Saturday, 11 Apr 2026 | 02:33 PM

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वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। दूसरी ओर, विराट कोहली अच्छी शुरुआत के बाद रवि बिश्नोई की गेंद पर बोल्ड हो गए। रिकॉर्ड्स की बात करें तो RCB ने IPL में 37वीं बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया और चेन्नई सुपर किंग्स की बराबरी कर ली। RR Vs RCB मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. RCB ने CSK की बराबरी की RCB ने IPL में 37वीं बार 200+ का स्कोर बनाकर CSK की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमें इस लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं। तीसरे नंबर पर PBKS (33) है, जबकि MI (32) चौथे और KKR (30) पांचवें स्थान पर हैं। 2. संदीप शर्मा के 150 विकेट पूरे संदीप शर्मा ने 140 मैच में 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में छठे नंबर पर हैं। सबसे तेज 150 विकेट का रिकॉर्ड लसिथ मलिंगा (105 मैच) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर हर्षल पटेल (117) और तीसरे नंबर पर जसप्रीत बुमराह (124) हैं। 3. रजत के 3 हजार IPL रन पूरे रजत पाटीदार ने 95 पारियों में 3000 T20 रन पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। सबसे तेज 3000 रन का रिकॉर्ड तिलक वर्मा (90 पारियां) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर ऋतुराज गायकवाड़ (91) और तीसरे नंबर पर केएल राहुल (93) हैं। 4. RCB 7 वीं बार 200+ रन बनाकर हारी RCB ने 200+ स्कोर बनाने के बाद 7वीं बार मैच गंवाया, जिससे वह PBKS के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गई है। CSK 6 हार के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि KKR (5) चौथे स्थान पर है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. आर्चर को पहली बॉल पर विकेट, सॉल्ट आउट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली बॉल पर विकेट हासिल किया। उन्होंने फिल सॉल्ट को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। सॉल्ट आर्चर की उछाल लेती लेंथ बॉल को संभाल नहीं सके और बॉल बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगकर ऊपर चली गई। जिसे विकेटकीपर जुरेल ने आसानी से कैच किया। 2. बिश्नोई ने कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया बेंगलुरु की पारी के पावरप्ले की 5वीं बॉल पर रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने गुगली बॉल पर डाली, जिसे कोहली समझ नहीं पाए और बॉल ने स्टंप्स बिखेर दिए। यहां विराट कोहली 32 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 5वें ओवर में विराट कोहली ने संदीप शर्मा की बॉल पर खूबसूरत कवर ड्राइव लगाकर चौका मारा। 3. कोहली ने आर्चर के ओवर में 3 चौके लगाए तीसरे ओवर में विराट कोहली ने जोफ्रा आर्चर की बॉल पर तीन चौके मारे। उन्होंने पहली बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन, तीसरी बॉल पर फाइन लगे और चौथी बॉल को बैकवर्ड पॉइंट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 4. हेटमायर ने पडिक्कल और पंड्या के शानदार कैच पकड़े शिमरोन हेटमायर ने बेंगलुरु की पारी में दो शानदार कैच पकड़े। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और क्रुणाल पंड्या को कैच किया। आगे देखिए… 5. जडेजा की बॉल पर बृजेश ने दो प्रयास में कैच पकड़ा 14वें ओवर में बृजेश शर्मा ने दो प्रयास में शेफर्ड का कैच पकड़ा। रवींद्र जडेजा ने ओवर की आखिरी बॉल पर लेग स्टंप के बाहर रखी। इस पर रोमारियो शेफर्ड बड़ा शॉर्ट खेलने चले गए, लेकिन बॉल शार्ट फाइन लेग में हवा में चली गई। बॉल के नीचे बृजेश शर्मा थे। पहले प्रयास में बॉल उनके हाथ से छिटक गई। उन्होंने दूसरे प्रयास में कैच पकड़ा। 6. पाटीदार ने चौके से फिफ्टी पूरी की 16वें ओवर में रजत पाटीदार ने चौके के साथ फिफ्टी पूरी की। संदीप शर्मा ने ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर बॉल डाली। इस पर पाटीदार ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। 7. वैभव की बैक-टु-बैक सिक्स से फिफ्टी, कैच ड्रॉप भी हुआ राजस्थान की पारी के 5वें ओवर में वैभव ने लगातार दो छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की। भुवनेश्वर कुमार की दूसरी बॉल को वैभव ने मिड ऑन बाउंड्री पर सिक्स मारा। तीसरी बॉल पर वैभव को जीवनदान भी मिला। शॉर्ट गेंद पर टॉप-एज पुल खेला गया, जिसे लॉन्ग लेग पर सॉल्ट ने कैच किया, लेकिन कैच लेते समय उनका पैर कुशन पर चला गया, जिससे छक्का मिल गया और अर्धशतक पूरा हुआ।

