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कम यूरिक एसिड की समस्या: सिर्फ सलाह ही नहीं, यूरिक एसिड का होना भी है खतरनाक; इन 5 प्रॉमिस को न करें इग्नोर

कम यूरिक एसिड की समस्या

कम यूरिक एसिड की समस्या | छवि: फ्रीपिक कम यूरिक एसिड की समस्या: आमतौर पर जब भी हम ‘यूरिक एसिड’ का नाम सुनते हैं तो हमारे दिमाग में जोड़ों का दर्द, गठिया और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं आती हैं। हम हमेशा यही कोशिश करते हैं कि शरीर में यूरिक एसिड का स्तर न बढ़े। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूरिक एसिड की आवश्यकता स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकती है? विज्ञान में यह स्थिति कोहोइनरिसीमियाखा होती है। यूरिक एसिड शरीर में एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। आइए जानते हैं कि यह कम क्यों चिंता का विषय है और किसको मंजूरी नहीं देनी चाहिए। यूरिक एसिड कम होने का मतलब क्या है? एक स्वस्थ वयस्क के शरीर में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर 3.5 से 7.2 mg/dL के बीच होना चाहिए। यदि इसका स्तर 2.0 mg/dL से कम है, तो इसे ‘लो यूरिक एसिड’ माना जाता है। शरीर में इसकी कमी लिवर या किडनी की किसी भी गंभीर बीमारी, कुपोषण या गुर्दे की बीमारी से हो सकती है। अत्यधिक थकान और कमजोरी यूरिक एसिड बॉडी के सेल्स कोलाइडेटिव स्ट्रेस से सीख है। इसकी कमी से आप बिना किसी भारी काम के भी हर समय थकान और ऊर्जा की कमी महसूस कर सकते हैं। बार-बार पेशाब आना लो यूरिक एसिड बारंबार गुर्दे की बीमारी में बदलाव का संकेत होता है। अगर आपको अचानक सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आने की जरूरत महसूस हो रही है, तो यह हाइपोरिसीमिया का लक्षण हो सकता है। मसाले में दर्द और ऐंठन शरीर में यूरिक एसिड कम होने से इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहता है, जिससे जिंक में कैल्शियम और असाध्य दर्द महसूस होता है। सिरदर्द और दवा आयोडीन युक्त स्ट्रेस बढ़ने के कारण नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे बार-बार सिरदर्द या अचानक होने वाली बीमारी महसूस होती है। पत्थरों में अजीब सी झंझनाहट जोड़ों में दर्द केवल यूरिक एसिड बढ़ने से नहीं, बल्कि कम होने से भी हो सकता है। यह हड्डियों की गहनता और उनके सिद्धांतों को प्रभावित कर सकता है। ये भी पढ़ें – लड़कियां भरी हुई हैं या खाली? 2 करोड़ लोगों ने देखी जांच का ये अनोखा तरीका, अब हो रहा है वायरल अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

चुनाव आयोग के पत्र पर बीजेपी की मुहर, कांग्रेस-सीपीएम-टीएमसी ने सवाल उठाया तो आई ईसी की सफाई

चुनाव आयोग के पत्र पर बीजेपी की मुहर, कांग्रेस-सीपीएम-टीएमसी ने सवाल उठाया तो आई ईसी की सफाई

