Monday, 04 May 2026 | 10:43 AM

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हर 10 में एक लड़की को यह बीमारी ! हार्मोन्स से जुड़ी है यह समस्या, बिल्कुल न करें नजरअंदाज

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  All About PCOS: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिससे करीब 10% लड़कियां जूझ रही हैं. इसकी वजह से यंग महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस डिसऑर्डर के कारण प्रेग्नेंसी कंसीव करने में समस्या का सामना करना पड़ता है. चिंता की बात यह है कि तमाम महिलाएं इस बीमारी के बारे में जानती ही नहीं हैं. फेमस गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. तान्या नरेंद्र ने एक वीडियो के जरिए PCOS के बारे में जरूरी जानकारी दी है, जो महिलाओं को इस समस्या के बारे में जागरूक करता है. सभी महिलाओं को इस बारे में जरूर जानना चाहिए.

संदिग्ध हालत में नहर में मिला लापता युवक का शव:रीवा में परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

संदिग्ध हालत में नहर में मिला लापता युवक का शव:रीवा में परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

रीवा जिले के सगरा इलाके में मंगलवार को एक 26 वर्षीय युवक का शव नहर से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। मृतक सोमवार रात से लापता था और परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर शव नहर में फेंके जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय बृजेश पांडे उर्फ मोहित (पिता सिद्धमूनी प्रसाद पांडे) के रूप में हुई है, जो रीवा जिले के पाण्डे टोला सगरा का निवासी था। परिजनों के अनुसार, बृजेश सोमवार रात से अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद से ही वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को नहर में उतराता दिखा शव मंगलवार को स्थानीय लोगों ने नहर में एक युवक का शव देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान बृजेश के रूप में होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप- पुरानी रंजिश में हुई हत्या परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बृजेश पांडे की हत्या कर उसके शव को जानबूझकर नहर में फेंका गया है। परिजनों का कहना है कि युवक की किसी से रंजिश भी चल रही थी। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

गैरेज में नहीं,ड्राइंग रूम में सजती हैं करोड़ों की कारें:लग्जरी स्टोरेज रईसों का स्टेटस सिंबल, महामारी में घर में रहने की आदत ने इस ट्रेंड को हवा दी

गैरेज में नहीं,ड्राइंग रूम में सजती हैं करोड़ों की कारें:लग्जरी स्टोरेज रईसों का स्टेटस सिंबल, महामारी में घर में रहने की आदत ने इस ट्रेंड को हवा दी

अब अमीरी दिखाने का तरीका बदल रहा है। पहले लग्जरी चीजों को सुरक्षित अलमारियों या गैरेज में रखा जाता था, लेकिन अब सुपर-रिच लोग महंगी कारों, हैंडबैग्स और वाइन कलेक्शन को घर के अंदर कलाकृति की तरह सजाकर रखते हैं। अमेरिका के बेवर्ली हिल्स के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन बेन तालेई इसका उदाहरण हैं। उन्होंने अपने घर का रेनोवेशन इसलिए कराया ताकि उनकी दुर्लभ सुपरकारों का कलेक्शन कांच की दीवारों के पीछे साफ दिखाई दे सके। उनके घर की किचन से ही सुपरकारों की कतार नजर आती है। तालेई अपनी संपत्ति में लगभग 5,000 वर्गफुट की कार गैलरी बनाने की योजना भी बना रहे हैं, जिसकी लागत करीब 130 करोड़ रुपए होगी। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमीर लोगों में यह नया ‘लग्जरी ट्रेंड’ तेजी से बढ़ रहा है। अब वे कारों के लिए गैरेज की बजाय डिजाइनर गैलरी या निजी क्लब जैसे स्पेस बनवा रहे हैं। इंग्लैंड के कोट्सवोल्ड्स में आर्किटेक्चर फर्म हॉलैंड ग्रीन ने एक ग्राहक के लिए ऐसा गैरेज तैयार किया, जहां मालिक अपनी फेरारी के पास बैठकर कॉफी पी सकता है, ठीक वैसे ही जैसे कोई आर्ट गैलरी में बैठकर पेंटिंग निहारता है। यह ट्रेंड सिर्फ कारों तक सीमित नहीं है। महंगी वाइन और लग्जरी हैंडबैग्स को भी अब तहखानों या बंद अलमारियों में रखने के बजाय खास डिस्प्ले स्पेस में सजाया जा रहा है। पश्चिम लंदन में आर्किटेक्ट रॉबर्ट डौगे ने एक घर में पारंपरिक वाइन सेलर की जगह ऐसी डिस्प्ले गैलरी बनाई, जिसमें वाइन की गुणवत्ता भी बनी रहती है और पूरा कमरा आर्ट गैलरी जैसा दिखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद लोग घर में अधिक समय बिताने लगे हैं, इसलिए वे अपने शौक और पहचान को घर के भीतर ही प्रदर्शित करना चाहते हैं। आखिरकार, इन बेशकीमती चीजों को देखकर मिलने वाली खुशी भी उनके लिए उतनी ही अहम है जितनी उनकी कीमत। बढ़ते निवेश के बीच थिएटर जैसा अनुभव भी लंदन स्थित मार्टिन केम्प डिजाइन की सीईओ जेमिमा ग्राफ के मुताबिक, अब ऐसे ‘लिफ्ट सिस्टम’ लगाए जा रहे हैं जो मेहमानों के आने पर वाइन कलेक्शन को जमीन के नीचे से ऊपर की ओर लाते हैं। वे इसे ‘स्टोरेज का थिएटर’ कहती हैं। ड्रेसिंग एरिया अब ‘पर्सनल म्यूजियम’ में बदल रहे हैं। बीसीजी और वेस्टियायर कलेक्टिव की एक रिपोर्ट के मुताबिक लग्जरी सेकंड-हैंड मार्केट सालाना 10% से अधिक की दर से बढ़ रहा है और अब यह 200 अरब डॉलर से अधिक का है। यही कारण है कि हर्मीस और चैनल के हैंडबैग्स को अब महज एक्सेसरी नहीं, बल्कि निवेश माना जा रहा है।

सागर में घर की बाथरूम में घुसा मगरमच्छ:7 फीट लंबा था, टाइगर रिजर्व की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ा

सागर में घर की बाथरूम में घुसा मगरमच्छ:7 फीट लंबा था, टाइगर रिजर्व की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ा

सागर के महाराजपुर में एक मकान की बाथरूम में मगरमच्छ घुस गया। परिवार के लोगों ने मगरमच्छ देखा तो हड़कंप मच गया। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर मगरमच्छ को पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, महाराजपुर निवासी अजय रैकवार के घर के पीछे बनी बाथरूम में 7 फीट लंबा मगरमच्छ घुस गया। सोमवार देर रात परिवार के सदस्य बाथरूम करने पहुंचे तो मगरमच्छ देखा। उसे देखते ही वह घबराकर भागे। चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। तत्काल मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम महाराजपुर पहुंची। टीम ने मगरमच्छ का रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान गुस्साया मगरमच्छ बार-बार टीम पर हमला कर रहा था। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। उसे रस्सियों से बांधकर पिंजरे में बंद किया गया। डिप्टी रेंजर सुरेश सिंह ने बताया कि महाराजपुर में स्थित एक घर के पीछे से मगरमच्छ का रेस्क्यू किया है। मगरमच्छ करीब 7 फीट लंबा था। महाराजपुर तालाब में मगरमच्छ पाए जाते हैं। संभवत: तालाब से मगरमच्छ रहवासी इलाके में पहुंचा होगा। रेस्क्यू में पकड़ाए मगरमच्छ को टाइगर रिजर्व की नदी में सुरक्षित छोड़ा गया है।

हाईकोर्ट सुरक्षा में लगे 4 पुलिसकर्मी निलंबित:भ्रूण लेकर चला गया था एक शख्स, अब एसपी ने की कार्रवाई

हाईकोर्ट सुरक्षा में लगे 4 पुलिसकर्मी निलंबित:भ्रूण लेकर चला गया था एक शख्स, अब एसपी ने की कार्रवाई

जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में भ्रूण लेकर पहुंचने के मामले में जबलपुर एसपी ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। यह घटना सोमवार को सामने आई थी। मंगलवार को एसपी संपत उपाध्याय ने कार्रवाई करते हुए एएसआई और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को निलंबित कर दिया है। इन सभी की ड्यूटी हाईकोर्ट की सुरक्षा में लगी थी। गेट नंबर 6 से बैग लेकर परिसर में दाखिल हुआ रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे सोमवार को गेट नंबर 6 से हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ भ्रूण रखा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। दयाशंकर पांडे ने पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई थी। वह स्वयं ही अपने केस की पैरवी करने हाईकोर्ट पहुंचा था। हमलों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप दयाशंकर का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार पर कई बार हमले हुए। उसने इन घटनाओं की शिकायत रीवा पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। 2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने का दावा दयाशंकर का कहना है कि उसने 2024 में विधानसभा और लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव हारने के बाद से उस पर हमले होने का आरोप उसने लगाया है। दयाशंकर के मुताबिक 1 मार्च को वह पत्नी और चार साल की बच्ची के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान एक बिना नंबर की कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उसकी पत्नी घायल हो गई। 8 मार्च को उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का मिसकैरेज हो गया।

बौद्ध महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग, पदाधिकारी बोले- जल्द फैसला हो

बौद्ध महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग, पदाधिकारी बोले- जल्द फैसला हो

शाजापुर में मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को दिया गया। ज्ञापन में महासभा ने पांच प्रमुख मांगों को सार्वजनिक हित में स्वीकार करने की अपील की है। महासभा की पहली मांग बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को पूर्ण रूप से बौद्ध समुदाय को सौंपने की है। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लागू 1949 का बीटी एक्ट असंवैधानिक है और इसे समाप्त कर महाविहार का प्रबंधन बौद्धों को दिया जाना चाहिए। इस संबंध में देशभर में आंदोलन भी चल रहा है। दूसरी प्रमुख मांग के तहत महासभा ने विश्व की प्रथम महिला शिक्षिका मानी जाने वाली सावित्रीबाई फुले को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा तथा सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। इसके अतिरिक्त, बौद्धों के लिए पृथक पर्सनल लॉ बनाए जाने की मांग भी रखी गई। महासभा का तर्क है कि बौद्ध धर्म की अपनी अलग परंपराएं और धार्मिक संस्कार हैं, इसलिए उनके लिए अलग कानून बनाया जाना चाहिए। ज्ञापन में पाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले और फातिमा शेख के जीवन संघर्ष को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी की गई। महासभा ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन जनहितकारी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।

सतना में परिवार ने खाया जहर, बेटे की मौत:पति-पत्नी और 3 साल का बेटा गंभीर, झगड़े के बाद खाने में मिलाया जहरीला पदार्थ

सतना में परिवार ने खाया जहर, बेटे की मौत:पति-पत्नी और 3 साल का बेटा गंभीर, झगड़े के बाद खाने में मिलाया जहरीला पदार्थ

सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र में सोमवार रात पत्नी ने पति से झगड़े के बाद खाने में जहर मिला दिया। यह खाना पूरे परिवार ने खा लिया। घटना बांधा गांव की है, जहर खाने से 6 साल के बेटे की मौत हो गई। वहीं पति-पत्नी और 3 साल का बेटे की हालत गंभीर है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। कथित रूप से पत्नी ने पूरे परिवार को जहर मिलाकर खाना खिला दिया। जानकारी के अनुसार बांधा गांव निवासी कुंदन शर्मा अपनी पत्नी ज्योति शर्मा और दो बच्चों के साथ रहते हैं। सोमवार शाम करीब 7 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद बताया जा रहा है कि ज्योति शर्मा ने खाने में जहरीला पदार्थ मिला दिया। बताया गया कि पहले दोनों बच्चों को वही खाना खिलाया गया। इसके बाद ज्योति शर्मा ने खुद भी खाया और बाद में कुंदन शर्मा ने भी वही भोजन कर लिया। कुछ देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। 3 साल का बच्चा पड़ोसियों के पास पहुंचा इसी दौरान परिवार का छोटा बेटा अभिषेक शर्मा (करीब 3 साल) किसी तरह घर से निकलकर पड़ोसियों के पास पहुंचा रोते हुए उसने घर में सभी के बीमार होने की बात कही। पड़ोसी तुरंत घर पहुंचे तो देखा कि कुंदन शर्मा, ज्योति शर्मा और बड़ा बेटा आकाश शर्मा (6 साल) अचेत पड़े थे। ग्रामीणों की मदद से सभी को तुरंत इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान आकाश शर्मा की मौत हो गई। जबकि कुंदन शर्मा, ज्योति शर्मा और छोटा बेटा अभिषेक की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में जुटी परिजनों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के कारण यह कदम उठाया गया होगा। हालांकि घटना की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

Beauty Tips : न महंगी क्रीम और न ही डाइट….बस खाए पांच फल, चांद की तरह चमकेगा चेहरा

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मार्च महीने में बाजार में स्टार फ्रूट, केला, सेब, पपीता और अमरूद मिलता है. इनको सुपरफ्रूट माना गया है. ज्यादातर फलों में विटामिन सी पाया जाता है. इसको खाने से न सिर्फ सुंदरता बढ़ती है. बल्कि, पेस्ट लगाने से भी लाभ होता है. इनके दाम भी बेहद कम होते हैं. 

सांस फूलने का तुरंत कराएं इलाज, ये सब हो सकते हैं दिल की बीमारी शुरूआती लक्षण, एक्सपर्ट ने बचाव के बताए टिप्स

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Last Updated:March 10, 2026, 13:31 IST दिल के दौरे आने के कई वजह हो गए हैं. जिसका सबसे मुख्य वजह है कि इंडिया का सेडेंटरी लाइफ़स्टाइल से बीपी शुगर बहुत कॉमन हो गया है. बीपी शुगर धीरे-धीरे लोगों के नसों को गड़बड़ कर दे रहा है पूरे दिल की मांसपेशियों में घुस जाता है. और सारी ब्लड नसों को ब्लॉक कर देता है जिसकी वजह खून का प्रवाह बंद हो जाता है. जिसकी वजह से खून का दौरा दिल में बंद हो जाता है. ख़बरें फटाफट मऊः वर्तमान में देखा जा रहा है लोग दिल के दौरे के मरीज होते जा रहे हैं. छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी समस्याओं का कारण बन रही है. ऐसे में दिल के दौरे के मरीज क्यों तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और इसे कैसे बच सकते हैं आईए जानते हैं दिल रोग विशेषज्ञ के द्वारा कि वह क्या कुछ इसके बचाव के टिप्स देते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के दिल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अम्मान अली बताते हैं कि दिल के दौरे आने के कई वजह हो गए हैं. जिसका सबसे मुख्य वजह है कि इंडिया का सेडेंटरी लाइफ़स्टाइल से बीपी शुगर बहुत कॉमन हो गया है. बीपी शुगर धीरे-धीरे लोगों के नसों को गड़बड़ कर दे रहा है पूरे दिल की मांसपेशियों में घुस जाता है. और सारी ब्लड नसों को ब्लॉक कर देता है जिसकी वजह खून का प्रवाह बंद हो जाता है. जिसकी वजह से खून का दौरा दिल में बंद हो जाता है. जिसके कारण अचानक ही दिल में तीव्रता से दर्द उठने लगता है जो लोगों की परेशानियां बढ़ा देता है. सांस फूलने पर तुरंत कराए इलाज इस बीमारी के मुख्य लक्षण सांस फूलना, छाती में दर्द होना, ऐसा दर्द जो कभी न हुआ हो, पसीने आना व बेहोश हो जाना, यह ब्लड प्रेशर नीचे गिर जाना यह दिल के दौरे पड़ने के प्रमुख लक्षण हैं। यदि इस प्रकार की कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल में किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर उसके परामर्श से दवा लेना शुरू कर दें। अन्यथा कहीं दिल का दौरा पड़ गया तो कहीं ऐसा ना हो की छोटी सी लापरवाही में आपकी जान चली जाए। शुगर बीपी रखें कंट्रोल यदि इस बीमारी से बचाव चाहते हैं तो स्वस्थ जीवन अपने प्रत्येक दिन व्यायाम करें, शुगर या ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी से ग्रसित है तो उसे कंट्रोल रखें. अच्छी क्वालिटी का तेल इस्तेमाल करें, उल्टी सीधी चीजों का परहेज करें, ज्यादा मीठा व ड्राई फ्रूट खाना ना खाएं, जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें क्योंकि यह आपकी समस्या को बढ़ा सकता है. छोटी  सी लापरवाही आपकी जान तक ले सकता है. क्योंकि दिल के दौरे पड़ने से अधिकतर लोगों की जान चली जाती है ऐसे में आप छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें जिससे दिल के डर आपको ना पड़े और इसे गंभीर बीमारी से बचे रहें. छोटी सी लापरवाही से जा सकती है दिल के दौरे से जान पहले यह देखा जाता था कि बड़े लोगों में यह बीमारी होती थी लेकिन खान-पीन पर विशेष ना ध्यान देना और लाइफस्टाइल बदलकर जीने से यह कम उम्र के लोगों में भी बीमारी देखी जा रही है. क्योंकि अस्पतालों में अब 20% ऐसे आ रहे हैं जो जवानों में भी यह बीमारी देखी जा रही है ऐसे में अपने सेहत का विशेष ध्यान रखते हुए कुछ चीजों का परहेज करें और समय-समय पर व्यायाम करते रहें जिससे दिल के दौरे जैसी बीमारी से दूर रहे क्योंकि दिल के दौरे जैसी बीमारी से आपकी जान जा सकती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Mau,Uttar Pradesh First Published : March 10, 2026, 13:31 IST

राजनीति और टैक्स से परेशान अरबपति छोड़ रहे अपना देश:ब्रिटेन-अमेरिका से मोहभंग, इटली, पुर्तगाल और सिंगापुर नए ठिकाने बने; 2018 में 1.08 लाख, 2025 में 1.42 लाख अमीरों ने अपना देश छोड़ा

राजनीति और टैक्स से परेशान अरबपति छोड़ रहे अपना देश:ब्रिटेन-अमेरिका से मोहभंग, इटली, पुर्तगाल और सिंगापुर नए ठिकाने बने; 2018 में 1.08 लाख, 2025 में 1.42 लाख अमीरों ने अपना देश छोड़ा

दुनिया के सबसे अमीर परिवारों के बीच इन दिनों अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बसने की लहर सी चल रही है। विशेषज्ञ इसे इतिहास का ‘सबसे बड़ा निजी संपत्ति प्रवास’ बता रहे हैं। कभी टैक्स लाभ की तलाश में होने वाला यह पलायन अब ‘रक्षात्मक’ हो गया है। अमीर अब अपनी संपत्ति बचाने, पीढ़ियों की सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए ‘गोल्डन वीसा’ और विदेशी नागरिकता का सहारा ले रहे हैं। स्विस बैंक यूबीएस ने अपने 87 अरबपति ग्राहकों के सर्वेक्षण में पाया कि 2025 में 36% अरबपति कम से कम एक बार अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, जबकि 9% अन्य इस पर विचार कर रहे हैं। विशेष रूप से 54 वर्ष से कम उम्र के 44% युवा अरबपति पिछले साल दूसरे देश शिफ्ट हुए हैं। निवेश प्रवास फर्म ‘हेनली एंड पार्टनर्स’ के पास साल-दर-साल आवेदनों में 28% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। हेनले एंड पार्टनर्स की ‘प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट’ के मुताबिक 2018 में जहां करीब 1.08 लाख अरबपतियों ने देश बदला था, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.34 लाख और 2025 में रिकॉर्ड 1.42 लाख पहुंच गया और इस साल यानी 2026 में और ज्यादा माइग्रेशन का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स एफिशिएंसी अमीरों के फैसले की बड़ी वजह है। इटली में नए रेजीडेंट्स के लिए €2 लाख सालाना फ्लेट टैक्स स्कीम 15 साल तक विदेशी आय पर टैक्स को कैप करती है, जो अमीरों के लिए आकर्षक है। पुर्तगाल ने पुराने ‘गोल्डन वीसा’ और नई स्कीम के तहत 20% टैक्स छूट और रिसर्च/इनोवेशन इंसेंटिव देकर धनी प्रवासियों को खींचा है। सिंगापुर ने भी इसी तरह की कई रियायतें घोषित की हैं। हेनले रिपोर्ट कहती है कि 2025 में इटली में 3,600, पुर्तगाल में 1,400 और ग्रीस में 1,200 नए अरबपति बसे हैं। दूसरी तरफ ब्रिटेन लगातार नेट आउटफ्लो झेल रहा है, जहां हाई टैक्स और ब्रेग्जिट के बाद की अनिश्चितता से पैसे वाले परिवार विकल्प तलाश रहे हैं। टेक्नोलॉजी ने अमीरों को ‘जहां चाहो, वहीं रहो’ की आजादी दी माइग्रेशन सलाहकार जेरमी सेवरी कहते हैं, ‘टेक्नोलॉजी ने अमीरों के लिए दुनिया को खुला मैदान बना दिया है। अब आप कंपनी सिंगापुर, परिवार इटली और संपत्ति दुबई में रख सकते हैं।’ हेनले की रिपोर्ट भी मानती है कि रिमोट वर्क, डिजिटल बिजनेस और फिनटेक टूल्स ने देश छोड़ना आसान बनाया है। हेनले के सीईओ डॉ. युर्ग स्टेफन कहते हैं, ‘पुरानी वेल्थ राजधानी जैसे ब्रिटेन और अमेरिका से पलायन और दक्षिण यूरोप, एशिया की ओर अरबपतियों के बसने का झुकाव नई हकीकत है।’