Friday, 04 Sep 2026 | 05:37 PM

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ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को मत लाओ, वे अपराधी होते हैं

ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए। वे अपराधी होते हैं, उन्हें देश में न आने दिया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय मजदूरों पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग जब भारत और ताइवान के बीच भारतीय मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था, तब भी ताइवान में इसे लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने डर जताया था कि भारतीय मजदूरों के आने से अपराध बढ़ सकते हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ताइवान पीपुल्स पार्टी के नेता को वेन-जे ने भी कहा था कि भारत से आने वाले मजदूरों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि “भाग जाने वाले विदेशी मजदूर” पहले से ही ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं। दरअसल ताइवान फ्यूजिटिव वर्कर्स की समस्या से जूझ रहा है। इसमें प्रवासी मजदूर कानूनी तौर पर किसी कंपनी या काम के लिए ताइवान आते हैं, लेकिन बाद में अपना तय काम छोड़कर गायब हो जाते हैं। फिर वे बिना अनुमति के दूसरी जगह काम करने लगते हैं या अवैध रूप से रहने लगते हैं। ताइवान के कई नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। इस बहस के दौरान एक और विवाद तब हुआ जब उस समय की ताइवान की श्रम मंत्री हसू मिंग-चुन ने कहा कि शुरुआत में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों से मजदूर भर्ती किए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वहां के लोगों की स्किन कलर, खानपान और धार्मिक आदतें ताइवान के लोगों से ज्यादा मिलती-जुलती हैं। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई और लोगों ने इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताया। विवाद बढ़ने के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।

पेप्सिको 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी:मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में नए प्लांट लगेंगे; फूड-स्नैक्स बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस

पेप्सिको 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी:मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में नए प्लांट लगेंगे; फूड-स्नैक्स बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस

फूड और बेवरेजेस सेक्टर की दिग्गज ग्लोबल कंपनी पेप्सिको साल 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने फूड्स बिजनेस की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए करेगी। यह जानकारी पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ (CEO) जागृत कोटेचा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। पेप्सिको के लिए भारत दुनिया के टॉप 13 मार्केट्स में शामिल है, जिसके चलते कंपनी यहां लगातार अपने कदम बढ़ा रही है। मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में प्लांट लगेंगे सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया कि साल 2025 से 2030 के बीच निवेश की जाने वाली यह ₹5,700 करोड़ की रकम मुख्य रूप से देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में लगाई जाएगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में बन रहे कंसंट्रेट्स प्लांट और असम व तमिलनाडु में स्थापित होने वाले स्नैक्स प्लांट्स पर खर्च किया जा रहा है। अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे दो बड़े प्लांट कंपनी के विस्तार की योजनाएं बहुत तेजी से जमीन पर उतर रही हैं। सीईओ कोटेचा के मुताबिक, इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स अगले कुछ महीनों में ही लाइव (शुरू) होने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का कंसंट्रेट्स प्लांट और पूर्वोत्तर के राज्य असम का प्लांट अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से कामकाज शुरू कर देगा। इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण भारत में भी स्नैक्स बिजनेस का एक बड़ा फुटप्रिंट तैयार करने की तैयारी कर ली है। साउथ इंडिया में स्नैक्स का बड़ा मार्केट बनाएगी पेप्सिको ने दक्षिण भारत के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तमिलनाडु में कदम आगे बढ़ाए हैं। कोटेचा ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में तमिलनाडु में जमीन की खरीदारी पूरी की है। इस जमीन पर एक बड़ा स्नैक्स प्लांट लगाया जाएगा, जो कंपनी को दक्षिण भारत के बाजार में अपना दायरा बड़े स्तर पर फैलाने में मदद करेगा। भारत को क्यों चुना: बढ़ती इनकम और राजनीतिक स्थिरता भारत में निवेश के कारणों को स्पष्ट करते हुए जागृत कोटेचा ने कहा कि पेप्सिको भारत को असीम संभावनाओं वाले एक मजबूत बाजार के रूप में देखती है, क्योंकि यहां अभी भी ग्रोथ के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने इसके लिए देश में लोगों की लगातार बढ़ रही इनकम (आय) और भारत की राजनीतिक व आर्थिक स्थिरता को सबसे बड़ी वजह बताया। एक स्थिर देश होने के कारण यहां विदेशी निवेश का रास्ता बहुत आसान हो जाता है। कंपनी को लगातार दूसरे साल मिली डबल डिजिट ग्रोथ साल 2025 में कंपनी के प्रदर्शन पर बात करते हुए सीईओ ने कहा कि लगातार दूसरे साल पेप्सिको ने भारतीय बाजार में मजबूत डबल डिजिट (दहाई अंक) ग्रोथ हासिल की है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 12 महीनों के आंकड़ों के अनुसार, पेप्सिको इंडिया ने ₹9,789 करोड़ के कुल रेवेन्यू के साथ ₹905 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। फूड सेगमेंट 11% बढ़ा, लेकिन बेवरेजेस में चुनौतियों पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ (CFO) सविता बालचंद्रन ने वित्तीय नतीजों पर अधिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 2025 के दौरान कंपनी के बिजनेस में फूड सेगमेंट का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और इसने करीब 11% की बेहद मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, दूसरी तरफ बेवरेजेस सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीएफओ बालचंद्रन ने कहा कि खराब मौसम के कारण पेय पदार्थों के बाजार में कुछ सुस्ती का असर देखा गया। इसके साथ ही इस दौरान बाजार में कॉम्पिटिशन भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि कंपनी के दोनों ही सेग्मेंट्स ने कुल मिलाकर काफी मजबूत और बेहतर प्रदर्शन किया। बैलेंस शीट मजबूत, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस कंपनी ने साल 2025 के इसी मजबूत मोमेंटम के साथ नए साल 2026 में प्रवेश किया है। सीएफओ सविता बालचंद्रन के अनुसार, वर्तमान में कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत और हेल्दी नजर आ रही है। पेप्सिको के बुक्स पर इस समय ₹1,600 करोड़ से ज्यादा का भारी कैश मौजूद है। भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन को पूरी तरह से बनाए रखेगी, ताकि ग्रोथ की क्वालिटी और इसकी रफ्तार पर कोई असर न पड़े। कंपनी का पूरा ध्यान अब लॉन्ग-टर्म के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार इन्वेस्टमेंट करने पर फोकस रहेगा। क्या होता है कंसंट्रेट्स प्लांट? कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य बेवरेजेस बनाने के लिए सबसे पहले एक खास मुख्य लिक्विड फॉर्मूला तैयार किया जाता है, जिसे ‘कंसंट्रेट’ कहते हैं। कंसंट्रेट प्लांट में इसी मुख्य फॉर्मूले को पूरी शुद्धता और सीक्रेट रेसिपी के साथ बनाया जाता है। बाद में इसे देश के अलग-अलग बॉटलिंग प्लांट्स में भेजा जाता है, जहां इसमें पानी, चीनी और गैस (सोडा) मिलाकर फाइनल ड्रिंक तैयार की जाती है। क्या होता है बैलेंस शीट में कैश ऑन बुक्स? इसका सीधा मतलब होता है कि किसी कंपनी के पास वर्तमान में बैंक खातों या लिक्विड फंड्स के रूप में कितनी नकदी (कैश) तुरंत उपलब्ध है। जिस कंपनी के पास जितना ज्यादा कैश ऑन बुक्स होता है, उसकी वित्तीय स्थिति उतनी ही मजबूत मानी जाती है क्योंकि वह बिना किसी कर्ज के नए प्रोजेक्ट्स में तुरंत पैसा लगा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… वोडाफोन-आइडिया का शेयर 6% चढ़ा: SBI से ₹35,000 करोड़ के कर्ज की खबर से तेजी आई, 3-साल में ₹45,000 करोड़ का निवेश करेगी वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयर 19 मई (मंगलवार) को कारोबार के दौरान 6% तक बढ़ गए। मार्केट क्लोजिंग पर कंपनी का शेयर 4.59% की तेजी के साथ 13.45 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बताया कि वे 35,000 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (समूह) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस वजह से ही कंपनी के शेयर में यह तेजी आई है। पूरी खबर पढ़ें…

इस घास की चाय क्यों पीते हैं पहाड़ों पर लोग? वजन घटाए…तनाव भगाए, चौंका देगा इसका सीक्रेट

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Last Updated:May 19, 2026, 15:33 IST Lemon Grass Tea Benefits : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली लेमन ग्रास लोगों की पसंदीदा हर्बल चाय बनती जा रही है. इसकी खुशबू और औषधीय गुण शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. बागेश्वर की चिकित्सक डॉ. संगीता लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं, संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. पहाड़ी इलाकों में ये प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर की तरह उपयोग होती आई है. पहाड़ों में लोग सुबह खाली पेट इसकी चाय पीते हैं, जिससे शरीर में ताजगी बनी रहती है. बिना चीनी इसका सेवन वजन नियंत्रित रखने में सहायक है. लेमन ग्रास चाय सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, जिससे त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है. यह त्वचा पर समय से पहले आने वाले बुढ़ापे के असर को कम करने में मदद कर सकती है. कई लोग इसका उपयोग घरेलू ब्यूटी उपचार में भी करते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाएं इसे प्राकृतिक हेल्थ ड्रिंक के रूप में अपनाती हैं. गर्मियों में इसकी चाय शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम भी करती है. लेमन ग्रास की तासीर हल्की गर्म मानी जाती है, इसलिए यह सर्दी-जुकाम में काफी राहत पहुंचाती है. इसकी चाय पीने से गले की खराश कम होती है, शरीर को आराम मिलता है. कई लोग इसमें अदरक और शहद मिलाकर भी सेवन करते हैं. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. पहाड़ों में ठंड के मौसम में लोग नियमित रूप से इसकी चाय पीते हैं. इससे शरीर गर्म रहता है, सर्द मौसम का असर कम महसूस होता है. वायरल संक्रमण के दौरान भी इसे फायदेमंद माना जाता है. लेमन ग्रास चाय बनाना बेहद आसान है. इसके लिए पानी में ताजी लेमन ग्रास की पत्तियां डालकर कुछ मिनट तक उबालना होता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद, अदरक या नींबू भी मिलाया जा सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अपने घरों के आसपास उगी लेमन ग्रास का उपयोग करते हैं. इसकी खुशबू चाय को बेहद ताजगी भरा स्वाद देती है. बाजार में भी अब सूखी लेमन ग्रास आसानी से उपलब्ध होने लगी है. प्राकृतिक और बिना केमिकल वाली यह चाय लोगों को हेल्दी जीवनशैली की ओर आकर्षित कर रही है. नियमित सेवन से शरीर और मन दोनों को फायदा मिल सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google लेमन ग्रास में विटामिन A और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए लोग इसकी चाय पीना पसंद करते हैं. बागेश्वर की चिकित्सक  डॉ. संगीता लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं, संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. पहाड़ी इलाकों में इसे प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है. नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, थकान कम महसूस होती है. खासकर बरसात और सर्दियों के मौसम में इसकी चाय काफी फायदेमंद मानी जाती है. भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में लेमन ग्रास चाय दिमाग को शांत रखने में मदद कर सकती है. इसकी खुशबू और प्राकृतिक गुण मानसिक तनाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं. कई लोग दिनभर की थकान के बाद शाम के समय इसकी चाय पीते हैं, जिससे उन्हें सुकून महसूस होता है. इसमें मौजूद तत्व नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करते हैं. इससे नींद भी बेहतर आती है और मन शांत रहता है. लगातार तनाव महसूस करने वाले लोगों के लिए यह हर्बल चाय एक अच्छा विकल्प बनती जा रही है. आजकल बढ़ते वजन की समस्या से परेशान लोग लेमन ग्रास चाय को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है. यह पेट में अतिरिक्त चर्बी जमा होने से भी रोकती है. बिना चीनी के इसका सेवन करने से वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है. पहाड़ों में लोग सुबह खाली पेट इसकी चाय पीते हैं, जिससे शरीर में ताजगी बनी रहती है. यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है. नियमित सेवन के साथ संतुलित भोजन और व्यायाम करने से बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं. लेमन ग्रास चाय पेट से जुड़ी कई परेशानियों में राहत देने का काम करती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं. कई लोग भारी भोजन के बाद इसकी चाय पीना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे पेट हल्का महसूस होता है. पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने समय से लोग इसे घरेलू नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल करते आए हैं. इसके सेवन से पेट दर्द और अपच की समस्या में भी राहत मिलती है. नियमित रूप से लेमन ग्रास चाय पीने से शरीर की पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है, भोजन जल्दी पचने में मदद मिलती है. लेमन ग्रास चाय शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करती है. इसका सेवन करने से शरीर की सफाई प्राकृतिक तरीके से होती है. यह किडनी और लिवर को स्वस्थ रखने में भी मददगार मानी जाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग इसे शरीर को तरोताजा रखने के लिए पीते हैं. इसके सेवन से शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती है, शरीर हल्का महसूस होता है. कई लोग इसे सुबह के समय पीना पसंद करते हैं ताकि दिनभर शरीर में ताजगी बनी रहे. प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:पुलिस पकड़कर ले गई; 500 गाड़ियों के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे

विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:पुलिस पकड़कर ले गई; 500 गाड़ियों के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे

बाड़मेर में विरोध प्रदर्शन के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। समर्थकों ने कपड़े से तुरंत पेट्रोल को पोंछ दिया। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी विधायक भाटी और उनके समर्थकों को धक्के मारते हुए ले गए। भाटी एक बैग में अपने साथ पेट्रोल भरी बोतल लेकर आए थे। उन्होंने बैग से बोतल निकाली और खुद पर छिड़क ली। पुलिस उन्हें पकड़कर कलेक्ट्रेट के अंदर ले गई है। यहां कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट उनसे बात कर रहे हैं। 4 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला 1. दरअसल, मजदूरों की मांगों को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी 500 गाड़ियों के काफिले के साथ मंगलवार दोपहर गिरल गांव से कलेक्ट्रेट की तरफ कूच किया। कलेक्ट्रेट से 1 किमी पहले पुलिस ने बसें लगा कर भाटी का काफिला रोक लिया। 2. काफिला रोकने के बाद विधायक भाटी पैदल ही अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। समर्थकों को पुलिस ने पकड़ा तो विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। 3. भाटी ने सोमवार को घोषणा की थी कि अगर मजदूरों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वे मंगलवार को मजदूर आंदोलन करेंगे। 4. इससे एक दिन पहले हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) शुरू करने और वाहनों को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। साथ ही एसपी और शिव थानाधिकारी से बाधा उत्पन्न करने वालों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। पहले पढ़िए मांगें देखें भाटी के कूच की तस्वीरें… क्यों हो रहा विरोध राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) की गिरल में लिग्नाइट माइंस की ओर से थुंबली समेत आसपास के इलाकों में जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी से प्रभावित किसान और गांव के युवा 9 अप्रैल से गिरल गांव में धरने पर बैठे हैं। बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 39 दिन से जारी है। उनकी मांग है कि 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए और नौकरी के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। राजस्थान सरकार का PSU है RSMML RSMML राजस्थान सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन करती है। गिरल लिग्नाइट माइंस, बाड़मेर जिले के थुम्बली और गिरल गांव में स्थित है। इसे राजस्थान की पहली आधुनिक ओपनकास्ट (खुली) लिग्नाइट खदान भी माना जाता है। 1994 में RSMML द्वारा इस खदान की शुरुआत की गई थी। यह मुख्य रूप से लिग्नाइट का उत्पादन करती है, जो गिरल लिग्नाइट पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई करती है।

जान्हवी कपूर ने किया बॉडीगार्ड को इशारा:तुरंत सेल्फी ले रहे फैन पर लिया गया एक्शन, गोविंदा के गार्ड्स की भी पैपराजी से हुई झड़प

जान्हवी कपूर ने किया बॉडीगार्ड को इशारा:तुरंत सेल्फी ले रहे फैन पर लिया गया एक्शन, गोविंदा के गार्ड्स की भी पैपराजी से हुई झड़प

सोमवार को अपकमिंग फिल्म पेड्डी का ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था। मुंबई के बीकेसी में हुए इस इवेंट में जान्हवी कपूर और रामचरण समेत फिल्म की स्टारकास्ट पहुंची थी। इस दौरान एक फैन का नजदीक आकर सेल्फी लेना जान्हवी कपूर को पसंद नहीं आया और उन्होंने बॉडीगार्ड को इशारा कर तुरंत उसे अलग करवा दिया। पेड्डी ट्रेलर लॉन्च इवेंट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जान्हवी कपूर मंच पर हैं। तभी एक फैन उनके काफी करीब आया और सेल्फी लेने लगा। उसके आते ही जान्हवी कपूर ने पास खड़े बॉडीगार्ड को एक नजर देख इशारा किया, जिसके ठीक बाद गार्ड ने उस शख्स का हाथ पकड़कर धक्का देकर मंच से नीचे उतार दिया। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग जान्हवी की आलोचना कर रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है, मुझे समझ नहीं आता कि इन लोगों को इतना अटेंशन क्यों देते हैं। ये लोग भूल जाते हैं कि ये लोग पब्लिक की वजह से ही हैं और हमारे बिना कुछ नहीं हैं। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा है, इसलिए इनकी मूवी नहीं चलती है। जिनकी वजह से इंडस्ट्री हैं, उनकी ही रिस्पेक्ट नहीं करते। नेपोकिड्स हैं, तो मूवी मिल रही है और दिखाना करना अच्छा होने का। बाकी असल में इनके पास कुछ नहीं है। गोविंदा के गार्ड की पैपराजी से हुई बहस हाल ही में गोविंदा एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां उनके बॉडीगार्ड्स और पैपराजी के बीच बहस हो गई। दरअसल, इवेंट खत्म होने के बाद जैसे ही गोविंदा बाहर की तरफ निकले, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान पैपराजी भी उन्हें क्लिक कर रहे थे। तभी गोविंदा के बाउंसर ने उनके निकलने का रास्ता बनाते हुए लोगों को पीछे की तरफ धक्का दिया। धक्का लगते ही वहां मौजूद पैपराजी भड़क गए और बहस शुरू कर दी। हंगामा होने के बाद गोविंदा ने खुद बीच-बचाव कर मामले को संभाला। बता दें कि फिल्म पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था। दो बार पोस्टपोन हुई जान्हवी कपूर- रामचरण की पेड्डी फिल्म पेड्डी शुरुआत में 27 मार्च को रामचरण के बर्थडे पर रिलीज की जाने वाली थी, हालांकि बाद में इसे पोस्टपोन कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को धुरंधर 2 और टॉक्सिक से क्लैश से बचाने के लिए पोस्टपोन किया गया था, हालांकि मेकर्स ने पोस्टपोन का कारण फिल्म के कुछ हिस्से कंप्लीट न होना बताया। पहले 30 अप्रैल 2026 के बाद इसे 25 जून के लिए शेड्यूल किया गया, जिसके बाद प्री-पोन कर इसे 4 जून को रिलीज किया जा रहा है।

जान्हवी कपूर ने किया बॉडीगार्ड को इशारा:तुरंत सेल्फी ले रहे फैन पर लिया गया एक्शन, गोविंदा के गार्ड्स की भी पैपराजी से हुई झड़प

जान्हवी कपूर ने किया बॉडीगार्ड को इशारा:तुरंत सेल्फी ले रहे फैन पर लिया गया एक्शन, गोविंदा के गार्ड्स की भी पैपराजी से हुई झड़प

सोमवार को अपकमिंग फिल्म पेड्डी का ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था। मुंबई के बीकेसी में हुए इस इवेंट में जान्हवी कपूर और रामचरण समेत फिल्म की स्टारकास्ट पहुंची थी। इस दौरान एक फैन का नजदीक आकर सेल्फी लेना जान्हवी कपूर को पसंद नहीं आया और उन्होंने बॉडीगार्ड को इशारा कर तुरंत उसे अलग करवा दिया। पेड्डी ट्रेलर लॉन्च इवेंट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जान्हवी कपूर मंच पर हैं। तभी एक फैन उनके काफी करीब आया और सेल्फी लेने लगा। उसके आते ही जान्हवी कपूर ने पास खड़े बॉडीगार्ड को एक नजर देख इशारा किया, जिसके ठीक बाद गार्ड ने उस शख्स का हाथ पकड़कर धक्का देकर मंच से नीचे उतार दिया। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग जान्हवी की आलोचना कर रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है, मुझे समझ नहीं आता कि इन लोगों को इतना अटेंशन क्यों देते हैं। ये लोग भूल जाते हैं कि ये लोग पब्लिक की वजह से ही हैं और हमारे बिना कुछ नहीं हैं। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा है, इसलिए इनकी मूवी नहीं चलती है। जिनकी वजह से इंडस्ट्री हैं, उनकी ही रिस्पेक्ट नहीं करते। नेपोकिड्स हैं, तो मूवी मिल रही है और दिखाना करना अच्छा होने का। बाकी असल में इनके पास कुछ नहीं है। गोविंदा के गार्ड की पैपराजी से हुई बहस हाल ही में गोविंदा एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां उनके बॉडीगार्ड्स और पैपराजी के बीच बहस हो गई। दरअसल, इवेंट खत्म होने के बाद जैसे ही गोविंदा बाहर की तरफ निकले, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान पैपराजी भी उन्हें क्लिक कर रहे थे। तभी गोविंदा के बाउंसर ने उनके निकलने का रास्ता बनाते हुए लोगों को पीछे की तरफ धक्का दिया। धक्का लगते ही वहां मौजूद पैपराजी भड़क गए और बहस शुरू कर दी। हंगामा होने के बाद गोविंदा ने खुद बीच-बचाव कर मामले को संभाला। बता दें कि फिल्म पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था। दो बार पोस्टपोन हुई जान्हवी कपूर- रामचरण की पेड्डी फिल्म पेड्डी शुरुआत में 27 मार्च को रामचरण के बर्थडे पर रिलीज की जाने वाली थी, हालांकि बाद में इसे पोस्टपोन कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को धुरंधर 2 और टॉक्सिक से क्लैश से बचाने के लिए पोस्टपोन किया गया था, हालांकि मेकर्स ने पोस्टपोन का कारण फिल्म के कुछ हिस्से कंप्लीट न होना बताया। पहले 30 अप्रैल 2026 के बाद इसे 25 जून के लिए शेड्यूल किया गया, जिसके बाद प्री-पोन कर इसे 4 जून को रिलीज किया जा रहा है।

पंजाबी सिंगर की हत्या, लाश नहर में मिली:लुधियाना से गनपॉइंट पर किडनैप किया; आरोपी जबरन शादी करना चाहता था

पंजाबी सिंगर की हत्या, लाश नहर में मिली:लुधियाना से गनपॉइंट पर किडनैप किया; आरोपी जबरन शादी करना चाहता था

लुधियाना में पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर (29) की हत्या कर दी गई। आज सुबह 11 बजे उनका शव नीलो नहर में मिला। इंदर को 6 दिन पहले गन गनपॉइंट पर किडनैप किया गया, जिसके बाद से परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ था। परिवार ने कहा कि मोगा का रहने वाला व्यक्ति जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। मना करने पर उसने किडनैप कर लिया था। फिर हत्या करने के बाद वह कनाडा भाग है। वह हत्या करने के लिए ही कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया था, फिर इसी रास्ते वापस भाग गया। तीन साल पहले दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी, लेकिन जैसे ही इंदर को पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं, तो उसने शादी करने से मना कर दिया था, इसी बात से आरोपी खुन्नस रखने लगा था। फिलहाल पुलिस ने मृतका के शव को नहर से बाहर निकलवा लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए समराला के सिविल अस्पताल में भेज दिया है। इंदर के माता-पिता और दो भाई कोरिया में रहते हैं। जबकि उसका एक भाई लुधियाना के जमालपुर में रहता है। बाजार से घर का राशन-पानी लेने गई थी सिंगर के भाई जोतइंदर सिंह ने कहा कि, इंदर कौर 13 मई को रात करीब साढ़े 6 बजे अपनी सफेद रंग की फोर्ड फिगो कार लेकर बाजार से घर का राशन-पानी (ग्रॉसरी) लेने निकली थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। जब लड़की वापस नहीं आई, तो परिवार वालों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। छानबीन के दौरान उन्हें पता चला कि यशइंदर की दोस्ती सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा नाम के एक व्यक्ति से थी, जो मूल रूप से मोगा का रहने वाला है, लेकिन अभी अपने परिवार के साथ कनाडा में रहता है। 13 मई की रात को सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा, उसके पिता प्रीतम सिंह, उसके दोस्त करमजीत सिंह और कुछ अन्य अज्ञात साथियों ने मिलकर यशइंदर कौर को गन-पॉइंट पर जान से मारने की नीयत से अगवा कर लिया। कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया आरोपी भाई ने कहा कि सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा, यशइंदर कौर पर जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था और इस काम में सुक्खा के पिता प्रीतम सिंह भी उसका साथ दे रहे थे। दूसरी तरफ, यशइंदर को पता चल चुका था कि सुखविंदर पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं, इसलिए वह इस शादी के लिए साफ मना कर रही थी। उन्होंने कहा कि इसी बात का बदला लेने के लिए उसका अपहरण किया गया। आरोपी कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया था। मोगा से वह दो टैक्सियां किराए पर लेकर आया। यहां आकर उसने उसकी बहन को गन पॉइंट पर किडनैप किया। इसके बाद आरोपी सुखविंदर सिंह ने नहर के किनारे बहन की हत्या की और उसके बाद फिर से नेपाल के रास्ते कनाडा भाग गया है। 5 साल पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी पांच साल पहले इंदर कौर ने सिंगिंग छोड़ दी थी और अब बुटीक व मेकअप आर्टिस्ट का काम कर रही थी। बहन और आरोपी सुखविंदर की इंस्टाग्राम पर पिछले 5 साल से दोस्ती थी। वो घर आता जाता रहता था। उसका कनाडा में कंस्ट्रक्शन का काम था। मेरी भी उससे बातचीत होती रहती थी। जब पता चला कि वो शादीशुदा है, तो फिर बहन ने शादी से इनकार कर दिया। 13 मई को आखिरी बार 10 बजे रात को इंदर कौर से बात हुई। उसने कहा कि मैं घर आ रही हूं। उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उसके बाद नहीं पता कि क्या हो गया। इंदर के जन्मदिन पर भी आया था आरोपी रिश्तेदार और पूर्व पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने बताया कि सुखविंदर और इंदर की दोस्ती करीब 5-6 साल पुरानी थी। 13 जनवरी को इंदर के जन्मदिन पर भी सुखविंदर आया था। मार्च में उसने इंदर से शादी करने का वादा किया था, लेकिन बाद में कहने लगा कि कुछ समय बाद शादी करेंगे। बाद में परिवार को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। उन्होंने बताया कि सुखविंदर कनाडा के कैलगरी में रहता है और वहां का PR होल्डर है। उसकी उम्र 37 साल है। दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। जसपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सुखविंदर ने ही इंदर की हत्या की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार और शव दोनों बरामद कर लिए हैं, जबकि दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। किडनैपिंग वाली बात नहीं है। सुखविंदर ने कहा कि वो विदेश जा रहा है, तो इंदर उसे अपनी कार से छोड़ने जा रही थी। रास्ते में दोनों में क्या हुआ पता नहीं और उसने उसकी हत्या कर दी। मामले की जांच कर रही पुलिस थाना जमालपुर के एसएचओ बलबीर सिंह ने कहा कि नीलो नहर में से लाश मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त के लिए परिवार को बुलाया गया। जिसके बाद उसकी पहचान की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पंजाब- ट्रक में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत:2 लाशें ड्राइविंग सीट पर फंसी, एक-दूसरे से चिपकीं, कटर से काटकर निकालीं

पंजाब- ट्रक में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत:2 लाशें ड्राइविंग सीट पर फंसी, एक-दूसरे से चिपकीं, कटर से काटकर निकालीं

गुरदासपुर में नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इससे कार सवार 4 दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। 2 की लाशें ड्राइवर सीट पर फंस गईं। लोगों के अनुसार हादसे के दौरान जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद सुबह पुलिस को बुलाया गया, फिर लाशों को बाहर निकालने के लिए कार की बॉडी को कटर से काटा गया। शवों को निकालने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। सभी एक दूसरे से चिपके हुए मिले। पुलिस जांच के अनुसार, तीन युवक हिमाचल प्रदेश के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र से रात को ही फरार हुए थे। केंद्र से भागने के बाद उन्होंने पठानकोट में रहने वाले चौथे दोस्त को कार समेत साथ लिया, जिसके बाद तड़के करीब 4 बजे यह हादसा हो गया। पुलिस अब उस ट्रक को ट्रेस करने में जुटी है, जिसके पीछे यह कार टकराई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पॉस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इनमें से एक युवक 2 बच्चों का पिता था। बताया जा रहा है कि कार की स्पीड 80 से 100 के आसपास थी। चश्मदीद ने क्या बताया, 4 पॉइंट में पढ़िए… इन 4 युवकों की हुई मौत पुलिस के अनुसार हादसे में मारे गए युवकों की पहचान पठानकोट के भदरोआ स्थित टीचर कॉलोनी निवासी विक्रम उर्फ विक्की (31), गंदला लाहड़ी (सुजानपुर) निवासी नरेश कुमार, सरना निवासी विनोद कुमार और जम्मू निवासी राही के रूप में हुई है। हिमाचल में नशा मुक्ति केंद्र से भागे विनोद, राही और नरेश ने विक्रम से संपर्क किया था। इसके बाद विक्रम अपनी ऑल्टो कार लेकर उनके साथ चला गया। एक मृतक दो बच्चों का पिता था विक्रम उर्फ विक्की (31) के रूप में हुई है। वह पठानकोट में स्लीपवेल मैट्रेस के शोरूम में काम करता था और कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ घूमने गया था। विक्की के 2 बच्चे हैं। पत्नी को फोन कर कहा था- लेट हो जाऊंगा विक्रम उर्फ विक्की ने देर रात को पठानकोट में अपनी पत्नी को फोन किया था। विक्की ने पत्नी को कहा था कि वो सुबह लेट हो जाएगा। काम पर जाना है। साथ ही उसने अपने कपड़े प्रेस करने के लिए भी कहा था। नशा मुक्ति केंद्र से भागे थे तीन युवक मामले की जांच कर रहे ASI बलजीत सिंह ने बताया कि 3 युवक हिमाचल प्रदेश में स्थित संजीवनी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती थे।। जहां से ये बीती रात चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने जब नशा मुक्ति केंद्र के मालिक से संपर्क साधा तो उसने पुष्टि की कि ये तीनों युवक रात के समय अपना बैग और सामान लेकर मोटरसाइकिल पर केंद्र से चुपके से निकल गए थे। गुरदासपुर-बटाला साइड से आ रहे थे प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये चारों युवक ऑल्टो कार में सवार होकर गुरदासपुर से बटाला साइड की तरफ जा रहे थे। नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्झा सिंह के पास एक ट्रक खड़ा था। जिसमें इनकी कार पीछे से टकरा गई। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया हम हाईवे और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं, ताकि उस ट्रक को ट्रेस किया जा सके, जिसके पीछे कार टकराई थी। परिजनों के बयानों पर भी होगी कार्रवाई पुलिस के अनुसार युवक नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा को भेदकर वहां से बाहर कैसे निकले, इस बात की जांच संबंधित क्षेत्र की पुलिस करेगी। वहीं हादसे का शिकार हुए युवकों के परिजनों से भी संपर्क कर लिया गया है। परिवारों के बयानों पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। —— ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में 3 बच्चों की मां ने किया सुसाइड: मरने से पहले भाई को किया फोन; जेठ-जेठानी पर तंग करने का आरोप; पति विदेश में रहता लुधियाना के थाना मेहरबान के अंतर्गत आते गांव जीवनपुर में एक 32 वर्षीय विवाहिता ने ससुराल वालों से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान पूजा कौर के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा कल लगाए गए धरने (प्रदर्शन) के बाद पुलिस हरकत में आई और आज जेठ, जेठानी सहित 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। (पढ़ें पूरी खबर)

हिमाचल पंचायत चुनाव: चुनाव से पहले यहां हंगामा, दो मतपत्र गायब, आठ लोगों पर केस दर्ज

हिमाचल पंचायत चुनाव: चुनाव से पहले यहां हंगामा, दो मतपत्र गायब, आठ लोगों पर केस दर्ज

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर दो मतपत्र गायब होने की तैयारी है, जिसके बाद पुलिस ने सोमवार को आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मतपत्र सोलन जिले के कुनिहार क्षेत्र में तैयार किये जा रहे थे। जांच के दौरान दो मतपत्र गायब मिले, जिसके बाद दस्तावेज दर्ज किए गए। सोलन के पुलिस कप्तान (एसपी) तिरुमालाराजू वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किस मामले की जांच जारी है। हिमाचल प्रदेश में 3,754 ग्रामों के लिए 26, 28 और 30 मई को तीन चरण में चुनाव आयोजित किये जायेंगे। इन चुनावों में कुल 31,182 मतदान होंगे, जिनमें 21,654 ग्राम पंचायत सदस्य, 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 1,679 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत, प्रधान और उपप्रधान के नतीजे मतदान वाले दिन ही घोषित होंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के नतीजे 31 मई को घोषित होंगे। राज्य में 50,79,048 से अधिक किरदार अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें 25,11,249 महिलाएं, 25,67,770 पुरुष और 29 तृतीय लिंग के किरदार शामिल हैं। कुल मिलाकर 52,350 से पहली बार अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल किया जाएगा।

गर्दन दर्द से हैं परेशान! बस आजमाएं ये 5 जादुई अप-डाउन एक्सरसाइज, ऑफिस चेयर पर ही मिल जाएगी राहत

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Last Updated:May 19, 2026, 07:11 IST Cervical Pain Exercises: रांची के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ श्याम कुमार त्रिपाठी ने चेयर पर बैठे बैठे करने लायक गर्दन की 5 आसान एक्सरसाइज बताईं. उन्होंने कहा कि इससे सर्वाइकल पेन से राहत मिलती है. साथ ही कभी ये बीमारी भी नहीं होती है. ख़बरें फटाफट रांची: आजकल लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम कर रहे हैं, जिससे बॉडी पोस्चर खराब हो रहा है. ऐसे में रांची के फिजियोथेरेपिस्ट ने कुछ टिप्स दिए हैं. जहां आपको एक चेयर में बैठे हुए ही उठने की जरूरत नहीं है और आप गले की 5 एक्सरसाइज कर सकते हैं, जिससे धीरे-धीरे अगर आपको सर्वाइकल पेन है तो इससे काफी राहत मिलेगी और जिनको नहीं है, अगर वह करते हैं तो इसकी होने की संभावना न के बराबर हो जाएगी. रांची के जाने माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर श्याम कुमार त्रिपाठी मोराबादी में स्टेप वन फिजियोथैरेपी क्लिनिक चलाते हैं. उनके पसा 16 साल का एक्सपीरियंस है. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि अगर आप अपने चेयर में बैठे-बैठे बस यह 3-4 एक्सरसाइज कर लें तो सर्वाइकल पेन का टेंशन आपको लेने की जरूरत ही नहीं है..यह एक्सरसाइज जादू की तरह काम करता है. जादू की तरह काम करती है ये एक्सरसाइज • डॉ श्याम कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि सबसे पहले टिकटोक एक्सरसाइज है. दरअसल, अपने बॉडी को एकदम सीधा रखें और अपने गले को सिर्फ आगे की तरफ ले जाइए और गले को पीछे की तरफ ले जाइए. आगे टिक, पीछे टॉक. इस तरीके का टिकटोक आगे पीछे करते रहिए, ऐसा 10 बार रिपीट करिए. • दूसरे एक्सरसाइज में अपको अपने सर को एकदम नीचे करना है और फिर एकदम ऊपर पीछे की तरफ कर लीजिए. मतलब अप एंड डाउन ऐसा भी 10 बार रिपीट करिए. जब भी आपको समय मिले एक घंटा में एक बार ऐसा कर लीजिए 10 बार. • तीसरा, अपने दोनों हाथों को अपने चेस्ट पास लाइए और पीछे की तरफ प्रेशर करके पीछे घुमाइए और फिर आगे दोनों हाथों को कीजिए और फिर दोनों हाथों को पीछे की तरफ कीजिए. इस तरीके को बार-बार रिपीट करिए. • चौथा, आप अपने सर को एकदम गोल-गोल राउंड शेप में घुमाइए, एक बार क्लाकवाइज घुमाइए और एक बार एंटी क्लाकवाइज. ऐसा भी 10 से 15 बार आपको करना है. अगर आप इतना ही कर ले, 1 घंटे में एक बार ऐसा कर ले तो आपको सर्वाइकल पेन से काफी राहत मिलेगी. • ऐसे में आपको एक बात का ध्यान रखना है. अगर आप मोबाइल फोन देखते हैं या फिर लैपटॉप चलाते हैं तो उसे अपने आंखों के बराबर रखना है. ऐसे में लैपटॉप स्टैंड होता है. आप वह ले लीजिए व मोबाइल फोन को भी थोड़ा ऊपर करके देखिए. गर्दन झुका कर फोन नहीं चलाना है और ना ही लैपटॉप. यह सर्वाइकल होने का बहुत बड़ा कारण होता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें