Saturday, 12 Sep 2026 | 10:30 PM

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रैपर बादशाह ने दूसरी पत्नी ईशा रिखी से लिया तलाक:शादी के 5 महीने बाद अलग हुए; पहली पत्नी जैस्मिन से 2020 में अलग हुए थे

रैपर बादशाह ने दूसरी पत्नी ईशा रिखी से लिया तलाक:शादी के 5 महीने बाद अलग हुए; पहली पत्नी जैस्मिन से 2020 में अलग हुए थे

रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने अपनी शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। दोनों ने सोमवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जैसी पोस्ट शेयर कर तलाक की पुष्टि की। बादशाह ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह फैसला दोनों की आपसी सहमति से लिया गया है। उन्होंने फैंस और मीडिया से इस समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने और किसी भी तरह का अंदाजा न लगाने का अनुरोध किया है। पिछले कुछ हफ्तों से दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आ रही थीं। इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा पोस्ट में बादशाह ने लिखा कि वे और ईशा रिखी आपसी सम्मान के साथ अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं। बादशाह ने लिखा, “हमारा यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। हम सभी से गुजारिश करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का ध्यान रखें। इस मुद्दे पर हमारा यह पहला और आखिरी बयान है, इसलिए हमारी रिलेशनशिप को लेकर आगे कोई अंदाजा न लगाया जाए।” ईशा रिखी ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यही बयान शेयर किया है। कौन हैं ईशा रिखी? जुलाई से सामने आ रही थीं अनबन की खबरें बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में तनाव की खबरें जुलाई के महीने में आनी शुरू हुई थीं। 26 जुलाई को ईशा ने बादशाह के साथ अपनी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने ‘हर तूफान एक सीख है’ लिखकर दिल टूटने वाला इमोजी लगाया था। इसके बाद ईशा ने एक नोट में लिखा था कि वे लंबे समय तक डर की वजह से चुप रहीं, लेकिन अब वे अपने आत्मसम्मान के लिए बोल रही हैं। इसी बीच ईशा की मां पूनम रिखी ने भी सोशल मीडिया पर कर्म से जुड़ी पोस्ट शेयर की थीं। जून में ही किया था शादी का खुलासा ईशा रिखी ने इसी साल जून में इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान बादशाह के साथ अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि शादी के बाद भी दोनों सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बारे में ज्यादा बात करने से बचते रहे। वहीं अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईशा रिखी जल्द ही सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा बन सकती हैं। बादशाह का दूसरा तलाक, पहली पत्नी से है एक बेटी यह रैपर बादशाह का दूसरा तलाक है। इससे पहले उन्होंने जैस्मिन मसीह से शादी की थी। साल 2017 में दोनों की एक बेटी हुई, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि मतभेदों के बाद बादशाह और जैस्मिन साल 2020 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद बादशाह की जिंदगी में ईशा रिखी की एंट्री हुई थी। तलाक के ऐलान के बीच बादशाह का नया गाना रिलीज पर्सनल लाइफ में चल रही हलचल के बीच बादशाह का नया मराठी हिप-हॉप गाना ‘चिमना’ 31 अगस्त को रिलीज हुआ है। इसमें उन्होंने दिव्या कुमार और मराठी लोक कलाकार नागेश मोरवेकर के साथ काम किया है। गाने का म्यूजिक हितेन ने दिया है और वीडियो में मराठी एक्ट्रेस नेहा खान नजर आ रही हैं। बादशाह ने गाने को लेकर कहा कि वे भारत के रीजनल म्यूजिक को प्रमोट करना चाहते हैं।

चीन ने युद्ध की तैयारी के लिए कानून बदला:1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम; आम लोगों और कंपनियों के संसाधन भी ले सकेगी सरकार

चीन ने युद्ध की तैयारी के लिए कानून बदला:1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम; आम लोगों और कंपनियों के संसाधन भी ले सकेगी सरकार

चीन ने अपने समाज को युद्ध के लिए तैयार करने की दिशा में कानूनी ढांचा मजबूत किया है। देश की शीर्ष विधायिका ने 28 अगस्त 2026 को संशोधित राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून को मंजूरी दी। यह कानून 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसके तहत युद्ध या संघर्ष जैसी स्थिति में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) किसी भी व्यक्ति या निजी कंपनी से मदद लेने और उनके संसाधन जब्त करने का अधिकार रखेंगे। पूरे देश को युद्ध के लिए तैयार करने की योजना चीन एक अधिनायकवादी देश है, जहां आम नागरिकों के पास कड़े और व्यापक कानूनों का विरोध करने या उनसे बचने की क्षमता नहीं है। नया कानून इसी व्यवस्था का हिस्सा है। यह कानून माओत्से तुंग की ‘जन युद्ध’ की सोच से जुड़ा हुआ है। इस सोच के तहत संकट के समय पूरी जनता को एकजुट होकर लड़ना और विरोध करना होता है। कानून का मकसद केवल पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को युद्ध के लिए तैयार करना नहीं है। इसका उद्देश्य पूरे देश को संघर्ष के लिए तैयार करना है। इसी दिशा में चीन ने जनवरी 2014 में केंद्रीय राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग बनाया था। इसके बाद संसाधनों के तालमेल, राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने और युद्ध की तैयारी के लिए कई कानूनी नियम लागू किए गए। इन कदमों के जरिए CCP ने राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के नाम पर अपनी सत्ता को और मजबूत किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर व्यापक अधिकार इस आयोग की मदद से चीन ने 2015 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 2017 में राष्ट्रीय खुफिया कानून और 2021 में डेटा सुरक्षा कानून लागू किया। इन कानूनों के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला उठाकर चीनी सरकार को व्यापक अधिकार मिल जाते हैं। इन कानूनों के आदेशों से कोई नागरिक, कर्मचारी, कंपनी या संगठन बाहर नहीं है। संशोधित राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून में 14 अध्याय और 82 अनुच्छेद हैं। 2010 में लागू होने के बाद यह इसका पहला अपडेट है। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, कानून नए सिस्टम के तहत राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी में सैन्य और नागरिक अधिकारियों के काम और जिम्मेदारियां साफ करता है। यह राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने, आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ तालमेल बैठाने और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था से जुड़ने के लिए राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी सिस्टम को बेहतर बनाता है। राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी का मतलब चीन राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी को ऐसी गतिविधियों के तौर पर परिभाषित करता है, जिनमें राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता, क्षेत्रीय अखंडता, सुरक्षा और विकास हितों पर खतरे के जवाब में राज्य कानून के मुताबिक जरूरी कदम उठाता है। इसका उद्देश्य शांतिकाल और युद्धकाल के बीच तेजी से बदलाव सुनिश्चित करना और आर्थिक-सामाजिक ताकत को राष्ट्रीय रक्षा क्षमता में बदलना है। अमेरिका के थिंक टैंक जेम्सटाउन फाउंडेशन के लिए लिखने वाली सामंथा हॉफमैन ने कहा कि संशोधन छह क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इनमें सामान्य प्रावधानों में सुधार, जैसे पार्टी नेतृत्व को बनाए रखना; संगठनात्मक नेतृत्व ढांचे में बदलाव; लामबंदी