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पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी:महिला कामगार के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया

पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी:महिला कामगार के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को असम पहुंचे। उन्होंने डिब्रूगढ़ में चाय बागान दौरा किया। वहां काम करने वाली महिलाओं से साथ बातचीत, उनसे चाय की पत्नी तोड़ना सीखा, साथ ही महिलाओं ने बिहू नृत्य भी किया। पीएम ने उनके साथ सेल्फी भी ली। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 31 मार्च को केरलम का दौरा किया। उन्होंने कोझिकोड के बालुसेरी से नानमंडा तक बस में आम लोगों के साथ सफर किया। इस दौरान उन्होंने कई महिलाओं, युवाओं से बातचीत की। मोदी के चाय बगान दौरे की फोटोज… राहुल के केरलम दौरे की तस्वीरें…

‘ये प्यार इस बात की घोषणा…’, असम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

'ये प्यार इस बात की घोषणा...', असम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम चुनाव की घोषणा के बाद कहा कि गोगामुख में अपनी पहली पत्नी को सजा देते हुए जीत का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनता का यह अपार प्यार इस बात की खुली घोषणा है कि इस बार हैट्रिक पक्की है। उन्होंने आगे कहा कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें प्रधानमंत्री पद की हैट्रिक का मौका मिला है और इसी तरह सरकार की भी हैट्रिक तय है। क्षेत्र से रेलवे पर जोरप्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यहां से मालिनी अधिक दूर नहीं है, जो भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी एक पवित्र नगरी मणि है। कार्यक्रम के अनुसार, मोदी धेमाजी के गोगामुख में रैली को खुलासा करने के बाद, उनके विश्वनाथ जिले में एक बजे एक कार्यक्रम है। आवास योजना की उपलब्धियाँपीएम मोदी ने बताया कि अब तक 22 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में यह वादा किया गया है कि जिन परिवार को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी घर जाना है। कांग्रेस पर मशहूर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पार्टी की तीसरी हार तय है। कांग्रेस के ‘राजकुमार’ की हार का शतक. उन्होंने सर्वानंद सोनोवाल और हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में 10 साल के लिए सुशासन को स्थान दिया। भविष्य की योजनाएँउन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में 15 लाख और गरीब परिवारों को पक्के घर देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही गरीब परिवार के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की योजना भी बताई गई। महिलाओं को चिन्हित करते हुए उन्होंने कहा कि असम में ‘लखपति बहन’ अभियान के तहत तीन लाख से ज्यादा महिलाएं ‘लखपति बहन’ बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य अब 40 लाख महिलाओं को ‘लखपति बाईदेव’ बनाना है। इसके अलावा ‘ओरुनोडोई’ योजना का विस्तार और अतिरिक्त लाभ भी जोड़ा जाएगा।

दिल्ली के युवाओं में बढ़ रहे कोलोरेक्टल कैंसर के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जल्द कराएं जांच

