डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए, नई कीमतें लागू: दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 लीटर हुआ, कंपनियों को अभी भी ₹25-30 प्रति लीटर का घाटा पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। वहीं कंपनियों को अभी भी पेट्रोल-डीजल पर ₹25-₹30 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
‘वसूली शुरू’: कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पीएम मोदी पर ‘मेहंगाई मैन’ का तंज कसा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:15 मई, 2026, 10:55 IST कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये से अधिक और सीएनजी में 2 रुपये की बढ़ोतरी के लिए केंद्र की आलोचना की, पीएम मोदी को ‘मेहंगाई मैन’ कहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की फ़ाइल छवि। (स्रोत: पीटीआई) कांग्रेस ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी के लिए केंद्र की आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मेहंगाई मैन’ कहा, जिन्होंने चुनाव के बाद लोगों पर ”चाबुक चलाया” है। सरकार ने पेट्रोल की कीमतें 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी हैं, जबकि डीजल की कीमतें 3.11 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं, जिससे कीमत 90.67 रुपये हो गई है। एक्स पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस ने मूल्य वृद्धि के लिए केंद्र की आलोचना की और कहा, “‘महंगाई आदमी’ मोदी ने आज एक बार फिर जनता पर चाबुक चलाया है। पेट्रोल और डीजल में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच, सीएनजी की कीमतों में भी 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव खत्म – मोदी की वसूली शुरू।” ‘महंगे आदमी’ मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया। वहीं, CNG के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए। चुनाव ख़त्म – मोदी की चाहत शुरू – कांग्रेस (@INCIndia) 15 मई 2026 यह भी पढ़ें: ईंधन की कीमतें बढ़ीं: ईरान युद्ध के बीच पेट्रोल बढ़कर 97.77 रुपये, डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह “मोदी-सरकार द्वारा निर्मित संकट” है, जिसके लिए उन्होंने कहा कि देश के आम लोग अपनी जेब से भुगतान कर रहे हैं। खड़गे ने कहा, ”देश के लोगों को यह समझना चाहिए कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट का प्रमुख कारण मोदी सरकार में नेतृत्व संकट, दूरदर्शी सोच की कमी और चरम सीमा तक व्याप्त अक्षमता है।” देश की जनता को ये बोझ होगा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में नेतृत्व संकट, दूरदर्शी सोच का अभाव और अक्षमता का कूट-कूट कर भरा है। ये संकट मोदी-सरकार निर्मित संकट है। जिसका खामियाज़ा देश की जनता को पेट्रोल,… – मल्लिकार्जुन खड़गे (@ खड़गे) 15 मई 2026 उन्होंने कहा, “यह संकट मोदी सरकार द्वारा निर्मित संकट है। देश की आम जनता पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमत अपनी जेब से चुका रही है।” इस बीच, केरल के नेता केसी वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “अमृत काल में आपका स्वागत है, मित्रों!” अमृत काल में आपका स्वागत है, मित्रों! जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिर गईं, तो मोदी सरकार ने अरबों का मुनाफा कमाया, और अब – पूरी तरह से अनुमानित संकट के 3 महीने बाद – जनता को दर्द सहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस सरकार का संकट प्रबंधन केवल… https://t.co/ASmzQCMeda के लिए है – केसी वेणुगोपाल (@kcvenugopalmp) 15 मई 2026 “जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिर गईं, तो मोदी सरकार ने अरबों का मुनाफा कमाया, और अब – पूरी तरह से अनुमानित संकट के 3 महीने बाद – जनता को दर्द सहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस सरकार का संकट प्रबंधन केवल अडानी को अभियोजन से बचाने के लिए है, आम जनता को आर्थिक झटके से बचाने के लिए नहीं। गरीबों को झटके से कैसे बचाया जाएगा, इस पर एक योजना देने के बजाय, वे दिन-ब-दिन लोगों का दम घोंट रहे हैं। लोग इस शासन और इसके कुप्रबंधन से पूरी तरह से तंग आ चुके हैं,” उन्होंने कहा। कहा. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और बढ़ेगी, जिसके इस वित्त वर्ष में 6 फीसदी के करीब रहने का अनुमान है. वर्षों से जब अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें नरम थीं या गिर रही थीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आग्रह कर रही थी कि उन लाभों को भारतीय उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए और गैस, पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतें कम की जानी चाहिए। हालाँकि, ऐसा नहीं हुआ और…-जयराम रमेश (@जयराम_रमेश) 15 मई 2026 उन्होंने कहा, “अब जब प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्तों – अमेरिका और इजराइल – द्वारा पश्चिम एशिया में युद्ध छेड़ दिया गया है और विधानसभा चुनाव खत्म हो गए हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, मोदी सरकार ने पहले वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इससे मुद्रास्फीति बढ़ना तय है, जो अब इस वित्तीय वर्ष के लिए 6% के करीब होने का अनुमान है। विकास का अनुमान काफी कम हो जाएगा।” ‘भारत एक बड़े अपवाद के रूप में खड़ा है’: बीजेपी ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का बचाव किया भाजपा नेता अमित मालवीय और किरेन रिजिजू ने ईंधन की कीमतें बढ़ाने के सरकार के कदम का बचाव किया और कहा कि वैश्विक ईंधन संकट के बीच भारत एक “आश्चर्यजनक अपवाद” के रूप में सामने आया है। पश्चिम एशिया संघर्ष के फैलने के बाद से वैश्विक ईंधन की कीमतों में वृद्धि इस बात का खुलासा करती है कि विभिन्न देशों ने आर्थिक झटकों को कैसे प्रबंधित किया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना, और लंबे समय तक व्यवधान… pic.twitter.com/JtGwvpnLkP– अमित मालवीय (@amitmalviya) 15 मई 2026 “पश्चिम एशिया संघर्ष के फैलने के बाद से वैश्विक ईंधन की कीमतों में वृद्धि इस बात की तुलनात्मक तुलना प्रस्तुत करती है कि विभिन्न देशों ने आर्थिक झटकों को कैसे प्रबंधित किया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट, होर्मुज के जलडमरूमध्य के बंद होने और शिपमेंट में लंबे समय तक व्यवधान के कारण अप्रैल और मई की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। दुनिया भर में, उपभोक्ताओं ने सीधे ईंधन स्टेशनों पर प्रभाव महसूस किया है। लेकिन भारत एक हड़ताली अपवाद के रूप में सामने आया है, “मालवीय ने कहा। इस बीच, रिजिजू ने कहा, “जब दुनिया पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद बढ़ती ईंधन लागत से जूझ रही थी, भारत अलग खड़ा था”। जब दुनिया पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रही थी,
केसी बोकाड़िया बोले- ‘तीसरी बेगम’ में कड़वी सच्चाई दिखाई है:जय सियाराम विवाद, लव जिहाद मुद्दे और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले फिल्ममेकर

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से
केसी बोकाड़िया बोले- ‘तीसरी बेगम’ में कड़वी सच्चाई दिखाई है:जय सियाराम विवाद, लव जिहाद मुद्दे और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले फिल्ममेकर

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से
सेंसेक्स 107 अंक चढ़कर 75,506 पर पहुंचा:निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, यह 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 15 मई को तेजी है। सेंसेक्स 100 अंक चढ़कर 75,506 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, ये 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी गिरावट कल अमेरिकी बाजारों में तेजी रही कल विदेशी निवेशकों ने ₹188 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स 790 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले शेयर बाजार में गुरुवार, 14 मई को बढ़त रही। सेंसेक्स 790 अंक (1.06%) की तेजी के साथ 75,399 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 277 अंक (1.18%) की बढ़त रही, ये 23,690 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स 107 अंक चढ़कर 75,506 पर पहुंचा:निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, यह 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 15 मई को तेजी है। सेंसेक्स 100 अंक चढ़कर 75,506 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंक की तेजी, ये 23,743 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी गिरावट कल अमेरिकी बाजारों में तेजी रही कल विदेशी निवेशकों ने ₹188 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स 790 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले शेयर बाजार में गुरुवार, 14 मई को बढ़त रही। सेंसेक्स 790 अंक (1.06%) की तेजी के साथ 75,399 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 277 अंक (1.18%) की बढ़त रही, ये 23,690 पर बंद हुआ था।
Skin Care Tips: तेज धूप में कहीं झुलस न जाए त्वचा, इन देसी नुस्खों को आजमाएं, साफ होगी टैनिंग चेहरे पर आएगा निखार

Last Updated:May 15, 2026, 08:25 IST Skin Care Tips: मई महीने में और भी ज्यादा प्रचंड होने वाली है. ऐसे में जब धूप स्किन पर डायरेक्ट लगे तो बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है. तेज धूप में दिन भर घूमने से स्किन टैन हो जाती है. आप हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों को जरूर फॉलो करें. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मियों की तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम त्वचा के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं लेकिन अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो यही मौसम आपकी त्वचा को नैचुरल ग्लो भी दे सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रख सकते हैं. कामदगिरि आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ सूरज कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में सबसे जरूरी है त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना. वहीं शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद अहम है, इसलिए भरपूर पानी पीना और रसदार फलों का सेवन करना चाहिए. धूप में निकलते समय चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकना स्किन प्रोटेक्शन के लिए बेहद कारगर उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं की मुख्य वजह बनता है. ज्यादा धूप में रहना, मसालेदार भोजन और कम पानी पीना इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए लोगों को छांव में रहना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. इससे बचने के लिए ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा कम होती है. इसके अलावा दही और बेसन का पेस्ट टैनिंग हटाने में असरदार माना जाता है. वहीं खीरे का रस त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

धार के भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया में उलझे इस मामले में पूरे मध्य प्रदेश की नजर है। फैसले के मद्देनजर धार जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 12 लेयर सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कंट्रोल रूम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पुलिस बल को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि धार शहर की सुरक्षा 12 लेयर में की गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। 2022 में दायर हुई थी याचिका यह मामला 2022 में शुरू हुआ, जब रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की। याचिका में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, परिसर में नमाज पर रोक, ट्रस्ट गठन और ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने जैसी मांगें शामिल हैं। ASI ने किया था 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताते हुए ऐतिहासिक दस्तावेज, ASI सर्वे, शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और वसंत पंचमी पर पूजा की परंपरा का हवाला दिया। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ समरांगण सूत्रधार का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें वर्णित मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है। याचिका में ये हैं प्रमुख मांगें वर्षों से बदलती रही व्यवस्था भोजशाला को लेकर वर्षों से विवाद और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलती रही हैं। 2003 से यहां हर मंगलवार और वसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा तथा शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती है। बाकी दिनों में परिसर पर्यटकों के लिए खुला रहता है। 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ पड़ने पर यहां तनाव की स्थिति भी बन चुकी है। ऐसे में आज का फैसला भोजशाला विवाद की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।








