ममता बनर्जी की हार पर विवेक अग्निहोत्री हुए खुश:कहा- बंगाल में हमारे साथ मारपीट करवाई, हमले करवाए, अब लोग निडर सिर ऊंचा कर चलेंगे

4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से हार गईं। चुनाव का नतीजा आने के बाद अब द कश्मीर फाइल्स और द बंगाल फाइल्स बना चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उनकी हार पर खुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल से बैन किया था, जिसके चलते उन्हें बंगाल जाने की अनुमति नहीं दी गई और वो अवॉर्ड लेने तक नहीं जा सके। विवेक का कहना है कि बंगाल की जनता इसके बाद निडर होकर जिएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने द बंगाल फाइल्स की रिलीज रोके जाने से जुड़ा एक पुराना वीडियो जारी कर लिखा है, ‘दोबारा कभी नहीं। जो लोग नहीं जानते, उनके लिए, ममता बनर्जी ने मुझे बंगाल में रोक दिया था, जब द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई थी। इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था और उन्होंने कहा था कि मुझे बंगाल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ आगे विवेक ने लिखा, ‘पिछले साल, उन्होंने द बंगाल फाइल्स को भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह बैन कर दिया। हमारे ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। हम पर हमले हुए और मारपीट भी हुई। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। मुझे बंगाल में पूरी तरह से बैन कर दिया गया था। मैं तो अपना अवॉर्ड लेने के लिए गवर्नर के पास भी नहीं जा सका। लेकिन हमने हार नहीं मानी। चुनाव के दौरान हमने कोशिश की कि द बंगाल फाइल्स ज्यादा से ज्यादा लोगों तक (छुपकर) पहुंच सके।’ आखिर में विवेक रंजन अग्निहोत्री ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी। और आखिर में यह बड़ी जीत मिली। बंगाल के महान लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’ बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म द बंगाल फाइल्स को बंगाल में बैन करने की मांग उठी थी। तब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में आयोजित किया। इवेंट के बीच ही कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ कर ट्रेलर दिखाए जाने से रोक दिया। तब भी विवेक ने ममता बनर्जी पर इवेंट रुकवाने के आरोप लगाए थे।
सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर आया:निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी 5 मई को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर आ गया है। एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार 4 मई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी 7 दिन में FII ने 10,514 करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सोमवार को सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले सोमवार, 4 मई को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर 77,269 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 121 अंक ऊपर रहा, ये 24,119 के स्तर पर बंद हुआ था। कारोबार में रियल्टी, मेटल, फार्मा और ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। जबकि आईटी, सरकारी बैंक और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही थी।
विराट कोहली ने इकाना में 2 घंटे मैराथन प्रैक्टिस की:स्ट्रेट ड्राइव पर छक्के लगाए, स्टेडियम में दौड़े; बाहर फैन्स का जमावड़ा

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के दिग्गज बल्लेबाज का लखनऊ में जमकर क्रेज है। उन्होंने आज इकाना में करीब 2 घंटे प्रैटिक्स कर पसीना बहाया। नेट प्रैक्टिस से पहले फील्ड के चक्कर लगाए। फिर बैटिंग की प्रैटिक्स की। स्टेट ड्राइव पर छक्के जड़े। फील्ड सपोर्ट स्टॉफ समेत सभी निगाहें उन पर रहीं। स्टेडियम के बाहर फैंस ने चीयर्स करते रहे। टीम के अन्य कैप्टन रजत पाटीदार, भुवनेश्वर कुमार समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी प्रैटिक्स की। इस दौरान विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार आपस में बातचीत करते नजर आए। IPL पिछले सीजन की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच 7 मई को इकाना में मैच खेला जाएगा। देखिए RCB टीम के प्रैटिक्स की 3 तस्वीरें… सोमवार शाम को पहुंच गई थी RCB की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम सोमवार देर शाम राजधानी लखनऊ पहुंच गई। टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और कोच एंडी फ्लावर भी शहर में आ गए हैं। देर रात ब्लैक टी-शर्ट में कोहली एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए। पॉइंट टेबल में दूसरे स्थान पर काबिज बेंगलुरु की टीम ने आज इकाना स्टेडियम में प्रैटिक्स किया। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) टीम के खिलाड़ी बुधवार को प्रैक्टिस करेंगे। हालांकि, 4 मई को मुंबई इंडियंस से मिली हार के बाद LSG प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं। RCB के लखनऊ पहुंचने की 2 तस्वीरें देखिए- बेहतरीन रहा है अब तक का सफर रॉयल चैलेंजर्स के लिए अब तक का सफर बेहतरीन रहा है। टीम की बल्लेबाजी की कमान विराट कोहली (379 रन), देवदत्त पडिक्कल (282 रन) और कप्तान रजत पाटीदार (257 रन) ने संभाल रखी है। वहीं, गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार 17 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं। पिछले मुकाबले में लखनऊ को हराने के बाद बेंगरलुरु की टीम इस बार भी जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। फिलहाल, इकाना में किंग कोहली के विराट शो को देखने के लिए दर्शक बेताब हैं। ————- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ डीएम ने पूड़ी-सब्जी बांटी:सिलेंडर महंगा होने पर गन्ने के रस का भंडारा, कान पकड़कर बजरंगबली से माफी मांगी ज्येष्ठ महीने का आज पहला बड़ा मंगल है। लखनऊ में 1000 से ज्यादा जगहों पर भंडारे हुए। नगर निगम में इस मंगल के लिए 348 भंडारों का रजिस्ट्रेशन है। जिलाधिकारी विशाख जी. ने कैसरबाग स्थित यूपी प्रेस क्लब में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की तरफ से आयोजित भंडारे में पूड़ी बांटी। पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका ने हॉर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं:व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, ट्रम्प ने ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि ईरान ने इस पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी। इसमें 3 भारतीय भी घायल हुए हैं। 2. प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू: अमेरिका ने होर्मुज के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू किया। इसके तहत होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने का वायदा किया गया है। 3. साउथ कोरियाई जहाज पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ जिससे आग लग गई। ट्रम्प का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 4. जब्त ईरानी जहाज सौंपा: अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया। इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था। 5. ईरान में तीन लोगों को फांसी: ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में लोगों को फांसी दे दी गई। इन पर जनवरी 2026 में तख्तापटल की साजिश का आरोप था। इस साल 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिका ने हॉर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं:व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप; ट्रम्प ने ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि ईरान ने इस पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी। इसमें 3 भारतीय भी घायल हुए हैं। 2. प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू: अमेरिका ने होर्मुज के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू किया। इसके तहत होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने का वायदा किया गया है। 3. साउथ कोरियाई जहाज पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ जिससे आग लग गई। ट्रम्प का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 4. जब्त ईरानी जहाज सौंपा: अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया। इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था। 5. ईरान में तीन लोगों को फांसी: ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में लोगों को फांसी दे दी गई। इन पर जनवरी 2026 में तख्तापटल की साजिश का आरोप था। इस साल 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
एमपी के दो सांसद साउथ में विधानसभा चुनाव हारे:केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन की तमिलनाडु में शिकस्त; जॉर्ज कुरियन केरलम में तीसरे नंबर पर रहे

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में भाजपो को पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बड़ी जीत मिली है। वहीं, एमपी कोटे से राज्यसभा के दो सांसदों को दक्षिण भारत के चुनावी रण में करारी हार का सामना करना पड़ा है। केंद्र सरकार में मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु और जॉर्ज कुरियन को केरलम विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। जॉर्ज कुरियन (केरल): कांजीरापल्ली में तीसरे नंबर पर खिसके मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा ने केरलम की कांजीरापल्ली सीट से मैदान में उतारा था। ईसाई बहुल इस इलाके में कुरियन से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि कुरियन मुख्य मुकाबले से पूरी तरह बाहर नजर आए। वे तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें महज 26984 के करीब वोट मिले। केरल में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच हुए सीधे मुकाबले में भाजपा के बड़े चेहरे जॉर्ज कुरियन जमीन नहीं बचा सके। कांजीरापल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े, कई पदों पर रहे वर्तमान में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री और मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सांसद जॉर्ज कुरियन केरल में बीजेपी के सबसे पुराने चेहरों में से एक हैं। वे 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं और संगठन में अलग-अलग पदों पर रहे हैं। केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु का काम कुरियन को केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु (Bridge) माना जाता है। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का गठन हुआ, तो कुरियन बिना सांसद रहे मंत्री बनाए गए थे। बाद में बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट (ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद) से निर्विरोध निर्वाचित करवाकर संसद भेजा। पार्टी ने उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में कांजीरापल्ली से उम्मीदवार बनाया ताकि ईसाई वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके, लेकिन वे तीसरे नंबर पर सिमट गए। एल. मुरुगन (तमिलनाडु): अविनाशी सीट पर दूसरे नंबर पर रहे मध्य प्रदेश से एक और राज्य सभा सांसद और केंद्रीय सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी (SC) सीट से किस्मत आजमा रहे थे। तमिलनाडु भाजपा का पूर्व अध्यक्ष होने के नाते यह चुनाव उनकी साख का सवाल था। मुरुगन ने लड़ाई तो लड़ी, लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख सके। वे परिणामों में दूसरे नंबर पर रहे। उन्हें 56,200 से ज्यादा वोट मिले, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया। तमिलनाडु में क्षेत्रीय अस्मिता और टीवीके (थलापति विजय की पार्टी) की लहर के आगे मुरुगन का ‘दिल्ली कार्ड’ काम नहीं आया। एक्टर विजय की पार्टी के उम्मीदवार से हारे इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय रहा। यहां अभिनेता विजय की पार्टी (TVK) ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के समीकरण बिगाड़ दिए। मुरुगन ने अपनी सीट पर कड़ी टक्कर दी और अन्नाद्रमुक कैंडिडेट को तीसरे नंबर पर धकेल दिया। तमिलनाडु: अविनाशी (SC) विधानसभा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे तमिलनाडु भाजपा का दलित चेहरा हैं। वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री व मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। एल. मुरुगन ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी। वे लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े रहे। वकालत से सियासत तक: राजनीति में आने से पहले वे मद्रास हाई कोर्ट में एक सफल वकील थे। उन्होंने 15 साल तक वकालत की और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के उपाध्यक्ष भी रहे। वेल यात्रा से बनी हिंदूवादी नेता की पहचान तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहते हुए मुरुगन ने ‘वेल यात्रा’ निकाली थी, जिसने राज्य में भाजपा को आक्रामक हिंदूवादी पहचान दिलाने में मदद की। बीजेपी ने उन्हें 2021 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। हाल ही में हुए चुनावों में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए तमिलनाडु की अविनाशी सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वे दूसरे नंबर पर रहे। ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले- बंगाल में BJP ने 100 सीटें चुराईं भाजपा का 5 राज्यों में से 3 (पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी) में सरकार बना रही है। बंगाल में बीजेपी रिकॉर्ड सीटें जीती है। इस पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बंगाल और असम के परिणाम भी उसी ‘प्लेबुक’ का हिस्सा हैं, जो हमने मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखी है। पढ़ें पूरी खबर…
बिहार-हरियाणा में आंधी-बारिश से 21 की मौत:राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवात बना; ओडिशा के अगले 6 दिन बारिश की चेतावनी

राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवात बनने से देश के बड़े हिस्से में मौसम बदल चुका है। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बादलों का लंबा ट्रफ बना हुआ है, जिससे उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जबकि, पिछले 24 घंटों में बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाएं और भारी बारिश दर्ज की गई है। बिहार में बिजली गिरने और मौसम जनित हादसों में 6 जिलों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। अगले 48 से 72 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। वहीं, हरियाणा में रविवार-सोमवार की रात 30 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली आंधी में 15 हजार से ज्यादा पेड़ टूट गए। फतेहाबाद के टोहाना में पेड़ गिरने से हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारी आदेश कुमार (29) की मौत हो गई। राजस्थान पर चक्रवात का नया दौर सक्रिय है, जिससे 24 घंटों के दौरान हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 48 घंटों तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। दक्षिण भारत में छत्तीसगढ़ से कर्नाटक और तमिलनाडु तक 5 दिनों तक रुक-रुक कर वर्षा और बिजली गिरने के आसार हैं। ओडिशा में अगले छह दिनों के दौरान तेज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल के 10 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट:धर्मशाला में 30.6MM बारिश, कल्पा का तापमान 2.6॰C तक लुढ़का; चार जगह 4॰C से नीचे गिरा पारा

हिमाचल की राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आज किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में आंधी-तूफान के साथ आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कल भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 से 9 मई तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन इस दौरान अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने के आसार हैं। 10 मई और 11 मई को पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान भी अधिकांश भागों में बारिश और शिमला जिला के कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। धर्मशाला में सबसे ज्यादा 30.6 मिमी, कांगड़ा 29.4 मिमी, चौपाल 18.0, शिलारू 15.8, सराहन 15.5, पालमपुर 15.4, रोहड़ू 14.0, मंडी 13.4, जोगेंद्रनगर 9.0, कल्पा 7.2 और बरठी में 5.2 मिमी बारिश हुई। बारिश-ओलावृष्टि के बाद तापमान में भारी गिरावट बारिश-ओलावृष्टि के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषकर किन्नौर और लाहौल स्पीति के कई क्षेत्रों में रात का पारा जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। किन्नौर के कल्पा का पारा 2.6 डिग्री, लाहौल स्पीति के ताबो का 2.7, कुकुमसैरी 2.9 और केलांग का 4.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। नाहन का न्यूनतम तापमान सामान्य से 8.1 डिग्री नीचे गिरा राज्य के अन्य शहरों का रात का पारा भी सामान्य से नीचे गिरा है। नाहन के तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 8.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यहां का रात का पारा 14.6 डिग्री तक लुढ़क गया है। शिमला का पारा सामान्य से 3.0 डिग्री नीचे गिरने के बाद 11.0 डिग्री रह गया है। भुंतर का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 9.6 डिग्री नीचे लुढ़का इसी तरह, अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। भुंतर का अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री नीचे गिरने के बाद 20.3 डिग्री, मंडी का 6.6 डिग्री गिरने के बाद 26.2 डिग्री, नाहन का 6.5 डिग्री लुढ़कने के बाद 26.8 डिग्री, ऊना का 6.4 डिग्री कम होने के बाद 31.0 डिग्री और शिमला का पारा सामान्य से 4.9 डिग्री नीचे गिरने के बाद 18.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है।
भाजपा ने पोलिंग एजेंट भी परीक्षा लेकर बनाए:कुछ पॉकेट्स से निकल भाजपा पूरे प्रदेश में छाई; जनता ने ‘बंगाली अस्मिता’ की जगह ‘डबल इंजन’ चुना

बंगाल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ‘बंगाली अस्मिता’ नैरेटिव के मुकाबले पीएम नरेंद्र मोदी के ‘डबल इंजन’ के वादे को चुना। कमल की आंधी में तृणमूल बिल्कुल तिनकों की तरह ही उड़ गई। भाजपा लंबे समय से संगठन के स्तर पर तैयारी में जुटी थी। पोलिंग एजेंट चुनने के लिए भी मौखिक और लिखित परीक्षाएं तक ली गई थीं। पिछले छह महीने से पार्टी का ध्यान दो लक्ष्यों के साथ जमीनी नेटवर्क पर रहा। पहला, ग्रामीण इलाकों में डर के माहौल का मुकाबला और सुनिश्चित करना कि वोटर पोलिंग बूथ तक पहुंचे। ग्राउंड पर तमाम प्रयासों का नतीजा ये रहा कि भाजपा अपने साथ नए वोटर्स को जोड़ने में सफल रही। पिछले चुनाव में टीएमसी का वोट शेयर 48.5% था, जो इस बार 40.80% रह गया। वहीं, भाजपा 38.4% से बढ़कर 45.85% वोट पर पहुंच गई। इसके पीछे हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण बड़ा कारण है। हालांकि, सिर्फ ध्रुवीकरण ही इकलौती वजह नहीं है। रोजगार की कमी, पलायन, औद्योगिक ठहराव, पंचायत स्तर की दादागिरी और स्थानीय टीएमसी कैडर से नाराजगी निर्णायक रही। पश्चिमी औद्योगिक पट्टी आसनसोल, दुर्गापुर और बैरकपुर जैसे इलाकों में भाजपा ने बंद मिलों, नौकरी, लॉजिस्टिक्स हब और सिंडिकेट राज के खिलाफ अभियान चलाया। हर क्षेत्र में अलग रणनीति, कहीं ध्रुवीकरण तो कहीं रोजगार मुद्दा बंगाल का राजनीतिक भूगोल बदल गया। 2021 में भाजपा उत्तर बंगाल, जंगलमहल और मतुआ बेल्ट में सिमटी थी। इस बार टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल में भी भगवा रंग में रंग गए। भाजपा ने हर क्षेत्र की अलग रणनीति बनाई। टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल में एंटी इंकंबेंसी, ध्रुवीकरण और गुंडागर्दी का मुद्दा उठाया। प्रेसीडेंसी में सीटें 14 से 27 तक पहुंच गईं। उत्तर बंगाल में चाय-बागान मजदूर और राजबंशी समुदाय साधा। जंगलमहल में आवास-पानी, राष्ट्रपति के अपमान जैसे मुद्दों से टीएमसी को पीछे धकेला। टीएमसी अल्पसंख्यक बेल्ट में टूटी करीब 115 सीटें मुस्लिम बहुल हैं। इनमें से 69 पर टीएमसी जीती। करीब 39 सीटें भाजपा के खाते में गईं। मुस्लिम-सेक्युलर वोट टीएमसी के पक्ष में एकजुट माने जाते रहे हैं। पर, इस बार स्थिति अलग दिखी। मालदा की 12 में से 6 और उत्तर दिनाजपुर की 9 में से 4 भाजपा के खाते में गई। इससे टीएमसी की ‘अभेद्य अल्पसंख्यक बेल्ट’ का भरोसा कमजोर हुआ। मुर्शिदाबाद जैसे कोर मुस्लिम जिलों में टीएमसी का दबदबा अभी बचा है। यहां की 22 सीटों में से टीएमसी 9 और भाजपा 8 सीटें जीती। भाजपा की असली बढ़त चार बड़े इलाकों से आई। जंगलमहल-आदिवासी बेल्ट में 40 में से करीब 36 सीटें निकालकर टीएमसी की 2021 वाली वापसी को पलट दिया। उत्तर 24 परगना में भाजपा 33 में से 18 सीटों पर पहुंची। हुगली में भाजपा ने 18 में से 16 सीटें जीत टीएमसी के दक्षिण बंगाल किले को भी झटका दिया है। नदिया में भाजपा 17 में से 14 सीटों पर विजयी रही। यहां मतुआ-नामशूद्र और सीमावर्ती हिंदू वोट निर्णायक रहे। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर भाजपा के आनंदमय बर्मन ने टीएमसी के शंकर मालाकार को 1,04,265 वोटों से हराया। राज्य में जीत का सबसे बड़ा अंतर है। लोकल नेताओं को तवज्जो, पुराने लोगों को पद देकर मैदान में उतारा भाजपा ने बंगाल में सिर्फ दिल्ली मॉडल नहीं चलाया। पुराने और वरिष्ठ नेताओं को तवज्जो दी। वाजपेयी-आडवाणी के दौर से जुड़े रहे शमिक भट्टाचार्य प्रदेशाध्यक्ष बनाए। सुवेंदु ग्रामीण बंगाल में चेहरा रहे। वहीं, भट्टाचार्य ने कोलकाता और उपनगरीय बंगाल के ‘भद्रलोक’ को जोड़ा। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष को सक्रिय किया। राहुल सिन्हा राज्यसभा सांसद बनाए। पीएम मोदी ने एक रैली में घोष से लेकर पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय तक बंगाल के वरिष्ठ नेताओं को मंच पर बुला अभिनंदन किया। ईडी 7 मामलों की जांच कर रही है, इन पर कार्रवाई तेज हो सकती है भ्रष्टाचार संबंधी मामले नई सरकार की प्राथमिकता हो सकते हैं। शिक्षक भर्ती, नगरपालिका भर्ती, राशन घोटाला, कोयला तस्करी, मवेशी तस्करी और संदेशखाली सहित कम से कम सात मामलों की जांच ईडी कर रही है। इन पर कार्रवाई में तेजी आ सकती है। पुरानी फाइलों की पड़ताल भी शुरू हो सकती है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार के समक्ष सातवां वेतन आयोग लागू करना, तीन हजार रुपए मासिक नकद सहायता और डीए देने जैसे वादों पर अमल की चुनौती भी रहेगी। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… 49 साल में पहली बार देश में लेफ्ट सरकार नहीं:1957 में केरलम में नंबूदरीपाद ने सत्ता दिलवाई; 2026 में केरलम से ही खत्म केरलम विधानसभा चुनाव में पिनराई विजयन की अगुवाई वाले लेफ्ट एलायंस LDF को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की अगुवाई वाली UDF ने 140 में से 90 से ज्यादा सीटें जीतकर 10 साल बाद सत्ता में वापसी कर ली है। पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा ने पोलिंग एजेंट भी परीक्षा लेकर बनाए:कुछ पॉकेट्स से निकल भाजपा पूरे प्रदेश में छाई; जनता ने ‘बंगाली अस्मिता’ की जगह ‘डबल इंजन’ चुना

बंगाल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ‘बंगाली अस्मिता’ नैरेटिव के मुकाबले पीएम नरेंद्र मोदी के ‘डबल इंजन’ के वादे को चुना। कमल की आंधी में तृणमूल बिल्कुल तिनकों की तरह ही उड़ गई। भाजपा लंबे समय से संगठन के स्तर पर तैयारी में जुटी थी। पोलिंग एजेंट चुनने के लिए भी मौखिक और लिखित परीक्षाएं तक ली गई थीं। पिछले छह महीने से पार्टी का ध्यान दो लक्ष्यों के साथ जमीनी नेटवर्क पर रहा। पहला, ग्रामीण इलाकों में डर के माहौल का मुकाबला और सुनिश्चित करना कि वोटर पोलिंग बूथ तक पहुंचे। ग्राउंड पर तमाम प्रयासों का नतीजा ये रहा कि भाजपा अपने साथ नए वोटर्स को जोड़ने में सफल रही। पिछले चुनाव में टीएमसी का वोट शेयर 48.5% था, जो इस बार 40.80% रह गया। वहीं, भाजपा 38.4% से बढ़कर 45.85% वोट पर पहुंच गई। इसके पीछे हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण बड़ा कारण है। हालांकि, सिर्फ ध्रुवीकरण ही इकलौती वजह नहीं है। रोजगार की कमी, पलायन, औद्योगिक ठहराव, पंचायत स्तर की दादागिरी और स्थानीय टीएमसी कैडर से नाराजगी निर्णायक रही। पश्चिमी औद्योगिक पट्टी आसनसोल, दुर्गापुर और बैरकपुर जैसे इलाकों में भाजपा ने बंद मिलों, नौकरी, लॉजिस्टिक्स हब और सिंडिकेट राज के खिलाफ अभियान चलाया। हर क्षेत्र में अलग रणनीति, कहीं ध्रुवीकरण तो कहीं रोजगार मुद्दा बंगाल का राजनीतिक भूगोल बदल गया। 2021 में भाजपा उत्तर बंगाल, जंगलमहल और मतुआ बेल्ट में सिमटी थी। इस बार टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल में भी भगवा रंग में रंग गए। भाजपा ने हर क्षेत्र की अलग रणनीति बनाई। टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल में एंटी इंकंबेंसी, ध्रुवीकरण और गुंडागर्दी का मुद्दा उठाया। प्रेसीडेंसी में सीटें 14 से 27 तक पहुंच गईं। उत्तर बंगाल में चाय-बागान मजदूर और राजबंशी समुदाय साधा। जंगलमहल में आवास-पानी, राष्ट्रपति के अपमान जैसे मुद्दों से टीएमसी को पीछे धकेला। टीएमसी अल्पसंख्यक बेल्ट में टूटी करीब 115 सीटें मुस्लिम बहुल हैं। इनमें से 69 पर टीएमसी जीती। करीब 39 सीटें भाजपा के खाते में गईं। मुस्लिम-सेक्युलर वोट टीएमसी के पक्ष में एकजुट माने जाते रहे हैं। पर, इस बार स्थिति अलग दिखी। मालदा की 12 में से 6 और उत्तर दिनाजपुर की 9 में से 4 भाजपा के खाते में गई। इससे टीएमसी की ‘अभेद्य अल्पसंख्यक बेल्ट’ का भरोसा कमजोर हुआ। मुर्शिदाबाद जैसे कोर मुस्लिम जिलों में टीएमसी का दबदबा अभी बचा है। यहां की 22 सीटों में से टीएमसी 9 और भाजपा 8 सीटें जीती। भाजपा की असली बढ़त चार बड़े इलाकों से आई। जंगलमहल-आदिवासी बेल्ट में 40 में से करीब 36 सीटें निकालकर टीएमसी की 2021 वाली वापसी को पलट दिया। उत्तर 24 परगना में भाजपा 33 में से 18 सीटों पर पहुंची। हुगली में भाजपा ने 18 में से 16 सीटें जीत टीएमसी के दक्षिण बंगाल किले को भी झटका दिया है। नदिया में भाजपा 17 में से 14 सीटों पर विजयी रही। यहां मतुआ-नामशूद्र और सीमावर्ती हिंदू वोट निर्णायक रहे। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर भाजपा के आनंदमय बर्मन ने टीएमसी के शंकर मालाकार को 1,04,265 वोटों से हराया। राज्य में जीत का सबसे बड़ा अंतर है। लोकल नेताओं को तवज्जो, पुराने लोगों को पद देकर मैदान में उतारा भाजपा ने बंगाल में सिर्फ दिल्ली मॉडल नहीं चलाया। पुराने और वरिष्ठ नेताओं को तवज्जो दी। वाजपेयी-आडवाणी के दौर से जुड़े रहे शमिक भट्टाचार्य प्रदेशाध्यक्ष बनाए। सुवेंदु ग्रामीण बंगाल में चेहरा रहे। वहीं, भट्टाचार्य ने कोलकाता और उपनगरीय बंगाल के ‘भद्रलोक’ को जोड़ा। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष को सक्रिय किया। राहुल सिन्हा राज्यसभा सांसद बनाए। पीएम मोदी ने एक रैली में घोष से लेकर पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय तक बंगाल के वरिष्ठ नेताओं को मंच पर बुला अभिनंदन किया। ईडी 7 मामलों की जांच कर रही है, इन पर कार्रवाई तेज हो सकती है भ्रष्टाचार संबंधी मामले नई सरकार की प्राथमिकता हो सकते हैं। शिक्षक भर्ती, नगरपालिका भर्ती, राशन घोटाला, कोयला तस्करी, मवेशी तस्करी और संदेशखाली सहित कम से कम सात मामलों की जांच ईडी कर रही है। इन पर कार्रवाई में तेजी आ सकती है। पुरानी फाइलों की पड़ताल भी शुरू हो सकती है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार के समक्ष सातवां वेतन आयोग लागू करना, तीन हजार रुपए मासिक नकद सहायता और डीए देने जैसे वादों पर अमल की चुनौती भी रहेगी। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… 49 साल में पहली बार देश में लेफ्ट सरकार नहीं:1957 में केरलम में नंबूदरीपाद ने सत्ता दिलवाई; 2026 में केरलम से ही खत्म केरलम विधानसभा चुनाव में पिनराई विजयन की अगुवाई वाले लेफ्ट एलायंस LDF को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की अगुवाई वाली UDF ने 140 में से 90 से ज्यादा सीटें जीतकर 10 साल बाद सत्ता में वापसी कर ली है। पूरी खबर पढ़ें…







