Saturday, 02 May 2026 | 05:00 PM

Trending :

Salman Ali Agha Vs Suryakumar Yadav; India Pakistan Handshake Controversy RBI के नए डिप्टी गवर्नर बने रोहित जैन:3 साल का कार्यकाल होगा, टी-रबी शंकर की जगह लेंगे पापा के करीब रहने बॉलीवुड में आना चाहती थीं त्रिशाला:संजय दत्त की सलाह के बाद एक्टिंग छोड़ी, अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बन चुकी हैं पापा के करीब रहने बॉलीवुड में आना चाहती थीं त्रिशाला:संजय दत्त की सलाह के बाद एक्टिंग छोड़ी, अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बन चुकी हैं राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ने किया यूएई का कायाकल्प:शाही पहचान छिपाई, वेटर की नौकरी की; जानें कैसे बने नाहयान गल्फ के गेमचेंजर सिक्योरिटी के सीटी बजाने से नाराज हुए थे शाहरुख खान:वानखेड़े विवाद पर पूर्व एसीपी बोले- मुझे बताया गया कि शाहरुख राड़ा कर रहा है
EXCLUSIVE

महाकवि कालिदास के चैत का मजा उठाइए,बस लोककवि घाघ का रखिए ध्यान, जान लें फिट रहने के लिए क्या न खाएं

authorimg

चैत्र या चैत को मधुमास भी कहते हैं. महानगरों को छोड़ दें तो हर और कुदरत मधु बरसाती सी दिखती है. नए पत्तों के परिधान पहने पेड़ शायद इसी आनंद का स्वागत करते हैं. जिन इलाकों में अभी भी महुए के पेड़ हैं वहां से गुजर भर जाइए, खुशबू भर से मस्ती चढ़ जाएगी. हां, मौसम के बदलवा के कारण इस दौर में खाने पीने में कुछ सावधानी रखनी पड़ती है. हालांकि लोक से जुड़े लोग जानते हैं कि इस मौमस में क्या खाना चाहिए क्या नहीं. इसके लिए उनके पास महाकवि घाघ की कहन या लोकोक्त्ति जुबान पर रहती है- चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठे पन्थ असाढ़े बेल.सावन साग न भादों दही, क्वार करेला न कातिक मही.अगहन जीरा पूसे धना, माघे मिश्री फागुन चना.ई बारह जो देय बचाय, वहि घर बैद कबौं न जाय. घाघ भड्डरी को समझिएमतलब ये है कि चैत के महीने में गुड़, बैसाख में तेल का सेवन नहीं करना चाहिए. तला भुना मत खाइए. जेठ में पंथ यानी यात्रा से बचना चाहिए. असाढ़ के महीने में बेल ( बेल पत्थर या श्रीफल), सावन में साग, भादों में दही, क्वार में करेले, कातिक में मट्ठा या छाछ नहीं पीनी चाहिए. अहगन के महीने में जीरा, पूस में धान, माघ में मिश्री, फागुन में चना नहीं खाना चाहिए. बारह ऋतुओं में इन बारह चीजों से जो बचेगा उसके घर बैद्य नहीं जाएगा. मतलब वो अस्वस्थ नहीं होगा. मौसम के मिजाज और खाने की चीजों की तासीर के मुताबिक घाघ भड्डरी ने ये दोहा रचा होगा. इसे कम से कम उत्तर प्रदेश और बिहार में लोग खूब कोट करते हैं और बहुत से लोग मानते भी हैं. महाकवि कालिदास ने चैत्र के महीने पर बहुत रोचक श्लोक लिखें हैं. (AI फोटो) चैत्र की खूबियों पर महाकवि कालिदासखैर, वसंत के आनंद के लिए सेहतमंद रहना जरूरी है, इस लिहाज से इसका जिक्र मौजूं लगा. लेकिन चैत्र के रंगीन चरित्र को महाकवि कालिदास ने खूब समझा है. उन्होंने ऋतुसंहार में इसका जिक्र भी किया है. लिखते हैं ये मौसम आते ही – अन्योन्यस्पर्शसुखस्पृहया परस्परंप्राप्तौ युवानौ युवती च यूनि ।अन्योन्यस्पर्शसुखस्पृहया परस्परंप्राप्तौ युवानौ युवती च यूनि ॥ मतलब चैत के साथ वसंत में ऐसा मादक मौसम होता है कि युवक-युवतिया एक दूसरे को छूने के सुख की लालसा से परस्पर मिलते हैं. दोनो एक दूसरे के स्पर्श की तीव्र इच्छा से व्याकुल हैं. सजी हुई मादक प्रकृति युवाओं में प्रेम की इच्छा को तेजी से हवा देती है. इसकी अनुभूति करनी हो तो किसी उस इलाके में चले जाइए जहां महुए के पेड़ हों. खास तौर से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में जहां हर साल 55 हजार टन महुआ पैदा होता है. महुए की उपज झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात से लेकर महाराष्ट्र तक में अच्छा खासा होता है. हमने तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई इलाकों में महुए की पैदावार होते देखा है. इन इलाकों में भोर में आप निकल जाएं तो दिव्य मादक गंध हवा में फैली मिलेगी. दिल्ली में भी दिखेगी चैत की चमकपहले दिल्ली के भी कुछ इलाकों में महुए के पेड़ थे. वहां से गुजरते ही मन खुश हो उठता था. चैत्र ही वो महीना होता है जिसमें ज्यादातर महुए के फूल नीचे गिर कर बिखर जाते हैं. इनकी खुशबू के अलावा इससे खाने के लिए बहुत सारे पुष्टिकर व्यंजन बनाए जाते रहे हैं. साथ ही इसके सबसे बड़े हिस्से को शराब बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. फिर शराब अपनी मादकता फैलती है. कहने का मतलब ये है कि अगर घाघ भड्डरी जैसे रचनाकारों की लोकोक्तियां मान कर सेहदमंद रहा जाय तो चैत्र महीने और वसंत का आनंद उठाया जा सकता है. अगर आप भी चैत को समझना चाहते हैं तो चैत का शुक्ल पक्ष शुरु हो गया है. कहीं ऐसी जगह पहुंच जाएं जहां कंकरीट के ऊंचे जंगल न हों. पेड़ पौधे लगे हों. आसमान साफ दिख रहा हो. वहां खड़े भर हो जाइए और चैत की मस्ती आपको मिल जाएगी.

