Tuesday, 08 Sep 2026 | 03:33 AM

Trending :

ट्रेड यूनियन बोला-नए लेबर कोड श्रमिकों के लिए डेथ वारंट:मजदूर दिवस पर कहा- 10 हजार में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा

ट्रेड यूनियन बोला-नए लेबर कोड श्रमिकों के लिए डेथ वारंट:मजदूर दिवस पर कहा- 10 हजार में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन ने गांधी वाटिका में सभा की। इस दौरान मजदूर नेताओं ने सरकार की नीतियों और नए लेबर कोड को लेकर जमकर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने साफ मांग रखी कि काम के घंटे 8 ही रहने चाहिए और कम से कम इतना वेतन जरूर मिले जिससे घर चल सके। सभा में कामरेड विजय बैरागी और निरंजन गुप्ता ने बताया कि आज जो मजदूरों को 8 घंटे काम की सुविधा मिली है, उसके लिए शिकागो के शहीदों ने अपनी जान दी थी। उन्होंने अफसोस जताया कि आज के दौर में मजदूर एक बार फिर उन्हीं पुरानी मुसीबतों से घिर गए हैं, जिनके खिलाफ सालों पहले लड़ाई लड़ी गई थी। पुलिसिया कार्रवाई और शोषण पर नाराजगी सुनील शर्मा और नितेश यादव ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश के फैक्ट्रियों में हालात खराब हैं। आरोप लगाया गया कि जब मजदूर अपने हक की बात करते हैं, तो उन पर पुलिस का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। नेताओं ने यह भी कहा कि नीमच और आसपास के इलाकों में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, जो सरासर शोषण है। महंगाई और कम वेतन की मार कैलाश चंद्र सेन और मुकेश बाबा ने बताया कि आज के दौर में 8 से 10 हजार रुपए की सैलरी में मकान का किराया देना, बच्चों को पढ़ाना और इलाज कराना नामुमकिन हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और महंगाई का सारा बोझ मजदूरों और किसानों की कमर तोड़ रहा है। नए लेबर कोड को बताया ‘डेथ वारंट’ आशा कार्यकर्ता सुनीता धाकड़ ने साल 2025 से लागू हुए चार नए लेबर कोड पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने इसे मजदूरों के लिए ‘डेथ वारंट’ (मौत का फरमान) बताते हुए कहा कि इससे पक्की नौकरियां खत्म हो जाएंगी और मजदूर पूरी तरह से ठेकेदारों के रहमोकरम पर बंधुआ बनकर रह जाएंगे। किसान और मजदूर मिलकर लड़ेंगे लड़ाई आखिर में युवा किसान नेता राधेश्याम नागदा ने कहा कि जिस तरह किसानों ने लंबी लड़ाई लड़कर कृषि कानून वापस कराए थे, अब वैसे ही मजदूर और किसान मिलकर सरकार की इन नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। सभा में बड़ी संख्या में मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया आरोप है कि 20 अप्रैल को जब गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने गुना आए थे, तभी उनके बेटों ने उन्हें अगवा कर लिया और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि बेटों का मकसद था कि गंगाराम 30 अप्रैल की कोर्ट तारीख पर उपस्थित न हो सकें, जिससे वे जमीन पर कब्जा कर सकें। जगदीश रघुवंशी ने गंगाराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब वह तलाश करते हुए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। केंद्र मैनेजर बोले- नशे की हालत में लाए गए थे मामले में नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को उनके बेटे लेकर आए थे और वह नशे की हालत में थे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया गया था। हालांकि बाद में परिजनों की आपत्ति पर गंगाराम को उनकी इच्छा अनुसार छोड़ दिया गया। वहीं नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद गंगाराम रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें जबरन वहां भर्ती कराया गया।

बुरहानपुर विधायक चिटनिस ने फोफनार क्षेत्र का निरीक्षण किया:5-7 गांवों में कम वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या पर अफसरों से चर्चा

बुरहानपुर विधायक चिटनिस ने फोफनार क्षेत्र का निरीक्षण किया:5-7 गांवों में कम वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या पर अफसरों से चर्चा

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को लेकर शुक्रवार दोपहर फोफनार और तुरकगुराड़ा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और बड़गांव से तुरकगुराड़ा ग्रिड तक 33 केवी विद्युत लाइन के अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। फोफनार स्थित विद्युत केंद्र पर अत्यधिक दबाव के कारण आसपास के 5 से 7 गांवों में कम वोल्टेज, बिजली के उतार-चढ़ाव और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। इससे किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधायक अर्चना चिटनिस के प्रयासों से वर्ष 2018 में तुरकगुराड़ा में 33-11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। लगभग 2.25 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण पूरा हो चुका है। शुरुआत में शासकीय भूमि उपलब्ध न होने के कारण परियोजना में देरी हुई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से भूमि उपलब्ध कराकर कार्य पूर्ण कराया गया। विधायक ने तकनीकि सुधारों के निर्देश दिए वर्तमान में फोफनार ग्रिड से तुरकगुराड़ा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन अत्यधिक लोड के कारण वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसलिए बड़गांव से तुरकगुराड़ा तक 33 केवी लाइन का शीघ्र पूरा होना आवश्यक है, ताकि लोड संतुलित हो सके और विद्युत आपूर्ति में सुधार आए। उपकेंद्र के पूरी तरह से चालू होने के बाद बड़सिंगी, मैथा खारी, भावसा, एकझिरा, चिड़ियापानी, बोरगांव, संग्रामपुर, पिपरी सहित कई गांवों को स्थिर और सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, नितिन महाजन, दत्तु महाजन, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कुंवरसिंह मालवीय, कार्यपालन यंत्री जितेंद्र कुमार पाल, कनिष्ठ यंत्री नसीम अंसारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विधायक चिटनिस ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और तकनीकी सुधारों के निर्देश भी दिए। बिजली आपूर्ति आवश्यक उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर क्षेत्र में केला, गन्ना, कपास और हल्दी जैसी नकदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, जिसके लिए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कंप्रेशर टंकी फटने से पंचर दुकानदार की मौके पर मौत:सतना में हवा भरते समय धमाका, अधिक दबाव से हादसे की आशंका

कंप्रेशर टंकी फटने से पंचर दुकानदार की मौके पर मौत:सतना में हवा भरते समय धमाका, अधिक दबाव से हादसे की आशंका

सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के राजौला में शुक्रवार दोपहर एक हादसा हुआ। बाइक में हवा भरते समय कंप्रेशर टंकी फटने से 42 वर्षीय रामकिशोर प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रामकिशोर प्रजापति राजौला के वार्ड नंबर 12 स्थित हनुमान मंदिर के पास कई सालों से मड़ैया में कंप्रेशर मशीन लगाकर वाहनों के पंचर बनाने का काम करते थे। दोपहर में वह एक बाइक के टायर में हवा भरकर पंचर जांच रहे थे। इसी दौरान, जब वह मड़ैया के अंदर कंप्रेशर मशीन की नॉब बंद करने गए, तो अचानक कंप्रेशर टंकी में जोरदार धमाका हो गया। रामकिशोर की मौके पर ही मौत धमाका इतना तेज था कि कंप्रेशर मशीन के चीथड़े उड़ गए और रामकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक चालक बाल-बाल बच गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बाइक चालक के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कंप्रेशर टंकी में हवा का दबाव अधिक होने के कारण यह घटना हुई।

राजगढ़ में अनाज उठाव धीमा पड़ने पर कलेक्टर का अल्टीमेटम:दो दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो होगी निलंबन की कार्रवाई

राजगढ़ में अनाज उठाव धीमा पड़ने पर कलेक्टर का अल्टीमेटम:दो दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो होगी निलंबन की कार्रवाई

राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी अब प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है। खरीदी केंद्रों पर अनाज का उठाव धीमा होने से बिगड़ते हालात को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई जिला उपार्जन समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि अगले दो दिनों के भीतर लंबित उठाव हर हाल में पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने विशेष रूप से खुले खरीदी केंद्रों से कम उठाव पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डीएम नॉन के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम में ढिलाई करने वालों को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। बैठक में राजगढ़, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा क्षेत्रों में धीमी परिवहन व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। कलेक्टर ने ट्रकों की संख्या बढ़ाने और चालान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में अनाज खरीदी केंद्रों पर रुका नहीं रहना चाहिए। अनुशासनहीनता पर भी सख्ती बरती गई। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिला विपणन अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। कुल मिलाकर, प्रशासन ने यह साफ संकेत दे दिया है कि उपार्जन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। प्रशासन का मुख्य ध्यान समय पर उठाव, बेहतर परिवहन और किसानों को बिना किसी परेशानी के भुगतान सुनिश्चित करना है।

किसी को छुट्टी का इंतजार तो किसी को सैलरी का:मजदूर दिवस पर पेश है कॉर्पोरेट मजदूरों की जिंदगी, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो

किसी को छुट्टी का इंतजार तो किसी को सैलरी का:मजदूर दिवस पर पेश है कॉर्पोरेट मजदूरों की जिंदगी, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो

मजदूर शब्द सुनते ही पसीने से लथपथ धूप में सीमेंट की बोरियां उठाते, तो कहीं खेतों में कुदाल चलाते श्रमिकों का चेहरा तो सभी को याद आता है। हां, ये वो श्रमिक हैं जिनके पसीने से देश चलता है। लेकिन एक और मजदूर वर्ग है, जिसे शायद खुद ये एहसास काफी देरी से हुआ कि वो मजदूर है। हां, इस मजदूर को पसीना कम आता है, पीठ पर सीमेंट की बोरियों की जगह लैपटॉप का बस्ता है, लेकिन है तो ये भी मजदूर ही। इसकी भी दिहाड़ी लेट आने पर कटती है। तो इस मजदूर दिवस पर देखें कि आखिर एक कॉर्पोरेट मजदूर को क्या चाहिए…

खंडवा में मजदूर दिवस पर MR संगठन का प्रदर्शन:बोलें- केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानून खत्म किए, चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया

खंडवा में मजदूर दिवस पर MR संगठन का प्रदर्शन:बोलें- केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानून खत्म किए, चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया

1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मप्र मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (MR) खंडवा के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर श्रम कार्यालय पहुंचकर श्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव उपस्थित रहे और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों पर विरोध जताया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व के 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया गया है। उनका आरोप है कि इन नए श्रम कोड्स के लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और शोषण की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से नौकरी की सुरक्षा, कार्य समय, वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञापन के माध्यम से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने सरकार से मांग की कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए इन लेबर कोड्स पर पुनर्विचार किया जाए और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस दौरान यूनिट के अध्यक्ष अनूप फुलमाली, सचिव नवीन आरतानी, वरिष्ठ सदस्य देवेंद्रसिंह सोलंकी, सह सचिव अंकित महेश्वरी, उपाध्यक्ष गुलनाज सिद्दीकी, गौरव सोनी, अंजलि महाजन, सुनील गोस्वामी, शक्ति सिंह सोलंकी, अंकित शहापुरकर, मनीष खेतवास, ऋषदीप और चेतन राठौर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

ममता बनर्जी के ईवीएम स्ट्रांगरूम के औचक दौरे के बाद कोलकाता पुलिस ने सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया | भारत समाचार

US President Donald Trump said negotiations with Iran are progressing behind closed doors and insisted that only a small circle inside his administration knows the true status of the talks. (Reuters)

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 15:37 IST इससे एक दिन पहले सीएम ममता बनर्जी ने भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम का दौरा किया था और आरोप लगाया था कि बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी गुरुवार को भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम में। (पीटीआई) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए वोटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने कम से कम सात क्षेत्रों में सभी सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, जहां हाई-वोल्टेज विधानसभा चुनाव के बाद वोटों की गिनती शुरू होने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने शहीद खुदीराम बोस रोड, जज कोर्ट रोड, जादवपुर, डायमंड हार्बर रोड, लॉर्ड सिन्हा हॉल, नरेश मित्रा सारणी (बेलताला रोड) और प्रमथेश बरुआ सारणी में निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। इससे पहले, ममता बनर्जी ने कोलकाता के भबनीपुर स्ट्रांगरूम का दौरा किया और वहां लगभग चार घंटे बिताए, उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग ने मिलकर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की है। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की ईवीएम अनियमितताएं, जैसे वोटिंग मशीनों या मतगणना प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़, का सामना “जीवन और मृत्यु” की लड़ाई से किया जाएगा। यह भी पढ़ें: ममता ने लगाया ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप, दी ‘जिंदगी और मौत’ की लड़ाई की चेतावनी, बीजेपी ने इसे ‘नाटकबाजी’ बताया एक वायरल वीडियो में मध्य कोलकाता में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया, जहां सभी सात उत्तरी कोलकाता विधानसभा सीटों की ईवीएम रखी गई हैं। इस बीच, भाजपा ने ममता बनर्जी के भबनीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम के दौरे की आलोचना की और उनकी “आज शाम की नाटकीयता शायद पश्चिम बंगाल के लिए सबसे स्पष्ट एग्जिट पोल है”। 4 मई को मतदान के नतीजों से पहले राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी ने एक वीडियो प्रसारित किया जिसमें चुनाव सामग्री के प्रबंधन में बड़ी खामियों का आरोप लगाया गया। चुनाव आयोग ने मतदान में छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया इस बीच, भारत के चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित रहे। इसमें कहा गया है कि मतदान के बाद उम्मीदवारों, उनके एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षक की उपस्थिति में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रांगरूम को सील कर दिया गया। यह भी पढ़ें: मोदी या ममता, बंगाल ने किसे वोट दिया? एग्जिट पोल, अमेरिकी सट्टेबाजी बोर्ड और गुलाल की बिक्री क्या संकेत दे रही है? पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी टीएमसी के दावों को खारिज करते हुए कहा, “बुधवार को मतदान समाप्त होने के बाद, सभी स्ट्रॉन्ग-रूम को संबंधित उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में उचित रूप से बंद कर दिया गया और सील कर दिया गया। आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम गुरुवार सुबह 5.15 बजे बंद कर दिया गया।” पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भबनीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि किसी भी अनियमित गतिविधि को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को “निगरानी में रखा गया है”। यह भी पढ़ें: ‘कड़ी निगरानी में’: सुवेंदु ने दावा किया कि चुनाव नतीजों से पहले सीएम ममता पर नजर रखी जा रही है चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ममता बनर्जी के ईवीएम स्ट्रांगरूम के औचक दौरे के बाद कोलकाता पुलिस ने सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कोलकाता पुलिस(टी)ममता बनर्जी ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप(टी)कोलकाता वोट काउंटिंग(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)भारत का चुनाव आयोग(टी)ईवीएम हेरफेर के दावे(टी)भबानीपुर स्ट्रॉन्गरूम सुरक्षा(टी)खुदीराम अनुशीलन केंद्र(टी)ममता बनर्जी भवानीपुर

डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर:धार में दीनदयाल रसोई में जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया

डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर:धार में दीनदयाल रसोई में जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया

धार में स्वर्गीय डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सेवा और समर्पण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और दीनदयाल रसोई योजना के तहत जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया। डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर सेवालय ट्रस्ट द्वारा हटवाड़ा स्थित सेवालय क्लीनिक में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के चिकित्सक डॉ. मुकेश चौहान ने 55 मरीजों का परीक्षण कर उपचार दिया। शिविर में मरीजों की बीपी और शुगर की जांच भी नि:शुल्क की गई। एडवोकेट सुहेल निसार के सहयोग से दीनदयाल रसोई योजना में तिथि भोज आयोजित किया गया। ट्रस्ट सदस्यों ने स्वर्गीय डॉ. ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित कर जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में ट्रस्ट संरक्षक डॉ. शरद विजयवर्गीय, एडवोकेट सुहेल निसार और अन्य अतिथियों ने स्वर्गीय डॉ. ठाकुर के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। वक्ताओं ने उनके सेवा कार्यों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने जीवनभर गरीब और जरूरतमंदों की सेवा की। कोरोना काल में भी उन्होंने निस्वार्थ भाव से उपचार किया और इसी दौरान संक्रमित होकर प्राण त्याग दिए। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता, ट्रस्ट सदस्य और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय डॉ. ठाकुर के सेवा भाव को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन ईश्वर सिंह ठाकुर ने किया, जबकि आभार अजय सिंह ठाकुर ने व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्य जारी रखे जाएंगे।

कुनिका सदानंद ने दरगाह वाले वीडियो पर रिएक्ट किया:भागवत कथा में जाने का वीडियो शेयर कर कहा- मजार, मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे सभी जगह जाती हूं

कुनिका सदानंद ने दरगाह वाले वीडियो पर रिएक्ट किया:भागवत कथा में जाने का वीडियो शेयर कर कहा- मजार, मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे सभी जगह जाती हूं

टीवी शो बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट और एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने हाल ही में वायरल हुए उनके दरगाह पर चादर चढ़ाने वाले एक वीडियो पर रिएक्शन दिया। दरअसल, कुनिका सदानंद की एक पोस्ट में एक यूजर ने X पर कमेंट करते हुए एक्ट्रेस का मजार में चादर चढ़ाने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मजार जाने वालों को मंदिर जाने वालों से दिक्कत होगी… तुम बस एक गुलाम हो… हम तुम्हारा दर्द समझ सकते हैं… दूसरा दर्द ये है कि कुमार सानू बीजेपी में शामिल हो गए। जवाब में कुनिका ने वीडियो शेयर किया इसके जवाब में कुनिका सदानंद ने एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में वह भागवत कथा में शामिल होती और लोगों को खाना परोसती नजर आईं। साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं मजार भी जाती हूं, मंदिर भी जाती हूं, चर्च और गुरुद्वारे भी जाती हूं और हां, भागवत कथा भी सुनती हूं।। इससे पहले कुनिका सदानंद ने पीएम मोदी के वीडियो पर रिएक्ट करते हुए कहा, यह बहुत ही बेकार बात है। मुझे शर्म आती है कि मेरे प्रधानमंत्री इन सब फालतू चीजों में व्यस्त हैं। मणिपुर के आसपास फुटबॉल खेलने का समय है, लेकिन मणिपुर जाने का समय नहीं है। उन्होंने आगे लिखा था, आप क्यों डर रहे हैं, प्रधानमंत्री जी? अब आपके पास अपना मुख्यमंत्री है, वो आपकी सुरक्षा कर सकता है। ओह, मैं भूल गई… अगर आप जाएंगे तो आपसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछे जाएंगे, जिनका शायद आपके पास जवाब नहीं होगा। शर्म की बात है सर… क्या यही बदलाव का वादा आपने 12 साल पहले किया था?