सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर 78,050 पर खुला:निफ्टी में भी 30 अंक की तेजी, यह 24,350 पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 31 जुलाई को तेजी है। सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर 78,050 के स्तर पर खुला। निफ्टी में भी 30 अंक की बढ़त रही, ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा। एशियाई बाजारों में भी तेजी 30 जुलाई को अमेरिकी बाजार में तेजी रही 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹5,673 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी तेजी शेयर बाजार में 30 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर 77,928 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 67 अंक की बढ़त रही, ये 24,317 पर बंद हुआ।
मलेशिया में पंजाबी लड़की पाकिस्तानी युवक साथ पकड़ी, थप्पड़ जड़े-VIDEO:मोगा के युवकों ने घेरा, रोड पर जोर-जोर से रोने लगी, बोली-मेरे परिवार को सब पता

मलेशिया के एक हाईवे पर पंजाबी युवती को बीच सड़क थप्पड़ मारे गए। दावा है कि मोगा की रहने वाली युवती को कुछ पंजाबी युवकों ने पाकिस्तानी युवक के साथ पकड़ा। इसके बाद बीच सड़क पर युवती से बहस हुई, उसे थप्पड़ मारे गए और पाकिस्तानी युवक के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। 30 जुलाई को शेयर किए वीडियो में युवकों ने खुद को मोगा का रहने वाला बताते हुए दावा किया कि युवती पाकिस्तान के युवक के साथ मलेशिया में रह रही है। उन्होंने इसे पंजाब की बदनामी बताते हुए युवती को डिपोर्ट कराने की मांग की। पंजाब की लड़कियां जब ऐसा करती हैं तो हमारी बेइज्जती होती है। वहीं, वीडियो में यह भी दावा किया गया कि कुछ निहंग जत्थेबंदियां भी युवती को भारत वापस भेजने की मांग कर रही हैं। हालांकि, इन दावों और वीडियो की दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता। युवती से बहस के PHOTOS… पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा… युवती बोली-परिवार को जानकारी, फोन नहीं लग पाया वीडियो में पाकिस्तानी युवक दावा करता है कि युवती के परिवार को उनके साथ रहने की जानकारी है और वह रोजाना उनसे बात करता है। इस पर मौजूद पंजाबी युवक उसे मौके पर ही युवती के माता-पिता से फोन मिलाने के लिए कहते हैं, लेकिन कॉल नहीं लग पाती। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो जाती है। डिपोर्ट कराने की मांग, निहंग जत्थेबंदियों का भी सपोर्ट बहस के दौरान कुछ युवक किसी ‘रूबी मैम’ को फोन कर युवती को डिपोर्ट कराने की मांग करते हैं। वीडियो में वे यह भी दावा करते हैं कि कई निहंग जत्थेबंदियां भी युवती को भारत वापस भेजने की मांग कर रही हैं। इसी दौरान कुछ युवक पाकिस्तानियों के साथ युवती के रहने पर आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी भी व्यक्त करते हैं। बहस के बाद धक्का-मुक्की वीडियो में आगे बहस बढ़ने पर पंजाबी युवक युवती से पाकिस्तानी युवक का साथ छोड़ने के लिए कहते हैं। इसी दौरान पाकिस्तानी युवक के साथ धक्का-मुक्की होती है। युवती बीच में आकर उसे बचाने की कोशिश करती दिखाई देती है। पैसों के विवाद का भी हुआ जिक्र बातचीत के दौरान कुछ युवक पाकिस्तानी युवक से कहते हैं कि उसका ‘हैप्पी’ नाम के व्यक्ति के साथ पैसों का विवाद है और उसे पहले वही मामला सुलझाना चाहिए। इस दौरान ‘रूबीना’ नाम की एक युवती का भी जिक्र होता है, जिसे वीडियो कॉल कर पूरी घटना बताने का दावा किया जाता है। युवती परिवार से बात नहीं करवा सकी वीडियो के अंत में युवती से उसके घर का पता और परिवार से बात कराने के लिए कहा जाता है। युवती कहती है कि उसके परिजनों को सब पता है, लेकिन वह मौके पर अपने माता-पिता से फोन पर बात नहीं करवा पाती।
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने भरा रिटर्न; चूकने पर ₹5,000 जुर्माना; CA के बताए 4 आसान स्टेप्स और नियम

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।
इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है। हालांकि, फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध खत्म करने की राह में अभी भी कई शर्तें और लंबी समय सीमा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। फिलहाल हमास या इजरायल, किसी ने भी इस समझौते पर सहमति के संकेत नहीं दिए हैं। यह घोषणा अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाले संघर्ष विराम के नौ महीने बाद आई है। इजरायल और हमास के बीच बातचीत दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर रुकी हुई थी, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण शामिल है। गाजा में शांति बहाली की कोशिशें तेज एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अगर इजराइल गाजा के पुनर्निर्माण के लिए के 20 सूत्रीय प्लान को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बहुत निराश होंगे। यह टिप्पणी हमास द्वारा अमेरिका नियंत्रित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निरस्त्रीकरण प्लान को मंजूरी देने के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान की गई। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि यह प्रस्ताव इजराइली मांगों को पूरा नहीं करता, जिससे संकेत मिला कि यरुशलम इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि वे इजराइल से ऐसा कुछ नहीं मांग रहे जो उस 20 सूत्रीय प्लान का हिस्सा न हो, जिस पर इजराल ने शुरू में सहमति जताई थी। अधिकारी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इजराइल इसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल को उस मूल समझौते पर टिके रहने की जरूरत है, जिससे बंधकों की घर वापसी हुई और युद्ध समाप्त हुआ। अधिकारी के अनुसार, इजराइल के सामने अभी कई मुद्दे हैं और वे इस मामले को फिलहाल और नहीं बढ़ाना चाहते। हमास ने हथियार छोड़ने के प्लान पर दी सहमति ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने पुष्टि की है कि हमास ने पिछले साल गाजा में हुए संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए अपने हथियारों को हटाने के रोडमैप पर सहमति दे दी है। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि पहली बार हमास आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने के एक व्यावहारिक प्लान के लिए प्रतिबद्ध हुआ है, जिसके बाद इजराइल गाजा से अपनी सेना हटाएगा। बोर्ड के अनुसार, अब उनका ध्यान इस प्लान को लागू करने पर है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ (NCAG) के साथ मिलकर काम किया है। जल्द ही ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) के समर्थन से पूर्ण अधिकार की ओर एक चरणबद्ध बदलाव शुरू होगा। बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने कहा कि इसके बाद गाजा का पुनर्निर्माण होगा, जिसका शासन फिलिस्तीनी करेंगे और यह इजराइल के साथ शांति से रहेगा। 14 दिन में तय होगी समयसीमा हमास की मंजूरी के बाद 14 दिन की अवधि शुरू हो गई है, जिसमें दोनों पक्ष प्रस्ताव के हर चरण को लागू करने की समयसीमा तय करेंगे। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण निरस्त्रीकरण प्रक्रिया के लिए संभावित समयसीमा लगभग 200 से 350 दिनों के बीच है। समयसीमा तय होने के बाद, बोर्ड इजराइल को अक्टूबर 2025 के गाजा संघर्ष विराम के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इजराइल को मूल ‘येलो लाइन’ तक पीछे हटना होगा, जो अक्टूबर 2025 के समझौते में तय की गई थी। उस समय इजराइल का गाजा के लगभग 53 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इजराइल ने इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर लिया था। इजराइल को तब तक पीछे हटने की जरूरत नहीं होगी जब तक हमास अपने हथियार सौंपना शुरू नहीं करता। साथ ही, दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटेशन वेरिफिकेशन कमेटी’ (IVC) बनाई जाएगी।
इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। ट्रम्प के मुताबिक, हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है। इसके बाद इजराइली सेना भी चरणबद्ध तरीके से गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, अब तक न तो इजराइल और न ही हमास ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को मंजूरी दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह उनके 20-पॉइंट गाजा प्लान का सबसे अहम हिस्सा है और गाजा में स्थायी शांति व सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की कई महीनों की कोशिशों के बाद यह समझौता हो सका। फिलिस्तीन में नई तकनीकी सरकार बनेगी गाजा का प्रशासन नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) नाम की नई संस्था को सौंपा जाएगा। यह संस्था हमास और फिलिस्तीनी अथॉरिटी से अलग होगी। इसका काम गाजा में नागरिक सेवाएं, प्रशासन और कानून-व्यवस्था संभालना होगा। इस योजना का मकसद गाजा में एक ही सरकार, कानून और सुरक्षा व्यवस्था लागू करना है। ट्रम्प के मुताबिक समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। इसके बाद एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेंगे। योजना के मुताबिक गाजा का प्रशासन संभालने वाली नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर काम करेगी। ट्रम्प का कहना है कि इससे गाजा फिर कभी इजराइल पर हमलों का अड्डा नहीं बन पाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसे पूरी तरह लागू करना अभी आसान नहीं होगा। हमास और दूसरे संगठनों के हथियार छोड़ने, इजराइली सेना की वापसी और नई व्यवस्था लागू होने में कई महीने लग सकते हैं। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। पिछले हफ्ते दुनिया के नेताओं को भेजे गए न्योते में बताया गया कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। कैसे होगा हमास का निरस्त्रीकरण? योजना के तहत पहले हमास की सिविल पुलिस अपने हथियार नई फिलिस्तीनी पुलिस को सौंपेगी। इसके बाद भारी हथियार सुरक्षित जगहों पर रखे जाएंगे। हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और सुरंगों को नष्ट किया जाएगा। छोटे हथियार भी फिलिस्तीनी कानून के तहत जमा कराए जाएंगे। गाजा में सक्रिय दूसरे हथियारबंद गुटों और युद्ध के दौरान बने एंटी-हमास मिलिशिया को भी हथियार छोड़ने होंगे। अमेरिकी और Board of Peace अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया करीब 200 से 350 दिन तक चल सकती है। हर चरण पूरा होने के बाद स्वतंत्र निगरानी एजेंसियां इसकी पुष्टि करेंगी। तभी अगला चरण शुरू होगा। इजराइल कब हटेगा? समझौते के मुताबिक इजराइल की सेना उसी अनुपात में पीछे हटेगी, जिस अनुपात में हमास हथियार छोड़ेगा। साथ ही इजराइल को गाजा में सैन्य अभियान और हवाई हमले रोकने होंगे। हालांकि, अगर कोई तत्काल सुरक्षा खतरा हुआ तो कार्रवाई की गुंजाइश रहेगी। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि बातचीत के हर चरण में इजराइल को शामिल रखा गया और उससे वही करने को कहा गया है, जिस पर वह पहले ही ट्रम्प के 20-पॉइंट प्लान के तहत सहमत हो चुका है। हमास ने पूरी तरह हामी नहीं भरी ट्रम्प के दावे के बावजूद हमास की ओर से अलग संकेत मिले हैं। हमास के वरिष्ठ नेता गाजी हमद ने अल जजीरा से कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन जब तक इजराइली सेना पूरी तरह गाजा से नहीं हटती, तब तक संगठन हथियार छोड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा। हमास का कहना है कि निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होगी और उसमें इजराइल की कोई भूमिका नहीं होगी। यह रुख ट्रम्प के बताए गए चरणबद्ध मॉडल से अलग नजर आता है। मध्यस्थ देशों की बड़ी भूमिका अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मिस्र, कतर और तुर्किये ने कई महीनों तक बातचीत कराई। मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हसन रशीद ने मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने हमास को यह प्रस्ताव ठुकराने की सलाह दी थी, लेकिन आखिरकार संगठन बातचीत जारी रखने पर राजी हुआ।
मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- ‘क्या करूं अन्ना?’ वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा।
मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- ‘क्या करूं अन्ना?’ वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा।
सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोने की कीमत में आज यानी 30 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 177 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 789 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए आ गई। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 30 जुलाई 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 13 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.17 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
सोना ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹9 हजार महंगा हो चुका, चांदी की कीमत ₹789 कम होकर ₹2.17 लाख किलो हुई

सोने की कीमत में आज यानी 30 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 177 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 789 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए आ गई। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 13 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.17 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।