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। दूसरी ओर, विराट कोहली अच्छी शुरुआत के बाद रवि बिश्नोई की गेंद पर बोल्ड हो गए। रिकॉर्ड्स की बात करें तो RCB ने IPL में 37वीं बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया और चेन्नई सुपर किंग्स की बराबरी कर ली। RR Vs RCB मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. RCB ने CSK की बराबरी की RCB ने IPL में 37वीं बार 200+ का स्कोर बनाकर CSK की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमें इस लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं। तीसरे नंबर पर PBKS (33) है, जबकि MI (32) चौथे और KKR (30) पांचवें स्थान पर हैं। 2. संदीप शर्मा के 150 विकेट पूरे संदीप शर्मा ने 140 मैच में 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में छठे नंबर पर हैं। सबसे तेज 150 विकेट का रिकॉर्ड लसिथ मलिंगा (105 मैच) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर हर्षल पटेल (117) और तीसरे नंबर पर जसप्रीत बुमराह (124) हैं। 3. रजत के 3 हजार IPL रन पूरे रजत पाटीदार ने 95 पारियों में 3000 T20 रन पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। सबसे तेज 3000 रन का रिकॉर्ड तिलक वर्मा (90 पारियां) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर ऋतुराज गायकवाड़ (91) और तीसरे नंबर पर केएल राहुल (93) हैं। 4. RCB 7 वीं बार 200+ रन बनाकर हारी RCB ने 200+ स्कोर बनाने के बाद 7वीं बार मैच गंवाया, जिससे वह PBKS के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गई है। CSK 6 हार के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि KKR (5) चौथे स्थान पर है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. आर्चर को पहली बॉल पर विकेट, सॉल्ट आउट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली बॉल पर विकेट हासिल किया। उन्होंने फिल सॉल्ट को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। सॉल्ट आर्चर की उछाल लेती लेंथ बॉल को संभाल नहीं सके और बॉल बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगकर ऊपर चली गई। जिसे विकेटकीपर जुरेल ने आसानी से कैच किया। 2. बिश्नोई ने कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया बेंगलुरु की पारी के पावरप्ले की 5वीं बॉल पर रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने गुगली बॉल पर डाली, जिसे कोहली समझ नहीं पाए और बॉल ने स्टंप्स बिखेर दिए। यहां विराट कोहली 32 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 5वें ओवर में विराट कोहली ने संदीप शर्मा की बॉल पर खूबसूरत कवर ड्राइव लगाकर चौका मारा। 3. कोहली ने आर्चर के ओवर में 3 चौके लगाए तीसरे ओवर में विराट कोहली ने जोफ्रा आर्चर की बॉल पर तीन चौके मारे। उन्होंने पहली बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन, तीसरी बॉल पर फाइन लगे और चौथी बॉल को बैकवर्ड पॉइंट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 4. हेटमायर ने पडिक्कल और पंड्या के शानदार कैच पकड़े शिमरोन हेटमायर ने बेंगलुरु की पारी में दो शानदार कैच पकड़े। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और क्रुणाल पंड्या को कैच किया। आगे देखिए… 5. जडेजा की बॉल पर बृजेश ने दो प्रयास में कैच पकड़ा 14वें ओवर में बृजेश शर्मा ने दो प्रयास में शेफर्ड का कैच पकड़ा। रवींद्र जडेजा ने ओवर की आखिरी बॉल पर लेग स्टंप के बाहर रखी। इस पर रोमारियो शेफर्ड बड़ा शॉर्ट खेलने चले गए, लेकिन बॉल शार्ट फाइन लेग में हवा में चली गई। बॉल के नीचे बृजेश शर्मा थे। पहले प्रयास में बॉल उनके हाथ से छिटक गई। उन्होंने दूसरे प्रयास में कैच पकड़ा। 6. पाटीदार ने चौके से फिफ्टी पूरी की 16वें ओवर में रजत पाटीदार ने चौके के साथ फिफ्टी पूरी की। संदीप शर्मा ने ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर बॉल डाली। इस पर पाटीदार ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। 7. वैभव की बैक-टु-बैक सिक्स से फिफ्टी, कैच ड्रॉप भी हुआ राजस्थान की पारी के 5वें ओवर में वैभव ने लगातार दो छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की। भुवनेश्वर कुमार की दूसरी बॉल को वैभव ने मिड ऑन बाउंड्री पर सिक्स मारा। तीसरी बॉल पर वैभव को जीवनदान भी मिला। शॉर्ट गेंद पर टॉप-एज पुल खेला गया, जिसे लॉन्ग लेग पर सॉल्ट ने कैच किया, लेकिन कैच लेते समय उनका पैर कुशन पर चला गया, जिससे छक्का मिल गया और अर्धशतक पूरा हुआ। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज दिल्ली vs चेन्नई:धोनी के बिना खेल रही CSK तीनों मैच हारी, कप्तान अक्षर DC को 2 जीत दिला चुके इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच चेपॉक स्टेडियम में होगा। मुकाबला शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। पूरी खबर IPL में आज पहला मैच PBKS vs SRH:हैदराबाद ने पंजाब के खिलाफ पिछले 4 मैच जीते, किंग्स ने आखिरी जीत 2023 में दर्ज की IPL में आज दो मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। मुकाबला PBKS के घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम 3:30 बजे से खेला जाएगा। जबकि टॉस शाम 3:00 बजे होगा। पूरी खबर

