सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, जबकि उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें यूएपीए (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है, तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रिव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई थी इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रीव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें UAPA के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। खालिद ने ऐसे लगाईं याचिकाएं… ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…
गैस और एसिडिटी होने पर गटक लेते हैं कोल्ड ड्रिंक, सावधान हो जाइए, डॉक्टर ने दी वॉर्निंग

Last Updated:May 18, 2026, 12:57 IST Cold Drinks for Acidity Relief: कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर तुरंत कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. उन्हें लगता है इससे गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन यह सिर्फ गलतफहमी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत समस्या को कम करने के बजाय बढ़ा भी सकती है. सही खानपान से गैस-एसिडिटी की समस्या को नेचुरली कम किया जा सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या खत्म नहीं होती है. Does Soda Help With Gas Problems: खाना खाने के बाद कई लोगों को गैस बनने लगती है और एसिडिटी की समस्या हो जाती है. गर्मी के मौसम में पेट की परेशानियां ज्यादा होती हैं. कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. अक्सर यह माना जाता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से डकार आती है और पेट की गैस निकल जाती है. कोल्ड ड्रिंक की तुलना एसिडिटी से रिलीफ देने वाली कई चीजों से भी की जाती है. अब सवाल है कि क्या वाकई कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी से राहत दिलाने में कारगर होती है? एक्सपर्ट से इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं. दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैंक्रियाटिको बिलियरी साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है, जिसकी वजह से इसे पीने पर डकार आती है. कई लोगों को डकार आने के बाद पेट हल्का महसूस होता है, जिससे उन्हें लगता है कि गैस खत्म हो गई है. हालांकि यह राहत कुछ देर की होती है और असल समस्या पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है. कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी को ठीक नहीं करती, बल्कि कई मामलों में समस्या बढ़ा सकती है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कार्बोनेशन, ज्यादा चीनी और एसिडिक तत्व पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे एसिडिटी, पेट में जलन और ब्लोटिंग बढ़ सकती है. एक्सपर्ट ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड और कार्बोनिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. ये पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकते हैं और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकते हैं. खासकर खाली पेट या बहुत ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीना नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित कर सकती है. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होने के कारण कुछ समय के लिए डकार जरूर आ सकती है, लेकिन इससे पेट में और ज्यादा गैस बनने की संभावना भी रहती है. यही वजह है कि कई लोगों को कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है. डॉक्टर के मुताबिक गैस और एसिडिटी से बचने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं, खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें, छाछ, सौंफ, अदरक और जीरा जैसे घरेलू उपाय अपनाएं और ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं. जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अल्सर या पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें कोल्ड ड्रिंक अवॉइड करनी चाहिए. बार-बार एसिडिटी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर की मानें तो गैस और एसिडिटी का ट्रीटमेंट उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है. सामान्य मामलों में डॉक्टर खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं. कुछ मरीजों को एंटासिड और गैस कम करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं. अगर समस्या बार-बार हो रही हो, पेट में तेज दर्द, उल्टी, वजन कम होना या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर एंडोस्कोपी या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि अल्सर, GERD या किसी दूसरी पाचन संबंधी बीमारी का पता लगाया जा सके. सटीक कारण जानने के बाद उसकी प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
चांदी ₹1,722 गिरकर ₹2.67 लाख पर आई:सोना 389 सस्ता होकर ₹1.58 लाख हुआ, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 18 मई को गिरावट है। 1 किलो चांदी का दाम 1,722 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 2.69 लाख रुपए पर थी। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 389 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns18 मई, 2026 सोना इस साल 24 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 24 हजार रुपए और चांदी 37 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
चांदी ₹1,722 गिरकर ₹2.67 लाख पर आई:सोना ₹389 सस्ता होकर ₹1.58 लाख हुआ, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 18 मई को गिरावट है। 1 किलो चांदी का दाम 1,722 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 2.69 लाख रुपए पर थी। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 389 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। सोना इस साल 24 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 24 हजार रुपए और चांदी 37 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।
महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।
शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना:गुर्जर महापंचायत में फैसला; बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; कार्यक्रमों में नशा नहीं परोसा जाएगा

राजस्थान के 5 जिलों के गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों और फिजूलखर्ची के खिलाफ ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। अब समाज के किसी भी सामाजिक समारोह में डोडा, अफीम या शराब जैसी नशे की चीजों की मनुहार (परोसना) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी आयोजन में ऐसा किया गया, तो समाज के लोग वहां भोजन नहीं करेंगे और कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे। नियम तोड़ने वाले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी और उस पर 2.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। तय किया गया कि शादी में दूल्हा क्लीन शेव रहेगा। किसी भी कीमत पर शेव (दाढ़ी) में कोई शादी नहीं कर सकेगा। इस तरह के कई अन्य क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। 16 मई को पाली जिले के चंडावल के पास स्थित देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में महापंचायत हुई थी। यह महापंचायत भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ की ओर से बुलाई गई थी। इस दौरान समाजहित में तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई और कठोर फैसले लिए गए। देवडूंगरी को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’के नाम से भी जाना जाता है। इन 5 जिलों में 16 मई से लागू हुए नए सामाजिक नियम महापंचायत में मुख्य रूप से 5 जिलों के समाजबंधु शामिल हुए थे। इन जिलों में ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। महापंचायत में समाज का आह्वान… कुरीतियों का पैसा बच्चों की पढ़ाई और गरीबों की शादी में लगाएं मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बंद करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसमें फिजूल खर्च होने वाले दो लाख रुपए को यदि किसी गरीब के बेटे-बेटी के विवाह या किसी जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चे की उच्च शिक्षा में लगाया जाए, तो इससे समाज का भला होगा और समाज आगे बढ़ेगा। फिजूलखर्ची रोकना और शिक्षा को बढ़ावा देना भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के उपाध्यक्ष नारायण फौजी कहते हैं- समाज में लगातार बढ़ रही फिजूलखर्ची को रोकने, सामाजिक कुरीतियों से समाजबंधुओं को मुक्त कराने और बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये कठोर निर्णय लिए गए हैं। समाज के साथ-साथ हर परिवार की प्रगति हो, इसी सोच के साथ यह प्रस्ताव पारित हुआ है। इस महापंचायत के दौरान अध्यक्ष राजूराम मिणदार सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, विभिन्न क्षेत्रों के पंच-पटेल और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हाथ उठाकर इस फैसले का समर्थन किया।
शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने का अनुमान:वैश्विक बाजारों के साथ गिफ्ट निफ्टी फिसले; कच्चा तेल 110 डॉलर के पार पहुंचा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हो सकती है। वैश्विक बाजारों के साथ गिफ्ट निफ्टी के रुझान भी भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,780 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 | 24,450 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में 55 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है। बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी। निफ्टी 50 चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें। शुक्रवार को सेंसेक्स 160 अंक गिरकर बंद हुआ था कच्चा तेल एक बार फिर 110 डॉलर के पार पहुंचा सोमवार, 18 मई को बाजार खुलने के शुरुआती घंटों में क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कीमतों में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाया है। फरवरी के आखिरी हफ्ते से शुरू हुए इस युद्ध को अब 12 हफ्ते पूरे हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को खुली चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि ईरान के लिए “समय हाथ से निकला जा रहा है।” उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि ईरान जल्द से जल्द कदम उठाए, वरना उसका नामोनिशान मिट जाएगा। दरअसल, पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के सामने शांति समझौते का एक प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया। दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह ईरान के परमाणु हथियारों की क्षमता है, जिस पर दोनों पक्ष एक राय नहीं हो पा रहे हैं।
शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने का अनुमान:वैश्विक बाजारों के साथ गिफ्ट निफ्टी फिसले; कच्चा तेल 110 डॉलर के पार पहुंचा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हो सकती है। वैश्विक बाजारों के साथ गिफ्ट निफ्टी के रुझान भी भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,780 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 | 24,450 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में 55 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है। बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी। निफ्टी 50 चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें। शुक्रवार को सेंसेक्स 160 अंक गिरकर बंद हुआ था कच्चा तेल एक बार फिर 110 डॉलर के पार पहुंचा सोमवार, 18 मई को बाजार खुलने के शुरुआती घंटों में क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कीमतों में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाया है। फरवरी के आखिरी हफ्ते से शुरू हुए इस युद्ध को अब 12 हफ्ते पूरे हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को खुली चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि ईरान के लिए “समय हाथ से निकला जा रहा है।” उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि ईरान जल्द से जल्द कदम उठाए, वरना उसका नामोनिशान मिट जाएगा। दरअसल, पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के सामने शांति समझौते का एक प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया। दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह ईरान के परमाणु हथियारों की क्षमता है, जिस पर दोनों पक्ष एक राय नहीं हो पा रहे हैं।








