EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में मोरचा के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था के तहत जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किये गये थे. वहीं ईसी की कार्रवाई पर सैद्धांतिक कांग्रेस ने पूर्व-पूर्व विचारधारा का आरोप लगाया है। इन सिपाहियों पर गिरी गाज इलेक्शन कमीशन ने जिन पुलिस कमिश्नरी पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ सिद्धार्थ (डीसी-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस), प्रियंकर दलाल (ऑफिसर-इन-चार्ज, अलीपुर), चंडी चरण बिल्डर (एडिशनल ओएमआई, अलीपुर) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट, अलीपुर) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरा मामला क्या है? चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के नामांकित नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूज कर रहा था। सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन भरने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा में गड़बड़ी हो गई थी. दो प्रारंभिक चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव डॉ. नारियाला को चार आतंकियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बंगाल की हॉट सीट से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन नियुक्त किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम में चुनावी मैदान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ईसी(टी)ईसीआई(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग एक्शन
90 साल के दादाजी ने जिम में मचाया तहलका, वर्कआउट वीडियो देख जवान लड़कों के उड़े होश, आप भी देखिए

Last Updated:April 05, 2026, 10:13 IST Strength Training at 90 Viral Video: आजकल युवाओं की फिटनेस भी खराब हो रही है, जबकि कई बुजुर्ग अब भी फिट हैं. फिटनेस ट्रेनर जेनिफर मार्टिन ने अपने 90 साल के दादाजी का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे जिम में वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है. दादाजी वीडियो में एकदम फिट और हेल्दी नजर आ रहे हैं. 90 साल के बुजुर्ग वीडियो में वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं. 90-Year-Old’s Workout Goes Viral: अक्सर माना जाता है कि बुढ़ापे में लोगों को बीमारियां हो जाती हैं और उनका शरीर कमजोर हो जाता है. यह बात सही है कि बुजुर्गों को सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो बुजुर्ग फिजिकली एक्टिव रहते हैं, वे अपनी जिंदगी को बुढ़ापे तक भी आसानी से जी पाते हैं. इंस्टाग्राम पर इस वक्त एक 90 साल के दादाजी के वर्कआउट का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे फिटनेस एक्सपर्ट जेनिफर मार्टिन ने शेयर किया है. इस वीडियो में दादाजी जबरदस्त वर्कआउट करते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि फिटनेस की कोई उम्र नहीं होती और अगर शरीर का ध्यान रखा जाए, तो बुढ़ापे में भी सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जिया जा सकता है. फिटनेस ट्रेनर जेनिफर मार्टिन ने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर बताया कि उनके दादाजी 90 साल के हैं, लेकिन वे अब भी प्रॉपर वर्कआउट रूटीन फॉलो करते हैं. उनकी सेहत और स्वतंत्र जीवन का राज कोई चमत्कार नहीं, बल्कि सालों की मेहनत और अनुशासन है. जेनिफर के अनुसार उनके दादा हफ्ते में तीन दिन नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, जिससे उनकी मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं और वे बिना किसी सहारे के अपनी जिंदगी जी पाते हैं. उनका मानना है कि उम्र बढ़ना समस्या नहीं है, बल्कि मांसपेशियों की ताकत खोना असली चुनौती है. हैरानी की बात यह है कि 90 साल की उम्र में भी दादाजी न केवल अकेले रहते हैं, बल्कि खुद ड्राइव भी करते हैं और ज्यादातर दिनों में बिना किसी मदद के जिम चले जाते हैं. View this post on Instagram
मिट्टी के घड़े की ये है बड़ी खासियत शायद ही हो आपको मालूम, कुम्हार ने बताए अनगिनत फायदे

Last Updated:April 05, 2026, 09:54 IST गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से सेहत पर असर पड़ सकता है, ऐसे में मिट्टी के घड़े का पानी एक बेहतर और प्राकृतिक विकल्प है. बहराइच के विक्रम, पारंपरिक तरीके से घड़े बनाकर लोगों को ठंडा और हेल्दी पानी उपलब्ध करा रहे हैं जिसकी कीमत भी काफी कम होती है. बहराइच: गर्मियों का मौसम आते ही लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर पर प्यास लगने लगती है. लोग धूप से आने के बाद अक्सर फ्रिज का ठंडा पानी पीकर बीमार हो जाते हैं और काफी हद तक फ्रिज का पानी नुकसान भी करता है. इसके जगह आप मिट्टी के घड़े में पानी पी सकते हैं जिनको बहराइच जिले के रहने वाले विक्रम पिछले कई सालों से बना रहे हैं. आइए जानिए कैसे होता है तैयार और क्या होती है इसकी खासियत.. घण्टों तक रहता है पानी नेचुरल ठंडा मिट्टी के घड़े की बात करें तो यह घड़ा बेहद खास पीली मिट्टी और बालुई मिट्टी को मिलाकर बनाया जाता है, जिसको बनाने में लगभग 4 से 5 दिन का समय लगता है जिसमें पानी रखने के बाद पानी की तासीर ठंडी हो जाती है और पानी पीने पर भी ठंडा लगता है और सबसे खास बात ये होती है कि इसमें रखे हुए पानी को पीने से प्यास भी बुझती है. हर साल गर्मी आने से पहले कर लेते