Sunday, 03 May 2026 | 12:40 PM

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केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 47 उम्मीदवारों की घोषणा की; फील्ड्स राजीव चन्द्रशेखर, मुरलीधरन | चुनाव समाचार

US President Donald Trump (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 18:53 IST अन्य उल्लेखनीय उम्मीदवारों में पूनजर से पीसी जॉर्ज, वट्टियूरकावु से आर श्रीलेखा और त्रिशूर से पद्मजा वेणुगोपाल शामिल हैं। तिरुवनंतपुरपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर। (पीटीआई फोटो) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए 47 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची की घोषणा की। सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन शामिल हैं, जो क्रमशः नेमोम और कज़ाकुट्टम सीटों से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को कांजीरापल्ली से मैदान में उतारा गया है। अन्य उल्लेखनीय उम्मीदवारों में पूनजर से पीसी जॉर्ज, वट्टियूरकावु से आर श्रीलेखा और त्रिशूर से पद्मजा वेणुगोपाल शामिल हैं। आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के लिए, राजी प्रसाद कुन्नथुर से, आर रश्मी कोट्टाराक्कारा से, और कविता केएस सुल्तानबाथेरी से चुनाव लड़ेंगे। शोभा सुरेबद्रन और नव्या हरिदास क्रमशः पलक्कड़ और कोझिकोड उत्तर से चुनाव लड़ेंगी। भाजपा ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए 47 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की, के सुरेंद्रन को मंजेश्वर सीट से मैदान में उतारा गया। कोझिकोड उत्तर से नव्या हरिदास। कंजिराप्पल्ली से वकील जॉर्ज कुरियन, कज़ाकुट्टम से वी. मुरलीधरन और प्रदेश अध्यक्ष राजीव… pic.twitter.com/8BZesMmLIT – एएनआई (@ANI) 16 मार्च 2026 एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 12 मार्च को नितिन नबीन की अध्यक्षता में एक बैठक में उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. केरल की विधानसभा में 140 सीटें हैं, जहां मुख्य मुकाबला परंपरागत रूप से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच होता है। भाजपा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के हिस्से के रूप में, लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है, जबकि उसके सहयोगी भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) और ट्वेंटी 20 के शेष 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही दिन के लिए निर्धारित किया है और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। असम और पुडुचेरी में भी मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होंगे। (एएनआई से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 16, 2026, 18:51 IST समाचार चुनाव केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 47 उम्मीदवारों की घोषणा की; राजीव चन्द्रशेखर, मुरलीधरन को मैदान में उतारा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार(टी)बीजेपी(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026

DCP jitendra mani tripathi latest news| weight loss| weight loss and how to maintain| डीसीपी ज‍ितेंद्र मण‍ि त्र‍िपाठी ने बताई वजन घटाने की ट्र‍िक

