Saturday, 12 Sep 2026 | 07:53 PM

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ट्रम्प ने ईरान के परमाणु-ठिकाने पर हमले की धमकी दी:कहा- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, खुफिया निगरानी जारी

ट्रम्प ने ईरान के परमाणु-ठिकाने पर हमले की धमकी दी:कहा- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, खुफिया निगरानी जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकऐक्स माउंटेन पर बहुत जल्द हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वहां कोई गतिविधि दिखी तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिकी सैन्य अभियान का मुख्य मकसद है। उन्होंने कहा, “हम अब पांच महीने में हैं। इन पांच महीनों में हमने क्या किया? वे परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे, यही हमने किया है।” ट्रम्प ने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो शायद आप यहां ज्यादा देर तक खड़े नहीं रह पाएंगे।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…

यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत:बाब अल-मंदब पर कब्जे की कोशिश, निपटने को सरकार ने फोर्स भेजी

यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत:बाब अल-मंदब पर कब्जे की कोशिश, निपटने को सरकार ने फोर्स भेजी

यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। यह हाल के वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है। हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। लड़ाई गुरुवार को शुरू हुई। हूतियों ने तटीय इलाकों के पास जमीनी हमला करने के साथ रॉकेट और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने लाल सागर के किनारे कई रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इन इलाकों से मोखा बंदरगाह और समुद्री रास्ते पर नजर रखना आसान है। एएफपी के मुताबिक यमनी सेना के एक अधिकारी ने बताया कि उसके 66 जवान मारे गए हैं। वहीं हूती विद्रोहियों से जुड़े सूत्रों ने कम से कम 62 विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया है। एक नागरिक की भी मौत हुई है। इस तरह अलग-अलग पक्षों से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, लड़ाई में मरने वालों की संख्या 120 से ज्यादा हो गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। बाब अल-मंदेब इतना अहम क्यों? बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है। इसके उत्तर में लाल सागर स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा की आवाजाही होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक संघर्ष या समुद्री रास्ते में किसी तरह की रुकावट का असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी पड़ सकता है। मौजूदा हमले में हूतियों का फोकस मोखा बंदरगाह और उसके आसपास के इलाकों पर भी है। रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जे से उन्हें तटीय इलाके में सरकारी बलों पर दबाव बनाने और मोखा तथा बाब अल-मंदेब की तरफ जाने वाले रास्तों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूतियों ने लाल सागर के पास और ताइज शहर के आसपास कई ऊंचाई वाले ठिकानों पर कब्जा किया है। सरकार ने हूती विद्रोहियों से लड़ने सेना भेजी हूती विद्रोहियों की बढ़त को देखते हुए यमनी सरकार ने भी ताइज में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। एक यमनी अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने सऊदी अरब के कहने पर अदन से ताइज के लिए सैनिक भेजे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर हूती मोखा बंदरगाह या बाब अल-मंदेब के आसपास के रणनीतिक इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं, तो इससे यमनी सरकार और सऊदी अरब के साथ किसी भी बातचीत में उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है। हूती विद्रोही कौन हैं? हूती विद्रोही यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जायदी शिया समुदाय का एक सशस्त्र संगठन है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में एक धार्मिक-सामाजिक आंदोलन के रूप में हुई थी। हूती सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे। 2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी। हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं है। अभी यमन कई हिस्सों में बंटा हुआ है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का समर्थन मिलता है।

बेल्जियम PM बोले- भारत ने हमें पहले ही चेताया था:यूरोप बूढ़ा हो चुका है, अमेरिका और चीन के भरोसे रहने से नुकसान पहुंचा

बेल्जियम PM बोले- भारत ने हमें पहले ही चेताया था:यूरोप बूढ़ा हो चुका है, अमेरिका और चीन के भरोसे रहने से नुकसान पहुंचा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा है कि यूरोप को दूसरे देशों पर जरूरत से ज्यादा व्यापारिक निर्भरता की कीमत अब समझ आ रही है। उन्होंने माना कि भारत ने यूरोपीय देशों को इस खतरे के बारे में काफी पहले चेताया था, लेकिन तब उसकी बात नहीं सुनी गई। CII के एक कार्यक्रम में डी वेवर ने कहा कि दुनिया में आर्थिक ताकत अब सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है। बड़े देश और ब्लॉक अपनी आर्थिक पकड़ का इस्तेमाल दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए भी कर सकते हैं। ऐसे में यूरोप को अपनी सप्लाई चेन और व्यापारिक रिश्तों में ज्यादा विकल्प रखने होंगे। ‘भारत ने कहा था, हमने ध्यान नहीं दिया’ डी वेवर ने कहा कि भारत और यूरोप आज एक जैसी चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने यूरोप को पहले ही बता दिया था कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता आगे चलकर परेशानी पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा, “आप इस दौर से गुजर चुके हैं। आपके प्रधानमंत्री ने यूरोप को बहुत पहले चेताया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब हम सुन रहे हैं। यूरोप को यह समझ थोड़ी देर से आई है, लेकिन अब यह बदलाव हो रहा है।” चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा साफ था बेल्जियम PM ने यूरोप की मौजूदा स्थिति को ‘रूड अवेकनिंग’ यानी देर से हुई कड़वी समझ बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक ऐसे विदेशी सामान को अपने बाजार में जगह दी, जिनकी कीमत स्थानीय उत्पादन की लागत से भी कम थी। इससे यूरोप की अपनी इंडस्ट्री कमजोर हुई। डी वेवर ने कहा कि इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा जिस देश को हुआ, वह यूरोप के काफी करीब है और उसे सभी जानते हैं। उनका इशारा चीन की तरफ था। भारत को बताया नंबर-1 रणनीतिक पार्टनर भारत और यूरोप के रिश्तों पर बात करते हुए डी वेवर ने भारत को यूरोप का सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप को ऐसे देशों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, जो नियमों, सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा, “अगर भारत उस सूची में नहीं है तो आपने कुछ बहुत बुनियादी बात मिस कर दी है। भारत उस सूची में है। नंबर-1।” डी वेवर ने भारत की बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बड़ी टैलेंट पूल और टेक्नोलॉजी क्षमता का जिक्र किया। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। अब भारत-यूरोप को व्यापार के नए रास्ते तलाशने होंगे डी वेवर ने कहा कि भारत और यूरोप को अपने व्यापारिक रिश्ते कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ज्यादा विविध बनाना चाहिए। इससे किसी एक देश पर निर्भरता घटेगी और सप्लाई में रुकावट आने का जोखिम भी कम होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि ग्लोबल मार्केट के लिए दरवाजे खुले रखने जरूरी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश अपने रणनीतिक हितों को नजरअंदाज कर दें। ‘भारत की आवाज के बिना दुनिया नहीं बन सकती’ भारत और यूरोप की सोच और इतिहास में अंतर के बावजूद डी वेवर ने दोनों के बीच कई समानताएं गिनाईं। उन्होंने भारत को बड़ी लोकतांत्रिक ताकत और इनोवेशन का लीडर बताया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र और समृद्ध दुनिया बनाने की कोशिश में भारत की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डी वेवर का बयान ऐसे वक्त आया है, जब यूरोप अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने और चीन समेत कुछ बड़े व्यापारिक साझेदारों पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में भारत के साथ व्यापार और रणनीतिक सहयोग यूरोप के लिए और अहम होता जा रहा है।

सलमान खान ने कैफे को दी चेतावनी:बोले- हाइजीन मेंटेन रखना, वरना उनको भेज दूंगा; क्या तुकाराम मुंढे की ओर किया इशारा

सलमान खान ने कैफे को दी चेतावनी:बोले- हाइजीन मेंटेन रखना, वरना उनको भेज दूंगा; क्या तुकाराम मुंढे की ओर किया इशारा

सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे ‘द टक शॉप एट सेवियोज’ का वीडियो शुक्रवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है। सलमान ने अपने मशहूर “इट्स डन, ब्रो” कैचफ्रेज को भी अलग अंदाज में इस्तेमाल किया। उन्होंने मैसेज के आखिर में “इट्स डन, सिस” लिखा। सलमान की चेतावनी महाराष्ट्र में खाने-पीने की जगहों पर बढ़ी निगरानी के बीच आई। पिछले कुछ महीनों में FDA ने फूड सेफ्टी, हाइजीन और लाइसेंस से जुड़े उल्लंघनों को लेकर रेस्टोरेंट्स और दूसरे संस्थानों पर जांच और कार्रवाई तेज की है। तुकाराम मुंढे ने 26 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। उनके पद संभालने के बाद विभाग ने रेस्टोरेंट्स, होटल्स, क्लब्स, फास्ट-फूड आउटलेट्स और संस्थागत किचन में जांच बढ़ाई है। मुंढे के कमिश्नर बनने के शुरुआती दो महीनों में FDA ने 3,000 से ज्यादा जांच कीं। करीब 165 फूड संस्थानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए। इस कार्रवाई में खराब हाइजीन, खाने में मिलावट, नकली पनीर, मिलावटी दूध और जरूरी लाइसेंस के बिना कारोबार करने जैसी शिकायतों पर ध्यान दिया गया। मुंढे के सख्त रवैये के चलते सोशल मीडिया पर उन्हें रियल-लाइफ सिंघम का नाम भी मिला है। स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों को संबोधित करते हुए मुंढे ने फूड सेफ्टी और पब्लिक हेल्थ की जरूरत पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “मेरा मानना है कि स्वस्थ देश के लिए स्वस्थ लोगों का होना जरूरी है। स्वस्थ लोगों के लिए अच्छा खाना और दवाइयां जरूरी हैं। इसके लिए रेगुलेटर्स को इस लक्ष्य की दिशा में काम करना चाहिए।” FDA ने शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस भेजा गौरतलब है कि महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इन तीनों अभिनेताओं ने ‘विमल इलायची’ का विज्ञापन किया था। इस मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया था। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। FDA ने उनसे विज्ञापन से जुड़े एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ और अन्य दस्तावेज भी मांगे थे। शाहरुख ने जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भ्रामक खाद्य विज्ञापन के मामले में FSS एक्ट की धारा 53 के तहत 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कुवैत में फंसी तमिलनाडु की महिला ने मदद मांगी:वीडियो में कहा- 50 दिन से ठीक से खाना नहीं खाया, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली

कुवैत में फंसी तमिलनाडु की महिला ने मदद मांगी:वीडियो में कहा- 50 दिन से ठीक से खाना नहीं खाया, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली

कुवैत में घरेलू काम करने गई तमिलनाडु की एक महिला ने वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि पिछले करीब दो महीने से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। उसका दावा है कि उसे 50 दिनों से ठीक से खाना नहीं मिला और पिछले दो महीने की सैलरी भी नहीं दी गई। महिला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से उसे बचाकर भारत वापस लाने की अपील की है। महिला की पहचान अनीता के रूप में हुई है। वह कुछ महीने पहले घरेलू काम के लिए कुवैत गई थी। वीडियो में उसने बताया कि कुवैत पहुंचे उसे करीब 3 महीने हो चुके हैं। उसके मुताबिक, वहां पहुंचने के करीब एक महीने बाद से ही उसके साथ बुरा व्यवहार शुरू हो गया था। पिछले दो महीनों से स्थिति और खराब हो गई। कलेक्टर और SP से मदद की गुहार लगाई अनीता ने कल्लाकुरिची जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भावुक अपील की है। उसने कहा कि उसे किसी तरह वहां से बचाया जाए और सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। अनीता ने कहा कि वह अब यह सब सहन नहीं कर पा रही है और उसे डर है कि उसकी जान जा सकती है। वीडियो में अधिकारियों से मदद की अपील करते हुए महिला ने कहा कि उसे किसी तरह बचाकर भारत ले जाया जाए। महिला ने आशंका जताई कि उसके साथ ऐसा व्यवहार जारी रहा तो उसकी जान भी जा सकती है। अनीता दो बच्चों की मां है अनीता दो बच्चों की मां है। कुवैत जाने के बाद से परिवार उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है। वीडियो सामने आने के बाद उसकी मां अनिला ने भी प्रशासन से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। अनिला का आरोप है कि उनकी बेटी को कुवैत भेजने वाले एजेंट ने परिवार के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ वहां बेहद क्रूर व्यवहार किया जा रहा है और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है…

कुवैत में फंसी तमिलनाडु की महिला ने मदद मांगी:वीडियो में कहा- 50 दिन से ठीक से खाना नहीं खाया, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली

कुवैत में फंसी तमिलनाडु की महिला ने मदद मांगी:वीडियो में कहा- 50 दिन से ठीक से खाना नहीं खाया, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली

कुवैत में घरेलू काम करने गई तमिलनाडु की एक महिला ने वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि पिछले करीब दो महीने से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। उसका दावा है कि उसे 50 दिनों से ठीक से खाना नहीं मिला और पिछले दो महीने की सैलरी भी नहीं दी गई। महिला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से उसे बचाकर भारत वापस लाने की अपील की है। महिला की पहचान अनीता के रूप में हुई है। वह कुछ महीने पहले घरेलू काम के लिए कुवैत गई थी। वीडियो में उसने बताया कि कुवैत पहुंचे उसे करीब 3 महीने हो चुके हैं। उसके मुताबिक, वहां पहुंचने के करीब एक महीने बाद से ही उसके साथ बुरा व्यवहार शुरू हो गया था। पिछले दो महीनों से स्थिति और खराब हो गई। कलेक्टर और SP से मदद की गुहार लगाई अनीता ने कल्लाकुरिची जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भावुक अपील की है। उसने कहा कि उसे किसी तरह वहां से बचाया जाए और सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। अनीता ने कहा कि वह अब यह सब सहन नहीं कर पा रही है और उसे डर है कि उसकी जान जा सकती है। वीडियो में अधिकारियों से मदद की अपील करते हुए महिला ने कहा कि उसे किसी तरह बचाकर भारत ले जाया जाए। महिला ने आशंका जताई कि उसके साथ ऐसा व्यवहार जारी रहा तो उसकी जान भी जा सकती है। अनीता दो बच्चों की मां है अनीता दो बच्चों की मां है। कुवैत जाने के बाद से परिवार उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है। वीडियो सामने आने के बाद उसकी मां अनिला ने भी प्रशासन से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। अनिला का आरोप है कि उनकी बेटी को कुवैत भेजने वाले एजेंट ने परिवार के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ वहां बेहद क्रूर व्यवहार किया जा रहा है और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है…

पीएम मोदी ने मेलोनी को दी बधाई:सबसे लंबे समय तक लगातार इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया

पीएम मोदी ने मेलोनी को दी बधाई:सबसे लंबे समय तक लगातार इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मेलोनी को अपनी मित्र बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दिखाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेलोनी की दोस्ती भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के समृद्ध भविष्य के लिए आगे भी मिलकर काम करने की उम्मीद जताई। मोदी ने मेलोनी के आने वाले वर्षों में सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। खबर अपडेट हो रही है…

ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स खदानें डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने भारी नुकसान का दावा किया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने 8 मिसाइलों को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, रडार, समुद्री ठिकानों, खदानें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। खबर अपडेट हो रही…

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें खिलाड़ियों को अवैध प्रवासियों को पकड़ने, डिपोर्ट करने और अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। वेबसाइट पर मौजूद एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक आर्केड गेम ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास माइग्रेंट्स का पीछा करता है। वहीं दूसरे गेम ‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ियों को ब्लॉक जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का टास्क दिया गया है। इसमें लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए प्रशासन राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को ऐसे तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहता है, जो हर अमेरिकी से जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी गेम्स लॉन्च होने के बाद अधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना की। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था और अब उसने इसे वीडियो गेम का रूप दे दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन आर्केड गेम्स से प्रशासन की गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे पेश करता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें खिलाड़ियों को अवैध प्रवासियों को पकड़ने, डिपोर्ट करने और अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। वेबसाइट पर मौजूद एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक आर्केड गेम ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास माइग्रेंट्स का पीछा करता है। वहीं दूसरे गेम ‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ियों को ब्लॉक जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का टास्क दिया गया है। इसमें लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए प्रशासन राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को ऐसे तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहता है, जो हर अमेरिकी से जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी गेम्स लॉन्च होने के बाद अधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना की। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था और अब उसने इसे वीडियो गेम का रूप दे दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन आर्केड गेम्स से प्रशासन की गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे पेश करता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…