Monday, 04 May 2026 | 09:20 AM

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भड़काऊ सोशल पोस्ट करने पर युवक गिरफ्तार:पटेल समाज को पीटने की बातें कहीं थीं, मऊगंज में कोर्ट ने भेजा जेल

भड़काऊ सोशल पोस्ट करने पर युवक गिरफ्तार:पटेल समाज को पीटने की बातें कहीं थीं, मऊगंज में कोर्ट ने भेजा जेल

हनुमना थाना क्षेत्र के अटरिया गांव में सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट की वजह से तनाव फैल गया। पुलिस ने पटेल समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले 26 साल के युवक दीपक साकेत को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अटरिया के रहने वाले दीपक साकेत ने अपनी फेसबुक आईडी से पटेल समाज को लेकर गलत और उकसाने वाली बातें लिखी थीं। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई, जिससे समाज के लोगों में भारी नाराजगी फैल गई और इलाके का माहौल बिगड़ने लगा। पुरानी घटना के चलते बढ़ गया था खतरा इलाके में तनाव की एक बड़ी वजह यह भी थी कि चार दिन पहले ही ढाबा गौतमान गांव में पटेल और साकेत परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। ऐसे नाजुक समय में दीपक ने खुद को ‘जय भीम वाला’ बताते हुए धमकी भरी पोस्ट डाल दी, जिससे दो समाजों के बीच विवाद और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। पुलिस की कार्रवाई हनुमना पुलिस ने मंगलवार को तुरंत एक्शन लिया और दीपक को धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भाईचारा बिगाड़ने वाली या भड़काऊ बातें लिखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इलाके में शांति बनी रहे।

हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी जो कि एटीएम मशीन में केस लोड करने का काम करती है। इसी कंपनी में पदस्थ एक वाहन चालक ने सोमवार की रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम शिवा प्रजापित (35) है, जो बेलखाड़ू का रहने वाला था। बीते एक साल से कंपनी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ शिवा की गाड़ी जो बलदेवबाग में खड़ी थी। 3 मार्च को रात करीब डेढ़ बजे एक बाइक सवार युवक खड़ी गाड़ी से टकरा गया, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था, जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कंपनी से नहीं मिली मदद खड़ी गाड़ी से बाइक सवार के टकराने पर पुलिस ने शिवा प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस बीच जब उसे जानकारी लगी तो उनसे कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर उसे यह कहा गया कि अपना लाईसेंस लेकर आ जाओ। इस पर शिवा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करती है, कोर्ट जाना पड़ेगा, तो उसका खर्चा कौन देगा। कंपनी पैसा देगी तो वह कुछ काम का नहीं। इस पर कंपनी की और से कहा गया कि तुम जमानतदार ढ़ूढ कर रखो। शिवा ने कहा कि जो भी व्यक्ति जमानत लेगा तो पैसे मांगेगा। हमारे पास जमीन नहीं है। कंपनी तुम्हारी जमानत करवा रही है, पर पैसे तुम्हें देने होंगे। शिवा को जब लगने लगा कि कंपनी से मदद नहीं मिल रही है, तो उसने कहा कि आप कंपनी की लिस्ट से मेरा नाम काट दो, अब हम गाड़ी नहीं चलाएंगे। कल से नहीं आएंगे। इस पर कंपनी की और से उससे फोन पर कहा गया कि अगर नाम कट गया तो 6 माह तक जेल में ही पड़े रहोगे, इतना सुनने के बाद शिवा ने कहा कि कोई परेशानी नहीं हम देख लेगें। इतना कहने के बाद शिवा ने फोन बंद कर लिया और घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किया प्रदर्शन मंगलवार को मेडिकल कालेज में शिवा का पीएम करवाया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था। ताला लगाकर अधिकारी हुए गायब शिवा के छोटे भाई अरुण का कहना था कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे, जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी, आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है, और बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा ड़र गया और आत्महत्या कर ली। मंगलवार को परिजन जब शव लेकर कंपनी पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि प्रताड़ना के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की है। शिवा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे 7 और 4 साल के है। छोटा भाई है जो कि मानसिक रूप से स्वास्थ्य नहीं है। घर चलाने वाला एक मात्र शिवा ही था, जिसने कि आत्महत्या कर ली। हम मदद कर रहे हैं आत्महत्या करने से पहले शिवा ने सुपरवाइजर संतोष से बात किया था, जिस पर उसे आश्वासन देते हुए मदद करने की बात कही, पर जब मृतक को पता चला कि उसे मदद नहीं मिल रही है, उल्टा एफआईआर हो गई है, और अब जेल जाना होगा, जिस पर से वह डर गया। इधर हंगामे की जानकारी लगते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाया। पुलिस का कहना था कि घटना कोतवाली थाने की है, शिवा ने आत्महत्या अपने गांव बेलखाड़ू में लगाया है, इसलिए आगे की जांच वहीं पर होगी।

आयुष्मान कार्ड धारक से सिटी स्कैन के लिए मांगे पैसे:सिवनी जिला अस्पताल का वीडियो सामने आने पर CMHO ने दिए जांच के आदेश

आयुष्मान कार्ड धारक से सिटी स्कैन के लिए मांगे पैसे:सिवनी जिला अस्पताल का वीडियो सामने आने पर CMHO ने दिए जांच के आदेश

सिवनी जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से सिटी स्कैन के लिए पैसों की मांग करने का मामला मंगलवार को सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें अस्पताल का कर्मचारी निशुल्क उपचार की योजना के बावजूद रुपयों की मांग करता दिख रहा है। कंप्यूटर ऑपरेटर पर अवैध वसूली का आरोप जानकारी के अनुसार, एक हितग्राही आयुष्मान योजना के तहत सिटी स्कैन कराने अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने आयुष्मान कार्ड को अमान्य बताते हुए जांच के बदले नकद भुगतान की मांग की। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने कर्मचारी द्वारा पैसे मांगे जाने के घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर दिया। आयुष्मान योजना के नियमों का उल्लंघन केंद्र और राज्य सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों में पात्र कार्ड धारकों को नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा अनिवार्य है। जिला अस्पताल में इस प्रकार शुल्क की मांग करना योजना के नियमों और सरकारी निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन वहीं CMHO डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों से शुल्क लेना प्रतिबंधित है। डॉ. ठाकुर ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

नीमच में लैब टेक्नीशियन ने लगाई फांसी, मौत:3 महीने से पत्नी के घर नहीं आने के कारण डिप्रेशन में था

नीमच में लैब टेक्नीशियन ने लगाई फांसी, मौत:3 महीने से पत्नी के घर नहीं आने के कारण डिप्रेशन में था

नीमच शहर के अल्कोलाइड कॉलोनी में मंगलवार को एक 32 साल के युवक रोहित मेघवाल ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। केंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रोहित के पिता अल्कोलाइड फैक्ट्री में लैब टेक्नीशियन हैं। बताया जा रहा है कि रोहित की पत्नी नर्स है और वह पिछले तीन महीने से अपनी ड्यूटी पर थी और नीमच नहीं आई थी। इसी बात को लेकर रोहित काफी समय से तनाव (डिप्रेशन) में चल रहा था। पुलिस कर रही है जांच केंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने बताया कि फिलहाल खुदकुशी की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर पत्नी के घर न आने से डिप्रेशन की बात सामने आई है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंप दिया है। अब परिवार और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

सुप्रीम कोर्ट में लुधियाना के याचिकाकर्ता को फटकार:CJI ने कहा- जाओ लुधियाना 2-3 और स्वेटर बेचो, याचिका लिखने वाले नुकसान कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट में लुधियाना के याचिकाकर्ता को फटकार:CJI ने कहा- जाओ लुधियाना 2-3 और स्वेटर बेचो, याचिका लिखने वाले नुकसान कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक नाटकीय घटनाक्रम हुआ। इस घटनाक्रम के केंद्र में लुधियाना का एक होजरी कारोबारी रहा। लुधियाना के कारोबारी ने भारी भरकम कानूनी शब्दों वाली एक जनहित याचिका दायर की। याचिका पीएम केयर्स फंड के बारे में लगाई गई थी। सीजेआई व दो अन्य जजों की पीठ को याचिका पर शक हुआ तो सीजेआई ने कह दिया कि याचिकाकर्ता इसमें किसी और का मुखौटा बनकर काम कर रहा है। सीजेआई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और उन्हें पास लुधियाना जाकर स्वेटर बेचने को कहा। पीएम केयर्स फड से संबंधित केस की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ कर रही थी। याचिका में कुछ ऐसे शब्द लिखे थे जिसका मतलब याचिकाकर्ता रजनीश सिद्धू खुद नहीं जानते थे। याचिका देख सीजेआई ने पूछी क्वालिफिकेशन सीजेआई ने जब याचिकाकर्ता की याचिका पढ़ी तो तुरंत उससे उसकी क्वालिफिकेशन पूछ ली। जिस पर उसने कहा कि वह 12 वीं पास है और होजरी का कारोबार करता है। जब CJI ने उनके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने लगभग 5.25 लाख रुपए टैक्स भरा था। याचिकाकर्ता ने जब कहा कि उसने पहले कभी किसी हाईकोर्ट में कोई याचिका दायर नहीं की है और यह उनका सीधे सुप्रीम कोर्ट में पहला मामला है। जिस पर सीजेआई ने कहा कि बड़ा बहादुरी का काम किया, सीधा लुधियाना से चलके आ गए। याचिका के मसौदे पर संदेह और ‘परीक्षा’ की चुनौती याचिका के मसौदे पर सीजेआई को शक हुआ तो उन्होंने याचिकाकर्ता को कहा कि मैं आपका एग्जाम करवाऊंगा, अगर आपके उसमें 30 प्रतिशत अंक भी आ गए तो मैं मान लूंगा कि पिटीशन आपने बनाई है। सीजेआई ने पूछा इमानदारी से बताएं याचिका किसने तैयार की CJI ने याचिकाकर्ता को इमानदारी से बताने को कहा कि याचिका किसने तैयार की है, अन्यथा उनके ITR विवरण साथ जोड़ने होंगे। याचिकाकर्ता अपने स्टैंड पर अड़े रहे और कहा, “सर, आप मेरा फोन चेक कर सकते हैं।” याचिकाकर्ता ने बताया कि शुरू में उन्होंने सितंबर में ‘मिस्टर दास’ नाम के एक टाइपिस्ट से इसका मसौदा तैयार करवाया था। विजिलेंस की जांच की धमकी दी तो बदला बयान जब कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जांच कराने की चेतावनी दी, तो याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि उन्होंने किसी वकील से सलाह नहीं ली है। उसने कहा कि मुझे किसी वकील पर भरोसा नहीं है, हालांकि मेरे कुछ अच्छे दोस्त वकील हैं। “फिडुशरी रिस्क” का अर्थ नहीं बता पाए याचिकाकर्ता CJI ने याचिका में इस्तेमाल किए गए शब्दों फिडुशरी रिस्क ऑफ कारपोरेट डोनर्स का अर्थ पूछा तो याचिकाकर्ता इसका उत्तर नहीं दे सके। जब उन्होंने अन्य दलीलें देना शुरू किया, तो CJI ने बीच में टोकते हुए कहा कि सिद्धू साहब, यह तो आपने कागज पर लिख रखा है, किसी वकील ने आपको लिख कर दिया है। अंतिम चेतावनी पर, याचिकाकर्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने 3-4 एआई टूल की मदद से खुद ही याचिका तैयार की है, क्योंकि उनके पास वकील करने के पैसे नहीं थे। उन्होंने बताया कि जो टाइपिस्ट है, उनको 4 जैकेट गिफ्ट करी थी, बहुत अच्छे हैं वह, 1 घंटे का 1000 मांग रहे थे। कोर्ट का फैसला और चेतावनी पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को भविष्य में ऐसी तुच्छ याचिकाएं दायर न करने की चेतावनी दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा “याचिकाकर्ता ने बिना किसी जिम्मेदारी के यह याचिका दायर की है और अस्पष्ट, बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगाए हैं। पूछताछ में हमने पाया कि याचिकाकर्ता लुधियाना के एक स्कूल से 10+2 पास एक छोटा व्यापारी है। याचिका की भाषा, शब्दावली और ‘संवैधानिक सिद्धांत’ याचिकाकर्ता की अपनी सोच के नहीं हो सकते।” याचिका खारिज करते हुए CJI ने अंत में कहा “जाओ लुधियाना में 2-3 और स्वेटर बेचो। जिन लोगों का काम ऐसी याचिकाएं फाइल करवाना है, वे आप पर जुर्माना (costs) लगवाकर आपका और नुकसान करवा देंगे।” सीजेआई और याचिकाकर्ता के बीच हुई बातचीत, पढ़िए… मुख्य न्यायाधीश : क्या आपने याचिका का मसौदा तैयार किया है? याचिकाकर्ता: जी, मैंने खुद तैयार किया है। मैं अपना फोन यहां जमा करा सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: आपकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है? याचिकाकर्ता: 12वीं पास। मुख्य न्यायाधीश: किस स्कूल से? याचिकाकर्ता: सनातन धर्म स्कूल, लुधियाना। मुख्य न्यायाधीश: मैं यहीं अदालत में आपके लिए अंग्रेजी की परीक्षा आयोजित करवा दूंगा। अगर आप 30 अंक ले आते हैं, तब मैं इस पर विचार करूंगा। याचिकाकर्ता: जी हां, मैं दे सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: या तो आप सच बताइए, नहीं तो हम भारी जुर्माना लगाएंगे और जांच का आदेश देंगे। याचिकाकर्ता: आप मेरा फोन देख सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश: आपने याचिका में लिखा है- “कॉरपोरेट दानदाताओं के लिए फिड्यूशियरी रिस्क”। इसका क्या मतलब है? वकील: मैं याचिका का हवाला दे सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: मैं आखिरी बार पूछ रहा हूं कि यह याचिका किस वकील ने तैयार की है। आपने यह खुद नहीं बनाई है। वकील: मैंने एआई टूल्स पर खोज की थी। मैंने एक टाइपिस्ट को चार जैकेट भी गिफ्ट की थीं और उसने टाइपिंग के लिए 1000 रुपए प्रति घंटे लिए थे। दास सर। मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट के टाइपिस्ट ने यह याचिका तैयार की है। टाइपिस्ट को यहां बुलाइए।

खरगोन में किसान महासंघ ने पंजीयन बढ़ाने की मांग की:कलेक्टर से मिलकर बताई परेशानी, बोले- 10 पंजीयन भी नहीं हो रहे

खरगोन में किसान महासंघ ने पंजीयन बढ़ाने की मांग की:कलेक्टर से मिलकर बताई परेशानी, बोले- 10 पंजीयन भी नहीं हो रहे

खरगोन में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर रोष जताया। मंगलवार दोपहर 3:30 बजे संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर भव्या मित्तल से मिला। उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की। महासंघ के प्रांत मालवा अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर ने बताया कि गेहूं पंजीयन प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों में मुश्किल से 10 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है, जिससे कई किसान अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। गुर्जर ने पंजीयन की तारीख बढ़ाना आवश्यक बताया। बोले- फसलें समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहीं किसान प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि गेहूं, मक्का और चना सहित अन्य फसलें समर्थन मूल्य से नीचे बिक रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में धारा 36 का उल्लंघन हो रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधियों ने जिले में रकबे के सत्यापन में राजस्व विभाग द्वारा गंभीर त्रुटियों का उल्लेख किया, खासकर करही क्षेत्र में कई शिकायतें मिलने की बात कही। उन्होंने इन त्रुटियों को भी सुधारने की मांग की।

अशोकनगर में नगर पालिका और पंचायत के बीच उलझा टोरिया:जनसुनवाई में 126 आवेदक पहुंचे, टोरिया के लोगों ने सीमा विवाद बताया

अशोकनगर में नगर पालिका और पंचायत के बीच उलझा टोरिया:जनसुनवाई में 126 आवेदक पहुंचे, टोरिया के लोगों ने सीमा विवाद बताया

अशोकनगर के टोरिया क्षेत्र को नगरपालिका परिषद में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे। वार्ड पार्षद महेंद्र भारद्वाज के नेतृत्व में लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर समस्या बताई और जल्द समाधान की मांग की। वहीं जनसुनवाई में कुल 126 आवेदक अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। निवासियों ने आवेदन में बताया कि अशोकनगर की गौशाला के पास स्थित टोरिया क्षेत्र वर्तमान में मोहरीराय ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद यहां रहने वाले अधिकांश लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज नगरपालिका के गौशाला वार्ड क्रमांक 21 के तहत बने हुए हैं। इस दोहरी स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक स्तर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा नागरिकों का कहना है कि जब वे किसी सरकारी योजना का लाभ लेने नगरपालिका परिषद जाते हैं, तो वहां यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उनका क्षेत्र ग्राम पंचायत में आता है। वहीं ग्राम पंचायत में जाने पर यह कहकर काम नहीं किया जाता कि उनके दस्तावेज नगरपालिका क्षेत्र के हैं। इस विरोधाभासी स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग कई जनहितकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है। शासन की कई योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती हैं, लेकिन सीमा विवाद के कारण टोरिया क्षेत्र के निवासी इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि टोरिया क्षेत्र को जल्द ही नगरपालिका परिषद में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और क्षेत्र के विकास का रास्ता साफ हो सके।

एक्टर रणदीप हुड्‌डा पिता बने:पत्नी लिन ने बेटी को जन्म दिया, बोले- दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई

एक्टर रणदीप हुड्‌डा पिता बने:पत्नी लिन ने बेटी को जन्म दिया, बोले- दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई

हरियाणा के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी लिन लैशराम ने बेटी को जन्म दिया। रणदीप हुड्डा ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। रणदीप ने अपने पिता और बेटी की फोटो शेयर करते हुए हरियाणवी में लिखा, “दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई।” इसके बाद रणदीप ने इंग्लिश में लिखा, “आज, जब मैं पिता बना हूं, तो आपके लिए मेरा सम्मान और भी गहरा हो गया है, पापा। और सबसे महत्वपूर्ण बात- लिन, मुझे पिता बनाने और हमारी छोटी बच्ची को इस दुनिया में लाने के लिए धन्यवाद। एक छोटी लड़की और जीवन भर का प्यार।” रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम ने 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इंफाल में पारंपरिक मैतेई रीति-रिवाज से शादी की थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

सतना में सीमेंट प्लांट के लिए जमीन लीज का विरोध:किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेरा, निर्णय वापस लेने की मांग

सतना में सीमेंट प्लांट के लिए जमीन लीज का विरोध:किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेरा, निर्णय वापस लेने की मांग

सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में प्रस्तावित डालमिया सीमेंट कंपनी के लिए भूमि लीज पर लेने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, रामपुर बघेलान तहसील की करीब 3600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को एक डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 साल की लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी निर्णय के विरोध में क्षेत्र के किसान लामबंद हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन को उद्योग के लिए लीज पर देना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर, चारपहिया वाहनों और बाइक के साथ रैली के रूप में शहर पहुंचे। किसानों ने नारेबाजी करते हुए भूमि लीज का विरोध जताया और प्रशासन से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने प्रदर्शन कर अपना ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। आंदोलन करने की चेतावनी दी प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय किसान यूनियन के नेता शैलेन्द्र सिंह चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जमीन उद्योग को देना ही चाहती है तो लीज की बजाय पूर्ण अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाए और किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी भी दी जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि अपनी जमीन बचाने के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

अनूपपुर में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:एसपी से की शिकायत, पीड़ित बोला- आपके सिपाही आरोपी को बचा रहे

अनूपपुर में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:एसपी से की शिकायत, पीड़ित बोला- आपके सिपाही आरोपी को बचा रहे

अनूपपुर के ताराडांड निवासी चैतू सिंह ने पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पुलिस पर सरकारी पद के दुरुपयोग और अपराध छिपाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी भी तय करने की गुहार लगाई है। चैतू सिंह, जो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और अपनी भूमि पर खेती करते हैं, 26 दिसंबर 2025 को दोपहर 3-4 बजे के बीच वे अपने खेत के पास बिजली के खंभे पर सुधार कार्य कर रहे थे। उसी दौरान मंजू गौतम ने उन्हें जातिसूचक व अपमानजनक गालियां दीं। इसके बाद लल्लू गौतम और उनके पुत्र प्रशांत गौतम भी वहां आए और तीनों ने मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के कारण चैतू सिंह बेहोश हो गए। पुलिस ने नहीं की मदद पीड़ित के अनुसार, लल्लू गौतम ने 112 पर कॉल किया। मौके पर पहुंचे 112 वाहन में प्रदीप गौतम (चालक) और एक अन्य आरक्षक मौजूद थे। चैतू सिंह ने आरोप लगाया कि इन पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें उपचार दिलाने के बजाय मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी ज़ेहर सिंह ने पूरी घटना देखी और बाद में चैतू सिंह को होश में लाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पसली टूटी जिला अस्पताल अनूपपुर में कराई गई जांच में चैतू सिंह की पसली टूटने और गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गईं। पीड़ित ने बताया कि वे भय, पीड़ा और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में आरोपियों के खिलाफ अजाक थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं। अप्रिय घटना की दी चेतावनी चैतू सिंह ने अपनी शिकायत में दर्ज कराया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय या जानलेवा घटना घटित होती है, तो उसके लिए लल्लू गौतम, प्रशांत गौतम, मंजू गौतम, प्रदीप गौतम (112 वाहन चालक) और 112 वाहन में उपस्थित अज्ञात आरक्षक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, गवाह ज़ेहर सिंह को प्रकरण में दर्ज करने तथा उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।