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में अगले कुछ दिनों में वोट खराब है। इस बीच इलेक्शन कमीशन का एक पुराना लेटर वायरल हो रहा है, जिस पर केरल बीजेपी की धूम मची है, जिसके बाद सारथी में मोटरसाइकल गरमा गया है। इस पत्र को सबसे पहले सीपीआईएम केरल ने शेयर कर आयोग के सचिवालय पर साझा किया था, उसके बाद पूरे नामांकन ने ही चुनाव आयोग के सहयोगियों पर प्रश्नचिह्न लगाया। विवाद बढ़ा देख अब चुनाव आयोग की ओर से राइटर लेकर सफाई दी गई है। क्या भाजपा ने सारे दिखावे छोड़ दिये हैं? यह कोई रहस्य नहीं है कि एक ही सत्ता केंद्र भारत के चुनाव आयोग और भाजपा दोनों को नियंत्रित करता है। फिर भी कम से कम दो अलग-अलग डेस्कों का शिष्टाचार तो बनाए रखें। अब तो वह भी अनावश्यक लगता है. मुहरें लापरवाही से लगाई जा रही हैं… pic.twitter.com/MfMXNaXTgk – सीपीआई (एम) केरल (@CPIMKerala) 23 मार्च 2026 सीपीआईएम ने सोशल मीडिया पर एक डॉक्युमेंट शेयर किया था। इसमें 19 मार्च 2019 को चुनाव आयोग के पत्र के साथ हाफनामे पर केरल बीजेपी की छाप दिखाई दी। सीपीआईएम ने सवाल किया कि अब चुनाव आयोग और बीजेपी एक ही पावर सेंटर से क्या चल रहे हैं? वहीं कांग्रेस ने पूछा कि चुनाव आयोग के पास बीजेपी की ओर से कैसे मतदान किया जाए। चुनाव आयोग ने यह काम किया चुनाव आयोग ने कहा, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि बीजेपी की छाप लगी है चुनाव आयोग के एक चैनल पर कई मलयालम न्यूज चैनल प्रसारित हो रहे हैं। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक क्लेरिकल एरर था, जिसे तुरंत पहचान कर सुधार किया गया।’ आधिकारिक स्पष्टीकरण: चुनाव आयोग दस्तावेज़ के ग़लत प्रसार के संबंध में यह हमारे संज्ञान में आया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर वाला चुनाव आयोग का एक पत्र विभिन्न मलयालम समाचार चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है।… – मुख्य निर्वाचन अधिकारी केरल (@Ceokerala) 23 मार्च 2026 टीएमसी ने चुनाव आयोग को बीजेपी की ‘बी’ टीम बताया कांग्रेस नेता पवन चौधरी ने कहा, ‘क्या अबकी बार, मोदी सरकार भी इसी तरह की थी?’ कैथोलिक कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा, ‘आधिकारिक तौर पर यह एक तरह से मिल गया है कि चुनाव आयोग की बी-टीम बन गई है।’ अविश्वासी न्यूनाइन मोइत्रा ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने पहली बार बीजेपी की मुहर लगाई थी, आधिकारिक पत्र जारी करने का साहसिक कार्य दिखाया गया था। ज्ञानेश कुमार से निवेदन है कि वह बात स्पष्ट करें जो हम सभी पहले से जानते हैं और आगे भी इसी तरह का पत्र जारी करते हैं। लोकतंत्र जिंदाबाद.’ चुनाव आयोग के पदाधिकारियों पर कांग्रेस ने प्रतिबंध प्रश्न एक्स पर पोस्ट कर कहा गया, ‘चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक आश्रमों को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए पत्र में केरल कांग्रेस बीजेपी की मुहर लगी थी।’ यह कोई ग़लत नहीं, बल्कि एक गंभीर संदेह का विषय है। इससे संबंधित संवैधानिक संस्था की समितियाँ और सामान्यतः गंभीर प्रश्न पूछे जाते हैं। कांग्रेस ने पूछा, चुनाव आयोग का किसी राजनीतिक दल पर आधिकारिक संदेश कैसा लगा? चुनाव आयोग बीजेपी के कठपुतली की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है? क्या चुनाव आयोग भारत की जनता को पहचान दिला सकता है?’ 𝐀 𝐁𝐉𝐏 𝐬𝐞𝐚𝐥 𝐨𝐧 𝐚𝐧 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐥𝐞𝐭𝐭𝐞𝐫! चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग की मुहर की जगह बीजेपी की केरल इकाई की मुहर लगी हुई है. उसे अंदर डूबने दो। कोई ग़लती नहीं, लेकिन एक गंभीर ख़तरा… pic.twitter.com/eXSqartMLH – कांग्रेस (@INCIndia) 23 मार्च 2026 एक अधिकारी को ऑफिस भेज दिया गया इस मामले में विज्ञप्ति जारी करने के बाद, मुख्य अधिकारी के कार्यालय में, इस मामले से जुड़े विभागीय अधिकारी की जांच के लिए अपार्टमेंट में बिस्तर तक रखा गया है। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी कार्यालय ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक क्लेरिकल एरर था। केरल बीजेपी ने हाल ही में एक पुरानी कॉमर्स की कॉपी जमा की थी, जिस पर उनकी मुहर लगी थी। इसी कॉपी को अन्य सॉफ्टवेयर से भेज दिया गया।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)ईसीआई(टी)कांग्रेस(टी)केरल(टी)इलेक्शन कमीशन बीजेपी सिंबल लेटर(टी)ईसी केरलम(टी)ईसीआई केरल(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)सीपीआईएम केरल(टी)सीपीएम न्यूज(टी)केरल न्यूज(टी)केरल न्यूज(टी)कांग्रेस प्रतिक्रिया ईसीआई लेटर(टी)ईसी लेटर बीजेपी सील(टी)चुनाव आयोग(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)केरल चुनाव बीजेपी लेखक(टी)केरल बीजेपी नेता(टी)चुनाव आयोग पत्र(टी)चुनाव आयोग पत्र बीजेपी सील(टी)महुआ मोइत्रा(टी)पवन साहूकार(टी)कांग्रेस

सुप्रीम कोर्ट ने इलैयाराजा का केस बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर किया:सोनी के साथ कॉपीराइट मुकदमा चलेगा, विरोधाभास से बचने को अदालत का कदम

सुप्रीम कोर्ट ने इलैयाराजा का केस बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर किया:सोनी के साथ कॉपीराइट मुकदमा चलेगा, विरोधाभास से बचने को अदालत का कदम

संगीत जगत के दिग्गज डॉ. इलैयाराजा के कॉपीराइट विवाद से जुड़ा एक अहम मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां आज एक निर्णायक आदेश सुनाया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने सोनी एंटरटेनमेंट इंडिया द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका को मानते हुए इलैयाराजा के साथ चल रहे कॉपीराइट मुकदमे को मद्रास उच्च न्यायालय से बॉम्बे उच्च न्यायालय में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला दो अलग‑अलग मुकदमों के बीच टकराव के रूप में उभरा है। जनवरी 2022 में सोनी म्यूजिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक सिविल मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने इलैयाराजा को 536 संगीत रचनाओं का अवैध इस्तेमाल बंद करने के लिए स्थायी रोक की मांग की थी। सोनी का दावा है कि उसने ओरिएंटल रिकॉर्ड्स और इको रिकॉर्डिंग से अधिकार खरीद लिए हैं और इसलिए उसके पास इन गीतों के कॉपीराइट हैं। इसके विपरीत, सितम्बर 2025 में इलैयाराजा ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक समान मुकदमा दायर किया, जिसमें सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और उनके अधिकारों को चुनौती दी गई। इस अधिकार विवाद का उद्देश्य यह तय करना है कि वास्तव में कौन इन रचनाओं का कानूनी मालिक है, संगीतकार खुद या कोई तीसरी कंपनी। सोनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि मद्रास में दायर इलैयाराजा का मामला बॉम्बे में पहले दायर मुक़दमे से अलग नहीं है और इससे दोनों न्यायालय अलग‑अलग फैसले दे सकते हैं, जिससे जटिलता और कानूनी विरोधाभास पैदा हो सकता है। इलैयाराजा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायालयिक अधिकारिता पर सवाल उठाते हुए तर्क किया कि मद्रास में मामला होना चाहिए क्योंकि इससे दोनों पक्षों के दावे न्यायसंगत तरीके से सुने जा सकते हैं। बेंच के न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति विनोद के चंद्रन ने अंततः सोनी की याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि इस तरह के दोनों मामलों को एक ही न्यायालय में सुनवाई के लिए ट्रांसफर करना जरूरी है ताकि किसी भी तरह के विरोधी निर्णय से बचा जा सके। इस आदेश के तहत अब विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट में जारी रहेगा। यह फैसला संगीतकार और म्यूजिक इंडस्ट्री के बीच कॉपीराइट के अधिकारों से जुड़ी बढ़ती कानूनी लड़ाइयों में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इलैयाराजा ने एक दशक से अधिक समय से अपने संगीत के अधिकारों की रक्षा के लिए कई मुकदमे लड़े हैं, और सुप्रीम कोर्ट का यह कदम अब आगे की कानूनी प्रक्रिया को एक ही दिशा में सामान्य करने का प्रयास है।

क्या है रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज? एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने गिनाए फायदे, प्रैक्टिस का वीडियो किया शेयर

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Last Updated:March 23, 2026, 18:11 IST Reverse Hyper Workout Benefits: बेहतरीन फिटनेस के लिए मशहूर एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम पर रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज का एक वीडियो शेयर किया है. एक्ट्रेस ने इस वर्कआउट के फायदे भी गिनाए हैं. यह एक्सरसाइज ग्लूट्स और लोअर बैक को मजबूत बनाने में मदद करती है. इस वर्कआउट को घर या जिम दोनों जगह किया जा सकता है. इसके नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और फिटनेस में सुधार आता है. एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने वर्कआउट का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. Shilpa Shetty Workout Video: बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी की फिटनेस हमेशा चर्चाओं में रहती है. वे खुद को फिट रखने के लिए कड़ी मेहनत भी करती हैं. वे अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने और नियमित व्यायाम करने के लिए प्रेरित करती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक नया फिटनेस वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज करती नजर आ रही हैं. इस वीडियो के जरिए उन्होंने न केवल इस एक्सरसाइज की सही तकनीक बताई, बल्कि इसके गहरे और लंबे समय तक मिलने वाले फायदों पर भी चर्चा की. इंस्टा पोस्ट में शिल्पा ने रिवर्स हाइपर एक्सरसाइज को अंडररेटेड बताया. उनके अनुसार रिवर्स हाइपर खासतौर पर ग्लूट्स को मजबूत और टोन करने के लिए बहुत असरदार है. यह हिप एक्सटेंशन मूवमेंट पर आधारित होती है, जिससे ग्लूटस मैक्सिमस मांसपेशी सक्रिय होती है. नियमित रूप से इस एक्सरसाइज को करने से न सिर्फ ताकत बढ़ती है, बल्कि बॉडी का शेप भी बेहतर होता है और लोअर बॉडी ज्यादा मजबूत बनती है. View this post on Instagram

World TB Day 2026: खांसी, बलगम में खून आने जैसे 5 संकेतों को न करें इग्नोर, ये हो सकते हैं टीबी के लक्षण

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Last Updated:March 23, 2026, 17:26 IST Tuberculosis Symptoms: टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर किसी व्यक्ति को 3 सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी, बलगम में खून, वजन घटना और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है. समय पर जांच और प्रॉपर ट्रीटमेंट से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है. टीबी एक खतरनाक बीमारी है, जो फेफड़ों और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है. TB Symptoms and Treatment: हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है. इसक दिन का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और इसे खत्म करने का प्रयास करना है. टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है. हालांकि यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है और इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है. समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. समस्या तब होती है, जब लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य खांसी, सर्दी या प्रदूषण का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही बीमारी को गंभीर बना देती है और दूसरों तक फैलने का खतरा भी बढ़ा देती है. नई दिल्ली के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया कि लगातार 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी टीबी का सबसे कॉमन और शुरुआती संकेत है. यह खांसी सूखी भी हो सकती है और बलगम वाली भी हो सकती है. फेफड़ों में मौजूद बैक्टीरिया श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे बार-बार खांसी आती है. अगर सामान्य दवाओं या कफ सिरप से राहत नहीं मिल रही है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं. डॉक्टर ने बताया कि खांसी के साथ खून आना एक गंभीर चेतावनी संकेत है. जब संक्रमण फेफड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाता है, तो ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं, जिससे बलगम में खून दिखाई देता है. भले ही खून की मात्रा कम हो, इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. इसके अलावा टीबी के कारण फेफड़ों में सूजन और संक्रमण बढ़ने लगता है, जिससे सीने में दर्द महसूस होता है. यह दर्द गहरी सांस लेने या खांसने पर ज्यादा बढ़ सकता है. साथ ही सांस लेने में तकलीफ भी होने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट की मानें तो बिना किसी खास कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख में कमी आना भी टीबी का संकेत हो सकता है. शरीर संक्रमण से लड़ने में अधिक एनर्जी खर्च करता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ जाती है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा टीबी के मरीजों में अक्सर शाम या रात के समय हल्का बुखार रहता है. इसके साथ ही रात में अत्यधिक पसीना आना भी एक खास लक्षण है. यह दर्शाता है कि शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ने की कोशिश कर रहा है, जिससे व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है. डॉक्टर ने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे ट्रीटमेंट के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. भारत में सरकारी योजनाओं के तहत इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है. जरूरी है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, इलाज पूरा करें और बीच में दवा न छोड़ें. इस बीमारी का अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो इसे खत्म करना आसान होता है. टीबी की बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को जानना जरूरी है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 23, 2026, 17:26 IST

कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

रीवा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर की कई कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी और ढाबे बंद होने लगे हैं। इस संकट का सीधा असर कारोबारियों की आय पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीनेभर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकानें बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार होने लगे हैं। गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई रेस्टोरेंट्स के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि सिलेंडर की कमी के चलते संस्थान अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी, जो आमतौर पर 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि हालात लॉकडाउन से भी बदतर होते जा रहे हैं। कुछ संचालक कोयले भट्टी का ले रहे सहारा कुछ रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में गैस के विकल्प के रूप में कोयले और लकड़ी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इससे लागत बढ़ रही है और धुएं के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फिलहाल कारोबार को किसी तरह बचाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कलेक्टर बोलीं- आपूर्ती को सामान्य करने की कोशिश कर रहे रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि कमर्शियल और एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन और रेस्टोरेंट में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। अब देखना होगा कि गैस आपूर्ति कब तक पूरी तरह सामान्य होती है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट पाता है।

पेट साफ न होने की समस्या से जूझ रहे हैं? इन 8 फलों का शुरू कर दें सेवन, सालों से जमी गंदगी होगी क्लीन

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Last Updated:March 23, 2026, 15:18 IST Best Fruits to Relieve Constipation: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. इससे लोगों को पेट साफ न होने की समस्या हो रही है. डॉक्टर्स की मानें तो पेट साफ न होना कब्ज (Constipation) की समस्या है. जब पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं. ये टॉक्सिन्स न केवल पेट में भारीपन और गैस का कारण बनते हैं, बल्कि स्किन प्रॉब्लम्स भी पैदा कर सकते हैं. अगर आप भी सुबह पेट साफ न होने की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फलों को जरूर शामिल करें. ये फल आपके पेट में जमी गंदगी को साफ कर सकते हैं. पपीता : वेबएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक पेट की सफाई के लिए पपीता सबसे भरोसेमंद फल माना जाता है. इसमें पपेन नामक शक्तिशाली एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने और पाचन को तेज करने में मदद करता है. पपीते में फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती है, जो मल को नरम बनाती है और आंतों की गति को सुचारू करती है. नियमित रूप से सुबह खाली पेट पपीता खाने से सालों पुरानी कब्ज में भी राहत मिलती है. अमरूद : अमरूद फाइबर का एक अच्छा सोर्स है. एक मीडियम साइज के अमरूद में आपकी दैनिक फाइबर की आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा होता है. यह आंतों की सफाई करने वाले झाड़ू की तरह काम करता है, जो जमा हुई गंदगी को बाहर धकेलता है. अमरूद खाने से न केवल पेट साफ होता है, बल्कि यह मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त रखता है. सेब : पेट की सेहत के लिए सेब किसी दवा से कम नहीं है. सेब में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है. जब यह पेट में जाता है, तो जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो आंतों के अनुकूल बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और मल त्याग को आसान बनाता है. बेहतर परिणाम के लिए सेब को छिलके सहित खाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा फाइबर छिलके में ही होता है. Add News18 as Preferred Source on Google केला : अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि कब्ज के मरीजों को केला खाना चाहिए या नहीं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पका हुआ केला कब्ज के लिए रामबाण है. इसमें मौजूद पोटेशियम और फाइबर आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से लैक्सेटिव की तरह काम करता है, जो मल को भारी बनाकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है. ध्यान रखें कि केला हमेशा अच्छी तरह पका हुआ ही खाएं. संतरा : संतरा विटामिन C और फाइबर से भरपूर होता है. संतरे में नारिनजेनिन नामक एक फ्लेवोनोइड होता है, जो एक लैक्जेटिव के रूप में काम करता है. इसका जूस पीने के बजाय इसे सीधे खाना अधिक फायदेमंद है, क्योंकि इसके रेशे आंतों में फंसे अपशिष्ट पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं और शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं. कीवी : कीवी एक ऐसा फल है, जो पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है. इसमें एक्टिनिडिन नामक एंजाइम होता है, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गतिशीलता सुधारता है. कई रिसर्च में पता चला है कि रोजाना दो कीवी खाने से पेट साफ होने की प्रक्रिया नियमित हो जाती है और पेट फूलने की समस्या कम होती है. नाशपाती : नाशपाती में सेब की तुलना में ज्यादा फाइबर होता है. इसमें फ्रुक्टोज और सोर्बिटोल की अच्छी मात्रा होती है, जो आंतों में पानी खींचने का काम करती है. यह प्रक्रिया मल को बहुत नरम बना देती है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज भी आसानी से दूर हो जाती है. यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिन्हें सख्त मल आने की समस्या है. अंजीर : चाहे ताजी हो या सूखी अंजीर फाइबर का पावरहाउस है. इसमें मौजूद सूक्ष्म बीज आंतों की दीवारों की हल्की मालिश करते हैं और वहां जमा गंदगी को ढीला करते हैं. रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट दो-तीन सूखी अंजीर खाने से पाचन तंत्र पूरी तरह से रीसेट हो जाता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का सबसे असरदार तरीका है. First Published : March 23, 2026, 15:18 IST

हरियाणा में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा:3 की मौत, सड़क पर बिखरीं लाशें; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका

हरियाणा में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा:3 की मौत, सड़क पर बिखरीं लाशें; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका

हरियाणा के झज्जर में सोमवार की दोपहर एक कैंटर ने सात लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले टैंकर ड्राइवर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को कुचला। इसके बाद भी ड्राइवर नहीं रुका और तेज गति से कैंटर दौड़ा दिया। इसी भागमभागम में कई और लोगों को भी चपेट में ले लिया। इनमें एक और बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि चपेट में आकर ऑटो सवार महिला समेत चार घायल हो गए। इसके बाद बेकाबू कैंटर फ्लाईओवर के दो पिलर के बीच फंस कर रुक गया तो ड्राइवर कूदकर कर फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। पुलिस के आने तक शव सड़क पर ही पड़े रहे। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बहादुरगढ़ में हुए हादसे के कुछ PHOTOS…. यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… मामा चौक पर हुआ हादसा, पहले 2 युवकों को मारी टक्कर जानकारी अनुसार, हादसा बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (MIE) के मामा चौक पर सोमवार की दोपहर हुआ। चौक की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर (HR-63E-4325) ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। युवकों को टक्कर मारने के बाद बाइक सवार को रौंदा पहले हादसे के बाद ड्राइवर रुका नहीं, बल्कि पकड़े जाने के डर से कैंटर को और तेज भगाते हुए बाईपास की ओर ले गया। बाईपास पर कैंटर ने एक मोटरसाइकिल को रौंद दिया। इस हादसे में कानोंदा निवासी योगेंद्र (30) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। ऑटो को मारी टक्कर, महिला सहित 3 चपेट में आए इसके बाद बेकाबू कैंटर ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी। ऑटो में सवार लाइनपार निवासी प्रेम (महिला), उनके पति कृष्ण और ड्राइवर जयवीर घायल हो गए। कई लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से घायल लोगों को उठाकार बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अशोक (32) निवासी छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी छपरा (बिहार) और हरियाणा के कानोंदा निवासी योगेंद्र (30 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। महिला प्रेम को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पिलर के बीच में फंसकर रुका कैंटर, ड्राइवर फरार उधर, ऑटो में टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर कैंटर को दौड़ाता रहा। ड्राइवर तेज रफ्तार से नजफगढ़ फ्लाईओवर की ओर बढ़ा, लेकिन कैंटर अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के नीचे दो पिलर के बीच फंस गया। इसके बाद ड्राइवर कैंटर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर उसके नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… मुरथल ढाबे पर परांठे खाने गए 2 दोस्तों की मौत:सोनीपत में कार डिवाइडर से टकराई, 5 घायल; एक की होने वाली थी शादी सोनीपत में नेशनल हाईवे (GT रोड) पर रात को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि इनके पांच अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हैं। सभी दिल्ली से परांठे खाने के लिए मुरथल के ढ़ाबे पर आए थे। (पूरी खबर पढ़ें)

धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

फिल्म धुरंधर 2 को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म के एक सीन में गुरबाणी के कथित अपमान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना गुरजोत सिंह कीर ने ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद उस सीन को लेकर है जिसमें आर माधवन का किरदार गुरबाणी का उच्चारण करता नजर आता है। आरोप है कि इस दौरान उनके हाथ में सिगरेट दिखाई गई है। सिख समुदाय और नेताओं का कहना है कि यह प्रस्तुति धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। यही इस पूरे विवाद का मुख्य कारण बन गया है। शिवसेना नेता गुरजोत सिंह कीर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी इस सीन को बेहद आहत करने वाला और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी सिख धर्म की पवित्र वाणी है और इसे इस तरह दिखाना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से तुरंत माफी मांगने और विवादित सीन को हटाने की मांग की है। नेता ने चेतावनी भी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो सकता है। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है, खासकर जब बात किसी समुदाय की आस्था की हो। यह मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। खबर के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में फिल्म से जुड़े लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, फिल्म के मेकर्स या कलाकारों की तरफ से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि बढ़ते विरोध के बीच मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गौरतलब है कि धुरंधर 2 पहले भी अलग-अलग कारणों से चर्चा में रही है, लेकिन गुरबाणी से जुड़े इस विवाद ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।

भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव:श्रद्धालुओं ने किया केसर, गुलाब से पक्षाल; बंधु त्रिपुटी महाराजश्री रहे उपस्थित

भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव:श्रद्धालुओं ने किया केसर, गुलाब से पक्षाल; बंधु त्रिपुटी महाराजश्री रहे उपस्थित

आगर मालवा के जैन अजीतनाथ मंदिर में भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। महोत्सव के दौरान मुंबई के भयंदर से आए गिरनारी ग्रुप ने विशेष आयोजन किया। इसमें केसर, गुलाब सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों और पवित्र द्रव्यों से भगवान अजीतनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक पक्षाल (अभिषेक) किया गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से अभिभूत कर दिया। कल्याणक में महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया यह मोक्ष कल्याणक महोत्सव सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रारंभ हुआ। इसमें बंधु त्रिपुटी महाराजश्री-आगमरत्न, प्रशमरत्न एवं वज्ररत्न सागर महाराज की पावन उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनके सान्निध्य में संपन्न हुए कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को धर्म और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर वज्ररत्न सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में दान, शील, तप और प्रभु भक्ति को मोक्ष प्राप्ति के सच्चे मार्ग बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संयम, साधना और आत्मचिंतन का महत्व समझाते हुए धर्ममय जीवन अपनाने का संदेश दिया। धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक भगवान का पक्षाल कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान अजीतनाथ के मोक्ष कल्याणक की शुभकामनाएं देते हुए धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।