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अवैध पत्थर परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पत्थर से भरी बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी; खनिज विभाग को दी सूचना

अवैध पत्थर परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पत्थर से भरी बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी; खनिज विभाग को दी सूचना

चंबल अंचल में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अवैध उत्खनन पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। माता बसैया थाना पुलिस ने खैरा कुतवार रोड पर चेकिंग के दौरान अवैध पत्थर का परिवहन करते हुए एक बिना नंबर की लाल रंग की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अवैध खनन और पत्थर चोरी का मामला दर्ज किया है। वर्तमान में पुलिस ने इस मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को सूचना दे दी है। चेकिंग के दौरान पकड़ी गई बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली माता बसैया पुलिस ने अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए खैरा कुतवार रोड पर चेकिंग पॉइंट लगाया था। इसी दौरान एक लाल रंग की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली पत्थर भरकर आती दिखाई दी, जिस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं था। पुलिस ने ट्रैक्टर को रोककर चालक से पत्थर परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह पुलिस को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पुलिस प्रशासन हुआ सख्त चंबल अंचल में अवैध पत्थर और रेत के उत्खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन के मामले में प्रशासनिक भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद से ही एसपी के निर्देश पर जिले के पुलिस और प्रशासन द्वारा अवैध पत्थर और रेत परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी बोले- दो आरोपियों को किया गिरफ्तार माता बसैया थाना प्रभारी एसआई विवेक तोमर ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि, “अवैध पत्थर परिवहन करते ट्रेक्टर ट्रॉली पकड़ी है, और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।”

Butter Milk: ऐसे लोगों के लिए जहर के समान है छाछ ! भूलकर भी न करें सेवन, वरना भागना पड़ेगा हॉस्पिटल

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Last Updated:April 08, 2026, 10:37 IST Buttermilk Health Risks: छाछ पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है, लेकिन यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है. कुछ लोगों के लिए छाछ का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो छाछ का सेवन लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों, किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों, पेट में अल्सर या सांस संबंधी रोग वाले लोगों को नहीं करना चाहिए. अगर ऐसे लोग छाछ पिएं, तो उससे पहले डॉक्टर की सलाह लें. लापरवाही करने से परेशानी बढ़ सकती है. छाछ हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसे कई जगहों पर मट्ठा भी कहा जाता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो छाछ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. गर्मियों में इसका सेवन विशेष रूप से लाभकारी होता है. हालांकि यह भी समझना जरूरी है कि छाछ हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लाभदायक नहीं होती. कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है. जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है, उन्हें छाछ का सेवन सावधानी से करना चाहिए. ऐसे लोगों में डेयरी प्रोडक्ट ठीक से पच नहीं पाते. इन चीजों के सेवन से पेट फूलना, गैस, दस्त या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए अगर छाछ पीने के बाद इस तरह के लक्षण महसूस हों, तो इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. लोगों को सर्दी, खांसी या एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें भी छाछ का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. छाछ की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर में कफ यानी बलगम बढ़ा सकती है. इससे गले में खराश, खांसी या सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. खासतौर पर अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को इसे बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को भी छाछ के सेवन में सतर्क रहना चाहिए. इसमें मौजूद कुछ मिनरल्स किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं. खासकर अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे लोगों के लिए जरूरी है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के नियमित या ज्यादा मात्रा में छाछ न पिएं. जिन लोगों को पेट में अल्सर या एसिडिटी की समस्या होती है, उनके लिए भी छाछ का प्रभाव अलग-अलग हो सकता है. कुछ मामलों में यह राहत देती है, लेकिन कुछ लोगों में यह जलन या असुविधा को बढ़ा सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपका शरीर इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और उसी अनुसार इसका सेवन करें. छाछ का सेवन सही समय और सही तरीके से करना भी बेहद महत्वपूर्ण है. रात के समय छाछ पीना आमतौर पर उचित नहीं माना जाता, क्योंकि यह पाचन पर असर डाल सकता है और कफ बढ़ा सकता है. दिन के समय, खासकर दोपहर में इसका सेवन अधिक लाभकारी होता है. अगर इसमें थोड़ा सा भुना जीरा, करी पत्ता या अदरक मिला लिया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. यह कहा जा सकता है कि छाछ एक स्वास्थ्यवर्धक चीज है, लेकिन हर किसी के लिए नहीं. अपनी शारीरिक स्थिति और जरूरतों के अनुसार इसका सेवन करना चाहिए. अगर सही तरीके और मात्रा में लिया जाए, तो यह अमृत के समान लाभ दे सकता है, लेकिन लापरवाही से सेवन करने पर यह समस्याएं भी पैदा कर सकता है. First Published : April 08, 2026, 10:37 IST