महेश बाबू ने धुरंधर 2 की तारीफ की:बोले-एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म, रणवीर सिंह की एक्टिंग की भी सराहना की

Google Preferred Source CTA

साउथ एक्टर महेश बाबू ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जमकर तारीफ करते हुए इसे शानदार फिल्म बताया। साथ ही आदित्य धर के डायरेक्शन, रणवीर सिंह और आर माधवन की एक्टिंग और फिल्म के म्यूजिक की सराहना की। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिल्म को लेकर उन्होंने लिखा, ‘धुरंधर: द रिवेंज एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म है! रणवीर का अब तक का सबसे शानदार रूप देखने को मिला है। आदित्य धर ने इसे जिस तरह से सोचा और पेश किया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। आर माधवन की एक्टिंग और शाश्वत सचदेव का म्यूजिक खास तौर पर शानदार है। यह फिल्म देखने और जश्न मनाने लायक है। पूरी टीम को बधाई।’ वहीं, आदित्य धर ने महेश बाबू के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, ‘आपके शब्दों के लिए आभारी हूं, महेश गरु। धुरंधर (द रिवेंज) को इतने प्यार और अपनापन देने के लिए धन्यवाद।’ अल्लू अर्जुन ने भी धुरंधर 2 की तारीफ की साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने भी फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद इसकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि यह हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। उन्होंने रणवीर सिंह और आर माधवन समेत फिल्म की पूरी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की भी सराहना की। बुधवार को अल्लू अर्जुन ने ट्वीट करते हुए फिल्म को लेकर लिखा था, ‘अभी-अभी धुरंधर 2 देखी-देशभक्ति के साथ जबरदस्त स्वैग है। यह एक ऐसी फिल्म है जो हर देशभक्त को गर्व महसूस कराएगी। कई ऐसे पल हैं, जहां आप तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। पूरी तरह धमाका! पूरी टीम को बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आर माधवन और सभी कलाकारों का शानदार प्रदर्शन है। टेक्निकल लेवल पर भी फिल्म कमाल की है। मुझे गर्व है कि हमारे देश में मेरे भाई रणवीर सिंह जैसे बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं। रणवीर सिंह फायर हैं। आदित्य धर ने कमाल कर दिया, वे पूरी तरह छा गए। हमारे देश में उनके जैसे शानदार फिल्ममेकर्स होना गर्व की बात है। एक भारतीय कहानी… इंटरनेशनल स्वैग के साथ! जय हिंद।’ आर माधवन ने आभार जताया वहीं, अल्लू अर्जुन को धन्यवाद देते हुए आर माधवन ने लिखा था, ‘मैं बेहद विनम्र, भावुक और बहुत ज्यादा प्रेरित महसूस कर रहा हूं। आपकी तरफ से ये सुनना मेरे लिए बहुत मायने रखता है, मेरे प्यारे भाई।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैंने आपकी सभी फिल्में आपकी काबिलियत के प्रति गहरे सम्मान और हैरानी के साथ देखी हैं और यह जानकर बहुत शानदार महसूस हो रहा है कि यह भावना दोनों तरफ से है। भगवान आपका भला करे। मेरे करियर और जिंदगी के इस अहम मोड़ पर यह पहला ऑनलाइन रिव्यू मेरे लिए बेहद खास है।’ बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

महेश बाबू ने धुरंधर 2 की तारीफ की:बोले-एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म, रणवीर सिंह की एक्टिंग की भी सराहना की

महेश बाबू ने धुरंधर 2 की तारीफ की:बोले-एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म, रणवीर सिंह की एक्टिंग की भी सराहना की

साउथ एक्टर महेश बाबू ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जमकर तारीफ करते हुए इसे शानदार फिल्म बताया। साथ ही आदित्य धर के डायरेक्शन, रणवीर सिंह और आर माधवन की एक्टिंग और फिल्म के म्यूजिक की सराहना की। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिल्म को लेकर उन्होंने लिखा, ‘धुरंधर: द रिवेंज एकदम शानदार तरीके से बनाई गई धमाकेदार फिल्म है! रणवीर का अब तक का सबसे शानदार रूप देखने को मिला है। आदित्य धर ने इसे जिस तरह से सोचा और पेश किया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। आर माधवन की एक्टिंग और शाश्वत सचदेव का म्यूजिक खास तौर पर शानदार है। यह फिल्म देखने और जश्न मनाने लायक है। पूरी टीम को बधाई।’ वहीं, आदित्य धर ने महेश बाबू के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, ‘आपके शब्दों के लिए आभारी हूं, महेश गरु। धुरंधर (द रिवेंज) को इतने प्यार और अपनापन देने के लिए धन्यवाद।’ अल्लू अर्जुन ने भी धुरंधर 2 की तारीफ की साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने भी फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद इसकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि यह हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। उन्होंने रणवीर सिंह और आर माधवन समेत फिल्म की पूरी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की भी सराहना की। बुधवार को अल्लू अर्जुन ने ट्वीट करते हुए फिल्म को लेकर लिखा था, ‘अभी-अभी धुरंधर 2 देखी-देशभक्ति के साथ जबरदस्त स्वैग है। यह एक ऐसी फिल्म है जो हर देशभक्त को गर्व महसूस कराएगी। कई ऐसे पल हैं, जहां आप तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। पूरी तरह धमाका! पूरी टीम को बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आर माधवन और सभी कलाकारों का शानदार प्रदर्शन है। टेक्निकल लेवल पर भी फिल्म कमाल की है। मुझे गर्व है कि हमारे देश में मेरे भाई रणवीर सिंह जैसे बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं। रणवीर सिंह फायर हैं। आदित्य धर ने कमाल कर दिया, वे पूरी तरह छा गए। हमारे देश में उनके जैसे शानदार फिल्ममेकर्स होना गर्व की बात है। एक भारतीय कहानी… इंटरनेशनल स्वैग के साथ! जय हिंद।’ आर माधवन ने आभार जताया वहीं, अल्लू अर्जुन को धन्यवाद देते हुए आर माधवन ने लिखा था, ‘मैं बेहद विनम्र, भावुक और बहुत ज्यादा प्रेरित महसूस कर रहा हूं। आपकी तरफ से ये सुनना मेरे लिए बहुत मायने रखता है, मेरे प्यारे भाई।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैंने आपकी सभी फिल्में आपकी काबिलियत के प्रति गहरे सम्मान और हैरानी के साथ देखी हैं और यह जानकर बहुत शानदार महसूस हो रहा है कि यह भावना दोनों तरफ से है। भगवान आपका भला करे। मेरे करियर और जिंदगी के इस अहम मोड़ पर यह पहला ऑनलाइन रिव्यू मेरे लिए बेहद खास है।’ बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