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। गुना पुलिस पर गुजरात को कुछ व्यापारियों के एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि फरियादी का बयान दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में 20 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। गुना में 1 करोड़ कैश पकड़कर 20 लाख में डील का आरोप ग्वालियर रेंज के गुना जिले की पुलिस 19-20 मार्च की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-46 के टोल नाका रूठियाई पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK-9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले। गाड़ी से मिले पैसे की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना। पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। इस मामले में हंगामा उस समय मचा जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन गुना पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद रात को आईजी-डीआईजी व एसपी एक्टिव हुए और तत्काल थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। याचिका पर सुनवाई में यह निकला निष्कर्ष अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 19 मार्च 2026 को गुना पुलिस द्वारा गुजरात के व्यापारियों से एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 हजार रुपए हड़पने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में खुद को फरियादी बताते हुए नीरज जादौन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे कथित तौर पर उठाकर थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान दर्ज कराए और जबरन हस्ताक्षर करवाए। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल परीक्षण (ए) कराया, जिसमें शरीर पर चार गंभीर चोटें पाई गईं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है और फरियादी का वास्तविक बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि बयान दोबारा वकील की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। वहीं राज्य शासन की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक खेड़कर ने दलील दी कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरियादी का बयान दर्ज हुआ भी है या नहीं, ऐसे में याचिका विचार योग्य नहीं है।