हैं तैयार! बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र के रजवापुर गांव में रहने वाले विक्रम कुमार जो अपने परिवार के साथ मिलकर मिट्टी के घड़े के साथ मिट्टी की विभिन्न सामग्री बनाने का काम करते हैं. उन्होंने लोकल 18 की टीम से खास बातचीत में बताया है कि गर्मियों में मिट्टी के घड़े की बेहद खास मांग रहती है और बड़े-बड़े घर के लोग जब इस रास्ते से गुजरते हैं, तो लोग यहां से मिट्टी का घड़ा खरीद कर लें जाते हैं. क्या होती है घड़े की कीमत विक्रम का घर रजवापुर में हाईवे के किनारे ही बना हुआ, इनका पूरा परिवार खुद इस मिट्टी के घड़े में ही गर्मियों में पानी पीता है, जिनकी कीमत की बात करें तो ₹150 से लगाकर कर ₹500 तक होता है, जो आकार और बनावट पर निर्भर करता है. आजकल मार्केट में मिट्टी के नाम पर लोग विशेष प्रकार का पोलिस क्यों हुआ मटका भी पैसे कमाने के चक्कर में भेज देते हैं जिसमें पानी पीने से काफी नुकसान होता है. जब भी मिट्टी का घड़ा खरीदे तो खासकर इनको बनाने वाले कुम्हार से ही खरीदें. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें Location : Bahraich,Bahraich,Uttar Pradesh First Published : April 05, 2026, 09:54 IST
मोदी ने चुनावी रैली में फिल्मों का जिक्र किया:बोले- विपक्ष ने 'धुरंधर', 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल स्टोरी' को झूठ बताया, उनका यही काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में आयोजित एनडीए की रैली में फिल्म धुरंधर, द केरल स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स का जिक्र करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस, UDF-LDF का हर चीज में झूठ बोलने का स्वभाव बन गया है। जब हम नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाए तो इन्होंने झूठ बोला, आज CAA लागू हुआ, देश को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ‘द केरलम स्टोरी’ यह झूठ है, उन्होंने कहा ‘द कश्मीर फाइल्स’ यह झूठ है, उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ भी एक झूठ है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन दिनों वे फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी ऐसा झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में दशकों से UCC है, लेकिन वे इसके बारे में भी गलत बातें फैला रहे हैं। ये झूठ फैलाने का कारोबार लेकर बैठे हुए हैं।’ फिल्म धुरंधर आदित्य धर की फिल्म है, जो दो भागों में रिलीज हुई। इसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 1999 के कंधार हाईजैक और 26/11 जैसे वास्तविक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रेरित है। फिल्म का पहला भाग 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था, जबकि इसका दूसरा पार्ट हाल ही में 19 मार्च 2026 को रिलीज हुआ। डायरेक्टर सुदीप्तो सेन की फिल्म द केरल स्टोरी (2023) उन लड़कियों की कहानी पर केंद्रित है, जिन्हें कट्टरपंथी बनाकर ISIS में शामिल होने के लिए उकसाया गया था। फिल्म में अदा शर्मा मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म का सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियोंड’ भी फरवरी 2026 में रिलीज हुआ। वहीं, विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित 2022 की फिल्म द कश्मीर फाइल्स 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन की घटनाओं को दर्शाती है। इसमें अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकार थे।
मोदी ने चुनावी रैली में फिल्मों का जिक्र किया:बोले- विपक्ष ने 'धुरंधर', 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल स्टोरी' को झूठ बताया, उनका यही काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में आयोजित एनडीए की रैली में फिल्म धुरंधर, द केरल स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस, UDF-LDF का हर चीज में झूठ बोलने का स्वभाव बन गया है। जब हम नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाए तो इन्होंने झूठ बोला, आज CAA लागू हुआ, देश को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ‘द केरलम स्टोरी’ यह झूठ है, उन्होंने कहा ‘द कश्मीर फाइल्स’ यह झूठ है, उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ भी एक झूठ है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन दिनों वे फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी ऐसा झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में दशकों से UCC है, लेकिन वे इसके बारे में भी गलत बातें फैला रहे हैं। ये झूठ फैलाने का कारोबार लेकर बैठे हुए हैं।’ फिल्म धुरंधर आदित्य धर की फिल्म है, जो दो भागों में रिलीज हुई। इसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 1999 के कंधार हाईजैक और 26/11 जैसे वास्तविक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रेरित है। फिल्म का पहला भाग 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था, जबकि इसका दूसरा पार्ट हाल ही में 19 मार्च 2026 को रिलीज हुआ। डायरेक्टर सुदीप्तो सेन की फिल्म द केरल स्टोरी (2023) उन लड़कियों की कहानी पर केंद्रित है, जिन्हें कट्टरपंथी बनाकर ISIS में शामिल होने के लिए उकसाया गया था। फिल्म में अदा शर्मा मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म का सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियोंड’ भी फरवरी 2026 में रिलीज हुआ। वहीं, विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित 2022 की फिल्म द कश्मीर फाइल्स 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन की घटनाओं को दर्शाती है। इसमें अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकार थे।