Dry eyes eye drop| आप भी अपनी आंखों में डाल रहे हैं जहर? तुरंत रोको, सरकार ने राज्यों को दिया कड़े एक्शन का आदेश

authorimg

Last Updated:March 20, 2026, 14:31 IST सीडीएससीओ ने राज्यों को बाजार में धड्ल्‍ले से बेची जा रहीं ड्राई आईज की बिना मंजूरी वाली आई ड्रॉप्स पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है. ये ड्रॉप्स आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. साथ ही इन दवा न‍िर्माताओं के ख‍िलाफ भी कड़ा एक्‍शन लेने के ल‍िए कहा है. आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से.. ड्राई आईज के ल‍िए बाजार में बेची जा रहीं इन आई ड्रॉप्‍स को लेकर सीडीएससीओ ने सभी राज्‍यों को बैन लगाने का न‍िर्देश द‍िया है. Ban Dry Eyes Eye Drops: ड्राई आईज यानि सूखी आंखों की समस्या काफी आम है. ज्यादा स्क्रीन इस्तेमाल करने या ऑफिस आदि के चलते एकटक लंबे समय तक स्क्रीन देखते रहने से यह परेशानी लोगों को होती है और लोग इसको ठीक करने के लिए आई ड्रॉप्स खरीद लेते हैं लेकिन यही आई ड्रॉप्स अब इस सामान्य सी लगने वाली बीमारी को खतरनाक बना रही है. बाजार में बेची जा रहीं ड्राई आईज की आई ड्रॉप्स जहर का काम कर रही हैं, जिन पर केंद्रीय दवा नियामक ने तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है. सीडीएससीओ ने सभी राज्यों को बाजार में बेची जा रहीं ड्राई आईज की ड्रॉप्स की मंजूरी को तुरंत रद्द करने और इसे बनाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा है. सीडीएससीओ की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को भेजे गए एक संदेश में कहा गया है कि’सोडियम हाइलूरोनेट आई ड्रॉप्स 0.3%’ का निर्माण और बिक्री बिना केंद्रीय प्राधिकरण से अनिवार्य मंजूरी के की जा रही है, जिस पर तत्काल रोक जरूरी है. बताया गया कि यह फॉर्मूलेशन नई दवा की श्रेणी में आता है जिसे बाजार में बेचने से पहले मंजूरी लेना जरूरी है, लेकिन पता चला है कि इसे बिना नियामक की मंजूरी के ही बाजार में मरीजों को बेचा जा रहा है. इससे लोगों की आंखों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. वहीं लोग इस दवा को ड्राई आईज यानि सूखी आंखों की परेशानी होने पर ले रहे हैं. ड्राई आइज के क्या लक्षण हैं? . आंखों में जलन और लगातार खुजली होना . पलक, आंख की कोर में चुभन या किरकिरापन महसूस होना . लाल आंखें होना या हल्की लालिमा आना . आंखों से पानी आना . नजर का कमजोर या धुंधला होना . आंखों में भारीपन और थकान होना . रोशनी की तरफ देखने पर संवेदनशीलता महसूस होना . सुबह उठने पर आंखों का चिपकना कैसे काम करती हैं ये आई ड्रॉप्स एम्स आरपी सेंटर की प्रोफेसर डॉ. नम्रता शर्मा बताती हैं कि आमतौर पर ये आई ड्रॉप्स आर्टिफिशियल टियर्स यानि कृत्रिम आंसुओं के रूप में काम करती हैं और सूखी आंखों और जलन को कम करती हैं. इन आई ड्रॉप्स को डालने से आंखें नम रहती हैं और बेचैनी भी कम होती है, लेकिन अगर यही आई ड्रॉप्स खराब क्वालिटी की हों तो आंखों को राहत देने के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. इसीलिए CDSCO ने सलाह दी है कि आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर करें. अगर कोई दवा मंजूर नहीं है तो उससे आंखों को खतरा हो सकता है. इन आई ड्रॉप्स के ये हैं बड़े नुकसान . बिना अप्रूवल वाली आई ड्रॉप्स आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. ये आंखों में जलन को और बढ़ा सकती हैं. ड्राई आइज को और सूखा कर सकती हैं. . इन दवाओं क डालने से आंख में कंजंक्टिवाइटिस या पिक आई जैसे संक्रमणों का खतरा पैदा हो सकता है. . ड्राई आंखों की सतह पहले से ही कमजोर होती है, इसलिए बिना जांच-परख वाले प्रोडक्ट्स फायदे के बजाय ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. .इन दवाओं की गुणवत्ता, शुद्धता और फॉर्मूलेशन की कोई गारंटी नहीं होती. खराब निर्माण प्रक्रिया अपनाए जाने के कारण ये आंख को फायदे के बजाय नुकसान कर सकती हैं और कई बार इस दवा का असर कम होने से आंख में रोग बढ़ भी सकता है. कौन सी बातें हैं बेहद जरूरी . डॉक्टरों का कहना है कि बिना मंजूरी वाली दोनों ही आई ड्रॉप्स को भी खोलने के एक महीने बाद फेंक देना चाहिए, ताकि ये आंखों में संक्रमण न फैला सकें. . बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों की कोई भी दवा इस्तेमाल न करें. . कैमिस्ट या मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर आंखों में न डालें. डॉक्टर की सलाह के बाद ही कोई दवा डालें. ये बात समझें कि आंखें बहुत अनमोल हैं, एक बार नुकसान होने के बाद इन्हें वापस पाना बहुत मुश्किल है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें First Published : March 20, 2026, 14:31 IST

‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की | राजनीति समाचार

New Zealand Vs South Africa Live Cricket Score, 3rd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Auckland.

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 14:23 IST कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के बंटवारे पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद. (फोटो: X/@drshamamohd) केरल में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 37 उम्मीदवारों की अंतिम सूची गुरुवार को जारी कर दी। पार्टी इस बार 95 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालाँकि, सूची में 92 नाम शामिल हैं क्योंकि तीन स्थान विशेष रूप से सीपीएम के विद्रोही उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए खाली छोड़े गए हैं। अंतिम सूची की घोषणा होते ही कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के वितरण पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। टिकट बंटवारे में लैंगिक असमानता को उठाते हुए शमा ने राहुल गांधी से मदद मांगी. शमा ने एक्स को संबोधित करते हुए लिखा, “इनकार किया लेकिन हराया नहीं। मैं अपने नेता @राहुलगांधी जी से, जिनकी मैं पूजा करती हूं, आदर करती हूं और प्रशंसा करती हूं, केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करने का आदरपूर्वक आग्रह करती हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकट महिलाओं को दिए गए। 24 की लोकसभा में, वितरित 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को दिया गया। और अगर महिला प्रतिभाशाली होती है, तो स्थिति गंभीर है! बहुत, बहुत दुखद।” इनकार किया लेकिन हराया नहीं. मैं आदरपूर्वक अपने नेता से आग्रह करता हूं @राहुल गांधी जी, जिनकी मैं सराहना करता हूं, आदर करता हूं और केरल की कांग्रेसी महिलाओं की मदद करने की प्रशंसा करता हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकटें महिलाओं को दी गईं। 24 की लोकसभा में बांटे गए 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को टिकट दिया गया…- डॉ. शमा मोहम्मद (@drshamamohd) 20 मार्च 2026 कांग्रेस सांसद ने केरल उम्मीदवार में बदलाव से इनकार किया कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने शुक्रवार को कहा कि इस स्तर पर उम्मीदवार सूची में बदलाव की संभावना नहीं है। उन्नीथन द्वारा उद्धृत किया गया था एएनआई जैसा कि उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता और केपीसीसी अध्यक्ष पहले ही केरल लौट चुके हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे और अभियान गतिविधियां शुरू कर चुके हैं। स्वाभाविक रूप से, यदि केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अंतिम रूप दी गई सूची में कोई बदलाव किया जाना है, तो इसके लिए एक विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होगी। केरल के नेताओं से फिर से परामर्श करना होगा, या उनकी सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। राजनीति में मेरे लंबे अनुभव को देखते हुए, मुझे इस स्तर पर ऐसे बदलावों की अधिक संभावना नहीं दिखती है। बेशक, राजनीति संभावनाओं की कला है, इसलिए कुछ भी हो सकता है, लेकिन मैं अब किसी बड़े घटनाक्रम की उम्मीद न करें।” 2026 केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 14:23 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस उम्मीदवार केरल(टी)केरल चुनाव 2023(टी)कांग्रेस महिला उम्मीदवार(टी)राहुल गांधी केरल(टी)सीपीएम विद्रोही उम्मीदवार(टी)राजनीति में लैंगिक असमानता(टी)शमा मोहम्मद

सिंघारा चिल्ला रेसिपी: नवरात्रि व्रत के लिए दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिंघारा चीला बनाएं, न कि तराजू का वजन; नोट करें झटपट बनाने की रेसिपी

