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प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) में खिताबी जंग अब और रोमांचक हो गई है। रविवार को एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज ‘लंदन डर्बी’ में टेबल टॉपर आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर अपनी पोजिशन स्ट्रॉन्ग भी कर ली। मैनचेस्टर सिटी 59 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, एक अन्य मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने क्रिस्टल पैलेस पर रोमांचक जीत दर्ज कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। टीम से ब्रूनो फर्नांडेज ने बेहतरीन गोल दागा। आर्सेनल vs चेल्सी पूरे मैच में आर्सेनल का दबदबा रहा और दिलचस्प बात यह रही कि मैच के तीनों गोल कॉर्नर के जरिए ही आए। चेल्सी को भारी पड़ी रेड कार्ड की मार मैच के आखिर में चेल्सी के पेड्रो नेटो को अंपायर से बहस और फाउल के कारण दूसरा यलो कार्ड मिला। 2 यलो कार्ड के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों से ही मैच खेलना पड़ा। चेल्सी फिलहाल 45 पॉइंट्स के साथ छठे नंबर पर है। यूनाइटेड की ‘कमबैक’ जीत ओल्ड ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टल पैलेस को 2-1 से हरा दिया।

ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों पैदा कर दिया है? राजनीति समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 08:28 IST केरल, असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस मुस्लिम मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फाइल फोटो। (छवि: एएफपी फ़ाइल) मध्य पूर्व में युद्ध ने भारत में एक नई राजनीतिक लड़ाई शुरू कर दी है, जिससे ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका-इज़राइल हवाई हमले पर सरकार के खिलाफ विपक्ष खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया है और संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया की तीखी आलोचना की है। अपने बयान में, पार्टी ने कहा कि वह “सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर में शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है,” यह कहते हुए कि वह इस गहन दुख के क्षण के दौरान उनके साथ एकजुटता से खड़ी है। कांग्रेस ने सरकार पर भारत के नेहरूवादी विदेश नीति सिद्धांतों को छोड़ने का भी आरोप लगाया, और हमले को भारत के लंबे समय से चले आ रहे गुटनिरपेक्ष और शांति-उन्मुख रुख का उल्लंघन बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी इस निंदा को दोहराया है। कश्मीर के कुछ हिस्सों से ईरान के नेतृत्व के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की खबरें पहले ही आ चुकी हैं। भारत में राजनीतिक तूफान: क्यों? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया चुनावी विचारों से भी प्रभावित होती है। ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी शिया आबादी है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत नागरिक हैं। भारत में, शिया मुस्लिम आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू और कश्मीर और अन्य जैसे प्रमुख राज्यों में केंद्रित हैं। केरल, असम और पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस इस मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। यह मुद्दा पार्टी को गाजा में इज़राइल की कार्रवाइयों के पहले विरोध के बाद, इज़राइल की अपनी आलोचना को दोहराने का अवसर भी देता है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहले संसद में गाजा समर्थक बैग ले जाकर ध्यान आकर्षित किया था। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने खड़े होने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने की कोशिश की है। पार्टी ने इस मुद्दे को अमेरिका-भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ता से जोड़ा है और प्रधान मंत्री की इज़राइल यात्रा के समय पर सवाल उठाया है, यह सुझाव देते हुए कि संघर्ष जल्द ही बढ़ गया है। जैसा कि दुनिया मध्य पूर्व संघर्ष को बढ़ती चिंता के साथ देख रही है, भारत खुद को आगामी राज्य चुनावों से पहले एक राजनीतिक टकराव के बीच में पाता है, जिसमें निकट भविष्य में किसी भी संघर्ष के कम होने के कम संकेत हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 08:27 IST समाचार राजनीति ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों खड़ा कर दिया है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत मध्य पूर्व संघर्ष(टी)भारत ईरान संबंध(टी)कांग्रेस आलोचना सरकार(टी)अमेरिका इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले(टी)भारतीय विदेश नीति(टी)शिया आबादी भारत(टी)राजनीतिक लड़ाई चुनाव(टी)विपक्षी प्रतिक्रिया मध्य पूर्व