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। गुना पुलिस पर गुजरात को कुछ व्यापारियों के एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि फरियादी का बयान दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में 20 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। गुना में 1 करोड़ कैश पकड़कर 20 लाख में डील का आरोप ग्वालियर रेंज के गुना जिले की पुलिस 19-20 मार्च की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-46 के टोल नाका रूठियाई पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK-9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले। गाड़ी से मिले पैसे की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना। पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। इस मामले में हंगामा उस समय मचा जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन गुना पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद रात को आईजी-डीआईजी व एसपी एक्टिव हुए और तत्काल थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। याचिका पर सुनवाई में यह निकला निष्कर्ष अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 19 मार्च 2026 को गुना पुलिस द्वारा गुजरात के व्यापारियों से एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 हजार रुपए हड़पने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में खुद को फरियादी बताते हुए नीरज जादौन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे कथित तौर पर उठाकर थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान दर्ज कराए और जबरन हस्ताक्षर करवाए। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल परीक्षण (ए) कराया, जिसमें शरीर पर चार गंभीर चोटें पाई गईं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है और फरियादी का वास्तविक बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि बयान दोबारा वकील की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। वहीं राज्य शासन की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक खेड़कर ने दलील दी कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरियादी का बयान दर्ज हुआ भी है या नहीं, ऐसे में याचिका विचार योग्य नहीं है।

मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मध्य प्रदेश में विभागीय अफसरों की लापरवाही से होने वाली सरकार की फजीहत और मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था तय की है। इसमें सरकार की सम्पत्ति की सुरक्षा के साथ मुख्य सचिव को कोर्ट में घसीटने से बचाने पर फोकस किया है। सभी विभाग प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि कोर्ट के मामले में पक्षकार के रूप में मुख्य सचिव का नाम हटाए जाने की कार्यवाही कराना है क्योंकि मुख्य सचिव किसी विभाग के भारसाधक सचिव नहीं होते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए जारी ताजा निर्देशों में कहा है कि विभाग के सचिव और कलेक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह यह देखें कि जिन मामलों में मुख्य सचिव के माध्यम से पक्षकार बनाकर राज्य शासन के विरुद्ध कोर्ट में केस या याचिका लगाई जाती है उसमें समय पर मुख्य सचिव का नाम हटाने का काम कराया जाए। जीएडी ने इसको लेकर जारी निर्देश में कहा है कि सभी विभागों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 के अनुरूप कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी और सेवा विवादों से संबंधित अभ्यावेदनों का समय पर निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट में पक्ष रखने विधि अधिकारियों, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति करें निर्देशों में यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष तेजी से रखने के लिए राज्य के विधि अधिकारियों को तथा सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जानी चाहिए। अगर किसी मामले में कानूनी जटिलता हो और किसी और को अधिवक्ता नियुक्त किया जाना हो तो ऐसा प्रस्ताव विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के साथ विधि विभाग को भेजा जाएगा। इसमें प्रशासनिक विभाग द्वारा उनके नाम और सेवा शर्तों का साफ तौर पर उल्लेख किया जाएगा। इसके लिए विधि विभाग द्वारा अन्तरविभागीय समिति गठित की गई है जिसमें भारसाधक सचिव वित्त विभाग के होंगे और कमेटी के अध्यक्ष होंगे। सदस्य के रूप में भारसाधक सचिव विधि विभाग तथा संबंधित प्रशासकीय विभाग के भारसाधक सचिव शामिल किए जाएंगे। सरकार को नुकसान तो वसूली अफसर से हो जारी निर्देशों में कहा है कि अगर किसी प्रकरण में विलंब, गलती, चूक और विषय वस्तु से भिन्नता के कारण सरकार के खिलाफ आदेश जारी होता है तो विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि ऐसे मामले में संबंधित अफसर की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करें और अगर सरकार को क्षति हुई है तो संबंधित अधिकारी से वसूली की जाए। इसके लिए प्रभारी अधिकारी के दायित्व तय किए गए हैं। जीएडी ने सरकारी जमीन से संबंधित मामलों को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि कलेक्टर और जिला प्राधिकारी अपने क्षेत्र में कोर्ट द्वारा सरकार के खिलाफ दिए गए आदेश के मामले में शासकीय अधिवक्ता से सलाह लेकर अपील पेश करेंगे। जहां कलेक्टर के सक्षम होने की स्थिति न हो, वहां विभाग प्रमुख को निर्णय के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अवमानना के मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के लिए कहा है। प्रशासनिक प्रकरणों के निराकरण के लिए नई कार्यप्रणाली लागू सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अनुसार प्रशासनिक प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही समयसीमा में पूरी करें। साथ ही, हर स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है। निर्देशों में कहा गया है कि प्रकरणों के परीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी। यदि किसी प्रकरण में जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष से तत्काल जानकारी प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी विभाग लंबित कोर्ट मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपील, पुनरीक्षण और समीक्षा से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इन मामलों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। विशेष रूप से विलंब से प्राप्त प्रकरणों में ‘कंडोनेशन ऑफ डिले’ (विलंब क्षमा) के प्रावधानों का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी विभाग नियमित रूप से अपने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और उनकी प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही, रिकॉर्ड संधारण और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी बल दिया गया है।

‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

'बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार', अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक ने कश्मीर, दिल्ली में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी पार्टियों में राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। शाह के आरोप-प्रस्ताव पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले में शाह की रिहाई पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बंधक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अभिषेक अंबानी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए हमले में गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी रोक नहीं लगाने का सवाल उठाया। शेख़ ख़ुशना को लेकर क्या बोले अभियोग…? न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शेख हसीना को क्या कहा जाए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें दूर-दराज़ के निवासियों से खोजा गया है, जो कि फ्लॉवर के शाह के संकल्प का ज़िक्र करते हुए अभियोग ने केंद्रीय गृह मंत्री पर बार-बार आरोप लगाया है- एक ही बात दोहराई जा रही है और इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम घुसपैठियों की बात करें तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले साल से भारत में रह रही हैं? क्या हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए?’ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से अमित शाह असफलः अभिवचन अभिषेक ने कहा, ‘अमित शाह पहले गाम में हुए आतंकवादी हमलों में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? दिल्ली में हमलावरों ने कैसे घुसे और 10 लोगों को मार डाला? ‘शाह इन लोगों की सुरक्षा क्यों विफल हो रही है?’ यह भी पढ़ें: ओडिशा के गंजाम में ‘दंड नाच’ के दौरान दो संप्रदायों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।

मिर्गी आने से पहले कर लेगी पता! IIT कानपुर ने बना डाली ऐसी डिवाइस, जेब में रखकर कहीं भी घूमिए

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Last Updated:April 10, 2026, 22:36 IST IIT Kanpur News : ये डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. इस डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. कानपुर. अब ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा पहले ही पहचाना जा सकेगा. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. आईआईटी कानपुर में तैयार की गई एक नई “प्वाइंट ऑफ केयर” डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. यह डिवाइस आईआईटी कानपुर के इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर में काम कर रहे स्टार्टअप मेंटीव हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है. स्टार्टअप के सीईओ हर्ष अरोड़ा के अनुसार, इस तकनीक का मकसद इलाज को अस्पतालों तक सीमित न रखकर सीधे मरीज तक पहुंचाना है, खासकर गांवों में. कैसे करेगी काम यह डिवाइस दिमाग की गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करती है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह डेटा को समझकर संभावित खतरे का अंदाजा लगा सकती है. अगर मस्तिष्क में किसी तरह की असामान्य गतिविधि शुरू होती है, तो यह डिवाइस पहले ही अलर्ट दे देगी. इससे डॉक्टर समय रहते इलाज शुरू कर सकेंगे. यह डिवाइस मिर्गी के दौरे आने से पहले भी संकेत दे सकती है, जो मरीजों के लिए राहत भरी बात है. हर्ष अरोड़ा बताते हैं कि डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. आईआईटी कानपुर की लैब में इसकी टेस्टिंग अभी भी जारी है. पॉकेट में फिट इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका छोटा और पोर्टेबल होना है. यह पॉकेट साइज की है और पूरी तरह से चार्जेबल है, यानी मरीज इसे कहीं भी आसानी से साथ रख सकता है. हर्ष के मुताबिक, उनकी कंपनी ऐसी डिवाइसेस पर काम कर रही है जिन्हें पहनना और इस्तेमाल करना आसान हो. यही वजह है कि इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. पूरी तरह स्वदेशी इस डिवाइस को पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है और इसकी कीमत भी विदेशी डिवाइसेस के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी. हर्ष अरोड़ा का कहना है कि यह डिवाइस आधे से भी कम कीमत में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें. इस प्रोजेक्ट को आईआईटी कानपुर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय से फंडिंग भी मिली है, जिससे इसे आगे और बेहतर बनाने का काम चल रहा है. उम्मीद की नई किरण ब्रेन से जुड़ी बीमारियां अक्सर अचानक और खतरनाक होती हैं, लेकिन यह डिवाइस समय से पहले चेतावनी देकर मरीजों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.खा सकर गांवों में रहने वाले मरीजों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 10, 2026, 22:36 IST