की बुनियादी कार्यप्रणाली में सुधार; रिजर्व बल तैयार करने और भर्ती व्यवस्था की स्थापना; रणनीतिक सामग्री के भंडार की व्यवस्था में सुधार; और राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी से जुड़े प्रचार व शिक्षा तंत्र को मजबूत करना शामिल है। हॉफमैन ने लिखा, “नए संशोधन यह सुनिश्चित करते हैं कि पार्टी नेतृत्व किसी भी समय देश के सैन्य, नागरिक, आर्थिक और सामाजिक संसाधनों की पूरी ताकत को सक्रिय कर सके और उन्हें रणनीतिक लक्ष्यों की ओर लगा सके।” उनके मुताबिक, अगर कोई बड़ा संघर्ष होता है तो शी जिनपिंग राष्ट्रीय शक्ति को एकजुट ताकत के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। विकास हितों को भी कानून में शामिल किया चीन राष्ट्रीय विकास और राष्ट्रीय रक्षा के हितों को एक साथ जोड़ रहा है। 2010 के कानून में संप्रभुता, एकीकरण, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की रक्षा का लक्ष्य था। 2026 के संस्करण में इसमें ‘विकास हित’ भी जोड़े गए हैं। CCP की भाषा में विकास हितों में आर्थिक सुरक्षा, संसाधनों तक पहुंच, विदेशों में मौजूद संपत्तियां और तकनीकी विकास शामिल हैं। इनमें क्षेत्रीय खतरे भी शामिल हैं। हॉफमैन ने आगे कहा, “यह बदलाव 2020 में संशोधित राष्ट्रीय रक्षा कानून के अनुरूप है। वह कानून पहले ही राज्य के विकास हितों को खतरा होने पर लामबंदी व्यवस्था शुरू करने की अनुमति देता है। इससे साफ होता है कि यह व्यवस्था विकास हितों पर भी लागू होती है।” संशोधित कानून में संगठनात्मक नेतृत्व निकायों और उनकी शक्तियों, राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी की योजना, सशस्त्र बलों के लिए कर्मियों के रिजर्व और लामबंदी, सैन्य शोध तथा नागरिक संसाधनों की मांग और जब्ती से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसमें मुआवजे की व्यवस्था भी है। शी जिनपिंग की भूमिका पर विशेषज्ञों की राय ब्रसेल्स में सेंटर फॉर रूस यूरोप एशिया स्टडीज की निदेशक थेरेसा फॉलन ने X पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा, “युद्ध के बढ़ते खतरे को नजरअंदाज करना अब कहीं ज्यादा मुश्किल है। चीन का राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून 28 अगस्त 2026 को अपडेट किया गया और 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यह युद्धकाल का राष्ट्रीय रक्षा कानून है।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या अमेरिकी सैन्य भंडार में कमी, यूक्रेन में रूस का युद्ध और ईरान पर इजराइल-अमेरिका के युद्ध ने शी जिनपिंग को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि समय अनुकूल होता जा रहा है?” हालांकि, 2026 के कानून की कुछ धाराएं चिंता पैदा करती हैं, लेकिन इसके ज्यादातर हिस्से पुराने कानून से बहुत अलग नहीं हैं। मिसाल के तौर पर, 18 से 60 साल के पुरुषों और 18 से 55 साल की महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा सेवा करना जरूरी होने वाला प्रावधान 2010 के कानून में भी था। एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो लाइल मॉरिस ने कहा, “असल में नागरिकों की लामबंदी से जुड़ी लगभग सभी जिम्मेदारियां 2010 के कानून जैसी ही हैं।” विशेष ज्ञान और कौशल वाले लोगों को बुलाने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं है। हालांकि, मॉरिस ने कहा, “शी की लामबंदी में भूमिका और डेटा प्रबंधन से जुड़ी कई नई धाराओं को समझना जरूरी है। लेकिन लोगों को इसे युद्ध की नई तैयारी बताकर बहुत ज्यादा चिंता करना बंद करना चाहिए। यह तैयारी 2010 के कानून के बाद से एक दशक से ज्यादा समय से विकसित हो रही है।” CCP के केंद्रीय