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 मार्च को अपना जन्मदिन विदिशा के रंगई स्थित बाड़ वाले गणेश मंदिर में मनाएंगे। इस मौके पर मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस बार उनका जन्मदिन होली के त्योहार के साथ पड़ रहा है। इसलिए आयोजन समिति ने होली मिलन समारोह भी रखा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें कार्यकर्ता, समर्थक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे। समर्थकों से कहा- पौधा भेंट करें जन्मदिन से पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके जन्मदिन पर शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह या अन्य उपहार न लाए जाएं। अगर कोई उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता है तो एक पौधा लगाए, उसकी फोटो साझा करे या उन्हें पौधा भेंट करे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जीवन का हर पल उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण उनका संकल्प है और वे खुद रोज पौधरोपण करते हैं। उन्होंने जन्मदिन को सादगी से मनाने और दिखावे से बचने की बात कही है। जन्मदिन को लेकर समर्थकों में उत्साह है। वहीं, पौधा लगाने की अपील से यह कार्यक्रम सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।

अरिजीत सिंह गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे:सिंगर के पिता ने बताया कि लाहौर से उनका सिख परिवार बंगाल में कैसे बस गया?

अरिजीत सिंह गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे:सिंगर के पिता ने बताया कि लाहौर से उनका सिख परिवार बंगाल में कैसे बस गया?

सिंगर अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने हाल ही में बताया कि विभाजन के बाद उनका सिख परिवार लाहौर से पश्चिम बंगाल के जियागंज आकर बस गया। उन्होंने यह भी कहा कि अरिजीत बचपन में गुरुद्वारे में कीर्तन गाते थे। द टेलीग्राफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उनके पिता सुरिंदर सिंह ने परिवार की पुरानी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि उनका पैतृक घर लाहौर के पास था। देश के बंटवारे के बाद उनके पिता और तीनों भाई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के ललगोला आ गए थे। उन्होंने कहा, “हमारा पैतृक घर लाहौर के पास था। बंटवारे के बाद मेरे पिता और उनके तीन भाई ललगोला आ गए।” बंटवारे के समय कई परिवारों की तरह उन्हें भी सब कुछ छोड़कर नई जगह से शुरुआत करनी पड़ी। वे कपड़े का कारोबार करते थे। बाद में परिवार मुर्शिदाबाद जिले के छोटे से शहर जियागंज आकर बस गया। सुरिंदर सिंह ने कहा, “वे कपड़े के व्यापारी थे और किसी तरह जियागंज पहुंच गए और नदी के किनारे अपना घर बना लिया।” ललगोला से परिवार धीरे-धीरे जियागंज में बस गया। उनके कुछ रिश्तेदार पंजाबीपाड़ा इलाके में रहने लगे। वहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा बनाया। समय के साथ जियागंज सिर्फ रहने की जगह नहीं रहा, बल्कि घर बन गया। अरिजीत सिंह बचपन में घर और मोहल्ले में शोनू नाम से जाने जाते थे। साल 2013 में बड़ी पहचान मिलने के बाद भी उनका रिश्ता इस शहर से जुड़ा रहा। संगीत बचपन से ही उनकी जिंदगी का हिस्सा था। अरिजीत मां के साथ गुरुद्वारे जाया करते थे उनके पिता ने बताया कि वे खास मौकों पर अपनी मां के साथ गुरुद्वारे जाते थे और कीर्तन गाते थे। सुरिंदर सिंह ने बेटे की सफलता पर अपनी भावना भी बताई। उन्होंने कहा, “मजा आता है। मुझे अच्छा लगता है। लोग मुझसे पूछते हैं कि आपका बेटा क्या कर रहा है और उसका अगला प्रोजेक्ट क्या है।” मुंबई में काम करने के बावजूद अरिजीत का मन जियागंज से जुड़ा रहा। उनके पिता ने कहा, “यह बहुत शांत जगह है। मेरा बेटा मुंबई में नहीं रह पाया और वापस आ गया। इस मिट्टी में ऐसा खिंचाव है।” आज भी वे जियागंज से जुड़े हुए हैं। उनके बच्चे यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। वे शहर के स्कूल और दूसरी सुविधाओं के लिए कई चैरिटी प्रोजेक्ट भी चला रहे हैं। 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस खबर से उनके फैंस हैरान रह गए। म्यूजिक इंडस्ट्री में भी इस फैसले पर चर्चा शुरू हो गई। इस बीच उनका नया गाना ‘रैना’ रिलीज हुआ है। इस गाने को शेखर रवजियानी ने कंपोज किया है और इसके बोल प्रिया सरैया ने लिखे हैं।

गर्दन का कालापन किन बीमारियों का संकेत? घरेलू उपचार से भी न हो ठीक तो जरूर चेक करवाएं ये चीज

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Last Updated:March 01, 2026, 23:07 IST क्या आपकी गर्दन का रंग धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा है और घरेलू उपाय करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा. अक्सर लोग इसे धूप, गंदगी या टैनिंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार गर्दन का कालापन शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन या थायरॉइड जैसी स्थितियां भी इसके पीछे वजह बन सकती हैं. ऐसे में अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो सिर्फ क्रीम और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी जांच करवाना समझदारी है. गर्दन का कालापन अक्सर लोग धूल, धूप या साफ-सफाई की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह साधारण टैनिंग या डेड स्किन की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर गर्दन का रंग लगातार गहरा बना रहे और घरेलू उपायों से भी फर्क न पड़े, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए इस बदलाव को हल्के में लेना ठीक नहीं है. सबसे आम कारणों में से एक है इंसुलिन रेजिस्टेंस, जो आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज का रूप ले सकता है. जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो त्वचा के कुछ हिस्सों पर काला और मोटा पैच बनने लगता है. इसे मेडिकल भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है. यह समस्या आमतौर पर गर्दन, बगल या कोहनी के आसपास दिखती है. अगर गर्दन का कालापन त्वचा के मोटेपन और खुरदरापन के साथ नजर आए, तो ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. हार्मोनल असंतुलन भी गर्दन के कालेपन का कारण बन सकता है. खासकर पीसीओएस जैसी स्थितियों में महिलाओं को गर्दन और अन्य हिस्सों पर पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. थायरॉइड गड़बड़ी भी त्वचा के रंग और बनावट पर असर डाल सकती है. ऐसे मामलों में केवल स्किन क्रीम लगाने से फायदा नहीं होता, बल्कि मूल कारण का इलाज जरूरी होता है. मोटापा भी एक बड़ी वजह है. अधिक वजन के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे त्वचा पर काले धब्बे उभर सकते हैं. इसके अलावा लगातार रगड़, पसीना और टाइट कपड़े पहनने से भी गर्दन का रंग गहरा पड़ सकता है. हालांकि यह कारण अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर जांच कराना बेहतर है. कुछ मामलों में विटामिन बी12 की कमी या अन्य पोषण संबंधी समस्याएं भी त्वचा के रंग में बदलाव ला सकती हैं. अगर गर्दन के साथ-साथ थकान, कमजोरी या बाल झड़ने जैसी दिक्कतें भी हों, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. बहुत ही दुर्लभ मामलों में गर्दन का अचानक और तेजी से काला होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लक्षणों को समझना जरूरी है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 01, 2026, 23:05 IST

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ के शेयर खरीदे। यह पिछले 17 महीनों में विदेशी निवेश का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में FPIs ने ₹57,724 करोड़ का निवेश किया था। बाजार जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील, शेयरों की कीमतों में सुधार और कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है। तीन महीने की भारी बिकवाली के बाद लौटे निवेशक साल 2026 की शुरुआत विदेशी निवेशकों के लिए काफी खराब रही थी। फरवरी में हुई इस खरीदारी से पहले लगातार तीन महीनों तक FPIs ने बाजार से पैसा निकाला था। कुल मिलाकर साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से करीब 18.9 बिलियन डॉलर यानी 1.72 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और अमेरिकी टैरिफ का डर था। ट्रेड डील और मजबूत अर्निंग्स ने बदला माहौल एंजेल वन लिमिटेड के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट जावेद खान के मुताबिक, फरवरी में इस निवेश के पीछे तीन बड़े कारण हैं… ग्रो म्यूचुअल फंड के CEO वरुण गुप्ता ने बताया कि भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और यूके के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिससे अनिश्चितता कम हुई है। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर में बिकवाली सेक्टर के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में लगाया है। वहीं दूसरी तरफ IT सेक्टर में बिकवाली जारी है। फरवरी महीने में FII ने IT शेयरों से ₹10,956 करोड़ निकाले हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, एंथ्रोपिक जैसी AI कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के डर से निवेशक IT शेयरों को बेच रहे हैं। मार्च में भी निवेश जारी रहने की उम्मीद एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च महीने में भी विदेशी निवेश पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी बनी हुई हैं… ……………. ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 कंपनियों में 9 की वैल्यू ₹2.18 लाख करोड़ घटी: एयरटेल टॉप लूजर रही, इसकी वैल्यू ₹55,852 करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.18 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। एयरटेल का मार्केट कैप 55,852 करोड़ रुपए घटकर ₹10.71 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹37,580 करोड़ घटकर ₹13.65 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं रिलायंस का मार्केट कैप 34,846 करोड़ रुपए घटकर ₹18.86 लाख करोड़ पर आ गया। पूरी खबर पढ़ें…

मुंबई क्रिकेट ने महिला टी-20 लीग की शुरुआत की:जेमिमा समेत 3 आइकन प्लेयर होंगी; 1 से 15 जून के बीच आयोजन की तैयारी

मुंबई क्रिकेट ने महिला टी-20 लीग की शुरुआत की:जेमिमा समेत 3 आइकन प्लेयर होंगी; 1 से 15 जून के बीच आयोजन की तैयारी

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने महिला टी-20 मुंबई लीग की शुरुआत कर दी है। मेंस की टी-20 मुंबई लीग की तर्ज पर होने वाली इस फ्रेंचाइजी आधारित प्रतियोगिता के लिए 3 टीमों की बिक्री से को एसोसिएशन 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की आय हुई है। लीग का आयोजन 1 से 15 जून के बीच हो सकता है। कुल 7 मुकाबले खेले जाएंगे महिला लीग में कुल 7 मुकाबले खेले जाएंगे। इसमें तीन आइकन खिलाड़ी शामिल होंगी, जिनमें जेमिमा रोड्रिग्स, सायमा ठाकोर और सयाली सतघरे के नाम प्रस्तावित हैं। हालांकि इनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला होगा। यह लीग सिर्फ मुंबई की महिला क्रिकेटरों के लिए होगी। MCA खिलाड़ियों की नीलामी भी कराने की तैयारी में है। MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि बोली प्रक्रिया को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इससे मुंबई में महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने की उनकी योजना को मजबूती मिली है। इंफ्राप्रोजेक्ट्स एलएलपी ने 2 करोड़ की बोली लगाई शनिवार को पीआरएस इंफ्राप्रोजेक्ट्स एलएलपी ने 2 करोड़ 25 लाख रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाई। रोडवे सॉल्यूशन इंडिया इंफ्रा लिमिटेड ने 1 करोड़ 9 लाख रुपए और वर्ल्ड स्टार स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 79 लाख रुपए की बोली लगाकर टीमों के अधिकार हासिल किए। टी-20 मुंबई लीग गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन राजदीप गुप्ता ने कहा कि यह प्रक्रिया महिला लीग के लिए अहम पड़ाव है। उन्हें उम्मीद है कि फ्रेंचाइजी मालिकों के साथ मिलकर एक प्रतिस्पर्धी और उच्च स्तर का टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जो मुंबई की महिला प्रतिभाओं को मंच देगा। ——————– महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 185 रन से हराया, सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय महिला टीम को वनडे सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मुकाबले में कप्तान एलिसा हीली ने अपने अंतिम वनडे में 98 गेंद पर 158 रन बनाकर टीम को 409 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में भारतीय टीम 45.1 ओवर में 224 रन ही बना सकी और 185 रन से मैच हार गई। पढ़ें पूरी खबर…

क्या बीपी मरीज भी रख सकते हैं रोज, इनके लिए भूखा रहना कितना ठीक, डॉक्टर ने बताया सही तरीका

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Last Updated:March 01, 2026, 17:30 IST रमजान का महीना चल रहा है. मुस्लिम समुदाय इस दौरान पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करता हैा. कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो बीपी की समस्या से ग्रस्त हैं. सवाल उठता है कि उनके लिए रोजा रखना कितना सुरक्षित है. लोकल 18 ने इस बारे में अलीगढ़ के चिकित्सक डॉ. इरफान अहमद खान से बात की. वे बताते हैं कि ऐसे लोगों को रोजा रखते समय सावधानी बरतने की जरूरत है. जिन मरीजों की पहले से ब्लड प्रेशर की दवा चल रही है, उन्हें रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श कर दवाइयों का सही शेड्यूल तय कर लेना चाहिए. अलीगढ़. रमजान का पवित्र महीना इबादत, संयम और आत्मअनुशासन का संदेश देता है. इस दौरान रोजेदार पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं. हालांकि कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो ब्लड प्रेशर (बीपी) की समस्या से ग्रस्त हैं और उन्हें रोजा रखते समय अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. लोकल 18 ने इस विषय पर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मकोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इरफान अहमद खान से बात की. डॉ. इरफान अहमद खान बताते हैं कि रमजान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित करने का भी समय होता है. सही खान-पान और दिनचर्या अपनाने से शरीर को डिटॉक्स होने में भी मदद मिलती है. रोजे से पहले डॉक्टर की सलाह डॉ. इरफान के मुताबिक, जिन मरीजों की पहले से ब्लड प्रेशर की दवा चल रही है, उन्हें रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए, ताकि दवाइयों का सही शेड्यूल तय किया जा सके. डॉक्टर की सलाह से यह तय किया जाता है कि दवा इफ्तार और सहरी के बीच किस समय लेनी है, जिससे बीपी नियंत्रित बना रहे और रोजा भी आसानी से पूरा हो सके. डॉ. इरफान ने बताया कि रोजे के दौरान जीवनशैली और खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. तेल, ज्यादा चिकनाई और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थ ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं. नमक का सेवन कम रखना चाहिए, जिससे बीपी बेहतर तरीके से नियंत्रित रहता है. फल और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. डॉ. इरफान के अनुसार, जिन लोगों को माइल्ड हाइपरटेंशन है, यानी जिनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा हुआ है, वे नियमित सावधानियों से बिना अतिरिक्त दवा के भी काफी हद तक बीपी नियंत्रित रख सकते हैं. इसके लिए रोजाना कम से कम 20 मिनट की ब्रिस्क वॉक, संतुलित आहार और नमक की मात्रा कम करना बेहद असरदार उपाय हैं. तनाव से दूर रहना और सकारात्मक पारिवारिक व सामाजिक माहौल बनाए रखना भी ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भूमिका निभाता है. हालात बिगड़ने पर करें क्या डॉ. इरफान बताते हैं कि अगर अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी स्थिति महसूस हो, जैसे तेज सिरदर्द, घबराहट, चक्कर या बेचैनी हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनकी सलाह का पालन करना चाहिए. ऐसी स्थिति में स्वयं से दवा बदलना या नजरअंदाज करना सही नहीं होता. सही मेडिकल सलाह, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर बीपी मरीज भी सुरक्षित तरीके से रोजा रख सकते हैं और रमजान की इबादत को मुकम्मल कर सकते हैं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Aligarh,Uttar Pradesh First Published : March 01, 2026, 17:30 IST

CM बोले- 9 छोड़े थे, अब 48 चीते हो गए:कहा- वाइल्ड लाइफ में भारत ने दुनिया में किया नाम; विधायक लोधी के घर भी पहुंचे

CM बोले- 9 छोड़े थे, अब 48 चीते हो गए:कहा- वाइल्ड लाइफ में भारत ने दुनिया में किया नाम; विधायक लोधी के घर भी पहुंचे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर आए श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़े जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हमारे मध्य प्रदेश का फॉरेस्ट समृद्ध हो रहा है। अफ्रीका से लाकर जो नर और मादा चीते छोड़े गए हैं, उन्होंने मध्य प्रदेश की साख और बढ़ाई है। वाइल्ड लाइफ को लेकर भारत का नाम दुनिया में हुआ है। चीते एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो गए थे, वे अब आबाद हो रहे हैं। हमें प्रसन्नता है कि 9 चीते छोड़ने के बाद अब इनकी संख्या 48 हो गई है। CM बोले- मध्यप्रदेश अब सबसे ज्यादा टाइगर ग्वालियर में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि अब मध्य प्रदेश देश के अंदर सबसे ज्यादा टाइगर, सबसे ज्यादा लेपर्ड, सबसे ज्यादा चीते, और अब घड़ियाल के मामले में भी मध्य प्रदेश नंबर वन है। बीते समय की जो गणना सामने आई है उसके मुताबिक अब गिद्ध के आंकड़े भी समृद्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दौरे के दौरान कूनो नेशनल पार्क में प्रवास के दौरान कूनो नदी के माध्यम से जलचरों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की जो योजना है उससे आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी प्रकार के रोजगार के अवसर टूरिज्म सेक्टर वन्य प्राणी के आधार से मिले। यह चंबल का सबसे समृद्ध इलाका है। मैं उम्मीद करुंगा कि इसका लाभ हम सबको मिले। ग्वालियर, श्योपुर और अशोक नगर के दौरे पर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन सिंह यादव रविवार को ग्वालियर, श्योपुर व अशोक नगर के प्रवास पर हैं। वे दोपहर 12 बजे ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने एयरपोर्ट से सीधे ग्राम जलालपुर पहुंचकर शिवपुरी के पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी की माताजी भागवती बाई के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक प्रीतम लोधी की माताजी भागवती बाई का 26 फरवरी को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