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Last Updated:March 16, 2026, 18:38 IST अक्‍सर लोग श‍िकायत करते हैं क‍ि उनका वजन कम तो हो जाता है लेक‍िन क्‍या करें फ‍िर से बढ़ जाता है. यही वजह है क‍ि मोटापा घटाना अक्‍सर मुश्किल होता है और उसे मेनटेन रखना और भी कठ‍िन होता है. लेक‍िन स‍िर्फ 10 महीनों में अपनी मेहनत से 44 क‍िलोग्राम वजन घटाने वाले डीसीपी ज‍ितेंद्र मण‍ि त्रि‍पाठी ने इस वजन को मेनटेन रखने का भी कारनामा कर द‍िया है. 3 साल से ज‍ितेंद्र मण‍ि का वजन 84.7 क‍िलोग्राम पर ही टि‍का है और बीपी, कोलेस्‍ट्रॉल भी गायब हैं. आइए उन्‍हीं से जानते हैं क‍ि ये कर‍िश्‍मा उन्‍होंने कैसे क‍िया? आख‍िर वजन को मेनटेन कैसे क‍िया जाए? मोटापा ऐसी बुरी चीज है कि एक बार अगर बढ़ जाए तो उसे घटाना काफी मुश्किल है, लेकिन अगर वजन कम हो भी जाए तो उसे नियंत्रित और मेनटेन रखने में पसीने छूट जाते हैं, क्योंकि शरीर की प्रकृति ही ऐसी है कि आप जी-तोड़ मेहनत कर मोटापा घटा तो लेते हैं लेकिन आपके ढीला पड़ते ही आपका शरीर दोगुनी तेजी से चर्बी चढ़ा लेता है, लेकिन अगर सामने डीसीपी जितेंद्र मणि जैसे व्यक्ति हों तो शरीर को भी अपनी प्रकृति बदलनी पड़ती है. जो तस्‍वीर आप देख रहे हैं उसमें पहली तस्‍वीर मोटापे से ग्रस्‍त डीसीपी मण‍ि की है और दूसरी 10 महीने बाद वाली तस्‍वीर में आप लाल कपड़ों में फ‍िट और स्‍मार्ट ज‍ितेंद्र मण‍ि को देख रहे हैं.  जी हां अगर आप भी वजन घटाकर उसे मेनटेन नहीं रख पा रहे हैं तो आपको निश्चित ही डीसीपी मणि से सीखना चाहिए. इन्होंने सिर्फ 10 महीने में 45 किलो वजन घटाकर मिसाल कायम कर दी थी. हालांक‍ि इससे भी खास और द‍िलचस्‍प बात है क‍ि 129 किलोग्राम से 85 किलोग्राम तक आए जितेंद्र मणि का वजन पिछले 3 साल से 84.7 किलोग्राम पर ही टिका है. आख‍िर कैसे? तो आइए उन्हीं से जानते हैं वजन घटाने से लेकर वजन को मेनटेन करने की क्या ट्रिक उन्होंने अपनाई? डीसीपी मणि ने बताया, ‘मेरी इस खास यात्रा के नतीजे आपके साथ शेयर करते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि यह यात्रा जनवरी 2022 में शुरू हुई थी. जनवरी से अक्टूबर 2022 के बीच मैंने सिर्फ 10 महीनों में बड़ा बदलाव किया और मेरा वजन 129 किलो से घटकर लगभग 85 किलो हो गया. सबसे खास बात थी कि मैंने इन महीनों में न तो कोई वजन घटाने की दवा खाई और न ही कोई इंजेक्शन, सर्जरी या कोई मेडिकल ट्रीटमेंट लिया.’ Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया, ‘इन पहले 10 महीनों में मैंने जो वजन घटाने के लिए सबसे मजबूत और बड़ा काम किया वह था पैदल चलना. मैंने 45 लाख से ज्यादा कदम चले. यह रोजाना करीब 15000 कदम चलने जैसा था. मेरी रणनीति बहुत सरल थी, लेकिन उसमें अनुशासन था.यानि मैं बिना नागा हर दिन चलता था. इसके बाद दूसरी चीज जो मैंने नियंत्रित की वह थी मेरी डाइट. जिसको मैंने मुस्तैदी से फॉलो किया. ‘डाइट में मैंने कार्बोहाइड्रेट काफी कम कर दिए. इन 10 महीनों में खासकर चावल, रोटी और चीनी लेना मैंने लगभग बंद दिया था. लेकिन इस दौरान मैंने एक चीज का ध्यान रखा कि मेरे शरीर में से पोषण कम न हो. इसके लिए मैंने शरीर को ज्यादा प्रोटीन, ताजे फल और पौष्टिक सलाद से ऊर्जा दी. ये सभी चीजें मेरे रोजाना के खाने में शामिल थीं.मैं सूप पीता था, भुने हुए चने और स्प्राउट्स, पनीर, सब्जियों वाली दाल और हरी सब्जियों पर पूरी तरह आश्रित हुआ.’ ऐसा करके मैंने करीब 44 किलो वजन तो घटा लिया, मैं एकदम फिट और स्मार्ट हो गया लेकिन इसके बाद जो सबसे असली चुनौती मेरे सामने आई वह थी इस वजन को बनाए रखने की. हालांकि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने उस उपलब्धि को भी हासिल किया. अक्सर वजन कम होने के बाद शरीर फिर से वजन बढ़ाने की कोशिश करता है, लेकिन मैंने इसे कंट्रोल कर लिया.’ ‘यह मेरी वजन घटाने नहीं बल्कि वजन के मेंटीनेंस की यात्रा थी जो काफी कठिन थी. जनवरी 2023 से मार्च 2026 तक पिछले 3 साल से मेरा वजन 84.7 किलो के आसपास स्थिर है. इसके लिए मैं बताना चाहता हूं कि यह लगातार मेहनत और अनुशासन की वजह से संभव हुआ है. इस दौरान मैंने कुल 2 करोड़ 17 लाख कदम चले हैं, यानि करीब 17,000 किमी की दूरी तय की है. अगर इसे नापा जाए तो यह लगभग 406 पूरे मैराथन दौड़ने के बराबर है.’ वहीं अगर मेरी वजन घटाने की यात्रा को 2022 से लेकर 2026 तक देखा जाए तो अब तक मैंने कुल 2 करोड़ 63 लाख कदम चले हैं और लगभग 22,000 किमी दूरी तय की है. बता दूं कि इस वजन घटाने से लेकर मेंटीनेंस तक की पूरी यात्रा में मैंने कोई दवा, इंजेक्शन, सर्जरी या कोई भी मेडिकल असिस्टेंस नहीं ली है, बल्कि यह शुद्ध शारीरिक कसरत, संतुलित डाइट और अनुशासन का कमाल है. ‘इसलिए मैं कहता हूं कि जो लोग भी वजन घटाना या उसे नियमित रखना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले अनुशासित होना होगा. चाहे जो परिस्थिति हो, अगर आपने कोई बीड़ा उठाया है तो उसे हर हालत में संपूर्ण करना है.असल चमत्कार सिर्फ वजन कम करने में नहीं है, बल्कि हर दिन लगातार मेहनत और अनुशासन बनाए रखने में है.  मेरी यह यात्रा अभी जारी है, और मैं लंबे समय तक इसी स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं.’ इस तस्‍वीर को देखें जो क‍ि 15 साल से ज्‍यादा पुरानी है, और वजन घटाने के बाद उनकी अभी की तस्‍वीरों में कोई खास फर्क नहीं है.  First Published : March 16, 2026, 18:38 IST