चीन ने युद्ध की तैयारी के लिए बदला रक्षा कानून:आम लोगों के संसाधन इस्तेमाल कर सकेगी सरकार; 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

चीन ने युद्ध की तैयारी के लिए बदला रक्षा कानून:आम लोगों के संसाधन इस्तेमाल कर सकेगी सरकार; 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

चीन ने अपने रक्षा कानून में बड़ा बदलाव किया है। अब युद्ध या बड़े संकट के समय सरकार सिर्फ सेना पर निर्भर नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर आम लोगों, निजी कंपनियों और देश के दूसरे संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। चीन की संसद (नेशनल पीपुल्स कांग्रेस) ने 28 अगस्त को राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून में बदलाव को मंजूरी दी। नया कानून 1 अक्टूबर से लागू होगा। नए कानून में सिर्फ संसाधन लेने की ही नहीं, उन्हें सरकार के कब्जे में लेने की व्यवस्था भी है। आदेश मानने से इनकार या जानबूझकर देरी करने पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है। 2010 के बाद पहली बार कानून में बड़ा बदलाव राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून 2010 में बनाया गया था। अब पहली बार इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। नए कानून में 14 अध्याय और 82 अनुच्छेद हैं। चीन के मुताबिक, इसका मकसद यह है कि किसी खतरे के समय देश शांति से युद्ध की स्थिति में तेजी से जा सके। इसके लिए आर्थिक और सामाजिक ताकत को भी रक्षा के काम में लगाया जा सकेगा। नए कानून में देश की संप्रभुता, एकता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के साथ ‘विकास हितों’ की रक्षा को भी शामिल किया गया है। कम्युनिस्ट पार्टी तय करेगी, कब और कैसे जुटेंगे संसाधन अमेरिका के जेम्सटाउन फाउंडेशन की विशेषज्ञ सामंथा हॉफमैन के मुताबिक, नए कानून में पार्टी के नेतृत्व, संगठन, रिजर्व फोर्स, भर्ती, जरूरी सामान के भंडार और रक्षा से जुड़ी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बदलाव किए गए हैं। कानून के अनुच्छेद 3 और 16 में राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी की व्यवस्था को कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अधीन किया गया है। पहले इसमें स्टेट काउंसिल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की प्रमुख भूमिका थी। हॉफमैन के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर पार्टी सैन्य, नागरिक, आर्थिक और सामाजिक संसाधनों को एक साथ जुटाकर अपने रणनीतिक लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल कर सकती है। अस्पताल, इंटरनेट और ट्रांसपोर्ट को भी तैयार रहना होगा नए कानून के मुताबिक परिवहन, डाक, दूरसंचार, साइबर सुरक्षा, चिकित्सा और दवा आपूर्ति, खाद्य और अनाज आपूर्ति और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहना होगा। इन क्षेत्रों की इकाइयों को विशेष टीमें बनानी होंगी। उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत काम कर सकें। साइबर सुरक्षा को खास तौर पर शामिल किया गया है। कानून में नई और उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से रक्षा क्षमता बढ़ाने की बात भी कही गई है। रिजर्व फोर्स तैयार करने, भर्ती व्यवस्था मजबूत करने और रणनीतिक रूप से जरूरी सामान का भंडार बढ़ाने के भी प्रावधान हैं। अब चीन में विकास भी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा 2010 के कानून में चीन की संप्रभुता, एकता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को खतरा होने पर रक्षा व्यवस्था सक्रिय करने की बात थी। अब इसमें ‘विकास हितों’ को भी शामिल कर दिया गया है। यानी चीन के लिए खतरा सिर्फ सीमा या देश की सुरक्षा से जुड़ा नहीं होगा। अर्थव्यवस्था, जरूरी संसाधनों तक पहुंच, विदेशों में मौजूद चीनी संपत्तियां और तकनीकी विकास से जुड़े हित भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा माने जा सकते हैं। जेम्सटाउन फाउंडेशन की विशेषज्ञ सामंथा हॉफमैन के मुताबिक, यह बदलाव 2020 में संशोधित चीन के राष्ट्रीय रक्षा कानून से भी जुड़ा है। उस कानून में भी देश के विकास हितों को खतरा होने पर रक्षा लामबंदी शुरू करने की व्यवस्था की गई थी। खबर अपडेट हो रही है…

एमी विर्क के टोरंटो शो में युवक भिड़े:लात-घूंसे चले, सिक्योरिटी गार्ड के हाथ में चोट; सिंगर ने नहीं रोका गाना

