क्या राहुल की तरह बिगाड़ी जा रही निशांत की इमेज:सोशल मीडिया ट्रोल पर JDU नेता चुप क्यों, बॉडी लैंग्वेज सुधारने के लिए क्या करेंगे

सम्राट सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र बन गए हैं। खूब मीम्स बन रहे हैं। विपक्ष ‘मजबूर मंत्री’ वाला नैरेटिव गढ़ने में जुटा है। दिलचस्प है कि निशांत का बचाव उनकी पार्टी JDU के बड़े नेता भी करते नहीं दिख रहे हैं। क्या निशांत कुमार का बचाव नहीं कर JDU राहुल गांधी वाली गलती कर रही है। निशांत के सामने चुनौतियां क्या है। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। क्या निशांत के साथ राहुल गांधी वाली गलती हो रही बिल्कुल। अभी निशांत कुमार जिस तरह सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं, ठीक ऐसा ही राहुल गांधी के साथ भी हुआ था। निशांत कुमार का स्वभाव शांत और अंतर्मुखी है। उनके मंत्री बनने पर विपक्षी ट्रोलर्स उन्हें ‘मजबूर मंत्री’ या अनुभवहीन बता रहे हैं। अगर JDU ने इस नैरेटिव को शुरुआत में ही तथ्यों के साथ नहीं काटा तो यह छवि स्थायी हो सकती है। जिसका नुकसान पार्टी को लंबे समय तक उठाना होगा। ट्रोलर्स को JDU नेता जवाब क्यों नहीं दे रहे? JDU नेताओं की चुप्पी या कम प्रतिक्रिया के पीछे 3 कारण… 1. परिवारवाद के आरोप से बचाव: नीतीश कुमार ने हमेशा परिवारवाद का विरोध किया है। अब जब उनके बेटे मंत्री बने हैं, तो पार्टी नेता बहुत ज्यादा बचाव करके इस मुद्दे को और हवा नहीं देना चाहते। वे इसे लो-प्रोफाइल रखना चाहते हैं। यही स्थिति कांग्रेस के साथ थी। वे राहुल का बचाव करते थे तो वंशवाद की बहस छिड़ जाती थी। JDU भी इसी दुविधा में है कि अगर वे निशांत को युवा आइकन प्रोजेक्ट करेगी तो नीतीश कुमार का पुराना स्टैंड कमजोर पड़ जाएगा। 2. काम से जवाब दें: सियासी गलियारे में चर्चा है कि पार्टी का एक बड़ा हिस्सा चाहता है कि निशांत खुद अपनी क्षमता और काम से ट्रोलर्स को जवाब दें। अगर बड़े नेता उनके हर छोटे ट्रोल पर बोलेंगे, तो इससे निशांत की छवि सॉफ्ट लीडर की बनेगी। 3. पावर के साथ बैठा रहे समीकरण: अभी राज्य में सरकार का चेहरा सम्राट चौधरी हैं। अंदरखाने चर्चा है कि JDU के कई नेता अब नए सत्ता केंद्र के साथ तालमेल बिठाने में लगे हैं, जिससे निशांत के प्रति वैसी आक्रामकता नहीं दिख रही जो पहले नीतीश कुमार के लिए दिखती थी। निशांत के सामने 4 बड़ी चुनौतियां… 1. नीतीश के बेटे को ठीक करनी होगी बॉडी लैंग्वेज निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री और मंत्री पद मिलने के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी चर्चा का केंद्र है। राजनीति में इमेज सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और कॉन्फिडेंस का पैमाना है। 2. स्वास्थ्य विभाग में छोड़नी होगी अपनी छाप निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग दिया गया है। यह ऐसा विभाग है, जिसका आम जनता से सीधा कनेक्शन है। बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा से एक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मुद्दा रही है। नवंबर 2024 की CAG रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं बुनियादी ढांचे और स्टाफ की भारी कमी से जूझ रही हैं। 53% डॉक्टरों की कमी है। 3. पांच साल तक सभी 85 विधायकों को एकजुट रखना हाल की राजनीतिक परिस्थिति में गठबंधन और आंतरिक राजनीति के दौर में विधायकों को सहेज कर रखना किसी भी नेता के लिए सबसे कठिन परीक्षा है। निशांत कुमार को अपने पार्टी के सभी 85 विधायकों और 12 सांसदों को 5 साल तक एकजुट रखना होगा। 4. नीतीश कुमार से अलग अपना ‘ओरा’ बनाना
MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट:बाड़मेर समेत 3 शहरों में पारा 46°C पार; UP में 2 दिन में 5°C बढ़ा तापमान

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी लौट आई है। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 46°C के पार पहुंच गया है। बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.7°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज हीट वेग का अलर्ट है। रतलाम में दिन का तापमान 44°C पर पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 2 से 4°C तक पारा बढ़ेगा। यूपी में पिछले दो दिन में 5°C तक तापमान बढ़ा। राज्य में झांसी सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गाय। दो दिन पहले पारा 34.8°C रिकॉर्ड किया गया था। छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में तेज बारिश हुई। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने बढ़ती गर्मी और मानसून से पहले बाढ़ के खतरे को देखते रविवार को अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 12 मई: 13 मई: देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें
MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट:बाड़मेर समेत 3 शहरों में पारा 46°C पार; UP में 2 दिन में 5°C बढ़ा तापमान

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी लौट आई है। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 46°C के पार पहुंच गया है। बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.7°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज हीट वेग का अलर्ट है। रतलाम में दिन का तापमान 44°C पर पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 2 से 4°C तक पारा बढ़ेगा। यूपी में पिछले दो दिन में 5°C तक तापमान बढ़ा। राज्य में झांसी सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गाय। दो दिन पहले पारा 34.8°C रिकॉर्ड किया गया था। छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में तेज बारिश हुई। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने बढ़ती गर्मी और मानसून से पहले बाढ़ के खतरे को देखते रविवार को अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 12 मई: 13 मई: देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें
जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।
जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।
फेस टैनिंग रिमूवल: चेहरे पर निखार लाने का उपाय! सीएचई का कालापन और टैनिंग झटपट होगी दूर, बेसन में अलग अलग ये चीजें

बेसन स्किन की गंदगी, अतिरिक्त तेल और डेड स्किन को साफ करने में मदद मिलती है। वहीं गुलाब जल त्वचा को फ्रीजक लेप के साथ ताजा और सीलबंद बनाए रखा जाता है। छवि: फ्रीपिक दोनों का गठबंधन सहयोगी की टैनिंग कम करने और गठबंधन को चमकदार बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक फेस पैक बनाने के लिए: 2 अमेरिकियों बेसन, 2 मसाले गुलाब जल, 1 चुटकी हल्दी, आधा मोती दही या दूध छवि: फ्रीपिक बेसन में सबसे पहले एक बाउल डाला गया। अब इसमें गुलाब जल, हल्दी और दही का पेस्ट बनाएं। ध्यान रखें कि सबसे ज्यादा नमक न हो। सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें। छवि: एआई अब पूरे चेहरे और गर्दन पर सामान का पैक तैयार करें। 15 से 20 मिनट तक बंद करें। इसके बाद हाथों से ठंडे पानी से धो लें। सीस की टैनिंग धीरे-धीरे कम हो रही है। छवि: एआई पैक के बाद स्किन साफा और ताज़ा स्कीगी। इससे ऑयली त्वचा की समस्या कम हो सकती है। चेहरे पर दुकान ग्लो फ्लैट आएँ। बेहतर परिणाम के लिए इस फेस पैक को एक सप्ताह में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: एआई नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले त्वचा से पहले से अधिक मात्रा में त्वचा का दिखना संभव है। फेस पैक लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर त्वचा बहुत ज्यादा सेंस सेंसिटिव है, तो डॉक्टर की सलाह लें। छवि: एआई धूप में धूप से पहले स्क्रीनसेवर में धूप सेंकना। बिना ज्यादा खर्च के इन आसान फेस पैक को शामिल करके आप अपने चेहरे को ताज़ा और ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
न्यायिक आयोग करेगा जबलपुर क्रूज हादसे की जांच:हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी बने चीफ; 5 बिंदुओं पर 3 महीने में देंगे रिपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को विशेष रूप से पांच बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच कारण और जवाबदेही: हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करना और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों/अधिकारियों का निर्धारण करना। बचाव कार्य की समीक्षा: दुर्घटना के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव उपायों और राहत कार्यों की पर्याप्तता की समीक्षा। सुरक्षा ऑडिट: प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना। इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और एनडीएमए की गाइडलाइंस के अनुरूप प्रमाणन की व्यवस्था देखना। मानक प्रक्रिया (SOP): भविष्य में ऐसी गतिविधियों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना। त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): जल परिवहन और पर्यटन वाले सभी स्थानों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना। तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक जांच आयोग को अपनी जांच पूरी करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। आयोग राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
मेरे बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा:सेलिना जेटली बोलीं- उन्हें कहीं छिपा दिया गया; पति पर घरेलू हिंसा और धोखे का आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने मदर्स डे के मौके पर सेलिना ने एक बेहद इमोशनल नोट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें उनके बच्चों से दूर रखा जा रहा है और उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश हो रही है। दरअसल सेलिना जेटली और उनके पति पीटर हाग के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। मुंबई पुलिस ने पीटर के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल के आरोपों में FIR दर्ज की है। जांच में सहयोग न करने की वजह से पुलिस ने पीटर के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया है। शादी के 15 सालों में उत्पीड़न का आरोप सेलिना ने साल 2010 में ऑस्ट्रियाई बिजनेसमैन पीटर हाग से शादी की थी। एक्ट्रेस का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद ही उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न शुरू हो गया था। सेलिना ने बताया कि वह अपने पड़ोसियों की मदद से चुपचाप उस अपमान और डर के माहौल से बचकर निकली थीं। उनके मुताबिक, 15 साल की शादी में उनसे उनकी मेहनत की कमाई और प्रॉपर्टी छीनने की कोशिश की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ‘बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा’ एक्ट्रेस अपने बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण काफी टूटी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटर ने बच्चों को किसी अनजान जगह पर छिपा दिया है। सेलिना ने अपने नोट में लिखा, “ऑस्ट्रियाई कोर्ट के आदेश के बावजूद मुझे मेरे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्हें उनकी मां और हिंदू धर्म में उनकी आस्था के खिलाफ गुमराह कर कट्टरपंथी बनाया जा रहा है।” 50 करोड़ का हर्जाना और पुलिस कार्रवाई सेलिना ने पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। दिवंगत बेटे की कब्र पर पहुंचीं सेलिना हाल ही में तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र पर जाकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उनकी 15वीं शादी की सालगिरह पर उन्हें ‘गिफ्ट’ के तौर पर तलाक के कागजात थमाए गए थे। सेलिना ने कहा, “मुझसे सब कुछ छीन लिया गया है, लेकिन अब मैं अपनी गरिमा, सच्चाई और न्याय के लिए भारत लौट रही हूं।” 2010 में हुई थी पीटर से शादी सेलिना और पीटर के तीन बेटे हैं – विंस्टन, विराज और आर्थर। उनके एक बेटे शमशेर की मौत हो चुकी है। सेलिना ने आरोप लगाया है कि पीटर ने उनके भाई की कानूनी मदद रोकने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया और उन्हें डराया-धमकाया। फिलहाल सेलिना भारत में कानूनी लड़ाई लड़कर अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने की कोशिश कर रही हैं।
मेरे बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा:सेलिना जेटली बोलीं- उन्हें कहीं छिपा दिया गया; पति पर घरेलू हिंसा और धोखे का आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने मदर्स डे के मौके पर सेलिना ने एक बेहद इमोशनल नोट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें उनके बच्चों से दूर रखा जा रहा है और उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश हो रही है। दरअसल सेलिना जेटली और उनके पति पीटर हाग के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। मुंबई पुलिस ने पीटर के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल के आरोपों में FIR दर्ज की है। जांच में सहयोग न करने की वजह से पुलिस ने पीटर के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया है। शादी के 15 सालों में उत्पीड़न का आरोप सेलिना ने साल 2010 में ऑस्ट्रियाई बिजनेसमैन पीटर हाग से शादी की थी। एक्ट्रेस का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद ही उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न शुरू हो गया था। सेलिना ने बताया कि वह अपने पड़ोसियों की मदद से चुपचाप उस अपमान और डर के माहौल से बचकर निकली थीं। उनके मुताबिक, 15 साल की शादी में उनसे उनकी मेहनत की कमाई और प्रॉपर्टी छीनने की कोशिश की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ‘बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा’ एक्ट्रेस अपने बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण काफी टूटी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटर ने बच्चों को किसी अनजान जगह पर छिपा दिया है। सेलिना ने अपने नोट में लिखा, “ऑस्ट्रियाई कोर्ट के आदेश के बावजूद मुझे मेरे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्हें उनकी मां और हिंदू धर्म में उनकी आस्था के खिलाफ गुमराह कर कट्टरपंथी बनाया जा रहा है।” 50 करोड़ का हर्जाना और पुलिस कार्रवाई सेलिना ने पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। दिवंगत बेटे की कब्र पर पहुंचीं सेलिना हाल ही में तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र पर जाकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उनकी 15वीं शादी की सालगिरह पर उन्हें ‘गिफ्ट’ के तौर पर तलाक के कागजात थमाए गए थे। सेलिना ने कहा, “मुझसे सब कुछ छीन लिया गया है, लेकिन अब मैं अपनी गरिमा, सच्चाई और न्याय के लिए भारत लौट रही हूं।” 2010 में हुई थी पीटर से शादी सेलिना और पीटर के तीन बेटे हैं – विंस्टन, विराज और आर्थर। उनके एक बेटे शमशेर की मौत हो चुकी है। सेलिना ने आरोप लगाया है कि पीटर ने उनके भाई की कानूनी मदद रोकने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया और उन्हें डराया-धमकाया। फिलहाल सेलिना भारत में कानूनी लड़ाई लड़कर अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने की कोशिश कर रही हैं।
इस हफ्ते ईरान-अमेरिका तनाव पर होगी निवेशकों की नजर:चौथी तिमाही के नतीजों समेत 5 फैक्टर्स तय करेंगे चाल; निफ्टी के लिए 24,500 पर रेजिस्टेंस

कल 11 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,335 | 22,858 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,380 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-इजराइल जंग से बनी ग्लोबल टेंशन अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है, जिससे स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के पास अस्थिरता बनी हुई है। वॉशिंगटन अभी भी तेहरान के जवाब का इंतजार कर रहा है ताकि शांति वार्ता आगे बढ़ सके। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट्स पर पड़ेगा। 2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने ₹11,072 करोड़ के शेयर बेचे। मई महीने में अब तक यह आंकड़ा ₹14,231 करोड़ तक पहुंच गया है। 2026 में अब तक विदेशी निवेशक कुल ₹2.06 लाख करोड़ की निकासी कर चुके हैं। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। 3. 400 से ज्यादा कंपनियों के तिमाही नतीजे निफ्टी की ज्यादातर बड़ी कंपनियां अपने नतीजे दे चुकी हैं, लेकिन अब मझोली कंपनियों की बारी है। अगले छह दिनों में 400 से ज्यादा कंपनियां जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। इनमें टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, सिप्ला, टाटा स्टील और केनरा बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। 4. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। अगर तनाव बढ़ेगा तो तेल की कीमतें ऊपर जाएंगे। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए निगेटिव होगा। 5. ग्लोबल बाजारों का भारत पर असर शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में 1.71% की तेजी रही। वहां चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में सुधार और रोजगार के अच्छे आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। भारतीय बाजार सोमवार को अमेरिकी बाजारों की इस तेजी से संकेत ले सकते हैं। अगले हफ्ते के लिए टेक्निकल लेवल निफ्टी मास्टर कैपिटल सर्विसेज के रिसर्च हेड डॉ. रवि सिंह के मुताबिक, बाजार में अभी ‘बाय ऑन डिप्स’ की रणनीति अपनाई जा सकती है। उनके अनुसार, जब तक निफ्ती 24,000 के ऊपर बना हुआ है, तब तक रिकवरी की उम्मीद है। ऊपर की तरफ 24,500 पर कड़ा रेजिस्टेंस है। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि ऊपर की तरफ 24,500 और 24,600 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, नीचे की तरफ 24,000 और 23,800 पर सपोर्ट दिख रहा है। अगर 23,800 का लेवल टूटता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। सेंसेक्स सेंसेक्स के नजरिए पर चॉइस इक्विटी के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि 76,800–77,000 के जोन में अच्छा सपोर्ट है। अगर बाजार गिरता है, तो इस लेवल पर खरीदारी लौट सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 78,000–78,300 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।