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 5 रिकॉर्ड्स की सूची जारी की है, जिसमें 3 तिमाही में वैकल्पिक उम्मीदवार शामिल हैं

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोट डालने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। राजनीतिक दल ज़ोर-शोर से प्रचार में कैथोलिक बने हुए हैं। इसी बीच बीजेपी ने बेरोजगारी की पांचवी लिस्ट जारी कर दी है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 5 जनवरी 2019 को 5 जनवरी 2019 को एक नया पोस्टर जारी किया था। साथ ही पार्टी ने ऑर्केस्ट्रा के लिए तीन रेज़्यूमे की सूची जारी की है। टिकटें किसने दी? बीजेपी की ओर से जारी की गई ग्राहम की लिस्ट के अनुसार, कल्याणी से अनुपम बिस्वास, दम दम उत्तर से सुरव सिकंदर, मध्यमग्राम से अनिंद्रद्य राइडोनिया और उलुबेरिया पूर्व से रुद्रप्रसाद इब्राहिम चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने तीन विधानसभाओं की निजीकरण सूची जारी की है। अब विष्णु सिद्धार्थ को बशीरहाट उत्तर से, अभिजीत सरदार को बेहाला पूर्व से और शंकर सिकंदर को बेहाला पूर्व से संयुक्त राज्य अमेरिका बनाया गया है। 292 सचिवालय पर घोषित बेचान? बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर अपने कब्जे के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने पहली सूची में 144 युवाओं की सूची जारी की थी। वहीं दूसरी सूची में 111 और तीसरी सूची में 19 और चौथी सूची में 13 नॉर्वेजियन के नाम शामिल थे। पीएम मोदी की रैली आज पश्चिम बंगाल में स्थिर प्रतिस्पर्धा सत्य पर स्थिर उद्योग और बीजेपी के बीच रहने के आसार दिख रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरे देश में बीजेपी के बड़े नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को बंगाल के कूज बिहार में रैली को बताएंगे। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मोदी की ये पहली रैली होगी। बीजेपी के लिए बिहार का विशेष महत्व है क्योंकि 2021 में बीजेपी ने वहां 9 से 8 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाला जाएगा. पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है।
पुरुषों को 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज का खतरा ! युवा बिल्कुल नजरअंदाज न करें ये 5 सबसे बड़े कारण

Last Updated:April 05, 2026, 08:15 IST Heart Disease Risk in Men: एक नई रिसर्च में पता चला है कि पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह समस्या बिना लक्षण के शुरू होती है, इसलिए साइलेंट किलर का काम कर सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरुषों को 30 की उम्र से ही नियमित हार्ट चेकअप कराना चाहिए. युवाओं में हार्ट डिजीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. Heart Disease in Young Age: अधिकतर लोगों को लगता है कि हार्ट डिजीज का खतरा 40-50 की उम्र के बाद ज्यादा होता है, लेकिन एक नई स्टडी के अनुसार बड़ी संख्या में पुरुषों में 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज डेवलप होने लगती है. धीरे-धीरे यह बीमारी बढ़ती रहती है और लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं. जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित रिसर्च की मानें तो पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह खतरा बिना लक्षण के पैदा हो जाता है, जिससे समय रहते इसकी पहचान नहीं हो पाती है. इसकी वजह से तमाम लोग अपनी जान गंवा देते हैं. इस स्टडी में 5000 से अधिक वयस्कों को 30 साल से ज्यादा समय तक ट्रैक किया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि 35 साल के बाद पुरुषों और महिलाओं के बीच दिल की बीमारी के रिस्क में साफ अंतर दिखने लगता है. पुरुषों में यह रिस्क तेजी से बढ़ता है और मिडिल एज तक महिलाओं की तुलना में अधिक बना रहता है. पुरुषों में हार्ट डिजीज का खतरा महिलाओं की तुलना में लगभग 7 साल पहले 5% तक पहुंच जाता है. कोरोनरी हार्ट डिजीज के मामले में यह अंतर और भी ज्यादा गंभीर पाया गया. पुरुषों में इसका खतरा महिलाओं की तुलना में 10 साल पहले दिखाई देने लगता है, जो इस बात का संकेत है कि उनकी ब्लड वेसल्स में नुकसान जल्दी शुरू हो जाता है. यह अंतर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा और शारीरिक गतिविधि जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखने के बाद भी बना रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. भारतीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थिति भारत में अत्यधिक गंभीर हो सकती है. AIIMS के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय ने TOI को बताया कि अब दिल की बीमारी को केवल मिडिल एज की समस्या मानना गलत है. भारत में रिस्क फैक्टर्स 30 की उम्र में ही दिखने लगते हैं, इसलिए डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जल्दी शुरू करना जरूरी है. दक्षिण एशियाई लोगों में दिल की बीमारी का खतरा पश्चिमी देशों की तुलना में पहले सामने आता है. वहीं महिलाओं में यह जोखिम मेनोपॉज के बाद तेजी से बढ़ता है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसलिए जरूरी है कि 30 की उम्र से ही नियमित जांच, सही जीवनशैली और जागरूकता पर ध्यान दिया जाए, ताकि दिल की बीमारियों से समय रहते बचाव किया जा सके. डॉक्टर्स साफ कहते हैं कि युवाओं को हार्ट डिजीज से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या कोई फिजिकल एक्टिविटी करें, संतुलित और हेल्दी आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट शामिल हों. जंक फूड, ज्यादा नमक और शुगर से दूरी बनाए रखें. धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से बचें, क्योंकि ये दिल के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. साथ ही तनाव को मैनेज करना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी जरूरी है. छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर युवा लंबे समय तक दिल को स्वस्थ रख सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 08:15 IST
‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आप पंजाब के नेताओं ने सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राज्य के प्रमुख मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। चड्ढा 2012 में आप के गठन के बाद से ही इससे जुड़े हुए हैं। (फाइल छवि) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं को पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाने का आरोप लगाया और उनके दृष्टिकोण को पार्टी के मूल मूल्यों के साथ असंगत बताया। एक संयुक्त बयान में, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त किया। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। पीटीआई सूचना दी. चड्ढा की ‘निष्क्रियता’ पार्टी सिद्धांतों के विपरीत: आप उद्धृत की गई चिंताओं में ग्रामीण विकास निधि का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया और 60,000 करोड़ रुपये के करीब जीएसटी से संबंधित घाटा शामिल था। नेताओं ने जीएसटी मुआवजे में कमी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण अंतराल और राज्य में पिछले साल की बाढ़ के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित बाढ़ राहत में 1,600 करोड़ रुपये जारी करने में केंद्र की देरी को भी चिह्नित किया। चड्ढा की चुप्पी को ”निराशाजनक” बताते हुए मंत्री चीमा ने कहा कि आप को उम्मीद थी कि राज्यसभा सांसद इन मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाएंगे और उनकी ”निष्क्रियता” पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को लगातार उठाना पार्टी की विचारधारा का केंद्र है। धालीवाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित निवासी खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि मुआवजे और राहत की उनकी मांगों को संसद में नहीं लाया गया। यह तब हुआ है जब आप ने बुधवार को चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया, जो पार्टी के भीतर आंतरिक दरार के संकेत देता है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया इस कदम के कुछ घंटों बाद, राज्यसभा सांसद ने राज्यसभा में अपने तर्कों और हस्तक्षेपों का संकलन साझा करके परोक्ष प्रतिक्रिया जारी की। तीन मिनट के वीडियो में 37 वर्षीय नेता को वायु प्रदूषण और बढ़ते हवाई किराए से लेकर गिग श्रमिकों के अधिकारों और मोबाइल प्रीपेड योजनाओं की 28-दिन की वैधता सहित कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। इससे पहले शनिवार को आप सांसद ने पलटवार करते हुए आप नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। स्वाति मालीवाल के बाद वह आप के दूसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं, जिनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद हो गया है। जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 07:59 IST समाचार राजनीति ‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)पंजाब की चिंता संसद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)आप आंतरिक दरार(टी)पंजाब जीएसटी बकाया(टी)बाढ़ राहत पंजाब(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व
बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

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ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प की चेतावनी को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई बताया और इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों का मतलब है कि “तुम्हारे लिए भी नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प अब तक होर्मुज खोलने के लिए ईरान को तीन बार अल्टीमेटम दे चुके हैं, जिससे इस मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान बोला- बुशहर न्यूक्लियर साइट पर 4 बार हमला हुआ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने बुशहर न्यूक्लियर साइट पर चार बार हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास हमले बेहद जोखिम भरे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चिंता दिखाई जाती है, वैसी संवेदनशीलता बुशेहर के मामले में नहीं दिख रही है। अराघची ने यह भी कहा कि पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले इस बात का संकेत हैं कि रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…









