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जम्मू-कश्मीर की 13% आबादी ड्रग्स ले रही:पंजाब और सीमा पार से पहुंच रही खेप; ड्रग्स माफिया पर शिकंजे के लिए 100 दिन का अभियान

जम्मू-कश्मीर की 13% आबादी ड्रग्स ले रही:पंजाब और सीमा पार से पहुंच रही खेप; ड्रग्स माफिया पर शिकंजे के लिए 100 दिन का अभियान

पंजाब के बाद जम्मू-कश्मीर नशे के नए गढ़ के रूप में सामने आया है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, राज्य की 1.3 करोड़ आबादी में से करीब 13.5 लाख लोग (13% से ज्यादा) ड्रग्स से प्रभावित हैं। 2022 में यह आंकड़ा करीब 6 लाख था। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के साथ अब ड्रग्स नेटवर्क भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। दक्षिण कश्मीर के मोहम्मद अमीन बताते हैं कि उनका बेटा वकील बनना चाहता था, लेकिन स्कूल में सिगरेट से शुरू हुई लत धीरे-धीरे चरस और हेरोइन तक पहुंच गई। बाद में ड्रग्स खरीदने के लिए उसने घर का सामान तक बेचना शुरू कर दिया। ड्रग्स की लत से बाहर निकल चुके आदिल भट का कहना है कि इसके पीछे संगठित गिरोह काम कर रहे हैं, जिनके तार पंजाब के डीलरों से जुड़े हैं। नशीले पदार्थ सीमावर्ती इलाकों के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। आतंकवाद के साथ ड्रग्स भी बड़ा खतरा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के सामने अब आतंकवाद के साथ ड्रग्स भी बड़ी चुनौती है। डीजीपी नलिन प्रभात ने भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नशीले पदार्थों के नेटवर्क को बड़ा खतरा बताया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने 100 दिन का नशा-विरोधी अभियान शुरू किया है। इसमें अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। 165 हॉटस्पॉट चिन्हित, 704 एफआईआर दर्ज जागरूकता अभियान के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की है। NDPS एक्ट के तहत 704 एफआईआर दर्ज की गई हैं। प्रशासन ने 165 ऐसे इलाकों की पहचान की है, जहां नशे का कारोबार ज्यादा है, ताकि वहां विशेष निगरानी रखी जा सके। ड्रग्स कारोबार कर रहे लोगों के आईडी कैंसल

जम्मू-कश्मीर की 13% आबादी ड्रग्स ले रही:पंजाब और सीमा पार से पहुंच रही खेप; ड्रग्स माफिया पर शिकंजे के लिए 100 दिन का अभियान

जम्मू-कश्मीर की 13% आबादी ड्रग्स ले रही:पंजाब और सीमा पार से पहुंच रही खेप; ड्रग्स माफिया पर शिकंजे के लिए 100 दिन का अभियान

पंजाब के बाद जम्मू-कश्मीर नशे के नए गढ़ के रूप में सामने आया है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, राज्य की 1.3 करोड़ आबादी में से करीब 13.5 लाख लोग (13% से ज्यादा) ड्रग्स से प्रभावित हैं। 2022 में यह आंकड़ा करीब 6 लाख था। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के साथ अब ड्रग्स नेटवर्क भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। डीजीपी नलिन प्रभात ने भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नशीले पदार्थों के नेटवर्क को बड़ा खतरा बताया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने 100 दिन का नशा-विरोधी अभियान शुरू किया है। इसमें अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। दक्षिण कश्मीर के मोहम्मद अमीन बताते हैं कि उनका बेटा वकील बनना चाहता था, लेकिन स्कूल में सिगरेट से शुरू हुई लत धीरे-धीरे चरस और हेरोइन तक पहुंच गई। बाद में ड्रग्स खरीदने के लिए उसने घर का सामान तक बेचना शुरू कर दिया। ड्रग्स की लत से बाहर निकल चुके आदिल भट का कहना है कि इसके पीछे संगठित गिरोह काम कर रहे हैं, जिनके तार पंजाब के डीलरों से जुड़े हैं। नशीले पदार्थ सीमावर्ती इलाकों के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। 165 हॉटस्पॉट चिन्हित, 704 FIR दर्ज जागरूकता अभियान के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की है। NDPS एक्ट के तहत 704 एफआईआर दर्ज की गई हैं। प्रशासन ने 165 ऐसे इलाकों की पहचान की है, जहां नशे का कारोबार ज्यादा है, ताकि वहां विशेष निगरानी रखी जा सके। ड्रग्स कारोबार कर रहे लोगों के आईडी कैंसल ——- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर में 28 दिनों में 733 ड्रग तस्कर गिरफ्तार:47 के घर पर बुलडोजर चला; 114 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड जम्मू और कश्मीर में पिछले 28 दिनों में ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े 733 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान आरोपी ड्रग पेडलर्स के 47 घरों पर बुलडोजर चलाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय:राहुल का 8वां 500+ रन वाला सीजन, यशस्वी के 4 हजार टी-20 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय:राहुल का 8वां 500+ रन वाला सीजन, यशस्वी के 4 हजार टी-20 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के 62वें मैच में राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान ने 193 रन बनाए। जवाब में दिल्ली ने 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। रविवार को वैभव सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। वहीं केएल राहुल ने IPL में 8वीं बार 500+ रन पूरे किए। यशस्वी जायसवाल ने टी-20 क्रिकेट में अपने 4 हजार रन पूरे किए। दिल्ली-राजस्थान मैच के टॉप-12 रिकॉर्ड्स… 1, सूर्यवंशी ने इस सीजन 44 सिक्स लगाए राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में 44 छक्के लगा चुके हैं। वह किसी एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा का 42 छक्कों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। 2. वैभव ने इस सीजन पहली गेंद पर तीसरी बार सिक्स लगाया वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन तीसरी बार अपनी पहली ही गेंद पर छक्का लगाया। IPL इतिहास में एक सीजन में तीन बार पहली गेंद पर सिक्स लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब उनका नाम भी शामिल हो गया है। उनसे पहले शाहरुख खान ने 2023, सुनील नरेन 2025, देवदत्त पडीक्कल 2026 में ऐसा कर चुके हैं। IPL में यह 8वीं बार रहा, जब वैभव ने अपनी पारी की शुरुआत सिक्स से की। इस सीजन में वह पांचवीं बार ऐसा कर चुके हैं। 3. राहुल का 8वां 500+ रन वाला IPL सीजन KL राहुल ने IPL में 8वीं बार 500 से ज्यादा रन पूरे किए। वह अब IPL इतिहास में सबसे ज्यादा 500+ रन वाले सीजन खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में सिर्फ विराट कोहली उनसे आगे हैं। राहुल ने लगातार तीसरे IPL सीजन में 500+ रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 2024, 2025 और 2026 में यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले राहुल 2018 से 2022 तक लगातार 5 सीजन 500+ रन बना चुके हैं। 4. राहुल ने राजस्थान के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाए दिल्ली के बल्लेबाज केएल राहुल ने राजस्थान के खिलाफ एक और बड़ी पारी खेलते हुए IPL में अपना 9वां 50+ स्कोर बनाया। इसके साथ ही वह राजस्थान के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने RR के खिलाफ 8 बार 50+ स्कोर बनाए थे। राहुल ने यह उपलब्धि सिर्फ 19 पारियों में हासिल की। 5. राहुल IPL में 50 बार 50+ स्कोर बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बने राहुल IPL इतिहास में 50 बार 50+ स्कोर बनाने वाले सिर्फ पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं। इस सूची में विराट कोहली सबसे आगे हैं, जिनके नाम 76 फिफ्टी प्लस स्कोर हैं। 6. राहुल और पोरेल ने नाबाद 105 रन जोड़े राहुल और अभिषेक पोरेल ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 105 रन की नाबाद साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह राजस्थान के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की चौथी 100+ रन की साझेदारी रही। 7. यशस्वी के 129 पारी में 4 हजार टी-20 रन राजस्थान रॉयल्स के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने T20 क्रिकेट में 4000 रन पूरे कर लिए। उन्होंने यह उपलब्धि 129 पारियों में हासिल की। वह सबसे कम पारियों में 4000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। 8. स्टार्क RR के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले दूसरे दिल्ली पेसर बने दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। वह IPL में RR के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले दूसरे दिल्ली तेज गेंदबाज बने। इससे पहले उमेश यादव ने 2013 में इसी मैदान पर 4/24 का स्पेल डाला था। 9. रियान पराग ने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाई राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने सिर्फ 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह उनके IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी रही। उन्होंने 13.2 ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। 10. दिल्ली ने इस सीजन अपना सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बनाया दिल्ली ने पहले 6 ओवर में बिना विकेट खोए 72 रन बनाए। यह IPL 2026 में टीम का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। पूरे सीजन में यह सिर्फ तीसरी बार रहा, जब दिल्ली ने पावरप्ले में कोई विकेट नहीं गंवाया। खास बात यह है कि दोनों मौके राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आए। 11. दिल्ली ने इस सीजन 22 कैच छोड़े दिल्ली कैपिटल्स की खराब फील्डिंग इस मैच में भी देखने को मिली। टीम IPL 2026 में अब तक 22 कैच छोड़ चुकी है। दिल्ली की कैचिंग एफिशिएंसी 63.3% रही है, जो इस सीजन सभी टीमों में सबसे खराब है। 12. राजस्थान ने दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बनाया राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआती 6 ओवर में 75 रन बनाए। यह दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ IPL में राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। इससे पहले RR ने 2018 में इसी मैदान पर बिना विकेट गंवाए 79 रन बनाए थे।

भास्कर अपडेट्स:मुंबई के धारावी में मिल में आग लगी, 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

भास्कर अपडेट्स:मुंबई के धारावी में मिल में आग लगी, 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

मुंबई के धारावी इलाके में स्थित अशोक मिल कंपाउंड में रविवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। अब तक इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। आग लगने की वजह का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

भास्कर अपडेट्स:मुंबई के धारावी में मिल में आग लगी, 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

भास्कर अपडेट्स:मुंबई के धारावी में मिल में आग लगी, 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

मुंबई के धारावी इलाके में स्थित अशोक मिल कंपाउंड में रविवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। अब तक इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। आग लगने की वजह का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… कोलकाता के मौलाना की अपील- गोवंश की कुर्बानी से बचें मुस्लिम कोलकाता की नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने मुस्लिम समुदाय से गोवंश की कुर्बानी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए बकरे की कुर्बानी दी जा सकती है। मौलाना ने पश्चिम बंगाल सरकार के नए पशु-वध नियमों को सख्त बताते हुए कहा कि अब वध से पहले पशु का फिटनेस सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। नए नियमों के तहत सिर्फ 14 साल से ज्यादा उम्र या स्थायी रूप से अक्षम पशुओं के वध की अनुमति होगी।

पैरों में जाल की तरह दिख रही नसें, जानें क्या है वैरिकाज वेन्स? घर पर इलाज का तरीका

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Last Updated:May 17, 2026, 21:50 IST Varicose Veins Ke Liye Upay: वैरिकोज वेन्स बहुत ही कॉमन लक्षणों के साथ शुरू होता है. लेकिन यदि समय पर इसके लिए उपाय नहीं किए गए तो गंभीर समस्या में बदल सकता है. यहां आप वैरिकोज वेन्स की बीमारी और इसके घरेलू उपायों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट वैरिकोज वेन्स पैरों में नजर आने वाली एक मेडिकल कंडीशन है, जो कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है. इसमें पैरों की नसें फूलकर उभरने लगती हैं और दिखाई देने लगती हैं. बहुत से लोग इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह नसों में खून के सही तरीके से न बह पाने की वजह से होता है. इस स्थिति में पैरों में दर्द, जलन, भारीपन और सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या शरीर में वात दोष के बढ़ने और ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने से जुड़ी होती है. वहीं मेडिकल साइंस कहता है कि नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व कमजोर हो जाते हैं, जिससे खून नीचे की ओर इकट्ठा होने लगता है और नसें फूल जाती हैं. समय के साथ यह समस्या और बढ़ सकती है, इसलिए शुरुआती स्टेज में ध्यान देना जरूरी होता है. वैरिकोज वेन्स के घरेलू उपायकंप्रेशन स्टॉकिंग्स का उपयोग काफी फायदेमंद माना जाता है. ये विशेष प्रकार की जुराबें पैरों पर हल्का दबाव बनाती हैं, जिससे खून का प्रवाह सही दिशा में बना रहता है और सूजन व दर्द कम होने लगता है. पैरों को समय-समय पर ऊपर उठाकर रखना भी बहुत उपयोगी उपाय है. जब आप आराम करते हैं, तो पैरों के नीचे तकिया रखकर उन्हें ऊपर रखने से नसों पर दबाव कम होता है और खून का संचार बेहतर होता है. इससे पैरों को आराम मिलता है. खानपान का सही ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और फाइबर से भरपूर आहार शामिल हो. विटामिन सी और पोटेशियम युक्त भोजन सूजन कम करने में मदद करता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है. रोजाना हल्की एक्सरसाइज या टहलना भी इस समस्या में राहत दे सकता है. पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित चलने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं, जिससे रक्त का बहाव बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम पड़ता है. अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए या दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट से एक्ट्रेस आलिया भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी। इस ट्रोलिंग पर अब आलिया की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान का रिएक्शन सामने आया है। दरअसल, राइटर शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर एक डिटेल पोस्ट शेयर कर आलिया का सपोर्ट किया था। शुनाली ने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। इसी पोस्ट पर कमेंट करते हुए सोनी राजदान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुनाली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोग एक सफल महिला को नीचे गिरते हुए देखना पसंद करते हैं। कान्स रेड कार्पेट पर आलिया के इग्नोर होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में दिखाया गया कि आलिया भट्ट जब रेड कार्पेट पर पोज दे रही थीं, तब फोटोग्राफर्स का ध्यान कहीं और था। इस पर इंटरनेट यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि वेस्टर्न मीडिया ने आलिया को इग्नोर किया। शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इस पर कहा कि कांस का रेड कार्पेट हमेशा अफरातफरी से भरा होता है। फोटोग्राफर्स चिल्लाते हैं, अलग-अलग एंगल बदलते हैं और बड़े स्टार्स के आने पर कैमरे घुमाते हैं। एक अकेले कैमरा एंगल को देखकर पूरे देश ने इसे नेशनल ह्यूमिलिएशन (राष्ट्रीय अपमान) मान लिया, जो कि पूरी तरह गलत है। बाद में सोनी राजदान ने भी कमेंट सेक्शन में जवाब देते हुए लिखा “सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजें हैं- प्यार, जानकारी, मनोरंजन और… ढेर सारी नफरत। लेकिन इन सबसे बढ़कर, यह हमारे समाज का असली चेहरा दिखाता है। इस पर समाज के नजरिए से एक बहुत ही दिलचस्प बहस छिड़ सकती है, जिस पर आने वाले कई सालों तक चर्चा और स्टडी की जा सकती है।” सफल महिलाओं को निशाना बनाने की मानसिकता शुनाली ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लोग इस वीडियो को सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि इसका मजा ले रहे हैं। हमारे समाज में वेस्टर्न वैलिडेशन (पश्चिमी देशों से तारीफ) पाने की एक अजीब होड़ है। इसके साथ ही लोग अपने ही देश के स्टार्स को नीचे गिराने का मौका ढूंढते हैं। आलिया भट्ट पहले से ही भारत की सबसे बड़ी स्टार्स में से एक हैं। वह नेशनल अवार्ड विनर और ग्लोबल एंबेसडर हैं। लोग अक्सर सफल महिलाओं को नीचा दिखाने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां बना लेते हैं। आलिया ने भी ट्रोल को दिया था जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।

अब जिंदगीभर नहीं झेलना पड़ेगा घुटनों का दर्द, वैज्ञानिकों ने खोजा ट्रीटमेंट, आर्थराइटिस पर लगेगी लगाम !

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Last Updated:May 17, 2026, 18:25 IST New Treatment for Osteoarthritis: कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक चमत्कारी इलाज ढूंढ निकाला है. उन्होंने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो सिर्फ घुटनों का दर्द कम नहीं करता है, बल्कि आर्थराइटिस की बीमारी को भी रोक सकता है. इस ट्रीटमेंट को बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रोटीन खोजा है, जो ऑस्टोआर्थराइटिस की बीमारी को रोक सकता है. New Study on Osteoarthritis Treatment: एक उम्र के बाद अधिकतर लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है. अक्सर इसे बुढ़ापे का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से जवानी में ही जूझने लगते हैं. घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह से धीरे-धीरे घुटनों का कार्टिलेज घिसने लगता है. यह कार्टिलेज हड्डियों के बीच एक कुशन की तरह काम करता है, लेकिन इसके खराब होने पर घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं देते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर एक अनोखी खोज की है. अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ सालों में आर्थराइटिस को रोकने वाली दवा बन सकती है. यह दवा घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगी और इस बीमारी पर भी लगाम लगा देगी. Scitech Daily की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रोटीन SHP (NR0B2) की पहचान की है, जो कार्टिलेज को टूटने से बचाने में मदद करता है. यह प्रोटीन शरीर में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और जोड़ों की डैमेज को धीमा कर सकता है. रिसर्च में पाया गया कि जैसे-जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ता है, शरीर में SHP प्रोटीन का स्तर कम होने लगता है. यह प्रोटीन उन एंजाइम्स को कंट्रोल करता है, जो कार्टिलेज को नष्ट करते हैं, जैसे MMP-3 और MMP-13. जब SHP की मात्रा पर्याप्त होती है, तो ये एंजाइम कम सक्रिय रहते हैं और जोड़ों को नुकसान कम होता है. यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है और अब दुनिया भर में चर्चाओं का विषय है. चूहों पर मिले शानदार रिजल्ट वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का परीक्षण चूहों पर किया. जिन चूहों में SHP प्रोटीन नहीं था, उनमें जोड़ों का नुकसान तेजी से हुआ और दर्द भी ज्यादा देखा गया. वहीं, जिनमें SHP प्रोटीन को दोबारा सक्रिय किया गया, उनमें कार्टिलेज का नुकसान कम हुआ और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिला कि यह प्रोटीन बीमारी की गति को धीमा कर सकता है. शोधकर्ताओं ने एक एक्सपेरिमेंट में SHP प्रोटीन का जीन सीधे जोड़ों में इंजेक्ट किया. इस प्रक्रिया के बाद लंबे समय तक असर देखने को मिला. एक ही उपचार के बाद कार्टिलेज को नुकसान कम हुआ और दर्द में भी राहत मिली. यह संकेत देता है कि भविष्य में यह तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. कब तक बन पाएगी यह दवा? वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगर आगे के क्लीनिकल ट्रायल सफल होते हैं, तो यह प्रोटीन आधारित थेरेपी ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने या उसकी प्रगति को धीमा करने में बड़ी सफलता साबित हो सकती है. SHP प्रोटीन की खोज ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब तक जहां इलाज केवल दर्द कम करने पर केंद्रित था, वहीं यह शोध बीमारी की जड़ पर काम करने की संभावना दिखाता है. हालांकि इसे वास्तविक इलाज बनने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला:सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत

यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला:सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत

यूक्रेन ने शनिवार रात को रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 1 भारतीय मजदूर भी शामिल है। रूस में भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक कुछ लोग घायल भी हैं। अधिकारियों ने हमले की जगह का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। अभी तक मारे गए और घायल लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। कीव इंडिपेंडेंस की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने मॉस्को इलाके में सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एंगस्ट्रेम प्लांट शामिल है, जो रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर बनाता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन ने क्रीमिया पर भी हमला किया यूक्रेन ने दावा किया कि कब्जे वाले क्रीमिया में भी हमला किया गया। वहां बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 रडार सिस्टम का हैंगर, ड्रोन कंट्रोल सिस्टम, डेटा ट्रांसमिशन सेंटर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक था। रातभर राजधानी और आसपास के इलाकों में एयर रेड सायरन बजते रहे, कई धमाके सुनाई दिए और अलग-अलग जगहों पर मलबा गिरा। रूस ने 24 घंटे में 1000 से ज्यादा ड्रोन गिराए रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 24 घंटे में 1054 यूक्रेनी ड्रोन, 8 गाइडेड बम और 2 मिसाइलों को मार गिराया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल और नेपच्यून-एमडी मिसाइल को भी रोका, हालांकि यूक्रेन ने इन मिसाइलों के इस्तेमाल पर कुछ नहीं कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में चमक और कई जगह आग लगने के विजुअल हैं। खिमकी, क्लिन, जेलेनोग्राद और मॉस्को के कई हिस्सों में धमाकों की खबरें आईं। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट के आसपास भी हलचल देखी गई। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि कपोतन्या इलाके में स्थित ऑयल रिफाइनरी के पास 12 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर निर्माण मजदूर थे। इस हमले का असर मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 फ्लाइट्स लेट या रद्द हो गईं, जबकि व्नुकोवो एयरपोर्ट पर करीब 100 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।

तिलक वर्मा और श्रीलीला के अफेयर की खबरें अफवाह:दावा- दोनों कभी एक-दूसरे से मिले तक नहीं; सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें

तिलक वर्मा और श्रीलीला के अफेयर की खबरें अफवाह:दावा- दोनों कभी एक-दूसरे से मिले तक नहीं; सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें

साउथ फिल्म एक्ट्रेस श्रीलीला और भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा के बीच किसी तरह का रिलेशनशिप नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है। दरअसल पिछले की दिनों से सोशल मीडिया पर दोनों के रिलेशन की चर्चा की जा रही थी। सूत्र ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और बिना किसी आधार का बताया है। सोर्स के मुताबिक, श्रीलीला और तिलक वर्मा कभी एक-दूसरे से मिले भी नहीं है और न ही दोनों के बीच कभी कोई बात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह से अफवाह है। सोशल मीडिया पर ऐसे शुरू हुई थी चर्चा इंटरनेट पर पिछले कुछ समय से दोनों के रिलेशनशिप को लेकर कई तरह की बातें की जा रही थी। फैन पेज और इंस्टा अकाउंट्स ने अलग-अलग इवेंट्स की तस्वीरों को मिलाकर यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया था। कुछ अनवेरिफाइड रिपोर्ट्स में कहा गया कि दोनों एक ही समय के आसपास अलग-अलग जगहों पर नजर आए थे। इसमें मंदिर के दर्शन और स्पोर्ट्स मैच शामिल थे। इन बातों का कोई पुख्ता सबूत नहीं था, फिर भी इसे दोनों के अफेयर से जोड़कर देखा जाने लगा। सोर्स बोले- अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं मामले से जुडे एक करीबी सोर्स ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की है। सोर्स ने कहा कि तिलक वर्मा और श्रीलीला को लेकर जो भी बातें कही जा रही है, वे पूरी तरह से आधारहीन और झूठी है। दोनों कभी एक-दूसरे से आमने-सामने नहीं मिले है। सोर्स ने यह भी साफ किया कि लोगों को बिना किसी फैक्ट या सच्चाई के ऐसी मनगढंत बातें सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना चाहिए। नेशनल अवार्ड फिल्म में काम कर चुकी है श्रीलीला एक्ट्रेस श्रीलीला साउथ सिनेमा का एक बड़ा नाम है। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। फिल्म ‘भगवंत केसरी’ से उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली। इस फिल्म को 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में बेस्ट तेलुगु फीचर फिल्म का अवार्ड भी मिला है। श्रीलीला को आखिरी बार फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ में देखा गया था। आने वाले समय में वह धनुष की फिल्म ‘धनुष 55’ में नजर आने वाली है। इसके अलावा वह बॉलीवुड के कुछ बडे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।