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Colon Caner Early Warning Signs: दिल्ली के युवाओं में कोलोरेक्टल कैंसर यानी आंतों के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पहले इसे बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण अब 25 से 65 वर्ष की आयु के कामकाजी लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. हालिया गट हेल्थ अवेयरनेस सर्वे से यह साफ हुआ है कि बड़ी संख्या में लोग कोलोरेक्टल कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बीमारी का पता अक्सर एडवांस स्टेज में चलता है और इलाज करना मुश्किल हो जाता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक इस सर्वे में 14 भारतीय शहरों के 10,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया, जिसमें दिल्ली के आंकड़े सबसे अधिक चिंताजनक सामने आए. यहां 80% से ज्यादा लोग मल में खून आने जैसे गंभीर लक्षण को भी सामान्य समस्या समझते हैं और इसे कैंसर की चेतावनी नहीं मानते. विशेषज्ञ इसे लक्षणों का खतरनाक सामान्यीकरण बताते हैं, जहां लोग शरीर के संकेतों को हल्के में लेकर नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही बीमारी को गंभीर रूप देने में बड़ी भूमिका निभाती है. डॉक्टर्स के अनुसार इस स्थिति के पीछे सेल्फ-मेडिकेशन की आदत भी एक बड़ी वजह है. सर्वे में पाया गया कि लगभग 90% लोग कब्ज, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याओं के लिए डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय घरेलू उपाय, इंटरनेट पर मिली जानकारी या मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेना पसंद करते हैं. इससे असली बीमारी छिप जाती है और सही समय पर जांच नहीं हो पाती. केवल 10% लोग ही समय रहते विशेषज्ञ से संपर्क करते हैं, बीमारी को छिपाना एक चिंताजनक संकेत है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर्स का कहना है कि भारत में हर साल करीब 65000 कोलोरेक्टल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं, जिनमें से 50% से अधिक मामलों में देरी से पहचान के कारण मृत्यु हो जाती है. सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अब यह बीमारी युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है. सर्वे में शामिल करीब 40% युवाओं ने माना कि उन्होंने पाचन से जुड़ी समस्याओं को सामान्य मानकर टाल दिया, जिससे बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती गई और जब तक जांच कराई गई, तब तक यह गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी थी. इस बढ़ते खतरे के पीछे खराब लाइफस्टाइल एक प्रमुख कारण बनकर उभरी है. सर्वे के अनुसार 86% लोग नियमित रूप से बाहर का या पैकेज्ड फूड खाते हैं, जिसमें फाइबर की कमी और प्रिजर्वेटिव्स की ज्यादा मात्रा होती है. केवल 35.5% लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और लगभग 40% लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जो कैंसर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है. इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहने की आदत, तनाव और अनियमित दिनचर्या भी पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं. डॉक्टर्स ने यह भी चेतावनी दी है कि कोलोरेक्टल कैंसर हमेशा दर्द के साथ नहीं होता, जिससे इसकी पहचान और भी कठिन हो जाती है. लगातार पेट फूलना, मल त्याग की आदतों में बदलाव, अधूरा पेट साफ होने का एहसास, वजन कम होना या मल में खून आना जैसे संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर जिन लोगों के परिवार में कैंसर का इतिहास है, उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. समय पर जांच, सही जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह से इस गंभीर बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है. शुरुआती स्टेज में इस कैंसर का इलाज ज्यादा सफल रहता है.

हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

हैदराबाद में महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद सुसाइड कर लिया। तीनों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। महिला के पति ने दूसरी शादी की थी, जिसके बाद से परिवार में झगड़ा था। पुलिस के मुताबिक घटना कुकाटपल्ली के राघवेंद्र कॉलोनी में 31 मार्च की दोपहर 1.30 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक श्रावंती का पति प्रवीण दोपहर में जब घर लौटा तो मेन गेट बंद था। कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब गेट नहीं खुला तो प्रवीण ने पड़ोसियों की मदद से गेट तोड़ा। अंदर श्रावंती (29) और दोनों बेटों कार्तिक (12) और कौशिक (10) के शव थे। दोपहर 2 बजे पुलिस को जानकारी मिली। वहीं, बेटी की मौत की खबर सुनकर वारंगल जिले के चेन्नारावपेट में श्रावंती के परिवार ने उसके ससुराल वाले घर और पशुशाला में आग लगा दी। जमकर हंगामा भी किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। प्रवीण की दूसरी शादी से परेशान थी ACP नरेश रेड्डी के मुताबिक पारिवारिक विवाद में मर्डर और सुसाइड का मामला लग रहा है। जानकारी मिली है कि प्रवीण ने एक और शादी की थी। इसके बाद से श्रावंती और प्रवीण के बीच झगड़ा था। श्रावंती हैदराबाद वाला घर छोड़कर बेटों के साथ मायके चली गई थी। कुकटपल्ली DCP रीति राज के मुताबिक प्रवीण के खिलाफ BNS की धारा 108 के तहत खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।

हैदराबाद- महिला ने बेटों की हत्या के बाद सुसाइड किया:पति की दूसरी शादी से परेशान थी; गुस्साए परिजन ने ससुराल वाला घर फूंका

हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

हैदराबाद में महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद सुसाइड कर लिया। तीनों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। महिला के पति ने दूसरी शादी की थी, जिसके बाद से परिवार में झगड़ा था। पुलिस के मुताबिक घटना कुकाटपल्ली के राघवेंद्र कॉलोनी में 31 मार्च की दोपहर 1.30 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक श्रावंती का पति प्रवीण दोपहर में जब घर लौटा तो मेन गेट बंद था। कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब गेट नहीं खुला तो प्रवीण ने पड़ोसियों की मदद से गेट तोड़ा। अंदर श्रावंती (29) और दोनों बेटों कार्तिक (12) और कौशिक (10) के शव थे। दोपहर 2 बजे पुलिस को जानकारी मिली। वहीं, बेटी की मौत की खबर सुनकर वारंगल जिले के चेन्नारावपेट में श्रावंती के परिवार ने उसके ससुराल वाले घर और पशुशाला में आग लगा दी। जमकर हंगामा भी किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। प्रवीण की दूसरी शादी से परेशान थी ACP नरेश रेड्डी के मुताबिक पारिवारिक विवाद में मर्डर और सुसाइड का मामला लग रहा है। जानकारी मिली है कि प्रवीण ने एक और शादी की थी। इसके बाद से श्रावंती और प्रवीण के बीच झगड़ा था। श्रावंती हैदराबाद वाला घर छोड़कर बेटों के साथ मायके चली गई थी। कुकटपल्ली DCP रीति राज के मुताबिक प्रवीण के खिलाफ BNS की धारा 108 के तहत खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।

महावीर जयंती पर मांस बिक्री, नपा ने काटा चालान:मूलचंद मार्ग स्थित 'दिल्ली दरबार' होटल पर छापा; मांस जब्त

महावीर जयंती पर मांस बिक्री, नपा ने काटा चालान:मूलचंद मार्ग स्थित 'दिल्ली दरबार' होटल पर छापा; मांस जब्त

नीमच में महावीर जयंती के अवसर पर मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद, मूलचंद मार्ग स्थित ‘दिल्ली दरबार’ होटल पर मंगलवार रात नगरपालिका ने छापा मारा। टीम ने मौके से मांस जब्त कर चालानी कार्रवाई की। नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया को सूचना मिली थी कि ‘दिल्ली दरबार’ दुकान पर खुलेआम मांस बेचा जा रहा है। इस सूचना पर सीएमओ के निर्देश पर नपा कर्मचारी हेमंत कलोसिया और राहुल नरवाले की टीम ने रात करीब 9:30 बजे दुकान पर दबिश दी। नपा कर्मियों ने मांस को जब्त कर चालान काटा टीम को देखते ही दुकान पर हड़कंप मच गया। नपा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद मांस को जब्त किया और दुकानदार का चालान काटा। इसके अतिरिक्त, टीम ने आसपास की अन्य दुकानों पर भी जांच-पड़ताल की। नगरपालिका टीम ने स्पष्ट किया कि महावीर जयंती जैसे पवित्र पर्व पर धार्मिक भावनाओं और सरकारी आदेशों का सम्मान करना अनिवार्य है। टीम ने दुकानदार को सख्त हिदायत दी कि यदि भविष्य में प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया या नियमों की अवहेलना की गई, तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि दुकान को सील करने जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ बोले-नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि उन्हें प्रतिबंध के बावजूद दुकान संचालित होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर मांस जब्त किया गया और चालान बनाया गया है। उन्होंने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खाने में इस्तेमाल से लेकर जोड़ों के दर्द तक में राहत देता ये जादुई तेल, एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे

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Last Updated:April 01, 2026, 08:12 IST Rewa News: डोरी का तेल सब्जी, पूरी-कचौड़ी समेत अन्य पकवान बनाने में काम आता है. पहले के समय में ग्रामीणों को साल में कम से कम 6 महीने तक खाद्य तेल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी. रीवा. मध्य प्रदेश का रीवा प्रकृति के गोद में बसा हुआ क्षेत्र है, जो प्राकृतिक उपहार अपने आंचल में संजोए हुए है, इस बात का अहसास होता है. ऐसे ही उपहारों में एक डोरी का फल भी है. औषधीय और बहुगुणी खूबियों से भरपूर डोरी ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होता है. इससे न सिर्फ ग्रामीणों को खाद्य तेल प्रचुर मात्रा में मिल जाता है बल्कि अच्छी आमदनी भी होती है. डोरी के तेल के फायदे बताते हुए रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन (MD) डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने कहा कि डोरी के फल से अर्थ महुआ के फल से है. इस फल को चुनने के बाद ग्रामीण उसके बीज को निकालते हैं और धूप में सुखाते हैं. सूखे हुए बीज को उबालने के बाद उसका चूर्ण बना लेते हैं. उसके बाद इससे तेल निकालते हैं. डोरी का तेल खाने के साथ-साथ शरीर पर लगाने के भी काम में आता है. इस तेल से शरीर में होने वाले दर्द से राहत मिलती है. जोड़ों के दर्द में भी यह असरदार माना जाता है. आज भी रीवा के अधिकांश गांवों के लोग डोरी का तेल निकालते हैं. खासकर गरीब वर्ग के लोग तो बड़ी संख्या में डोरी का तेल निकालते हैं और खाद्य तेल के खर्च से बच जाते हैं. इसका तेल सब्जी बनाने के अलावा पूरी-कचौड़ी समेत अन्य पकवान बनाने में काम आता है. पहले के समय में ग्रामीणों को साल में कम से कम 6 महीने तक खाद्य तेल बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी. आज भी घर में ही डोरी का तेल निकालकर ग्रामीण उसका भरपूर उपयोग करते हैं. इस तेल का उपयोग खाने के साथ-साथ शरीर पर लगाने के लिए भी किया जाता है. अगर शरीर में दर्द हो, तो उसके इलाज में डोरी का तेल काफी फायदेमंद होता है. व्यवसायियों को बेच देते थे ग्रामीणपहले लोग डोरी को चुनकर उसे व्यवसायियों के पास बेच देते थे, जिससे उन्हें कुछ पैसे मिल जाते थे लेकिन अब अधिकांश ग्रामीण डोरी के बीज से अपने घर में उपयोग के अनुसार तेल निकालते हैं. उपयोग से अधिक मात्रा में होने के बाद ही ग्रामीण उसे व्यवसायियों को बेचते हैं. डोरी का व्यवसाय ग्रामीणों के लिए वरदान बन सकता है. अगर सरकार इसके लिए उचित बाजार उपलब्ध कराए, तो ग्रामीण स्वरोजगार से जुड़कर इससे अच्छी आमदनी भी कर सकते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर महुआपोषक तत्वों से भरा महुआ के फल और फूल में काफी औषधीय गुण हैं. फाइबर, फैट, विटामिन सी, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्व इसमें पाए जाते हैं. इसके लगातार इस्तेमाल और सेवन से शरीर को महत्वपूर्ण पोषण मिलता है. महुआ तेल विटामिन ई का एक अच्छा स्रोत है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और शरीर को कई तरह के दूसरे खराब तत्वों से भी बचाता है. शरीर में जकड़न, दर्द और जोड़ों के दर्द में इसका तेल काफी उपयोगी है. इसके लगाने से सिरदर्द से राहत के साथ-साथ अनिद्रा से छुटकारा मिलता है. शरीर और चेहरे पर दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं. महुआ तेल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Rewa,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 08:12 IST

बंगाल चुनाव से ठीक पहले सर्वे ने चौंकाया, तीन प्रतिशत लोग चाहते हैं कि ममता बनर्जी फिर से सीएम बनें

बंगाल चुनाव से ठीक पहले सर्वे ने चौंकाया, तीन प्रतिशत लोग चाहते हैं कि ममता बनर्जी फिर से सीएम बनें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। 294 विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान हो रहा है लेकिन ठीक पहले कई ओपिनियन पोल सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में वोटवाइब का ओपिनियन पोल सामने आया है। ओपिनियन पोल सीएनएन-न्यूज18 जारी किया गया है। फिर सरकार बनाएगी रोबोटइस पोल के मुताबिक बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक बार फिर सरकार बन सकती है, लेकिन इस बार उनका योगदान कम हो सकता है। 294 मेगासिटी में 174 से 184 लाॅकडाउन मिल हो सकते हैं, जबकि राज्य में 148 लाेगाें का लाेकांश मिल सकता है। साथ ही बीजेपी की स्थिति पहले से मजबूत होती दिख रही है और उसे 108 से 118 गंतव्य मिलने का अनुमान है। सर्वे में 48.8 प्रतिशत लोगों ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री चुना है तो कहीं और और 33.4 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के शुभेंदु पदाधिकारी को चुना है. ताज़ा में सर्वे भव्य भाजपा की सजावटओपिनियन पोल के अनुसार कांग्रेस और सीपीएम जैसे अन्य उपकरण इस बार बड़ी चुनौती नहीं देंगे और उन्हें सिर्फ 0 से 4 दर्शक मिलने का अनुमान है। वोटवाइब के 23 मार्च को जारी पिछले ओपिनियन पोल में मोशन पिक्चर्स को 184-194 और बीजेपी के लिए 98-108 के रिव्यू का अनुमान लगाया गया था, लेकिन सर्वे में बीजेपी के रिव्यूज का अनुमान लगाया गया था, जबकि रिव्यूज का अनुमान थोड़ा कम किया गया है। 2021 के पश्चिम बंगाल क्षेत्र के चुनाव में 215 इंच की बढ़त हासिल की गई, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिलीं. हालांकि उस समय बीजेपी ने ममता बनर्जी की जीत पर ज्यादा असर नहीं डाला लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी के लिए अहम साबित हुई। इससे पहले राज्य में उसकी स्थिति काफी सीमित थी, लेकिन इस चुनाव के बाद उसकी स्थिति मजबूत हो गई। कहां-कहां की टक्करऐसे में अगर ताजा अनुमान सही साबित होता है तो बंगाल में एक बार फिर से सरकार बन सकती है। हालाँकि इस बार बीजेपी के रूप में सबसे मजबूत ताकत का सामना करना पड़ सकता है। वार डेटा की बात करें तो मेदिनीपुर में लेवल 22-24 और बीजेपी 32-34 पर पहुंच सकती है। वहीं मालदा में लेवल पर 31-33, बीजेपी को 15-17 और अन्य को 0-2 पर बढ़त मिल सकती है। ये इलाका ऐसे माने जा रहे हैं, जहां मुकाबला बेहद कड़ा होगा। ये भी पढ़ें मौसम पूर्वानुमान: ‘दिल्ली-यूपी में होगी बारिश, 6 अप्रैल तक….’ IMD की चेतावनी, जानें देश में इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम

डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।

‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु चुनाव रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा | राजनीति समाचार

Smoke and debris flies around at the site of an Israeli strike that targeted a building adjacent to the highway that leads to Beirut's international airport on March 31, 2026.

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है और मारिजुआना खुलेआम बेचा जा रहा है। एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी। (पीटीआई/फ़ाइल) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मंगलवार को एक चुनावी रैली के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर डीएमके सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तमिलनाडु में महिलाओं या पुलिस के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। 23 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए, पलानीस्वामी ने आश्वासन दिया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह तीन महीने के भीतर गांजा तस्करी को खत्म कर देगी। उन्होंने शिवकाशी में आतिशबाजी और माचिस उद्योगों के लिए समर्थन का भी आश्वासन दिया। हिंदुस्तान टाइम्स ने उनके हवाले से कहा, “जब मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए आतिशबाजी उद्योग को संकट का सामना करना पड़ा, तो मैंने 20 सांसदों की एक समिति का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और मांग की कि आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।” “अगर अन्नाद्रमुक सरकार दोबारा बनी तो इन उद्योगों की रक्षा की जाएगी।” पलानीस्वामी ने डीएमके पर निशाना साधा अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने कावेरी-गुंडर नदी जोड़ परियोजना को रोकने के लिए द्रमुक सरकार की भी आलोचना की और कहा कि तमिलनाडु में सरकार बनने के बाद उनकी पार्टी इसे लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मेट्टूर बांध के अधिशेष पानी से नहरों, झीलों और तालाबों को भरना है। उन्होंने द्रमुक पर पिछली अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान विरुधुनगर जिले में 400 करोड़ रुपये की लागत से एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इसके लिए 14,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसकी आधारशिला रखी थी। इससे पहले कि यह पूरा हो पाता, सरकार बदल गई।” उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक सरकार में महिलाओं या बुजुर्गों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “क्या आप चाहते हैं कि ऐसी सरकार बनी रहे? एक ‘कठपुतली सीएम’ जो एक स्थायी डीजीपी भी नियुक्त नहीं कर सकता? एक राज्य तभी समृद्ध होगा जब कानून और व्यवस्था अच्छी होगी। डीएमके का एकमात्र विचार कमीशन, वसूली, भ्रष्टाचार है।” और पढ़ें: तमिलनाडु सीएम फेस 2026: DMK, AIADMK और बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? रैली में पहुंचने पर बच्चों द्वारा प्रदर्शित एक बैनर की ओर इशारा करते हुए, पलानीस्वामी ने कहा, “देखें उस पर क्या लिखा है – केवल अन्नाद्रमुक सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित है। हम डीएमके को और नहीं चाहते।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में खुलेआम मारिजुआना बेचा जा रहा है, जिसका बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पलानीस्वामी की टिप्पणी तब आई जब तमिलनाडु 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है, जहां वह अन्नाद्रमुक के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए डीएमके और कांग्रेस गठबंधन से भिड़ेगा, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : शिवकाशी, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु की चुनावी रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)एआईएडीएमके चुनाव रैली(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)डीएमके सरकार की आलोचना(टी)कानून और व्यवस्था तमिलनाडु(टी)महिला सुरक्षा तमिलनाडु