एमी विर्क के टोरंटो शो में युवक भिड़े:लात-घूंसे चले, सिक्योरिटी गार्ड के हाथ में चोट; सिंगर ने नहीं रोका गाना

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के कनाडा के टोरंटो शो में युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। स्टेज के सामने शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। जिससे शो के वेन्यू में अफरा-तफरी मच गई। हंगामा बढ़ता देख सिक्योरिटी गार्ड्स को बीच-बचाव करना पड़ा। इस दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड के हाथ में भी चोट लग गई। जिस वक्त ये झड़प हुई, एमी विर्क स्टेज पर परफॉर्म कर रहे थे। हंगामा सामने होने के बावजूद उन्होंने अपना गाना नहीं रोका। वह कुछ देर युवकों की तरफ देखते भी नजर आए। गानों के दौरान शुरू हुआ विवाद 30 अगस्त को एमी विर्क की नाइट ग्रेट कैनेडियन कैसीनो रिसॉर्ट में आयोजित की गई थी। इसी दौरान गानों के बीच दर्शकों के सामने कुछ युवक आपस में उलझ गए। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। आसपास मौजूद दर्शक अपनी सीटों से उठकर घटना देखने लगे। सिक्योरिटी ने युवक को पकड़कर बाहर निकाला हंगामा शांत कराने के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों को अलग करने की कोशिश की। इसी दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड के हाथ में चोट लग गई। सिक्योरिटी ने एक युवक को पकड़कर वेन्यू से बाहर निकाल दिया। घटना की वजह को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। हूटिंग को लेकर विवाद शुरू होने की बात कही जा रही है, जबकि एक प्रत्यक्षदर्शी ने मामूली बात या छेड़छाड़ से विवाद शुरू होने की आशंका जताई। यूजर आकृति ने शेयर किया था वीडियो इंस्टाग्राम यूजर आकृति ने झड़प का वीडियो शेयर किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया। वीडियो के साथ उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने एक युवक को पीटना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सिक्योरिटी मौके पर पहुंची। बीच-बचाव के दौरान सिक्योरिटी कर्मचारियों को भी चोट लगी। शो अच्छा चल रहा था, लेकिन झगड़े के कारण कुछ देर के लिए माहौल खराब हो गया। आकृति ने यह भी कहा कि उन्हें विवाद की सही वजह नहीं पता और छेड़छाड़ या किसी बात को लेकर कहासुनी होने की संभावना हो सकती है। 5 साल पहले स्टेज पर फेंकी थी ब्रा एमी विर्क के विदेशी शो से जुड़ा एक अलग वीडियो दिसंबर 2021 में भी सामने आया था। 19 दिसंबर को बर्मिंघम, UK में लाइव शो के दौरान एक महिला फैन ने स्टेज पर अपनी ब्रा फेंक दी थी। एमी ने उसे देखा और पैर से स्टेज से हटाते हुए पंजाबी में कहा था- “एह मेरे कम्म दी चीज ही नहीं” यानी ये मेरे काम की चीज नहीं है। एमी विर्क से जुड़े 5 विवाद…

उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी ने छात्रों से बात की:स्टूडेंट्स ने हिंदी में सुनाया कविताएं; मोदी बोले- ये मेरे दिल की भावनाएं जैसी

उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी ने छात्रों से बात की:स्टूडेंट्स ने हिंदी में सुनाया कविताएं; मोदी बोले- ये मेरे दिल की भावनाएं जैसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के दौरान ताशकंद स्थित महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया। यहां उज्बेक छात्रों ने हिंदी में उनकी लिखी कविताओं की कुछ पंक्तियां सुनाईं। अपनी कविताएं छात्रों की आवाज में सुनकर मोदी भावुक हो गए और कहा कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं होने के बावजूद छात्रों ने कविताओं की भावनाओं को बिल्कुल उसी तरह व्यक्त किया, जैसी भावनाएं उनके दिल में थीं। इस दौरान मोदी ने उज्बेकिस्तान में भारत, महात्मा गांधी और तमिल संस्कृति को लेकर बढ़ती रुचि का जिक्र किया और तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद करने का सुझाव दिया। वहीं, उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्ते कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक पहुंचे और 11 समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति का बढ़ा प्रभाव कार्यक्रम में एक उज्बेक इंडोलॉजिस्ट ने कहा कि शायद दुनिया में बहुत कम ऐसे देश होंगे जहां लोगों में भारत को लेकर इतना प्यार है। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में लगभग हर नागरिक ‘नमस्ते’ शब्द से परिचित है। यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान में भारतीय कला, नृत्य, संगीत, दर्शन और योग को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ रही है। तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में हो अनुवाद PM मोदी ने तमिल साहित्य और ‘तिरुक्कुरल’ का भी जिक्र किया। उन्होंने संस्थान की 80वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद करने की दिशा में काम किया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद वक्ता ने जवाब दिया कि इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मोदी ने कहा कि तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद होने से भारतीय दर्शन और विचारों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दुनिया की प्राचीन भाषाओं में मौजूद दार्शनिक विचार यह बताते हैं कि सभ्यता की शुरुआत से ही मानव सोच कितनी गहरी रही है। खबर अपडे़ट हो रही है…

फरीदाबाद के कॉलेज में सिंगर सुनंदा शर्मा ने मचाया धमाल:झूम उठे स्टूडेंट्स, तालियों-सीटियों से गूंजा परिसर; पंजाबी सुरों से सजी शाम

फरीदाबाद के कॉलेज में सिंगर सुनंदा शर्मा ने मचाया धमाल:झूम उठे स्टूडेंट्स, तालियों-सीटियों से गूंजा परिसर; पंजाबी सुरों से सजी शाम

फरीदाबाद शहर के एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पंजाबी और बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से छात्र-छात्राओं में जोश भर दिया। सुनंदा शर्मा के मंच पर पहुंचते ही कॉलेज परिसर तालियों और सीटियों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे। गायिका ने अपने लोकप्रिय पंजाबी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कई गीतों पर विद्यार्थी उनके साथ गाते और झूमते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान सुनंदा शर्मा ने एक के बाद एक अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति पर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन से उनके वीडियो बनाए और प्रस्तुति के यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। सुनंदा शर्मा ने भी मंच से विद्यार्थियों के उत्साह का जवाब देते हुए उनसे बातचीत की और संगीत के साथ कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा बना दिया। सोशल मीडिया से शुरू हुआ संगीत का सफर सुनंदा शर्मा का संगीत सफर सोशल मीडिया से शुरू हुआ। उन्होंने पंजाबी गीत ‘सुच्चा सूरमा’ गाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था। यह गीत लोगों को काफी पसंद आया और इसके बाद उन्हें पंजाबी संगीत इंडस्ट्री में काम करने के मौके मिलने लगे। इसके बाद ‘बिल्ली अख’ और ‘पटाके’ जैसे गीतों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। पंजाबी संगीत से बॉलीवुड तक बनाई पहचान सुनंदा शर्मा ने पंजाबी संगीत के साथ बॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने बादशाह के साथ फिल्म ‘नवाबजादे’ के लिए ‘तेरे नाल नचना’ गीत गाया। इसके बाद ‘लुका छुपी’ फिल्म का ‘पोस्टर लगवा दो’ और ‘जय मम्मी दी’ का ‘मम्मी नू पसंद’ जैसे गीत भी उनके खाते में आए। ‘बारिश की जाए’ गीत में भी उनकी आवाज सुनने को मिली। अभिनय में भी आजमाया हाथ सुनंदा शर्मा ने गायकी के साथ अभिनय में भी कदम रखा। उन्होंने दिलजीत दोसांझ के साथ पंजाबी फिल्म ‘सज्जन सिंह रंगरूट’ से अभिनय की शुरुआत की। वर्ष 2024 में उन्होंने कान फिल्म महोत्सव में भी भारत और पंजाबी संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया।

नेपाल बाढ़- अज्ञात शवों को दफनाना शुरू, सैकड़ों कब्रें तैयार:अबतक 804 मौतें; आरोप- 3 महीने पहले ग्लेशियरों की जानकारी मांगी थी, चीन ने नहीं दी

Nepal Flood Disaster | Mass Burial of Victims & China Glacier Controversy

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद अज्ञात शवों का सामूहिक दफन शुरू कर दिया गया है। चितवन के देवघाट जंगल में प्रशासन ने सैकड़ों कब्रें खोदी हैं। यहां उन शवों को दफनाया जा रहा है, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है और जो ज्यादा समय बीतने के कारण खराब होने लगे हैं। पिछले दो दिनों में 196 शव दफनाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई शव इतनी खराब हालत में मिले हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल है। इसलिए हर शव के साथ पहचान नंबर और जरूरी रिकॉर्ड रखा जा रहा है, ताकि आगे DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की जा सके। इस बीच 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं और उनके परिवार अपनों की तलाश में जुटे हैं। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। वहीं, इस त्रासदी से पहले चीन से ग्लेशियरों के खतरे की जानकारी साझा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 27 मई को नेपाल और चीन के अधिकारियों की बैठक हुई थी। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने ग्लेशियरों में शुरुआती हलचल और जलस्तर की जानकारी पहले से देने की मांग की थी, लेकिन उन्हें चीन से उतनी जानकारी नहीं मिली, जितनी वे चाहते थे। नेपाल त्रासदी की 3 ताजा तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके

आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके

बिग बॉस 13 फेम आसिम रियाज ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भव्या सिंह को कानूनी नोटिस (सीज एंड डिजिस्ट) भेजा है। भव्या ने एक पॉडकास्ट के दौरान आसिम पर मारपीट करने और दुबई में किसी महिला के पैसों पर निर्भर रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। IANS के अनुसार आसिम के वकील ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और छवि खराब करने वाला बताया है। नोटिस में भव्या और संबंधित मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 72 घंटे के भीतर विवादित कंटेंट हटाने की हिदायत दी गई है। भव्या सिंह ने लगाए थे गंभीर आरोप एमटीवी स्प्लिट्सविला 12 फेम भव्या सिंह ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में आसिम रियाज और उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड हिमांशी खुराना के ब्रेकअप पर टिप्पणी की थी। भव्या ने दावा किया था कि उन्हें किसी ने बताया था कि आसिम पागल इंसान हैं और मारपीट करता था। इसके अलावा भव्या ने एक वीडियो होने का दावा भी किया था। पॉडकास्ट में यह भी कहा गया था कि आसिम दुबई में किसी अज्ञात महिला के पैसों पर रह रहे हैं और उस पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। आसिम के वकील ने आरोपों को बताया निराधार आसिम रियाज की ओर से लीगल फर्म फाल्कन लीगल के पार्टनर एडवोकेट सुहैल शरीफ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि भव्या के बयान आसिम को हिमांशी के खिलाफ शारीरिक हिंसा करने वाले व्यक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश करते हैं। इन बयानों से आसिम की सामाजिक छवि और प्रोफेशनल करियर को भारी नुकसान पहुंचा है। वकील ने साफ किया कि उनके क्लाइंट अपने खिलाफ किसी भी तरह की मानहानि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। नोटिस के जरिए भव्या सिंह से कहा गया है कि वे आसिम के खिलाफ किसी भी मानहानिकारक बयान को दोहराना तुरंत बंद करें। इसके साथ ही जिन मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस पॉडकास्ट या उससे जुड़ी सामग्री को शेयर किया है, उनसे भी उस कंटेंट को 72 घंटे में हटाने के लिए कहा गया है। हिमांशी खुराना के आरोपों से शुरू हुआ विवाद

आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके

आसिम रियाज ने भव्या सिंह को भेजा लीगल नोटिस:भव्या ने कहा था- वो पागल इंसान, मारपीट करता है; धर्म परिवर्तन के आरोप लग चुके

बिग बॉस 13 फेम आसिम रियाज ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भव्या सिंह को कानूनी नोटिस (सीज एंड डिजिस्ट) भेजा है। भव्या ने एक पॉडकास्ट के दौरान आसिम पर मारपीट करने और दुबई में किसी महिला के पैसों पर निर्भर रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। IANS के अनुसार आसिम के वकील ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और छवि खराब करने वाला बताया है। नोटिस में भव्या और संबंधित मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 72 घंटे के भीतर विवादित कंटेंट हटाने की हिदायत दी गई है। भव्या सिंह ने लगाए थे गंभीर आरोप एमटीवी स्प्लिट्सविला 12 फेम भव्या सिंह ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में आसिम रियाज और उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड हिमांशी खुराना के ब्रेकअप पर टिप्पणी की थी। भव्या ने दावा किया था कि उन्हें किसी ने बताया था कि आसिम पागल इंसान हैं और मारपीट करता था। इसके अलावा भव्या ने एक वीडियो होने का दावा भी किया था। पॉडकास्ट में यह भी कहा गया था कि आसिम दुबई में किसी अज्ञात महिला के पैसों पर रह रहे हैं और उस पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। आसिम के वकील ने आरोपों को बताया निराधार आसिम रियाज की ओर से लीगल फर्म फाल्कन लीगल के पार्टनर एडवोकेट सुहैल शरीफ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि भव्या के बयान आसिम को हिमांशी के खिलाफ शारीरिक हिंसा करने वाले व्यक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश करते हैं। इन बयानों से आसिम की सामाजिक छवि और प्रोफेशनल करियर को भारी नुकसान पहुंचा है। वकील ने साफ किया कि उनके क्लाइंट अपने खिलाफ किसी भी तरह की मानहानि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। नोटिस के जरिए भव्या सिंह से कहा गया है कि वे आसिम के खिलाफ किसी भी मानहानिकारक बयान को दोहराना तुरंत बंद करें। इसके साथ ही जिन मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस पॉडकास्ट या उससे जुड़ी सामग्री को शेयर किया है, उनसे भी उस कंटेंट को 72 घंटे में हटाने के लिए कहा गया है। हिमांशी खुराना के आरोपों से शुरू हुआ विवाद

सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन

सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। इस पोस्ट पर एक फैन ने उन्हें बच्चे के नाम का सुझाव दिया, जिस पर एक्ट्रेस ने मजेदार रिएक्शन दिया है। सामंथा ने 1 दिसंबर 2025 को फिल्ममेकर राज निदिमोरु से शादी की थी और जल्द ही वे अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। फैन ने सुझाया सामंथा और राज के नाम का कॉम्बिनेशन सामंथा की नई इंस्टाग्राम पोस्ट में उनकी अलग-अलग तस्वीरें शामिल हैं। इनमें से कुछ तस्वीरों में वे बिना मेकअप के नजर आ रही हैं, तो कुछ में फ्लाइट और घर पर शीशे के सामने सेल्फी लेते हुए बेबी बंप दिखा रही हैं। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक फैन ने लिखा, “लड़की के लिए समैरा और लड़के के लिए सम्राज कैसा रहेगा? यह सामंथा और राज के नाम का परफेक्ट मिक्स है।” इस पर सामंथा ने जवाब देते हुए लिखा, “सम्राज… क्या यह कुछ ज्यादा नहीं हो जाएगा?” सामंथा प्रेग्नेंसी में 11 किलो वजन बढ़ा सामंथा ने इससे पहले इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग (AMA) सेशन भी रखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि वे अपने प्रेग्नेंसी फेज को काफी एंजॉय कर रही हैं। एक यूजर के सवाल पर उन्होंने खुलासा किया कि उनका वजन अब तक 11 किलो बढ़ चुका है। सामंथा ने कहा, “मुझे लगा था कि इस दौरान मैं काफी परेशान या घबराई हुई रहूंगी, लेकिन इसकी जगह मैं खुद को काफी मजबूत और सशक्त महसूस कर रही हूं।” राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी।