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इवेंट में फटे जूते पहनकर पहुंचे सलमान खान:लोगों ने सादगी की तारीफ की; बाद में पता चला ये लाखों के लग्जरी शूज

इवेंट में फटे जूते पहनकर पहुंचे सलमान खान:लोगों ने सादगी की तारीफ की; बाद में पता चला ये लाखों के लग्जरी शूज

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान हाल ही में अपनी भांजी अलीजेह अग्निहोत्री की डेब्यू फिल्म ‘फर्रे’ की स्क्रीनिंग पर पहुंचे। इस दौरान सलमान ब्लैक शर्ट और जींस में बेहद सिंपल लुक में नजर आए। लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी एक फोटो वायरल हो गई, जिसमें उनके जूते आगे से फटे हुए दिख रहे हैं। इसे देखकर लोग सलमान की सादगी की तारीफ करने लगे। हालांकि अब इन जूतों की असलियत और कीमत सामने आ गई है। वायरल फोटो में दिखा जूतों का बुरा हाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो में सलमान खान अपनी ‘टाइगर-3’ को-स्टार कैटरीना कैफ और एक पत्रकार के साथ बेंच पर बैठे दिख रहे हैं। फोटो को ध्यान से देखने पर नजर आता है कि सलमान के जूतों का लेदर आगे से निकला हुआ है और उनमें बड़ा सा छेद भी है। इसे देखकर फैन्स ने सोशल मीडिया पर उनकी सादगी की तारीफ करना शुरू कर दी। कई लोगों ने लिखा कि इतना बड़ा सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान फटे जूते पहनने में शर्म महसूस नहीं करते। फटे नहीं, ये ‘डिस्ट्रेस्ड’ लग्जरी शूज हैं जूतों को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच उस पत्रकार ने सच्चाई बताई जिन्होंने सलमान से मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर साफ किया कि भाईजान ने ‘फटे हुए जूते’ नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड के महंगे जूते पहने थे। दरअसल, ये शूज ‘डिस्ट्रेस्ड’ लुक (distressed look) कैटेगरी के हैं। फैशन की दुनिया में आजकल जानबूझकर कपड़ों और जूतों को फटा हुआ या गंदा दिखाने का ट्रेंड है, जिसकी कीमत लाखों में होती है। कंफर्ट के लिए फटे जूते पहनते हैं सलमान एक इंटरव्यू के दौरान सलमान के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर जस्सी गिल ने बताया की सलमान कंफर्ट के लिए फटे हुए जूते पहनते हैं। पलक तिवारी ने बताया कि लोगों को लगता है कि सलमान खान इतने बड़े स्टार हैं और उनके पास बहुत पैसा है, इसलिए उनके जूतों में कभी खराबी नहीं हो सकती। इस पर जस्सी ने कहा कि वह भी यही बताना चाहता था कि सलमान खान अक्सर वही लेदर के जूते पहनते हैं, जो काफी पुराने और फटे हुए होते हैं। वह उन्हीं जूतों में शूटिंग भी कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें सबसे ज्यादा आराम उन्हीं में मिलता है। इसलिए वे बार-बार वही जूते पहनना पसंद करते हैं।

वर्कआउट नहीं करते, फिर भी ले सकते हैं प्रोटीन सप्लीमेंट? डाइटिशियन ने बताया कब और कैसे करें सेवन

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Last Updated:April 05, 2026, 13:31 IST Protein Powder Safe Uses: प्रोटीन सप्लीमेंट लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और जिम जाने वाले अधिकतर लोग इनका सेवन करते हैं. डाइटिशियन रंजना सिंह के अनुसार जिम जाने वाले लोगों को भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन नहीं करना चाहिए. जो लोग जिम नहीं करते हैं, वे भी सख्ती से इन सप्लीमेंट्स को अवॉइड करें. अगर शरीर में प्रोटीन की सीवियर कमी हो या कोई बीमारी हो, तो ऐसे में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह पर ही प्रोटीन सप्लीमेंट्स लें. डाइटिशियन की मानें तो सभी लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट्स अवॉइड करने चाहिए. When to Use Protein Powder: प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरूरी तत्व है. यह मसल्स की ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी माना जाता है और शरीर की कई प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है. आजकल जिम जाने वाले अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग बिना जिम जाए भी इन प्रोटीन सप्लीमेंट्स का यूज कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि ये सप्लीमेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की राय बिल्कुल अलग है. डाइटिशियन की मानें तो ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से इस्तेमाल नहीं करने चाहिए. जिम जाएं या न जाएं, लेकिन सप्लीमेंट अपनी मर्जी से न लें. यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जिम जाने वाले तमाम लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स आमतौर पर इन सप्लीमेंट्स की सलाह नहीं देते हैं. जो लोग जिम नहीं जाते हैं, उन्हें ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से बिल्कुल नहीं लेने चाहिए. बाजार में मिलने वाले तमाम सप्लीमेंट्स में खतरनाक सिंथेटिक एलीमेंट और स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. इनकी वजह से किडनी, हार्ट और लिवर से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो रही हैं. लोगों को किसी भी तरह के सप्लीमेंट के बजाय प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए, ताकि नेचुरल तरीके से प्रोटीन की कमी दूर हो सके. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन रंजना के मुताबिक अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या प्रोटीन की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, तब आप डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेकर प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही डाइट में प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे- अंडा, पनीर, मछली, चने, दालें और सोयाबीन शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा घर पर व्हे प्रोटीन बनाकर भी यूज करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट या सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर प्रोटीन पाउडर न खरीदें और इसका यूज करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. इसमें लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो प्रोटीन पाउडर का ज्यादा सेवन करना लिवर और किडनी के लिए नुकसानदायक होता है. अगर आप वर्कआउट नहीं करते हैं और अपनी मर्जी से प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करते हैं, तो इससे किडनी और लिवर पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा पेट की समस्या, कब्ज या अपच की कंडीशन पैदा हो सकती है. जिन लोगों को किडनी डिजीज, किडनी स्टोन, यूरिक एसिड की समस्या है, वे प्रोटीन सप्लीमेंट्स सख्ती से अवॉइड करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 13:31 IST

श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया। शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर के निरंजनपुर में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगा ली। वह रात में किराना दुकान से अपने घर आया और यह कदम उठा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय नयन पिता राम सिंह राय ने अपने घर में फांसी लगा ली। रिश्तेदारों ने बताया कि नयन रात में अपनी दुकान से घर पहुंचा था। करीब रात साढ़े नौ बजे उसके भाई मयंक ने उसे फंदे पर लटका हुआ देखा। नयन को फंदे से उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पत्नी नहीं थी घर पर परिवार के अनुसार, नयन ने करीब एक साल पहले ही इलाके में रहने वाली युवती से प्रेम विवाह किया था। जब वह घर पहुंचा, तब उसकी पत्नी मायके में थी। वहीं, माता-पिता एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पुलिस के मुताबिक, संभवतः पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद नयन ने यह कदम उठाया। फिलहाल, परिवार के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

‘पिक्चर अभी बाकी है’: AAP के इस दावे के बाद राघव चड्ढा ने पलटवार किया कि उन्होंने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए | राजनीति समाचार

Smoke and debris flies around at the site of an Israeli strike that targeted a building adjacent to the highway that leads to Beirut's international airport.

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 12:02 IST राघव चड्ढा ने AAP नेताओं के इस दावे को खारिज कर दिया कि उन्होंने संसद में पंजाब की अनदेखी की, एमएसपी, ननकाना साहिब कॉरिडोर, भूजल पर काम का हवाला दिया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा (फाइल फोटो) आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर बढ़ते तनाव के बीच, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने रविवार को अपनी ही पार्टी की आलोचना का जवाब दिया, जिसने उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। एक्स पर एक पोस्ट में, चड्ढा ने आरोपों को खारिज कर दिया, राज्य के साथ अपने गहरे संबंध पर जोर दिया और एक सांसद के रूप में उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें रेखांकित किया। इनमें ननकाना साहिब तक गलियारे की मांग, किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी समर्थन, राज्य में घटते भूजल पर चिंता और भगत सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग शामिल है। चड्ढा ने पंजाब के मुद्दों पर अपने रिकॉर्ड का बचाव किया AAP में मेरे सहयोगियों के लिए जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि “राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे”, यहां एक छोटा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए बात करने का मुद्दा नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 5 अप्रैल 2026 उन्होंने ट्वीट किया, “आप में मेरे सहयोगियों के लिए जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि “राघव चड्ढा पंजाब के मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहे”, यहां एक छोटा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए बात करने का मुद्दा नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है।” दरार गहरी, AAP ने चड्ढा पर लगाया पंजाब के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप सांसद की यह प्रतिक्रिया पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में, गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त करने के बाद आई है। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। इस सप्ताह की शुरुआत में चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया। इस कदम के बाद उन्होंने नेतृत्व पर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। जवाब में, पार्टी के कई नेताओं ने उनकी तीखी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने “समझौता” कर लिया है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, चड्ढा ने आरोपों को उन्हें निशाना बनाने के जानबूझकर किए गए प्रयास का हिस्सा बताया और उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने संसदीय विरोध प्रदर्शनों से परहेज किया या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड अभियान चल रहा है। वही भाषा, वही शब्द, वही आरोप। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक समन्वित हमला है। पहले तो मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि अगर एक झूठ को 100 बार दोहराया जाए, तो कुछ लोग उस पर विश्वास कर सकते हैं। इसलिए, मैंने जवाब देने का फैसला किया।” पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 12:02 IST समाचार राजनीति ‘पिक्चर अभी बाकी है’: AAP के इस दावे के बाद राघव चड्ढा ने पलटवार किया कि उन्होंने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा पंजाब मुद्दे(टी)आम आदमी पार्टी में दरार(टी)राघव चड्ढा आलोचना(टी)आप आंतरिक संघर्ष(टी)पंजाब राजनीतिक विवाद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)हरपाल सिंह चीमा का बयान(टी)भगत सिंह को भारत रत्न

पत्नी बोली- 21 साल बड़ा पति, साथ नहीं रहूंगी:बॉयफ्रेंड के साथ रहने की जताई इच्छा; हाईकोर्ट ने दी परमिशन, शॉर्या दीदी भी नियुक्त की

पत्नी बोली- 21 साल बड़ा पति, साथ नहीं रहूंगी:बॉयफ्रेंड के साथ रहने की जताई इच्छा; हाईकोर्ट ने दी परमिशन, शॉर्या दीदी भी नियुक्त की

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है। कोर्ट में 19 साल की युवती ने अपने से 21 साल बड़े पति के साथ वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाने की बात कहते हुए बॉयफ्रेंड के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती की इच्छा पर कोर्ट ने उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दी। साथ ही 6 महीने की निगरानी के लिए ‘शौर्या दीदी’ की नियुक्ति भी की गई। मामला हैबियस कॉर्पस से जुड़ी याचिका का है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने यह फैसला सुनाया। पति ने लगाई थी याचिका युवती के पति अवधेश की ओर से यह याचिका अधिवक्ता सुरेश पाल सिंह गुर्जर ने दायर की थी। आरोप था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार ने अवैध रूप से अपने पास रखा है। युवती को पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर में रखा था। सुनवाई के दौरान शुक्रवार को युवती को वन स्टॉप सेंटर से सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह सिकरवार, हेड कांस्टेबल अखिलेश सेंथिया और लेडी कांस्टेबल भावना द्वारा कोर्ट में पेश किया गया। युवती के माता-पिता, पति अवधेश और प्रेमी अनुज भी कोर्ट में मौजूद रहे। सभी की मौजूदगी में मामले की सुनवाई की गई और न्यायाधीश ने युवती की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए फैसला सुनाया। युवती बोली- मेरी उम्र 19 साल, पति 21 साल बड़ा सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती से उसकी इच्छा पूछी। युवती ने साफ कहा कि वह बालिग है, किसी अवैध बंधन में नहीं है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने पति और अपने माता-पिता, दोनों के साथ रहने से इनकार कर दिया। युवती ने बताया कि उसकी उम्र 19 साल है, जबकि पति की उम्र 40 साल है। इस 21 साल के अंतर के कारण वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाया और उसके साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। कोर्ट के निर्देश पर शासकीय अधिवक्ता अंजलि ज्ञानानी ने युवती की काउंसलिंग की, लेकिन काउंसलिंग के बाद भी उसने अपने बॉयफ्रेंड अनुज के साथ रहने की इच्छा दोहराई। अनुज ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह युवती की पूरी देखभाल करेगा और किसी तरह की प्रताड़ना नहीं देगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका का उद्देश्य समाप्त हो चुका है। बॉयफ्रेंड के साथ जाने की अनुमति कोर्ट ने युवती को अनुज के साथ जाने की अनुमति देते हुए अंजलि ज्ञानानी और लेडी कांस्टेबल भावना को अगले 6 महीने के लिए ‘शौर्या दीदी’ नियुक्त किया, जो युवती के संपर्क में रहकर उसकी सुरक्षा, भलाई और मार्गदर्शन सुनिश्चित करेंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि युवती को वन स्टॉप सेंटर, कंपू (ग्वालियर) से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुक्त किया जाए। इसी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें 4 गलतियां, किडनी हो जाएंगी खराब, जिंदगीभर कराना पड़ेगा डायलिसिस !

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Last Updated:April 05, 2026, 11:19 IST Diabetes and Kidney Health: डायबिटीज के मरीज अगर खान-पान में गलती करेंगे, तो इससे उनकी किडनी डैमेज हो सकती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो ज्यादा नमक वाली चीजें, प्रोसेस्ड फूड, हाई प्रोटीन डाइट और ज्यादा चीनी का सेवन किडनी पर दबाव बढ़ाता है, जिससे किडनी को नुकसान होता है. बेहतर खानपान से किडनी को हेल्दी रखा जा सकता है. शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाए, तो इससे किडनी फेलियर की नौबत आ सकती है. Tips to Prevent Kidney Damage: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर देती है. अगर शुगर लेवल अनकंट्रोल रहता है, तो इससे शरीर के अन्य ऑर्गन्स डैमेज होने लगते हैं. डायबिटीज के मरीजों को किडनी डैमेज का रिस्क स्वस्थ लोगों की तुलना में ज्यादा होता है. डॉक्टर्स की मानें तो गलत खान-पान और लापरवाही के कारण डायबिटीज के मरीजों में किडनी प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं. छोटी-छोटी आदतें किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं. अगर इन आदतों को बदल लिया जाए और शुगर लेवल को कंट्रोल रखा जाए, तो किडनी की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. अपोलो डायलिसिस के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अश्विनी पाणिग्रही ने HT को बताया कि जब लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल ज्यादा रहता है, तब यह किडनी की छोटी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है. इससे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों में किडनी डैमेज एक प्रोग्रेसिव यानी धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या बन जाती है. हालांकि सही खान-पान से इस प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है. कुछ लोग खान-पान में छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे शुगर लेवल अनकंट्रोल होता है और किडनी को गंभीर नुकसान होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किडनी को नुकसान पहुंचा रहीं ये गलतियां डॉक्टर ने बताया कि डायबिटीज के मरीज अक्सर अपनी डाइट में कुछ कॉमन गलतियां करते हैं, जो किडनी के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. सबसे बड़ी गलती ज्यादा नमक का सेवन है. पैकेज्ड फूड, नमकीन स्नैक्स, अचार और रेडी-टू-ईट चीजों में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ाकर किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती है. इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, इंस्टेंट फूड और पैकेज्ड मीट में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और अनहेल्दी फैट्स भी शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. आजकल मसल्स बढ़ाने के लिए लोग हाई प्रोटीन डाइट ले रहे हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह खतरनाक हो सकता है. ज्यादा प्रोटीन किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालता है और अगर पहले से किडनी कमजोर हैं, तो यह समस्या को और बढ़ा सकता है. इसके अलावा ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है, जिससे लंबे समय में किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है. शुगर का सेवन डायबिटीज के मरीजों को कम से कम करना चाहिए. किस तरह किडनी डैमेज से बचा जाए? नेफ्रोलॉजिस्ट का कहना है कि सही डाइट अपनाकर किडनी को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके लिए नमक का सेवन कम करें और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं. घर का बना ताजा और संतुलित खाना सबसे बेहतर विकल्प है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और हेल्दी फैट्स शामिल करें. फल भी खाएं, लेकिन सीमित मात्रा में खाएं. इसके अलावा प्रोटीन का सेवन संतुलित रखें. डायबिटीज के मरीजों के लिए केवल सही खाना ही काफी नहीं है, बल्कि नियमित जांच भी उतनी ही जरूरी है. पर्याप्त पानी पीना, ब्लड शुगर की निगरानी करना और समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट कराना बेहद जरूरी है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 11:19 IST

EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में मोरचा के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था के तहत जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किये गये थे. वहीं ईसी की कार्रवाई पर सैद्धांतिक कांग्रेस ने पूर्व-पूर्व विचारधारा का आरोप लगाया है। इन सिपाहियों पर गिरी गाज इलेक्शन कमीशन ने जिन पुलिस कमिश्नरी पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ सिद्धार्थ (डीसी-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस), प्रियंकर दलाल (ऑफिसर-इन-चार्ज, अलीपुर), चंडी चरण बिल्डर (एडिशनल ओएमआई, अलीपुर) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट, अलीपुर) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरा मामला क्या है? चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के नामांकित नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूज कर रहा था। सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन भरने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा में गड़बड़ी हो गई थी. दो प्रारंभिक चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव डॉ. नारियाला को चार आतंकियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बंगाल की हॉट सीट से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन नियुक्त किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम में चुनावी मैदान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ईसी(टी)ईसीआई(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग एक्शन

90 साल के दादाजी ने जिम में मचाया तहलका, वर्कआउट वीडियो देख जवान लड़कों के उड़े होश, आप भी देखिए

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Last Updated:April 05, 2026, 10:13 IST Strength Training at 90 Viral Video: आजकल युवाओं की फिटनेस भी खराब हो रही है, जबकि कई बुजुर्ग अब भी फिट हैं. फिटनेस ट्रेनर जेनिफर मार्टिन ने अपने 90 साल के दादाजी का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे जिम में वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है. दादाजी वीडियो में एकदम फिट और हेल्दी नजर आ रहे हैं. 90 साल के बुजुर्ग वीडियो में वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं. 90-Year-Old’s Workout Goes Viral: अक्सर माना जाता है कि बुढ़ापे में लोगों को बीमारियां हो जाती हैं और उनका शरीर कमजोर हो जाता है. यह बात सही है कि बुजुर्गों को सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो बुजुर्ग फिजिकली एक्टिव रहते हैं, वे अपनी जिंदगी को बुढ़ापे तक भी आसानी से जी पाते हैं. इंस्टाग्राम पर इस वक्त एक 90 साल के दादाजी के वर्कआउट का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे फिटनेस एक्सपर्ट जेनिफर मार्टिन ने शेयर किया है. इस वीडियो में दादाजी जबरदस्त वर्कआउट करते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि फिटनेस की कोई उम्र नहीं होती और अगर शरीर का ध्यान रखा जाए, तो बुढ़ापे में भी सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जिया जा सकता है. फिटनेस ट्रेनर जेनिफर मार्टिन ने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर बताया कि उनके दादाजी 90 साल के हैं, लेकिन वे अब भी प्रॉपर वर्कआउट रूटीन फॉलो करते हैं. उनकी सेहत और स्वतंत्र जीवन का राज कोई चमत्कार नहीं, बल्कि सालों की मेहनत और अनुशासन है. जेनिफर के अनुसार उनके दादा हफ्ते में तीन दिन नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, जिससे उनकी मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं और वे बिना किसी सहारे के अपनी जिंदगी जी पाते हैं. उनका मानना है कि उम्र बढ़ना समस्या नहीं है, बल्कि मांसपेशियों की ताकत खोना असली चुनौती है. हैरानी की बात यह है कि 90 साल की उम्र में भी दादाजी न केवल अकेले रहते हैं, बल्कि खुद ड्राइव भी करते हैं और ज्यादातर दिनों में बिना किसी मदद के जिम चले जाते हैं. View this post on Instagram

मिट्टी के घड़े की ये है बड़ी खासियत शायद ही हो आपको मालूम, कुम्हार ने बताए अनगिनत फायदे

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Last Updated:April 05, 2026, 09:54 IST गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से सेहत पर असर पड़ सकता है, ऐसे में मिट्टी के घड़े का पानी एक बेहतर और प्राकृतिक विकल्प है. बहराइच के विक्रम, पारंपरिक तरीके से घड़े बनाकर लोगों को ठंडा और हेल्दी पानी उपलब्ध करा रहे हैं जिसकी कीमत भी काफी कम होती है. बहराइच: गर्मियों का मौसम आते ही लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर पर प्यास लगने लगती है. लोग धूप से आने के बाद अक्सर फ्रिज का ठंडा पानी पीकर बीमार हो जाते हैं और काफी हद तक फ्रिज का पानी नुकसान भी करता है. इसके जगह आप मिट्टी के घड़े में पानी पी सकते हैं जिनको बहराइच जिले के रहने वाले विक्रम पिछले कई सालों से बना रहे हैं. आइए जानिए कैसे होता है तैयार और क्या होती है इसकी खासियत.. घण्टों  तक रहता है पानी नेचुरल ठंडा मिट्टी के घड़े की बात करें तो यह घड़ा बेहद खास पीली मिट्टी और बालुई  मिट्टी को मिलाकर बनाया जाता है, जिसको बनाने में लगभग 4 से 5 दिन का समय लगता है जिसमें पानी रखने के बाद पानी की तासीर ठंडी हो जाती है और पानी पीने पर भी ठंडा लगता है और सबसे खास बात ये होती है कि इसमें रखे हुए पानी को पीने से प्यास भी बुझती है. हर साल गर्मी आने से पहले कर लेते हैं तैयार! बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र के रजवापुर गांव में रहने वाले विक्रम कुमार जो अपने परिवार के साथ मिलकर मिट्टी के घड़े के साथ मिट्टी की विभिन्न सामग्री बनाने का काम करते हैं. उन्होंने  लोकल 18 की टीम से खास बातचीत में बताया है कि गर्मियों में मिट्टी के घड़े की बेहद खास मांग रहती है और बड़े-बड़े घर के लोग जब इस रास्ते से गुजरते हैं, तो लोग यहां से मिट्टी का घड़ा खरीद कर लें जाते हैं. क्या होती है घड़े की कीमत विक्रम का घर रजवापुर में हाईवे के किनारे ही बना हुआ, इनका पूरा परिवार खुद इस मिट्टी के घड़े में ही गर्मियों में पानी पीता है, जिनकी कीमत की बात करें तो ₹150 से लगाकर कर ₹500 तक होता है, जो आकार और बनावट पर निर्भर करता है. आजकल मार्केट में मिट्टी के नाम पर लोग विशेष प्रकार का पोलिस क्यों हुआ मटका भी पैसे कमाने के चक्कर में भेज देते हैं जिसमें पानी पीने से काफी नुकसान होता है. जब भी मिट्टी का घड़ा खरीदे तो खासकर इनको बनाने वाले कुम्हार से ही खरीदें. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें Location : Bahraich,Bahraich,Uttar Pradesh First Published : April 05, 2026, 09:54 IST