'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज का पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सुष्मिता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मेरी पर्सनैलिटी को निखारने में अहम भूमिका निभाई। हमारे बीच बहुत खूबसूरत रिश्ता था, लेकिन दूरियों और करियर की वजह से हम साथ नहीं रह पाए।’ उन्होंने सुष्मिता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी बहुत अच्छी दोस्त हैं। ललित ने कहा, ‘वह एक शानदार महिला हैं। उन्होंने सिंगल मदर के तौर पर अपनी दोनों बेटियों रेनी और अलीशा की बेहतरीन परवरिश की है। मैं हमेशा उनकी उपलब्धियों को देखकर हैरान रह जाता हूं।’ खुद को बताया सुष्मिता का केप्ट बॉयफ्रेंड सुष्मिता को ‘सेल्फ-मेड वुमन’ बताते हुए ललित मोदी ने कहा, ‘वह एक बहुत अमीर महिला हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं सुष्मिता के साथ कहीं बाहर गया हूं और मुझे किसी चीज की पेमेंट करनी पड़ी हो। वह हर चीज का पेमेंट करती थीं। मैं तो मानो एक केप्ट बॉयफ्रेंड था।’ वहीं, सुष्मिता और ललित के रिश्ते की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस को ‘गोल्ड डिगर’ कहा था। इस पर ललित मोदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, ‘”वह एक सेल्फ-मेड महिला हैं और वह कभी भी किसी से कुछ स्वीकार नहीं करेंगी। इसलिए जब कोई कहता है कि वह ‘गोल्ड डिगर’ हैं, तो नहीं। ललित ही ‘डायमंड डिगर’ था, जितनी वह गोल्ड डिगर नहीं थीं, उससे कहीं ज्यादा मैं डायमंड डिगर था। जहां तक उनका सवाल है, मैं उम्मीद करता था कि मैं उनका डायमंड डिगर बनूं, क्योंकि वह वास्तव में एक हीरा थीं।।’ ललित मोदी ने यह भी बताया था कि सुष्मिता के साथ अपने रिश्ते की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस को बताया था। हालांकि सुष्मिता को नहीं लगा था कि वह सच में पोस्ट कर देंगे। पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों उस साल दुनिया में सबसे ज्यादा गूगल किए जाने वाले लोगों में शामिल हो गए थे। 2022 में रिश्ते का किया था ऐलान जुलाई 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रिश्ते का पब्लिक ऐलान किया था। फरवरी 2025 में ललित मोदी ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए सुष्मिता सेन से अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी और अपनी नई पार्टनर रीमा बोरी के बारे में बताया था।
'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज का पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सुष्मिता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मेरी पर्सनैलिटी को निखारने में अहम भूमिका निभाई। हमारे बीच बहुत खूबसूरत रिश्ता था, लेकिन दूरियों और करियर की वजह से हम साथ नहीं रह पाए।’ उन्होंने सुष्मिता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी बहुत अच्छी दोस्त हैं। ललित ने कहा, ‘वह एक शानदार महिला हैं। उन्होंने सिंगल मदर के तौर पर अपनी दोनों बेटियों रेनी और अलीशा की बेहतरीन परवरिश की है। मैं हमेशा उनकी उपलब्धियों को देखकर हैरान रह जाता हूं।’ खुद को बताया सुष्मिता का केप्ट बॉयफ्रेंड सुष्मिता को ‘सेल्फ-मेड वुमन’ बताते हुए ललित मोदी ने कहा, ‘वह एक बहुत अमीर महिला हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं सुष्मिता के साथ कहीं बाहर गया हूं और मुझे किसी चीज की पेमेंट करनी पड़ी हो। वह हर चीज का पेमेंट करती थीं। मैं तो मानो एक केप्ट बॉयफ्रेंड था।’ वहीं, सुष्मिता और ललित के रिश्ते की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस को ‘गोल्ड डिगर’ कहा था। इस पर ललित मोदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, ‘”वह एक सेल्फ-मेड महिला हैं और वह कभी भी किसी से कुछ स्वीकार नहीं करेंगी। इसलिए जब कोई कहता है कि वह ‘गोल्ड डिगर’ हैं, तो नहीं। ललित ही ‘डायमंड डिगर’ था, जितनी वह गोल्ड डिगर नहीं थीं, उससे कहीं ज्यादा मैं डायमंड डिगर था। जहां तक उनका सवाल है, मैं उम्मीद करता था कि मैं उनका डायमंड डिगर बनूं, क्योंकि वह वास्तव में एक हीरा थीं।।’ ललित मोदी ने यह भी बताया था कि सुष्मिता के साथ अपने रिश्ते की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस को बताया था। हालांकि सुष्मिता को नहीं लगा था कि वह सच में पोस्ट कर देंगे। पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों उस साल दुनिया में सबसे ज्यादा गूगल किए जाने वाले लोगों में शामिल हो गए थे। 2022 में रिश्ते का किया था ऐलान जुलाई 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रिश्ते का पब्लिक ऐलान किया था। फरवरी 2025 में ललित मोदी ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए सुष्मिता सेन से अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी और अपनी नई पार्टनर रीमा बोरी के बारे में बताया था।
ट्रम्प बोले- इस हफ्ते ईरान से समझौता संभव:यह सैन्य जीत से भी बड़ी बात होगी; दावा- लेबनान पर हमले को लेकर नेतन्याहू को फटकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर समझौता हो सकता है। उन्होंने सोमवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए कहा कि अगर समझौता हो जाता है तो यह सैन्य जीत से भी बड़ी उपब्लिधि होगी। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत अभी जारी है और कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी हुई है। किसी समझौते को अंतिम मंजूरी देने से पहले उन्हें अभी कुछ और मामलों पर सहमति चाहिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा, “आज थोड़ी समस्या पैदा हुई थी, लेकिन मैंने उसे बहुत जल्दी संभाल लिया।” ट्रम्प ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़े पैमाने के हमले से रोका था। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन कर डांट भी लगाई। सूत्रों के मुताबिक ट्रम्प ने नेतन्याहू को यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले कई मौकों पर उनका समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजराइल लेबनान पर बड़े पैमाने पर बमबारी करता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह और ज्यादा अलग-थलग पड़ सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला: ईरान ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिसे हवा में ही रोक लिया गया। ईरान ने कहा कि उसे जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। 2. अमेरिका-ईरान की बातचीत फिर शुरू: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से पटरी पर लौटती दिख रही है। CNN के मुताबिक दोनों देशों के बीच संपर्क और बातचीत दोबारा आगे बढ़ रही है। 3. लेबनान पर हमले से ईरान नाराज: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ सीजफायर की शर्तों में लेबनान शामिल है। उसपर हमला पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। 4. ईरान के द्वीपों पर अमेरिकी हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए है। इसे पिछले हफ्ते केश्म द्वीप के ऊपर गिराए गए अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन का जवाब बताया जा रहा है। 5. ईरान डील में परमाणु मुद्दों का साफ जिक्र: ट्रम्प ने कहा कि उनके प्रस्तावित ईरान समझौते में परमाणु मुद्दों का साफ और विस्तार से जिक्र किया गया है। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि परमाणु मुद्दों को लेकर दोनों देश बाद में बातचीत करेंगे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पूरे बंगाल में ‘चोर’ के नारे, झड़पें | ‘पे बैक’ राजनीति की नई गलती? | कठिन तथ्य | न्यूज18

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राज्यसभा चुनाव 2026: 2029 के राजनीतिक टकराव से पहले बीजेपी का लक्ष्य प्रमुख सीटों पर | न्यूमैट्रिक्स

जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और झारखंड में महत्वपूर्ण सीटों को दांव पर लगाते हुए अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन चुनावों के नतीजे 2029 के आम चुनावों से पहले विधायी गतिशीलता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं, जिससे हर वोट महत्वपूर्ण हो जाएगा। उच्च सदन में अंतिम संख्या निर्धारित करने में क्रॉस-वोटिंग और गठबंधन रणनीतियों द्वारा निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है। गहन राजनीतिक गणनाओं के साथ, सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि पार्टियां इस उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले में आंतरिक समीकरणों और क्षेत्रीय गठबंधनों का प्रबंधन कैसे करती हैं। प्रमुख जानकारियों और अपडेट के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 01 जून, 2026, 21:15 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)क्रॉस वोटिंग(टी)गुजरात राजनीति(टी)भारतीय संसद(टी)भारतीय राजनीति(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)मध्य प्रदेश राजनीति(टी)न्यूज18 इंडिया(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजस्थान राजनीति(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा सीटें
ओट्स रोटी रेसिपी: घटा रहे हैं वजन? जेनहू के आटे की जगह पर ओट्स की रोटी; खाने में भी पका हुआ स्वाद

ओट्स की रोटी बनाने की सामग्री: 1 कप ओट्स, 1/2 कप आटे का आटा, 1 यूरोपियन कटा प्याज, 1 हरी मिर्ची ऑरेंज कटी हुई, 2 बड़ा हरा धनिया, 1/2 छोटा चम्मच जीरा, स्वादानुसार नमक, गुनगुना पानी छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले ओटीएस को प्लास्टर में स्टोनिस्ट पीस लें। इससे ओट्स का आटा तैयार हो जाएगा। ओट्स का आटा में एक बड़ा पॉट। इसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा और नमक मिला हुआ है। छवि: फ्रीपिक अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए नर आटा गूंथ लें। इंटरनेट पर 10 मिनट तक रुकें। इसके बाद छोटे-छोटे लो अवशेष दांतों की मदद से रोटी बेल लें। छवि: फ्रीपिक गर्म तवे पर रोटी डालें और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। चित्र तो चित्र सा घी प्लग भी स्थापित कर सकते हैं। ओट्स की रोटी को दही, हरी चटनी, रायता या किसी भी हल्की सब्जी के साथ खाया जा सकता है. छवि: एआई यह एक बेहतरीन और आदर्श विकल्प है। अगर आप स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं तो अपनी खुराक में ओट्स की रोटी जरूर शामिल करें। छवि: एआई वजन में मदद कर सकते हैं। लंबे समय तक पेट भरा हुआ है। वनस्पति से भरपूर होने के कारण पाचन क्रिया बेहतर होती है। शरीर को आवश्यक पोषक तत्त्व प्रदान करता है। प्रोटीन और लो-कैलोरी सामग्री का विकल्प है। छवि: फ्रीपिक इससे वजन के हिसाब से यात्रा कम और आसान हो सकती है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट) ओट्स रोटी रेसिपी(टी)स्वस्थ आहार(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)ओट्स चपाती(टी)वजन घटाने(टी)वजन घटाने वाले आहार(टी)वजन घटाने वाली रोटी(टी)वजन घटाने वाली स्वस्थ रोटी रेसिपी
गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर गहराया विवाद | कार्रवाई और चुनाव में धांधली के दावे सतह|पाकिस्तान|टीआरएस

7 जून के चुनाव से पहले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव पूर्व कार्रवाई के ताजा आरोप सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र में चुनावी अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता पर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रतिबंधित समूहों से जुड़े सैन्य समर्थित उम्मीदवार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि विपक्षी आवाजों ने अभियान प्रतिबंध, मतदाता सूची में अनियमितताएं और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव का आरोप लगाया है। इस विवाद ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के आसपास राजनीतिक बहस तेज कर दी है। गिलगित-बाल्टिस्तान के नवीनतम अपडेट और विकास के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_world News18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 01 जून, 2026, 20:32 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)भू-राजनीति(टी)गिलगित बाल्टिस्तान(टी)गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव(टी)भारत पाकिस्तान समाचार(टी)अंतर्राष्ट्रीय समाचार(टी)न्यूज18 भारत(टी)पाकिस्तान चुनाव(टी)पाकिस्तान की राजनीति
हेयर मास्क: रेशमी-रेशमी बालों के लिए दही में पूरी क्रीम, ये 4 चीजें, रूखे बाल होंगे मुलायम और शाइनी

1 जून 2026 को 18:51 IST पर अपडेट किया गया गर्मी में आपके बाल भी रूखे और बेजान हो गए हैं? दही, शहद, केला, एलोवेरा जैसे घरेलू नुस्खों से बालों को फिर से मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाया जा सकता है। जानें आसान तरीके, पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट)गर्मियों में मुलायम बाल(टी)सूखे घुंघराले बालों के उपाय(टी)घर पर बने हेयर मास्क(टी)चमकदार बालों के टिप्स(टी)गर्मियों में प्राकृतिक बालों की देखभाल
महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।
महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।






