Tuesday, 08 Sep 2026 | 04:49 PM

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अमेरिका ट्रम्प के तस्वीर वाले पासपोर्ट जारी करेगा:आजादी की 250वीं वर्षगांठ पर लिमिटेड एडिशन मिलेगा, ट्रम्प का गोल्डन सिग्नेचर भी दिखेगा

अमेरिका ट्रम्प के तस्वीर वाले पासपोर्ट जारी करेगा:आजादी की 250वीं वर्षगांठ पर लिमिटेड एडिशन मिलेगा, ट्रम्प का गोल्डन सिग्नेचर भी दिखेगा

अमेरिका अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले खास पासपोर्ट जारी करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को बताया कि यह लिमिटेड एडिशन नए डिजाइन वाले अमेरिकी पासपोर्ट इस गर्मियों से जारी किए जाएंगे। साथ ही इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प का गोल्डन सिग्नेचर भी होगा। अधिकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन पासपोर्ट एजेंसी से इन पासपोर्ट्स की शुरुआत होगी। वहां व्यक्तिगत रूप से पासपोर्ट रिन्यू कराने वालों को यही डिफॉल्ट पासपोर्ट मिलेगा। हालांकि, ऑनलाइन आवेदन करने वालों और अन्य केंद्रों पर मौजूदा डिजाइन जारी रहेगा। स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि, अमेरिका ये पासपोर्ट कस्टमाइज्ड आर्टवर्क और बेहतर इमेजरी के साथ आएंगे, लेकिन इनकी सुरक्षा वही रहेगी, जो अमेरिकी पासपोर्ट को दुनिया के सबसे सुरक्षित दस्तावेजों में से एक बनाती है। यह पासपोर्ट सीमित संख्या में जारी किए जाएंगे, लेकिन कितने जारी होंगे, यह अभी साफ नहीं है। पासपोर्ट के पीछे ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पेंटिंग होगी पासपोर्ट के पीछे के कवर पर जॉन ट्रंबुल की पेंटिंग ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ की तस्वीर होगी। यह मशहूर पेंटिंग 1776 के उस पल को देखाती है जब अमेरिकी नेताओं ने पहली बार स्वतंत्रता का दस्तावेज कांग्रेस (अमेरीकी संसद) में पेश किया था। यह पेंटिंग अमेरिकी इतिहास का प्रतीक मानी जाती है और वॉशिंगटन डीसी के कैपिटल बिल्डिंग में भी लगी है। अभी जो अमेरिकी पासपोर्ट जारी होते हैं, उनके अंदर के फ्रंट कवर पर पर्सी मोरन की पेंटिंग होती है, जिसमें फ्रांसिस स्कॉट की फोर्ट मैकहेनरी पर हमले के बाद की सुबह दिखाई गई है। इसी घटना से अमेरिकी राष्ट्रगान लिखे जाने की प्रेरणा मिली थी और उसकी कुछ पंक्तियां भी अंदर छपी होती हैं। कई अन्य स्मारक चीजों पर भी ट्रम्प की तस्वीर ट्रम्प की तस्वीर का इस्तेमाल अन्य स्मारक चीजों में भी किया जा रहा है। इससे पहले, इंटीरियर डिपार्टमेंट ने नेशनल पार्क पास के नए डिजाइन पेश किए थे, जिनमें एक पास पर ट्रम्प और जॉर्ज वॉशिंगटन की तस्वीर साथ में है। सेक्रेटरी डग बर्गम ने कहा था कि यह पास अमेरिका की 250वीं सालगिरह और देश की जमीन की रक्षा करने वाली पीढ़ियों को सम्मान देने के लिए है। वहीं, पिछले महीने ट्रम्प की अगुआई वाली कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स ने ट्रम्प की तस्वीर वाले एक स्मारक सिक्के को भी मंजूरी दी है। ईरान का तंज- सिर्फ 250 साल पुराने पासपोर्ट को धरोहर बता रहे अमेरिका में नए पासपोर्ट डिजाइन के ऐलान के बाद मुंबई स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर तंज कसा। दूतावास ने X पर एक पारंपरिक घड़े ‘आफताबेह’ की तस्वीर शेयर की और लिखा कि अमेरिका 250 साल पुराने पासपोर्ट को ऐसे पेश कर रहा है, जैसे वह कोई बेहद पुरानी धरोहर हो, जबकि ईरान से 2,600 साल पुराना आफताबेह दिखा रहा है। इसके अलावा दूतावास ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए लिखा कि पासपोर्ट पश्चिमी आविष्कार है। उन्होंने कहा कि हम पहले आजाद थे, सम्मान के साथ मिलते थे, फिर वे आए, लूट भी लिया और लाइन में खड़ा भी कर दिया। क्या पासपोर्ट पर राष्ट्रपति की तस्वीर सामान्य है पासपोर्ट में किसी मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर लगाना आम बात नहीं है। ज्यादातर देशों में पासपोर्ट को एक न्यूट्रल और स्थायी पहचान दस्तावेज माना जाता है, इसलिए उसमें राजनीति से दूरी रखी जाती है। आमतौर पर इसके पन्नों पर राष्ट्रीय प्रतीक, ऐतिहासिक जगहें या संस्कृति से जुड़ी तस्वीरें होती हैं। अमेरिका में भी अब तक यही परंपरा रही है। वहां पासपोर्ट के अंदर फोर्ट मैकहेनरी जैसे ऐतिहासिक स्थलों या आजादी से जुड़े विजुएलस दिखाए जाते हैं। किसी राष्ट्रपति की तस्वीर को डिजाइन में शामिल करना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। फ्लोरिडा एयरपोर्ट का नाभ भी ट्रम्प के नाम पर इससे पहले, अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर भी राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का प्रस्ताव पेश किया गया था। जिसके बाद फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने बिल पर हस्ताक्षर कर पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ करने की मंजूरी भी दे दी है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की मंजूरी मिलने पर 1 जुलाई से यह नाम लागू हो सकता है। ऐसा होने पर ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जिनके कार्यकाल के दौरान ही उनके नाम पर एयरपोर्ट रखा जाएगा। ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे संस्थान एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। जैसे कि- ट्रम्प के सिग्नेचर वाली नोट भी आएगी इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोटों पर छापे जाएंगे। नए नोटों के छपने से 1861 से चली आ रही 165 साल पुरानी परंपरा भी टूटे जाएगी। अब तक नोटों पर सिर्फ वित्त मंत्री और अमेरिका के ट्रेजरर के साइन होते थे। इनमें से कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर को हटा दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ट्रम्प और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर वाले पहले 100 डॉलर के नोट जून में छापे जाएंगे और बाकी नोट आने वाले महीनों में छापे जाएंगे। —————————- ये खबर भी पढ़ें… ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे NPT के 11वें रिव्यू कॉन्फ्रेंस में लिया गया। यह कॉन्फ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम ‘गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप’ की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं। पूरी खबर पढ़ें…