ग्वालियर में मां की लाश के साथ 5दिन रहे भाई-बहन:डेढ़ माह बाद भी कह रहे- मां हमें लेने जरूर आएगी; कीड़े पड़ने पर पुलिस ने बीमार कहकर उठाया था शव

ग्वालियर में मां की लाश के साथ 5दिन रहे भाई-बहन:डेढ़ माह बाद भी कह रहे- मां हमें लेने जरूर आएगी; कीड़े पड़ने पर पुलिस ने बीमार कहकर उठाया था शव

ग्वालियर के टोपी बाजार इलाके में रहने वाली रिटायर्ड क्लर्क उर्मिला भदौरिया (70) की मौत के बाद एक दर्दनाक कहानी सामने आई है। उनके मानसिक रूप से कमजोर बेटे अखंड (40) और बेटी रितु (38) पांच दिन तक मां के शव के साथ घर में ऐसे ही रहे जैसे सब सामान्य हो। उर्मिला देवी की मौत 14 फरवरी की रात हो गई थी, लेकिन दोनों बेटा-बेटी इसे समझ ही नहीं सके। 19 फरवरी को जब शव सड़ने लगा और उसमें कीड़े पड़ गए, तब बदबू बाहर फैली और पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद किया। दोनाें के सामने ‘बीमार’ बताकर ले गए शव पुलिस ने दोनों की मानसिक स्थिति को देखते हुए उनके सामने मां के शव को यह कहकर उठाया कि वह बीमार हैं और अस्पताल ले जा रहे हैं। यही बात अब उनके मन में बैठ गई है। एक दिन बाद दोनों रात को मां को तलाशते हुए कोतवाली थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस से कहा-हमारी मां खो गई है। कहीं मिल नहीं रही है, आप ढूंढ़ दो। मृतका के दोनों बेटा-बेटी इस बात से अनजान हैं कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। करीब एक महीने बाद भी दोनों भाई-बहन स्वर्ग सदन आश्रम में रह रहे हैं और दिनभर मां का इंतजार करते हैं। कभी दरवाजे पर बैठ जाते हैं तो कभी पूछते हैं “मां कब आएगी?” जब उन्हें समझाया जाता है कि मां अब इस दुनिया में नहीं है, तो वे इसे मानने से इंकार कर देते हैं और कहते हैं “मां बीमार है, अस्पताल गई है, हमें लेने जरूर आएगी।” मां ही थी उनकी पूरी दुनिया पड़ोसियों के मुताबिक, दोनों भाई-बहन महीनों घर से बाहर नहीं निकलते थे। मां ही उनकी देखभाल करती थीं। उर्मिला देवी ने पति के निधन के बाद अकेले ही बच्चों को पाला-पोसा और पढ़ाया-लिखाया। बेटा बी-टेक और बेटी साइंस ग्रेजुएट है। बच्चों की मानसिक स्थिति के कारण उर्मिला ने रिश्तेदारों और बाहरी दुनिया से दूरी बना ली थी। दो कमरों का घर ही उनका पूरा संसार बन गया था। घर की सफाई भी नियमित नहीं हो पाती थी। घर की छत पर सालों से कचरा जमा हो रहा है। पुलिस और आश्रम कर रहे काउंसलिंग घटना के बाद पुलिस ने दोनों को आश्रम में भर्ती कराया, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। लेकिन अब तक वे इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। आश्रम प्रबंधन के अनुसार, बच्चे बार-बार घर जाने की जिद करते हैं और मां से मिलने की बात कहते हैं। ऐसे में उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए धीरे-धीरे काउंसलिंग के जरिए सच्चाई समझाने की कोशिश की जा रही है। मां ने पिता बनकर बच्चों को संभाला था पड़ोसियों के मुताबिक जालिम सिंह का बाड़ा में रहने वाली 70 वर्षीय उर्मिला की शादी 45 साल पहले सुरेंद्र सिंह भदौरिया से हुई थी। उर्मिला उनकी दूसरी पत्नी थी। पहली पत्नी की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। गुजरते वक्त में बेटा अखंड प्रताप सिंह और बेटी रितु भदौरिया का जन्म हुआ। उर्मिला भदौरिया के पति की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। अकेले ही उन्होंने अपने बच्चों को संभाला, उन्हें पढ़ाया-लिखाया। अपनी हिम्मत से बच्चों की मानसिक कमजोरी को हराया। मामला तब बिगड़ा जब वे खुद बीमार हुईं और घर में बेबस पड़ी रहीं। उनको समझ नहीं आ रहा कि मां नहीं रही स्वर्ग सदन आश्रम के संचालक विकास गोस्वामी ने बताया कि उर्मिला देवी के निधन के बाद पुलिस ने उनके बेच्चे अखंड और रितु को आश्रम भेज दिया था। बच्चों की मां का शव उनके सामने पुलिस यह कहकर ले गई थी कि बीमार है इलाज कराने ले जा रहे हैं। उनके मन में वही बात ठहर सी गई है। अब वह यही कहते हैं कि मां बीमार है और उनको लेने आएगी। वह अपने घर जाने की जिद्द भी कर रहे हैं। पुलिस से कहा है कि उनकी सुरक्षा में एक बार उनको उनके घर को दिखा लाया जाए।

धुरंधर-2 पर रिएक्ट न करने पर ट्रोल हुई दीपिका पादुकोण:मजेदार जवाब देते हुए बोलीं- ज्यादा सोच रहे हैं, मैंने ये फिल्म आप सबसे पहले देखी है

धुरंधर-2 पर रिएक्ट न करने पर ट्रोल हुई दीपिका पादुकोण:मजेदार जवाब देते हुए बोलीं- ज्यादा सोच रहे हैं, मैंने ये फिल्म आप सबसे पहले देखी है

फिल्म धुरंधर-2 और उसकी सक्सेस पर रिएक्ट न करने पर दीपिका पादुकोण ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं। ट्रोलर्स ने ये तक कहा कि दीपिका एक सपोर्टिव वाइफ नहीं हैं, क्योंकि वो रणवीर की फिल्म को न ही प्रमोट कर रही हैं और न ही उसकी सराहना कर रही हैं। हालांकि लंबी चुप्पी के बाद अब दीपिका ने इस पर मजेदार जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर एक ट्रोलर ने रील के कमेंट सेक्शन में सवाल उठाया है कि “क्या दीपिका की चुप्पी कोई मैसेज है या फिर लोग जरूरत से ज्यादा सोच रहे हैं?” उस पोस्ट में यूजर ने एक पोल भी चलाया था। इस कमेंट के जवाब में दीपिका पादुकोण ने फिरकी लेते हुए कहा, “दूसरा वाला, मेरे दोस्त। P.S. मैंने यह आप सबसे पहले ही देख ली थी। अब जोक किस पर है?” जहां कुछ लोग दीपिका को ट्रोल कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं, जो एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे हैं। एक यूजर ने ट्रोलर को लिखा, क्या आप भूल गए कि वो साथ रहते हैं। बता दें कि धुरंधर 2 से पहले दिसंबर 2025 में रिलीज हुई धुरंधर के लिए भी दीपिका को सवालों के घेरे में डाल दिया गया था। हालांकि फिल्म सक्सेस के बाद एक्ट्रेस ने एक पब्लिक इवेंट में न सिर्फ फिल्म की तारीफ की, बल्कि पूरी टीम को बधाई भी दी थी। धुरंधर-2 को सपोर्ट कर रही है पूरी इंडस्ट्री बता दें कि लंबे समय बाद सुपरहिट हुई इस फिल्म को पूरी फिल्म इंडस्ट्री का सपोर्ट मिल रहा है। सभी कलाकार फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में अनुष्का शर्मा, विराट कोहली, विक्की कौशल जैसे कई सेलेब्स ने फिल्म और डायरेक्टर आदित्य धर की तारीफ की है। 19 मार्च को रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 ने अब तक 1622 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। ये बॉलीवुड की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुक है। वहीं इंडियन फिल्मों की बात करें तो ये चौथे नंबर पर है।

रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती

रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती

इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं किया था। RBI ने दिसंबर में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वे इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की बड़ी बातें रेपो रेट पर लिए गए फैसले की वजह हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई है। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।

दिन में 4 बार खाना खाया, फिर भी 2 महीने में घटा लिया 12 किलो वजन ! शख्स ने बताया अनोखा वेट लॉस प्लान

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Last Updated:April 08, 2026, 09:46 IST Easy Weight Loss Formula: इंस्टाग्राम पर एक शख्स ने बताया है कि उसने दिन में 4 बार खाना खाया और इसके बावजूद 2 महीने में 12 किलो वजन घटाने में कामयाबी हासिल कर ली. उसने वेट लॉस के लिए हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर डाइट ली और चीनी व जंक फूड से दूरी बनाई. शख्स की जर्नी यह दिखाती है कि छोटे-छोटे बदलाव से भी तेजी से वजन घटाया जा सकता है. वेट लॉस करने के लिए सही खानपान की जरूरत होती है. Amazing Weight Loss Tips: आज के दौर में मोटापा सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. बड़ी संख्या में युवा ओवरवेट और मोटापे का शिकार हो रहे हैं. अगर शरीर का वजन ज्यादा हो जाए, तो इससे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, लिवर डिजीज समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में तमाम लोग अपना वजन कम करने की कोशिश करते हैं. आमतौर पर वजन कम करने के लिए लोग कम खाना खाते हैं और दिनभर भूखा रहने की कोशिश करते हैं. हालांकि अगर खानपान में सुधार कर लिया जाए, तो बिना फास्टिंग और वर्कआउट के भी वेट लॉस किया जा सकता है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति ने यह साबित कर दिखाया कि बिना अत्यधिक सख्ती के भी सिर्फ सही खान-पान और छोटे बदलावों से वजन घटाया जा सकता है. उसने दिन में 4 बार बैलेंस्ड डाइट लेकर मात्र दो महीनों में 12 किलो वजन कम कर लिया. ईशान कार्डे नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी वेट लॉस जर्नी साझा की. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 82 किलो से 70 किलो तक वजन घटाया और वह भी बिना किसी चीट मील के. उन्होंने अपनी डाइट में पूरी तरह अनुशासन बनाए रखा- न चीनी, न चिप्स, न बिस्कुट. खाने में सिर्फ हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर फूड्स. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ईशान अपने दिन की शुरुआत एक पौष्टिक और प्रोटीन-रिच नाश्ते से करते थे, जिसमें ओट्स, लगभग 150 मिलीलीटर दूध और एक स्कूप व्हे प्रोटीन शामिल था. उनका मानना था कि दिन की शुरुआत सही पोषण से करने पर पूरे दिन भूख कंट्रोल रहती है. इस नाश्ते से उन्हें अच्छी मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मिलते थे, जिससे उन्हें एनर्जी भी मिलती थी और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता था. दोपहर के खाने यानी लंच में उन्होंने डाइट का विशेष ध्यान रखा. वह 200 ग्राम चिकन ब्रेस्ट या पनीर के साथ 2 रोटी, हल्की ग्रेवी और सलाद लेते थे. लंच में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा संतुलन होता था, जिससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता था और वजन घटाने की प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होती थी. शाम के समय भूख को कंट्रोल करने के लिए उन्होंने हल्का, लेकिन पौष्टिक स्नैक्स चुना. इसमें एक फल, थोड़े सूखे मेवे और 5 अंडों की सफेदी शामिल थी. यह कॉम्बिनेशन उन्हें पर्याप्त प्रोटीन देता था और अनावश्यक स्नैकिंग से बचाता था. रात के खाने में ईशान ने हल्का और लो-कार्ब खाना लिया. वह 200 ग्राम चिकन या पनीर के साथ सलाद लेते थे, जिससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलता था, लेकिन कैलोरी कम रहती थी. इस तरह दिनभर में 4 बार संतुलित भोजन करके उन्होंने अपने शरीर की जरूरतों को पूरा किया और धीरे-धीरे वजन कम किया. अगर आप भी वजन कम करना चाहते हैं, तो यह वेट लॉस प्लान फॉलो कर सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 09:46 IST

रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। देखिए, 7 तस्वीरें… इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…

रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

ग्वालियर के मुरार इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बारादरी ब्रांच में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी की वारदात सामने आई। यहां रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर केएस श्रीवास्तव के बैग से 1 लाख रुपए चोरी कर लिए गए। पीड़ित के अनुसार, वे दोपहर करीब 3 बजे बैंक पहुंचे थे और अपने खाते से 5 लाख रुपए कैश निकाले। इसके बाद उन्होंने 500-500 रुपए की 10 गड्डियां बैग में रखीं और पासबुक प्रिंटिंग मशीन पर पासबुक अपडेट कराने लगे। इसी दौरान उनके पीछे लाइन में खड़ी दो महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाते हुए बैग से 500-500 रुपए की दो गड्डियां (करीब 1 लाख रुपए) निकाल लीं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों महिलाएं इशारों में एक-दूसरे को संकेत देते हुए मौके से फरार हो गईं। घर पहुंचने पर चला चोरी का पता घटना की जानकारी पीड़ित को तब लगी, जब वे घर पहुंचे और बैग चेक किया। इसके बाद वे तुरंत बैंक लौटे और प्रबंधन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। CCTV में कैद हुई पूरी घटना बैंक प्रबंधन ने CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों महिलाएं लाइन में खड़ी होकर चोरी करते हुए नजर आईं। फुटेज मिलने के बाद पीड़ित ने मुरार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो पहले रेकी करता है और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता है।

कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों से कहा:जिन राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका, वहां का अध्ययन करें- कैसे लागू किया, क्या चुनौती आई

मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी में है। असम और गुजरात के बाद मप्र भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि यूसीसी का अध्ययन करें, इसे राज्य में लागू करना . सीएम के संकेत के बाद गृह विभाग में प्रक्रिया तेज हो गई है, क्योंकि यूसीसी बिल तैयार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। सूत्रों के अनुसार, जल्द राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार छह माह के भीतर यूसीसी बिल लाने की तैयारी में है। इसके लिए दिल्ली से भी मप्र को संकेत मिल चुके हैं। उत्तराखंड-गुजरात-असम जैसे बहुविवाह के नियम बदलेंगे, लिव इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी Q. यूसीसी लागू होने पर मूल बदलाव क्या होगा? – सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने के नियम एक समान हो जाएंगे। अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो जाएंगे। Q. शादी और तलाक के नियम कैसे बदलेंगे? – अभी हर धर्म के अपने नियम हैं। यूसीसी के बाद विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। न्यूनतम आयु समान होगी, तलाक के कानूनी आधार सभी के लिए एक होंगे। Q. बहुविवाह और विरासत के नियमों पर क्या असर? – कई पर्सनल लॉ में एक से अधिक विवाह की अनुमति या गुंजाइश है। यूसीसी लागू होते ही पूरी तरह प्रतिबंधित। – बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिलेगा। यह नियम सभी धर्मों पर समान लागू होगा। Q. यूसीसी लागू करने में मप्र में सबसे बड़ी चुनौती क्यों मानी जा रही है? – मप्र में बड़ी संख्या में जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जहां पारंपरिक विवाह पद्धतियां प्रचलित हैं। इन परंपराओं को यूसीसी में शामिल करना या अलग प्रावधान चुनौती होगी। दापा प्रथा: वधु मूल्य देना। भगेली/लम्सना विवाह: युवक-युवती भागकर शादी करते हैं, बाद में समाज मान्यता देता है। सेवा विवाह: वधु मूल्य न देने पर लड़का ससुराल में रहकर सेवा करता है। नातरा प्रथा: विधवा पुनर्विवाह या साथी बदलने की अनुमति। Q. किन राज्यों में यूसीसी लागू या प्रक्रिया में है? उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास, 27 जनवरी 2025 से लागू। गुजरात: मार्च 2026 में बिल पास, लागू करने की तैयारी। गोवा: 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण यहां यूसीसी पहले से लागू। असम: नवंबर 2025 में बहुविवाह निषेध कानून पास, यूसीसी की दिशा में कदम उत्तर प्रदेश: यूसीसी लागू की तैयारी चल रही है। एसटी 3 राज्यों में कानून से बाहर Q. उत्तराखंड मॉडल में क्या है? -स्वतंत्र भारत का पहला राज्य जहां यूसीसी लागू हुआ। शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लिव-इन रिलेशनशिप का 30 दिन में रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया। ऐसा न करने पर 3 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। Q. गुजरात मॉडल की खास बातें क्या हैं? -उत्तराखंड जैसा ढांचा। धोखे, दबाव या पहचान छिपाकर शादी अपराध है। इस पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव-इन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संपत्ति में बेटा-बेटी बराबर होंगे। एसटी को कानून से बाहर रखा गया है। Q असम का मॉडल क्या है? – यहां यूसीसी पूरी तरह लागू नहीं। बहुविवाह अपराध घोषित किया है। छठी अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर।

'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे

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चचेरी बहन को कैंसर था। बालाजी धाम के बाबा ने भरे दरबार में पर्चा निकालकर मुझे पर आरोप लगा दिए कि मैंने उस पर कैंसर करवाया है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदारों ने मेरे परिवार से दूरी बना ली। सभी मुझे शक की नजरों से देखने लगे। हांसी के रहने वाले राजेश कुमार ने बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी पर ये आरोप लगाते हुए हिसार सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। राजेश का कहना है कि महंत का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। दिनेश पुरी को हांसी वाले बाबाजी के नाम से जाना जाता है। वह अपने दरबार में भूत-प्रेत भगाने और बीमारियां दूर करने का दावा करते हैं। वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह पर्चा भी लिखते हैं। राजेश के आरोपों के बाद बालाजी धाम की तरफ से कहा गया कि गुरु जी ने सिर्फ राजेश नाम लिया। इस नाम के लाखों व्यक्ति हैं। विशेष तौर पर किसी राजेश का नाम लिया। न ही वीडियो में संबंधित राजेश की कोई पहचान बताई। पहले जानिए राजेश ने दिनेश पुरी पर क्या आरोप लगाए… एडवोकेट बोले- कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी किया राजेश के वकील रजत कलसन ने कहा कि कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर उनसे जवाब मांगा गया है। राजेश की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। दिनेश पुरी हांसी के नंद नगर क्षेत्र में “बालाजी धाम” नाम से चल रहे मंदिर में दरबार लगाते हैं। यहां वे लोगों को प्रेत बाधा और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दरबार में पुरी ने कहा था- राजेश से दूर रहना दिनेश पुरी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें कैंसर की बीमारी को लेकर दो महिलाएं उनसे बात कर रही हैं। पुरी कहते हैं कि कैंसर करवाने वाले का माइक पर नाम बोलें या छिपाएं। इस पर महिलाएं कहती हैं कि यहीं बताइए। फिर पुरी कहते हैं कि वह श्मशान में भी जाता है, रात को उल्टे काम करता है, काली माता की भक्ति करता है और पीर पर भी जाता हैं। वह तुम्हें मेरे पास आने से भी मना कर रहा था। आखिर में पुरी उन महिलाओं को कहते हैं कि राजेश नामक व्यक्ति से दूर रहना।