सिंघारा चिल्ला रेसिपी: नवरात्रि व्रत के लिए दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिंघारा चीला बनाएं, न कि तराजू का वजन; नोट करें झटपट बनाने की रेसिपी

20 मार्च 2026 को 14:15 IST पर अपडेट किया गया नवरात्रि व्रत चीला रेसिपी: सिंघाड़े के आटे का चीला नवरात्रि व्रत के लिए एक अनोखा नाश्ता है। यह बनाने में आसान, खाने में स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है।

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा के जवा क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। करीब 100 ग्रामीणों की भीड़ ने एक कार को घेरकर पलट दिया और उसमें सवार युवक पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि जैसे ही अफवाह फैली, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और “मारो-मारो” चिल्लाते हुए कार को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ ही देर में गुस्साई भीड़ ने कार को पलट दिया और लाठी-डंडों के साथ हमला करने आगे बढ़ी। पुलिस ने लोगों से की गाली-गलौज हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और पूरा इलाका तनावपूर्ण हो गया। मौके पर युवक को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को गाली गलौज तक करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, नीरज गौतम अपनी पत्नी पुष्पांजलि गौतम से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते सोहागी स्थित ससुराल पहुंचा था। दोनों के बीच बच्चे को लेकर विवाद था। इसी दौरान नीरज बच्चे को अपने साथ जबरन ले आया। घटना के बाद गांव में बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जवा क्षेत्र में नीरज की कार को घेर लिया। गुस्साई भीड़ ने कार पलट दी और लाठी-डंडों के साथ हिंसक हो गई। पुलिस ने युवक को भीड़ से बचाया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और युवक को भी भीड़ से बचाया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि यह सब एक गलतफहमी की वजह से हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।

इंश्योरेंस विज्ञापन में कम दाम, पेमेंट के वक्त वसूली ज्यादा:82% यूजर्स ने झेला धोखा; पॉलिसीबाजार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स शामिल

इंश्योरेंस विज्ञापन में कम दाम, पेमेंट के वक्त वसूली ज्यादा:82% यूजर्स ने झेला धोखा; पॉलिसीबाजार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स शामिल

डिजिटल दौर में इंश्योरेंस खरीदना आसान तो हुआ है, लेकिन डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। लोकलसर्किल के ताजा सर्वे के मुताबिक, 10 में से 8 यूजर्स ‘सब्सक्रिप्शन ट्रैप’ जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यानी पॉलिसी लेना आसान है, लेकिन उसे कैंसिल करना बहुत मुश्किल। सर्वे के मुताबिक पिछले 24 महीनों में ऐसे मामले 61% से बढ़कर 80% हो गए हैं। पर्सनल डिटेल्स का मिसयूज: 85% यूजर्स अनचाही कॉल्स से परेशान सर्वे में शामिल 85% यूजर्स ने बताया कि इंश्योरेंस कोटेशन लेते समय उनसे गैर-जरूरी जानकारी मांगी जाती है। बाद में इन डिटेल्स का इस्तेमाल अनचाही मार्केटिंग कॉल्स और मैसेज भेजने के लिए होता है। पिछले 2 साल में ऐसे मामले 57% से बढ़कर 85% हो गए हैं। करीब 90% यूजर्स ने बताया कि अगर वे सिर्फ कोटेशन लेते हैं या पॉलिसी कैंसिल करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें बार-बार कॉल और मैसेज करके परेशान किया जाता है। इसे ‘नैगिंग’ कहा जाता है। पिछले 24 महीनों में यह 86% से बढ़कर 90% पर पहुंच गया है। दिखाते कुछ हैं, बेचते कुछ हैं: 82% यूजर्स ने झेला ‘बेट एंड स्विच’ सर्वे में शामिल 82% यूजर्स ने ‘बेट एंड स्विच’ का अनुभव किया। यानी विज्ञापन में कम प्रीमियम दिखाया गया लेकिन पेमेंट के वक्त दाम बढ़ गए। इसके अलावा, 65% यूजर्स ने ‘ड्रिप प्राइसिंग’ या छिपे हुए चार्जेस की बात कही, जो पॉलिसी रिन्यूअल या क्लेम के वक्त सामने आते हैं। अब इस मामले से जुड़े 4 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1: सर्वे में कौन-कौन सी कंपनियों के डार्क पैटर्न्स का जिक्र है? जवाब: इसमें पॉलिसीबाजार, एको, ICICI लोम्बार्ड, टाटा AIG, बजाज आलियांज और HDFC एर्गो जैसे बड़े नामों के प्लेटफॉर्म्स पर 2 से 4 तरह के डार्क पैटर्न्स पाए हैं। डार्क पैटर्न्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की वे चालाकियां हैं जिनसे ग्राहकों को ऐसे फैसले लेने के लिए उकसाया जाता है जो वे शायद नहीं लेना चाहते। सवाल 2: ग्राहक खुद को इन धोखाधड़ी वाले तरीकों से कैसे बचा सकते हैं? जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्राहकों को ‘फ्री-लुक पीरियड’ का फायदा उठाना चाहिए। ‘फ्री-लुक पीरियड’ पॉलिसी मिलने के बाद मिलने वाला वह 30 दिनों का समय है, जिसमें आप नियम और शर्तें पसंद न आने पर बिना किसी बड़े नुकसान के इंश्योरेंस कैंसिल कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी पेमेंट करने से पहले पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स को ध्यान से पढ़ें। अगर बैंक लोन के बदले जबरन इंश्योरेंस दे रहा है, तो इसकी शिकायत करें। सवाल 3: क्या किसी बड़ी कंपनी पर इस मामले में कार्रवाई हुई है? जवाब: हां, पिछले साल IRDAI ने फ्लिपकार्ट इंटरनेट पर ₹1.06 करोड़ का जुर्माना लगाया था। कंपनी बिना पर्याप्त ट्रेनिंग वाले स्टाफ के जरिए इंश्योरेंस पॉलिसी बेच रही थी। ग्राहकों को सीधे इंश्योरर की जगह मिडिलमैन की साइट पर भेज रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है। सवाल 4: भारतीय रिजर्व बैंक इस पर क्या कदम उठा रहा है? जवाब: RBI ने ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत ड्राफ्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एप्स डार्क पैटर्न्स से मुक्त हों। अगर मिस-सेलिंग पाई गई, तो बैंकों को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा। मिस-सेलिंग अब बीएनएस के तहत अपराध वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्तीय उत्पादों की ‘मिस-सेलिंग’ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अब एक अपराध की श्रेणी में आता है। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को बीमा बेचने के बजाय अपने कोर बैंकिंग कामकाज और डिपॉजिट बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। रीडर टिप ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदते समय ‘प्री टिक्ड’ (पहले से टिक किए हुए) बॉक्स को अनचेक करना न भूलें, क्योंकि ये अक्सर एक्स्ट्रा प्रीमियम वाले ‘ऐड ऑन्स’ होते हैं।

जेन-जी ने बदला खरीदारी का ट्रेंड:कंपनियों को प्रोडक्ट के साथ कोई कहानी, लाइफस्टाइल पेश करना पड़ रहा

जेन-जी ने बदला खरीदारी का ट्रेंड:कंपनियों को प्रोडक्ट के साथ कोई कहानी, लाइफस्टाइल पेश करना पड़ रहा

देश का कंज्यूमर मार्केट बदल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह जेन-जी (1997-2012 के बीच जन्मे) ग्राहकों का बदलती शॉपिंग हैबिट है। यह पीढ़ी खरीदारी को सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि अपनी पहचान और पर्सनैलिटी से जोड़कर देख रही है। आरपी-संजीव गोयनका समूह के वाइस चेयरमैन शाश्वत गोयनका का कहना है कि कंपनियां पहले के कंज्यूमर के हिसाब से रणनीति बना रही हैं, जबकि असल बाजार पूरी तरह बदल चुका है। गोयनका के मुताबिक, पहले जहां लोग घर, कार या सोना जैसी चीजें जुटाकर अपना स्टेटस और सफलता दिखाते थे, वहीं जेन-जी खुद को बेहतर बनाने में निवेश कर रही है। उनका फोकस बाहरी संपत्ति की जगह ‘इंटरनल पोर्टफोलियो’ पर है। इसमें फिटनेस, पर्सनल केयर और ट्रैवल शामिल हैं। यही वजह है कि फिटनेस, ब्यूटी, डाइनिंग और एंटरटेनमेंट जैसे सेक्टर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। खास बात ये है कि जेन जी खर्च करने से पीछे नहीं हट रही और अब तक की सबसे आक्रामक उपभोक्ता पीढ़ी बनकर उभर रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने इस बदलाव को और तेज किया है। इससे युवा ज्यादा जागरूक, प्रयोगशील और ब्रांड के प्रति सजग हो गए हैं। इस बदलती सोच का सीधा असर कंपनियों की रणनीति पर पड़ रहा है। अब केवल प्रोडक्ट की उपयोगिता या कीमत ही नहीं, बल्कि उससे मिलने वाला अनुभव और उससे जुड़ी पहचान ज्यादा अहम हो गई है। गोयनका मानते हैं कि अब कंपनियों को प्रोडक्ट के साथ कोई कहानी, मोटिव और लाइफस्टाइल पेश करनी पड़ रही है। जो ब्रांड इस बदलाव को समझ पा रहे हैं, वही तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि पारंपरिक सोच पर टिके ब्रांड पीछे छूट रहे हैं। भारत में करीब 65% लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। इसलिए यह बदलाव लंबे समय तक चलने वाला है। इससे खर्च बढ़ेगा और बाजार के पास मौका होगा, लेकिन अब ग्रोथ जेन-जी के ट्रेंड्स और उनके बिहेवियर के हिसाब से होगी। 2035 तक भारतीय उपभोक्ता बाजार में हर दूसरी शॉपिंग जेन-जी करेगी समय के साथ इस ट्रेंड का असर और गहरा होने वाला है। गोयंका कहते हैं कि 2035 तक जेन-जी देश के कंजम्प्शन में करीब 185 लाख करोड़ का योगदान दे सकती है। यानी हर दूसरी खरीद यही पीढ़ी करेगी। कंपनियों के सामने यह चुनौती कम होगी कि वे क्या बेच रही हैं, बल्कि यह होगी वे कंज्यूमर को क्या बनने में मदद कर रही हैं।

'आदित्य धर ने कई बातें छुपाकर रखीं':धुरंधर 2 एक्टर दानिश इकबाल बोले- दो महीने पहले तक नहीं पता था कि मैं ही ‘बड़े साहब’ हूं

'आदित्य धर ने कई बातें छुपाकर रखीं':धुरंधर 2 एक्टर दानिश इकबाल बोले- दो महीने पहले तक नहीं पता था कि मैं ही ‘बड़े साहब’ हूं

फिल्म ‘धुरंधर’ में कई बार ‘बड़े साहब’ का जिक्र हुआ था, लेकिन किरदार का खुलासा नहीं किया गया था। अब ‘धुरंधर 2’ के रिलीज होने के बाद सामने आया है कि इस रोल को एक्टर दानिश इकबाल ने निभाया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दानिश इकबाल ने कहा कि उन्हें कई दिनों तक शूटिंग के दौरान यह जानकारी नहीं थी कि वह बड़े साहब का किरदार निभा रहे हैं। टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में दानिश इकबाल ने कहा, ‘मैं आपको बता दूं कि बड़े साहब वाली बात तो कभी हुई ही नहीं। मतलब, दो महीने पहले तक मुझे भी पता नहीं था कि मैं बड़े साहब का रोल कर रहा हूं। मुझे शक था। वह (आदित्य) बहुत सीक्रेटिव थे और उन्होंने कई बातें अपने तक ही रखीं।’ एक्टर ने आगे कहा, ‘लेकिन हां, मैं दाऊद का रोल कर रहा था, यह मुझे अच्छी तरह पता था, लेकिन दाऊद ही बड़े साहब हैं, इस पर मैं भी पूरी तरह कन्फिडेंट नहीं था। सब मुझे दाऊद भाई या साहब कहकर बुलाते थे। मेरे किरदार के बारे में किसी ने मुझसे कुछ नहीं कहा। इसलिए मेरे सीन्स में हर समय मैं ही बोलता रहता हूं।’ 8 से 9 घंटे तक मेकअप करना पड़ता था: दानिश दानिश इकबाल ने यह भी बताया कि बड़े साहब के किरदार में खुद को ढालने के लिए उन्हें रोज मेकअप के लिए 8 से 9 घंटे बैठना पड़ता था और पूरे दिन प्रोस्थेटिक के साथ रहना होता था। इसे हटाने में भी 3 से 4 घंटे लगते थे और कई नियमों का पालन करना पड़ता था, जिसमें खाना नहीं खा सकते थे। दानिश इकबाल ए माइटी हार्ट, महारानी, फराज, भक्षक और द हंट: द राजीव असैसिनेशन केस जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। वह हाल ही में नाना पाटेकर के साथ वेब सीरीज संकल्प में दिखे थे।