इराक दे रहा क्रूड ऑयल पर 33 डॉलर तक डिस्काउंट:जंग के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरना होगा; भारत इराकी तेल का तीसरा बड़ा खरीदार

इराक की सरकारी तेल कंपनी अपने ‘बसरा मीडियम’ क्रूड पर 33.40 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दे रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह छूट उन खरीदारों के लिए है जो मई में तेल लोड करना चाहते हैं। हालांकि, इस सस्ते तेल को हासिल करने के लिए टैंकरों को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होकर गुजरना होगा, जहां फिलहाल युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान जंग के बाद से हॉर्मुज से तेल टैंकरों का गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। अप्रैल में सिर्फ 2 जहाजों ने ही भरा तेल शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल 2 जहाजों ने ही तेल लोड किया, जबकि मार्च में यह संख्या 12 थी। सामान्य हालात में इस बंदरगाह से हर महीने करीब 80 टैंकर तेल लोड करते हैं। इराक इस संघर्ष की शुरुआत में ही उत्पादन घटाने वाले शुरुआती देशों में से एक था, क्योंकि निर्यात रुकने से उसके स्टोरेज टैंक तेजी से भर गए थे। 1 से 10 मई के बीच सबसे ज्यादा छूट इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO के नोटिस के अनुसार: रिस्क की जिम्मेदारी खरीदार की होगी SOMO ने नोटिस में साफ कहा है कि जो खरीदार इन शर्तों को स्वीकार करेंगे वे ‘फोर्स मेज्योर’ यानी अनहोनी की स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का प्रावधान का सहारा नहीं ले पाएंगे। कंपनी का कहना है कि खरीदारों को पहले से पता है कि हालात असाधारण हैं, इसलिए वे इस आधार पर सौदे से पीछे नहीं हट सकते। यानी रास्ते में किसी हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह खरीदार की होगी। स्पॉट टेंडर के जरिए कय्याराह क्रूड भी पेश ट्रेडर्स के मुताबिक SOMO ने पिछले हफ्ते ‘कय्याराह क्रूड’ के लिए स्पॉट टेंडर भी जारी किया था। इसके लिए भी तेल के बैरल्स को फारस की खाड़ी के अंदर गहराई में जाकर लोड करना होगा। फिलहाल SOMO की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। भारत इराक का तीसरा बड़ा तेल खरीदार केपलर के अनुसार फरवरी 2026 में इराक भारत के टॉप 3 तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था: नॉलेज पार्ट: क्या है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और यह क्यों जरूरी है? स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का करीब 20% से 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते पर निर्भर हैं। युद्ध या तनाव की स्थिति में इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई घट गई है और कीमतें अचानक बढ़ गई हैं।
इराक दे रहा क्रूड ऑयल पर 33 डॉलर तक डिस्काउंट:जंग के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरना होगा; भारत इराकी तेल का तीसरा बड़ा खरीदार

इराक की सरकारी तेल कंपनी अपने ‘बसरा मीडियम’ क्रूड पर 33.40 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दे रही है। अभी इसकी कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह छूट उन खरीदारों के लिए है जो मई में तेल लोड करना चाहते हैं। हालांकि, इस सस्ते तेल को हासिल करने के लिए टैंकरों को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होकर गुजरना होगा, जहां फिलहाल युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान जंग के बाद से हॉर्मुज से तेल टैंकरों का गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। अप्रैल में सिर्फ 2 जहाजों ने ही भरा तेल शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल 2 जहाजों ने ही तेल लोड किया, जबकि मार्च में यह संख्या 12 थी। सामान्य हालात में इस बंदरगाह से हर महीने करीब 80 टैंकर तेल लोड करते हैं। इराक इस संघर्ष की शुरुआत में ही उत्पादन घटाने वाले शुरुआती देशों में से एक था, क्योंकि निर्यात रुकने से उसके स्टोरेज टैंक तेजी से भर गए थे। 1 से 10 मई के बीच सबसे ज्यादा छूट इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO के नोटिस के अनुसार: रिस्क की जिम्मेदारी खरीदार की होगी SOMO ने नोटिस में साफ कहा है कि जो खरीदार इन शर्तों को स्वीकार करेंगे वे ‘फोर्स मेज्योर’ यानी अनहोनी की स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का प्रावधान का सहारा नहीं ले पाएंगे। कंपनी का कहना है कि खरीदारों को पहले से पता है कि हालात असाधारण हैं, इसलिए वे इस आधार पर सौदे से पीछे नहीं हट सकते। यानी रास्ते में किसी हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह खरीदार की होगी। स्पॉट टेंडर के जरिए कय्याराह क्रूड भी पेश ट्रेडर्स के मुताबिक SOMO ने पिछले हफ्ते ‘कय्याराह क्रूड’ के लिए स्पॉट टेंडर भी जारी किया था। इसके लिए भी तेल के बैरल्स को फारस की खाड़ी के अंदर गहराई में जाकर लोड करना होगा। फिलहाल SOMO की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। भारत इराक का तीसरा बड़ा तेल खरीदार केपलर के अनुसार फरवरी 2026 में इराक भारत के टॉप 3 तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था: नॉलेज पार्ट: क्या है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और यह क्यों जरूरी है? स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का करीब 20% से 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते पर निर्भर हैं। युद्ध या तनाव की स्थिति में इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई घट गई है और कीमतें अचानक बढ़ गई हैं।
लोन सेटलमेंट के झूठे वादों पर RBI की चेतावनी:गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचें; झांसे में आकर फीस दी तो बड़ा नुकसान होगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को एक बार फिर आम जनता को कर्ज माफी के नाम पर चलाए जा रहे भ्रामक कैंपेन से बचने की सलाह दी है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि कुछ व्यक्ति और संस्थाएं लोगों को गुमराह कर लोन माफ कराने के झूठे वादे कर रही हैं। RBI ने दिसंबर 2023 में भी ऐसी ही चेतावनी जारी की थी। हाल ही में इस तरह कई मामले सामने आए हैं। RBI का कहना है कि ये कैंपेन न केवल लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि देश के क्रेडिट सिस्टम यानी बैंकिंग व्यवस्था के कामकाज में भी बाधा डाल रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे लोगों या संस्थाओं के झांसे में न आएं और अपने कर्ज से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीधे अपने बैंक या NBFC से संपर्क करें। सोशल मीडिया और डायरेक्ट मैसेज के जरिए हो रही ठगी रिजर्व बैंक ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि उसने अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सीधे संपर्क के जरिए ऐसे अभियानों को चलते हुए देखा है। कुछ व्यक्ति और संस्थाएं लोगों को यह विश्वास दिला रही हैं कि वे उनका बैंक या NBFC का कर्ज माफ करवा सकते हैं। बता दें कि RBI ने इससे पहले दिसंबर 2023 में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की थी, जिसे अब दोबारा दोहराया गया है। ‘डेट वेवर सर्टिफिकेट’ के नाम पर वसूली जा रही फीस RBI के मुताबिक, ये जालसाज लोगों को गुमराह करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं: देश के बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा हैं ऐसे अभियान केंद्रीय बैंक का कहना है कि ये अभियान न केवल जनता को धोखा दे रहे हैं, बल्कि देश की क्रेडिट सिस्टम के कामकाज में भी बाधा डाल रहे हैं। RBI ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां वित्तीय संस्थानों की स्थिरता को कमजोर करती हैं और जमाकर्ताओं के हितों पर बुरा असर डालती हैं। ऐसे गिरोहों से जुड़ने का मतलब सीधा आर्थिक नुकसान उठाना है। RBI बोला- ऐसे लोगों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई रिजर्व बैंक ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि कर्ज माफी की पेशकश करने वाली संस्थाओं या व्यक्तियों के दावे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं। ऐसे लोग मौजूदा कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई के पात्र हैं। RBI ने जनता से अनुरोध किया है कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक अभियान की जानकारी तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दें। लोन की जानकारी के लिए सीधे बैंक जाएं RBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने कर्ज से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए थर्ड पार्टी के पास जाने के बजाय सीधे अपने बैंक या लोन देने वाले संस्थान से संपर्क करें। सिर्फ अधिकृत संस्थान ही कर्ज के पुनर्गठन या राहत से जुड़ी जानकारी देने के लिए अधिकृत हैं।
शाहरुख-दीपिका बीच पर रोमांटिक डांस करते दिखे:साउथ अफ्रीका में फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग जारी; अकेले शूट करते दिखे शाहरुख

शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की जोड़ी अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग के लिए साउथ अफ्रीका में हैं। केप टाउन के एक बीच से शाहरुख और दीपिका का एक डांस सीक्वेंस शूट करते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में दोनों सनसेट के समय समुद्र किनारे रोमांटिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में शाहरुख और दीपिका हल्के रंग के ब्रीजी आउटफिट्स पहने हुए हैं। वे एक-दूसरे की तरफ बढ़ते हुए अपनी कोरियोग्राफी पूरी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने इस डांस स्टेप को परफेक्ट बनाने के लिए दो-तीन बार टेक लिए। हालांकि बीच का वह हिस्सा आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन फिर भी वहां शाहरुख को देखने के लिए भीड़ मौजूद रही। एड शीरन के गाने पर डांस की चर्चा शाहरुख और दीपिका पिछले हफ्ते ही शूटिंग शुरू करने के लिए साउथ अफ्रीका पहुंचे थे। उन्होंने इस शेड्यूल की शुरुआत एक गाने की शूटिंग के साथ की है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक यह गाना इंटरनेशनल सिंगर एड शीरन का हो सकता है। शाहरुख को वहां अकेले कार चलाते हुए भी एक सीन शूट करते देखा गया है। बताया जा रहा है कि फिल्म का एक बड़ा क्लाइमैक्स हिस्सा भी केप टाउन में ही शूट किया जाना है। बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड से मुकाबला फिल्म ‘किंग’ 24 दिसंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह साल 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इसकी रिलीज के ठीक एक हफ्ते पहले हॉलीवुड की बड़ी फिल्में ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ (Avengers: Doomsday) और ‘ड्यून: पार्ट थ्री’ (Dune: Part Three) रिलीज हो रही हैं। साथ ही ‘जुमांजी 3’ भी इसी दौरान आने वाली है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
स्ट्रोक के बाद पूरी तरह ठीक क्यों नहीं होता मरीज, क्या होती है गोल्डन विंडो? डॉक्टर ने बताई बेहद जरूरी बात

भीषण गर्मी में अक्सर हीट स्ट्रोक के मामले देखने को मिलते हैं, इसके अलावा ब्रेन स्ट्रोक के केसेज भी आए दिन सामने आ रहे हैं. हालांकि भारत में स्ट्रोक के इलाज में पिछले कुछ साल में जबर्दस्त सुधार हुआ है. बेहतर इमरजेंसी केयर, तेज डायग्नोसिस और बेहतरीन मेडिकल सुविधाओं की वजह से अब पहले से कहीं अधिक मरीज स्ट्रोक से बच रहे हैं लेकिन इसके बावजूद एक ऐसी दिक्कत सामने आ रही है जो काफी गंभीर है. डॉक्टरों की मानें तो स्ट्रोक के इलाज के बाद मरीज जिंदा तो बच जाते हैं, लेकिन वे पूरी तरह ठीक नहीं हो पाते और उन्हें लंबे समय तक विकलांगता के साथ जीवन जीना पड़ता है. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या स्ट्रोक दो-चार दिन में ठीक हो जाता है? स्ट्रोक के बाद कौन सी बड़ी दिक्कतें मरीजों में देखने को मिलती हैं? स्ट्रोक में गोल्डन विंडो क्या होती है? आइए इन सभी सवालों पर एचसीएएच के को फाउंडर डॉक्टर गौरव ठुकराल से जानते हैं. डॉक्टर ठुकराल कहते हैं, ‘आज भारत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हम सिर्फ इलाज कर रहे हैं, या सच में मरीजों को ठीक भी कर पा रहे हैं. अस्पतालों में स्ट्रोक का इलाज हो रहा है, जानें भी बच रही हैं लेकिन क्या रिकवरी उतनी ही मजबूत हो रही है? यही वह अंतर है जो भारत को अब समझना और भरना होगा.’ वे कहते हैं, ‘हमें स्ट्रोक के इलाज को सिर्फ जान बचाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए. सबसे जरूरी है कि स्ट्रोक के बाद रिकवरी कितनी जल्दी, कितनी संरचित और कितनी प्रभावी तरीके से शुरू होती है?’ डॉक्टर ठुकराल आगे कहते हैं कि स्ट्रोक के इलाज के बावजूद कुछ ऐसी बीमारियां हैं जो शरीर में बहुत तेजी से बढ़ती हैं. यही वजह है कि स्ट्रोक आने के बाद मरीज 2-4 दिन में सही नहीं होता बल्कि उसे पूरी तरह रिकवर होने में पूरे 3 महीने लग सकते हैं. वे बताते हैं कि स्ट्रोक के बाद मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और बैठकर रहने वाली जीवनशैली की समस्याएं सबसे ज्यादा होती हैं जो उनकी क्ववालिटी लाइफ को पूरी तरह खराब कर देती हैं. स्ट्रोक के बाद के हफ्ते बेहद अहम डॉक्टर ठुकराल कहते हैं कि स्ट्रोक के बाद शुरुआती कुछ हफ्ते बेहद अहम होते हैं.इस दौरान दिमाग न्यूरोप्लास्टिसिटी की अवस्था में होता है, जहां वह खुद को फिर से व्यवस्थित करने और नई क्षमताएं विकसित करने में सक्षम होता है. अगर इस समय सही और लगातार रिहेबिलिटेट किया जाए, तो मरीज दोबारा चलना, बोलना और अपनी स्वतंत्रता वापस पा सकता है.’ गोल्डन विंडो का केयरटेकर भी रखें ध्यान मरीज की रिकवरी का यह समय सीमित होता है. आमतौर पर यह अवधि कुछ हफ्तों से लेकर तीन महीने तक की होती है. अगर इस ‘गोल्डन विंडो’ को खो दिया जाए, तो रिकवरी की गति और प्रभाव दोनों ही काफी कम हो जाते हैं. जो सुधार कुछ हफ्तों में संभव था, वह महीनों में भी अधूरा रह सकता है या कभी पूरी तरह वापस नहीं आता.वे कहते हैं कि आज भारत में स्ट्रोक का इलाज मजबूत हो चुका है, लेकिन रिकवरी अभी भी कमजोर कड़ी बनी हुई है. देश को अब एक ऐसे हेल्थकेयर मॉडल की जरूरत है जहां रिकवरी को उतनी ही प्राथमिकता दी जाए जितनी इलाज को दी जाती है. रिकवरी कोई हल्की या कभी-कभार होने वाली प्रक्रिया नहीं है. यह एक गहन, अनुशासित और समयबद्ध उपचार है, जिसमें रोजाना कई बार थेरेपी की जरूरत होती है और यह कई हफ्तों तक लगातार चलती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती चरण में गहन और बार-बार होने वाली थेरेपी को ही बेहतर परिणामों की कुंजी माना जाता है. इसका ध्यान स्ट्रोक के पेशेंट के साथ रहने वाले अटेंडेंट और केयरटेकर को भी रखना चाहिए. क्या कहते हैं आंकड़े आंकड़े बताते हैं कि भारत में 6.3 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी प्रकार की विकलांगता के साथ जीवन जी रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस बोझ का बड़ा हिस्सा समय पर और सही पुनर्वास के जरिए कम किया जा सकता है. इसके बावजूद, देश में पुनर्वास सेवाओं का ढांचा बेहद सीमित है. पूरे देश में लगभग 1,251 स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन सेंटर ही मौजूद हैं, जो आबादी के अनुपात में बेहद कम हैं. इसका सीधा असर यह होता है कि लाखों मरीज समय पर और सही और पूरे उपचार से वंचित रह जाते हैं. इस वजह से हो रहा नुकसान डॉ. ठुकराल आगे कहते हैं कि समस्या सिर्फ सुविधाओं की नहीं है, बल्कि सोच और सिस्टम दोनों की है. अस्पतालों में डिस्चार्ज के समय मरीजों को स्पष्ट रिकवरी रोडमैप नहीं दिया जाता. न ही यह बताया जाता है कि शुरुआती 6 से 8 हफ्तों में गहन और निरंतर थेरेपी कितनी जरूरी है. परिणामस्वरूप, परिवार अक्सर इसे वैकल्पिक मानकर टाल देते हैं. आर्थिक पहलू इस चुनौती को और जटिल बना देता है. पुनर्वास सेवाएं अभी भी बीमा कवरेज के दायरे में पूरी तरह शामिल नहीं हैं. ऐसे में परिवार इसे एक अतिरिक्त खर्च के रूप में देखते हैं, जबकि वास्तव में यह एक दीर्घकालिक निवेश है. जब मरीज पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाता, तो इसका असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता. उसकी काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, परिवार पर देखभाल का दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे यह एक सामाजिक और आर्थिक बोझ में बदल जाता है. कोविड-19 महामारी ने इन खामियों को और उजागर किया. इलाज में आई रुकावटों और सेवाओं की कमी ने कई मरीजों की रिकवरी को प्रभावित किया और विकलांगता का बोझ बढ़ा दिया. तेजी से रिकवरी है जरूरी डॉक्टर कहते हैं कि तेजी से रिकवरी कोई विकल्प नहीं है, बल्कि जरूरत है. अगर हमें देश में विकलांगता का बोझ कम करना है, तो पुनर्वास को इलाज की निरंतर और अनिवार्य कड़ी के रूप में देखना होगा.
सोना आज ₹543 सस्ता, ₹1.47 लाख पर आया:चांदी ₹618 गिरकर ₹2.39 लाख पर आई; यह इस साल 9 हजार रुपए महंगी हुई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 5 मई (मंगलवार) को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 543 रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 618 रुपए गिरकर 2.39 लाख रुपए पर आ गई है। सोमवार को इसकी कीमत 2.40 लाख रुपए प्रति किलो थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 5 मई, 2026 सोना इस साल 14 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 14 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 9 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.39 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
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सोने-चांदी के दाम में आज यानी 5 मई (मंगलवार) को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 543 रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 618 रुपए गिरकर 2.39 लाख रुपए पर आ गई है। सोमवार को इसकी कीमत 2.40 लाख रुपए प्रति किलो थी। सोना इस साल 14 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 14 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 9 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.39 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
ममता बनर्जी की हार पर विवेक अग्निहोत्री हुए खुश:कहा- बंगाल में हमारे साथ मारपीट करवाई, हमले करवाए, अब लोग निडर सिर ऊंचा कर चलेंगे

4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से हार गईं। चुनाव का नतीजा आने के बाद अब द कश्मीर फाइल्स और द बंगाल फाइल्स बना चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उनकी हार पर खुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल से बैन किया था, जिसके चलते उन्हें बंगाल जाने की अनुमति नहीं दी गई और वो अवॉर्ड लेने तक नहीं जा सके। विवेक का कहना है कि बंगाल की जनता इसके बाद निडर होकर जिएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने द बंगाल फाइल्स की रिलीज रोके जाने से जुड़ा एक पुराना वीडियो जारी कर लिखा है, ‘दोबारा कभी नहीं। जो लोग नहीं जानते, उनके लिए, ममता बनर्जी ने मुझे बंगाल में रोक दिया था, जब द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई थी। इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था और उन्होंने कहा था कि मुझे बंगाल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ आगे विवेक ने लिखा, ‘पिछले साल, उन्होंने द बंगाल फाइल्स को भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह बैन कर दिया। हमारे ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। हम पर हमले हुए और मारपीट भी हुई। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। मुझे बंगाल में पूरी तरह से बैन कर दिया गया था। मैं तो अपना अवॉर्ड लेने के लिए गवर्नर के पास भी नहीं जा सका। लेकिन हमने हार नहीं मानी। चुनाव के दौरान हमने कोशिश की कि द बंगाल फाइल्स ज्यादा से ज्यादा लोगों तक (छुपकर) पहुंच सके।’ आखिर में विवेक रंजन अग्निहोत्री ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी। और आखिर में यह बड़ी जीत मिली। बंगाल के महान लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’ बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म द बंगाल फाइल्स को बंगाल में बैन करने की मांग उठी थी। तब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में आयोजित किया। इवेंट के बीच ही कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ कर ट्रेलर दिखाए जाने से रोक दिया। तब भी विवेक ने ममता बनर्जी पर इवेंट रुकवाने के आरोप लगाए थे।
ममता बनर्जी की हार पर विवेक अग्निहोत्री हुए खुश:कहा- बंगाल में हमारे साथ मारपीट करवाई, हमले करवाए, अब लोग निडर सिर ऊंचा कर चलेंगे

4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से हार गईं। चुनाव का नतीजा आने के बाद अब द कश्मीर फाइल्स और द बंगाल फाइल्स बना चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उनकी हार पर खुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल से बैन किया था, जिसके चलते उन्हें बंगाल जाने की अनुमति नहीं दी गई और वो अवॉर्ड लेने तक नहीं जा सके। विवेक का कहना है कि बंगाल की जनता इसके बाद निडर होकर जिएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने द बंगाल फाइल्स की रिलीज रोके जाने से जुड़ा एक पुराना वीडियो जारी कर लिखा है, ‘दोबारा कभी नहीं। जो लोग नहीं जानते, उनके लिए, ममता बनर्जी ने मुझे बंगाल में रोक दिया था, जब द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई थी। इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था और उन्होंने कहा था कि मुझे बंगाल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ आगे विवेक ने लिखा, ‘पिछले साल, उन्होंने द बंगाल फाइल्स को भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह बैन कर दिया। हमारे ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। हम पर हमले हुए और मारपीट भी हुई। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। मुझे बंगाल में पूरी तरह से बैन कर दिया गया था। मैं तो अपना अवॉर्ड लेने के लिए गवर्नर के पास भी नहीं जा सका। लेकिन हमने हार नहीं मानी। चुनाव के दौरान हमने कोशिश की कि द बंगाल फाइल्स ज्यादा से ज्यादा लोगों तक (छुपकर) पहुंच सके।’ आखिर में विवेक रंजन अग्निहोत्री ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी। और आखिर में यह बड़ी जीत मिली। बंगाल के महान लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’ बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म द बंगाल फाइल्स को बंगाल में बैन करने की मांग उठी थी। तब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में आयोजित किया। इवेंट के बीच ही कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ कर ट्रेलर दिखाए जाने से रोक दिया। तब भी विवेक ने ममता बनर्जी पर इवेंट रुकवाने के आरोप लगाए थे।
सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर आया:निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी 5 मई को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर आ गया है। एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार 4 मई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी 7 दिन में FII ने 10,514 करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सोमवार को सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले सोमवार, 4 मई को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर 77,269 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 121 अंक ऊपर रहा, ये 24,119 के स्तर पर बंद हुआ था। कारोबार में रियल्टी, मेटल, फार्मा और ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। जबकि आईटी, सरकारी बैंक और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही थी।