US-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में हैं ईशा गुप्ता:कहा- मैं सुरक्षित हूं, समय बहुत कठिन है, एक्ट्रेस ने जल्द भारत लौटने की उम्मीद जताई

US-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में हैं ईशा गुप्ता:कहा- मैं सुरक्षित हूं, समय बहुत कठिन है, एक्ट्रेस ने जल्द भारत लौटने की उम्मीद जताई

फिल्म ‘जन्नत’ 2 फेम और एक्ट्रेस ईशा गुप्ता ने रविवार को बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर मिसाइल हमलों के बाद बढ़े US-ईरान संघर्ष के बीच वह इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय डरावना है और उन्होंने उम्मीद जताई कि वह जल्द ही भारत लौटेंगी। ईशा ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “जो भी लोग हालचाल पूछ रहे हैं और मैसेज कर रहे हैं, मैं जवाब न देने के लिए माफी चाहती हूं। हम ठीक हैं, हम सुरक्षित हैं। समय डरावना है, बहुत कठिन है।” उन्होंने आगे लिखा, “भगवान हमारी रक्षा के लिए हैं। हमें भरोसा है कि संयुक्त अरब अमीरात का रक्षा मंत्रालय लोगों की सुरक्षा और बचाव के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा है। सभी प्रभावित लोगों के लिए, जो भी फंसे हुए हैं, उनकी सुरक्षा के लिए सबसे बढ़कर प्रार्थना कर रही हूं। उम्मीद है जल्द ही घर लौटूंगी।” बता दें कि इससे पहले शनिवार को उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर आसमान की तस्वीर शेयर कर “अबू धाबी” लिखकर अपनी लोकेशन की पुष्टि की थी। दुबई में फंसी सोनल चौहान वहीं, एक्ट्रेस सोनल चौहान UAE के दुबई में फंसी हुई हैं। हाल ही में ईरान ने UAE समेत दुनिया के 8 देशों में हमला किया। इस स्थिति में दुबई की सभी उड़ाने रद्द कर दी गई हैं, जिससे एक्ट्रेस भारत लौटने में असमर्थ हैं। सोनल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत वापस लौटने के लिए मदद की अपील की। ‘जन्नत’ फेम सोनल ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया है कि वो दुबई में असुरक्षित महसूस कर रही हैं और जल्द भारत लौटना चाहती हैं। एक्ट्रेस ने लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मैं वर्तमान में जारी संकट के बीच दुबई में फंसी हुई हूं। उड़ानें रद्द हो गई हैं और भारत लौटने का कोई स्पष्ट तरीका नहीं है। मैं सुरक्षित घर वापसी के लिए सरकार से मार्गदर्शन और सहयोग की उम्मीद करती हूं। किसी भी सहायता के लिए मैं दिल से आभारी रहूंगी।” एयरपोर्ट में फंसी हैं सोनल चौहान सोनल चौहान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे कई यात्रियों में शामिल हैं। अचानक उड़ानें रद्द होने से यात्री असमंजस की स्थिति में हैं और आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एयरपोर्ट टर्मिनल पर भारी भीड़ और चिंतित यात्रियों को देखा जा सकता है। यह संकट पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद शुरू हुआ है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर संयुक्त हमलों के बाद स्थिति और बिगड़ गई। इसके जवाब में कई देशों, जिनमें ईरान और इराक शामिल हैं, ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा है। ‘परिवार सो नहीं पाया, स्थिति खतरनाक…’: KRK इस बीच, फिल्म क्रिटिक और एक्टर कमाल आर खान उर्फ KRK, जो अपने परिवार के साथ दुबई में रहते हैं, ने सोशल मीडिया पर दुबई के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि तेज़ धमाकों की वजह से उनका परिवार पूरी रात सो नहीं पाया। उन्होंने इसे शहर के लोगों के लिए खतरनाक स्थिति बताया। ————————— ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी दूसरी खबरें पढ़ें… अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत: बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गईं; ईरान की सेना बोली- थोड़ी देर में सबसे खतरनाक हमला करेंगे अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है। हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं। ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है। पूरी खबर पढ़ें…