राघव चड्ढा पर नवजोत कौर का दावा:प्रियंका चोपड़ा ने राघव को BJP जॉइन कराई; सीनियर लीडर्स से की थी सिफारिश

राघव चड्ढा पर नवजोत कौर का दावा:प्रियंका चोपड़ा ने राघव को BJP जॉइन कराई; सीनियर लीडर्स से की थी सिफारिश

पंजाब की पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा को लेकर कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने बीजेपी के सीनियर लीडर्स से राघव चड्ढा का बचाव करने की गुजारिश की थी। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इसी सिफारिश के बाद राघव चड्ढा की भाजपा में एंट्री की जमीन तैयार हुई और उन्हें केंद्रीय एजेंसियों की जांच से बचाया गया। राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर थी। परिणीति की मदद के लिए प्रियंका का दखल इंटरव्यू में नवजोत कौर ने बताया कि जब राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच संबंध बिगड़ने लगे, तब परिणीति चोपड़ा ने अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा से मदद मांगी थी। परिणीति को डर था कि राघव को पार्टी से निकाला जा सकता है और उन्हें ED/CBI की जांच का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद प्रियंका ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर भाजपा के सीनियर नेताओं से बात कर राघव के लिए सुरक्षा घेरा तैयार किया। ED-CBI की जांच से बचने का आरोप नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया कि इसी ‘पॉलिटिकल सेटिंग’ की वजह से अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा की आलोचना करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राघव को पहले ही एहसास हो गया था कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देगी, इसलिए प्रियंका ने पारिवारिक सपोर्ट देते हुए उनकी मदद की। सिद्धू के मुताबिक, राघव चड्ढा को एजेंसियों की कार्रवाई से बचाने में प्रियंका चोपड़ा का बड़ा हाथ है। ‘मलाई खाई और अब बोल रहे’ पॉडकास्ट के दौरान नवजोत कौर काफी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने राघव चड्ढा की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें दो साल पहले ही बोलना चाहिए था। सिद्धू ने तंज कसते हुए कहा, “इन्होंने पहले सत्ता की मलाई खाई और अब बोल रहे हैं।” उन्होंने राघव की चुप्पी और भाजपा के साथ उनके कथित गुप्त समझौतों को लेकर कई सवाल उठाए और इसे एक बड़ा सियासी खेल बताया।

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

आईपीएल 2026 में आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच खेला जाएगा। आज फिर सबकी नजरें हैदराबाद से खेल रहे बिहार के खिलाड़ी ईशान किशन पर रहेंगी। आज के मुकाबले में ईशान की बल्लेबाजी SRH के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। ईशान किशन ने IPL 2026 के जारी सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी (स्टैंड-इन कप्तान) करते हुए अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी से कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। IPL 2026 में ईशान किशन का प्रदर्शन रन: 7 मैच में 238 रन औसत और स्ट्राइक रेट: बल्लेबाजी औसत 34.00 और स्ट्राइक रेट 188.88 अर्धशतक: 2 सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 91 रन हालिया मैच: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 31 गेंदों में 11 चौकों और 3 छक्कों से 74 रन वानखेड़े में रन बरसने की पूरी उम्मीद मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। यह मैदान हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए जाना जाता है और यहां की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका देती है। अब तक यहां खेले गए कई मुकाबलों में 200+ स्कोर देखने को मिले हैं, जिससे साफ है कि आज भी रन बरसने की पूरी उम्मीद है। मौसम रहेगा साफ, बारिश की कोई आशंका नहीं मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, यानी खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। अगर टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस इस सीजन में संघर्ष करती दिखी है। टीम को 7 में से 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है और वह पॉइंट्स टेबल में निचले पायदान पर है। हालांकि, रोहित शर्मा की संभावित वापसी टीम के लिए बड़ी राहत हो सकती है। दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद शानदार फॉर्म में है और लगातार 4 मैच जीतकर टॉप-3 में अपनी जगह मजबूत कर चुकी है। हेड टू हेड में मुंबई का पलड़ा भारी हेड-टू-हेड आंकड़ों में भी मुंबई इंडियंस का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 25 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई ने 14 और हैदराबाद ने 10 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। वानखेड़े में भी मुंबई का रिकॉर्ड बेहतर है, जहां 9 मुकाबलों में से 7 में उसे जीत मिली है। इस सीजन के प्रदर्शन की बात करें तो हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा टॉप स्कोरर हैं, जिन्होंने 8 मैचों में 380 रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में ईशान malinha ने 14 विकेट लेकर टीम को मजबूती दी है। दूसरी तरफ मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने मिडिल ऑर्डर में अहम योगदान दिया है, जबकि अश्वनी कुमार ने कम मैचों में ही गेंदबाजी से असर छोड़ा है।

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में 30 वर्षीय युवक अनिल दहायत का शव ककरन तलैया के पास संदिग्ध अवस्था में मिला। बुधवार, 29 अप्रैल को मिले इस शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए हैं। मृतक अनिल दहायत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके निधन से उसकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के पिता बैजू दहायत ने गांव के चार व्यक्तियों पर अनिल की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अनिल मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह गांव वालों ने उन्हें तलैया के पास शव मिलने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि अमानगंज थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में अनिल दहायत नामक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर तालाब के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। एसडीओपी के अनुसार, युवक के शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और घटना के समय उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने के सबूत मिले हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और गहन जांच जारी है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।

समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अड़चनें:पंजीयन के बाद भी स्लॉट नहीं मिलने से किसान नाराज, भावांतर की भी मांग

समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अड़चनें:पंजीयन के बाद भी स्लॉट नहीं मिलने से किसान नाराज, भावांतर की भी मांग

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी को लेकर किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में लागू स्लॉट बुकिंग व्यवस्था उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई है। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के किसानों का चना पिपलियामंडी स्थित विपणन सहकारी समिति के माध्यम से खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि पंजीयन होने के बावजूद उन्हें स्लॉट बुकिंग नहीं मिल पा रही है, जिससे वे अपनी उपज बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। कई बार प्रयास के बाद भी स्लॉट नहीं मिलने से बार-बार नई तारीख दी जा रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंजीयन के बाद भी क्यों नई प्रक्रिया? राजेश शर्मा दोबड़ा, रुपसिंह शक्तावत, कृपाल सिंह रिंच्छा, अनिल प्रजापत (खेड़ाखादान) सहित अन्य किसानों ने बताया कि कई कोशिशों के बाद भी स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। अधिकारियों द्वारा 6 मई से स्लॉट बुकिंग शुरू होने की बात कही जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का सवाल है कि जब पंजीयन पहले ही हो चुका है, तो स्लॉट बुकिंग जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया क्यों लागू की गई है। जांच और सख्ती से बढ़ी देरी किसानों ने खरीदी केंद्रों पर अत्यधिक सख्ती और बार-बार जांच किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इससे खरीदी प्रक्रिया में देरी हो रही है और उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है। आर्थिक दबाव में बढ़ रही परेशानी किसानों का कहना है कि शादी-ब्याह, बच्चों की फीस और घरेलू खर्च जैसी जिम्मेदारियों के चलते उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती है। ऐसे में स्लॉट बुकिंग जैसी जटिल प्रक्रिया उन्हें और अधिक परेशानी में डाल रही है, जिसका सीधा फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। ओलावृष्टि से नुकसान का नहीं मिला मुआवजा किसानों ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि प्रभावित किसानों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही बीमा राशि का भुगतान किया गया है। यह हैं किसानों की मांग चने की खरीदी समर्थन मूल्य के बजाय भावांतर योजना के तहत की जाए। स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जाए या समाप्त किया जाए। पंजीयन के बाद सीधे खरीदी की व्यवस्था लागू हो। ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा और बीमा राशि दी जाए।

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे NPT के 11वें रिव्यू कॉन्फ्रेंस में लिया गया। यह कॉन्फ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम ‘गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप’ की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं। अमेरिका के एक अधिकारी क्रिस्टोफर येओ ने इसे NPT के लिए अपमान बताया। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उसे इस संगठन का अहम पद देना सही नहीं है। वही ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका, जो खुद परमाणु हथियार इस्तेमाल कर चुका है और लगातार अपने हथियार बढ़ा रहा है, उसे दूसरों को सीख देने का हक नहीं है। NPT कैसे काम करता है परमाणु अप्रसार संधि 1970 में लागू हुई थी। यह दुनिया में परमाणु हथियारों को फैलने से रोकने की सबसे अहम व्यवस्था मानी जाती है। इस संधि का एक सीधा सौदा है, जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे इन्हें नहीं बनाएंगे और जिनके पास हैं, वे धीरे-धीरे उन्हें खत्म करेंगे। इसके बदले सभी देशों को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक इस्तेमाल करने का अधिकार मिलता है। यह संधि 1968 में शुरू हुई और 1970 से लागू हुई। आज संयुक्त राष्ट्र के 195 में से 191 देश इस संधि का हिस्सा हैं। भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान इसमें शामिल नहीं हैं। 5 देशों को आधिकारिक परमाणु ताकत माना गया है। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। बाकी सभी देशों को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं है। यह संधि तीन चीजों पर टिकी है- 1. परमाणु हथियार न फैलें 2. हथियार कम किए जाएं 3. शांतिपूर्ण उपयोग हो इन सब चीजों की निगरानी परमाणु ऊर्जा निगरानी संगठन (IAEA) करता है। NPT का दूसरा मकसद नाकाम हो रहा समस्या यह है कि संधि का शांतिपूर्ण उपयोग वाला हिस्सा तो ठीक चल रहा है लेकिन हथियार कम करने वाला हिस्सा लगभग फेल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े देश अपने परमाणु हथियार घटाने के बजाय उन्हें और आधुनिक बना रहे हैं, खासकर चीन। साथ ही, कुछ का कहना है कि नियम सभी देशों पर बराबर लागू नहीं होते, जिससे छोटे देशों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं चार देश (भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान) शुरू से ही इस संधि का हिस्सा नहीं बने। उत्तर कोरिया पहले इसमें शामिल था, लेकिन 2003 में बाहर निकल गया और बाद में परमाणु परीक्षण भी किए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इजराइल NPT में नहीं है, फिर भी उसके पास परमाणु हथियार हैं और वह एक ऐसे देश (ईरान) पर हमला कर रहा है जो NPT का मेंबर है। भारत और पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया था। इजराइल के पास भी परमाणु हथियार माने जाते हैं, लेकिन वह खुलकर स्वीकार नहीं करता और NPT में भी शामिल नहीं है। ईरान NPT का शुरुआती मेंबर, अब परमाणु हथियार बनाने के आरोप ईरान ने 1968 में ही इस संधि पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उसका परमाणु कार्यक्रम विवादों में आ गया। हालांकि ईरान अभी भी NPT का हिस्सा है, लेकिन उस पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि वह इसके नियमों की भावना का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने यूरेनियम को 60% तक समृद्ध किया है, जबकि सामान्य ऊर्जा के लिए 3 से 5% ही काफी होता है। ईरान हमेशा यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन पहले की रिपोर्ट्स में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि 2003 तक उसने हथियार कार्यक्रम पर काम किया था। इसी वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और हालात युद्ध तक पहुंच गए।

नरसिंहपुर में अधेड़ का फंदे पर मिला शव:लिवर की बीमारी से परेशान थे, बेटा बोले-लगातार खराब रहती थी तबीयत

नरसिंहपुर में अधेड़ का फंदे पर मिला शव:लिवर की बीमारी से परेशान थे, बेटा बोले-लगातार खराब रहती थी तबीयत

नरसिंहपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 52 साल के व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर मिला। घटना बुधवार सुबह की है। मृतक की पहचान केवल सिंह विश्वकर्मा (52) के रुप में हुई है। दो सालों से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे जानकारी के अनुसार, केवल सिंह विश्वकर्मा (52) महारानी लक्ष्मी वार्ड भाटिया टोला के निवासी थे। वह पिछले लगभग दो सालों से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी और हाल ही में उनके पेट में सूजन भी बढ़ गई थी। बेटा बोला-बीमारी के कारण परेशान थे पिता मृतक के बेटे मनीष विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार उनका इलाज करा रहा था। गुरुवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले जाने की तैयारी भी की गई थी। हालांकि, बुधवार को ही उन्होंने अपने घर पर फांसी लगाकर यह कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उन्हें देखा तो तत्काल मोहल्ले के लोगों को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का कहना है कि केवल सिंह बीमारी के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान के राइट-हैंड मैन की अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसा दावा बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजपाल यादव का किरदार सिर्फ सपोर्टिंग नहीं, बल्कि कहानी के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है। मेकर्स का मानना है कि राजपाल इस भूमिका के लिए बेस्ट हैं और सलमान खान भी उन्हें इस रोल के लिए सही पसंद मानते हैं। हालांकि, राजपाल की शूटिंग मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। उनके किरदार में कॉमिक एंगल भी होगा, जो फिल्म के सीरियस एक्शन टोन के बीच हल्का मनोरंजन जोड़ेगा। इस फिल्म से सलमान पहली बार एक्ट्रेस नयनतारा, डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर और प्रियदर्शन डायरेक्टेड फिल्म भूत बांग्ला में नजर आए, जो 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई। गौरतलब है कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो में राजपाल यादव का मजाक उड़ाए जाने के बाद सलमान खान उनके सपोर्ट में उतरे थे। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें, उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। वीडियो सामने आने के बाद सलमान ने ऑफिशियल X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” वहीं, इससे पहले चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद जब एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे, तब भी सलमान खान ने उनकी आर्थिक सहायता की थी।

राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान के राइट-हैंड मैन की अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसा दावा बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजपाल यादव का किरदार सिर्फ सपोर्टिंग नहीं, बल्कि कहानी के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है। मेकर्स का मानना है कि राजपाल इस भूमिका के लिए बेस्ट हैं और सलमान खान भी उन्हें इस रोल के लिए सही पसंद मानते हैं। हालांकि, राजपाल की शूटिंग मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। उनके किरदार में कॉमिक एंगल भी होगा, जो फिल्म के सीरियस एक्शन टोन के बीच हल्का मनोरंजन जोड़ेगा। इस फिल्म से सलमान पहली बार एक्ट्रेस नयनतारा, डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर और प्रियदर्शन डायरेक्टेड फिल्म भूत बांग्ला में नजर आए, जो 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई। गौरतलब है कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो में राजपाल यादव का मजाक उड़ाए जाने के बाद सलमान खान उनके सपोर्ट में उतरे थे। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें, उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। वीडियो सामने आने के बाद सलमान ने ऑफिशियल X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” वहीं, इससे पहले चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद जब एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे, तब भी सलमान खान ने उनकी आर्थिक सहायता की थी।

Health Tips: सिर्फ 5 दाना भिगोकर खायें ये चीज, बॉडी को मिलेगी फौलादी एनर्जी, दौड़ने पर नहीं फूलेगी सांस

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Last Updated:April 29, 2026, 13:37 IST Munakka Khane Ke Fayde: लोग अपनी सेहत को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. इसके लिए लोग दौड़ लगाते हैं, टहलते हैं और एक्सरसाइज करते हैं. हालांकि, ये सब करने में कई लोगों की सांस फूलने लगती है. ये हर उम्र के लोगों के साथ होता है. सांस फूलने की दिक्कत कई युवाओं को भी होती है. जो अलग-अलग भर्तियों की तैयारी के लिए ग्राउंड पर पसीना बहाते हैं. यदि आपको भी चलते या दौड़ते हुए सांस फूलने की दिक्कत होती है तो आज हम आपको इसका हल बताने जा रहे हैं. इसकी मदद से आपकी सांसे तेजी से नहीं फूलेंगी. इसके साथ ही आपकी बॉडी में पावर भी आ जाएगी. अगर शरीर सेहतमंद है तो आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद के पास औषधियों का खजाना है, जिनके सेवन से चुस्त-दुरुस्त रहा जा सकता है. कई फायदों से भरपूर मुनक्का भी ऐसी ही शक्तिशाली औषधि है. इसे प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है. मुनक्का शरीर को ताकत देता है, खून बढ़ाता है, स्टैमिना सुधारता है और सांस फूलने की समस्या में राहत प्रदान करता है. रोजाना इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. मुनक्का का रोजाना थोड़ी मात्रा में सेवन बेहद लाभदायी है. मुनक्का खाने से थकान, कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह फेफड़ों को मजबूत बनाने और खून बढ़ाने में विशेष रूप से फायदेमंद है. आयुर्वेद में मुनक्का को शीतल, मधुर और रसायन गुणों वाला माना गया है. यह वात-पित्त दोष को शांत करता है तथा शरीर के सूखेपन को कम करता है. आचार्य चरक ने इसे बलवर्धक और रक्तवर्धक द्रव्य बताया है, जो शरीर के सभी ऊतकों को पोषण प्रदान करता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रतिदिन 4 से 5 मुनक्का गुनगुने दूध या पानी में भिगोकर सुबह खाने से एनीमिया में अच्छा फायदा मिलता है. रात को मुनक्का को पानी में उबालकर पीने से नींद गहरी आती है और तनाव कम होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करते हैं, जो छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google बता दें कि सूखी खांसी, मुंह सूखना, थकान और गर्मी से जुड़ी समस्याओं में मुनक्का उपयोगी सिद्ध होता है. यह फेफड़ों को नरम बनाता है और राहत प्रदान करता है. साथ ही मुनक्का आयरन, कॉपर और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है, जो हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है और एनीमिया दूर करने में मदद करता है. यह ब्लड प्यूरीफिकेशन का काम करता है, जिससे थकान और चक्कर आने की समस्या धीरे-धीरे कम होती है. इसके अलावा यह प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर है जो तुरंत ग्लूकोज प्रदान कर ताकत बढ़ाता है. इसके अलावा मुनक्का शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और कई बीमारियों से बचाव में सहायक है. मुनक्का पाचन तंत्र पर भी प्रभावी है. यह कब्ज और एसिडिटी में राहत देने में मदद करता है. वहीं, आयुर्वेद में मुनक्का को उसके गुणों के कारण महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. हालांकि, कुछ सावधानियां जरूरी हैं. डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इसके अधिक सेवन से दस्त लग सकते हैं. ठंडी प्रकृति वाले लोगों को संयम से सेवन करना चाहिए. किसी भी उपयोग से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह अवश्य लें. First Published : April 29, 2026, 13:34 IST