असम के सीएम ने किए पीतांबरा पीठ में दर्शन:मां बगलामुखी से देश में सुख-समृद्धि की कामना, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

असम के सीएम ने किए पीतांबरा पीठ में दर्शन:मां बगलामुखी से देश में सुख-समृद्धि की कामना, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

दतिया में असम के मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा सोमवार दोपहर दतिया पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से पीतांबरा पीठ पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बोले- असम में फिर भाजपा सरकार बनेगी दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में हिमन्त विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने मां बगलामुखी से देश में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की है। वहीं असम में आगामी चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। गौरतलब है कि दतिया स्थित पीतांबरा पीठ में विराजमान मां बगलामुखी को शक्ति की विशेष स्वरूप माना जाता है। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई नेता चुनाव या महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में असम में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा का यहां आना भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सीपीआईएम ने जारी की 192 की पहली सूची

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सीपीआईएम ने जारी की 192 की पहली सूची

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सी क्रूज़ (एम) ने 192 क्रूज़ की पहली सूची जारी की है। बंगाल चुनाव के लिए जेडीयू (एम) के नेता और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा, ‘आज हम केवल वाम मोर्चा के सहयोगी दलों के गठबंधन की अंतिम सूची प्रकाशित करेंगे। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन पार्टी के प्रतियोगी वाम मोर्चा के सहयोगी के रूप में चुनावी लड़ाई लड़ेंगे, पिछली बार हमारा सहयोगी इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) था, वे भी चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। “ राज्य विधान सभा चुनाव पर, सी क्रूज़ (एम) नेता और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा, ‘इस बार पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में हमने इस काम पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। इस विधानसभा चुनाव के संबंध में, उत्तर बंगाल के आघूर्ण से लेकर दक्षिण बंगाल के सभी आघूर्ण तक हमने हर जगह राजनीतिक प्रचार करने की योजना बनाई है।’ (इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सीपीआईएम उम्मीदवार सूची(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सीपीआई (एम) नेजरी की 192 की पहली सूची

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जारी की जारी की पहली लिस्ट, भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनौती देंगे शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जारी की जारी की पहली लिस्ट, भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनौती देंगे शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने 144 जनवरी की पहली लिस्ट जारी कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जिले में नेताओं की सूची में शुभेंदु अधिकारी और दिलीप को घोषना के टिकट दिए हैं। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दो डिवीजनों से मैदान में उतारा है। भवानीपुर से सीएम ममता बनर्जी ने पिछली बार चुनाव जीता था। नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया था चुनाव 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी को करीब 2000 की बढ़त से हराया था। 17 राउंड की गिनती के बाद शुभेंदु अधिकारी की जीत ख़त्म कर दी गई। तब ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान धांधली करने का आरोप लगाया था. उस हार के बाद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से झील में उतरें और प्रवेश करें। अब बीजेपी ने ममता बनर्जी को घेरने के लिए एक बार फिर से शुभेंदु अधिकारी को अपनी सीट से हटा दिया है। भाजपा ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की pic.twitter.com/QHLfHAUNFF – एएनआई (@ANI) 16 मार्च 2026 दिलीप घोष और अग्निमित्र पॉल को मिले टिकट बीजेपी ने दिलीप कुमार घोष को बोलपुर विधानसभा से, आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्र पॉल, खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, पूर्व साम्यवादी मुस्लिम स्वप्न दास को राशबिहारी सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने डायमंड हार्बर से दीपक कुमार हलदर, आसनसोल उत्तर से कृष्णेंदु मुखर्जी, कालीगंज उत्तर से बापन घोष, कुशबिहार उत्तर से सुकुमार रॉय, सिलीगुड़ी से शंकर घोष और हसन से निखिल निरंजन मैदान में उतारे गए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित इंट्रेस्ट ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के लिए अपनी राजधानी की पहली सूची जारी की है। हमारी पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगे, जहां से उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था और भवानीपुर से भी, जहां से ममता बनर्जी वर्तमान विधायक हैं। यह एक कड़ा मुकाबला होगा.’ बंगाल में दो चरणों में होगा चुनाव चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च 2025) को घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर दो चरण के चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होंगे। सीटीओ की गिनती 4 मई 2026 को होगी। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में 215 वीकेंड पर जीत दर्ज की गई थी तो वहीं बीजेपी 77 के साथ मुख्य सुपरस्टार दल बनी थी। ये भी पढ़ें: केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी उम्मीदवार 2026 सूची(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सूची(टी)दिलीप घोष(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी(टी)भवानीपुर(टी)ममता गांधी(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)बंगाल चुनाव(टी)दिलीप घोष(टी)बीजेपी बंगाल लिस्ट

बेंगलुरु के कैफे ने बिल में 5% गैस-संकट चार्ज जोड़ा:₹358 का नींबू पानी मंगाने पर ₹17 एक्स्ट्रा पैसे वसूले; सोशल मीडिया पर वायरल हुई रसीद

बेंगलुरु के कैफे ने बिल में 5% गैस-संकट चार्ज जोड़ा:₹358 का नींबू पानी मंगाने पर ₹17 एक्स्ट्रा पैसे वसूले; सोशल मीडिया पर वायरल हुई रसीद

देशभर में जारी LPG संकट का असर अब लोगों की जेब पर सीधे तौर पर दिख रहा है। बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैफे की रसीद की फोटो वायरल होने के बाद लोग इस पर तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं। ₹358 के ऑर्डर पर ₹17 का एक्स्ट्रा चार्ज बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। इस तरह ग्राहक का कुल बिल ₹374 हो गया। सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, लोग बोले- ‘बिना गैस का क्या चार्ज?’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बिल की फोटो शेयर होते ही यूजर्स ने कैफे की आलोचना की। लोगों ने सवाल पूछा कि नींबू पानी बनाने में आखिर कौन सी गैस इस्तेमाल होती है, जो इसके लिए ‘क्राइसिस शुल्क’ वसूला जा रहा है? कुछ यूजर्स ने इसे ग्राहकों को लूटने का नया बहाना बताया, तो कुछ ने इसे ‘महंगाई का डिजिटल अवतार’ बताया। दिल्ली-NCR से लेकर बिहार तक एजेंसियों पर लंबी कतारें गैस की कमी सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं है। दिल्ली-NCR, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के बाहर सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर होर्डिंग (जमाखोरी) की खबरें आने के बाद प्रशासन ने छापेमारी भी तेज कर दी है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। होर्मुज से निकले 2 जहाज, 92 हजार टन गैस लेकर आ रहे भारत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। दो भारतीय LPG कैरियर (माल वाहक जहाज), ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, होर्मुज रूट को पार कर चुके हैं। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं। इनके 16 और 17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। सिलेंडर के लिए राजस्थान-बिहार में कई जगह जाम लगा अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश में LPG संकट बढ़ गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब-चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सिलेंडर के लिए सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों पर लाइनें लग गई हैं। LPG संकट के कारण गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है। 950 रुपए में आने वाला घरेलू गैस सिलेंडर 3500 रुपए और 2 हजार रुपए के कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। देश में गहराते गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले सप्लाई को लेकर 9 दिन में 3 बार नए नियम जारी कर चुकी है। रसोई गैस की सप्लाई के 4 नए नियम LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया। कनेक्शन सरेंडर न करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार चाहती है कि जिनके पास पीएनजी का विकल्प है, वे सिलेंडर छोड़ दें ताकि सिलेंडर उन लोगों तक पहुंच सके जिनके पास और कोई ऑप्शन नहीं है। शनिवार को नोटिफिकेशन जारी में कहा गया कि जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, वे तुरंत नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनी के पोर्टल पर जाकर कनेक्शन सरेंडर करें। सरेंडर करने पर जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़:भारतीय मालिकों को इससे बचना चाहिए, द हंड्रेड में सनराइजर्स ने अबरार को खरीदा था

गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़:भारतीय मालिकों को इससे बचना चाहिए, द हंड्रेड में सनराइजर्स ने अबरार को खरीदा था

इंग्लैंड की टी-20 लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय मालिकाना हक वाली इस फ्रेंचाइजी के फैसले पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को ₹2.34 करोड़ में खरीदा गया था। सनराइजर्स के मालिकों के पास IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका लीग (SA20) की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी है। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन हैं। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… IPL में पाकिस्तान खिलाड़ियों पर प्रतिबंध पाकिस्तान के खिलाड़ी IPL में नहीं खेलते। उन्होंने केवल 2008 के पहले सीजन में हिस्सा लिया था। इसके बाद नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के बाद IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक लगा दी गई। आम तौर पर भारतीय फ्रेंचाइजी, जिनकी विदेशी लीगों में भी टीमें हैं, पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदतीं। लेकिन सनराइजर्स ने इस परंपरा को नहीं अपनाया। पैसों से हथियार खरीदे जाते हैं- गावस्कर सुनील गावस्कर ने मिड-डे में लिखे अपने कॉलम में कहा, भारतीय मालिकों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचना चाहिए। द हंड्रेड में किसी भारतीय मालिक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो विवाद हुआ है, वह बिल्कुल भी हैरान करने वाला नहीं है। नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है। अब जाकर यह समझ आया है कि जब वे किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को फीस देते हैं और वह अपने देश में टैक्स देता है, तो वह पैसा सरकार के पास जाता है, जिससे हथियार खरीदे जा सकते हैं। इस तरह यह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत में योगदान दे सकता है। इसी कारण भारतीय संस्थाएं पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को शामिल करने से बचती रही हैं। विट्टोरी इसे शायद न समझें गावस्कर ने आगे कहा, सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विट्टोरी, जो न्यूजीलैंड से हैं, शायद इस स्थिति को न समझते हों और उन्होंने टीम में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने की इच्छा जताई हो। लेकिन मालिक को इस स्थिति की समझ होनी चाहिए थी और इस खरीद को रोकना चाहिए था। क्या उस फॉर्मेट का टूर्नामेंट जीतना, जिसे दुनिया का कोई और देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है? बहिष्कार की चेतावनी गावस्कर ने यह भी कहा कि इस फैसले के कारण भारतीय फैंस टीम का बहिष्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा—कोई हैरानी की बात नहीं होगी कि जब भी यह टीम मैच खेलेगी, चाहे घर में या बाहर, भारतीय फैंस बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें। यहां तक कि टीम में अच्छे बल्लेबाज होने के बावजूद दर्शक मैच देखने नहीं आएं और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने अंत में कहा कि अभी भी इस गलती को सुधारा जा सकता है और उम्मीद है कि समझदारी से फैसला लिया जाएगा। BCCI बोला- हम दखल नहीं दे सकते इस मामले पर BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विदेशी लीग से जुड़ा मामला है। अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी को ही लेना होगा। उस्मान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी।

केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा गया

केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा गया

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपनी बढ़त की पहली सूची जारी की है (केरल भाजपा उम्मीदवारों की सूची 2026) जारी कर दिया गया है. पहली सूची में कुल 47 किले के किले का उद्घाटन किया गया है। नेमोम से पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर चुनाव लड़ेंगे। वहीं कज़ाकुट्टम से पूर्व विदेश मंत्री मुरलीधरन को हटा दिया गया है। बीजेपी ने मलयालम की जानी-मानी लेखिका आर श्रीलेखा को वट्टियूरकावु से शिया बनाया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के सुंदरन को मंजेश्वर से और पी के कृष्णदास को कट्टकाडा से टिकट दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से, जबकि पी सी जॉर्ज पुंजर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बने हुए हैं। कम्बलर से सी.रघुनाथ, उदमा से मनुलाल मेलोथ, नंदापुरम से दीपक चंद्रन, पेरम्बा से एम मोहनन मास्टर को प्रतियोगी बनाया गया है। इसके अलावा पलक्कड़ से सोहरा सुंदरन, अज़ोकोड से के विनोद कुमार, कम्बलर से सी रघुनाथ, मनंतवाडी से पी श्याम राज, सुल्तानबथेरी से कविता ए। एस, वडकारा से एडवोकेट के दिलीप, कुट्टियाडी से रामदास मनालेरी, नादापुरम से सीपी मिर्जा चंद्रन, कोइलांडी से सीआर फुल कृष्णन को टिकट दिया गया है। इसके अलावा बालूसेरी से सीपी शृंखला, एलथुर से टी देवदास, कोझिकोड उत्तर से नव्या हरिदास, कोझिकोड दक्षिण से टी रनीश, बेपोर से केपी प्रकाश बाबू, कुन्नमंगलम से वीके संजीवन, शोरानूर शाइनी टी दास, ओट्टापलम से मेजर रवि, मालमपूजा से सी कृष्णकुमार के, चेल्ककारा से बालकृष्णन, त्रिशूर पद्माजा वेणुगोपाल, इरिंजलाकुडा से संतोष चेराकुलम, देवीकुलम के एस.आर.रबेंन, पाला से जॉर्ज सीन, वैकोम के अजित, कांजीरापल्ली से जॉर्ज कुरियन, पुंजूर से पीसी जॉर्ज को टिकट दिए गए हैं। अम्बलपुझा से अरुण अनिरुद्धन, हरिपद से संदीप वाचस्पति, चेंग वैलडर से एमवी गोपकुमार, कृवल्ला से ओप एंटनी जोसेफ, कुन्नथुर से कुंथुर प्रसाद, कोट्टाराक्कारा से आर रशीम, छठ बबीनर से बी.बी. गोपकुमार, अट्टंगल से पी. जं., कजाकुट्टम से वी. मुरीधरन, परसाला से बी नेय्यर, कत्थकड़ा से पीके हरिदास को मिलाया गया है। केरल में कब होगा चुनाव? केरल में एक मंच पर वोट डाला जाएगा. 16 मार्च को चुनाव अधिसूचना जारी होगी. अभ्यर्थी 23 मार्च 2026 तक नामांकन कर सकते हैं। 24 मार्च नामांकन की जांच की जाएगी। 26 मार्च तक अभ्यर्थी नाम वापस ले सकते हैं। 9 अप्रैल को केरल में मतदान होगा. वहीं, 4 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किये जायेंगे. केरल 2021 के क्या परिणाम थे? साल 2021 में भी केरल में एक चरण में वोटिंग हुई थी. इस राज्य में छोड़े गए 140 खण्डों पर जीत दर्ज की गई थी। वहीं, कांग्रेस के 40वें स्थान पर पहुंची। बीजेपी केरल में सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल कर पाई थी. डेमोक्रेटिक डेमोक्रेटिक मोर्चा (एलडीएफ) का नेतृत्व सीपीआई (एम) करती है जबकि डेमोक्रेटिक डेमोक्रेटिक मोर्चा (यूडीएफ) का नेतृत्व कांग्रेस करती है। यह देश इकलौता राज्य का है, जहां वामपंथ पर पूज्य है। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट(टी)राजीव चन्द्रशेखर और मुरली वीधरन को इस सीट से उतारा(टी)केरल बीजेपी बिजनेस लिस्ट

मंत्रियों के अनुपस्थित रहने पर कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष ने पद पर बने रहने से किया इनकार; सीएम के आश्वासन के बाद नाटक खत्म | बेंगलुरु-न्यूज़ न्यूज़

US President Donald Trump (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 16:15 IST आर अशोक ने सरकार के कामकाज पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और कहा कि सदन में घटनाक्रम एक अभूतपूर्व स्थिति को दर्शाता है कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (पीटीआई फ़ाइल) कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को अभूतपूर्व दृश्य सामने आया जब अध्यक्ष यूटी खादर ने कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सदन की अध्यक्षता जारी रखने से इनकार कर दिया। खादर ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि आखिरकार सीएम सिद्धारमैया के आश्वासन के बाद मामला सुलझ गया। क्या हुआ? नाराज खादर ने यह घोषणा किए बिना कि सदन फिर से कब बुलाएगा, सत्र अचानक स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्रियों और विधायकों दोनों की उपस्थिति के मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करेंगे। स्पीकर का गुस्सा कई मंत्रियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति से उपजा, जिनसे विधायकों द्वारा उठाए गए लिखित सवालों का जवाब देने के लिए उपस्थित रहने की उम्मीद थी। मंत्रियों के सदन से गायब रहने पर कई सदस्यों ने कहा कि उनके प्रश्न अनुत्तरित रह गए, जिससे विपक्ष में भी आक्रोश फैल गया। यह घटना तब हुई जब सूचीबद्ध 230 प्रश्नों में से 84 के लिखित उत्तर सदन में रखे जा रहे थे। विपक्ष ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मंत्री सत्र की शुरुआत से ही अपेक्षित जवाब देने में विफल रहे हैं। विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि विधानसभा में उपस्थिति बेहद कम थी, उन्होंने दावा किया कि सदन में बमुश्किल 15 प्रतिशत सदस्य मौजूद थे। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा चौथी बार उठाया गया है, उन्होंने मंत्रियों और विधायकों द्वारा दिखाई गई गंभीरता की कमी पर निराशा व्यक्त की। स्पष्ट रूप से नाराज खादर ने सदन को याद दिलाया कि विधानसभा सत्र निर्वाचन क्षेत्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए है और विधायकों के सवालों का जवाब देने के लिए मंत्रियों के उपस्थित रहने की उम्मीद की जाती है। “हम निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए इस सदन का आयोजन करते हैं। यह सत्र मंत्रियों के सवालों के जवाब देने के लिए है। अगर सवाल पूछे जाते हैं और कोई जवाब नहीं मिलता है, तो यह कैसे जारी रह सकता है?” स्पीकर ने सदन में कहा. उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों से हर कुछ महीनों में आयोजित सत्र के दौरान मिलने की उम्मीद की जाती है और इस बात पर जोर दिया कि कार्यवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। खादर ने यह कहते हुए सदन स्थगित कर दिया कि वह तब तक सत्र का संचालन नहीं करेंगे जब तक कि अनुपस्थिति के मामले पर ध्यान नहीं दिया जाता और सरकार उठाई गई चिंताओं का जवाब नहीं देती। विधानसभा में एक दुर्लभ क्षण में, अध्यक्ष निराशा में आसन से चले गए, और सदन को अगली बैठक के लिए समय निर्दिष्ट किए बिना स्थगित कर दिया। खादर ने News18 को क्या बताया “सीएम ने मुझे आश्वासन दिया है कि इसे दोबारा नहीं दोहराया जाएगा। उन सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने सवालों के जवाब देने में देरी की है। मुख्य सचिव को मामले को देखने और कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आश्वासन दिया गया है कि मंत्री सवालों का जवाब देने के लिए मौजूद रहेंगे।” खादर ने कहा, “पिछले 4-5 दिनों से, मैंने चेतावनी जारी की है। मैंने मुख्य सचिव, सरकार और विपक्ष के नेता के साथ बैठक की और यह बताया गया कि यदि कोई प्रश्न अनुत्तरित रहता है तो उत्तर के लिए एक निश्चित समय सीमा और देरी का कारण बताया जाना चाहिए।” आर अशोक ने उठाए सवाल स्थगन के बाद मीडिया से बात करते हुए, आर अशोक ने सरकार के कामकाज पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और कहा कि सदन में घटनाक्रम एक अभूतपूर्व स्थिति को दर्शाता है। अशोक ने कहा, “आज हमने विधानसभा में जो देखा वह एक असहायता को दर्शाता है जो पहले कभी नहीं देखी गई। अध्यक्ष को खुद विधानसभा छोड़नी पड़ी।” उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान लिखित रूप में उत्तर देने के लिए प्रतिदिन 200 से 250 प्रश्न सूचीबद्ध किए जाते हैं, लेकिन उनमें से केवल कुछ ही प्रश्नों को वास्तव में प्रतिक्रिया मिलती है। उन्होंने कहा, ”हर दिन, केवल 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत या अधिकतम 30 प्रतिशत प्रश्नों का उत्तर दिया जा रहा है।” अशोक ने कहा कि विधानसभा सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि विभिन्न तालुकों के विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुद्दे उठा सकें और सरकार से समाधान मांग सकें। उन्होंने कहा, “सत्र इसलिए आयोजित किया जाता है क्योंकि अपने संबंधित तालुकों के विधायक अपने तालुकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रश्न पूछते हैं। विधानसभा इन सवालों के कारण चलती है।” अशोक ने सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन में कोई दिशा-निर्देश नहीं है. उन्होंने कहा, “आज कोई दिशा ही नहीं है। शासन खत्म हो गया है। किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं है।” पहले प्रकाशित: मार्च 16, 2026, 16:11 IST समाचार शहर बेंगलुरु-समाचार मंत्रियों के अनुपस्थित रहने पर कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष ने पद पर बने रहने से किया इनकार; सीएम के आश्वासन के बाद नाटक खत्म अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक विधानसभा ड्रामा(टी)कर्नाटक विधानसभा(टी)स्पीकर यूटी खादर(टी)कांग्रेस मंत्रियों की अनुपस्थिति(टी)विधानसभा सत्र स्थगन(टी)विपक्ष की आलोचना(टी)आर अशोक(टी)सरकारी कामकाज

पूर्व PM देवगौड़ा ने राहुल के प्रदर्शन की आलोचना की:सोनिया को लेटर लिखकर कहा- संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ते करना उसकी गरिमा कम करता है

पूर्व PM देवगौड़ा ने राहुल के प्रदर्शन की आलोचना की:सोनिया को लेटर लिखकर कहा- संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ते करना उसकी गरिमा कम करता है

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी देवगौड़ा ने संसद में विपक्ष के हंगामे के तरीके को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखा है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना संसद उनके विरोध की आलोचना की। 92 साल के देवगौड़ा ने दो पेज के लेटर में राहुल के हाल के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार नारेबाजी, पोस्टर दिखाने और धरना-प्रदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है। संसद परिसर में सीढ़ियों पर बैठकर चाय-नाश्ते के साथ प्रदर्शन करना संस्थान की गरिमा को कम करता है। देवगौड़ा ने संसद परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और विरोध के तरीके पर चिंता जताते हुए इसे ‘कैजुअल प्रोटेस्ट की संस्कृति’ बताया। उन्होंने सोनिया गांधी से अपील करते हुए कहा- विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आप अपने सांसदों से बात करें और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए उन्हें समझाएं। देवगौड़ा ने आगे सोनिया से कहा- संसद के भीतर और उसके परिसर में पैदा हो रही अराजक स्थिति लोकतंत्र की बुनियाद को नुकसान पहुंचा सकती है। विपक्षी दलों को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को क्षति न पहुंचे। उन्होंने सोनिया गांधी से अपील की कि वह विपक्ष के सीनियर नेताओं से बात करें और अपने अनुभव और परिपक्वता के आधार पर उन्हें संयम बरतने की सलाह दें। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश ने मिलकर लोकतांत्रिक संस्थाओं का निर्माण किया है और विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जो इस व्यवस्था को कमजोर न करे। लेटर के अंत में उन्होंने कहा कि विरोध लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन उसे संसदीय नियमों और परंपराओं के दायरे में ही होना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे।