (MD) डाॅ. दीपक कुलश्रेष्ठ से.

धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियां
डॉ. कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि धतूरा एक खरपतवार है, जिसके सुंदर फूल देखकर आप आकर्षित हो सकते हैं. लेकिन सावधान रहें, क्योंकि धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियां होती हैं, जिनमें से कुछ जहरीली भी होती हैं. पारंपरिक रूप से धतूरे का इस्तेमाल नशीली दवाएं बनाने में किया जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल कैनाबिस (स्मोक्ड) के साथ किया जाता है या शराब में भी इसका इस्तेमाल करते हैं.

धतूरा एक खरपतवार है जो सामान्य रूप से उस जगह आसानी से मिल जाता है जहां कचरा या कूड़ा एकत्र किया जाता है. धतूरा को अलग-अलग स्थानों पर कई नामों से जाना जाता है. जैसे कि मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिव शेखर, सविष, धतूरा, सादा धतूरा, धोत्रा ततूर, दतुरम. इसकी कई प्रजातियां हैं लेकिन कुछ प्रजातियों का ही औषधीय उपयोग किया जाता है. क्योंकि कुछ प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं.

धतूरा का पौधा मध्यम आकार का पौधा होता है. इसके पत्ते बड़े डंठल वाले नोकदार और अंडाकार जैसे होते हैं. धतूरे के फूल किसी घंटी की तरह दिखाई देते हैं. इसके फूल में 5 पंखुड़ियां होती हैं. हालांकि प्रजाति के अनुसार धतूरे के फूलों के रंग अलग-अलग होते हैं. धतूरा का फल गोल और कांटेदार होता है. धतूरे के पत्ते और फलों के सूखे बीजों का औषधीय उपयोग किया जाता है, धतूरे के बीज काले भूरे रंग के होते हैं.

बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमाल
आयुर्वेद में बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि धतूरा के औषधीय गुण बुखार के लक्षणों को कम कर सकते हैं.यह मलेरिया के असर को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है. मलेरिया का इलाज करने के लिए आप धतूरे के फल को आग में जलाए और बहुत ही कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करें. धतूरा एक विषैला फल है इसलिए पहले किसी आयुर्वेद जानकार से सलाह जरूर लें.

धतूरे के बीज दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, यह हृदय प्रणाली को भी आराम दिलाने में सहायक होते हैं. दिल के मरीजों के लिए धतूरा फायदेमंद होता है. जिन लोगों की हार्ट बीट अचानक तेज या धीमी हो जाती है उनके लिए यह एक असरदार औषधि है.
इसके इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है. जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना कम होती है. दिल के मरीजों के लिए धतूरा भले ही फायदेमंद होता है, मगर इसका ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए धतूरे के बीजों का इस्तेमाल प्राचीन समय से किया जा रहा है. इसके इस्तेमाल से यौन ऊर्जा, कामेच्छा और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा मिलता है। हालांकि इसके वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं. धतूरा के बीजों को दूध या पानी के साथ लेने से प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे यौन शक्ति मजबूत होती है.

झड़ते हुए बाल से परेशान हैं तो धतूरा के बीज का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे का तेल नहीं है तो सबसे अच्छा है कि आप धतूरे के बीजों को पीस कर पाउडर बना लें. फिर इस पाउडर को पानी के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और अपने सिर पर लगाएं.

प्रेग्नेंसी में भी धतूरे के फायदे होते हैं, लेकिन इसे खाना नहीं है. दर्दनाक प्रेग्नेंसी या डिलीवरी पेन से परेशान हैं, तो धतूरे के धुएं का इस्तेमाल बहुत उपयोगी हो सकता है. धतूरा डिलीवरी पेन को कम करने में मदद करता है. इस दौरान दर्द और तनाव से राहत पाने के लिए धतूरा के फल का धुंआ भी लिया जा सकता है.

इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए धतूरे का इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे में एस्कॉर्बिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है. जिसकी वजह से यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता हैं. इसमें मौजूद औषधीय गुण ब्लड की व्हाइट ब्लड सेल्स को बनाते हैं.
जो इंफेक्शन को दूर रखती है, इस तरह धतूरे के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं.

धतूरा अनिद्रा की समस्या से निजात दिला सकते हैं, इसमें मौजूद शामक गुण अच्छी नींद लेने में सहायक होते हैं.

धतूरे से होने वाले नुकसान-

धतूरा एक जहरीला पौधा है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

स्कॉच वाइन और एट्रोपीन जैसे धतूरे में पाए जाने वाले केमिकल को जहर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

त्वचा पर धतूरा लगाने से खुजली जैसी समस्या हो सकती हैं क्योंकि इनमें एंटीकोलिनर्जिक नाम का रसायन होता है।

धतूरे का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से धुंधला दिखाई देता है.

जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है.

धतूरे के पत्तों का रस आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक है.

दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना और सुझाव के रूप में लें. धतूरा एक जहरीला पौधा है, इनका इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर करें.

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धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियां
डॉ. कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि धतूरा एक खरपतवार है, जिसके सुंदर फूल देखकर आप आकर्षित हो सकते हैं. लेकिन सावधान रहें, क्योंकि धतूरे की 9 अलग-अलग प्रजातियां होती हैं, जिनमें से कुछ जहरीली भी होती हैं. पारंपरिक रूप से धतूरे का इस्तेमाल नशीली दवाएं बनाने में किया जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल कैनाबिस (स्मोक्ड) के साथ किया जाता है या शराब में भी इसका इस्तेमाल करते हैं.

धतूरा एक खरपतवार है जो सामान्य रूप से उस जगह आसानी से मिल जाता है जहां कचरा या कूड़ा एकत्र किया जाता है. धतूरा को अलग-अलग स्थानों पर कई नामों से जाना जाता है. जैसे कि मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिव शेखर, सविष, धतूरा, सादा धतूरा, धोत्रा ततूर, दतुरम. इसकी कई प्रजातियां हैं लेकिन कुछ प्रजातियों का ही औषधीय उपयोग किया जाता है. क्योंकि कुछ प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं.

धतूरा का पौधा मध्यम आकार का पौधा होता है. इसके पत्ते बड़े डंठल वाले नोकदार और अंडाकार जैसे होते हैं. धतूरे के फूल किसी घंटी की तरह दिखाई देते हैं. इसके फूल में 5 पंखुड़ियां होती हैं. हालांकि प्रजाति के अनुसार धतूरे के फूलों के रंग अलग-अलग होते हैं. धतूरा का फल गोल और कांटेदार होता है. धतूरे के पत्ते और फलों के सूखे बीजों का औषधीय उपयोग किया जाता है, धतूरे के बीज काले भूरे रंग के होते हैं.

बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमाल
आयुर्वेद में बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए धतूरा के फल का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि धतूरा के औषधीय गुण बुखार के लक्षणों को कम कर सकते हैं.यह मलेरिया के असर को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है. मलेरिया का इलाज करने के लिए आप धतूरे के फल को आग में जलाए और बहुत ही कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करें. धतूरा एक विषैला फल है इसलिए पहले किसी आयुर्वेद जानकार से सलाह जरूर लें.

धतूरे के बीज दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, यह हृदय प्रणाली को भी आराम दिलाने में सहायक होते हैं. दिल के मरीजों के लिए धतूरा फायदेमंद होता है. जिन लोगों की हार्ट बीट अचानक तेज या धीमी हो जाती है उनके लिए यह एक असरदार औषधि है.
इसके इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है. जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना कम होती है. दिल के मरीजों के लिए धतूरा भले ही फायदेमंद होता है, मगर इसका ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए धतूरे के बीजों का इस्तेमाल प्राचीन समय से किया जा रहा है. इसके इस्तेमाल से यौन ऊर्जा, कामेच्छा और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा मिलता है। हालांकि इसके वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं. धतूरा के बीजों को दूध या पानी के साथ लेने से प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे यौन शक्ति मजबूत होती है.

झड़ते हुए बाल से परेशान हैं तो धतूरा के बीज का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे का तेल नहीं है तो सबसे अच्छा है कि आप धतूरे के बीजों को पीस कर पाउडर बना लें. फिर इस पाउडर को पानी के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और अपने सिर पर लगाएं.

प्रेग्नेंसी में भी धतूरे के फायदे होते हैं, लेकिन इसे खाना नहीं है. दर्दनाक प्रेग्नेंसी या डिलीवरी पेन से परेशान हैं, तो धतूरे के धुएं का इस्तेमाल बहुत उपयोगी हो सकता है. धतूरा डिलीवरी पेन को कम करने में मदद करता है. इस दौरान दर्द और तनाव से राहत पाने के लिए धतूरा के फल का धुंआ भी लिया जा सकता है.

इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए धतूरे का इस्तेमाल कर सकते हैं. धतूरे में एस्कॉर्बिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है. जिसकी वजह से यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता हैं. इसमें मौजूद औषधीय गुण ब्लड की व्हाइट ब्लड सेल्स को बनाते हैं.
जो इंफेक्शन को दूर रखती है, इस तरह धतूरे के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं.

धतूरा अनिद्रा की समस्या से निजात दिला सकते हैं, इसमें मौजूद शामक गुण अच्छी नींद लेने में सहायक होते हैं.

धतूरे से होने वाले नुकसान-

धतूरा एक जहरीला पौधा है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

स्कॉच वाइन और एट्रोपीन जैसे धतूरे में पाए जाने वाले केमिकल को जहर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

त्वचा पर धतूरा लगाने से खुजली जैसी समस्या हो सकती हैं क्योंकि इनमें एंटीकोलिनर्जिक नाम का रसायन होता है।

धतूरे का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से धुंधला दिखाई देता है.

जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है.

धतूरे के पत्तों का रस आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक है.

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