भोला सिकरवार हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार:घर आते वक्त पुलिस ने घेरकर किया अरेस्ट; अब तक 10 पकड़े गए, 3 अब भी फरार

भोला सिकरवार हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार:घर आते वक्त पुलिस ने घेरकर किया अरेस्ट; अब तक 10 पकड़े गए, 3 अब भी फरार

ग्वालियर में भोला सिकरवार हत्याकांड के फरार एक आरोपी को हजीरा थाना पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह चोरी-छिपे अपने घर आ रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। हजीरा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, 10 माह पहले हुई इस वारदात में फरार दिव्यांशु पुत्र सत्येंद्र सिंह भदौरिया के घर आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की और जैसे ही वह चौहान क्रेन के पास पहुंचा, उसे दबोच लिया। आरोपी कुछ समय तक समझ ही नहीं पाया कि क्या हुआ। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। इस बार सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तारी संभव हो सकी। गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की हुई थी हत्या 2 जून 2025 को हजीरा के बिरला नगर इलाके में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उसका एक साथी घायल हुआ था। जांच में सामने आया कि गैंगस्टर बंटी भदौरिया और भोला पहले दोस्त थे और साथ मिलकर अवैध शराब का कारोबार करते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। पिछले छह वर्षों में दोनों गुटों के बीच कई बार फायरिंग और हमले हो चुके हैं। अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, इस मामले में बंटी भदौरिया समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में अन्य फरार आरोपियों का सुराग मिल जाएगा।

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल के विश्रामगंज रेंज में एक बाघ ने महुआ बीनकर लौट रही महिला पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के साहस से महिला की जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना विश्रामगंज रेंज के टगरा बीट के कक्ष क्रमांक 299 (महुआ टोला) में हुई। शाम करीब 6:00 बजे, हीरापुर टपरियन निवासी 35 वर्षीय रामकली कोंदर पति किशन कोंदर अपने साथियों के साथ घर लौट रही थीं। तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ ने महिला की टांग पकड़ ली और उसे घसीटकर घने जंगल की ओर ले जाने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद 6-7 ग्रामीणों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शोर मचाते हुए लकड़ियों से बाघ पर हमला किया। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास से बाघ महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया। प्रत्यक्षदर्शी नंद लाल ने बताया कि इस दुर्गम जंगली इलाके में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था, जिससे तत्काल मदद नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने महिला के पैर में कपड़ा बांधकर खून रोका। इसके बाद, ग्रामीणों ने घायल महिला को कंधे पर लादकर लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचाया। वहां से उसे जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया। विश्रामगंज रेंजर अजय बाजपेई ने बताया कि महिला को तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है और उसे आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है। उन्होंने ग्रामीणों को महुआ के सीजन में अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। घायल महिला का उपचार जिला चिकित्सालय पन्ना में जारी है। उसके पैर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं।