पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्ड मतदान, पहली बार मतदान 92 फीसदी के पार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान ने इतिहास रच दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, राज्य में पहले और दूसरे चरण के बाद पहली बार मतदान का आंकड़ा 92 प्रतिशत के पार है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को 91.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। विद्युत आयोग के अनुसार, यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जो 2011 के 84.72 प्रतिशत के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है। बंगाल चुनाव में बम्पर वोट इस चुनाव में खास बात यह रही कि महिला भागीदारी में पुरुषों से ज्यादा रही। महिलाओं ने करीब 93.24 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 91.74 रहा. राज्य में मुख्य मुकाबला कैथोलिक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा गया। दोनों ने ही भारी मतदान को अपने पक्ष में सम्राट का संकेत बताया है। दक्षिण बंगाल के प्रमुख क्षेत्र कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया और उत्तर-दक्षिण 24 परगना में लंबी कतारें, राजनीतिक तनाव और चिटपुट हिंसा के बीच झड़प हुई। ये इलाक़ा पर्यटन स्थल से बेहद पुराने माने जाते हैं। नॉर्दर्न बनाम बीजेपी का मुकाबला वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर स्टॉकहाउस, स्टॉकहाउस, स्टॉकहोम और चार्ज-प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आईं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय विचारधारा के समर्थकों का आरोप लगाया, जबकि नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हतशा” बताया। कुल मिलाकर, रिकॉर्ड मतदान से यह साफ हो गया है कि इस बार का चुनाव बेहद कठिन और ठंडा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी हिस्सेदारी सत्ता परिवर्तन का संकेत बिंदु है या यूक्रेन कांग्रेस अपने शेयर बाजार में रहता है। ये भी पढ़ें: बंगाल के इन दो वोट पोल में भाजपा हुई साफ, ममता बनर्जी की फिर से बनी रही सरकार
पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी की 30 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में एक अलग-अलग चुनावी पोल सामने आया है और अब एक साझा रुझान की ओर इशारा किया जा रहा है। ‘पोल ऑफ पोल्स’ के सम्मिलित विश्लेषण में एनडीए स्पष्ट बढ़त के साथ उभरता दिख रहा है। 30 विधानसभा वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है और ज्यादातर सर्वे एनडीए को इस आंकड़े के पार ले नजर आ रहे हैं. एनडीए की मजबूत स्थिति तीन प्रमुख विचारधारा एक्सिस माय इंडिया, पीपल्स पल्स और प्रजा पोल के आंकड़ों पर नजर डालें तो एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है। एक्सिस माई इंडिया के अनुसार एनडीए को 16 से 20 प्रवेश मिल सकते हैं, जिससे वह बहुमत के करीब या शीर्ष पर पहुंच जाएगी। पीपल्स पल्स भी एनडीए को 16 से 20 फ़्रैंचाइज़ी के फ़्लोरिडा में ले जाता है, जबकि प्रजा पोल सबसे बड़ा अनुमान देता है कि एनडीए 19 से 25 फ़्लोरिडा तक पहुँच रहा है। इन त्रिस्तरीय सर्वेक्षण का औसत यही संकेत देता है कि एनडीए पुडुचेरी में सरकार बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस गठबंधन पीछे, लेकिन उम्मीद है दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन इन अध्ययनों में पीछे नजर आ रहा है। एक्सिस माय इंडिया उसे 6 से 8 दर्शन देता है, जबकि पीपुल्स पल्स के अनुसार उसे 10 से 12 प्रवेश मिल सकते हैं, जो उसके लिए थोड़ा बेहतर संकेत है। प्रजा पोल का अनुमान 6 से 10 के बीच है। कुल मिलाकर कांग्रेस गठबंधन के लिए चित्र-चित्र दिखाई दे रहे हैं, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में उन्हें कांग्रेस गठबंधन तक पहुंचने की संभावना भी बताई जा रही है। TVK की सीमित लेकिन महत्वपूर्ण भूमिकाइस चुनाव में एक दिलचस्प तथ्य TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) का भी परिचय है। एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक उसे 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन पीपल्स पल्स और प्रजा पोल दोनों ही उसे कोई सीट नहीं देते। इसका संकेत यह है कि टीवीके का प्रभाव सीमित रह सकता है और वह कुछ चुनिंदा स्पीकर तक ही सीमित रह सकता है। अन्य विद्वानों की भूमिका भी अहमअन्य आश्रम और आश्रमों में 0 से 3 आश्रम जाने का अनुमान है। संख्या भले ही कम हो, लेकिन कुल मिलाकर एकजुटता सरकार बनाने के अनुपात को प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषण: छोटे राज्यों में बड़ा असरअलग-अलग सर्वे में बहुमत के आंकड़े में अंतर जरूर है, लेकिन रुझान एक ही दिशा में है- एनडीए बहुमत के करीब या उससे आगे। राजनीतिक सिद्धांत का मानना है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय मुद्दे, अभ्यर्थियों की छवि और कम नामांकन के गणित को तेजी से बदला जा सकता है। ऐसे में 2-3 का फर्क भी शक्ति का संतुलन बदला जा सकता है। अगर ‘पोल ऑफ डेमोक्रेटिक पोल्स’ की बात करें तो पुडुचेरी में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिख रही है। अनुमान के मुताबिक एनडीए करीब 18 सीटों पर बहुमत में है, जबकि कांग्रेस करीब 9 सीटों पर बहुमत पर नजर रख रही है। टीवीके को 2 और अन्य के 1 सीट जाने का अनुमान है, जिससे एनडीए की सरकार का गठन दिख रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एनडीए पुदुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एनडीए पुडुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)(टी)एनडीए सीटें पुडुचेरी(टी)कांग्रेस सीटें पुडुचेरी(टी)चुनाव सर्वेक्षण भारत(टी) डेल पुडुचेरी(टी)कांग्रेस पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)प्रदर्शनी पुडुचेरी(टी)कांग्रेस बढ़त पुडुचेरी
ग्वालियर में भोजपुरी अभिनेता रियाज हुसैन उर्फ राजा पर FIR:भोजपुरी मूवी के लिए किया था साइन, 2 लाख रुपए लेकर एक्टर ने नहीं दी शूटिंग की डेट

ग्वालियर में भोजपुरी फिल्म अभिनेता रियाज हुसैन उर्फ राजा भोजपुरिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। झांसी रोड थाना पुलिस ने एक फिल्म प्रोड्यूसर की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि अभिनेता ने फिल्म में काम करने के नाम पर साइनिंग अमाउंट लिया, लेकिन शूटिंग के लिए तारीख नहीं दी। शिकायतकर्ता मैसर्स मेट्रोज प्रोडक्शन के प्रोपराइटर ओमप्रकाश कुकरेजा निवासी विजय नगर हैं। उनके अधिवक्ता कांति प्रकाश मिलिंद ने बताया कि ओमप्रकाश फिल्म निर्माण का कार्य करते हैं। उन्होंने भोजपुरी अभिनेता राजा भोजपुरिया से फिल्म साइन करने के लिए संपर्क किया था। दोनों के बीच पहले से परिचय होने के कारण अभिनेता ने सहमति जताई और साइनिंग अमाउंट के रूप में रकम मांगी। किस्तों में भेजे 2 लाख रुपए शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में ओमप्रकाश ने अपने एचडीएफसी बैंक खाते से आरोपी के खाते में अलग-अलग तारीखों पर कुल 2 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसमें 20 अगस्त और 27 अगस्त 2023 को 1-1 लाख रुपए भेजे गए। इसके बाद 20 सितंबर को 50 हजार रुपए, 2 अक्टूबर को 25 हजार रुपए और 17 अक्टूबर को 25 हजार रुपए भेजे गए। शूटिंग डेट मांगने पर टालमटोल रकम भेजने के बाद प्रोड्यूसर ने फिल्म शूटिंग के लिए तारीख मांगी, लेकिन आरोपी लगातार व्यस्तता का हवाला देकर टालता रहा। कई बार संपर्क करने के बाद भी जब कोई तारीख नहीं दी गई, तब शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। पैसे मांगने पर धमकी का आरोप ओमप्रकाश का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी भड़क गया। उसने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट डालकर उनकी सामाजिक व व्यापारिक छवि खराब करने की कोशिश की। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर शिकायतकर्ता ने पहले झांसी रोड थाने में शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने रियाज हुसैन उर्फ राजा भोजपुरिया के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तुरई मूंग दाल सब्जी रेसिपी: घर पर बनाएं तुरई मूंग दाल की सब्जी, बच्चे भी शौक से खाएंगे; नोट बनाने की सबसे आसान रेसिपी

