Friday, 04 Sep 2026 | 04:34 PM

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पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी आज इटली पहुंच गए हैं। यहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्यापार, निवेश, एडवांस तकनीक और ग्लोवल मुद्दों पर बातचीत करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी आज इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मिलेंगे। मोदी की इटली दौरे की तस्वीरें… रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर विचार इस दौरे के दौरान भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत करते हुए उन्हें ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों देश आने वाले वक्त में सालाना रेगुलर बैठकें शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। भारत और इटली के बीच पिछले कुछ सालों में राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तेजी आई है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। फिलहाल भारत और इटली के बीच व्यापार 14 अरब यूरो (14 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का है। दोनों देश विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, रक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इटली के उद्योगपतियों से मिलेंगे पीएम मोदी पीएम मोदी इटली के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और भारत में नई औद्योगिक पार्टनरशिप पर चर्चा होने की संभावना है। पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मिडिल-ईस्ट तनाव, रूस-यूक्रेन वॉर, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल सप्लाई चेन पर चर्चा करेंगे। PM मोदी आखिरी बार 2024 में इटली गए थे PM मोदी आखिरी बार जून 2024 में इटली गए थे। उस समय उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जो इटली के अपुलिया क्षेत्र में आयोजित हुआ था। मोदी ने 15 मई से शुरू हुए अपने विदेश दौरे में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया। इटली इस यात्रा का आखिरी पड़ाव है। ———– ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल हुए:नॉर्वे-डेनमार्क, आइसलैंड और फिनलैंड के PM से मिले; इटली के लिए रवाना मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून का सम्मान के नरजिए से भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी आज इटली पहुंच गए हैं। यहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्यापार, निवेश, एडवांस तकनीक और ग्लोवल मुद्दों पर बातचीत करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी आज इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मिलेंगे। रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर विचार इस दौरे के दौरान भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत करते हुए उन्हें ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों देश आने वाले वक्त में सालाना रेगुलर बैठकें शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। भारत और इटली के बीच पिछले कुछ सालों में राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तेजी आई है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। फिलहाल भारत और इटली के बीच व्यापार 14 अरब यूरो (14 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का है। दोनों देश विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, रक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इटली के उद्योगपतियों से मिलेंगे पीएम मोदी पीएम मोदी इटली के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और भारत में नई औद्योगिक पार्टनरशिप पर चर्चा होने की संभावना है। पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मिडिल-ईस्ट तनाव, रूस-यूक्रेन वॉर, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल सप्लाई चेन पर चर्चा करेंगे। PM मोदी आखिरी बार 2024 में इटली गए थे PM मोदी आखिरी बार जून 2024 में इटली गए थे। उस समय उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जो इटली के अपुलिया क्षेत्र में आयोजित हुआ था। मोदी ने 15 मई से शुरू हुए अपने विदेश दौरे में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया। इटली इस यात्रा का आखिरी पड़ाव है।

गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानिए शरीर पर क्या पड़ता है असर

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Last Updated:May 19, 2026, 22:12 IST गर्मियों में तेज धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए ज्यादातर लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. ठंडा पानी तुरंत आराम जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए सही होता है. ख़बरें फटाफट गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर लोग फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. तेज धूप और पसीने के बीच ठंडा पानी तुरंत राहत जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी पीना शरीर के लिए सही होता है. कुछ लोग मानते हैं कि इससे गला खराब हो सकता है, जबकि कुछ का कहना है कि यह पाचन पर असर डालता है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, लेकिन पानी का तापमान भी शरीर पर असर डाल सकता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पीने की बजाय संतुलन बनाए रखना बेहतर माना जाता है. ज्यादा ठंडा पानी शरीर पर कैसे असर डाल सकता हैबहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर को अचानक तापमान बदलने का सामना करना पड़ता है. कुछ लोगों में इससे गले में खराश, सिरदर्द या सर्दी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. खासतौर पर जब शरीर धूप से बहुत गर्म हो और तुरंत बर्फ जैसा पानी पिया जाए, तो शरीर को उसे सामान्य तापमान पर लाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. हालांकि यह असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता, लेकिन संवेदनशील लोगों को इससे असहजता महसूस हो सकती है. पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है असरकई स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. बहुत ठंडा पानी पेट की रक्त वाहिकाओं को थोड़ी देर के लिए सिकोड़ सकता है, जिससे पाचन प्रभावित हो सकता है. यही वजह है कि कई लोग खाना खाने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं. सामान्य या हल्का ठंडा पानी शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक माना जाता है. कब ठंडा पानी नुकसानदेह लग सकता हैअगर किसी व्यक्ति को पहले से गले की समस्या, साइनस या बार-बार सर्दी-जुकाम की परेशानी रहती है, तो बहुत ज्यादा ठंडा पानी उसकी दिक्कत बढ़ा सकता है. वहीं workout या धूप से आने के तुरंत बाद बहुत तेजी से ठंडा पानी पीने पर कुछ लोगों को चक्कर या असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए शरीर को थोड़ा सामान्य होने देने के बाद पानी पीना बेहतर माना जाता है. कितना ठंडा पानी पीना सही माना जाता हैविशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हल्का ठंडा या सामान्य तापमान वाला पानी शरीर के लिए बेहतर माना जाता है. इससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है और अचानक तापमान बदलाव का असर भी कम पड़ता है. फ्रिज का बहुत ज्यादा बर्फीला पानी लगातार पीने की बजाय मिट्टी के घड़े का पानी या हल्का ठंडा पानी कई लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक हो सकता है. शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरीगर्मी के मौसम में सबसे जरूरी बात शरीर में पानी की कमी न होने देना है. चाहे पानी सामान्य हो या हल्का ठंडा, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी माना जाता है. इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फल जैसे विकल्प भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश के चिटगांव शहर में स्थित भारतीय दूतावास परिसर के अंदर मंगलवार को एक भारतीय सुरक्षाकर्मी मृत पाया गया। मृतक की पहचान 35 साल के नरेंद्र के तौर पर हुई है। वे हरियाणा के रहने वाले थे और दूतावास में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। नरेंद्र सोमवार रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कमरे में लौटे थे। मंगलवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथ वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। कई बार फोन और आवाज लगाने के बाव भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने उनके कमरे का दरवाजा खोला। अंदर कमरे के फर्श पर नरेंद्र की डेड बॉडी मिली। वे कैंपस के भीतर बने स्टाफ डॉर्मिटरी में रहते थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। जांच अधिकारी नजरुल इस्लाम ने बताया कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिलने के बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद किया। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव पर चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले पुलिस अधिकारी आरिफुल इस्लाम ने बताया कि शव पर किसी भी तरह की चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि नरेंद्र की मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि रात के दौरान या सुबह बाथरूम से निकलने के बाद उन्हें दिल का दौरा या स्ट्रोक आया हो। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।” पुलिस के मुताबिक, शव को भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में चिटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मॉर्चरी भेजा गया। भारतीय दूतावास ने कोई बयान जारी नहीं किया भारतीय दूतावास की ओर से फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अधिकारी बांग्लादेश प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मौत के कारणों पूरी जांच हो सके। घटना के बाद एहतियात के तौर पर भारतीय दूतासाव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच एजेंसियां स्टाफ डॉर्मिटरी और आसपास के इलाके से सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। चिटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर आमिरुल इस्लाम ने कहा कि मामला एक विदेशी दूतावास से जुड़ा है, इसलिए पुलिस सीमित जानकारी ही शेयर कर रही है। उन्होंने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए भारतीय मिशन से संपर्क किया जा सकता है।

मुल्लीवैक्कल दिवस पर विजय ने लिट्टे प्रमुख को याद किया, लंकाई तमिलों के साथ एकजुटता की शपथ ली | स्पार्क्स पंक्ति

मुल्लीवैक्कल दिवस पर विजय ने लिट्टे प्रमुख को याद किया, लंकाई तमिलों के साथ एकजुटता की शपथ ली | स्पार्क्स पंक्ति

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख विजय ने श्रीलंका में मुल्लीवैक्कल नामक स्थान को याद करते हुए श्रीलंकाई तमिलों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जहां लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के संस्थापक और दुनिया के सबसे क्रूर गुरिल्ला नेताओं में से एक को 18 मई, 2009 को श्रीलंकाई सेना ने मार डाला था। समुद्र पार रहने वाले हमारे तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए एकजुटता से खड़े हों!” -right-standNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 मई, 2026, 21:12 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग इंडिया न्यूज(टी)श्रीलंका गृहयुद्ध(टी)तमिलनाडु राजनीति

भारत की सभी कंपनियां टॉप-100 ग्लोबल लिस्ट से बाहर:मार्केट वैल्यू में रिलायंस 73वें से 105वें नंबर पर आई; एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट-एपल टॉप-3 में शामिल

भारत की सभी कंपनियां टॉप-100 ग्लोबल लिस्ट से बाहर:मार्केट वैल्यू में रिलायंस 73वें से 105वें नंबर पर आई; एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट-एपल टॉप-3 में शामिल

मार्केट वैल्यू के आधार पर दुनिया की टॉप 100 लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट से अब भारत की सभी कंपनियां बाहर हो गई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत तक इस ग्लोबल लिस्ट में भारत की तीन कंपनियां- रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और TCS शामिल थीं, लेकिन आज इनमें से एक भी कंपनी टॉप 100 लिस्ट में नहीं है। घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी बिकवाली और भारी गिरावट के कारण इन भारतीय कंपनियों की वैल्यू घटी है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्लोबल रैंकिंग में फिसलकर अब 106वें स्थान पर आ गई है। यह कंपनी साल 2025 की शुरुआत में 57वें और साल 2026 की शुरुआत में 73वें स्थान पर थी। वहीं देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक की रैंक अब 190 हो गई है, जो साल 2025 की शुरुआत में 97वें नंबर पर थी। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल भी साल 2026 की शुरुआत में 164वें स्थान पर थी, जो अब गिरकर 202वें स्थान पर आ गई है। एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट दूसरे और एपल तीसरे नंबर पर जहां एक तरफ भारतीय कंपनियां रेंकिंग में पीछे हो गई हैं, वहीं ग्लोबल मार्केट्स में दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है। एनवीडिया वर्तमान में 5.33 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है। इसके बाद अल्फाबेट 4.7 ट्रिलियन डॉलर और एपल 4.3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन चौथे और पांचवें नंबर पर है। ICICI, SBI और IT सेक्टर की कंपनियों की रैंकिंग भी घटी बैंक और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की रैंकिंग भी तेजी से नीचे आई है। साल 2026 की शुरुआत में ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 215वें और 231वें स्थान पर थे, लेकिन अब वे गिरकर 274वें और 276वें स्थान पर पहुंच गए हैं। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS की रैंकिंग में सबसे तेज गिरावट आई है। TCS की ग्लोबल रैंक साल 2025 की शुरुआत में 84वीं और 2026 की शुरुआत में 171वीं थी, जो अब गिरकर 314वें स्थान पर पहुंच गई है। भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT फर्म इन्फोसिस अब 590वें स्थान पर है, जबकि साल 2025 की शुरुआत में यह 198वें और 2026 की शुरुआत में 330वें स्थान पर थी। इसके अलावा ITC भी साल 2025 की शुरुआत में 296वें और 2026 की शुरुआत में 466वें स्थान से फिसलकर अब 702वें स्थान पर आ गई है। टॉप 500 में भारत की 15 कंपनियों में से सिर्फ 9 बचीं ग्लोबल मार्केट कैप के टॉप 500 की लिस्ट में भारत की कंपनियों की संख्या साल 2025 की शुरुआत में 15 और साल 2026 की शुरुआत में 13 थी, जो अब घटकर केवल 9 रह गई है। घरेलू स्तर पर भी 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली लिस्टेड भारतीय कंपनियों का क्लब भी अब छोटा हो गया है। साल की शुरुआत में ऐसी करीब 6 कंपनियां थीं, जो अब घटकर सिर्फ 3 रह गई हैं। 100 बिलियन डॉलर क्लब में सिर्फ तीन कंपनियां बचीं भारतीय बाजार में लगातार गिरावट के कारण देश के दूसरे सबसे बड़े लेंडर ICICI बैंक, सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक SBI और TCS ने यह स्टेटस खो दिया है। अब सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और भारती एयरटेल है, जिनका मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का असर भारतीय बाजारों में इस गिरावट की शुरुआत 2024 के मीड से शुरू हो गई थी। ज्यादा वैल्युएशन, सुस्त अर्निंग्स, रुपए में कमजोरी और ट्रेड वार की चिंताओं के बीच विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयरों में गिरावट का लंबा दौर शुरू हुआ। इसके बाद अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई बाजार पर दबाव बढ़ने का एक मुख्य कारण ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज का रेटिंग घटाना भी रहा। मार्च में UBS, मॉर्गन स्टेनली और नोमुरा ने भारतीय बाजारों पर अपनी रेटिंग घटाई है। जिसके बाद अप्रैल में जेपी मॉर्गन, HSBC और गोल्डमैन सैक्स ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई है। मई के पहले सप्ताह में सीटी बैंक भी इसमें शामिल हो गई। इन सभी रिपोर्ट्स में हाई वैल्युएशन प्रीमियम, तेल के कारण अर्निंग्स रिस्क, कमजोर होता रुपया और हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी व AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर में भारत के सीमित एक्सपोजर को लेकर समान चिंताएं जताई गई हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे बढ़े: 4 दिन पहले ₹3-3 बढ़ाए थे;

Beauty tips: गर्मी में टैनिंग से हैं परेशान? चेहरे पर घुमा लें ये जादुई टुकड़ा, स्किन की हर प्रॉब्लम होगी छूमंतर!

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Last Updated:May 19, 2026, 18:55 IST Beauty tips: ज्यादातर लोग सोचते हैं कि आइस क्यूब सिर्फ ठंडक देने या ड्रिंक में डालने के काम आता है, लेकिन असल में यह स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी टूल है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह कई स्किन प्रॉब्लम्स को हल कर सकता है और चेहरे को नेचुरल ग्लो दे सकता है. यह तरीका एक नेचुरल स्पॉट ट्रीटमेंट की तरह काम करता है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा साफ, चमकदार और ग्लोइंग नजर आए. इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स लंबे समय में त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खे एक सुरक्षित और असरदार विकल्प बनकर सामने आते हैं, जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देने में मदद करते हैं.इसी कड़ी में ब्यूटिशियन सुदर्शन सोलंकी एक बेहद आसान और सस्ता नुस्खा बताते हैं, जिसे आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यह नुस्खा इतना आसान है कि महज ₹2 में आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो मिल सकता है और नियमित इस्तेमाल से चेहरा साफ और चमकदार नजर आने लगता है. दरअसल, इस नुस्खे में बर्फ यानी आइस क्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, जो गर्मियों में लगभग हर घर में आसानी से मिल जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप चाहें तो गुलाब जल और पानी को मिलाकर भी बर्फ जमा सकती हैं, जिससे इसका असर और बेहतर हो जाता है. इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि धूल और गंदगी पूरी तरह हट जाए. इसके बाद एक छोटा बर्फ का टुकड़ा लें और उसे हल्के-हल्के हाथ से पूरे चेहरे पर घुमाएं. करीब 2 से 3 मिनट तक मसाज करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो बर्फ को सीधे लगाने के बजाय कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करें. गर्मियों में इस उपाय को अपनाने से चेहरे को तुरंत ठंडक मिलती है और त्वचा फ्रेश महसूस करती है. इसके साथ ही स्किन के पोर्स टाइट होते हैं, चेहरा स्मूद नजर आता है और एक्स्ट्रा ऑयल कम होने लगता है. नियमित इस्तेमाल करने पर चेहरे पर नेचुरल ग्लो आने लगता है और त्वचा धीरे-धीरे शीशे जैसी चमकदार दिखने लगती है. हालांकि, इस नुस्खे को अपनाते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. बर्फ को ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न रखें और दिन में एक बार ही इसका इस्तेमाल करें. हमेशा साफ चेहरे पर ही इसे लगाएं और मसाज के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे. अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए ग्लोइंग और हेल्दी स्किन पाना चाहती हैं, तो यह आसान घरेलू उपाय आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. नियमित रूप से अपनाने पर आपकी त्वचा में निखार आएगा और चेहरा नेचुरल तरीके से दमकने लगेगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स…

ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स… 6 लोग हिरासत में, पुरानी रंजिश का मामला पुलिस ने मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना रात करीब 9:30 बजे गिरी रोड के व्यस्त इलाके में हुई। पीड़ित युवक का नाम उमेश राठ है। शुरुआती जांच में घटना के पीछे दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और गैंगवार का एंगल सामने आया है। नवीन पटनायक बोले- राज्य में गुंडाराज मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्ष के नेता और पूर्व CM नवीन पटनायक ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना को अमानवीय बताया। नवीन पटनायक ने कहा- ओडिशा में गुंडाराज और अराजकता का माहौल है। अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में महिला की मौत-VIDEO:हाथियों को नहाते देख रही थी, नीचे दबी कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) जिले के डुबारे एलीफेंट कैंप में सोमवार को दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। एक हाथी धक्का लगने से बैलेंस खो बैठा और महिला के ऊपर गिर गया। इससे महिला की दबकर मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…

ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए, और उन्हें देश से बाहर भगाया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है।