आवश्यक सामग्री: 2 तुरई, ½ कप मूंग दाल, 1 छोटा कटा प्याज, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, 1 छोटा मोटा अदरक-लहसुन पेस्ट, ½ छोटा काला हल्दी पाउडर, 1 छोटा मोटा धनिया पाउडर, छवि: फ्रीपिक ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, नमक का स्वाद, 2 बड़ा चम्मच तेल, हरा धनिया। तुरई मूंग दाल की सब्जी एक स्टेक, टेस्टी और आसान डिश है, जिसे आप रोजाना खाने में शामिल कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले मूंग दाल को धोकर 15-20 मिनट के लिए डुबाकर, ताकि वो जल्दी पक जाए। कच्चे ही में तेल गर्म करें। इसमें जीरा शामिल है। छवि: फ्रीपिक जब जीरा चटकने लगे तो मशालें पेंसिलें रंगीन होने तक भुन लें। अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च का छोटा सा टुकड़ा। फिर टमाटर डेमोक्रेट नरोत्तम तक। छवि: फ्रीपिक अब हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक अच्छी तरह मिला लें। कटी हुई तुरई और भीगी हुई मूंग दाल। सबसे अच्छा दोस्त से करें। यह सब्जी गर्मियों में शरीर को ठंडक और पोषण दोनों प्रदान करती है। छवि: एआई थोड़ा सा पानी डालें, ऊपरकर मध्यम आंच पर 10-15 मिनट तक बिग बॉस, जब तक दाल और तुरई दोनों न हो जाएं। अंत में हरा धनिया मोनोलैस गैस बंद कर दिया। छवि: फ्रीपिक गर्म-गरम तुरई मूंग दाल की सब्जी को रोटी या चावल के साथ सर्व करें. फ़्लोरिडा तो ऊपर से छोटी-छोटी घी का स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। अगर बच्चा सब्जी नहीं खाता है, तो इसे थोड़ा मैश करके पराठे के साथ लाएँ। छवि: एआई ज्यादा स्वाद के लिए इसमें थोड़ा सा घी या नींबू का रस भी डाल सकते हैं. कम दाम में बनी ये सब्जी पेट के लिए बहुत सस्ती है। छवि: एआई
लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो यहूदी लोगों पर चाकू से हमला हुआ है। हमले में घायल दोनों लोगों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। हमला नॉर्थ लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद 45 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि काउंटर टेरर यूनिट मामले की जांच कर रही है और आतंकी लिंक की भी पड़ताल हो रही है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसके बाद उसे टेजर मारकर काबू किया गया। BBC ने स्थानीय लोगों को हवाले स बताया कि पहला हमला गोल्डर्स ग्रीन रोड पर दुकानों के बाहर हुआ, जबकि दूसरा पास की साइड रोड पर सिनेगॉग (यहूदी धार्मिक स्थल) के बाहर हुआ। पुलिस के आरोपी को पकड़ने का वीडियो… PM स्टार्मर बोले- यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यहूदी लोगों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला है। स्टार्मर ने कहा कि हमला बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना को यहूदी विरोधी बेहद भयावह हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना पूरे ब्रिटेन पर हमला है। लंदन मेयर सादिक खान ने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। सड़कों पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड लगाए गए। यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कार्रवाई की मांग की हमले के बाद यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड जियोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने PM कीर स्टार्मर और लंदन के मेयर सादिक खान से कार्रवाई की मांग की। संगठन के चेयरमैन याकोव हागोएल ने यहूदियों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यहूदियों के खिलाफ भड़काऊ माहौल खतरनाक साबित हो सकता है। संगठन ने यहूदी इलाकों, उपासना स्थलों और सामुदायिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की। इजराइल के अलियाह मंत्री ओफिर सोफर ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके मुताबिक इजराइल यहूदियों को वहां से बसाने के लिए योजनाओं पर काम कर रहा है। यहूदियों पर हमले का CCTV वीडियो… लंदन के यहूदी इलाकों में लगातार हमले बढ़े लंदन के यहूदी बहुल इलाकों में हाल के हफ्तों में हमलों और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। गोल्डर्स ग्रीन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में यहूदी समुदाय की आपात सेवा हत्जोला की चार एम्बुलेंस जला दी गई थीं। 15 अप्रैल को फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग के बाहर ज्वलनशील बोतलें रखकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसी दिन ईरान इंटरनेशनल के दफ्तर के कार पार्क में जलता कंटेनर फेंका गया था, हालांकि आग खुद बुझ गई। पिछले शुक्रवार एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां पहले एक यहूदी संगठन का दफ्तर था। इजराइली दूतावास के पास अज्ञात पदार्थ से भरे जार भी मिले थे। पुलिस ने बाद में सामग्री को हानिरहित बताया। पिछले रविवार केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग पर फायरबॉम्ब फेंका गया था। इससे एक कमरे में हल्का धुआं नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो यहूदी लोगों पर चाकू से हमला हुआ है। हमले में घायल दोनों लोगों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। हमला नॉर्थ लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद 45 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि काउंटर टेरर यूनिट मामले की जांच कर रही है और आतंकी लिंक की भी पड़ताल हो रही है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसके बाद उसे टेजर मारकर काबू किया गया। BBC ने स्थानीय लोगों को हवाले स बताया कि पहला हमला गोल्डर्स ग्रीन रोड पर दुकानों के बाहर हुआ, जबकि दूसरा पास की साइड रोड पर सिनेगॉग (यहूदी धार्मिक स्थल) के बाहर हुआ। पुलिस के आरोपी को पकड़ने का वीडियो… PM स्टार्मर बोले- यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यहूदी लोगों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला है। स्टार्मर ने कहा कि हमला बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना को यहूदी विरोधी बेहद भयावह हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना पूरे ब्रिटेन पर हमला है। लंदन मेयर सादिक खान ने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। सड़कों पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड लगाए गए। यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कार्रवाई की मांग की हमले के बाद यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड जियोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने PM कीर स्टार्मर और लंदन के मेयर सादिक खान से कार्रवाई की मांग की। संगठन के चेयरमैन याकोव हागोएल ने यहूदियों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यहूदियों के खिलाफ भड़काऊ माहौल खतरनाक साबित हो सकता है। संगठन ने यहूदी इलाकों, उपासना स्थलों और सामुदायिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की। इजराइल के अलियाह मंत्री ओफिर सोफर ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके मुताबिक इजराइल यहूदियों को वहां से बसाने के लिए योजनाओं पर काम कर रहा है। यहूदियों पर हमले का CCTV वीडियो… लंदन के यहूदी इलाकों में लगातार हमले बढ़े लंदन के यहूदी बहुल इलाकों में हाल के हफ्तों में हमलों और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। गोल्डर्स ग्रीन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में यहूदी समुदाय की आपात सेवा हत्जोला की चार एम्बुलेंस जला दी गई थीं। 15 अप्रैल को फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग के बाहर ज्वलनशील बोतलें रखकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसी दिन ईरान इंटरनेशनल के दफ्तर के कार पार्क में जलता कंटेनर फेंका गया था, हालांकि आग खुद बुझ गई। पिछले शुक्रवार एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां पहले एक यहूदी संगठन का दफ्तर था। इजराइली दूतावास के पास अज्ञात पदार्थ से भरे जार भी मिले थे। पुलिस ने बाद में सामग्री को हानिरहित बताया। पिछले रविवार केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग पर फायरबॉम्ब फेंका गया था। इससे एक कमरे में हल्का धुआं नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
प्ले स्कूलों में परीक्षा पर रोक,उल्लंघन पर मान्यता होगी समाप्त:देवास कलेक्टर का आदेश, नर्सरी से केजी-2 तक परीक्षा, रैंकिंग-ग्रेडिंग प्रतिबंधित

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जिले में संचालित प्ले स्कूलों (शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों) में नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने, रैंकिंग और ग्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शाला पूर्व शिक्षा केंद्र परीक्षा आयोजित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शिकायतों के बाद लिया फैसला कलेक्टर कार्यालय को जिले के प्ले स्कूलों के संबंध में शिकायतें मिली थीं, जिनमें छोटे बच्चों की परीक्षा लेकर उनकी रैंकिंग और ग्रेडिंग जारी करने की बात सामने आई थी। प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) नीति 2013 और मध्यप्रदेश की शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 का उल्लंघन माना है। इन नीतियों के अनुसार 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेना प्रतिबंधित है।
एग्जिट पोल नतीजे केरल 2026: यूडीएफ को बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान, एलडीएफ पीछे | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 18:52 IST न्यूज18 एग्जिट पोल परिणाम केरल 2026: वोटवाइब के निष्कर्षों के अनुसार, यूडीएफ को 42.6% वोट शेयर हासिल करने का अनुमान है, जो एलडीएफ से 39.5% से थोड़ा आगे है। एलडीएफ बनाम यूडीएफ के लिए केरल न्यूज18 एग्जिट पोल ब्रेकआउट | केरल विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम भविष्यवाणी News18 एग्जिट पोल रिजल्ट केरल 2026: 2026 के केरल विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल अनुमान यहां हैं, और वे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के लिए संभावित बढ़त के साथ एक करीबी मुकाबले की ओर इशारा करते हैं, जो सत्ता में संभावित बदलाव का संकेत देता है, हालांकि मार्जिन तंग और त्रुटि की सांख्यिकीय सीमा के भीतर अच्छी तरह से बना हुआ है। वोटवाइब द्वारा विशेष रूप से जारी एग्जिट पोल अनुमानों के अनुसार सीएनएन-न्यूज18कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) पर वोट शेयर में मामूली बढ़त बना ली है, हालांकि मुकाबला बेहद कड़ा बना हुआ है। अनुमान बताते हैं कि हालांकि यूडीएफ को बढ़त मिल सकती है, लेकिन मार्जिन त्रुटि की सांख्यिकीय सीमा के भीतर आता है, जिससे अंतिम परिणाम अनिश्चित रहता है। यह भी पढ़ें: केरल हिट एंड मिस: राज्य के लिए पिछले एग्जिट पोल के पूर्वानुमान कितने सटीक रहे हैं? यूडीएफ आगे, एलडीएफ पीछे सीट अनुमानों के संदर्भ में, यूडीएफ को 140 सदस्यीय विधानसभा में 71 के बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 70-80 सीटें (मध्यबिंदु 75) जीतने की उम्मीद है। एलडीएफ को 58-68 सीटें (मध्यबिंदु 63) मिलने का अनुमान है, जिससे पता चलता है कि वह सत्ता बरकरार रखने से पीछे रह सकती है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 0-4 सीटें जीतने की उम्मीद है। वोटवाइब के निष्कर्षों के अनुसार, यूडीएफ को 42.6% वोट शेयर हासिल करने का अनुमान है, जो एलडीएफ से 39.5% से थोड़ा आगे है, जो लगभग 3 प्रतिशत अंकों के अंतर को दर्शाता है – त्रुटि के ±3% मार्जिन के भीतर। एनडीए को 14.3% और अन्य को 3.6% का अनुमान लगाया गया है। लिंग, जनसांख्यिकी के आधार पर वोट शेयर एग्जिट पोल मुकाबले को आकार देने वाले तीव्र जनसांख्यिकीय और क्षेत्रीय विभाजन को उजागर करता है। पुरुषों में, एलडीएफ के 37% की तुलना में यूडीएफ 44.8% समर्थन के साथ आराम से आगे है। हालाँकि, महिला मतदाता लगभग समान रूप से विभाजित हैं, एलडीएफ के लिए 41.8% की मामूली बढ़त बनाम यूडीएफ के 40.6% के साथ। आयु के हिसाब से, युवा मतदाता (18-24) 47% समर्थन के साथ यूडीएफ का दृढ़ता से समर्थन करते हैं, जबकि वृद्ध मतदाता एलडीएफ की ओर थोड़ा झुकाव के साथ अधिक संतुलित प्राथमिकता दिखाते हैं। समुदाय के लिहाज से, एससी और दलित मतदाता 52.8% पर एलडीएफ के लिए एक मजबूत आधार बने हुए हैं, जबकि ओबीसी मतदाता भी वामपंथ की ओर झुकते हैं। उच्च जाति के हिंदू मतदाता तीन राजनीतिक गुटों में लगभग समान रूप से विभाजित हैं, भाजपा ने इस क्षेत्र में 30% के साथ अपना सबसे मजबूत समर्थन दर्ज किया है। इसके विपरीत, मुस्लिम मतदाता 54.2% के साथ यूडीएफ का जोरदार समर्थन करते हैं, जबकि ईसाई 58.3% के साथ इसके सबसे ठोस समर्थन आधार के रूप में उभरे हैं। यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: क्या बिना सीटें जीते बीजेपी ने बढ़ाया अपना प्रभाव? डेटा क्या दिखाता है क्षेत्रीय स्तर पर, उत्तरी केरल मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपने मजबूत प्रदर्शन के कारण यूडीएफ की बढ़त (एलडीएफ के लिए 45.1% बनाम 39.1%) दिखाता है। मध्य केरल अत्यधिक प्रतिस्पर्धी (41.5% यूडीएफ बनाम 40.5% एलडीएफ) बना हुआ है, जबकि दक्षिण केरल सबसे कठिन युद्धक्षेत्र (39.8% यूडीएफ बनाम 39.3% एलडीएफ) के रूप में उभरा है, जिसमें एनडीए 17% पर अपनी सबसे मजबूत क्षेत्रीय उपस्थिति दिखा रहा है। सीएम वरीयता नेतृत्व वरीयता के मामले में, सत्ता विरोधी लहर के संकेतों के बावजूद, सीपीएम के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 31.8% समर्थन के साथ व्यक्तिगत रूप से आगे हैं। कांग्रेस नेता वीडी सतीसन 27.9% के साथ यूडीएफ अभियान के प्रमुख चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा 9.4% के साथ व्यक्तिगत लोकप्रियता का आनंद ले रही हैं, जबकि लगभग 9.7% उत्तरदाता अनिर्णीत हैं। एग्जिट पोल से पता चलता है कि पिनाराई विजयन की व्यक्तिगत अपील के बावजूद, मतदाताओं की भावना बदलाव की ओर झुक सकती है, यूडीएफ को बहुमत की सीमा पार करने का अनुमान है। हालाँकि, संकीर्ण अंतर और सांख्यिकीय त्रुटि से संकेत मिलता है कि एलडीएफ को खारिज नहीं किया जा सकता है, खासकर एक करीबी मुकाबले में जहां मध्य और दक्षिण केरल के निर्णायक होने की उम्मीद है। हमेशा की तरह, एग्ज़िट पोल निर्णायक के बजाय सांकेतिक बने हुए हैं, और 4 मई को अंतिम परिणाम यह निर्धारित करेंगे कि केरल सरकार बदलने की अपनी परंपरा को जारी रखता है या इस बार इस चक्र को तोड़ता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 18:39 IST समाचार चुनाव एग्जिट पोल नतीजे केरल 2026: यूडीएफ को बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान, एलडीएफ पीछे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)न्यूज18 एग्जिट पोल केरल 2026(टी)केरल न्यूज18 एग्जिट पोल(टी)केरल विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल(टी)केरल एग्जिट पोल 2026(टी)केरल चुनाव एग्जिट पोल न्यूज18(टी)केरल चुनाव 2026 सीट अनुमान(टी)केरल चुनाव परिणाम भविष्यवाणी 2026
“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

छतरपुर: नागपुर में देश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। नागपुर में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने महिलाओं में बढ़ती शराब पीने की आदत पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आजकल पुरुष तो छोड़िए, बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं… बजरंग बली बचाएं।” उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। कथा के दौरान शास्त्री ने कहा कि जब माताएं ही “विचित्र संस्कार” अपनाने लगेंगी तो बच्चों पर उसका असर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे हालात हो सकते हैं कि बच्चे के रोने पर उसे भी शराब पिलाकर सुला दिया जाए। उन्होंने पुराने समय के संस्कारों और मर्यादाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग गलत काम करने से डरते थे, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। पहले भी बयानों पर हुआ है विवाद यह पहला मौका नहीं है जब शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले नागपुर में ही एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या देश सेवा के लिए समर्पित करने की अपील की थी। इस बयान पर भी देशभर में विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि बच्चे को सेना या डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। महिला कांग्रेस का विरोध शास्त्री के ताजा बयान के बाद छतरपुर में विरोध तेज हो गया है। महिला कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु मां होती है। और व्यास पीठ से इस तरह के बयान देना उचित नहीं है। शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, वरना वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगीं। लगातार बयानों से बढ़ रही सियासी गर्मी.. धार्मिक मंच से दिए जा रहे ऐसे बयानों ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। समर्थक जहां इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं। नागपुर में शिवाजी महाराज पर दिया था बयान नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं।
विदिशा में सिंचाई नहर पर कब्जा, 11 को नोटिस:उद्वहन योजना पर अतिक्रमण, बन गए मकान और कॉलोनियां; कांग्रेस ने उठाए सवाल

विदिशा जिले में दशकों पुरानी उद्वहन सिंचाई योजना की नहर पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। किसानों के लिए बनाई गई यह नहर अब जमीन से लगभग गायब हो चुकी है। जहां कभी पानी बहता था, वहां अब पक्के निर्माण और कॉलोनियां बन गई हैं। मामले में राजस्व विभाग ने 11 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, दौलतपुरा और मदनखेड़ा क्षेत्र में वर्षों पहले बनाई गई इस नहर का उद्देश्य खेतों तक पानी पहुंचाना था। वर्तमान में नहर का अधिकांश हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है और मौके पर केवल जर्जर संरचनाएं ही बची हैं। जहां पहले पानी बहता था, वहां अब कंक्रीट निर्माण हो चुके हैं। कई स्थानों पर कॉलोनियां विकसित हो गई हैं, जिससे योजना का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है। मशीनरी जर्जर, उपकरण भी गायब बेतवा घाट के पास लगी सिंचाई मशीनरी खराब हालत में है। कई उपकरण अनुपयोगी हो चुके हैं, जबकि कुछ के चोरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने आरोप लगाया कि किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है और नहर की जमीन पर कब्जा होना गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार यह योजना 40-50 साल पुरानी है, जिसके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। तहसीलदार निधि लोधी ने बताया कि अब तक 11 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच के आधार पर आगे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।






